क्या इस तरह से किसी को भी जेल में डालकर बर्बाद किया जा सकता है क्या ऐसा होना चाहिए प्रधानमंत्री की कथित हत्या की साजिश का केस इस तरह से खड़ा किया जाता है क्या यही इसकी गंभीरता है कि कई-कई साल बाद तक कोई सबूत ना हो और जमानत पर आरोपियों को छोड़ना पड़े किसी भी तरह से देखिए तो यह केस जेल में बंद लोगों के जीवन को बर्बाद करने का ही मामला लगता है