Yogi Adityanath On Mukhtar Ansari Death Live: मुख्तार अंसारी पर सीएम योगी का इंटरव्यू वायरल


उनसे लड़ना आसान काम नहीं था कौन उनके सामने बोलता था मैंने बताया ना आपको अंसारी ने पहला अपराध कब किया था 1978 में किया था पहली हत्या 1981 में की थी कोई मुझे बताएगा कि 1981 1978 में हुआ अपराध में क्यों नहीं उसमें कारवाई हुई क्यों नहीं उसके बाद लगातार उस पर शिकंजा कसा गया व हत्या पर हत्या करता गया अपराध करता गया कैसे व एमएलए हो गया कैसे व लगातार विभिन्न जो भी दल सत्ता में आता था उसके उसका शागिर्द बन जाता था कोई बात तो रही होगी ना कहीं ना कहीं कोई संरक्षण तो रहा होगा हिर यह चीजें दिखाती हैं कि एजेंडा हमारा क्या है इन माफियाओं को बचाना इन संगठित गिरोहों के संचालकों को बचाना है या फिर उत्तर प्रदेश की 20 22 या 25 करोड़ आबादी के हितों को संरक्षण देते हुए यहां के किसानों के लिए यहां के नौजवानों के लिए यहां की बहन बेटियों के लिए हमें कुछ करना है अगर गांव गरीब किसान नौजवान महिलाएं यह सभी एजेंडे के हिस्से होते तो मुख्तार और अतिक अहमद जैसे माफिया नहीं पैदा होते कतई नहीं पैदा हो स सकते थे क्योंकि यह हमेशा विकास के मार्ग के बैरियर रहेंगे हमेशा किसी भी राज्य के लिए और किसी भी व्यवस्था के लिए चुनौती ब बने रहेंगे और हमें हर हार में इस प्रकार की किसी भी कुप्रथा को माफिया किसी भी प्रवृति का हो और किसी भी रूप में हो उसको नकारना चाहिए उसके खिलाफ मोर्चा लेना चाहिए मैं आज आपसे पूछना चाहता हूं कि ऐसी क्या वजह आपको पता लगी कि यह व्यक्ति जेल की पंजाब की जेल में इतना आराम से क रहा था मुख्तार अंसारी और यहां आने के बाद फिर जो सलूक होना था वो हुआ देखिए यह हम सबका बड़ा दुर्भाग्य है किस प्रकार के पेशेवर माफिया और अपराधी किसी ना किसी रूप में सत्ता का संरक्षण प्राप्त कर लिया करते थे मुख्तार अंसारी ने पहला अपराध 1978 में किया था और 1978 से लेकर के लगातार अपराध करता रहा आज भी उसमें उस पर 54 से लेकर 58 मामले अलग-अलग अलग अलग थाना क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के अंदर दर्ज हैं पहली बार 44 वर्ष के बाद पहली बार उस माफिया को सजा हुई है एक लोअर कोर्ट से हुई है एक एक मामले में एक दो मामलों में लोअर कोर्ट से हु और एक मामले में हाई कोर्ट से हुई है आखिर क्या कारण है कि लोग हत्या करें अपहरण करें जबरन कब्जा करें और कोई इनके खिलाफ गवाही नहीं देता क्या कारण है कि सरया में लोग दंगा भड़का है और एक जनप्रतिनिधि के रूप में वह व्यक्ति अपनी नंगी रिवार बल लेकर के पिस्टल लेकर के लहराते हुए खुली जीप में जाए और सरकार कर क्या रही थी क्या कर रही है सरकार यह काम किसी व्यक्ति का नहीं होना चाहिए यह तो फोर्स है उसके लिए दंगा अगर हो रहा है फोर्स रोके उसको लेकिन नहीं उसको पूरी छूट दी जाती है आप उस तस्वीर की बात कर रहे मुख्तार अंसारी मम जीप के ऊपर बैठ के चल उसी की बात कर रहा इसी प्रकार की स्थिति प्रयागराज में भी थी अति क्या स्थिति बनाकर रखी थी सैकड़ों एकड़ शासन की भूमि को विकास प्राधिकरण की भूमि को कब्जा करके कॉलोनी बसाया जा रहा है कोई रोकने वाला नहीं कोई टोकने वाला नहीं अपराध पर प्रात किए जा रहे थे कोई उस कोई उस यानी कहीं भी कोई उसके खिलाफ बोलने वाला नहीं आखिर किसी को तो स्टैंड लेना पड़ेगा और कब तक चलेगी अराजकता एक व्यक्ति के लिए हम 25 करोड़ आबादी के जीवन को दाव में लगा दे यह नहीं हो सकता हमारे लिए उत्तर प्रदेश की जनता महत्त्वपूर्ण थी और इसलिए हम लोगों ने कहा कि नहीं अगर इन माफियाओं से हम शक्ति से निपट नहीं तो 25 करोड़ प्रदेश की जनता के हितों के लिए फिर हम कुछ भी करने में सफल नहीं होंगे और उत्तर प्रदेश के परसेप्शन को तो बदलना ही पड़ेगा प्रदेश में कानून का राज होगा उत्तर प्रदेश दंगा मुक्त होगा बिना भेदभाव के शासन की योजना जब हर जाति मत और मजहब के लोगों को मिल रहा है किसी के पर्व और त्यौहार में किसी प्रकार का डिस्टरबेंस नहीं है सबको फ्रीडम है हर प्रकार की तो फिर अराजकता फैलाने की और दंगा करने की छूट भी किसी को नहीं देंगे और हम लोगों ने पहले दिन सब पर बराबर लागू किया और कानून आज भी प्रदेश के अंदर सब पे बराबर लागू होता है इसके लिए आपको कोई खासकर पुलिस महकमे में कोई बदलाव करना पड़ा पुलिस को कोई खास निर्देश देने पड़े देखिए फोर्स वही है लेकिन हां पुलिस में हमने व्यापक रिफॉर्म किए पुलिस आधुनिकीकरण के लिए कदम बढ़ाए उत्तर प्रदेश पुलिस को तकनीकी दिश से सक्षम बनाया हमने पुलिस भर्ती की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न किया 1600 पुलिस की भर्ती को किया था और प्रदेश के सभी साठ जनपदों से उसमें भर्ती हुई सभी 75 जनपदों से सभी 10 लाख भती पुलिस की भर्ती हुई है पूरे प्रदेश के अंदर उनकी ट्रेनिंग करवाई गई ट्रेनिंग की क्षमता का विस्तार करवाया गया और यही नहीं हम लोगों ने फॉरेंसिक लैब हर रेंज स्तर पर बनाने की कारवाई को आगे बढ़ाया साइबर थाने हर रेंज स्तर पर बनाए उत्तर प्रदेश अपना यूपी फॉरेंसिक इंस्टिट्यूट स्थापित कर रहा है इस सत्र में उसमें क्लासेस भी शुरू हो जाएंगे ये कदम बढ़ाने के साथ एसटीआरएफ का गठन पहली बार यूपी के अंदर हुआ 54 पीएससी की कंपनियां समाप्त कर दी गई थी उनका पुनर्गठन हुआ और प्रदेश के अंदर मेट्रो एयरपोर्ट और औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा के लिए स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन भी इस दौरान हम लोगों ने किया है एसटीएफ और एटीएस का भी स्ट्रेंथ किया गया और इनको तकनीकी दिश से सक्षम बनाया गया तब जाकर के हम लोग इस कार्यक्रम को आगे बढ़ा पा रहे लेकिन इस इस आरोप पर आपको क्या कहना है कि आपकी सरकार में एनकाउंटर होते हैं और वो उन एनकाउंटर में भी फिर बताया जाता है कि मुसलमान ही मारा जाता है मुसलमान के पाव में गोली लगती है आरोप तो कोई भी लगा सकता है मुझे लगता है हर एक व्यक्ति को अपनी बात बोलने का अधिकार है मुझे एक बात बताइए उत्तर प्रदेश के बहुत सारे पुलिस कर्मी इस दौरान शहीद हुए 25 करोड़ की आबादी है हमारा जवान अगर कहीं शहीद हो जाता है तो क्या वह वैसे ही अपने को दांव लगा रहा है उन दुर्दांत माफिया और अपराधी जो पैरेलल सरकार चलाते थे उनसे लड़ना आसान काम नहीं था कौन उनके सामने बोलता था मैंने बताया ना आपको ता अंसारी ने पहला अपराध कब किया था 1978 में किया था पहली हत्या 1981 में की थी कोई मुझे बताएगा कि 1981 1978 में हुआ अपराध में क्यों नहीं उसमें कारवाई हुई क्यों नहीं उसके बाद लगातार उस पर शिकंजा कसा गया व हत्या पर हत्या करता गया अपराध करता गया कैसे एमएलए हो गया कैसे व लगातार विभिन्न जो भी दल सत्ता में आता था उसके उसका गृत बन जाता था कोई बात तो रही होगी ना कहीं ना कहीं कोई संरक्षण तो रहा होगा जाहिर है यह चीजें दिखाती हैं कि एजेंडा हमारा क्या है इन माफियाओं को बचाना इन संगठित गिरोहों के संचालकों को बचाना है या फिर उत्तर प्रदेश की 20 22 या 25 करोड़ आबादी के हितों को संरक्षण देते हुए यहां के त किसानों के लिए यहां के नौजवानों के लिए की बहन बेटियों के लिए हमें कुछ करना है अगर गांव गरीब किसान नौजवान महिलाएं ये सभी एजेंडे के हिस्से होते तो मुख्तार और अतीक अहमद जैसे माफिया नहीं पैदा होते कतई नहीं पैदा हो सकते थे क्योंकि यह हमेशा विकास के मार्ग के बैरियर रहेंगे हमेशा किसी भी राज्य के लिए और किसी भी व्यवस्था के लिए चुनौती ब बने रहेंगे और हमें हर हार में इस प्रकार की किसी भी कुप्रथा को माफिया किसी भी प्रवृति का हो और किसी भी रूप में हो उसको नकारना चाहिए उसके खिलाफ मोर्चा लेना चाहिए मैं आज आपसे पूछना चाहता हूं कि ऐसी क्या वजह आपको पता लगी कि यह व्यक्ति जेल की पंजाब की जेल में इतना आराम से रह रहा था मुख्तार अंसारी और यहां आने के बाद फिर जो सलूक होना था वह हुआ देखिए यह हम सबका बड़ा दुर्भाग्य है किस प्रकार के पेशेवर माफिया और अपराधी किसी ना किसी रूप में सत्ता का संरक्षण प्राप्त कर लिया करते थे मुख्तार अंसारी ने पहला अपराध 1978 में किया था और 1978 से लेकर के लगातार अपराध करता रहा आज भी उसम उस पर 54 से लेकर 58 मामले अलग-अलग अलग-अलग थाना क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के अंदर दर्ज हैं पहली बार 44 वर्ष के बाद पहली बार उस माफिया को सजा हुई है एक लोअर कोर्ट से हुई है एक एक मामले में एक दो मामलों में लोर कोर्ट से और एक मामले में हाई कोर्ट से हुई है आखिर क्या कारण है कि लोग हत्या करें अपहरण कर जबरन कब्जा करें और कोई इनके खिलाफ गवाही नहीं देता क्या कारण है कि सरेआम लोग दंगा भड़का और एक जनप्रतिनिधि के रूप में वह व्यक्ति अपनी नंगी रिवाल लेकर के पिस्टल लेकर के लहराते हुए खुली जीप में जाए और सरकार कर क्या रही थी क्या कर रही है सरकार य काम किसी व्यक्ति का नहीं होना चाहिए यह तो फोर्स है उसके लिए दंगा अगर हो रहा है फोर्स रोके उसको लेकिन नहीं उसको पूरी छूट दी जाती है आप उस तस्वीर की बात कर रहे मुख्तार अंसारी म में जीप के ऊपर बैठ के चल उस बात करर इसी प्रकार की स्थिति प्रयागराज में भी थी अति क्या स्थिति बना के रखी थी सैकड़ों एकड़ शासन की भूमि को विकास प्राधिकरण की भूमि को कब्जा करके कॉलोनी बसाया जा रहा है कोई रोकने वाला नहीं कोई टोकने वाला नहीं अपराध पर अपराध किए जा रहे थे कोई उस कोई उस यानी कहीं भी कोई उसके खिलाफ बोलने वाला नहीं आखिर किसी को तो स्टैंड लेना पड़ेगा और कब तक चलेगी अराजकता एक व्यक्ति के लिए हम 25 करोड़ आबादी के जीवन को दाव में लगा दे य नहीं हो सकता हमारे लिए उत्तर प्रदेश की जनता महत्त्वपूर्ण थी और इसलिए हम लोगों ने कहा कि नहीं अगर इन माफियाओं से हम शक्ति से निपटें नहीं तो 25 करोड़ प्रदेश की जनता के हितों के लिए फिर हम कुछ भी करने में सफल नहीं होंगे और उत्तर प्रदेश के परसेप्शन को तो बदलना ही पड़ेगा प्रदेश में कानून का राज होगा उत्तर प्रदेश दंगा मुक्त होगा बिना भेदभाव के शासन की योजना जब हर जाति मत और मजहब के लोगों को मिल रहा है किसी के पर त्यौहार में किसी प्रकार का डिस्टरबेंस नहीं है सबको फ्रीडम है हर प्रकार की तो फिर अराजकता फैलाने की और दंगा करने की छूट भी किसी को नहीं देंगे और हम लोगों ने पहले दिन सब पर बराबर लागू किया और कानून आज भी प्रदेश के अंदर सब पर बराबर लागू होता है इसके लिए आपको कोई खासकर पुलिस महकमे में कोई बदलाव करना पड़ा पुलिस को कोई खास निर्देश देने पड़े देखिए फोर्स वही है लेकिन हां पुलिस में हमने व्यापक रिफॉर्म पुलिस आधुनिकीकरण के लिए कदम बढ़ाए उत्तर प्रदेश पुलिस को तकनीकी दिश से सक्षम बनाया हमने पुलिस भर्ती की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न किया 16 हज पुलिस की भर्ती को किया था और प्रदेश के सभी साठ जनपदों से उसमें भर्ती हुई सभी 75 जनपदों से सभी 10 ला भती पुलिस की भर्ती हुई है परे प्रदेश के अंदर उनकी ट्रेनिंग करवाई गई ट्रेनिंग की का विस्तार करवाया गया और यही नहीं हम लोगों ने फॉरेंसिक लैब हर रेंज स्तर पर बनाने की कारवाही को आगे बढ़ाया साइबर थाने हर रेंज स्तर पर बनाए उत्तर प्रदेश अपना यूपी फॉरेंसिक इंस्टिट्यूट स्थापित कर रहा है इस सत्र में उसमें क्लासेस भी शुरू हो जाएंगे यह कदम बढ़ाने के साथ एसटीआरएफ का गठन पहली बार यूपी के अंदर हुआ 54 पीएससी की कंपनियां समाप्त कर द गई थी उनका पुनर्गठन हुआ और प्रदेश के अंदर मेट्रो एयरपोर्ट और औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा के लिए स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन भी इस दौरान हम लोगों ने किया है एसटीएफ और एटीएस का भी स्ट्रेंथ किया गया और इनको तकनीकी दिश से सक्षम बनाया गया तब जाकर के हम लोग इस कार्यक्रम को आगे बढ़ा पा रहे हैं लेकिन इस इस आरोप पर आपको क्या कहना है कि आपकी सरकार में अ एनकाउंटर होते हैं और वो उन एनकाउंटर में भी फिर बताया जाता है कि मुसलमान ही मारा जाता है मुसलमान के पाव में गोली लगती है आरोप तो कोई भी लगा सकता है मुझे लगता है हर एक व्यक्ति को अपनी बात बोलने का अधिकार है मुझे एक बात बताइए उत्तर प्रदेश के बहुत सारे पुलिस कर्मी इस दौरान शहीद हुए 25 करोड़ की आबादी है हमारा जवान अगर कहीं शहीद हो जाता है तो क्या वह वैसे अपने को दांव लगा रहा है उन दुर्दांत माफिया और अपराधी जो पैरेलल सरकार चलाते थे उनसे लड़ना आसान काम नहीं था कौन उनके सामने बोलता था मैंने बताया ना आपको मुता अंसारी ने पहला अपराध कब किया था 1978 में किया था पहली हत्या 1981 में की थी कोई मुझे बताएगा कि 1981 1978 में हुआ अपराध में क्यों नहीं उसमें कारवाई हुई क्यों नहीं उसके बाद लगातार उस पर शिकंजा कसा गया व हत्या प हत्या करता गया अपराध करता गया कैसे व एमएलए हो गया कैसे व लगातार विभिन्न जो भी दल सत्ता में आता था उसके उसका शागिर्द बन जाता था कोई बात तो रही होगी ना कहीं ना कहीं कोई संरक्षण तो रहा होगा जाहिर है यह चीजें दिखाती हैं कि एजेंडा हमारा क्या है इन माफियाओं को बचाना इन संगठित गिरोहों के संचालकों को बचाना है या फिर उत्तर प्रदेश की 20 22 या 25 करोड़ आबादी के हितों को संरक्षण देते हुए यहां के किसानों के लिए यहां के नौजवानों के लिए यहां की बहन बेटियों के लिए हमें कुछ करना है अगर गांव गरीब किसान नौजवान महिलाएं इस सभी एजेंडे के हिस्से होते तो मुख्तार और अतीक अहमद जैसे माफिया नहीं प होते कतई नहीं पैदा हो सकते थे क्योंकि यह हमेशा विकास के मार्ग के बैरियर रहेंगे हमेशा किसी भी राज्य के लिए और किसी भी व्यवस्था के लिए एक चुनौती ब बने रहेंगे और हमें हर हार में इस प्रकार की किसी भी कुप्रथा को माफिया किसी भी प्रवृति का हो और किसी भी रूप में हो उसको नकारना चाहिए उसके खिलाफ मोर्चा लेना चाहिए मैं आज आपसे पूछना चाहता हूं ऐसी क्या वजह आपको पता लगी कि यह व्यक्ति जेल की पंजाब की जेल में इतना आराम से रह रहा था मुख्तार अंसारी और यहां आने के बाद फिर जो सलूक होना था वह हुआ देखिए यह हम सबका बड़ा दुर्भाग्य है किस प्रकार के पेशेवर माफिया और अपराधी किसी ना किसी रूप में सत्ता का संरक्षण प्राप्त कर लिया करते थे मुख्तार अंसारी ने पहला अपराध 1978 में किया था और 1978 से लेकर के लगातार अपराध करता रहा आज भी उसम उस पर 54 से लेकर 58 मामले अलग-अलग अलग-अलग थाना क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के अंदर दर्ज हैं पहली बार 44 वर्ष के बाद पहली बार उस माफिया को सजा हुई है एक लोअर कोर्ट से हुई है एक एक मामले में एक दो मामलों में लोअर कोर्ट से और एक मामले में हाई कोर्ट से हुई है आखिर क्या कारण है य लोग हत्या करें अपहरण करें जबरन कब्जा करें और कोई इनके खिलाफ गवाही नहीं देता क्या कारण है कि सरेआम में लोग दंगा भड़का और एक जनप्रतिनिधि के रूप में वह व्यक्ति अपनी नंगी रिवार बल लेकर के पिस्टल लेकर के लहराते हुए खुली जीप में जाए और सरकार कर क्या रही थी क्या कर रही है सरकार ये काम किसी व्यक्ति का नहीं होना चाहिए यह तो फोर्स है उसके लिए दंगा अगर हो रहा है फोर्स रोके उसको लेकिन नहीं उसको पूरी छूट दी जाती है आप उस तस्वीर की बात कर रहे हैं मुख्तार अंसारी मौ में जीभ के ऊपर बैठ के चल रहे थ की बात कर रहा हूं इसी प्रकार की स्थिति प्रयागराज में भी थी अति क्या स्थिति बना के रखी थी सैकड़ों एकड़ शासन की भूमि को विकास प्राधिकरण की भूमि को कब्जा करके कॉलोनी बसाया जा रहा है कोई रोकने वाला नहीं कोई टोकने वाला नहीं अपराध पर अपराध किए जा रहे थे कोई उस कोई उस यानी कहीं भी कोई उसके खिलाफ बोलने वाला नहीं आखिर किसी को तो स्टैंड लेना पड़ेगा और कब तक चलेगी अराजकता एक व्यक्ति के लिए हम 25 करोड़ आबादी के जीवन को दांव में लगा दे यह नहीं हो सकता हमारे लिए उत्तर प्रदेश की जनता महत्त्वपूर्ण थी और इसलिए हम लोगों ने कहा कि नहीं अगर इन माफियाओं से हम शक्ति से निपट नहीं तो 25 करोड़ प्रदेश जनता के हितों के लिए फिर हम कुछ भी करने में सफल नहीं होंगे और उत्तर प्रदेश के परसेप्शन को तो बदलना ही पड़ेगा प्रदेश में कानून का राज होगा उत्तर प्रदेश दंगा मुक्त होगा बिना भेदभाव के शासन की योजना जब हर जाति मत और मजहब के लोगों को मिलना है किसी के पर्व और त्यौहार में किसी प्रकार का डिस्टरबेंस नहीं है सबको फ्रीडम है हर प्रकार की तो फिर अराजकता फैलाने की और दंगा करने की छूट भी किसी को नहीं देंगे और हम लोगों ने पहले दिन सब पर बराब लागू किया कानून आज भी प्रदेश के अंदर सब पर बराबर लागू होता है इसके लिए आपको कोई खासकर पुलिस महकमे में कोई बदलाव करना पड़ा पुलिस को कोई खास निर्देश देने पड़े देखि फोर्स वही है लेकिन हां पुलिस में हमने व्यापक रिफॉर्म किए पुलिस आधुनिकीकरण के लिए कदम बढ़ाए उत्तर प्रदेश पुलिस को तकनीकी दिश से सक्षम बनाया हमने पुलिस भर्ती की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके संपन्न किया 160000 पुलिस की भर्ती को किया था और प्रदेश के सभी साठ जनपदों से उसमें भर्ती हुई सभी 75 जनपदों से सभी लाख भती पुलिस की भर्ती हुई है परे प्रदेश के अंदर उनकी ट्रेनिंग करवाई गई ट्रेनिंग की क्षमता का विस्तार करवाया गया और यही नहीं हम लोगों ने फॉरेंसिक लैब हर रेंज स्तर पर बनाने की कारवाई को आगे बढ़ाया साइबर थाने हर रेंज स्तर पर बनाए उत्तर प्रदेश अपना यूपी फॉरेंसिक इंस्टिट्यूट स्थापित कर रहा है इस सत्र में उसमें क्लासेस भी शुरू हो जाएंगे यह कदम बढ़ाने के साथ एसटीआरएफ का गठन पहली बार यूपी के अंदर हुआ 54 पीएससी की कंपनियां समाप्त कर दी गई थी उनका पुनर्गठन हुआ और प्रदेश के अंदर मेट्रो एयरपोर्ट और औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा के लिए स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन भी इस दौरान हम लोगों ने किया है एसटीएफ और एटीएस का भी स्ट्रेंथ किया गया और इनको तकनीकी दिश से सक्षम बनाया गया तब जाकर के हम लोग इस कार्यक्रम को आगे बढ़ा पा रहे लेकिन इस इस आरोप पर आपको क्या कहना है कि आपकी सरकार में एनकाउंटर होते हैं और वो उन एनकाउंटर में भी फिर बताया जाता है कि मुसलमान ही मारा जाता है मुसलमान के पाव में गोली लगती है आरोप तो कोई भी लगा सकता है मुझे लगता है हर एक व्यक्ति को अपनी बात बोलने का अधिकार है मुझे एक बात बताइए उत्तर प्रदेश के बहुत सारे पुलिस कर्मी इस दौरान शहीद हुए 25 करोड़ की आबादी है हमारा जवान अगर कहीं शहीद हो जाता है तो क्या वह वैसे अपने को दाव लगा रहा है उन दुर्दांत माफिया और अपराधी जो पलल सरकार चलाते थे उनसे लड़ना आसान काम नहीं था कौन उनके सामने बोलता था मैंने बताया ना आपको पहला अपराध कब किया था 1978 में किया था पहली हत्या 1981 में की थी कोई मुझे बताएगा कि 1981 और 1978 में हुआ अपराध में क्यों नहीं उसमें कारवाई हुई क्यों नहीं उसके बाद लगातार उस पर शिकंजा कसा गया व हत्या पर हत्या करता गया अपराध करता गया कैसे व एमएलए हो गया कैसे लगातार विभिन्न जो भी दल सत्ता में आता था उसके उसका सागर्द बन जाता था कोई बात तो रही होगी ना कहीं ना कहीं कोई संरक्षण तो रहा होगा ना जाहिर यह चीजें दिखाती हैं कि एजेंडा हमारा क्या है इन माफियाओं को बचाना इन संगठित गिरोहों के संचालकों को बचाना है या फिर उत्तर प्रदेश की 20 22 या 25 करोड़ आबादी के हितों को संरक्षण देते हुए यहां के किसानों के लिए यहां के नौजवानों के लिए यहां की बहन बेटियों के लिए हमें कुछ करना है अगर गांव गरीब किसान नौजवान महिलाएं यह सभी एजेंडे के हिस्से होते तो मुख्तार और अतिक अहमद जैसे माफिया नहीं पैदा होते कतई नहीं पैदा हो सकते थे क्योंकि यह हमेशा विकास के मार्ग के बैरियर रहेंगे हमेशा किसी भी राज्य के लिए और किसी भी व्यवस्था के लिए चुनौती ब बने रहेंगे और हमें हर हार में इस प्रकार की किसी भी कुप्रथा को माफिया किसी भी प्रवृति का हो और किसी भी रूप में हो उसको नकारना चाहिए उसके खिलाफ मोर्चा लेना चाहिए मैं आज आपसे पूछना चाहता हूं कि ऐसी क्या वजह आपको पता लगी कि यह व्यक्ति जेल की पंजाब की जेल में इतना आराम से रह रहा था मुख्तार अंसारी और यहां आने के बाद फिर जो सलूक होना था वह हुआ देखिए यह हम सबका बड़ा दुर्भाग्य है किस प्रकार के पेशेवर माफिया और अपराधी किसी ना किसी रूप में सत्ता का संरक्षण प्राप्त कर लिया करते थे मुख्तार अंसारी ने पहला अपराध 1978 में किया था और 1978 से लेकर के लगातार अपराध करता रहा आज भी उसमें उस पर 54 से लेकर 58 मामले अलग-अलग अलग अलग थाना क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के अंदर दर्ज हैं पहली बार 44 वर्ष के बाद पहली बार उस माफिया को सजा हुई है एक लोअर कोर्ट से हुई एक एक मामले में एक दो मामलों में लोअर कोर्ट से और एक मामले में हाई कोर्ट से हुई है आखिर क्या कारण है कि लोग हत्या करें अपहरण करें जबरन कब्जा करें और कोई इनके खिलाफ गवाही नहीं देता क्या कारण है कि सरे आम में लोग दंगा भड़का है और एक जनप्रतिनिधि के रूप में वह व्यक्ति अपनी नंगी रिवार बल लेकर के पिस्टल लेकर के लहराते हुए खुली जीप में जाए और सरकार कर क्या रही थी क्या कर रही है सरकार यह काम किसी व्यक्ति का नहीं होना चाहिए यह तो फोर्स है उसके लिए दंगा अगर हो रहा है फोर्स रोके उसको लेकिन नहीं उसको पूरी छूट दी जाती है आप उस तस्वीर की बात कर रहे मुख्तार अंसारी म में जीब के ऊपर बैठ के चल उसी की बात कर रहा हं इसी प्रकार की स्थिति प्रयागराज में भी थी अति क्या स्थिति बना के रखी थी सेकड़ो एक शासन की भूमि को विकास प्राधिकरण की भूमि को कब्जा करके कॉलोनी बसाया जा रहा है कोई रोकने वाला नहीं कोई टोकने वाला नहीं अपराध पर अपराध किए जा रहे थे कोई उस कोई उस यानी कहीं भी कोई उसके खिलाफ बोलने वाला नहीं आखिर किसी को तो स्टैंड लेना पड़ेगा और कब तक चलेगी अराजकता एक व्यक्ति के लिए हम 25 करोड़ आबादी के जीवन को दाव में लगा दे यह नहीं हो सकता हमारे लिए उत्तर प्रदेश की जनता महत्त्वपूर्ण थी और इसलिए हम लोगों ने कहा कि नहीं अगर इन माफियाओं से हम शक्ति से निपट नहीं तो 25 करोड़ प्रदेश की जनता के हितों के लिए फिर हम कुछ भी करने में सफल नहीं होंगे और उत्तर प्रदेश के परसेप्शन को तो बदलना ही पड़ेगा प्रदेश में कानून का राज होगा उत्तर प्रदेश दंगा मुक्त होगा बिना भेदभाव के शासन की योजना जब हर जाति मत और मजहब के लोगों को मिल रहा है किसी के पर्व और त्यौहार में किसी प्रकार का डिस्टरबेंस नहीं है सबको फ्रीडम है हर प्रकार की तो फिर अराजकता फैलाने की और दंगा करने की छूट भी किसी को नहीं देंगे और हम लोगों ने पहले दिन सब पर बराबर लागू किया और कानून आज भी प्रदेश के अंदर सब पर बराबर लागू होता है इसके लिए आपको कोई खासकर पुलिस महकमे में कोई बदलाव करना पड़ा पुलिस को कोई खास निर्देश देने पड़े देखिए फोर्स वही है लेकिन पुलिस में हमने व्यापक रिफॉर्म किए पुलिस आधुनिकीकरण के लिए कदम बढ़ाए उत्तर प्रदेश पुलिस को तकनीकी दिश से सक्षम बनाया हमने पुलिस भर्ती की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न किया 16 हज पुलिस की भर्ती को किया था और प्रदेश के सभी साठ जनपदों से उसमें भर्ती हुई सभी 75 जनपदों से सभी 10 लाख भती की भर्ती हुई है परे प्रदेश के अंदर उनकी ट्रेनिंग करवाई गई ट्रेनिंग की क्षमता का विस्तार करवाया गया और यही नहीं हम लोगों ने फॉरेंसिक लैब हर रेंज स्तर पर बनाने की कारवाई को आगे बढ़ाया साइबर थाने हर रेंज स्तर पर बनाए उत्तर प्रदेश अपना यूपी फॉरेंसिक इंस्टिट्यूट स्थापित कर रहा है इस सत्र में उसमें क्लासेस भी शुरू हो जाएंगे यह कदम बढ़ाने के साथ एसटीआरएफ का गठन पहली बार यूपी के अंदर हुआ 54 पीएससी की कंपनियां समाप्त कर दी गई थी उनका पुनर्गठन हुआ और प्रदेश के अंदर मेट्रो एयरपोर्ट और औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा के लिए स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन भी इस दौरान हम लोगों ने किया है एसटीएफ और एटीएस का भी स्ट्रेंथ किया गया और इनको तकनीकी दिश से सक्षम बनाया गया तब जाकर के हम लोग इस कार्यक्रम को आगे बढ़ लेकिन इस इस आरोप पर आपको क्या कहना है कि आपकी सरकार में एनकाउंटर होते हैं और वो उन एनकाउंटर में भी फिर बताया जाता है कि मुसलमान ही मारा जाता है मुसलमान के पाव में गोली लगती आरोप तो कोई भी लगा सकता है मुझे लगता है हर एक व्यक्ति को अपनी बात बोलने का अधिकार है मुझे एक बात बताइए उत्तर प्रदेश के बहुत सारे पुलिस कर्मी इस दौरान शहीद हुए 25 करोड़ की आबादी है हमारा जवान अगर कहीं शहीद हो जाता है तो क्या वह वैसे ही अपने को दांव लगा रहा है उन दुर्दांत माफिया और अपराधी जो पैरेलल सरकार चलाते थे उनसे लड़ना आसान काम नहीं था कौन उनके सामने बोलता था मैंने बताया ना आपको मुता अंसारी ने पहला अपराध कब किया था 1978 में किया था पहली हत्या 1981 में की थी कोई मुझे बताएगा कि 1981 और 1978 में हुआ अपराध में क्यों नहीं उसमें कारवाई क्यों नहीं उसके बाद लगातार उस पर शिकंजा कसा गया व हत्या पर हत्या करता गया अपराध करता गया कैसे एमएलए हो गया कैसे व लगातार विभिन्न जो भी दल सत्ता में आता था उसके उसका सागर्द बन जाता था कोई बात तो रही होगी ना कहीं ना कहीं कोई संरक्षण तो रहा होगा हिर यह चीजें दिखाती हैं कि एजेंडा हमारा क्या है इन माफियाओं को बचाना इन संगठित गिरोहों के संचालकों को बचाना है या फिर उत्तर प्रदेश की 20 22 या 25 करोड़ आबादी के हितों को संरक्षण देते हुए यहां के किसानों के लिए यहां के नौजवानों के लिए यहां की बहन बेटियों के लिए हमें कुछ करना है अगर गांव गरीब किसान नौजवान महिलाएं यह सभी एजेंडे के हिस्से होते तो मुख्तार और अतीक अहमद जैसे माफिया नहीं पैदा होते कतई नहीं पैदा हो सकते थे क्योंकि यह हमेशा विकास के मार्ग के बैरियर रहेंगे हमेशा किसी भी राज्य के लिए और किसी भी व्यवस्था के लिए चुनौती ब बने रहेंगे और हमें हर हार में इस प्रकार की किसी भी कुप्रथा को माफिया किसी भी प्रवृति का हो और किसी भी रूप में हो उसको नकारना चाहिए उसके खिलाफ मोर्चा लेना चाहिए मैं आज आपसे पूछना चाहता हूं कि ऐसी क्या वजह आपको पता लगी कि यह व्यक्ति जेल की पंजाब की जेल में इतना आराम से रह रहा था मुख्तार अंसारी और यहां आने के बाद फिर जो सलूक होना था वह हुआ देखिए यह हम सबका बड़ा दुर्भाग्य है किस प्रकार के पेशेवर माफिया और अपराधी किसी ना किसी रूप में सत्ता का संरक्षण प्राप्त कर लिया करते थे मुख्तार अंसारी ने पहला अपराध 1978 में किया था और 1978 से लेकर के लगातार अपराध करता रहा आज भी उसम उस पर 54 से लेकर 58 मामले अलग-अलग अलग अलग थाना क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के अंदर दर्ज हैं पहली बार 44 वर्ष के बाद पहली बार उस माफिया को सजा हुई है एक लोअर कोर्ट से हुई एक एक मामले में एक दो मामलों में लोअर कोर्ट से और एक मामले में हाई कोर्ट से हुई है आखिर क्या कारण है य लोग हत्या करें अपहरण करें जबरन कब्जा करें और कोई इनके खिलाफ गवाही नहीं देता क्या कारण है कि सरेआम में लोग दंगा भड़का है और एक जनप्रतिनिधि के रूप में वह व्यक्ति अपनी नंगी रिवार बल लेकर के पिस्टल लेकर के लहराते हुए खुली जीप में जाए और सरकार कर क्या रही थी क्या कर रही है सरकार यह काम किसी व्यक्ति का नहीं होना चाहिए यह तो फोर्स है उसके लिए दंगा अगर हो रहा है फोर्स रोके उसको लेकिन नहीं उसको पूरी ट दी जाती है आप उस तस्वीर की बात कर रहे मुख्तार अंसारी म में जीभ के ऊपर बैठ के चल उस बात कर रं इसी प्रकार की स्थिति प्रयागराज में भी थी अति क्या स्थिति बना के रखी थी सैकड़ों एकड़ शासन की भूमि को विकास प्राधिकरण की भूमि को कब्जा करके कॉलोनी बसाया जा रहा है कोई रोकने वाला नहीं कोई टोक वाला नहीं अपराध पर अपराध किए जा रहे थे कोई उस कोई उस यानी कहीं भी कोई उसके खिलाफ बोलने वाला नहीं आखिर किसी को तो स्टैंड लेना पड़ेगा और कब तक चलेगी अराजकता एक व्यक्ति के लिए हम 25 करोड़ आबादी के जीवन को दाव में लगा दे यह नहीं हो सकता हमारे लिए उत्तर प्रदेश की जनता महत्वपूर्ण थी और इसलिए हम लोगों ने कहा कि नहीं अगर इन माफियाओं से हम शक्ति से निपट नहीं तो 25 करोड़ प्रदेश की जनता के हितों के लिए फिर हम कुछ भी करने में सफल नहीं होंगे और उत्तर प्रदेश के परसेप्शन को तो बदलना ही पड़ेगा प्रदेश में कानून का राज होगा उत्तर प्रदेश दंगा मुक्त होगा बिना भेदभाव के शासन की योजना जब हर जाति मत और मजहब के लोगों को मिलर है किसी के पर्व और त्यौहार में किसी प्रकार का डिस्टरबेंस नहीं है सबको फ्रीडम है हर प्रकार की तो फिर अराजकता फैलाने की और दंगा कर की छूट भी किसी को नहीं देंगे और हम लोगों ने पहले दिन सब पर बराबर लागू किया और कानून आज भी प्रदेश के अंदर सब पर बराबर लागू होता है इसके लिए आपको कोई खासकर पुलिस महकमे में कोई बदलाव करना पड़ा पुलिस को कोई खास निर्देश देने पड़े देखिए फोर्स वही है लेकिन हां पुलिस में हमने व्यापक रिफॉर्म किए पुलिस आधुनिकीकरण के लिए कदम बढ़ाए उत्तर प्रदेश पुलिस को तकनीकी दिश से सक्षम बना आया हमने पुलिस भर्ती की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न किया 1600 पुलिस की भर्ती को किया था और प्रदेश के सभी साठ जनपदों से उसमें भर्ती हुई सभी 75 जनपदों से सभी 10 लाख भर्ती पुलिस की भर्ती हुई है पूरे प्रदेश के अंदर उनकी ट्रेनिंग करवाई गई ट्रेनिंग की क्षमता का विस्तार करवाया गया और यही नहीं हम लोगों ने फॉरेंसिक लैब हर रेंज स्तर पर बनाने की कारवाई को आगे बढ़ाया साइबर थाने हर रेंज स्तर पर बनाए उत्तर प्रदेश अपना यूपी फॉरेंसिक इंस्टिट्यूट स्थापित कर रहा है इस सत्र में उसमें क्लासेस भी शुरू हो जाएंगे यह कदम बढ़ाने के साथ एसटीआरएफ का गठन पहली बार यूपी के अंदर हुआ 54 पीएससी की कंपनियां समाप्त कर दी गई थी उनका पुनर्गठन हुआ और प्रदेश के अंदर मेट्रो एयरपोर्ट और औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा के लिए स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन भी इस दौरान हम लोगों ने किया है एसटीएफ और एटीएस का भी स्थन किया गया और इनको तकनीकी दिश से सक्षम बनाया गया तब जाकर के हम लोग इस कार्यक्रम को आगे बढ़ा पा रहे हैं लेकिन इस इस आरोप पर आपको क्या कहना है कि आपकी सरकार में एनकाउंटर होते हैं और वो उन एनकाउंटर में भी फिर बताया जाता है कि मुसलमान ही मारा जाता है मुसलमान के पाव में गोली लगती है आरोप तो कोई भी लगा सकता मुझे लगता है हर एक व्यक्ति को अपनी बात बोलने का अधिकार है मुझे एक बात बताइए उत्तर प्रदेश के बहुत सारे पुलिस कर्मी इस दौरान शहीद हुए 25 करोड़ की आबादी है हमारा जवान अगर कहीं शहीद हो जाता है तो क्या वह वैसे अपने को दांव लगा रहा है उन दुर्दांत माफिया और अपराधी जो पैरेलल सरकार चलाते थे उनसे लड़ना आसान काम नहीं था कौन उनके सामने बोलता था मैंने बताया ना आपको मुता अंसारी ने पहला अपराध कब किया था 1978 में किया था पहली हत्या 1981 में की थी कोई मुझे बताएगा कि 1981 और 1978 में हुआ अपराध में क्यों नहीं उसमें कारवाई हुई क्यों नहीं उसके बाद लगातार उस पर शिकंजा कसा गया व हत्या पर हत्या करता गया अपराध करता गया कैसे व एमएलए हो गया कैसे व लगातार विभिन्न जो भी दल सत्ता में आता था उसके उसका शागिर्द बन जाता था कोई बात तो रही होगी ना कहीं ना कहीं कोई संरक्षण तो रहा होगा ना जाहिर यह चीजें दिखाती हैं कि एजेंडा हमारा क्या है इन माफियाओं को बचाना इन संगठित गिरोहों के संचालकों को बचाना है या फिर उत्तर प्रदेश की 20 22 या 25 करोड़ आबादी के हितों को संरक्षण देते हुए यहां के किसानों के लिए यहां के नौजवानों के लिए यहां की बहन बेटियों के लिए हमें कुछ करना है अगर गांव गरीब किसान नौजवान महिलाएं य सभी एजेंडे के हिस्से होते तो मुख्तार और अतीक अहमद जैसे माफिया नहीं पैदा होते कतई नहीं पैदा हो सकते थे क्योंकि यह हमें हमशा विकास के मार्ग के बैरियर रहेंगे हमेशा किसी भी राज्य के लिए और किसी भी व्यवस्था के लिए चुनौती ब बने रहेंगे और हमें हर हार में इस प्रकार की किसी भी कुप्रथा को माफिया किसी भी प्रवृति का और किसी भी रूप में हो उसको नकारना चाहिए उसके खिलाफ मोर्चा लेना चाहिए मैं आज आपसे पूछना चाहता हूं कि ऐसी क्या वजह आपको पता लगी कि यह व्यक्ति जेल की पंजाब की जेल में इतना आराम से रह रहा था मुख्तार अंसारी और यहां आने के बाद फिर जो सलूक होना था हुआ देखिए यह हम सबका बड़ा दुर्भाग्य है किस प्रकार के पेवर माफिया और अपराधी किसी ना किसी रूप में सत्ता का संरक्षण प्राप्त कर लिया करते थे मुख्तार अंसारी ने पहला अपराध 1978 में किया था और 1978 से लेकर के लगातार अपराध करता रहा आज भी उसमें उस पर 54 से लेकर 58 मामले अलग-अलग अलग-अलग थाना क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के अंदर दर्ज हैं पहली बार 44 वर्ष के बाद पहली बार उस माफिया को सजा हुई है एक लोअर कोर्ट से हुई है एक एक मामले में एक दो मामलों में लोअर कोर्ट से हु और एक मामले में हाई कोर्ट से हुई है आखिर क्या कारण है कि लोग हत्या करें अपहरण करें जबरन कब्जा करें और कोई इनके खिलाफ गवाही नहीं देता क्या कारण है कि सरेआम में लोग दंगा भड़का है और एक जन प्रतिनिधि के रूप में वह व्यक्ति अपनी नंगी रि वार्बल लेकर के पिस्टल लेकर के लहराते हुए खुली जीप में जाए और सरकार कर क्या रही थी क्या कर रही है सरकार ये काम किसी व्यक्ति का नहीं होना चाहिए यह तो फोर्स है उसके लिए दंगा अगर हो रहा है फोर्स रोके उसको लेकिन नहीं उसको पूरी छूट दी जाती है आप उस तस्वीर की बात कर रहे मुख्तार अंसारी म में जीप के ऊपर बैठ के चल उसी की बात कर रहा इसी प्रकार की स्थिति प्रयागराज में भी थी अ क्या स्थिति बनाकर रखी थी सैकड़ों एकड़ शासन की भूमि को विकास प्राधिकरण की भूमि को कब्जा करके कॉलोनी बसाया जा रहा है कोई रोकने वाला नहीं कोई टोकने वाला नहीं अपराध पर अपराध किए जा रहे थे कोई उस कोई उस यानी कहीं भी कोई उसके खिलाफ बोलने वाला नहीं आखिर किसी को तो स्टैंड लेना पड़ेगा और कब तक चलेगी अराजकता एक व्यक्ति के लिए हम 25 करोड़ आबादी के जीवन को दांव में लगा दे यह नहीं हो सकता हमारे लिए उत्तर प्रदेश की जनता महत्त्वपूर्ण थी और इसलिए हम लोगों ने कहा कि नहीं अगर इन माफियाओं से हम शक्ति से निपट नहीं तो 25 करोड़ प्रदेश की जनता के हितों के लिए फिर हम कुछ भी करने में सफल नहीं होंगे और उत्तर प्रदेश के परसेप्शन को तो बदलना ही पड़ेगा प्रदेश में कानून का होगा उत्तर प्रदेश दंगा मुक्त होगा बिना भेदभाव के शासन की योजना जब हर जाति मत और मजहब के लोगों को मिल नाहा है किसी के पर्व और त्यौहार में किसी प्रकार का डिस्टरबेंस नहीं है सबको फ्रीडम है हर प्रकार की तो फिर अराजकता फैलाने की और दंगा करने की छूट भी किसी को नहीं देंगे और हम लोगों ने पहले दिन सब पर बराबर लागू किया और कानून आज भी प्रदेश के अंदर सब पर बराबर लागू होता इसके लिए आपको कोई खासकर पुलिस महकमे में कोई बदलाव करना पड़ा पुलिस को कोई खास निर्देश देने पड़े देखिए फोर्स वही है लेकिन हां पुलिस मैं हमने व्यापक रिफॉर्म किए पुलिस आधुनिकीकरण के लिए कदम बढ़ाए उत्तर प्रदेश पुलिस को तकनीकी दिश से सक्षम बनाया हमने पुलिस भर्ती की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न किया 16000 पुलिस की भर्ती को किया था और प्रदेश के सभी साठ जनपदों से उसमें भर्ती हुई सभी 75 जनपदों से सभी 10 लाख भती पुलिस की भर्ती हुई है पूरे प्रदेश के अंदर उनकी ट्रेनिंग करवाई गई ट्रेनिंग की क्षमता का विस्तार करवाया गया और यही नहीं हम लोगों ने फॉरेंसिक लैब हर रेंज स्तर पर बनाने की कारवाई को आगे बढ़ाया साइबर थाने हर रेंज स्तर पर बनाए उत्तर प्रदेश अपना यूपी फॉरेंसिक इंस्टिट्यूट स्थापित कर रहा है इस सत्र में उसमें क्लासेस भी शुरू हो जाएंगी यह कदम बढ़ाने के साथ एसटीआरएफ का गठन पहली बार यूपी के अंदर हुआ 54 पीएससी की कंपनियां समाप्त कर दी गई थी उनका पुनर्गठन हुआ और प्रदेश के अंदर मेट्रो एयरपोर्ट और औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा के लिए स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन भी इस दौरान हम लोगों ने किया है एसटीएफ और एटीएस का भी स्ट्रेंथ किया गया और इनको तकनीकी दिश से सक्षम बनाया गया तब जाकर के हम लोग इस कार्यक्रम को आगे बढ़ा पा रहे लेकिन इस इस आरोप पर आपको क्या कहना है कि आपकी सरकार में एनकाउंटर होते हैं और वो उन एनकाउंटर में भी फिर बताया जाता है कि मुसलमान ही मारा जाता है मुसलमान के पाव में गोली लगती है आरोप तो कोई भी लगा सकता है मुझे लगता है हर एक व्यक्ति को अपनी बात बोलने का अधिकार है मुझे एक बात बताइए उत्तर प्रदेश के बहुत सारे पुलिस कर्मी इस दौरान शहीद हुए 2 करोड़ की आबादी है हमारा जवान अगर कहीं शहीद हो जाता है तो क्या वह वैसे ही अपने को दांव लगा रहा है उन दुर्दांत माफिया और अपराधी जो पैरलल सरकार चलाते थे उनसे लड़ना आसान काम नहीं था कौन उनके सामने बोलता था मैंने बताया ना आपको ता अंसारी ने पहला अपराध कब किया था 1978 में किया था पहली हत्या 1981 में की थी कोई मुझे बताएगा कि 1981 1978 में हुआ अपराध में क्यों नहीं उसमें कारवाई हुई क्यों नहीं उसके बाद लगातार उस पर शिकंजा कसा गया व हत्या पर हत्या करता गया अपराध करता गया कैसे व एमएलए हो गया कैसे व लगातार विभिन्न जो भी दल सत्ता में आता था उसके उसका सागर्द बन जाता था कोई बात तो रही होगी ना कहीं ना कहीं कुछ संरक्षण तो रहा होगा ना जाहिर है यह चीजें दिखाती हैं कि एजेंडा हमारा क्या है इन माफियाओं को बचाना इन संगठित गिरोहों के संचालकों को बचाना है या फिर उत्तर प्रदेश की 20 22 या 25 करोड़ आबादी के हितों को संरक्षण देते हुए यहां के किसानों के लिए यहां के नौजवानों के लिए यहां की बहन बेटियों के लिए हमें कुछ करना है अगर गांव गरीब किसान नौजवान महिलाएं यह सभी एजेंडे के हिस्से होते तो मुख्तार और अतीक अहमद जैसे माफिया नहीं पैदा होते कतई नहीं पैदा हो सकते थे क्योंकि यह हमेशा विकास के मार्ग के बैरियर रहेंगे हमेशा किसी भी राज्य के लिए और किसी भी व्यवस्था के लिए चुनौती ब बने रहेंगे और हमें हर हार में इस प्रकार की किसी भी प्रथा को माफिया किसी भी प्रवृति का हो और किसी भी रूप में हो उसको नकारना चाहिए उसके खिलाफ मोर्चा लेना चाहिए मैं आज आपसे पूछना चाहता हूं कि ऐसी क्या वजह आपको पता लगी कि यह व्यक्ति जेल की पंजाब की जेल में इतना आराम से रह रहा था मुख्तार अंसारी और यहां आने के बाद फिर जो सलूक होना था वह हुआ देखिए यह हम सबका बड़ा दुर्भाग्य है किस प्रकार के पेशेवर माफिया और अपराधी किसी ना किसी रूप में सत्ता का संरक्षण प्राप्त कर लिया करते थे मुख्तार अंसारी ने पहला अपराध 1978 में किया था और 1978 से लेकर के लगातार अपराध करता रहा आज भी उसम उस पर 54 से लेकर 58 मामले अलग-अलग अलग अलग थाना क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के अंदर दर्ज हैं पहली बार 44 वर्ष के बाद पहली बार उस माफिया को सजा हुई है एक लोअर कोर्ट से हुई है एक एक मामले में एक दो मामलों में लोअर कोर्ट से हु और एक मामले में हाई कोर्ट से हुई है आखिर क्या कारण है य लोग हत्या करें अपहरण करें जबरन कब्जा करें और कोई इनके खिलाफ गवाही नहीं देता क्या कारण है कि सरेआम लोग दंगा भड़का है और एक जनप्रतिनिधि के रूप में वह व्यक्ति अपनी नंगी रिवार बल लेकर के पिस्टल लेकर के लहराते हुए खुली जीप में जाए और सरकार कर क्या रही थी क्या कर रही है सरकार यह काम किसी व्यक्ति का नहीं होना चाहिए यह तो फोर्स है उसके लिए दंगा अगर हो रहा है रोके उसको लेकिन नहीं उसको पूरी छूट दी जाती है आप उस तस्वीर की बात कर रहे मुख्तार अंसारी म में जीप के ऊपर बैठ के चल उस बात कर रहा इसी प्रकार की स्थिति प्रयागराज में भी थी अ क्या स्थिति बना के रखी थी सैकड़ों एकड़ शासन की भूमि को विकास प्राधिकरण की भूमि को कब्जा कर कॉलोनी बसाया जा रहा है कोई रोकने वाला नहीं कोई टोकने वाला नहीं अपराध पर अपराध किए जा रहे थे कोई उस कोई उस यानी कहीं भी कोई उसके खिलाफ बोलने वाला नहीं आखिर किसी को तो स्टैंड लेना पड़ेगा और कब तक चलेगी अराजकता एक व्यक्ति के लिए हम 25 करोड़ आबादी के जीवन को दाव में लगा दे ये नहीं हो सकता हमारे लिए उत्तर प्रदेश की जनता महत्त्वपूर्ण थी और इसलिए हम लोगों ने कहा कि नहीं अगर इन माफियाओं से हम शक्ति से निपट नहीं तो 25 करोड़ प्रदेश की जनता के हितों के लिए फिर हम कुछ भी करने में सफल नहीं होंगे और उत्तर प्रदेश के परसेप्शन को तो बदलना ही पड़ेगा प्रदेश में कानून का राज होगा उत्तर प्रदेश दंगा मुक्त होगा बिना भेदभाव के शासन की योजना जब हर जाति मत और मजहब के लोगों को मिलना है किसी के पर्व और त्यौहार में किसी प्रकार का डिस्टरबेंस नहीं है सबको फ्रीडम हर प्रकार की तो फिर अराजकता फैलाने की और दंगा करने की छूट भी किसी को नहीं देंगे और हम लोगों ने पहले दिन सब बराबर लागू किया और कानून आज भी प्रदेश के अंदर सब बराबर लागू होता है इसके लिए आपको कोई खासकर पुलिस महकमे में कोई बदलाव करना पड़ा पुलिस को कोई खास निर्देश देने पड़े देखिए फोर्स वही है लेकिन हां पुलिस में हमने व्यापक रिफॉर्म किए पुलिस आधुनिकीकरण के लिए कदम बढ़ाए उत्तर प्रदेश पुलिस को तकनीकी दिश से सक्षम बनाया हमने पुलिस भर्ती की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न किया 160000 पुलिस की भर्ती को किया था और प्रदेश के सभी साठ जनपदों से उसमें भर्ती हुई सभी 75 जनपदों से सभी 10 लाख भती पुलिस की भर्ती हुई है पूरे प्रदेश के अंदर उनकी ट्रेनिंग करवाई गई ट्रेनिंग की क्षमता का विस्तार करवाया गया और यही नहीं हम लोगों ने फॉरेंसिक लैब हर रेंज स्तर पर बनाने की कारवाई को आगे बढ़ाया साइबर थाने हर रेंज स्तर पर बनाए उत्तर प्रदेश अपना यूपी फॉरेंसिक इंस्टिट्यूट स्थापित कर रहा है इस सत्र में उसमें क्लासेस भी शुरू हो जाएंगे यह कदम बढ़ाने के साथ एसटीआरएफ का गठन पहली बार यूपी के अंदर हुआ 54 पीएससी की कंपनियां समाप्त कर दी गई थी उनका पुनर्गठन हुआ प्रदेश के अंदर मेट्रो एयरपोर्ट और औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा के लिए स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन भी इस दौरान हम लोगों ने किया है एसटीएफ और एटीएस का भी स्ट्रेंथ किया गया और इनको तकनीकी दिश से सक्षम बनाया गया तब जाकर के हम लोग इस कार्यक्रम को आगे बढ़ा पा रहे लेकिन इस इस आरोप पर आपको क्या कहना है कि आपकी सरकार में एनकाउंटर होते हैं और वो उन एनकाउंटर में भी फिर बताया मुसलमान मारा जाता मुसलमान के पाव में गोली लगती आरोप तो कोई भी लगा सकता है मुझे लगता है हर एक व्यक्ति को अपनी बात बोलने का अधिकार है मुझे एक बात बताइए उत्तर प्रदेश के बहुत सारे पुलिस कर्मी इस दौरान शहीद हुए 25 करोड़ की आबादी है हमारा जवान अगर कहीं शहीद हो जाता है तो क्या वह वैसे अपने को दाव लगा रहा है उन दुर्दांत माफिया और अपराधी जो पैरलल सरकार चलाते थे उनसे लड़ना आसान काम नहीं था कौन उनके सामने बोलता था मैंने बताया ना आपको गतार अंसारी ने पहला अपराध कब किया था 1978 में किया था पहली हत्या 1981 में की थी कोई मुझे बताएगा कि 1981 और 1978 में हुआ अपराध में क्यों नहीं उसमें कारवाई हुई क्यों नहीं उसके बाद लगातार उस पर शिकंजा कसा गया व हत्या पर हत्या करता अपराध करता गया कैसे एमएलए हो गया कैसे व लगातार विभिन्न जो भी दल सत्ता में आता था उसके उसका सागर्द बन जाता था कोई बात तो रही होगी ना कहीं ना कहीं कोई संरक्षण तो रहा होगा र यह चीजें दिखाती हैं कि एजेंडा हमारा क्या है इन माफियाओं को बचाना इन संगठित ग्रहों के संचालकों को बचाना है या फिर उत्तर प्रदेश की 20 22 या 25 करोड़ आबादी के हितों को संरक्षण देते हुए यहां के हि किसानों के लिए यहां के नौजवानों के लिए यहां की बहन बेटियों के लिए हमें कुछ करना है अगर गांव गरीब किसान नौजवान महिलाएं यह सभी एजेंडे के हिस्से होते तो मुख्तार और अतीक अहमद जैसे माफिया नहीं पैदा होते कतई नहीं पैदा हो सकते थे क्योंकि यह हमेशा विकास के मार्ग के बैरियर रहेंगे हमेशा किसी भी राज्य के लिए और किसी भी व्यवस्था के लिए चुनौती ब बने रहेंगे और हमें हर हार में इस प्रकार की किसी भी कुप्रथा को माफिया किसी भी प्रवृति का हो और किसी भी रूप में हो उसको नकारना चाहिए उसके खिलाफ मोर्चा लेना चाहिए मैं आज आपसे पूछना चाहता हूं कि ऐसी क्या वजह आपको पता लगी कि यह व्यक्ति जेल की पंजाब जेल में इतना आराम से रह रहा था मुख्तार अंसारी और यहां आने के बाद फिर जो सलूक होना था वो हुआ देखिए यह हम सबका बड़ा दुर्भाग्य है किस प्रकार के पेशेवर माफिया और अपराधी किसी ना किसी रूप में सत्ता का संरक्षण प्राप्त कर लिया करते थे मुख्तार अंसारी ने पहला अपराध 1978 में किया था और 1978 से लेकर के लगातार अपराध करता रहा आज भी उसमें उस पर 54 से लेकर 58 मामले अलग-अलग अलग-अलग थाना क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के अंदर दर्ज है पहली बार 44 वर्ष के बाद पहली बार उस माफिया को सजा हुई है एक लोअर कोर्ट से हुई है एक एक मामले में एक दो मामलों में लोअर कोर्ट से हु और एक मामले में हाई कोर्ट से हुई है आखिर क्या कारण है य लोग हत्या करें अपहरण करें जबरन कब्जा करें और कोई इनके खिलाफ गवाही नहीं देता क्या कारण है कि सरेया में लोग दंगा भड़का है और एक जनप्रतिनिधि के रूप में वह अपनी नंगी रिवार बल लेकर के पिस्टल लेकर के लहराते हुए खुली जीप में जाए और सरकार कर क्या रही थी क्या कर रही है सरकार यह काम किसी व्यक्ति का नहीं होना चाहिए यह तो फोर्स है उसके लिए दंगा अगर हो रहा है फोर्स रोके उसको लेकिन नहीं उसको पूरी छूट दी जाती है आप उस तस्वीर की बात कर रहे मुख्तार अंसारी म में जीप के ऊपर बैठ के चल उस बात कर रहा इसी प्रकार कीथ ी प्रयागराज में भी थी अति क्या स्थिति बना के रखी थी सैकड़ों एकड़ शासन की भूमि को विकास प्राधिकरण की भूमि को कब्जा करके कॉलोनी बसाया जा रहा है कोई रोकने वाला नहीं कोई टोकने वाला नहीं अपराध प अपराध किए जा रहे थे कोई उस कोई उस यानी कहीं भी कोई उसके खिलाफ बोलने वाला नहीं आखिर किसी को तो स्टैंड लेना पड़ेगा और कब तक चलेगी अराजकता एक व्यक्ति के लिए हम 25 करोड़ आबादी के जीवन को दाव में लगा दे यह नहीं हो सकता हमारे लिए उत्तर प्रदेश की जनता महत्त्वपूर्ण थी और इसलिए हम लोगों ने कहा कि नहीं अगर इन माफियाओं से हम शक्ति से निपट नहीं तो 25 करोड़ प्रदेश की जनता के हितों के लिए फिर हम कुछ भी करने में सफल नहीं होंगे और उत्तर प्रदेश के परसेप्शन को तो बदलना ही पड़ेगा प्रदेश में कानून का राज होगा उत्तर प्रदेश दंगा मुक्त होगा बिना भेदभाव के शासन की योजना जब हर जाति मत और मजहब के लोगों को मिल रहा है किसी के पर्व और त्यौहार में किसी प्रकार का डिस्टरबेंस नहीं है सबको फ्रीडम है हर प्रकार की तो फिर अराजकता फैलाने की और दंगा करने की छूट भी किसी को नहीं देंगे और हम लोगों ने पहले दिन सब पर बराबर लागू किया और कानून आज भी प्रदेश के अंदर सब पर बराबर लागू होता है इसके लिए आपको कोई खासकर पुलिस महकमे में कोई बदलाव करना पड़ा पुलिस को कोई खास निर्देश देने पड़े देखिए फोर्स वही है लेकिन हां पुलिस में हमने व्यापक रिफॉर्म किए पुलिस आधुनिकीकरण के लिए कदम बढ़ाए उत्तर प्रदेश पुलिस को तकनीकी दिश से सक्षम बनाया हमने पुलिस भर्ती की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न किया 160000 पुलिस की भर्ती को किया था और प्रदेश के सभी साठ जनपदों से उसमें भर्ती हुई सभी 75 जनपदों से सभी 10 लाख भर्ती पुलिस की भर्ती हुई है पूरे प्रदेश के अंदर उनकी ट्रेनिंग करवाई गई ट्रेनिंग की क्षमता का विस्तार करवाया गया और यही नहीं हम लोगों ने फॉरेंसिक लैब हर रेंज स्तर पर बनाने की कारवाही को आगे बढ़ाया साइबर थाने हर रेंज स्तर पर बनाए उत्तर प्रदेश अपना यूपी फॉरेंसिक इंस्टिट्यूट स्थापित कर रहा है इस सत्र में उसमें क्लासेस भी शुरू हो जाएंगे यह कदम बढ़ाने के साथ एसटीआरएफ का गठन पहली बार यूपी के अंदर हुआ 54 पीएससी की कंपनियां समाप्त कर दी गई थी उनका पुनर्गठन हुआ और प्रदेश के अंदर मेट्रो एयरपोर्ट और औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा के लिए स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन भी इस दौरान हम लोगों ने किया है एसटीएफ और एटीएस का भी स्ट्रेंथ किया गया और इनको तकनीकी दिश से सक्षम बनाया गया तब जाकर के हम लोग इस कार्यक्रम को आगे बढ़ा पा रहे हैं लेकिन इस इस आरोप पर आपको क्या कहना है कि आपकी सरकार में एनकाउंटर होते हैं और वह उन एनकाउंटर में भी फिर य बताया जाता है कि मुसलमान ही मारा जाता है मुसलमान के पाव में गोली लगती है आरोप तो कोई भी लगा सकता है मुझे लगता है हर एक व्यक्ति को अपनी बात बोलने का अधिकार है मुझे एक बात बताइए उत्तर प्रदेश के बहुत सारे कर्मी इस दौरान शहीद हुए 25 करोड़ की आबादी है हमारा जवान अगर कहीं शहीद हो जाता है तो क्या वह वैसे अपने को दाव लगा रहा है उन दुर्दांत माफिया और अपराधी जो पलल सरकार चलाते थे उनसे लड़ना आसान काम नहीं था कौन उनके सामने बोलता था मैंने बताया ना आपको ता अंसारी ने पहला अपराध कब किया था 1978 में किया था पहली हत्या 1981 में की थी कोई मुझे बताएगा कि 1981 1978 में हुआ अपराध में क्यों नहीं उसमें कारवाई हुई क्यों नहीं उसके बाद लगातार उस पर शिकंजा कसा गया व हत्या पर हत्या करता गया अपराध करता गया कैसे एमएलए हो गया कैसे व लगातार विभिन्न जो भी दल सत्ता में आता था था उसके उसका सागर्द बन जाता था कोई बात तो रही होगी ना कहीं ना कहीं कोई संरक्षण तो रहा होगा ना जाहिर है यह चीजें दिखाती हैं कि एजेंडा हमारा क्या है इन माफियाओं को बचाना इन संगठित ग्रहों के संचालकों को बचाना है या फिर उत्तर प्रदेश की 20 22 या 25 करोड़ आबादी के हितों को संरक्षण देते हुए यहां के हि किसानों के लिए यहां के नौजवानों के लिए यहां की बहन बेटियों के लिए हमें कुछ करना है अगर गांव गरीब किसान नौजवान महिलाएं इस सभी एजेंडे के हिस्से होते तो मुख्तार और अतीक अहमद जैसे माफिया नहीं पैदा होते कतई नहीं पैदा हो सकते थे क्योंकि यह हमेशा विकास के मार्ग के बैरियर रहेंगे हमेशा किसी भी राज्य के लिए और किसी भी व्यवस्था के लिए चुन बने रहेंगे और हमें हर हार में इस प्रकार की किसी भी कुप्रथा को माफिया किसी भी प्रवृति का और किसी भी रूप में हो उसको नकारना चाहिए उसके खिलाफ मोर्चा लेना चाहिए मैं आज आपसे पूछना चाहता हूं कि ऐसी क्या वजह आपको पता लगी कि यह व्यक्ति जेल की पंजाब की जेल में इतना आराम से रह रहा था मुख्तार अंसारी और यहां आने के बाद फिर जो सलूक होना था वह हुआ देखिए यह हम सबका बड़ा दुर्भाग्य है किस प्रकार के पे सीवर माफिया और अपराधी किसी ना किसी रूप में सत्ता का संरक्षण प्राप्त कर लिया करते थे मुख्तार अंसारी ने पहला अपराध 1978 में किया था और 1978 से लेकर के लगातार अपराध करता रहा आज भी उसम उस पर 54 से लेकर 58 मामले अलग-अलग अलग-अलग थाना क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के अंदर दर्ज हैं पहली बार 44 वर्ष के बाद पहली बार उस माफिया को सजा हुई है एक लोअर कोर्ट से हुई है एक एक मामले में एक दो मामलों में लोअर कोर्ट से हु और एक मामले में हाई कोर्ट से हुई है आखिर क्या कारण है कि लोग हत्या करें अपहरण करें जबरन कब्जा करें और कोई इनके खिलाफ गवाही नहीं देता क्या कारण है कि सरेआम लोग दंगा भड़का है और एक जनप्रतिनिधि के रूप में वह व्यक्ति अपनी नंगी रिबल लेकर के पिस्टल लेकर के लहराते हुए खुली जीप में जाए और सरकार कर क्या रही थी क्या कर रही है सरकार य काम किसी व्यक्ति का नहीं होना चाहिए ये तो फोर्स है उसके लिए दंगा अगर हो रहा है फोर्स रोके उसको लेकिन नहीं उसको पूरी छूट दी जाती है आप उस तस्वीर की बात कर रहे मुख्तार अंसारी म में जीभ के ऊपर बैठ के चल मैं उसी की बात कर रहा हूं इसी प्रकार की स्थिति प्रयागराज में भी थी अति क्या स्थिति बना के रखी थी सैकड़ों एकड़ शासन की भूमि को विकास प्राधिकरण की भूमि को कब्जा करके कॉलोनी बसाया जा रहा है कोई रोकने वाला नहीं कोई टोकने वाला नहीं अपराध पर अपराध किए जा रहे थे कोई उस कोई उस यानी कहीं भी कोई उसके खिलाफ बोलने वाला नहीं आखिर किसी को तो स्टैंड लेना पड़ेगा और कब तक चलेगी अराजकता एक व्यक्ति के लिए हम 25 करोड़ आबादी के जीवन को दाव में लगा दे य नहीं सकता हमारे लिए उत्तर प्रदेश की जनता महत्त्वपूर्ण थी और इसलिए हम लोगों ने कहा कि नहीं अगर इन माफियाओं से हम शक्ति से निपट नहीं तो 25 करोड़ प्रदेश की जनता के हितों के लिए फिर हम कुछ भी करने में सफल नहीं होंगे और उत्तर प्रदेश के परसेप्शन को तो बदलना ही पड़ेगा प्रदेश में कानून का राज होगा उत्तर प्रदेश दंगा मुक्त होगा बिना भेदभाव के शासन की योजना जब हर जाति मत और मजहब के लोगों को मिल रहा है किसी के पर्व और त्यौहार में किसी प्रकार का डिस्टरबेंस नहीं है सबको फ्रीडम है हर प्रकार की तो फिर अराजकता फैलाने की और दंगा करने की छूट भी किसी को नहीं देंगे और हम लोगों ने पहले दिन सब पर बराबर लागू किया और कानून आज भी प्रदेश के अंदर सब पर बराबर लागू होता इसके लिए आपको कोई खासकर पुलिस महकमे में कोई बदलाव करना पड़ा पुलिस को कोई खास निर्देश देने पड़े देखिए फोर्स वही है लेकिन हां पुलिस मैं हमने व्यापक रिफॉर्म किए पुलिस आधुनिकीकरण के लिए कदम बढ़ाए उत्तर प्रदेश पुलिस को तकनीकी दिश से सक्षम बनाया हमने पुलिस भर्ती की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न किया 16 हज पुलिस की भर्ती को किया था और प्रदेश के सभी साठ जनपदों से उसमें भर्ती हुई सभी 75 जनपदों से सभी लाख भर्ती पुलिस की भर्ती हुई है पूरे प्रदेश के अंदर उनकी ट्रेनिंग करवा ट्रेनिंग की क्षमता का विस्तार करवाया गया और यही नहीं हम लोगों ने फॉरेंसिक लैब हर रेंज स्तर पर बनाने की कारवाई को आगे बढ़ाया साइबर थाने हर रेंज स्तर पर बनाए उत्तर प्रदेश अपना यूपी फॉरेंसिक इंस्टिट्यूट स्थापित कर रहा है इस सत्र में उसमें क्लासेस भी शुरू हो जाएंगे यह कदम बढ़ाने के साथ एसटीआरएफ का गठन पहली बार यूपी के अंदर हुआ 54 पीएससी की कंप कया समाप्त कर दी गई थी उनका पुनर्गठन हुआ और प्रदेश के अंदर मेट्रो एयरपोर्ट और औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा के लिए स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन भी इस दौरान हम लोगों ने किया है एसटीएफ और एटीएस का भी स्ट्रेंथ किया गया और इनको तकनीकी दिश से सक्षम बनाया गया तब जाकर के हम लोग इस कार्यक्रम को आगे बढ़ा पा रहे लेकिन इस इस आरोप पर आपको क्या कहना है कि आपकी सरकार में एनकाउंटर होते हैं और वो उन एनकाउंटर में भी फिर बताया जाता है कि मुसलमान ही मारा जाता है मुसलमान के पाव में गोली लगती है आरोप तो कोई भी लगा सकता है मुझे लगता है हर एक व्यक्ति को अपनी बात बोलने का अधिकार है मुझे एक बात बताइए उत्तर प्रदेश के बहुत सारे पुलिस कर्मी इस दौरान शहीद हुए 25 करोड़ की आबादी है हमारा जवान अगर कहीं शहीद हो जाता है तो क्या वह वैसे अपने को दांव लगा रहा है उन दुर्दांत माफिया और अपराधी जो पैरेलल सरकार चलाते थे उनसे लड़ना आसान काम नहीं था कौन उनके सामने बोलता था मैंने बताया ना आपको ता अंसारी ने पहला अपराध कब किया था 1978 में किया था पहली हत्या 1981 में की थी कोई मुझे बताएगा कि 1981 1978 में हुआ अपराध में क्यों नहीं उसमें कारवाई हुई क्यों नहीं उसके बाद लगातार उस पर शिकंजा कसा गया व हत्या पर हत्या करता गया अपराध करता गया कैसे व एमएलए हो गया कैसे व लगातार विभिन्न जो भी दल सत्ता में आता था उसके उसका सागर्द बन जाता था कोई बात तो रही होगी ना कहीं ना कहीं को संरक्षण तो रहा होगा यह चीजें दिखाती है कि हमारा क्या है इन माफियाओं को बचाना इन संगठित ग्रहों के संचालकों को बचाना है या फिर उत्तर प्रदेश की 20 22 या 25 करोड़ आबादी के हितों को संरक्षण देते हुए यहां के हि किसानों के लिए यहां के नौजवानों के लिए यहां की बहन बेटियों के लिए हमें कुछ करना है अगर गांव गरीब किसान नौजवान महिलाएं य सभी एजेंडे के हिस्से होते तो मुख्तार और अतीक अहमद से माफिया नहीं पैदा होते कतई नहीं पैदा हो सकते थे क्योंकि यह हमेशा विकास के मार्ग के बैरियर रहेंगे हमेशा किसी भी राज्य के लिए और किसी भी व्यवस्था के लिए चुनौती ब बने रहेंगे और हमें हर हार में इस प्रकार की किसी भी कुप्रथा को माफिया किसी भी प्रवृत्ति का हो और किसी भी रूप में हो उसको नकारना चाहिए उसके खिलाफ मोर्चा लेना चाहिए आज से पूछना चाहता हूं कि ऐसी क्या वजह आपको पता लगी कि यह व्यक्ति जेल की पंजाब की जेल में इतना आराम से रह रहा था मुख्तार अंसारी और यहां आने के बाद फिर जो सलूक होना था वह हुआ देखिए यह हम सबका बड़ा दुर्भाग्य है किस प्रकार के पेवर माफिया और अपराधी किसी ना किसी रूप में सत्ता का संरक्षण प्राप्त कर लिया करते थे मुख्तार अंसारी ने पहला अपराध 1978 में किया था और 1978 से लेकर के लगातार अपराध करता रहा आज भी उसमें उस पर 54 से लेकर 58 मामले अलग-अलग अलग-अलग थाना क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के अंदर दर्ज हैं पहली बार 444 वर्ष के बाद पहली बार उस माफिया को सजा हुई है एक लोअर कोर्ट से हुई है एक एक मामले में एक दो मामलों में लोअर कोर्ट से हु और एक मामले में हाई कोर्ट से हुई है आखिर क्या कारण है य लोग हत्या करें अपहरण करें जबरन कब्जा करें और कोई इनके खिलाफ गवाई नहीं देता क्या कारण है कि सरेआम य लोग दंगा भड़का है और एक जनप्रतिनिधि के रूप में वह व्यक्ति अपनी नंगी रिवार बल लेकर के पिस्टल लेकर के लहराते हुए खुली जीप में जाए और सरकार कर क्या रही थी क्या कर रही है सरकार यह काम किसी व्यक्ति का नहीं होना चाहिए यह तो फोर्स है उसके लिए दंगा अगर हो रहा है फोर्स रोके उसको लेकिन नहीं उसको पूरी छूट दी जाती है आप उस तस्वीर की बात कर रहे मुख्तार अंसारी मौ में जीभ के ऊपर ब मैं उसी की बात कर रहा हूं इसी प्रकार की स्थिति प्रयागराज में भी थी अति क्या स्थिति बना के रखी थी सैकड़ों एकड़ शासन की भूमि को विकास प्राधिकरण की भूमि को कब्जा करके कॉलोनी बसाया जा रहा है कोई रोकने वाला नहीं कोई टोकने वाला नहीं अपराध पर अपराध किए जा रहे थे कोई उस कोई उस यानी कहीं भी कोई उसके खिलाफ बोलने वाला नहीं आखिर किसी को तो स्टैंड लेना पड़ेगा और कब तक चलेगी अराजकता एक व्यक्ति के लिए हम 25 करोड़ आबादी के जीवन को दाव में लगा दे यह नहीं हो सकता हमारे लिए उत्तर प्रदेश की जनता महत्त्वपूर्ण थी और इसलिए हम लोगों ने कहा कि नहीं अगर इन माफियाओं से हम शक्ति से निपट नहीं तो 25 करोड़ प्रदेश की जनता के हितों के लिए फिर हम कुछ भी करने में सफल नहीं होंगे और उत्तर प्रदेश के परसेप्शन को तो बदलना ही पड़ेगा प्रदेश में कानून का राज होगा उत्तर प्रदेश दंगा मुक्त होगा बिना भेदभाव के शासन की योजना जब हर जाति मत और मजहब के लोगों को मिलना है किसी के पर्व और त्यौहार में किसी प्रकार का डिस्टरबेंस नहीं है सबको फ्रीडम है हर प्रकार की तो फिर अराजकता फैलाने की और दंगा करने की छूट भी किसी को नहीं देंगे और हम लोगों ने पहले जीन सब पे बराबर लागू किया और कानून आज भी प्रदेश के अंदर सब पे बराबर लागू होता है इसके लिए आपको कोई अ खासकर पुलिस महकमे में कोई बदलाव करना पड़ा पुलिस को कोई खास निर्देश देने पड़े देखिए फोर्स वही है लेकिन हां पुलिस में हमने व्यापक रिफॉर्म किए पुलिस आधुनिकीकरण के लिए कदम बढ़ाए उत्तर प्रदेश पुलिस को तकनीकी दिश से सक्षम बनाया हमने पुलिस भर्ती की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न किया 1600 हज पुलिस की भर्ती को किया था और प्रदेश के सभी साठ जनपदों से उसमें भर्ती हुई सभी 75 जनपदों से सभी 10 लाख भती पुलिस की भर्ती हुई है पूरे प्रदेश के अंदर उनकी ट्रेनिंग करवाई गई ट्रेनिंग की क्षमता का विस्तार करवाया गया और यही नहीं हम लोगों ने फॉरेंसिक लैब हर रेंज स्तर पर बनाने की कारवाई को आगे बढ़ाया साइबर थाने हर रेंज स्तर पर बनाए उत्तर प्रदेश अपना यूपी फॉरेंसिक इंस्टिट्यूट स्थापित कर रहा है इस सत्र में उसमें क्लासेस भी शुरू हो जाएंगे यह कदम बढ़ाने के साथ एसटीआरएफ का गठन पहली बार यूपी के अंदर हुआ 54 पीएससी की कंपनियां समाप्त कर दी गई थी उनका पुनर्गठन हुआ और प्रदेश के अंदर मेट्रो एयरपोर्ट और औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा के लिए स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन भी इस दौरान हम लोगों ने किया है एसटीएफ और एटीएस का भी स्ट्रेंथ किया गया और इनको तकनीकी दिश से सक्षम बनाया गया तब जाकर के हम लोग इस कार्यक्रम को आगे बढ़ा पा रहे हैं लेकिन इस इस आरोप पर आपको क्या कहना है कि आपकी सरकार में एनकाउंटर होते हैं और वो उन एनकाउंटर में भी फिर ये बताया जाता है कि मुसलमान ही मारा जाता है मुसलमान के पांव में गोली लगती है आरो आरोप तो कोई भी लगा सकता है मुझे लगता है हर एक व्यक्ति को अपनी बात बोलने का अधिकार है मुझे एक बात बताइए उत्तर प्रदेश के बहुत सारे पुलिस कर्मी इस दौरान शहीद हुए 25 करोड़ की आबादी है हमारा जवान अगर कहीं शहीद हो जाता है तो क्या वह वैसे अपने को दाव लगा रहा है उन दुर्दांत माफिया और अपराधी जो पलल सरकार चलाते थे उनसे लड़ना आसान काम नहीं था कौन उनके सामने बोलता था मैंने बताया ना आपको ता अंसारी ने पहला अपराध कब किया था 1978 में किया था पहली हत्या 1981 में की थी कोई मुझे बताएगा कि 1981 और 1978 में हुआ अपराध में क्यों नहीं उसमें कारवाई हुई क्यों नहीं उसके बाद लगातार उस पर शिकंजा कसा गया व हत्या पर हत्या करता गया अपराध करता गया कैसे व एमएलए हो गया कैसे व लगातार विभिन्न जो भी दल सत्ता में आता था उसके उसका सागर्द बन जाता था कोई बात तो रही होगी ना कहीं ना कहीं कोई संरक्षण तो रहा होगा र यह चीजें दिखाती हैं कि एजेंडा हमारा क्या है इन माफियाओं को बचाना इन संगठित गिरोहों के संचालकों को बचाना है या फिर उत्तर प्रदेश की 20 22 या 2 करोड़ आबादी के हितों को संरक्षण देते हुए यहां के किसानों के लिए यहां के नौजवानों के लिए यहां की बहन बेटियों के लिए हमें कुछ करना है अगर गांव गरीब किसान नौजवान महिलाएं यह सभी एजेंडे के हिस्से होते तो मुख्तार और अतीक अहमद जैसे माफिया नहीं पैदा होते कतई नहीं पैदा हो सकते थे क्योंकि यह हमेशा विकास के मार्ग के बैरियर रहेंगे हमेशा किसी भी राज्य के लिए और किसी भी व्यवस्था के लिए एक चुनौती ब बने रहेंगे और हमें हर हार में इस प्रकार की किसी भी कुप्रथा को माफिया किसी भी प्रवृत्ति का हो और किसी भी रूप में हो उसको नकारना चाहिए उसके खिलाफ मोर्चा लेना चाहिए मैं आज आपसे पूछना चाहता हूं कि ऐसी क्या वजह आपको पता लगी कि यह व्यक्ति जेल की पंजाब की जेल में इतना आराम से रह रहा था मुख्तार अंसारी और यहां आने के बाद फिर जो सलूक होना था वो हुआ देखिए यह हम सबका बड़ा दुर्भाग्य है किस प्रकार के पेशेवर माफिया और अपराधी किसी ना किसी रूप में सत्ता का संरक्षण प्राप्त कर लिया करते थे मुख्तार अंसारी ने पहला अपराध 1978 में किया था और 1978 से लेकर के लगातार अपराध करता रहा आज भी उसम उस पर 54 से लेकर 58 मामले अलग-अलग अलग-अलग थाना क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के अंदर दर्ज है पहली बार 44 वर्ष के बाद पहली बार उस माफिया को सजा हुई है एक लोअर कोर्ट से हुई है एक एक मामले में एक दो मामलों में लोअर कोर्ट से और एक मामले में हाई कोर्ट से हुई है आखिर क्या का कि लोग हत्या करें अपहरण करें जबरन कब्जा करें और कोई इनके खिलाफ गवाही नहीं देता क्या कारण है कि सरेआम य लोग दंगा भड़का है और एक जनप्रतिनिधि के रूप में वह व्यक्ति अपनी नंगी रिवार बल लेकर के पिस्टल लेकर के लहराते हुए खुली जीप में जाए और सरकार कर क्या रही थी क्या कर रही है सरकार ये काम किसी व्यक्ति का नहीं होना चाहिए ये तो फोर्स है उसके लिए दंगा अगर हो रहा है फोर्स रोके उसको लेकिन नहीं उसको पूरी छूट दी जाती है आप उस तस्वीर की बात कर रहे मुख्तार अंसारी मौ में जीप के ऊपर बैठ के चल मैं उसी की बात कर रहा हूं इसी प्रकार की स्थिति प्रयागराज में भी थी अति क्या स्थिति बना के रखी थी सैकड़ों एकड़ शासन की भूमि को विकास प्राधिकरण की भूमि को कब्जा करके कॉलोनी बसाया जा रहा है कोई रोकने वाला नहीं कोई टोकने वाला नहीं अपराध पर अपराध किए जा रहे थे कोई उस कोई उस यानी कहीं भी कोई उसके खिलाफ बोलने वाला नहीं आखिर किसी को तो स्टैंड लेना पड़ेगा और कब तक चलेगी अराजकता एक व्यक्ति के लिए हम 25 करोड़ आबादी के जीवन को दाव में लगा दे यह नहीं हो सकता हमारे लिए उत्तर प्रदेश की जनता महत्त्वपूर्ण थी और इसलिए हम लोगों ने कहा कि नहीं अगर इन माफियाओं से हम शक्ति से निपट नहीं तो 25 करोड़ प्रदेश की जनता के हितों के लिए फिर हम कुछ भी करने में सफल नहीं होंगे और उत्तर प्रदेश के परसेप्शन को तो बदलना ही पड़ेगा प्रदेश में कानून का राज होगा उत्तर प्रदेश दंगा मुक्त होगा बिना भेदभाव के शासन की योजना जब हर जाति मत और मजहब के लोगों को मिल रहा है किसी के पर्व और त्यौहार में किसी प्रकार का डिस्टरबेंस नहीं है सबको फ्रीडम है हर प्रकार की तो फिर अराजकता फैलाने की और दंगा करने की छूट भी किसी को नहीं देंगे और हम लोगों ने पहले दिन सब पर बराबर लागू किया और कानून आज भी प्रदेश के अंदर सब पर बराबर लागू होता है इसके लिए आपको कोई खासकर पुलिस महकमे में कोई बदलाव करना पड़ा पुलिस को कोई खास निर्देश देने पड़े देखिए फोर्स वही है लेकिन हां पुलिस में हमने व्यापक रिफॉर्म किए पुलिस आधुनिकीकरण के लिए कदम बढ़ाए उत्तर प्रदेश पुलिस को तकनीकी दिश से सक्षम बनाया हमने पुलिस भर्ती की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न किया 160000 पुलिस की भर्ती को किया था और प्रदेश के सभी साठ जनपदों से उसमें भर्ती हुई सभी 75 जनपदों से सभी 101 लाख भर्ती पुलिस की भर्ती हुई है परे प्रदेश के अंदर उनकी ट्रेनिंग करवाई गई ट्रेनिंग की क्षमता का विस्तार करवाया गया और यही नहीं हम लोगों ने फॉरेंसिक लैब हर रेंज स्तर पर बनाने की कारवाई को आगे बढ़ाया साइबर थाने हर रेंज स्तर पर बनाए उत्तर प्रदेश अपना यूपी फॉरेंसिक इंस्टिट्यूट स्थापित कर रहा है इस सत्र में उसमें क्लासेस भी शुरू हो जाएंगे यह कदम बढ़ाने के साथ एसटीआरएफ का गठन पहली बार यूपी के अंदर हुआ 54 पीएससी की कंपनियां समाप्त कर दी गई थी उनका पुनर्गठन हुआ और प्रदेश के अंदर मेट्रो एयरपोर्ट और औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा के लिए स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन भी इस दौरान हम लोगों ने किया है एसटीएफ और एटीएस का भी स्ट्रेंथ किया गया और इनको तकनीकी दिश से सक्षम बनाया गया तब जाकर के हम लोग इस कार्यक्रम को आगे बढ़ा पा रहे हैं लेकिन इस इस आरोप पर आपको क्या कहना है कि आपकी सरकार में एनकाउंटर होते हैं और वो उन एनकाउंटर में भी फिर बताया जाता है कि मुसलमान ही मारा जाता है मुसलमान के पाव में गोली लगती है आरोप तो कोई भी लगा सकता है मुझे लगता है हर एक व्यक्ति को अपनी बात बोलने का अधिकार है मुझे एक बात बताइए उत्तर प्रदेश के बहुत सारे पुलिस कर्मी इस दौरान शहीद हुए 25 करोड़ की आबादी है हमारा जवान अगर कहीं शहीद हो जाता है तो क्या वह वैसे ही अपने को दांव लगा रहा है उन दुर्दांत माफिया और अपराधी जो पलल सरकार चलाते थे उनसे लड़ना आसान काम नहीं था कौन उनके सामने बोलता था मैंने बताया ना आपको ता अंसारी ने पहला अपराध कब किया था 1978 में किया था पहली हत्या 1981 में की थी कोई मुझे बताएगा कि 1981 और 1978 में हुआरा में क्यों नहीं उसमें कारवाई हुई क्यों नहीं उसके बाद लगातार उस पर शिकंजा कसा गया वो हत्या प हत्या करता गया अपराध करता गया कैसे व एमएलए हो गया कैसे व लगातार विभिन्न जो भी दल सत्ता में आता था उसके उसका शागिर्द बन जाता था कोई बात तो रही होगी ना कहीं ना कहीं कोई संरक्षण तो रहा होगा ना जाहिर है यह चीजें दिखाती हैं कि एजेंडा हमारा क्या है इन माफियाओं को बचाना इन संगठित ग्रहों के संचालकों को बचाना है या फिर उत्तर प्रदेश की 20 22 या 25 करोड़ आबादी के हितों को संरक्षण देते हुए यहां के किसानों के लिए यहां के नौजवानों के लिए यहां की बहन बेटियों के लिए हमें कुछ करना है अगर गांव गरीब किसान नौजवान महिलाएं इस सभी एजेंडे के हिस्से होते तो मुख्तार और अतीक अहमद जैसे माफिया नहीं पैदा होते कतई नहीं पैदा हो सकते थे क्योंकि यह हमेशा विकास के मार्ग के बैरियर रहेंगे हमेशा किसी भी राज्य के लिए और किसी भी व्यवस्था के लिए चुनौती ब बने रहेंगे और हमें हर हार में इस प्रकार की किसी भी कुप्रथा को माफिया किसी भी प्रवृत्ति का हो और किसी भी में हो उसको नकारना चाहिए उसके खिलाफ मोर्चा लेना चाहिए मैं आज आपसे पूछना चाहता हूं कि ऐसी क्या वजह आपको पता लगी कि यह व्यक्ति जेल की पंजाब की जेल में इतना आराम से रह रहा था मुख्तार अंसारी और यहां आने के बाद फिर जो सलूक होना था वह हुआ देखिए यह हम सबका बड़ा दुर्भाग्य है किस प्रकार के पेसे व माफिया और अपराधी किसी ना किसी रूप में सत्ता का संरक्षण प्राप्त कर लिया करते थे मुख्तार अंसारी ने पहला अपराध 1978 में किया था और 1978 से लेकर के लगातार अपराध करता रहा आज भी उसम उस पर 54 से लेकर 58 मामले अलग-अलग अलग-अलग थाना क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के अंदर दर्ज हैं पहली बार 44 वर्ष के बाद पहली बार उस माफिया को सजा हुई है एक लोअर कोर्ट से हुई है एक एक मामले में एक दो मामलों में लोअर कोर्ट से और एक मामले में हाई कोर्ट से हुई है आखिर क्या कारण है कि लोग हत्या करें अपहरण करें जबरन कब्जा करें और कोई इनके खिलाफ गवाही नहीं देता क्या कारण है कि सरेआम में लोग दंगा भड़का और एक जनप्रतिनिधि के रूप में वह व्यक्ति अपनी नंगी रिबल लेकर के पिस्टल लेकर के लहराते हुए खुली जीप में जाए और सरकार कर क्या रही थी क्या कर रही है सरकार यह काम किसी व्यक्ति का नहीं होना चाहिए यह तो फोर्स है उसके लिए दंगा अगर हो रहा है फोर्स रोके उसको लेकिन नहीं उसको पूरी छूट दी जाती है आप उस तस्वीर की बात कर रहे मुख्तार अंसारी म में जीप के ऊपर बैठ के च उसी की बात कर रहा हूं इसी प्रकार की स्थिति प्रयागराज में भी थी अति क्या स्थिति बना केर रखी थी सैकड़ों एकड़ शासन की भूमि को विकास प्राधिकरण की भूमि को कब्जा करके कॉलोनी बसाया जा रहा है कोई रोक ने वाला नहीं कोई टोकने वाला नहीं अपराध पर अपराध किए जा रहे थे कोई उस कोई उस यानी कहीं भी कोई उसके खिलाफ बोलने वाला नहीं आखिर किसी को तो स्टैंड लेना पड़ेगा और कब तक चलेगी अराजकता एक व्यक्ति के लिए हम 25 करोड़ आबादी के जीवन को दाव में लगा दे यह नहीं हो सकता हमारे लिए उत्तर प्रदेश की जनता महत्त्वपूर्ण थी और इसलिए हम लोगों ने कहा कि नहीं अगर इन मा से हम शक्ति से निपटें नहीं तो 25 करोड़ प्रदेश की जनता के हितों के लिए फिर हम कुछ भी करने में सफल नहीं होंगे और उत्तर प्रदेश के परसेप्शन को तो बदलना ही पड़ेगा प्रदेश में कानून का राज होगा उत्तर प्रदेश दंगा मुक्त होगा बिना भेदभाव के शासन की योजना जब हर जाति मत और मजहब के लोगों को मिल रहा है किसी के पर्व और त्यौहार में किसी प्रकार का डिस्टरबेंस नहीं है सबको फ्रीडम है हर प्रकार की तो फिर अराजकता लाने की और दंगा करने की छूट भी किसी को नहीं देंगे और हम लोगों ने पहले दिन सब पर बराबर लागू किया और कानून आज भी प्रदेश के अंदर सब पर बराबर लागू होता है इसके लिए आपको कोई खासकर पुलिस महकमे में कोई बदलाव करना पड़ा पुलिस को कोई खास निर्देश देने पड़े देखिए फोर्स वही है लेकिन हां पुलिस में हमने व्यापक रिफॉर्म किए पुलिस आधुनिकीकरण के लिए कदम बढ़ाए उत्तर प्रदेश पुलिस को तकनीकी से सक्षम बनाया हमने पुलिस भर्ती की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न किया एकज पुलिस की भर्ती को किया था और प्रदेश के सभी सा जनपदों से उसमें भर्ती हुई सभी 75 जनपदों से सभी लाख पुलिस की भर्ती हुई हैरे प्रदेश के अंदर उनकी ट्रेनिंग करवाई गई ट्रेनिंग की क्षमता का विस्तार करवाया गया और यही नहीं हम लोगों ने फॉरेंसिक लैब हर रेंज स्तर पर बनाने की कार्यवाई को आगे बढ़ाया साइबर थाने हर रेंज स्तर पर बनाए उत्तर प्रदेश अपना यूपी फॉरेंसिक इंस्टिट्यूट स्थापित कर रहा है इस सत्र में उसमें क्लासेस भी शुरू हो जाएंगे यह कदम बढ़ाने के साथ एसटीआरएफ का गठन पहली बार यूपी के अंदर हुआ 54 पीएससी की कंपनियां समाप्त कर दी गई थी उनका पुनर्गठन हुआ और प्रदेश के अंदर मेट्रो एयरपोर्ट और औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा के लिए स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन भी इस दौरान हम लोगों ने किया है एसटीएफ और एटीएस का भी स्ट्रेंथ किया गया और इनको तकनीकी दश से सक्षम बनाया गया तब जाकर के हम लोग इस कार्यक्रम को आगे बढ़ा पा रहे हैं लेकिन इस इस आरोप पर आपको क्या कहना है कि आपकी सरकार में एनकाउंटर होते हैं और वो उन एनकाउंटर में भी फिर बताया जाता है कि मुसलमान ही मारा जाता है मुसलमान के पाव में गोली लगती है कोई भी लगा सकता है मुझे लगता है हर एक व्यक्ति को अपनी बात बोलने का अधिकार है मुझे एक बात बताइए उत्तर प्रदेश के बहुत सारे पुलिस कर्मी इस दौरान शहीद हुए 25 करोड़ की आबादी है हमारा जवान अगर कहीं शहीद हो जाता है तो क्या वह वैसे ही अपने को दाव लगा रहा है उन दुर्दांत माफिया और अपराधी जो पैरलल सरकार चलाते थे उनसे लड़ना आसान काम नहीं था कौन उनके सामने बोलता था मैंने बताया ना आपको अंसारी ने पहला अपराध कब किया था 1978 में किया था पहली हत्या 1981 में की थी कोई मुझे बताएगा कि 1981 1978 में हुआ अपराध में क्यों नहीं उसमें कारवाई हुई क्यों नहीं उसके बाद लगातार उस पर शिकंजा कसा गया व हत्या पर हत्या करता गया अपराध करता गया कैसे एमएलए हो गया कैसे व लगातार विभिन्न जो भी दल सत्ता में आता था उसके उसका सागर्द बन जाता था कोई बात तो रही होगी ना कहीं ना कहीं को संरक्षण तो रहा होगा यह चीजें दिखाती हैं कि एजेंडा हमारा क्या है इन माफियाओं को बचाना इन संगठित गिरोहों के संचालकों को बचाना है या फिर उत्तर प्रदेश की 20 22 या 25 करोड़ आबादी के हितों को संरक्षण देते हुए यहां के हि किसानों के लिए यहां के नौजवानों के लिए यहां की बहन बेटियों के लिए हमें कुछ करना है अगर गांव गरीब किसान नौजवान महिलाएं यह सभी एजेंडे के हिस्से होते तो मुख्तार और अतीक अहमद जैसे माफिया नहीं पैदा होते कतई नहीं पैदा हो सकते थे क्योंकि यह हमेशा विकास के मार्ग के बैरियर रहेंगे हमेशा किसी भी राज्य के लिए और किसी भी व्यवस्था के लिए चुनौती ब बने रहेंगे और हमें हर हार में इस प्रकार की किसी भी कुप्रथा को माफिया किसी भी प्रवृति का हो और किसी भी रूप में हो उसको नकारना चाहिए उसके खिलाफ मोर्चा लेना चाहिए मैं आज आपसे पूछना चाहता हूं कि ऐसी क्या वजह आपको पता लगी कि यह व्यक्ति जेल की पंजाब की जेल में इतना आराम से रह रहा था मुख्तार अंसारी और यहां आने के बाद फिर जो सलूक होना था वो हुआ देखिए यह हम सबका बड़ा दुर्भाग्य है किस प्रकार के पेशेवर माफिया और अपराधी किसी ना किसी रूप में सत्ता का संरक्षण प्राप्त कर लिया करते थे मुख्तार अंसारी ने पहला अपराध 1978 में किया था और 1978 से लेकर के लगातार अपराध करता रहा आज भी उसमें उस पर 54 से लेक 58 मामले अलग अलग अलग अलग थाना क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के अंदर दर्ज हैं पहली बार 44 वर्ष के बाद पहली बार उस माफिया को सजा हुई है एक लोर कोर्ट से हुई है एक मामले में एक दो मामलो में लो कोर्ट और एक मामले में हाई कोर्ट से हुई है आखिर क्या कारण है ये लोग हत्या करें अपहरण करें जबरन कब्जा करें और कोई इनके खिलाफ गवाही नहीं देता क्या कारण है कि सरेआम य लोग दंगा भड़का है और एक जनप्रतिनिधि के रूप में वह व्यक्ति अपनी नंगी रिवार बल लेकर के पिस्टल लेकर लहराते हुए खुली जीप में जाए और सरकार कर क्या रही थी क्या कर रही है सरकार य काम किसी व्यक्ति का नहीं होना चाहिए यह तो फोर्स है उसके लिए दंगा अगर हो रहा है फोर्स रोके उसको लेकिन नहीं उसको पूरी छूट दी जाती है आप उस तस्वीर की बात कर रहे मुख्तार अंसारी म में जीभ के ऊपर बैठ के च उसी की बात कर रहा हूं इसी प्रकार की स्थिति प्रयागराज में भी थी अ क्या स्थिति बना के रखी थी सैकड़ों एकड़ शासन की भूमि को विकास प्राधिकरण की भूमि को कब्जा करके कॉलोनी बसाया जा रहा है कोई रोकने वाला नहीं कोई टोकने वाला नहीं अपरा अपरा कि जा रहे थे कोई उस कोई उस यानी कहीं भी कोई उसके खिलाफ बोलने वाला नहीं आखिर किसी को तो स्टैंड लेना पड़ेगा और कब तक चलेगी अराजकता एक व्यक्ति के लिए हम 25 करोड़ आबादी के जीवन को दाव में लगा दे यह नहीं हो सकता हमारे लिए उत्तर प्रदेश की जनता महत्त्वपूर्ण थी और इसलिए हम लोगों ने कहा कि नहीं अगर इन माफियाओं से हम शक्ति से निपट नहीं तो 25 करोड़ प्रदेश की जनता के हितों के लिए फिर हम कुछ भी करने में सफल नहीं होंगे और उत्तर प्रदेश के परसेप्शन को तो बदलना ही पड़ेगा देश में कानून का राज होगा उत्तर प्रदेश दंगा मुक्त होगा बिना भेदभाव के शासन की योजना जब हर जाति मत और मजहब के लोगों को मिल रहा है किसी के पर्व और त्यौहार में किसी प्रकार का डिस्टरबेंस नहीं है सबको फ्रीडम है हर प्रकार की तो फिर अराजकता फैलाने की और दंगा करने की छूट भी किसी को नहीं देंगे और हम लोगों ने पहले दिन सब पर बराबर लागू किया और कानून आज भी प्रदेश के अंदर सब पर बराबर लागू होता है इसके लिए आपको कोई खासकर पुलिस महकमे में कोई बदला लाभ करना पड़ा पुलिस को कोई खास निर्देश देने पड़े देखिए फोर्स वही है लेकिन हां पुलिस में हमने व्यापक रिफॉर्म किए पुलिस आधुनिकीकरण के लिए कदम बढ़ाए उत्तर प्रदेश पुलिस को तकनीकी दिश से सक्षम बनाया हमने पुलिस भर्ती की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न किया 1600 पुलिस की भर्ती को किया था और प्रदेश के सभी साठ जनपदों से उसमें भर्ती हुई सभी 75 जनपदों से सभी 10 लाख भती पुलिस की भर्ती हुई है पूरे प्रदेश के अंदर उनकी ट्रेनिंग करवाई गई ट्रेनिंग की क्षमता का विस्तार करवाया गया और यही नहीं हम लोगों ने फॉरेंसिक लैब
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हर रेंज स्तर पर बनाने की कारवाई को आगे बढ़ाया साइबर थाने हर रेंज स्तर पर बनाए उत्तर प्रदेश अपना यूपी फॉरेंसिक इंस्टिट्यूट स्थापित कर रहा है इस सत्र में उसमें क्लासेस भी शुरू हो जाएंगी यह कदम बढ़ाने के साथ एसटीआरएफ का गठन पहली बार यूपी के अंदर हुआ 54 पीएससी की कंपनियां समाप्त कर दी गई थी उनका पुनर्गठन हुआ और प्रदेश के अंदर मेट्रो एयरपोर्ट और औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा के लिए स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन भी इस दौरान हम लोगों ने किया है एसटीएफ और एटीएस का भी स्थन किया गया और इनको तकनीकी दिश से सक्षम बनाया गया तब जाकर के हम लोग इस कार्यक्रम को आगे बढ़ा पा रहे लेकिन इस इस आरोप पर आपको क्या कहना है कि आपकी सरकार में एनकाउंटर होते हैं और वो उन एनकाउंटर में भी फिर बताया जाता है कि मुसलमान ही मारा जाता है मुसलमान के पाव में गोली लगती है आरोप तो कोई भी लगा सकता है मुझे लगता है हर एक व्यक्ति को अपनी बात बोलने का अधिकार है मुझे एक बात बताइए उत्तर प्रदेश के बहुत सारे पुलिस कर्मी इस दौरान शहीद हुए 25 करोड़ की आबादी है हमारा जवान अगर कहीं शहीद हो जाता है तो क्या वह वैसे ही अपने को दांव लगा रहा है उन दुर्दांत माफिया और अपराधी जो पैरलल सरकार चलाते थे उनसे लड़ना आसान काम नहीं था कौन उनके सामने बोलता था मैंने बताया ना आपको तार अंसारी ने पहला अपराध कब किया था 1978 में किया था पहली हत्या 1981 में की थी कोई मुझे बताएगा कि 1981 और 1978 में हुआ अपराध में क्यों नहीं उसमें कारवाई हुई क्यों नहीं उसके बाद लगातार उस पर शिकंजा कसा गया व हत्या पर हत्या करता गया अपराध करता गया कैसे व एमएलए हो गया कैसे व लगातार विभिन्न जो भी दल सत्ता में आता था उसके उसका सागर्द बन जाता था कोई बात तो रही होगी ना कहीं ना कहीं कोई संरक्षण तो रहा होगा ना जाहिर यह चीजें दिखाती हैं कि एजेंडा हमारा क्या है इन माफियाओं को बचाना इन संगठित गिरोहों के संचालकों को बचाना है या फिर उत्तर प्रदेश की 20 22 या 25 करोड़ आबादी के हितों को संरक्षण देते हुए यहां के किसानों के लिए यहां के नौजवानों के लिए यहां की बहन बेटियों के लिए हमें कुछ करना है अगर गांव गरीब किसान नौजवान महिलाएं य सभी एजेंडे के हिस्से होते तो मुख्तार और अतीक अहमद जैसे माफिया नहीं पैदा होते कतई नहीं पैदा हो सकते थे क्योंकि यह हमेशा विकास के मार्ग के बैरियर रहेंगे हमेशा किसी भी राज्य के लिए और किसी भी व्यवस्था के लिए चुनौती ब बने रहेंगे और हमें हर हार में इस प्रकार की किसी भी कुप्रथा को माफिया किसी भी प्रवृत्ति का हो और किसी भी रूप में हो उसको नकारना चाहिए उसके खिलाफ मोर्चा लेना चाहिए मैं आज आपसे पूछना चाहता हूं कि ऐसी क्या वजह आपको पता लगी कि यह व्यक्ति जेल की पंजाब की जेल में इतना आराम से रह रहा था मुख्तार अंसारी और यहां आने के बाद फिर जो सलूक होना था वह हुआ देखिए यह हम सबका बड़ा दुर्भाग्य है किस प्रकार के पैसे व माफिया और अपराधी किसी ना किसी रूप में सत्ता का संरक्षण प्राप्त कर लिया करते थे मुख्तार अंसारी ने पहला अपराध 1978 में किया था और 1978 से लेकर के लगातार अपराध करता रहा आज भी उसम उस पर 54 से लेकर 58 मामले अलग-अलग अलग अलग थाना क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के अंदर दर्ज हैं पहली बार 44 वर्ष के बाद पहली बार उस माफिया को सजा हुई है एक लोअर कोर्ट से हुई है एक एक एक मामले में एक दो मामलों में लोअर कोर्ट से और एक मामले में हाई कोर्ट से हुई है आखिर क्या कारण है कि लोग हत्या करें अपहरण करें जबरन कब्जा करें और कोई इनके खिलाफ गवाही नहीं देता क्या कारण है कि सरेआम य लोग दंगा भड़का है और एक जनप्रतिनिधि के रूप में वह व्यक्ति अपनी नंगी रिवार बल लेकर के पिस्टल लेकर के लहराते हुए खुली जीप में जाए और सरकार कर क्या रही थी क्या कर रही है सरकार यह काम किसी व्यक्ति का नहीं होना चाहिए यह तो फोर्स है उसके लिए दंगा अगर हो रहा है फोर्स रोके उसको लेकिन नहीं उसको पूरी छूट दी जाती है आप उस तस्वीर की बात कर रहे मुख्तार अंसारी म में जीभ के ऊपर बैठ के च उस बात कर रहा इसी प्रकार की स्थिति प्रयागराज में भी थी अ क्या स्थिति बना के रखी थी सैकड़ों एकड़ शासन की भूमि को विकास प्राधिकरण की भूमि को कब्जा करके कॉलोनी बसाया जा रहा है कोई रोकने वाला नहीं कोई टोकने वाला नहीं अपराध पर अपराध किए जा रहे थे कोई उस कोई उस यानी कहीं भी कोई उसके खिलाफ बोलने वाला नहीं आखिर किसी को तो स्टैंड लेना पड़ेगा और कब तक चलेगी अराजकता एक व्यक्ति के लिए हम 25 करोड़ आबादी के जीवन को दाव में लगा दे यह नहीं हो सकता हमारे लिए उत्तर प्रदेश की जनता महत्त्वपूर्ण और इसलिए हम लोगों ने कहा कि नहीं अगर इन माफियाओं से हम शक्ति से निपट नहीं तो 25 करोड़ प्रदेश की जनता के हितों के लिए फिर हम कुछ भी करने में सफल नहीं होंगे और उत्तर प्रदेश के परसेप्शन को तो बदलना ही पड़ेगा प्रदेश में कानून का राज होगा उत्तर प्रदेश दंगा मुक्त होगा बिना भेदभाव के शासन की योजना जब हर जाति मत और मजहब के लोगों को मिल रहा है किसी के पर्व और त्यौहार में किसी प्रकार का डिस्टरबेंस नहीं है सबको फ्रीडम है हर प्रकार की तो फिर अराजकता फैलाने की और दंगा करने की छूट भी किसी को नहीं देंगे और हम लोगों ने पहले दिन सब पर बराबर लागू किया और कानून आज भी प्रदेश के अंदर सब पे बराबर लागू होता है इसके लिए आपको कोई अ खासकर पुलिस महकमे में कोई बदलाव करना पड़ा पुलिस को कोई खास निर्देश देने पड़े देखिए फोर्स वही है लेकिन हां पुलिस में हमने व्यापक रिफॉर्म किए पुलिस आधुनिकीकरण के लिए कदम बढ़ाए उत्तर प्रदेश पुलिस को तकनीकी दिश से सक्षम बनाया हमने पुलिस भर्ती की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न किया 16 हज पुलिस की भर्ती को किया था और प्रदेश के सभी साठ जनपदों से उसमें भर्ती हुई सभी 75 जनपदों से सभी 10 लाख भती पुलिस की भर्ती हुई है पर प्रदेश के अंदर उनकी ट्रेनिंग करवाई गई ट्रेनिंग की क्षमता का विस्तार करवाया गया और यही नहीं हम लोगों ने फॉरेंसिक लैब हर रेंज स्तर पर बनाने की कारवाई को आगे बढ़ाया साइबर थाने हर रेंज स्तर पर बनाए उत्तर प्रदेश अपना यूपी फॉरेंसिक इंस्टिट्यूट स्थापित कर रहा है इस सत्र में उसमें क्लासेस भी शुरू हो जाएंगे यह कदम बढ़ाने के साथ एसटीआरएफ का गठन पहली बार यूपी के अंदर हुआ 54 पीएससी की कंपनियां समाप्त कर दी गई थी उनका पुनर्गठन हुआ और प्रदेश के अंदर मेट्रो एयरपोर्ट और औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा के लिए स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन भी इस दौरान हम लोगों ने किया है एसटीएफ और एटीएस का भी स्ट्रेंथ किया गया और इनको तकनीकी दिश से सक्षम बनाया गया तब जाकर के हम लोग इस कार्यक्रम को आगे बढ़ा पा रहे लेकिन इस इस आरोप पर आपको क्या कहना है कि आपकी सरकार में एनकाउंटर होते हैं और वो उन में भी फिर बताया जाता है कि मुसलमान मारा जाता है मुसलमान के पाव में गोली लगती है आरोप तो कोई भी लगा सकता है मुझे लगता है हर एक व्यक्ति को अपनी बात बोलने का अधिकार है मुझे एक बात बताइए उत्तर प्रदेश के बहुत सारे पुलिस कर्मी इस दौरान शहीद हुए 25 करोड़ की आबादी है हमारा जवान अगर कहीं शहीद हो जाता है तो क्या व वैसे ही अपने को दाव लगा रहा है उन दुर्दांत माफिया और अपराधी जो पलल सरकार चलाते थे उनसे लड़ना आसान काम नहीं था कौन उनके सामने बोलता था मैंने बताया ना आपको ता अंसारी ने पहला अपराध कब किया था 1978 में किया था पहली हत्या 1981 में की थी कोई मुझे बताएगा कि 1981 और 1978 में हुआ अपराध में क्यों नहीं उसमें कारवाई हुई क्यों नहीं उसके बाद लगातार उस पर शिकंजा कसा गया व हत्या पर हत्या करता गया अपराध करता गया कैसे एमएलए हो गया कैसे व लगातार विभिन्न जो भी दल सत्ता में आता था उसके उसका सागर्द बन जाता था कोई बात तो रही होगी ना कहीं ना कहीं कोई संरक्षण तो रहा होगा यह चीजें दिखाती है कि एजेंडा हमारा क्या है इन माफियाओं को बचा इन संगठित ग्रहों के संचालकों को बचाना है या फिर उत्तर प्रदेश की 20 22 या 25 करोड़ आबादी के हितों को संरक्षण देते हुए यहां के किसानों के लिए यहां के नौजवानों के लिए यहां की बहन बेटियों के लिए हमें कुछ करना है अगर गांव गरीब किसान नौजवान महिलाएं यह सभी एजेंडे के हिस्से होते तो मुख्तार और अतीक अहमद जैसे माफिया नहीं पैदा होते कतई नहीं पैदा हो सकते थे क्योंकि यह हमेशा विकास के मार्ग के बैरियर रहेंगे हमेशा किसी भी राज्य के लिए और किसी भी व्यवस्था के लिए चुनौती ब बने रहेंगे और हमें हर हार में इस प्रकार की किसी भी कुप्रथा को माफिया किसी भी प्रवृत्ति का हो और किसी भी रूप में हो उसको नकारना चाहिए उसके खिलाफ मोर्चा लेना चाहिए मैं आज आपसे पूछना चाहता हूं कि ऐसी क्या वजह आपको पता लगी कि यह व्यक्ति जेल की पंजाब की जेल में इतना आराम से रह रहा था मुख्तार अंसारी और यहां आने के बाद फिर जो सलूक होना था वो हुआ देखिए यह हम सबका बड़ा दुर्भाग्य है किस प्रकार के पेशेवर माफिया और अपराधी किसी ना किसी रूप में सत्ता का संरक्षण प्राप्त कर लिया करते थे मुख्तार अंसारी ने पहला अपराध 1978 में किया था और 1978 सेले कर के लगातार अपराध करता रहा आज भी उसमें उस पर 54 से लेकर 58 मामले अलग-अलग अलग अलग थाना क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के अंदर दर्ज हैं पहली बार 44 वर्ष के बाद पहली बार उस माफिया को सजा हुई है एक लोर कोर्ट से हुई है एक एक मामले में एक दो मामलों में लोअर कोर्ट से हु और एक मामले में हाई कोर्ट से हुई है आखिर क्या कारण है कि लोग हत्या करें अपहरण करें जबरन कब्जा करें और कोई इनके खिलाफ गवाही नहीं देता क्या कारण है कि सरेआम में लोग दंगा भड़का है और एक जनप्रतिनिधि के रूप में वह व्यक्ति अपनी नंगी रिवार बल लेकर के पिस्टल लेकर के लहराते हुए खुली जीप में जाए और सरकार कर क्या रही थी क्या कर रही है सरकार यह काम किसी व्यक्ति का नहीं होना चाहिए य तो फोर्स है उसके लिए दंगा अगर हो रहा है फोर्स रोके उसको लेकिन नहीं उसको पूरी छूट दी जाती है आप उस तस्वीर की बात कर रहे मुख्तार अंसारी म में जीप के ऊपर बैठ के च उसी की बात कर रहा हूं इसी प्रकार की स्थिति प्रयागराज में भी थी अति क्या स्थिति बना के रखी थी सैकड़ों एकड़ शासन की भूमि को विकास प्राधिकरण की भूमि को कब्जा करके कॉलोनी बसाया जा रहा है कोई रोकने वाला नहीं कोई टोकने वाला नहीं अपराध पर अपराध किए जा रहे थे कोई उस कोई उस यानी कहीं भी कोई उसके खिलाफ बोलने वाला नहीं आखिर किसी को तो स्टैंड लेना पड़ेगा और कब तक चलेगी अराजकता एक व्यक्ति के लिए हम 25 करोड़ आबादी के जीवन को दाव में लगा दे यह नहीं हो सकता हमारे लिए उत्तर प्रदेश की जनता महत्त्वपूर्ण थी और इसलिए हम लोगों ने कहा कि नहीं अगर इन माफियाओं से हम शक्ति से निपटें नहीं तो 25 करोड़ प्रदेश की जनता के हितों के लिए फिर हम कुछ भी करने में सफल नहीं होंगे और उत्तर प्रदेश के परसेप्शन को तो बदलना ही पड़ेगा प्रदेश में कानून का राज होगा उत्तर प्रदेश दंगा मुक्त होगा बिना भेदभाव के शासन की योजना जब हर जाति मत और मजहब के लोगों को मिल रहा है किसी के पर्व और त्यौहार में किसी प्रकार का डिस्टरबेंस नहीं है सबको फ्रीडम है हर प्रकार की तो फिर अराजकता फैलाने की और दंगा करने की छूट भी किसी को नहीं देंगे और हम लोगों ने पहले दिन सब पर बराबर लागू किया और कानून आज भी प्रदेश के अंदर सब पर बराबर लाग होता इसके लिए आपको कोई खासकर पुलिस महकमे में कोई बदलाव करना पड़ा पुलिस को कोई खास निर्देश देने पड़े देखिए फोर्स वही है लेकिन हां पुलिस में हमने व्यापक रिफॉर्म किए पुलिस आधुनिकीकरण के लिए कदम बढ़ाए उत्तर प्रदेश पुलिस को तकनीकी दिश से सक्षम बनाया हमने पुलिस भर्ती की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न किया 1600 पुलिस की भर्ती को किया था और प्रदेश के सभी साठ जनपदों से उसमें भर्ती हुई सभी 75 जनपदों से सभी लाख भर्ती पुलिस की भर्ती हुई है पूरे प्रदेश के अंदर उनकी ट्रेनिंग करवाई गई ट्रेनिंग की क्षमता का विस्तार करवाया गया और यही नहीं हम लोगों ने फॉरेंसिक लैब हर रेंज स्तर पर बनाने की कारवाई को आगे बढ़ाया साइबर थाने हर रेंज स्तर पर बनाए उत्तर प्रदेश अपना यूपी फॉरेंसिक इंस्टिट्यूट स्थापित कर रहा है इस सत्र में उसमें क्लासेस भी शुरू हो जाएंगे यह कदम बढ़ाने के साथ एसटीआरएफ का गठन पहली बार यूपी के अंदर हुआ 54 पीएससी की कंपनियां समाप्त कर दी गई थी उनका पुनर्गठन हुआ और प्रदेश के अंदर मेट्रो एयरपोर्ट और औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा के लिए स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन भी इस दौरान हम लोगों ने किया है एसटीएफ और एटीएस का भी स्ट्रेंथ किया गया और इनको तकनीकी दिश से सक्षम बनाया गया तब जाकर के हम लोग इस कार्यक्रम को आगे बढ़ा पा रहे हैं लेकिन इस इस आरोप पर आपको क्या कहना है कि आपकी सरकार में एनकाउंटर होते हैं और वो उन एनकाउंटर में भी फिर य बताया जाता है कि मुसलमान ही मारा जाता है मुसलमान के पाव में गोली लगती है आरोप तो कोई भी लगा सकता है मुझे लगता है हर एक व्यक्ति को अपनी बात बोलने का अधिकार है मुझे एक बात बताइए उत्तर प्रदेश के बहुत सारे पुलिस कर्मी इस दौरान शहीद हुए 25 करोड़ की आबादी है हमारा जवान अगर कहीं शहीद हो जाता है तो क्या वह वैसे अपने को दांव लगा रहा है उन दुर्दांत माफिया और अपराधी जो पैरलल सरकार चलाते थे उनसे लड़ना आसान काम नहीं था कौन उनके सामने बोलता था मैंने बताया ना आपको तार अंसारी ने पहला अपराध कब किया था 1978 में किया था पहली हत्या 1981 में की थी कोई मुझे बताएगा कि 1981 और 1978 में हुआ अपराध में क्यों नहीं उसमें कारवाई हुई क्यों नहीं उसके बाद लगातार उस पर शिकंजा कसा गया व हत्या पर हत्या करता गया अपराध करता गया कैसे व एमएलए हो गया कैसे व लगातार विभिन्न जो दल सत्ता में आता था उसके उसका शागिर्द बन जाता था कोई बात तो रही होगी ना कहीं ना कहीं कोई संरक्षण तो रहा होगा जाहिर यह चीजें दिखाती हैं कि एजेंडा हमारा क्या है इन माफियाओं को बचाना इन संगठित गिरोहों के संचालकों को बचाना है या फिर उत्तर प्रदेश की 20 22 या 25 करोड़ आबादी के हितों को संरक्षण देते हुए यहां के त किसानों के लिए यहां के नौजवानों के लिए यहां की बहन बेटियों के लिए हमें कुछ करना है अगर गांव गरीब किसान नौजवान महिलाएं ये सभी एजेंडे के हिस्से होते तो मुख्तार और अतीक अहमद जैसे माफिया नहीं पैदा होते कतई नहीं पैदा हो सकते थे क्योंकि यह हमेशा विकास के मार्ग के बैरियर रहेंगे हमेशा किसी भी राज्य के लिए और किसी भी व्यवस्था के लिए चुनौती ब बने रहेंगे और हमें हर हार में इस प्रकार की किसी भी कुप्रथा को माफिया किसी भी प्रवृति का और किसी भी रूप में हो उसको नकारना चाहिए उसके खिलाफ मोर्चा लेना चाहिए मैं आज आपसे पूछना चाहता हूं कि ऐसी क्या वजह आपको पता लगी कि यह व्यक्ति जेल की पंजाब की जेल में इतना आराम से रह रहा था मुख्तार अंसारी और यहां आने के बाद फिर जो सलूक होना था वह हुआ देखिए यह हम सबका बड़ा दुर्भाग्य है इस प्रकार के पेशेवर माफिया और अपराधी किसी ना किसी रूप में सत्ता का संरक्षण प्राप्त कर लिया करते थे मुख्तार अंसारी ने पहला अपराध 1978 में किया था और 1978 से लेकर के लगातार अपराध करता रहा आज भी उसमें उस पर 54 से लेकर 58 मामले अलग-अलग अलग-अलग थाना क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के अंदर दर्ज हैं पहली बार 44 वर्ष के बाद पहली बार उस माफिया को सजा हुई है एक लोअर कोर्ट से हुई है एक एक एक मामले में एक दो मामलों में लोअर कोर्ट से हुई और एक मामले में हाई कोर्ट से हुई है आखिर क्या कारण है कि लोग हत्या करें अपहरण करें जबरन कब्जा करें और कोई इनके खिलाफ गवाही नहीं देता क्या कारण है कि सरेआम लोग दंगा भड़का है और एक जनप्रतिनिधि के रूप में वह व्यक्ति अपनी नंगी रिवार बल लेकर के पिस्टल लेकर के लहराते हुए खुली जीप में जाए और सरकार कर क्या रही थी क्या कर रही है सरकार एक किसी व्यक्ति का नहीं होना चाहिए ये तो फोर्स है उसके लिए दंगा अगर हो रहा है फोर्स रोके उसको लेकिन नहीं उसको पूरी छूट दी जाती है आप उस तस्वीर की बात कर रहे मुख्तार अंसारी म में जीभ के ऊपर बैठ के चल उसी की बात कर रहा हूं इसी प्रकार की स्थिति प्रयागराज में भी थी अति क्या स्थिति बना के रखी थी सैकड़ों एकड़ शासन की को विकास प्राधिकरण की भूमि को कब्जा करके कॉलोनी बसाया जा रहा है कोई रोकने वाला नहीं कोई टोकने वाला नहीं अपराध पर अपराध किए जा रहे थे कोई उस कोई उस यानी कहीं भी कोई उसके खिलाफ बोलने वाला नहीं आखिर किसी को तो स्टैंड लेना पड़ेगा और कब तक चलेगी अराजकता एक व्यक्ति के लिए हम 25 करोड़ आबादी के जीवन को दाव में लगा दे ये नहीं हो सकता हमारे लिए उत्तर प्रदेश की जनता महत्त्वपूर्ण थी और इसलिए हम लोगों ने कहा कि नहीं अगर इन माफियाओं से हम शक्ति से निपट नहीं तो 25 करोड़ प्रदेश की जनता के हितों के लिए फिर हम कुछ भी करने में सफल नहीं होंगे और उत्तर प्रदेश के परसेप्शन को तो बदलना ही पड़ेगा प्रदेश में कानून का राज होगा उत्तर प्रदेश दंगा मुक्त होगा बिना भेदभाव के शासन की योजना जब हर जाति मत और मजहब के लोगों को मिल रहा है किसी के पर्व और त्यौहार में किसी प्रकार का डिस्टरबेंस नहीं है सबको फ्रीडम है हर प्रकार की तो फिर अराजकता फैलाने की और दंगा करने की छूट भी किसी को नहीं देंगे और हम लोगों ने पहले दिन सब पर बराबर लागू किया और कानून आज भी प्रदेश के अंदर सब पर बराबर लागू होता है इसके लिए आपको कोई खासकर पुलिस महकमे में कोई बदलाव करना पड़ा पुलिस को कोई खास निर्देश देने पड़े देखिए फोर्स वही है लेकिन हां पुलिस में हमने व्यापक रिफॉर्म किए पुलिस आधुनिकीकरण के लिए कदम बढ़ाए उत्तर प्रदेश पुलिस को तकनीकी दिश से सक्षम बनाया हमने पुलिस भर्ती की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न किया 1600 हज पुलिस की भर्ती को किया था और प्रदेश के सभी साठ जनपदों से उसमें भर्ती हुई सभी 75 जनपदों से सभी 10 लाख भती पुलिस की भर्ती हुई है पूरे प्रदेश के अंदर उनकी ट्रेनिंग करवाई गई ट्रेनिंग की क्षमता का विस्तार करवाया गया और यही नहीं हम लोगों ने फॉरेंसिक लैब हर रेंज स्तर पर बनाने की कारवाई को आगे बढ़ाया साइबर थाने हर रेंज स्तर पर बनाए उत्तर प्रदेश अपना यूपी फॉरेंसिक इंस्टिट्यूट स्थापित कर रहा है इस सत्र में उसमें क्लासेस भी शुरू हो जाएंगे यह कदम बढ़ाने के साथ एसटीआरएफ का गठन पहली बार यूपी के अंदर हुआ 54 पीएससी की कंपनियां समाप्त कर दी गई थी उनका पुनर्गठन हुआ और प्रदेश के अंदर मेट्रो एयरपोर्ट और औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा के लिए स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन भी इस दौरान हम लोगों ने किया है एसटीएफ और एटीएस का भी स्ट्रेंथ किया गया और इनको तकनीकी दिश से सक्षम बनाया गया तब जाकर के हम लोग इस कार्यक्रम को आगे बढ़ा पा रहे हैं लेकिन इस इस आरोप पर आपको क्या कहना है कि आपकी सरकार में एनकाउंटर होते हैं और वो उन एनकाउंटर में भी फिर बताया जाता है कि मुसलमान ही मारा जाता है मुसलमान के पांव में गोली लगती आ आरोप तो कोई भी लगा सकता है मुझे लगता है हर एक व्यक्ति को अपनी बात बोलने का अधिकार है मुझे एक बात बताइए उत्तर प्रदेश के बहुत सारे पुलिस कर्मी इस दौरान शहीद हुए 25 करोड़ की आबादी है हमारा जवान अगर कहीं शहीद हो जाता है तो क्या वह वैसे ही अपने को दांव लगा रहा है उन दुर्दांत माफिया और अपराधी जो पलल सरकार चलाते थे उनसे लड़ना आसान काम नहीं था कौन उनके सामने बोलता था मैंने बताया ना आपको मुता अंसारी ने पहला अपराध कब किया था 1978 में किया था पहली हत्या 1981 में की थी कोई मुझे बताएगा कि 1981 और 1978 में हुआ अपराध में क्यों नहीं उसमें कारवाई हुई क्यों नहीं उसके बाद लगातार उस पर शिकंजा कसा गया व हत्या पर हत्या करता गया अपराध करता गया कैसे व एमएलए हो गया कैसे व लगातार विभिन्न जो भी दल सत्ता में आता था उसके उसका सागर्द बन जाता था कोई बात तो रही होगी ना कहीं ना कहीं कुछ संरक्षण तो रहा होगा यह चीजें दिखाती है कि एजेंडा हमारा क्या है इन माफियाओं को बचाना इन संगठित ग्रहों के संचालकों को बचाना है या फिर उत्तर प्रदेश की 20 22 या 25 करोड़ आबादी के हितों को संरक्षण देते हुए यहां के किसानों के लिए यहां के नौजवानों के लिए यहां की बहन बेटियों के लिए हमें कुछ करना है अगर गांव गरीब किसान नौजवान महिलाएं यह सभी एजेंडे के हिस्से होते तो मुखता और अतीक अहमद जैसे माफिया नहीं पैदा होते कतई नहीं पैदा हो सकते थे क्योंकि यह हमेशा विकास के मार्ग के बैरियर रहेंगे हमेशा किसी भी राज्य के लिए और किसी भी व्यवस्था के लिए चुनौती ब बने रहेंगे और हमें हर हार में इस प्रकार की किसी भी कुप्रथा को माफिया किसी भी प्रवृति का हो और किसी भी रूप में हो उसको नकारना चाहिए उसके खिलाफ मोर्चा लेना चाहिए मैं आज आपसे पूछना चाहता हूं कि ऐसी क्या वजह आपको पता लगी कि यह व्यक्ति जेल की पंजाब की जेल में इतना आराम से रह रहा था मुख्तार अंसारी और यहां आने के बाद फिर जो सलूक होना था वह हुआ देखिए यह हम सबका बड़ा दुर्भाग्य है किस प्रकार के पेशेवर माफिया और अपराधी किसी ना किसी रूप में सत्ता का सरक्षण प्राप्त कर लिया करते थे मुख्तार अंसारी ने पहला अपराध 1978 में किया था और 1978 से लेकर के लगातार अपराध करता रहा आज भी उसम उस पर 54 से लेकर 58 मामले अलग-अलग अलग अलग थाना क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के अंदर दर्ज हैं पहली बार 44 वर्ष के बाद पहली बार उस माफिया को सजा हुई है एक लोअर कोर्ट से हुई है एक एक मामले में एक दो मामलों में लोर कोर्ट से और एक मामले में हाई कोर्ट से हुई है आखिर क्या कारण है कि लोग हत्या करें अपहरण करें जबरन कब्जा करें और कोई इनके खिलाफ गवाही नहीं देता क्या कारण है कि सरेआम लोग दंगा भड़का है और एक जनप्रतिनिधि के रूप में वह व्यक्ति अपनी नंगी लिवार बल लेकर के पिस्टल लेकर के लहराते हुए खुली जीप में जाए और सरकार कर क्या रही थी क्या कर रही है सरकार यह काम किसी व्यक्ति का नहीं होना चाहिए यह तो फोर्स है उसके लिए दंगा अगर हो रहा है फोर्स रोके उसको लेकिन नहीं उसको पूरी छूट दी जाती है आप उस तस्वीर की बात कर रहे मुख्तार अंसारी में जीप के ऊपर बैठ के चल उसी की बात कर रहा हूं इसी प्रकार की स्थिति प्रयागराज में भी थी अति क्या स्थिति बना के रखी थी सैकड़ों एकड़ शासन की भूमि को विकास प्राधिकरण की भूमि को कब्जा करके कॉलोनी बसाया जा रहा है कोई रोकने वाला नहीं कोई टोकने वाला नहीं अ अपराध पर अपराध किए जा रहे थे कोई उस कोई उस यानी कहीं भी कोई उसके खिलाफ बोलने वाला नहीं आखिर किसी को तो स्टैंड लेना पड़ेगा और कब तक चलेगी अराजकता एक व्यक्ति के लिए हम 25 करोड़ आबादी के जीवन को दाव में लगा दे यह नहीं हो सकता हमारे लिए उत्तर प्रदेश की जनता महत्त्वपूर्ण थी और इसलिए हम लोगों ने कहा कि नहीं अगर इन माफियाओं से हम शक्ति से निपट नहीं तो 25 करोड़ प्रदेश की जनता के हितों के लिए फिर हम कुछ भी करने में सफल नहीं होंगे और उत्तर प्रदेश के परसेप्शन को तो बदलना ही पड़ेगा प्रदेश में कानून का राज होगा उत्तर प्रदेश दंगा मुक्त होगा बिना भेदभाव के शासन की योजना जब हर जाति मत और मजहब के लोगों को मिल रहा है किसी के पर्व और त्यौहार में किसी प्रकार का डिस्टरबेंस नहीं है सबको फ्रीडम है हर प्रकार की तो फिर अराजकता फैलाने की और दंगा करने की छूट भी किसी को नहीं देंगे और हम लोगों ने पहले दिन सब पर बराबर लागू किया और कानून आज भी प्रदेश के अंदर सब पर बराबर लागू होता है इसके लिए आपको कोई खासकर पुलिस महकमे में कोई बदलाव करना पड़ा पुलिस को कोई खास निर्देश देने पड़े देखिए फोर्स वही है लेकिन हां पुलिस में हमने व्यापक रिफॉर्म किए पुलिस आधुनिकीकरण के लिए कदम बढ़ाए उत्तर प्रदेश पुलिस को तकनीकी दिश से सक्षम बनाया हमने पुलिस भर्ती की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न किया 16 हज पुलिस की भर्ती को किया था और प्रदेश के सभी साठ जनपदों से उसमें भर्ती हुई सभी 75 जनपदों से सभी लाख भती पुलिस की भर्ती हुई है परे प्रदेश के अंदर उनकी ट्रेनिंग करवाई गई ट्रेनिंग की क्षमता का विस्तार करवाया गया और यही नहीं हम लोगों ने फॉरेंसिक लैब हर रेंज स्तर पर बनाने की कारवाई को आगे बढ़ा साइबर थाने हर रेंज स्तर पर बनाए उत्तर प्रदेश अपना यूपी फॉरेंसिक इंस्टिट्यूट स्थापित कर रहा है इस सत्र में उसमें क्लासेस भी शुरू हो जाएंगे यह कदम बढ़ाने के साथ एसटीआरएफ का गठन पहली बार यूपी के अंदर हुआ 54 पीएससी की कंपनियां समाप्त कर दी गई थी उनका पुनर्गठन हुआ और प्रदेश के अंदर मेट्रो एयरपोर्ट और औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा के लिए स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन भी इस दौरान हम लोगों ने किया है एसटीएफ और एटीएस का भी स्ट्रेंथ किया गया और इनको तकनीकी दिश से सक्षम बनाया गया तब जाकर के हम लोग इस कार्यक्रम को आगे बढ़ा पा रहे हैं लेकिन इस इस आरोप पर आपको क्या कहना है कि आपकी सरकार में एनकाउंटर होते हैं और वो उन एनकाउंटर में भी फिर ये बताया जाता है कि मुसलमान ही मारा जाता है मुसलमान के पाव में गोली लगती आरोप तो कोई भी लगा सकता है मुझे लगता है हर एक व्यक्ति को अपनी बात बोलने का अधिकार है मुझे एक बात बताइए उत्तर प्रदेश के बहुत सारे पुलिस कर्मी इस दौरान शहीद हुए 25 करोड़ की आबादी है हमारा जवान अगर कहीं शहीद हो जाता है तो क्या वह वैसे अपने को दांव लगा रहा है उन दुर्दांत माफिया और अपराधी जो पैरलल सरकार चलाते थे उनसे लड़ना आसान काम नहीं था कौन उनके सामने बोलता था मैंने बताया ना को ता अंसारी ने पहला अपराध कब किया था 1978 में किया था पहली हत्या 1981 में की थी कोई मुझे बताएगा कि 1981 और 1978 में हुआ अपराध में क्यों नहीं उसमें कारवाई हुई क्यों नहीं उसके बाद लगातार उस पर शिकंजा कसा गया व हत्या प हत्या करता गया अपराध करता गया कैसे व एमएलए हो गया कैसे व लगातार विभिन्न जो भी दल सत्ता में आता था उसके उसका सागर्द बन जाता था कोई बात तो रही होगी ना कहीं ना कहीं कोई संरक्षण तो रहा होगा यह चीजें दिखाती हैं कि एजेंडा हमारा क्या है इन माफियाओं को बचाना इन संगठित ग्रहो के संचालकों को बचाना है या फिर उत्तर प्रदेश की 20 22 या 25 करोड़ आबादी के हितों को संरक्षण देते हुए यहां के हि किसानों के लिए यहां के नौजवानों के लिए यहां की बहन बेटियों के लिए हमें कुछ करना है अगर गांव गरीब किसान नौजवान महिलाएं ये सभी एजेंडे के हिस्से होते तो मुख्तार और अतीक अहमद जैसे माफिया नहीं पैदा होते कतई नहीं पैदा हो सकते थे क्योंकि यह हमेशा विकास के मार्ग के बैरियर रहेंगे हमेशा किसी भी राज्य के लिए और किसी भी व्यवस्था के लिए चुनौती ब बने रहेंगे और हमें हर हार में इस प्रकार की किसी भी कुप्रथा को माफिया किसी भी प्रवृत्ति का हो और किसी भी रूप में हो उसको नकारना चाहिए उसके खिलाफ मोर्चा लेना चाहिए मैं आज आपसे पूछना चाहता हूं कि ऐसी क्या वजह आपको पता लगी कि यह व्यक्ति जेल की पंजाब की जेल में इतना आराम से रह रहा था मुख्तार अंसारी और यहां आने के बाद फिर जो सलूक होना था व हुआ देखिए यह हम सबका बड़ा दुर्भाग्य है किस प्रकार के पेशेवर माफिया और अपराधी किसी ना किसी रूप में सत्ता का संरक्षण प्राप्त कर लिया करते थे मुख्तार अंसारी ने पहला अपराध 1978 में किया था और 1978 से लेकर के लगातार अपराध करता रहा आज भी उसमें उस पर 54 से लेकर 58 मामले अलग-अलग अलग-अलग थाना क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के अंदर दर्ज हैं पहली बार 44 वर्ष के बाद पहली बार उस माफिया को सजा हुई है एक लोअर कोर्ट से हुई है एक एक मामले में एक दो मामलों में लोर कोर्ट से और एक मामले में हाई कोर्ट से हुई है आखिर क्या कारण है कि लोग हत्या करें अपहरण करें जबरन कब्जा करें और कोई इनके खिलाफ गवाही नहीं देता क्या कारण है कि सरेम लोग दंगा भड़का और एक जनप्रतिनिधि के रूप में वह व्यक्ति अपनी नंगी रिबल लेकर के पिस्टल लेकर के लहरा हुए खुली जीप में जाए और सरकार कर क्या रही थी क्या कर रही है सरकार यह काम किसी व्यक्ति का नहीं होना चाहिए यह तो फोर्स है उसके लिए दंगा अगर हो रहा है फोर्स रोके उसको लेकिन नहीं उसको पूरी छूट दी जाती है आप उस तस्वीर की बात कर रहे मुख्तार अंसारी म में जीप के ऊपर बैठ के चल उसी की बात कर रहा हूं इसी प्रकार की स्थिति प्रयागराज में भी थी अ क्या स्थिति बनाकर रखी थी सैकड़ों एकड़ शासन की भूमि को विकास प्राधिकरण की भूमि को कब्जा करके कॉलोनी बसाया जा रहा है कोई रोकने वाला नहीं कोई टोकने वाला नहीं अपराध पर अपराध किए जा रहे थे कोई उस कोई उस यानी कहीं भी कोई उसके खिलाफ बोलने वाला नहीं आखिर किसी को तो स्टैंड लेना पड़ेगा और कब तक चलेगी अराजकता एक वक्ति के लिए हम 25 करोड़ आबादी के जीवन को दाव में लगा दे यह नहीं हो सकता हमारे लिए उत्तर प्रदेश की जनता महत्वपूर्ण थी और इसलिए हम लोगों ने कहा कि नहीं अगर इन माफियाओं से हम शक्ति से निपट नहीं तो 25 करोड़ प्रदेश की जनता के हितों के लिए फिर हम कुछ भी करने में सफल नहीं होंगे और उत्तर प्रदेश परसे तो गा कान का राज होगा उत् प्रद दा मुक्त होगा बिना भेदभाव के शासन की योजना जब हर जाति मत और मजहब के लोगों को मिल रहा है किसी के पर्व और त्यौहार में किसी प्रकार का डिस्टरबेंस नहीं है सबको फ्रीडम है हर प्रकार की तो फिर अराजकता फैलाने की और दंगा करने की छूट भी किसी को नहीं देंगे और हम लोगों ने पहले दिन सब पर बराबर लागू किया और कानून आज भी प्रदेश के अंदर सब पर बराबर लागू होता है इसके लिए आपको कोई खासकर पुलिस महकमे में कोई बदलाव करना पड़ा पुलिस को कोई खास निर्देश देने पड़े देखिए के फोर्स वही है लेकिन हां पुलिस में हमने व्यापक रिफॉर्म किए पुलिस आधुनिकीकरण के लिए कदम बढ़ाए उत्तर प्रदेश पुलिस को तकनीकी दिश से सक्षम बनाया हमने पुलिस भर्ती की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न किया 16 हज पुलिस की भर्ती को किया था और प्रदेश के सभी साठ जनपदों से उसमें भर्ती हुई सभी 75 जनपदों से स लाख भर्ती पुलिस की भर्ती हुई है पूरे प्रदेश के अंदर उनकी ट्रेनिंग करवाई गई ट्रेनिंग की क्षमता का विस्तार करवाया गया और यही नहीं हम लोगों ने फॉरेंसिक लैब हर रेंज स्तर पर बनाने की कारवाई को आगे बढ़ाया साइबर थाने हर रेंज स्तर पर बनाए उत्तर प्रदेश अपना यूपी फॉरेंसिक इंस्टिट्यूट स्थापित कर रहा है इस सत्र में उसमें क्लासेस भी शुरू हो जाएंगी यह कदम बढ़ाने के साथ एसटीआरएफ का गठन पहली बार यूपी के अंदर हुआ 54 पीएससी की कंपनियां समाप्त कर दी गई थी उनका पुनर्गठन हुआ और प्रदेश के अंदर मेट्रो एयरपोर्ट और औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा के लिए स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन भी इस दौरान हम लोगों ने किया है एसटीएफ और एटीएस का भी स्ट्रेंथ किया गया और इनको तकनीकी दिश से सक्षम बनाया गया तब जाकर के हम लोग इस कार्यक्रम को आगे बढ़ा पा रहे हैं लेकिन इस इस आरोप पर आपको क्या कहना है कि आपकी सरकार में एनकाउंटर होते हैं और वो उन एनकाउंटर में भी फिर य बताया जाता है कि मुसलमान ही मारा जाता है मुसलमान के पाव में गोली लगती है आरोप तो कोई भी लगा सकता है मुझे लगता है हर एक व्यक्ति को अपनी बात बोलने का अधिकार है मुझे एक बात बताइए उत्तर प्रदेश के बहुत सारे पुलिस कर्मी इस दौरान शहीद हुई 25 करोड़ की आबादी है हमारा जवान अगर कहीं शहीद हो जाता है तो क्या वह वैसे अपने को दांव लगा रहा है उन दुर्दांत माफिया और अपराधी जो पैरलल सरकार चलाते थे उनसे लड़ना आसान काम नहीं था कौन उनके सामने बोलता था मैंने बताया ना आपको तार अंसारी ने पहला अपराध कब किया था 1978 में किया था पहली हत्या 1981 में की थी कोई मुझे बताएगा कि 1981 78 में हुआ अपराध में क्यों नहीं उसमें कारवाई हुई क्यों नहीं उसके बाद लगातार उस पर शिकंजा कसा गया व हत्या पर हत्या करता गया अपराध करता गया कैसे व एमएलए हो गया कैसे व लगातार विभिन्न जो भी दल सत्ता में आता था उसके उसका सागर्द बन जाता था कोई बात तो रही होगी ना कहीं ना कहीं कोई संरक्षण तो रहा यह चीजें दिखाती हैं कि एजेंडा हमारा क्या है इन माफियाओं को बचाना इन संगठित गिरोहों के संचालकों को बचाना है या फिर उत्तर प्रदेश की 20 22 या 25 करोड़ आबादी के हितों को संरक्षण देते हुए यहां के किसानों के लिए यहां के नौजवानों के लिए यहां की बहन बेटियों के लिए हमें कुछ करना है अगर गांव गरीब किसान नौजवान महिलाएं ये सभी एजेंडे के हिस्से होते तो मुख्तार और अतीक अहमद जैसे माफिया नहीं पैदा होते कतई नहीं पैदा हो सकते थे क्योंकि यह हमेशा विकास के मार्ग में के बैरियर रहेंगे हमेशा किसी भी राज्य के लिए और किसी भी व्यवस्था के लिए चुनौती ब बने रहेंगे और हमें हर हार में इस प्रकार की किसी भी कुप्रथा को माफिया किसी भी प्रवृत्ति का हो और किसी भी रूप में हो उसको नकारना चाहिए उसके खिलाफ मोर्चा लेना चाहिए मैं आज आपसे पूछना चाहता हूं कि ऐसी क्या वजह आपको पता लगी कि यह व्यक्ति जेल की पंजाब की जेल में इतना आराम से रह रहा था मुख्तार अंसारी और यहां आने के बाद फिर जो सलूक होना था वो हुआ देखिए यह हम सबका बड़ा दुर्भाग्य है किस प्रकार के पेशेवर माफिया और अपराधी किसी ना किसी रूप में सत्ता का संरक्षण प्राप्त कर लिया करते थे मुख्तार अंसारी ने पहला अपराध 1978 में किया था और 1978 से लेकर के लगातार अपराध करता रहा आज भी उसमें उस पर 54 से लेकर 58 मामले अलग अलग अलग अलग थाना क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के अंदर दर्ज हैं पहली बार 44 वर्ष के बाद पहली बार उस माफिया को सजा हुई है एक लोअर कोर्ट से हुई है एक एक मामले में एक दो मामलों में लोअर कोर्ट से हु और एक मामले में हाई कोर्ट से हुई है आखिर क्या कारण है कि लोग हत्या करें अपहरण करें जबरन कब्जा करें और कोई इनके खिलाफ गवाही नहीं दे क्या कारण है कि सरेआम में लोग दंगा भड़का है और एक जनप्रतिनिधि के रूप में वह व्यक्ति अपनी नंगी रिवार बल लेकर के पिस्टल लेकर के लहराते हुए खुली जीप में जाए और सरकार कर क्या रही थी क्या कर रही है सरकार यह काम किसी व्यक्ति का नहीं होना चाहिए ये तो फोर्स है उसके लिए दंगा अगर हो रहा है फोर्स रोके उसको लेकिन नहीं उसको पूरी छूट दी जाती है आप उस तस्वीर की बात कर रहे हैं मुख्तार अंसारी मौ में जीभ के ऊपर बैठ के च उसी की बात कर रहा हूं इसी प्रकार की स्थिति प्रयागराज में भी थी अति क्या स्थिति बना के रखी थी सैकड़ों एकड़ शासन की भूमि को विकास प्राधिकरण की भूमि को कब्जा करके कॉलोनी बसाया जा रहा है कोई रोकने वाला नहीं कोई टोकने वाला नहीं अपराध पर अपराध किए जा रहे थे कोई उस कोई उस यानी कहीं भी कोई उसके खिलाफ बोलने वाला नहीं आखिर किसी को तो स्टैंड लेना पड़ेगा और कब तक चलेगी अराजकता एक व्यक्ति के लिए हम 25 करोड़ आबादी के जीवन को दाव में लगा दे यह नहीं हो सकता हमारे लिए उत्तर प्रदेश की जनता महत्त्वपूर्ण थी और इसलिए हम लोगों ने कहा कि नहीं अगर इन माफियाओं से हम शक्ति से निपट नहीं तो 25 करोड़ प्रदेश की जनता के हितों के लिए फिर हम कुछ भी करने में सफल नहीं होंगे और उत्तर प्रदेश के परसेप्शन को तो बदलना ही पड़ेगा प्रदेश में कानून का राज होगा उत्तर प्रदेश दंगा मुक्त होगा बिना भेदभाव के शासन की योजना जब हर जाति मत और मजहब के लोगों को मिल रहा है किसी के पर्व और त्यौहार में किसी प्रकार का डिस्टरबेंस नहीं है सबको फ्रीडम है हर प्रकार की तो फिर अराजकता फैलाने की और दंगा करने की छूट भी किसी को नहीं देंगे और हम लोगों ने पहले दिन सब पर बराबर लागू किया कानून आज भी प्रदेश के अंदर सब बराबर लागू होता है इसके लिए आपको कोई खासकर पुलिस महकमे में कोई बदलाव करना पड़ा पुलिस को कोई खास निर्देश देने पड़े देखिए फोर्स वही है लेकिन हां पुलिस में हमने व्यापक रिफॉर्म किए आधुनिकीकरण के लिए क़द तकनीकी दिश से सक्षम बनाया हमने पुलिस भर्ती की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न किया 1 हज पुलिस की भर्ती को किया था और प्रदेश के सभी साठ जनपदों से उसमें भर्ती हुई सभी 75 जनपदों से सभी 10 लाख भती पुलिस की भर्ती हुई है परे प्रदेश के अंदर उनकी ट्रेनिंग करवाई गई ट्रेनिंग की क्षमता का विस्तार करवाया गया और यही नहीं हम लोगों ने फॉरेंसिक लैब हर रेंज स्तर पर बनाने की कारवाई को आगे बढ़ाया साइबर थाने हर रेंज स्तर पर बनाए उत्तर प्रदेश अपना यूपी फॉरेंसिक इंस्टिट्यूट स्थापित कर रहा है इस सत्र में उसमें क्लासेस भी शुरू हो जाएंगी यह कदम बढ़ाने के साथ एसटीआरएफ का गठन पहली बार यूपी के अंदर हुआ 54 पीएससी की कंपनियां समाप्त कर दी गई थी उनका पुनर्गठन हुआ और प्रदेश के अंदर मेट्रो एयरपोर्ट और औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा के लिए स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन भी इस दौरान हम लोगों ने किया है एसटीएफ और एटीएस का भी स्ट्रेंथ किया गया और इनको तकनीकी दिश से सक्षम बनाया गया तब जाकर के हम लोग इस कार्यक्रम को आगे बढ़ा पा रहे हैं लेकिन इस इस आरोप पर आपको क्या कहना है कि आपकी सरकार में एनकाउंटर होते हैं और वो उन एनकाउंटर में भी फिर बताया जाता है कि मुसलमान ही मारा जाता है मुसलमान के पाव में गोली आरोप आरोप तो कोई भी लगा सकता है मुझे लगता है हर एक व्यक्ति को अपनी बात बोलने का अधिकार है मुझे एक बात बताइए उत्तर प्रदेश के बहुत सारे पुलिस कर्मी इस दौरान शहीद हुए 25 करोड़ की आबादी है हमारा जवान अगर कहीं शहीद हो जाता है तो क्या वह वैसे ही अपने को दांव लगा रहा है उन दुर्दांत माफिया और अपराधी जो पैरलल सरकार चलाते थे उनसे लड़ना आसान काम नहीं था कौन उनके सामने बोलता था मैंने बताया ना आपको ता अंसारी ने पहला अपराध कब किया था 1978 में किया था पहली हत्या 1981 में की थी कोई मुझे बताएगा कि 1981 और 1978 में हुआ अपराध में क्यों नहीं उसमें कारवाई हुई क्यों नहीं उसके बाद लगातार उस पर शिकंजा कसा गया व हत्या पे हत्या करता गया अपराध करता गया कैसे व एमएलए हो गया कैसे व लगातार विभिन्न जो भी दल सत्ता में आता था उसके उसका सागर्द बन जाता था कोई बात तो रही होगी ना कहीं ना कहीं कुछ संरक्षण तो रहा होगा यह चीजें दिखाती हैं कि एजेंडा हमारा क्या है इन माफियाओं को बचाना इन संगठित गिरोहों के संचालकों को ना है या फिर उत्तर प्रदेश की 20 22 या 25 करोड़ आबादी के हितों को संरक्षण देते हुए यहां के किसानों के लिए यहां के नौजवानों के लिए यहां की बहन बेटियों के लिए हमें कुछ करना है अगर गांव गरीब किसान नौजवान महिलाएं यह सभी एजेंडे के हिस्से होते तो मुख्तार और अतीक अहमद जैसे माफिया नहीं पैदा होते कतई नहीं पैदा हो सकते थे क्योंकि यह हमेशा विकास के मार्ग के बैरियर रहेंगे हमेशा किसी भी राज्य के लिए और किसी भी व्यवस्था के लिए चुनौती ब बने रहेंगे और हमें हर हार में इस प्रकार की किसी भी कुप्रथा को माफिया किसी भी प्रवृति का हो और किसी भी रूप में हो उसको नकारना चाहिए उसके खिलाफ मोर्चा लेना चाहिए मैं आज आपसे पूछना चाहता हूं कि ऐसी क्या वजह आपको पता लगी कि यह व्यक्ति जेल की पंजाब की जेल में इतना आराम से रह रहा था मुख्तार अंसारी और यहां आने के बाद फिर जो सलूक होना था वह हुआ देखिए यह हम सबका बड़ा दुर्भाग्य है किस प्रकार के पेशेवर माफिया और अपराधी किसी ना किसी रूप में सत्ता का संरक्षण प्राप्त कर लिया करते थे मुख्तार अंसारी ने पहला अपराध 1978 में किया था और 1978 से लेकर के लगातार अपराध करता रहा आज भी उसमें उस पर 54 से लेकर 58 मामले अलग-अलग अलग-अलग थाना क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के अंदर दर्ज हैं पहली बार 44 वर्ष के बाद पहली बार उस माफिया को सजा हुई है एक लोअर कोर्ट से हुई है एक एक एक मामले में एक दो मामलों में लोअर कोर्ट से हु और एक मामले में हाई कोर्ट से हुई है आखिर क्या कारण है कि लोग हत्या करें अपहरण करें जबरन कब्जा करें और कोई इनके खिलाफ गवाही नहीं देता क्या कारण है कि सरेआम य लोग दंगा भड़का है और एक जनप्रतिनिधि के रूप में वह व्यक्ति अपनी नंगी रिवार बल लेकर पिस्टल लेकर के लहराते हुए खुली जीप में जाए और सरकार कर क्या रही थी क्या कर रही है सरकार यह काम किसी व्यक्ति का नहीं होना चाहिए यह तो फोर्स है उसके लिए दंगा अगर हो रहा है फोर्स रोके उसको लेकिन नहीं उसको पूरी छूट दी जाती है आप उस तस्वीर की बात कर रहे मुख्तार अंसारी म में जीभ के ऊपर बैठ के बात कर रहा इसी प्रकार की स्थिति प्रयागराज में भी थी अति क्या स्थिति बनाकर रखी थी सैकड़ों एकड़ शासन की भूमि को विकास प्राधिकरण की भूमि को कब्जा करके कॉलोनी बसाया जा रहा है कोई रोकने वाला नहीं कोई टोकने वाला नहीं अपराध पर अपराध किए जा रहे थे कोई उस कोई उस यानी कहीं भी कोई उसके खिलाफ बोलने वाला नहीं आखिर किसी को तो स्टैंड पड़ेगा और कब तक चलेगी अराजकता एक व्यक्ति के लिए हम 25 करोड़ आबादी के जीवन को दाव में लगा दे यह नहीं हो सकता हमारे लिए उत्तर प्रदेश की जनता महत्त्वपूर्ण थी और इसलिए हम लोगों ने कहा कि नहीं अगर इन माफियाओं से हम शक्ति से निपट नहीं तो 25 करोड़ प्रदेश की जनता के हितों के लिए फिर हम कुछ भी करने में सफल नहीं होंगे और उत्तर प्रदेश के परसेप्शन को तो बदलना ही पड़ेगा प्रदेश में कानून का राज होगा उत्तर प्रदेश दंगा मुक्त होगा बिना भेदभाव के शासन की योजना जब हर जाति मत और मजहब के लोगों को मिल रहा है किसी के पर्व और त्यौहार में किसी प्रकार का डिस्टरबेंस नहीं है सबको फ्रीडम है हर प्रकार की तो फिर अराजकता फैलाने की और दंगा करने की छूट भी किसी को नहीं देंगे और हम लोगों ने पहले दिन सब पर बराबर लागू किया कानून आज भी प्रदेश के अंदर सब पर बराबर लागू होता है इसके लिए आपको कोई खासकर महकमे में कोई बदलाव करना पड़ा पुलिस को कोई खास निर्देश देने पड़े देखिए फोर्स वही है लेकिन हां पुलिस में हमने व्यापक रिफॉर्म किए पुलिस आधुनिकीकरण के लिए कदम बढ़ाए उत्तर प्रदेश पुलिस को तकनीकी दिश से सक्षम बनाया हमने पुलिस भर्ती की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न किया 16 हज पुलिस की भर्ती को किया था और प्रदेश के सभी साठ जनपदों से उसमें भर्ती हुई सभी 75 जनपदों से सभी 10 लाख भती पुलिस की भर्ती हुई है परे प्रदेश के अंदर उनकी ट्रेनिंग करवाई गई ट्रेनिंग की क्षमता का विस्तार करवाया गया और यही नहीं हम लोगों ने फॉरेंसिक लैब हर रेंज स्तर पर बनाने की कारवाई को आगे बढ़ाया साइबर थाने हर रेंज स्तर पर बनाए उत्तर प्रदेश अपना यूपी फॉरेंसिक इंस्टिट्यूट स्थापित कर रहा है इस सत्र में उसमें क्लासेस भी शुरू हो जाएंगे यह कदम बढ़ाने के साथ एसटीआरएफ का गठन पहली बार यूपी के अंदर हुआ 54 पीएससी की कंपनियां समाप्त कर दी गई थी उनका पुनर्गठन हुआ और प्रदेश के अंदर मेट्रो एयरपोर्ट और औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा के लिए स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन भी इस दौरान हम लोगों ने किया है एसटीएफ और एटीएस का भी स्ट्रेंथ किया गया और इनको तकनीकी दिश से सक्षम बनाया गया तब जाकर के हम लोग इस कार्यक्रम को आगे बढ़ा पा रहे लेकिन इस इस आरोप पर आपको क्या कहना है कि आपकी सरकार में एनकाउंटर होते हैं और वो उन एनकाउंटर में भी फिर बताया जाता है कि मुसलमान ही मारा जाता मुसलमान के पाव में गोली लगती है आरोप तो कोई भी लगा सकता है मुझे लगता है हर एक व्यक्ति को अपनी बात बोलने का अधिकार है मुझे एक बात बताइए उत्तर प्रदेश के बहुत सारे पुलिस कर्मी इस दौरान शहीद हुए 25 करोड़ की आबादी है हमारा जवान अगर कहीं शहीद हो जाता है तो क्या वह वैसे अपने को दांव लगा रहा है उन दुर्दांत माफिया और अपराधी जो पैरलल सरकार चलाते थे उनसे लड़ना आसान काम नहीं था कौन उनके सामने बोलता था मैंने बताया ना आपको तार अंसारी ने पहला अपराध कब किया था 1978 में किया था पहली हत्या 19 में की थी कोई मुझे बताएगा कि 1981 1978 में हुआ अपराध में क्यों नहीं उसमें कारवाई हुई क्यों नहीं उसके बाद लगातार उस पर शिकंजा कसा गया व हत्या पर हत्या करता गया अपराध करता गया कैसे व एमएलए हो गया कैसे व लगातार विभिन्न जो भी दल सत्ता में आता था उसके उसका शागिर्द बन जाता था कोई बात तो रही होगी ना कहीं ना कहीं कोई संरक्षण तो रहा होगा हिर यह चीजें दिखाती हैं कि एजेंडा हमारा क्या है इन माफियाओं को बचाना इन संगठित ग्रहों के संचालकों को बचाना है या फिर उत्तर प्रदेश की 20 22 या 25 करोड़ आबादी के हितों को संरक्षण देते हुए यहां के किसानों के लिए यहां के नौजवानों के लिए यहां की बहन बेटियों के लिए हमें कुछ करना है अगर गांव गरीब किसान नौजवान महिलाएं य सभी एजेंडे के हिस्से होते तो मुख्तार और अतीक अहमद जैसे माफिया नहीं पैदा होते कतई नहीं पैदा हो सकते थे क्योंकि यह हमेशा विकास के मार्ग के बैरियर रहेंगे हमेशा किसी भी राज्य के लिए और किसी भी व्यवस्था के लिए चुनौती ब बने रहेंगे और हमें हर हार में ने इस प्रकार की किसी भी कुप्रथा को माफिया किसी भी प्रवृत्ति का हो और किसी भी रूप में हो उसको नकारना चाहिए उसके खिलाफ मोर्चा लेना चाहिए मैं आज आपसे पूछना चाहता हूं कि ऐसी क्या वजह आपको पता लगी कि यह व्यक्ति जेल की पंजाब की जेल में इतना आराम से रह रहा था मुख्तार अंसारी और यहां आने के बाद फिर जो सलूक होना था वह हुआ देखिए यह हम सबका बड़ा दुर्भाग्य है किस प्रकार के पेशेवर माफिया और अपराधी किसी ना किसी रूप में सत्ता का संरक्षण प्राप्त कर लिया करते थे मुख्तार अंसारी ने पहला अपराध 1978 में किया था और 1978 से लेकर के लगातार अपराध करता रहा आज भी उसमें उस पर 54 से लेकर 58 मामले अलग-अलग अलग अलग थाना क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के अंदर दर्ज है पहली बार 44 वर्ष के बाद पहली बार उस माफिया को सजा हुई है एक लोअर कोर्ट से हुई है एक एक मामले में एक दो मामलों में लोअर कोर्ट से और एक मामले में हाई कोर्ट से हुई है आखिर क्या कारण है ये लोग हत्या करें अपहरण करें जबरन कब्जा करें और कोई इनके खिलाफ गवाही नहीं देता क्या कारण है कि सरेआम य लोग दंगा भड़का है और एक जनप्रतिनिधि के रूप में वह व्यक्ति अपनी नंगी रिवार बल लेकर के पिस्टल लेकर के लहराते हुए खुली जीप में जाए और सरकार कर क्या रही थी क्या कर रही है सरकार ये काम किसी व्यक्ति का नहीं होना चाहिए ये तो फोर्स है उसके लिए दंगा अगर हो रहा है फोर्स रोके उसको लेकिन नहीं उसको पूरी छूट दी जाती है आप उस तस्वीर की बात कर रहे मुख्तार अंसारी मौ में जीभ के ऊपर बैठ के चल उसी की बात कर रहा हूं इसी प्रकार की स्थिति प्रयागराज में भी थी अ क्या स्थिति बना के रखी थी सैकड़ों एकड़ शासन की भूमि को विकास प्राधिकरण की भूमि को कब्जा करके कॉलोनी बसाया जा रहा है कोई रोकने वाला नहीं कोई टोकने वाला नहीं अपराध पर अपराध किए जा रहे थे कोई उस कोई उस यानी कहीं भी कोई उसके खिलाफ बोलने वाला नहीं आखिर किसी को तो स्टैंड लेना पड़ेगा और कब तक चलेगी अराजकता एक व्यक्ति के लिए हम 25 करोड़ आबादी के जीवन को दाव में लगा दे ये नहीं हो सकता हमारे लिए उत्तर प्रदेश की जनता महत्त्वपूर्ण थी और इसलिए हम लोगों ने कहा कि नहीं अगर इन माफियाओं से हम शक्ति से निपटें नहीं तो 25 करोड़ प्रदेश की जनता के हितों के लिए फिर हम कुछ भी करने में सफल नहीं होंगे और उत्तर प्रदेश के परसेप्शन को तो बदलना ही पड़ेगा प्रदेश में कानून का राज होगा उत्तर प्रदेश दंगा मुक्त होगा बिना भेदभाव के शासन की योजना जब हर जाति मत और मजहब के लोगों को मिलना है किसी के पर्व और त्यौहार में किसी प्रकार का डिस्टर्ब नहीं सबको फ्रीडम है हर प्रकार की तो फिर अराजकता फैलाने की और दंगा करने की छूट भी किसी को नहीं देंगे और हम लोगों ने पहले दिन सब पर बराबर लागू किया कानून आज भी प्रदेश के अंदर सब पर बराबर लागू होता है इसके लिए आपको कोई खासकर पुलिस महकमे में कोई बदलाव करना पड़ा पुलिस को कोई खास निर्देश देने पड़े देखि फोर्स वही है लेकिन हां पुलिस में हमने व्यापक रिफॉर्म की पुलिस आधुनिकीकरण के लिए कदम बढ़ाए उत्तर प्रदेश पुलिस को तकनीकी दिश से सक्षम बनाया हमने पुलिस भर्ती की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न कियाज पुलिस की भर्ती को किया था और प्रदेश के सभी सा जनपदों से उसमें भर्ती हुई सभी 75 जनपदों से सभी लाख भती पुलिस की भर्ती हुई हैरे प्रदेश के अंदर उनकी ट्रेनिंग करवाई गई ट्रेनिंग की क्षमता का विस्तार करवाया गया और यही नहीं हम लोगों ने फॉरेंसिक लैब हर रेंज स्तर पर बनाने की कार्रवाई को आगे बढ़ाया साइबर थाने हर रेंज स्तर पर बनाए उत्तर प्रदेश अपना यूपी फॉरेंसिक इंस्टिट्यूट स्थापित कर रहा है इस सत्र में उसमें क्लासेस भी शुरू हो जाएंगे यह कदम बढ़ाने के साथ एसटी आरएफ का गठन पहली बार यूपी के अंदर हुआ 54 पीएससी की कंपनियां समाप्त कर दी गई थी उनका पुनर्गठन हुआ और प्रदेश के अंदर मेट्रो एयरपोर्ट और औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा के लिए स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन भी इस दौरान हम लोगों ने किया है एसटीएफ और एटीएस का भी स्ट्रेंथ किया गया और इनको तकनीकी दिश से सक्षम बनाया गया तब जाकर के हम लोग इस कार्यक्रम को आगे बढ़ा पाए लेकिन इस इस आरोप पर आपको क्या कहना है कि आपकी सरकार में एनकाउंटर होते हैं और वो उन एनकाउंटर में भी फिर बताया जाता है कि मुसलमान ही मारा जाता है मुसलमान के पाव में गोली लगती है आरोप तो कोई भी लगा सकता है मुझे लगता है हर एक व्यक्ति को अपनी बात बोलने का अधिकार है मुझे एक बात बताइए उत्तर प्रदेश के बहुत सारे पुलिस कर्मी इस दौरान शहीद हुए 25 करोड़ की आबादी है हमारा जवान अगर कहीं शहीद हो जाता है तो क्या वह वैसे ही अपने को दांव लगा रहा है उन दुर्दांत माफिया अपराधी जो पैरलल सरकार चलाते थे उनसे लड़ना आसान काम नहीं था कौन उनके सामने बोलता था मैंने बताया ना आपको मुता अंसारी ने पहला अपराध कब किया था 1978 में किया था पहली हत्या 1981 में की थी कोई मुझे बताएगा कि 1981 और 1978 में हुआ अपराध में क्यों नहीं उसमें कारवाई हुई क्यों नहीं उसके बाद लगातार उस पर शिकंजा कसा गया व हत्या पर हत्या करता गया अपराध करता गया कैसे एमएलए हो गया कैसे व लगातार विभिन्न जो भी दल सत्ता में आता था उसके उसका सागर्द बन जाता था कोई बात तो रही होगी ना कहीं ना कहीं कोई संरक्षण तो रहा होगा र यह चीजें दिखाती हैं कि एजेंडा हमारा क्या है माफियाओं को बचाना इन संगठित ग्रहों के संचालकों को बचाना है या फिर उत्तर प्रदेश की 20 22 या 25 करोड़ आबादी के हितों को संरक्षण देते हुए यहां के किसानों के लिए यहां के नौजवानों के लिए यहां की बहन बेटियों के लिए हमें कुछ करना है अगर गांव गरीब किसान नौजवान महिलाएं यह सभी एजेंडे के हिस्से होते तो मुख्तार और अतीक अहमद जैसे माफिया नहीं पैदा होते कतई नहीं पैदा हो सकते थे क्योंकि यह हमेशा विकास के मार्ग में के बैरियर रहेंगे हमेशा किसी भी राज्य के लिए और किसी भी व्यवस्था के लिए चुनौती ब बने रहेंगे और हमें हर हार में इस प्रकार की किसी भी कुप्रथा को माफिया किसी भी प्रवृति का हो और किसी भी रूप में हो उसको नकारना चाहिए उसके खिलाफ मोर्चा लेना चाहिए मैं आज आपसे पूछना चाहता हूं कि ऐसी क्या वजह आपको पता लगी कि यह व्यक्ति जेल की पंजाब की जेल में इतना आराम से रह रहा था मुख्तार अंसारी और यहां आने के बाद फिर जो सलूक होना था वह हुआ देखिए यह हम सबका बड़ा दुर्भाग्य है किस प्रकार के पेशेवर माफिया और अपराधी किसी ना किसी रूप में सत्ता का संरक्षण प्राप्त कर लिया करते थे मुख्तार अंसारी ने पहला अपराध 1978 में किया था और 1978 से लेकर के लगातार अपराध करता रहा आज भी उसम उस पर 54 से लेकर 58 मामले अलग-अलग अलग अलग थाना क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के अंदर दर्ज हैं पहली बार 44 वर्ष के बाद पहली बार उस माफिया को सजा हुई है एक लोअर कोर्ट से हुई है एक एक मामले में एक दो मामलों में लोअर कोर्ट से और एक मामले में हाई कोर्ट से हुई है आखिर क्या कारण है कि लोग हत्या करें अपहरण करें जबरन कब्जा करें और कोई इनके खिलाफ गवाही नहीं देता क्या कारण है कि सरेआम लोग दंगा भड़का है और एक जनप्रतिनिधि के रूप में वह व्यक्ति अपनी नंगी रिबल लेकर के पिस्टल लेकर के लहराते हुए खुली जीप में जाए और सरकार कर क्या रही थी क्या कर रही है सरकार यह काम किसी व्यक्ति का नहीं होना चाहिए यह तो फोर्स है उसके लिए दंगा अगर हो रहा है फोर्स रोके उसको लेकिन नहीं उसको पूरी छूट दी जाती है आप उस तस्वीर की बात कर रहे मुख्तार अंसारी म में जीप के ऊपर बैठ के च उसी की बात कर रहा हूं इसी प्रकार की स्थिति प्रयागराज में भी थी अति क्या स्थिति बनाकर रखी थी सैकड़ों एकड़ शासन की भूमि को विकास प्राधिकरण की भूमि को कब्जा करके कॉलोनी बसाया जा रहा है कोई रोकने वाला नहीं कोई टोकने वाला नहीं अपराध पर अपराध किए जा रहे थे कोई उस कोई उस यानी भी कोई उसके खिलाफ बोलने वाला नहीं आखिर किसी को तो स्टैंड लेना पड़ेगा और कब तक चलेगी अराजकता एक व्यक्ति के लिए हम 25 करोड़ आबादी के जीवन को दाव में लगा दे यह नहीं हो सकता हमारे लिए उत्तर प्रदेश की जनता महत्त्वपूर्ण थी और इसलिए हम लोगों ने कहा कि नहीं अगर इन माफियाओं से हम शक्ति से निपट नहीं तो 25 करोड़ प्रदेश की जनता के हितों के लिए फिर हम कुछ भी करने में सफल नहीं होंगे और उत्तर प्रदेश के परसेप्शन को तो बदलना ही पड़ेगा प्रदेश में कानून का राज होगा उत्तर प्रदेश दंगा मुक्त होगा बिना भेदभाव के शासन की योजना जब हर जाति मत और मजहब के लोगों को मिल रहा है किसी के पर्व और त्यौहार में किसी प्रकार का डिस्टरबेंस नहीं है सबको फ्रीडम है हर प्रकार की तो फिर अराजकता फैलाने की और दंगा करने की छूट भी किसी को नहीं देंगे और हम लोगों ने पहले दिन सब पर बराबर लागू किया और कानून आज भी प्रदेश अंदर सब बराबर लागू होता है इसके लिए आपको कोई खासकर पुलिस महकमे में कोई बदलाव करना पड़ा पुलिस को कोई खास निर्देश देने पड़े देखिए फोर्स वही है लेकिन हां पुलिस में हमने व्यापक रिफॉर्म किए पुलिस आधुनिकीकरण के लिए कदम बढ़ाए उत्तर प्रदेश पुलिस को तकनीकी दिश से सक्षम बनाया हमने पुलिस भर्ती की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न किया एक 6 हज पुलिस की भर्ती को किया था और प्रदेश के सभी साठ जनपदों से उसमें भर्ती हुई सभी 75 जनपदों से सभी 10 लाख भर्ती पुलिस की भर्ती हुई है पूरे प्रदेश के अंदर उनकी ट्रेनिंग करवाई गई ट्रेनिंग की क्षमता का विस्तार करवाया गया और यही नहीं हम लोगों ने फॉरेंसिक लैब हर रेंज स्तर पर बनाने की कारवाई को आगे बढ़ाया साइबर थाने हर रेंज स्तर पर बनाए उत्तर प्रदेश अपना यूपी फॉरेंसिक इंस्टिट्यूट स्थापित कर रहा है इस सत्र में उसमें क्लासेस भी शुरू हो जाएंगे यह कदम बढ़ाने के साथ एसटीआरएफ का गठन पहली बार यूपी के अंदर हुआ 54 पीएससी की कंपनियां समाप्त कर दी गई थी उनका पुनर्गठन हुआ और प्रदेश के अंदर मेट्रो एयरपोर्ट और औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा के लिए स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन भी इस दौरान हम लोग ने किया है एसटीएफ और एटीएस का भी स्ट्रेंथ किया गया और इनको तकनीकी दिश से सक्षम बनाया गया तब जाकर के हम लोग इस कार्यक्रम को आगे बढ़ा पा रहे हैं लेकिन इस इस आरोप पर आपको क्या कहना है कि आपकी सरकार में एनकाउंटर होते हैं और वो उन एनकाउंटर में भी फिर य बताया जाता है कि मुसलमान ही मारा जाता है मुसलमान के पाव में गोली लगती है आरोप तो कोई भी लगा सकता है मुझे लगता है हर एक व्यक्ति को अपनी बात बोलने का अधिकार है मुझे एक बात बताइए उत्तर प्रदेश के बहुत सारे पुलिस कर्मी इस दौरान शहीद हुए 25 करोड़ की आबादी है हमारा जवान अगर कहीं शहीद हो जाता है तो क्या वह वैसे ही अपने को दांव लगा रहा है उन दुर्दांत माफिया और अपराधी जो पैरलल सरकार चलाते थे उनसे लड़ना आसान काम नहीं था कौन उनके सामने बोलता था मैंने बताया ना आपको उता अंसारी ने पहला अपराध कब किया था 1978 में किया था था पहली हत्या 1981 में की थी कोई मुझे बताएगा कि 1981 और 1978 में हुआ अपराध में क्यों नहीं उसमें कारवाई हुई क्यों नहीं उसके बाद लगातार उस पर शिकंजा कसा गया व हत्या प हत्या करता गया अपराध करता गया कैसे व एमएलए हो गया कैसे व लगातार विभिन्न जो भी दल सत्ता में आता था उसके उसका सागर्द बन जाता था कोई बात तो रही होगी ना कहीं ना कहीं कुछ संरक्षण तो रहा होगा जाहिर यह चीजें दिखाती हैं कि एजेंडा हमारा क्या है इन माफियाओं को बचाना इन संगठित गिरोहों के संचालकों को बचाना है या फिर उत्तर प्रदेश की 20 22 या 25 करोड़ आबादी के हितों को संरक्षण देते हुए यहां के किसानों के लिए यहां के नौजवानों के लिए यहां की बहन बेटियों के लिए हमें कुछ करना है अगर गांव गरीब किसान नौजवान महिलाएं ये सभी एजेंडे के हिस्से होते तो मुख्तार और अतीक अहमद जैसे माफिया नहीं पैदा होते कतई नहीं पैदा हो सकते थे क्योंकि यह हमेशा विकास के मार्ग में के बैरियर रहेंगे हमेशा किसी भी राज्य के लिए और किसी भी व्यवस्था के लिए चुनौती ब बने रहेंगे और हमें हर हार में इस प्रकार की किसी भी कुप्रथा को माफिया किसी भी प्रवृति का हो और किसी भी रूप में हो उसको नकारना चाहिए उसके खिलाफ मोर्चा लेना चाहिए मैं आज आपसे पूछना चाहता हूं कि ऐसी क्या वजह आपको पता लगी कि यह व्यक्ति जेल की पंजाब की जेल में इतना आराम से रह रहा था मुख्तार अंसारी और यहां आने के बाद फिर जो सलूक होना था वह हुआ देखिए यह हम सबका बड़ा दुर्भाग्य है किस प्रकार के पेशेवर माफिया और अपराधी किसी ना किसी रूप में सत्ता का संरक्षण प्राप्त कर लिया करते थे मुख्तार अंसारी ने पहला अपराध 1978 में किया था और 1978 से लेकर के लगातार अपराध करता रहा आज भी उसमें उस पर 54 से लेकर 58 मामले अलग-अलग अलग-अलग थाना क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के अंदर दर्ज हैं पहली बार 44 वर्ष के बाद पहली बार उस माफिया को सजा हुई है एक लोअर कोर्ट से हुई है एक एक मामले में एक दो मामलों में लोअर कोर्ट से और एक मामले में हाई कोर्ट से हुई है आखिर क्या कारण है कि लोग हत्या करें अपहरण करें जबरन कब्जा करें और कोई इनके खिलाफ गवाही नहीं देता क्या कारण है कि सरेआम य लोग दंगा भड़का है और एक जनप्रतिनिधि के रूप में वह व्यक्ति अपनी नंगी रिवार बल लेकर के पिस्टल लेकर के लहराते हुए खुली जीप में जाए और सरकार कर क्या रही थी क्या कर रही है सरकार यह काम किसी व्यक्ति का नहीं होना चाहिए यह तो फोर्स है उसके लिए दंगा अगर हो रहा है फोर्स रोके उसको लेकिन नहीं उसको पूरी छूट दी जाती है आप उस तस्वीर की बात कर रहे मुख्तार अंसारी म में जीभ के ऊपर बैठ के च उसी की बात कर रहा इसी प्रकार की स्थिति प्रयागराज में भी थी अति क्या स्थिति बनाकर रखी थी सैकड़ों एकड़ शासन की भूमि को विकास प्राधिकरण की भूमि को कब्जा करके कॉलोनी बसाया जा रहा है कोई रोकने वाला नहीं कोई टोकने वाला नहीं अपराध पर अपराध किए जा रहे थे कोई उस कोई उस यानी कहीं भी कोई उसके खिलाफ बोलने वाला नहीं आखिर किसी को तो स्टैंड लेना पड़ेगा और कब तक चलेगी अराजकता एक व्यक्ति के लिए हम 25 करोड़ आबादी के जीवन को दाव में लगा दे यह नहीं हो सकता हमारे लिए उत्तर प्रदेश की जनता महत्त्वपूर्ण थी और इसलिए हम लोगों ने कहा कि नहीं अगर इन माफियाओं से हम शक्ति से निपट नहीं तो 25 करोड़ प्रदेश की जनता के हितों के लिए फिर हम कुछ भी करने में सफल नहीं होंगे और उत्तर प्रदेश के परसेप्शन को तो बदलना ही पड़ेगा प्रदेश में कानून का राज होगा उत्तर प्रदेश दंगा मुक्त होगा बिना भेदभाव के शासन की योजना जब हर जाति मत और मजहब के लोगों को मिल रहा है किसी के पर्व और त्यौहार में किसी प्रकार का डिस्टरबेंस नहीं है सबको फ्रीडम है हर प्रकार की तो फिर अराजकता फैलाने की और दंगा करने की छूट भी किसी को नहीं देंगे और हम लोगों ने पहले दिन सब पर बराबर लागू किया और कानून आज भी प्रदेश के अंदर सब पर बराबर लागू होता है इसके लिए आपको कोई खासकर पुलिस महकमे में कोई बदलाव करना पड़ा पुलिस को कोई खास निर्देश देने पड़े देखिए फोर्स वही है लेकिन हां पुलिस में हमने व्यापक रिफॉर्म किए पुलिस आधुनिकीकरण के लिए कदम बढ़ाए उत्तर प्रदेश पुलिस को तकनीकी दिश से सक्षम बनाया हमने पुलिस भर्ती की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न किया 16 हज पुलिस की भर्ती को किया था और प्रदेश के सभी साठ जनपदों से उसमें भर्ती हुई सभी 75 जनपदों से सभी 10 लाख भती पुलिस की भर्ती हुई है पूरे प्रदेश के अंदर उनकी ट्रेनिंग करवाई गई ट्रेनिंग की क्षमता का विस्तार करवाया गया और यही नहीं हम लोगों ने फॉरेंसिक लैब हर रेंज स्तर पर बनाने की कारवाई को आगे बढ़ाया साइबर थाने हर रेंज स्तर पर बनाए उत्तर प्रदेश अपना यूपी फॉरेंसिक इंस्टिट्यूट स्थापित कर रहा है इस सत्र में उसमें क्लासेस भी शुरू हो जाएंगी यह कदम बढ़ाने के साथ एसटीआरएफ का गठन पहली बार यूपी अंदर हुआ 54 पीएससी की कंपनियां समाप्त कर दी गई थी उनका पुनर्गठन हुआ और प्रदेश के अंदर मेट्रो एयरपोर्ट और औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा के लिए स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन भी इस दौरान हम लोगों ने किया है एसटीएफ और एटीएस का भी स्ट्रेंथ किया गया और इनको तकनीकी दिश से सक्षम बनाया गया तब जाकर के हम लोग इस कार्यक्रम को आगे बढ़ा पा रहे हैं लेकिन इस इस आरोप पर आपको क्या कहना है कि आपकी सरकार में एनकाउंटर होते हैं और वो उन एनकाउंटर में भी फिर य बताया जाता है कि मुसलमान ही मारा जाता है मुसलमान के पांव में गोली लगती है आरोप तो कोई भी लगा सकता है मुझे लगता है हर एक व्यक्ति को अपनी बात बोलने का अधिकार है मुझे एक बात बताइए उत्तर प्रदेश के बहुत सारे पुलिस कर्मी इस दौरान शहीद हुए 25 करोड़ की आबादी है हमारा जवान अगर कहीं शहीद हो जाता है तो क्या वह वैसे अपने को दाव लगा रहा है उन दुर्दांत माफिया और अपराधी जो पैरलल सरकार चलाते थे उनसे लड़ना आसान काम नहीं था कौन उनके सामने बोलता था मैंने बताया ना आपको मुता अंसारी ने पहला अपराध कब किया था 1978 में किया था पहली हत्या 1981 में की थी कोई मुझे बताएगा कि 1981 और 1978 में हुआ अपराध में क्यों नहीं उसमें कारवाई हुई क्यों नहीं उसके बाद लगातार उस पर शिकंजा कसा गया व हत्या पर हत्या करता गया अपराध करता गया कैसे व एमएलए हो गया कैसे व लगातार विभिन्न जो भी दल सत्ता में आता था उसके उसका सागर्द बन जाता था कोई बात तो रही होगी ना कहीं ना कहीं कोई संरक्षण तो रहा होगा हिर यह चीजें दिखाती है हैं कि एजेंडा हमारा क्या है इन माफियाओं को बचाना इन संगठित गिरोहों के संचालकों को बचाना है या फिर उत्तर प्रदेश की 20 22 या 25 करोड़ आबादी के हितों को संरक्षण देते हुए यहां के किसानों के लिए यहां के नौजवानों के लिए यहां की बहन बेटियों के लिए हमें कुछ करना है अगर गांव गरीब किसान नौजवान महिलाएं ये सभी एजेंडे के हिस्से होते तो मुख्तार और अतीक अहमद जैसे माफिया नहीं पैदा होते कतई नहीं पैदा हो सकते थे क्योंकि यह हमेशा विकास के मार्ग में के बैरियर रहेंगे हमेशा किसी भी राज्य के लिए और किसी भी व्यवस्था के लिए चुनौती ब बने रहेंगे और हमें हर हार में इस प्रकार की किसी भी कुप्रथा को माफिया किसी भी प्रवृति का हो और किसी भी रूप में हो उसको नकारना चाहिए उसके खिलाफ मचा लेना चाहिए मैं आज आपसे पूछना चाहता हूं कि ऐसी क्या वजह आपको पता लगी कि यह व्यक्ति जेल की पंजाब की जेल में इतना आराम से रह रहा था मुख्तार अंसारी और यहां आने के बाद फिर जो सलूक होना था वह हुआ देखिए यह हम सबका बड़ा दुर्भाग्य है किस प्रकार के पैसे व माफिया और अपराधी किसी ना किसी रूप में सत्ता का संरक्षण प्राप्त कर लिया करते थे मुख्तार अंसारी ने पहला अपराध 1978 में किया था और 1978 से लेकर के लगातार अपराध करता रहा आज भी उसम उस पर 54 से लेकर 58 मामले अलग-अलग अलग-अलग थाना क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के अंदर दर्ज हैं पहली बार 44 वर्ष के बाद पहली बार उस माफिया को सजा हुई है एक लोअर कोर्ट से हुई है एक एक एक मामले में एक दो मामलों में लोअर कोर्ट से और एक मामले में हाई कोर्ट से हुई है आखिर क्या कारण है कि लोग हत्या करें अपहरण करें जबरन कब्जा करें और कोई इनके खिलाफ गवाही नहीं देता क्या कारण है कि सरेआम लोग दंगा भड़का है और एक जनप्रतिनिधि के रूप में वह व्यक्ति अपनी नंगी रिवार बल लेकर के पिस्टल लेकर के लहराते हुए खुली जीप में जाए और सरकार कर क्या रही थी क्या कर रही है सरकार यह काम किसी व्यक्ति का नहीं होना चाहिए यह तो फोर्स है उसके लिए दंगा अगर हो रहा है फोर्स रोके उसको लेकिन नहीं उसको पूरी छूट दी जाती है आप उस तस्वीर की बात कर क मुख्तार अंसारी मौ में जीभ के ऊपर बैठ के च उसी की बात कर रहा हूं इसी प्रकार की स्थिति पर्यागराज में भी थी अ क्या स्थिति बना के रखी थी सैकड़ों एकड़ शासन की भूमि को विकास प्राधिकरण की भूमि को कब्जा करके कॉलोनी बसाया जा रहा है कोई रोकने वाला नहीं कोई टोकने वाला नहीं अपराध पर अपराध किए जा रहे थे कोई उस कोई उस यानी कहीं भी कोई उसके खिलाफ बोलने वाला नहीं आखिर किसी को तो स्टैंड लेना पड़ेगा और कब तक चलेगी अराजकता एक व्यक्ति के लिए हम 25 करोड़ आबादी के जीवन को दाव में लगा दे यह नहीं हो सकता हमारे लिए उत्तर प्रदेश की जनता महत्वपूर्ण थी और इसलिए हम लोगों ने कहा कि नहीं अगर इन माफियाओं से हम शक्ति से निपट नहीं तो 25 करोड़ प्रदेश की जनता के हितों के लिए फिर हम कुछ भी करने में सफल नहीं होंगे और उत्तर प्रदेश के परसेप्शन को तो बदलना ही पड़ेगा प्रदेश में कानून का राज होगा उत्तर प्रदेश दंगा मुक्त होगा बिना भेदभाव के शासन की योजना जब हर जाति मत और मजहब के लोगों को मिल नाहा है किसी के पर्व और त्यौहार में किसी प्रकार का डिस्टरबेंस नहीं है सबको फ्रीडम है हर प्रकार की तो फिर अराजकता फैलाने की और दंगा करने की छूट भी किसी को नहीं देंगे और हम लोगों ने पहले दिन सब पर बराबर लागू किया और कानून आज भी प्रदेश के अंदर सब पर बराबर लागू होता है इसके लिए आपको कोई खासकर पुलिस महकमे में कोई बदलाव करना पड़ा पुलिस को कोई खास निर्देश देने पड़े देखिए फोर्स वही है लेकिन हां पुलिस में हमने व्यापक रिफॉर्म किए पुलिस आधुनिकीकरण के लिए कदम बढ़ाए उत्तर प्रदेश पुलिस को तकनीकी दिश से सक्षम बनाया हम ने पुलिस भर्ती की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न किया 16 हज पुलिस की भर्ती को किया था और प्रदेश के सभी सा जनपदों से उसमें भर्ती हुई सभी 75 जनपदों से सभी 10 लाख भती पुलिस की भर्ती हुई है पूरे प्रदेश के अंदर उनकी ट्रेनिंग करवाई गई ट्रेनिंग की क्षमता का विस्तार करवाया गया और यही नहीं हम लोगों ने फॉरेंसिक लैब हर रेंज स्तर पर बनाने की कारवाई को आगे बढ़ाया साइबर थाने हर रेंज स्तर पर बनाए उत्तर प्रदेश अपना यूपी फॉरेंसिक इंस्टिट्यूट स्थापित कर रहा है इस सत्र में उसमें क्लासेस भी शुरू हो जाएंगे यह कदम बढ़ाने के साथ एसटीआरएफ का गठन पहली बार यूपी के अंदर हुआ 54 पीएससी की कंपनियां समाप्त कर दी गई थी उनका पुनर्गठन हुआ और प्रदेश के अंदर मेट्रो एयरपोर्ट और औद्योगिक सं स्थानों की सुरक्षा के लिए स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन भी इस दौरान हम लोगों ने किया है एसटीएफ और एटीएस का भी स्ट्रेंथ किया गया और इनको तकनीकी दिश से सक्षम बनाया गया तब जाकर के हम लोग इस कार्यक्रम को आगे बढ़ा पा रहे लेकिन इस इस आरोप पर आपको क्या कहना है कि आपकी सरकार में एनकाउंटर होते हैं और वो उन एनकाउंटर में भी फिर य बताया जाता है कि मुसलमान ही मारा जाता है मुसलमान के पाव में गोली लगती है आरोप तो कोई भी लगा सकता है मुझे लगता है हर एक व्यक्ति को अपनी बात बोलने का अधिकार है मुझे एक बात बताइए उत्तर प्रदेश के बहुत सारे पुलिस कर्मी इस दौरान शहीद हुए 25 करोड़ की आबादी है हमारा जवान अगर कहीं शहीद हो जाता है तो क्या वह वैसे ही अपने को दाव लगा रहा है उन दुर्दांत माफिया और अपराधी जो पैरेलल सरकार चलाते थे उनसे लड़ना आसान काम नहीं था कौन उनके सामने बोलता था मैंने बताया ना आपको ता अंसारी ने पहला अपराध कब किया था 1978 में किया था पहली हत्या 1981 में की थी कोई मुझे बताएगा कि 1981 और 1978 में हुआ अपराध में क्यों नहीं उसमें कारवाई हुई क्यों नहीं उसके बाद लगातार उस पर शिकंजा कसा गया व हत्या पर हत्या करता गया अपराध करता गया कैसे एमएलए हो गया कैसे व लगातार विभिन्न जो भी दल सत्ता में आता था उसके उसका सागर्द बन जाता था कोई बात तो रही होगी ना कहीं ना कहीं कोई संरक्षण तो रहा होगा ना जाहिर है यह चीजें दिखाती हैं कि एजेंडा हमारा क्या है इन माफियाओं को बचाना इन संगठित गिरोहों के संचालकों को बचाना है या फिर उत्तर प्रदेश की 20 22 या 255 करोड़ आबादी के हितों को संरक्षण देते हुए यहां के किसानों के लिए यहां के नौजवानों के लिए यहां की बहन बेटियों के लिए हमें कुछ करना है अगर गांव गरीब किसान नौजवान महिलाएं यह सभी एजेंडे के हिस्से होते तो मुख्तार और अतीक अहमद जैसे माफिया नहीं पैदा होते कत नहीं पैदा हो सकते थे क्योंकि यह हमेशा विकास के मार्ग के रियर रहेंगे हमेशा किसी भी राज्य के लिए और किसी भी व्यवस्था के लिए चुनौती बने रहेंगे और हमें हर हार में इस प्रकार की किसी भी कुप्रथा को माफिया किसी भी प्रवृति का हो और किसी भी रूप में हो उसको नकारना चाहिए उसके खिलाफ मोर्चा लेना चाहिए मैं आज आपसे पूछना चाहता हूं कि ऐसी क्या वजह आपको पता लगी कि यह व्यक्ति जेल की पंजाब की जेल में इतना आराम से रह रहा था मुख्तार अंसारी और यहां आने के बाद फिर जो सलूक होना था वो हुआ देखिए यह हम सबका बड़ा दुर्भाग्य है किस प्रकार के पेशेवर माफिया और अपराधी किसी ना किसी रूप में सत्ता का संरक्षण प्राप्त कर लिया करते थे मुख्तार अंसारी ने पहला अपराध 1978 में किया था और 1978 से लेकर के लगातार अपराध करता रहा आज भी उसम उस पर 54 से लेकर 58 मामले अलग-अलग अलग-अलग थाना क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के अंदर दर्ज हैं पहली बार 44 वर्ष के बाद पहली बार उस माफिया को सजा हुई है एक लोअर कोर्ट से हुई है एक एक मामले में एक दो मामलों में लोअर कोर्ट से और एक मामले में हाई कोर्ट से हुई है आखिर क्या कारण है कि लोग हत्या करें अपहरण करें जबरन कब्जा करें और कोई इनके खिलाफ गवाही नहीं देता क्या कारण है कि सरेआम य लोग दंगा भड़का है और एक जनप्रतिनिधि के रूप में वह व्यक्ति अपनी नंगी रिवार बल लेकर के पिस्टल लेकर के लहराते हुए खुली जीप में जाए और सरकार कर क्या रही थी क्या कर रही है सरकार ये काम किसी व्यक्ति का नहीं होना चाहिए ये तो फोर्स है उसके लिए दंगा अगर हो रहा है फोर्स रोके उसको लेकिन नहीं उसको पूरी छूट दी जाती है आप उस तस्वीर की बात कर रहे हैं मुख्तार अंसारी मौ में जीभ के ऊपर बैठ के चल मैं उसी की बात कर रहा हूं इसी प्रकार की स्थिति प्रयागराज में भी थी अति क्या स्थिति बना के रखी थी सैकड़ों एकड़ शासन की भूमि को विकास प्राधिकरण की भूमि को कब्जा करके कॉलोनी बसाया जा रहा है कोई रोकने वाला नहीं कोई टोकने वाला नहीं अपराध पर अपराध किए जा रहे थे कोई उस कोई उस यानी कहीं भी कोई उसके खिलाफ बोलने वाला नहीं आखिर किसी को तो स्टैंड लेना पड़ेगा और कब तक चलेगी अराजकता एक व्यक्ति के लिए हम 25 करोड़ आबादी के जीवन को दाव में लगा दे यह नहीं हो सकता हमारे लिए उत्तर प्रदेश की जनता महत्त्वपूर्ण थी और इसलिए हम लोगों ने कहा कि नहीं अगर इन माफियाओं से हम शक्ति से निपट नहीं तो 25 करोड़ प्रदेश की जनता के हितों के लिए फिर हम कुछ भी करने में सफल नहीं होंगे और उत्तर प्रदेश के परसेप्शन को तो बदलना ही पड़ेगा प्रदेश में कानून का राज होगा उत्तर प्रदेश दंगा मुक्त होगा बिना भेदभाव के शासन की योजना जब हर जाति मत और मजहब के लोगों को मिलना है किसी के पर्व और त्यौहार में किसी प्रकार का डिस्टरबेंस नहीं है सबको फ्रीडम है हर प्रकार की तो फिर अराजकता फैलाने की और दंगा करने की छूट भी किसी को नहीं देंगे और हम लोगों ने पहले दिन सब पर बराबर लागू किया और कानून आज भी प्रदेश के अंदर सब पर बराबर लागू होता है इसके लिए आपको कोई खासकर पुलिस महकमे में कोई बदलाव करना पड़ा पुलिस को कोई खास निर्देश दे पड़े देखि फोर्स वही है लेकिन हां पुलिस में हमने व्यापक रिफॉर्म किए पुलिस आधुनिकीकरण के लिए कदम बढ़ाए उत्तर प्रदेश पुलिस को तकनीकी दिश से सक्षम बनाया हमने पुलिस भर्ती की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न किया 16 हज पुलिस की भर्ती को किया था और प्रदेश के सभी साठ जनपदों से उसमें भर्ती हुई सभी 70 जनपदों से सभी लाख भती पुलिस की भर्ती हुई है परे प्रदेश के अंदर उनकी ट्रेनिंग करवाई गई ट्रेनिंग की क्षमता का विस्तार करवाया गया और यही नहीं हम लोगों ने फॉरेंसिक लैब हर रेंज स्तर पर बनाने की कारवाई को आगे बढ़ाया साइबर थाने हर रेंज स्तर पर बनाए उत्तर प्रदेश अपना यूपी फॉरेंसिक इंस्टिट्यूट स्थापित कर रहा है इस सत्र में उसमें क्लासेस भी शुरू हो जाएंगी यह कदम बढ़ाने के साथ एसटीआरएफ का गठन पहली बार यूपी के अंदर हुआ 54 पीएससी की कंपनियां समाप्त कर दी गई थी उनका पुनर्गठन हुआ और प्रदेश के अंदर मेट्रो एयरपोर्ट और औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा के लिए स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन भी इस दौरान हम लोगों ने किया है एसटीएफ और एटीएस का भी स्ट्रेंथ किया गया और इनको तकनीकी दिश बनाया गया तब जाकर के हम लोग इस कार्यक्रम को आगे बढ़ा पा रहे लेकिन इस इस आरोप पर आपको क्या कहना है कि आपकी सरकार में एनकाउंटर होते हैं और वो उन एनकाउंटर में भी फिर बताया जाता है कि मुसलमान ही मारा जाता है मुसलमान के पाव में गोली लगती है आरोप तो कोई भी लगा सकता है मुझे लगता है हर एक व्यक्ति को अपनी बात बोलने का अधिकार है मुझे एक बात बताइए उत्तर प्रदेश के बहुत सारे पुलिस कर्मी इस दौरान शहीद हुई 25 करोड़ की आबादी है हमारा जवान अगर कहीं शहीद हो जाता है तो क्या वह वैसे अपने को दाव लगा रहा है उन दुर्दांत माफिया और अपराधी जो पैरलल सरकार चलाते थे उनसे लड़ना आसान काम नहीं था कौन उनके सामने बोलता था मैंने बताया ना आपको मुता अंसारी ने पहला अपराध कब किया था 1978 में किया था पहली हत्या 1981 में की थी कोई मुझे बताएगा कि 1981 और 1978 में हुआ अपराध में क्यों नहीं उसमें कारवाई हुई क्यों नहीं उसके बाद लगातार उस पर शिकंजा कसा गया व हत्या पर हत्या करता गया अपराध करता गया कैसे व एमएलए हो गया कैसे व लगातार विभिन्न जो भी दल सत्ता में आता था उसके उसका सागर्द बन जाता था कोई बात तो रही होगी ना कहीं कहीं कुछ संरक्षण तो रहा होगा जाहिर है यह चीजें दिखाती हैं कि एजेंडा हमारा क्या है इन माफियाओं को बचाना इन संगठित गिरोहों के संचालकों को बचाना है या फिर उत्तर प्रदेश की 20 22 या 25 करोड़ आबादी के हितों को संरक्षण देते हुए यहां के किसानों के लिए यहां के नौजवानों के लिए यहां की बहन बेटियों के लिए हमें कुछ करना है अगर गांव गरीब किसान नौजवान महिलाएं यह सभी एजेंडे के हिस्से होते तो मुख्तार और अतीक अहमद जैसे माफिया नहीं पैदा होते कतई नहीं पैदा हो सकते थे क्योंकि यह हमेशा विकास के मार्ग में के बैरियर रहेंगे हमेशा किसी भी राज्य के लिए और किसी भी व्यवस्था के लिए चुनौती बन बने रहेंगे और हमें हर हार में इस प्रकार की किसी भी कुप्रथा को माफिया किसी भी प्रवृति और किसी भी रूप में हो उसको नकारना चाहिए उसके खिलाफ मोर्चा लेना चाहिए मैं आज आपसे पूछना चाहता हूं कि ऐसी क्या वजह आपको पता लगी कि यह व्यक्ति जेल की पंजाब की जेल में इतना आराम से रह रहा था मुख्तार अंसारी और यहां आने के बाद फिर जो सलूक होना था वह हुआ देखिए यह हम सबका बड़ा दुर्भाग्य है किस प्रकार के पेशेवर माफिया और अपराधी किसी ना किसी रूप में सत्ता का संरक्षण कर लिया करते थे मुख्तार अंसारी ने पहला अपराध 1978 में किया था और 1978 से लेकर के लगातार अपराध करता रहा आज भी उसमें उस पर 54 से लेकर 58 मामले अलग अलग अलग अलग थाना क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के अंदर दर्ज है पहली बार 44 वर्ष के बाद पहली बार उस माफिया को सजा हुई है एक लोअर कोर्ट से हुई है एक एक मामले में एक दो मामलों में लोअर कोर्ट से और एक मामले में हाई कोर्ट से हुई आखिर क्या कारण है कि लोग हत्या करें अपहरण करें जबरन कब्जा करें और कोई इनके खिलाफ गवाही नहीं देता क्या कारण है कि सरेआम लोग दंगा भड़का है और एक जनप्रतिनिधि के रूप में वह व्यक्ति अपनी नंगी रिवार बल लेकर के पिस्टल लेकर के लहराते हुए खुली जीप में जाए और सरकार कर क्या रही थी क्या कर रही है सरकार यह काम किसी व्यक्ति का नहीं होना चाहिए ये तो फोर्स है उसके लिए दंगा अगर हो रहा है फोर्स रोके उसको लेकिन नहीं उसको पूरी छूट दी जाती है आप उस तस्वीर की बात कर रहे मुख्तार अंसारी म में जीप के ऊपर बैठ के बात इसी प्रकार की स्थिति प्रयागराज में भी थी अ क्या स्थिति बना के रखी थी सैकड़ों एकड़ शासन की भूमि को विकास प्राधिकरण की भूमि को कब्जा करके कॉलोनी बसाया जा रहा है कोई रोकने वाला नहीं कोई टोकने वाला नहीं अपराध पर अपराध किए जा रहे थे कोई उस कोई उस यानी कहीं भी कोई उसके खिलाफ बोलने वाला नहीं आखिर किसी को तो स्टैंड लेना पड़ेगा और कब तक चलेगी अराजकता एक व्यक्ति के लिए हम 25 करोड़ आबादी के जीवन को दाव में लगा दे यह नहीं हो सकता हमारे लिए उत्तर प्रदेश की जनता महत्त्वपूर्ण थी और इसलिए हम लोगों ने कहा
Read More:  Today Breaking News : 13 June 2024 के समाचार| Rahul Gandhi | NDA | Jammu | NEET Exam 2024 | N18L
कि कि नहीं अगर इन माफियाओं से हम शक्ति से निपट नहीं तो 25 करोड़ प्रदेश की जनता के हितों के लिए फिर हम कुछ भी करने में सफल नहीं होंगे और उत्तर प्रदेश के परसेप्शन को तो बदलना ही पड़ेगा प्रदेश में कानून का राज होगा उत्तर प्रदेश दंगा मुक्त होगा बिना भेदभाव के शासन की योजना जब हर जाति मत और मजहब के लोगों को मिलना है किसी के पर्व और त्यौहार में किसी प्रकार का डिस्टरबेंस नहीं है सबको फ्रीडम है हर प्रकार की तो फिर अराजकता फैलाने की और दंगा करने की छूट भी किसी को नहीं देंगे और हम लोगों ने पहले दिन सब पर बराबर लागू किया और कानून आज भी प्रदेश के अंदर सब पर बराबर लागू होता है इसके लिए आपको कोई खासकर पुलिस महकमे में कोई बदलाव करना पड़ा पुलिस को कोई खास निर्देश देने पड़े देखि फोर्स वही है लेकिन हां पुलिस में हमने व्यापक रिफॉर्म किए पुलिस आधुनिकीकरण के लिए कदम बढ़ाए उत्तर प्रदेश पुलिस को तकनीकी दिश से सक्षम बनाया हमने पुलिस भर्ती की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न किया 16 हज पुलिस की भर्ती को किया था और प्रदेश के सभी सा जनपदों से उसमें भर्ती हुई सभी 75 जनपदों से सभी लाख पुलिस की भर्ती हुई है परे प्रदेश के अंदर उनकी ट्रेनिंग करवाई गई ट्रेनिंग की क्षमता का विस्तार करवाया गया और यही नहीं हम लोगों ने फॉरेंसिक लैब हर रेंज स्तर पर बनाने की कारवाई को आगे बढ़ाया साइबर थाने हर रेंज स्तर पर बनाए उत्तर प्रदेश अपना यूपी फॉरेंसिक इंस्टिट्यूट स्थापित कर रहा है इस सत्र में उसमें क्लासेस भी शुरू हो जाएंगे यह कदम बढ़ाने के साथ एसटीआरएफ का गठन पहली बार यूपी के अंदर हुआ 54 पीएससी की कंपनियां समाप्त कर दी गई थी उनका पुनर्गठन हुआ और प्रदेश के अंदर एयरपोर्ट और औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा के लिए स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन भी इस दौरान हम लोगों ने किया है एसटीएफ और एटीएस का भी स्ट्रेंथ किया गया और इनको तकनीकी दिश से सक्षम बनाया गया तब जाकर के हम लोग इस कार्यक्रम को आगे बढ़ा पा रहे हैं लेकिन इस इस आरोप पर आपको क्या कहना है कि आपकी सरकार में एनकाउंटर होते हैं और वो उन एनकाउंटर में भी फिर य बताया जाता है कि मुसलमान ही मारा जाता देखिए मुन के पाव में गोली लगती है आरोप तो कोई भी लगा सकता है मुझे लगता है हर एक व्यक्ति को अपनी बात बोलने का अधिकार है मुझे एक बात बताइए उत्तर प्रदेश के बहुत सारे पुलिस कर्मी इस दौरान शहीद हुए 25 करोड़ की आबादी है हमारा जवान अगर कहीं शहीद हो जाता है तो क्या वह वैसे अपने को दाव लगा रहा है उन दुर्दांत माफिया और अपराधी जो पैरेलल सरकार चलाते थे उनसे लड़ना ना आसान काम नहीं था कौन उनके सामने बोलता था मैंने बताया ना आपको मुता अंसारी ने पहला अपराध कब किया था 1978 में किया था पहली हत्या 1981 में की थी कोई मुझे बताएगा कि 1981 1978 में हुआ अपराध में क्यों नहीं उसमें कारवाई हुई क्यों नहीं उसके बाद लगातार उस पर शिकंजा कसा गया व हत्या पर हत्या करता गया अपराध करता गया कैसे व एमएलए हो गया कैसे व लगातार विभिन्न जो भी दल सत्ता में आता था उसके उसका सागर्द बन जाता था कोई बात तो रही होगी ना कहीं ना कहीं कोई संरक्षण तो रहा होगा जाहिर यह चीजें दिखाती हैं कि एजेंडा हमारा क्या है इन माफियाओं को बचाना इन संगठित गिरो के संचालकों को बचाना है या फिर उत्तर प्रदेश की 20 22 या 25 करोड़ आबादी के हितों को संरक्षण देते हुए यहां के किसानों के लिए यहां के नौजवानों के लिए यहां की बहन बेटियों के लिए हमें कुछ करना है अगर गांव गरीब किसान नौजवान महिलाएं यह सभी एजेंडे के हिस्से होते तो मुख्तार और अतीक अहमद जैसे माफिया नहीं पैदा होते कतई नहीं पैदा हो सकते थे क्योंकि यह हमेशा विकास के मार्ग के बैरियर रहेंगे हमेशा किसी भी राज्य के लिए और किसी भी व्यवस्था के लिए चुनौती ब बने रहेंगे और हमें हर हार में इस प्रकार की किसी भी कुप्रथा को माफिया किसी भी प्रवृति का हो और किसी भी रूप में हो उसको नकारना चाहिए उसके खिलाफ मोर्चा लेना चाहिए मैं आज आपसे पूछना चाहता हूं कि ऐसी क्या वजह आपको पता लगी कि यह व्यक्ति जेल की पंजाब की जेल में इतना आराम से रह रहा था मुख्तार और यहां आने के बाद फिर जो सलूक होना था वह हुआ देखिए यह हम सबका बड़ा दुर्भाग्य है किसी ना किसी रूप में सत्ता का संरक्षण प्राप्त कर लिया करते थे मुख्तार अंसारी ने पहला अपराध 1978 में किया था और 1978 से लेकर के लगातार अपराध करता रहा आज भी उसम उस पर 54 से लेकर 58 मामले अलग-अलग अलग-अलग थाना क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के अंदर दर्ज हैं पहली बार 44 वर्ष के बाद पहली बार उस माफिया को सजा हुई है एक लोअर कोर्ट से हुई है एक एक मामले में एक दो मामलों में लोअर कोर्ट से और एक मामले में हाई कोर्ट से हुई है आखिर क्या कारण है कि लोग हत्या करें अपहरण करें जबरन कब्जा करें और कोई इनके खिलाफ गवाही नहीं देता क्या कारण है कि सरेआम लोग दंगा भड़का और एक जनप्रतिनिधि के रूप में वह व्यक्ति अपनी नंगी रिवाल लेकर के पिस्टल लेकर के लहराते हुए खुली जीप में जाए और सरकार कर क्या रही थी क्या कर रही है सरकार यह काम किसी व्यक्ति का नहीं होना चाहिए यह तो फोर्स है उसके लिए दंगा अगर हो रहा है फोर्स रोके उसको लेकिन नहीं उसको पूरी छूट दी जाती है आप उस तस्वीर की बात कर रहे मुख्तार अंसारी म में जीप के ऊपर बैठ के चल उसी बात कर रहा इसी प्रकार की स्थिति प्रयागराज में भी थी अ क्या स्थिति बना के रखी थी सैकड़ों एकड़ शासन की भूमि को विकास प्राधिकरण की भूमि को कब्जा करके कॉलोनी बसाया जा रहा है कोई रोकने वाला नहीं कोई टोकने वाला नहीं अपराध पर अपराध किए जा रहे थे कोई उस कोई उस यानी कहीं भी कोई उसके खिलाफ बोलने वाला नहीं आखिर किसी को तो स्टैंड लेना पड़ेगा और कब तक चलेगी अराजकता एक व्यक्ति के लिए हम 25 करोड़ आबादी के जीवन को दाव में लगा दे यह नहीं हो सकता हमारे लिए उत्तर प्रदेश की जनता महत्त्वपूर्ण थी और इसलिए हम लोगों ने कहा कि नहीं अगर इन माफियाओं से हम शक्ति से निपट नहीं तो 25 करोड़ प्रदेश की जनता के हितों के लिए फिर हम कुछ भी करने में सफल नहीं होंगे और उत्तर प्रदेश के परसेप्शन को तो बदलना ही पड़ेगा प्रदेश में कानून का राज होगा उत्तर प्रदेश दंगा मुक्त होगा बिना भेदभाव के शासन की योजना जब हर जाति मत और मजहब के लोगों को मिल रहा है किसी के पर्व और त्यौहार में किसी प्रकार का डिस्टरबेंस नहीं है सबको फ्रीडम है हर प्रकार की तो फिर अराजकता फैलाने की और दंगा करने की छूट भी किसी को नहीं देंगे और हम लोगों ने पहले दिन सब पर बराबर लागू किया और कानून आज भी प्रदेश के अंदर सब पर बराबर लागू होता है इसके लिए आपको कोई अब खासकर पुलिस महकमे में कोई बदलाव करना पड़ा पुलिस को कोई खास निर्देश देने पड़े देखिए फोर्स हु है लेकिन हां पुलिस में हमने व्यापक रिफॉर्म किए पुलिस आधुनिकीकरण के लिए कदम बढ़ाए उत्तर प्रदेश पुलिस को तकनीकी दिश से सक्षम बनाया हमने पुलिस भर्ती की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न किया 16 हज पुलिस की भर्ती को किया था और प्रदेश के सभी सा जनपदों से उसमें भर्ती हुई सभी 75 जनपदों से सभी एक लाख भर्ती पुलिस की भर्ती हुई है पूरे प्रदेश के अंदर उनकी ट्रेनिंग करवाई गई ट्रेनिंग की क्षमता का विस्तार करवाया गया और यही नहीं हम लोगों ने फॉरेंसिक लैब हर रेंज स्तर पर बनाने की कार्यवाई को आगे बढ़ाया साइबर थाने हर रेंज स्तर पर बनाए उत्तर प्रदेश अपना यूपी फॉरेंसिक इंस्टिट्यूट स्थापित कर रहा है इस सत्र में उसमें क्लासेस भी शुरू हो जाएंगे ये कदम बढ़ाने के साथ एसटीआरएफ का गठन पहली बार यूपी के अंदर हुआ 54 पीएससी की कंपनियां समाप्त कर दी गई थी उनका पुनर्गठन हुआ और प्रदेश के अंदर मेट्रो एयरपोर्ट और औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा के लिए स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन भी इस दौरान हम लोगों ने किया है एसटीएफ और एटीएस का भी स्ट्रेंथ किया गया और इनको तकनीकी दिश से सक्षम बनाया गया तब जाकर के हम लोग इस कार्यक्रम को आगे बढ़ा पा रहे लेकिन इस इस आरोप पर आपको क्या कहना है कि आपकी सरकार में एनकाउंटर होते हैं और वो उन एनकाउंटर में भी फिर बताया जाता है कि मुसलमान ही मारा जाता है मुसलमान के पाव में गोली लगती है आरोप तो कोई भी लगा सकता है मुझे लगता है हर एक व्यक्ति को अपनी बात बोलने का अधिकार है मुझे एक बात बताइए उत्तर प्रदेश के बहुत सारे पुलिस कर्मी इस दौरान शहीद हुए 25 करोड़ की आबादी है हमारा जवान अगर कहीं शहीद हो जाता है तो क्या वह वैसे ही अपने को दांव लगा रहा है उन दुर्दांत माफिया और अपराधी जो पैरेलल सरकार चलाते थे उनसे लड़ना आसान काम नहीं था कौन उनके सामने बोलता था मैंने बताया ना आपको ता अंसारी ने पहला अपराध कब किया था 1978 में किया था पहली हत्या 1981 में की थी कोई मुझे बताएगा कि 1981 1978 में अपराध में क्यों नहीं उसमें कारवाई हुई क्यों नहीं उसके बाद लगातार उस पर शिकंजा कसा गया व हत्या प हत्या करता गया अपराध करता गया कैसे व एमएलए हो गया कैसे व लगातार विभिन्न जो भी दल सत्ता में आता था उसके उसका सागर्द बन जाता था कोई बात तो रही होगी ना कहीं ना कहीं कोई संरक्षण तो रहा होगा ना यह चीजें दिखाती हैं कि एजेंडा हमारा क्या है इन माफियाओं को बचाना इन संगठित गिरोहों के संचालकों को बचाना है या फिर उत्तर प्रदेश की 20 22 या 25 करोड़ आबादी के हितों को संरक्षण देते हुए यहां के किसानों के लिए यहां के नौजवानों के लिए यहां की बहन बेटियों के लिए हमें कुछ करना है अगर गांव गरीब किसान नौजवान महिलाएं ये सभी एजेंडे के हिस्से होते तो मुख्तार और अतीक अहमद जैसे माफिया नहीं पैदा होते कतई नहीं पैदा हो सकते थे क्योंकि यह हमेशा विकास के मार्ग के बैरियर रहेंगे हमेशा किसी भी राज्य के लिए और किसी भी व्यवस्था के लिए चुनौती ब बने रहेंगे और हमें हर हार में इस प्रकार की किसी भी कुप्रथा को माफिया किसी भी प्रवृत्ति का हो और किसी भी रूप में हो उसको नकारना चाहिए उसके खिलाफ मोर्चा लेना चाहिए मैं आज आपसे पूछना चाहता हूं कि ऐसी क्या वजह आपको पता लगी कि यह व्यक्ति जेल की पंजाब की जेल में इतना आराम से रह रहा था मुख्तार अंसारी और यहां आने के बाद फिर जो सलूक होना था वह हुआ देखिए यह हम सबका बड़ा दुर्भाग्य है किस प्रकार के पेवर माफिया और अपराधी किसी ना किसी रूप में सत्ता का संरक्षण प्राप्त कर लिया करते थे मुख्तार अंसारी ने पहला अपराध 1978 में किया था और 1978 से लेकर के लगातार अपराध करता रहा आज भी उसम उस पर 54 से लेकर 58 मामले अलग-अलग अलग-अलग थाना क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के अंदर दर्ज है पहली बार 44 वर्ष के बाद पहली बार उस माफिया को सजा हुई है एक लोर कोर्ट से हुई है एक मामले में दो मामलो में लोर कोर्ट और एक मामले में हाई कोर्ट से हुई है आखिर क्या कारण है कि लोग हत्या करें अपहरण करें जबरन कब्जा करें और कोई इनके खिलाफ गवाही नहीं देता क्या कारण है कि सरेआम लोग दंगा भड़का और एक जन प्रतिनिधि के रूप में वह व्यक्ति अपनी नंगी रिवार बल लेकर के पिस्टल लेकर के लहराते हुए खुली जीप में जाए और सरकार करके रही थी क्या कर रही है सरकार यह काम किसी व्यक्ति का नहीं होना चाहिए ये तो फोर्स है उसके लिए दंगा अगर हो रहा है फोर्स रोके उसको लेकिन नहीं उसको पूरी छूट दी जाती है आप उस तस्वीर की बात कर रहे मुख्तार अंसारी म में जीभ के ऊपर बैठ के च उस की बात कर रहा इसी प्रकार की स्थिति प्रयागराज में भी थी अति क्या स्थिति बना के रखी थी सैकड़ों एकड़ शासन की भूमि को विकास प्राधिकरण की भूमि को कब्जा करके कॉलोनी बसाया जा रहा है कोई कोई रोकने वाला नहीं कोई टोकने वाला नहीं अपराध पर अपराध किए जा रहे थे कोई उस कोई उस यानी कहीं भी कोई उसके खिलाफ बोलने वाला नहीं आखिर किसी को तो स्टैंड लेना पड़ेगा और कब तक चलेगी अराजकता एक व्यक्ति के लिए हम 25 करोड़ आबादी के जीवन को दाव में लगा दे यह नहीं हो सकता हमारे लिए उत्तर प्रदेश की जनता महत्त्वपूर्ण थी और इसलिए हम लोगों ने कहा कि नहीं अगर इन माफियाओं से हम शक्ति से निपट नहीं तो 25 करोड़ प्रदेश की जनता के हितों के लिए फिर हम कुछ भी करने में सफल नहीं होंगे और उत्तर प्रदेश के परसेप्शन को तो बदलना ही पड़ेगा प्रदेश में कानून का राज होगा उत्तर प्रदेश दंगा मुक्त होगा बिना भेदभाव के शासन की योजना जब हर जाति मत और मजहब के लोगों को मिलना है किसी के पर्व और त्यौहार में किसी प्रकार का डिस्टरबेंस नहीं है सबको फ्रीडम है हर प्रकार की तो फिर अराजक फैलाने की और दंगा करने की छूट भी किसी को नहीं देंगे और हम लोगों ने पहले दिन सब पर बराबर लागू किया और कानून आज भी प्रदेश के अंदर सब पर बराबर लागू होता इसके लिए आपको कोई खासकर पुलिस महकमे में कोई बदलाव करना पड़ा पुलिस को कोई खास निर्देश देने पड़े देखि फोर्स वही है लेकिन हां पुलिस में हमने व्यापक रिफॉर्म किए पुलिस आधुनिकीकरण के लिए कदम बढ़ाए उत्तर प्रदेश पुलिस को तकनीक की दिश से सक्षम बनाया हमने पुलिस भर्ती की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न किया 16000 पुलिस की भर्ती को किया था और प्रदेश के सभी साठ जनपदों से उसमें भर्ती हुई सभी 75 जनपदों से सभी लाख भर्ती पुलिस की भर्ती हुई है पूरे प्रदेश के अंदर उनकी ट्रेनिंग करवाई गई ट्रेनिंग की क्षमता का विस्तार करवाया गया और यही नहीं हम लोगों ने फॉरेंसिक लैब हर रेंज स्तर पर बनाने की कारवाई को आगे बढ़ाया साइबर थाने हर रेंज स्तर पर बनाए उत्तर प्रदेश अपना यूपी फॉरेंसिक इंस्टिट्यूट स्थापित कर रहा है इस सत्र में उसमें क्लासेस भी शुरू हो जाएंगे यह कदम बढ़ाने के साथ एसटीआरएफ का गठन पहली बार यूपी के अंदर हुआ 54 पीएससी की कंपनियां समाप्त कर दी गई थी उनका पुनर्गठन हुआ और प्रदेश के अंदर मेट्रो एयरपोर्ट और औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा के लिए स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन भी इस दौरान हम लोगों ने किया है एसटीएफ और एटीएस का भी स्ट्रेंथ किया गया और इनको तकनीकी दिश से सक्षम बनाया गया तब जाकर के हम लोग इस कार्यक्रम को आगे बढ़ा पा रहे हैं लेकिन इस इस आरोप पर आपको क्या कहना है कि आपकी सरकार में एनकाउंटर होते हैं और वो उन एनकाउंटर में भी फिर ये बताया जाता है कि मुसलमान ही मारा जाता है मुसलमान के पाव में गोली लगती है तो कोई भी लगा सकता है मुझे लगता है हर एक व्यक्ति को अपनी बात बोलने का अधिकार है मुझे एक बात बताइए उत्तर प्रदेश के बहुत सारे पुलिस कर्मी इस दौरान शहीद हुए 25 करोड़ की आबादी है हमारा जवान अगर कहीं शहीद हो जाता है तो क्या वह वैसे ही अपने को दांव लगा रहा है उन दुर्दांत माफिया और अपराधी जो पैरेलल सरकार चलाते थे उनसे लड़ना आसान काम नहीं था कौन उनके सामने बोलता था मैंने बताया ना आपको मुता अंसारी ने पहला अपराध कब किया था 1978 में किया था पहली हत्या 1981 में की थी कोई मुझे बताएगा कि 1981 1978 में हुआ अपराध में क्यों नहीं उसमें कारवाई हुई क्यों नहीं उसके बाद लगातार उस पर शिकंजा कसा गया व हत्या पर हत्या करता गया अपराध करता गया कैसे व एमएलए हो गया कैसे व लगातार विभिन्न जो भी दल सत्ता में आता था उसके उसका सागर्द बन जाता था कोई बात तो रही होगी ना कहीं ना कहीं कुछ संरक्षण तो रहा होगा ना जाहिर है यह चीजें दिखाती हैं कि एजेंडा हमारा क्या है इन माफियाओं को बचाना इन संगठित गिरोहों के संचालकों को बचाना है या फिर उत्तर प्रदेश की 20 22 या 25 करोड़ आबादी के हितों को संरक्षण देते हुए यहां के किसानों के लिए यहां के नौजवानों के लिए यहां की बहन बेटियों के लिए हमें कुछ करना है अगर गांव गरीब किसान नौजवान महिलाएं यह सभी एजेंडे के हिस्से होते तो मुख्तार और अतीक अहमद जैसे माफिया नहीं पैदा होते कतई नहीं पैदा हो सकते थे क्योंकि यह हमेशा विकास के मार्ग के बैरियर रहेंगे हमेशा किसी भी राज्य के लिए और किसी भी व्यवस्था के लिए चुनौती ब बने रहेंगे और हमें हर हार में इस प्रकार की किसी भी कुप्रथा को माफिया किसी भी प्रवृत्ति का और किसी भी रूप में हो उसको नकारना चाहिए उसके खिलाफ मोर्चा लेना चाहिए मैं आज आपसे पूछना चाहता हूं कि ऐसी क्या वजह आपको पता लगी कि यह व्यक्ति जेल की पंजाब की जेल में इतना आराम से रह रहा था मुख्तार अंसारी और यहां आने के बाद फिर जो सलूक होना था वो हुआ देखिए यह हम सबका बड़ा दुर्भाग्य है किस प्रकार के पेशेवर माफिया और अपराधी किसी ना किसी रूप में सत्ता का संरक्षण प्राप्त कर लिया करते थे मुख्तार अंसारी ने पहला अपराध 1978 में किया था और 1978 से लेकर के लगातार अपराध करता रहा आज भी उसमें उस पर 54 से लेकर 58 मामले अलग-अलग अलग अलग थाना क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के अंदर दर्ज हैं पहली बार 44 वर्ष के बाद पहली बार उस माफिया को सजा हुई है एक लोअर कोर्ट से हुई है एक एक मामले में एक दो मामलो में लोअर कोर्ट से एक मामले में हाई कोर्ट से हुई है आखिर क्या कारण है य लोग हत्या करें अपहरण करें जबरन कब्जा करें और कोई इनके खिलाफ गवाही नहीं देता क्या कारण है कि सरेआम लोग दंगा भड़का है और एक जनप्रतिनिधि के रूप में वह व्यक्ति अपनी नंगी रबल लेकर के पिस्ट लेकर के लहराते हुए खुली जीप में जाए और सरकार कर क्या रही थी क्या कर रही है सरकार यह काम किसी व्यक्ति का नहीं होना चाहिए यह तो फोर्स है उसके लिए दंगा अगर हो रहा है फोर्स रोके उसको लेकिन नहीं उसको पूरी छूट दी जाती है आप उस तस्वीर की बात कर रहे मुख्तार अंसारी म में जीभ के ऊपर बैठ के चल उसी की बात कर रहा हूं इसी प्रकार की स्थिति प्रयागराज में भी थी अति क्या स्थिति बना के रखी थी सैकड़ों एकड़ शासन की भूमि को विकास प्राधिकरण की भूमि को कब्जा करके व कॉलोनी बसाया जा रहा है कोई रोकने वाला नहीं कोई टोकने वाला नहीं अपराध प अपराध किए जा रहे थे कोई उस कोई उस यानी कहीं भी कोई उसके खिलाफ बोलने वाला नहीं आखिर किसी को तो स्टैंड लेना पड़ेगा और कब तक चलेगी अराजकता एक व्यक्ति के लिए हम 25 करोड़ आबादी के जीवन को दाव में लगा दे यह नहीं हो सकता हमारे लिए उत्तर प्रदेश की जनता महत्त्वपूर्ण थी और इसलिए हम लोगों ने कहा कि नहीं अगर इन माफियाओं से हम शक्ति से निपट नहीं तो 25 करोड़ प्रदेश की जनता के हितों के लिए फिर हम कुछ भी करने में सफल नहीं होंगे और उत्तर प्रदेश के परसेप्शन को तो बदलना ही पड़ेगा प्रदेश में कानून का राज होगा उत्तर प्रदेश दंगा मुक्त होगा बिना भेदभाव के शासन की योजना जब हर जाति मत और मजहब के लोगों को मिल ना है किसी के पर्व और त्यौहार में किसी प्रकार का डिस्टरबेंस नहीं है सबको फ्रीडम है हर प्रकार की तो फिर अराजकता फैलाने की और दंगा करने की छूट भी किसी को नहीं देंगे और हम लोगों ने पहले दिन सब पर बराबर लागू किया और कानून आज भी प्रदेश के अंदर सब पर बराबर लागू होता है इसके लिए आपको कोई खासकर पुलिस महकमे में कोई बदलाव करना पड़ा पुलिस को कोई खास निर्देश देने पड़े देखिए फोर्स वही है लेकिन हां पुलिस में हमने व्यापक रिफॉर्म किए पुलिस आधुनिकीकरण के लिए कदम बढ़ाए उत्तर प्रदेश पुलिस को तकनीकी दिश से सक्षम बनाया हमने पुलिस भर्ती की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न किया 160000 पुलिस की भर्ती को किया था और प्रदेश के सभी साठ जनपदों से उसमें भर्ती हुई सभी 75 जनपदों से सभी 10 लाख भती पुलिस की भर्ती हुई है परे प्रदेश के अंदर उनकी ट्रेनिंग करवाई गई ट्रेनिंग की क्षमता का विस्तार करवाया गया और यही नहीं हम लोगों ने फॉरेंसिक लैब हर रेंज स्तर पर बनाने की कारवाई को आगे बढ़ाया साइबर थाने हर रेंज स्तर पर बनाए उत्तर प्रदेश अपना यूपी फॉरेंसिक इंस्टिट्यूट स्थापित कर रहा है इस सत्र में उसमें क्लासेस भी शुरू हो जाएंगे यह कदम बढ़ाने के साथ एसटीआरएफ का गठन पहली बार यूपी के अंदर हुआ 54 पीएससी की कंपनियां समाप्त कर दी गई थी उनका पुनर्गठन हुआ और प्रदेश के अंदर मेट्रो एयरपोर्ट और औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा के लिए स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन भी इस दौरान हम लोगों ने किया है एसटीएफ और एटीएस का भी स्ट्रेंथ किया गया और इनको तकनीकी दिश से सक्षम बनाया गया तब जाकर के हम लोग इस कार्यक्रम को आगे बढ़ा पा रहे लेकिन इस इस आरोप पर आपको क्या कहना है कि आपकी सरकार में एनकाउंटर होते हैं और वो उन एनकाउंटर में भी फिर बताया जाता है कि मुसलमान ही मारा जाता है मुसलमान के पांव में गोली लगती है आरोप तो कोई भी लगा सकता है मुझे लगता है हर एक व्यक्ति को अपनी बात बोलने का अधिकार है मुझे एक बात बताइए उत्तर प्रदेश के बहुत सारे पुलिस कर्मी इस दौरान शहीद हुए 25 करोड़ की आबादी है हमारा जवान अगर कहीं शहीद हो जाता है तो क्या वह वैसे अपने को दांव लगा रहा है उन दुर्दांत माफिया और अपराधी जो पैरेलल सरकार चलाते थे उनसे लड़ना आसान काम नहीं था कौन उनके सामने बोलता था मैंने बताया ना आपको उतार अंसारी ने पहला अपराध कब किया था 1978 में किया था पहली हत्या 1981 में की कोई मुझे बताएगा कि 1981 1978 में हुआ अपराध में क्यों नहीं उसमें कारवाई हुई क्यों नहीं उसके बाद लगातार उस पर शिकंजा कसा गया व हत्या पर हत्या करता गया अपराध करता गया कैसे व एमएलए हो गया कैसे व लगातार विभिन्न जो भी दल सत्ता में आता था उसके उसका सागर्द बन जाता था कोई बात तो रही होगी ना कहीं ना कहीं कोई संरक्षण तो रहा होगा जाहिर यह चीजें दिखाती हैं कि एजेंडा हमारा क्या है इन माफियाओं को बचाना इन संगठित गिरोहों के संचालकों को बचाना है या फिर उत्तर प्रदेश की 20 22 या 25 करोड़ आबादी के हितों को संरक्षण देते हुए यहां के किसानों के लिए यहां के नौजवानों के लिए यहां की बहन बेटियों के लिए हमें कुछ कर अगर गांव गरीब किसान नौजवान महिलाएं यह सभी एजेंडे के हिस्से होते तो मुख्तार और अतीक अहमद जैसे माफिया नहीं पैदा होते कतई नहीं पैदा हो सकते थे क्योंकि यह हमेशा विकास के मार्ग के बैरियर रहेंगे हमेशा किसी भी राज्य के लिए और किसी भी व्यवस्था के लिए चुनौती बने रहेंगे और हमें हर हार में इस प्रकार की किसी भी कुप्रथा को माफिया किसी भी प्रवृति का हो और किसी भी रूप में हो उसको नकारना चाहिए उसके खिलाफ मोर्चा लेना चाहिए मैं आज आपसे पूछना चाहता हूं कि ऐसी क्या वजह आपको पता लगी कि यह व्यक्ति जेल की पंजाब की जेल में इतना आराम से रह रहा था मुख्तार अंसारी और यहां आने के बाद फिर जो सलूक होना था वह हुआ देखिए यह हम सबका बड़ा दुर्भाग्य है किस प्रकार के पेशेवर माफिया और अपराधी किसी ना किसी रूप में सत्ता का संरक्षण प्राप्त कर लिया करते थे मुख्तार अंसारी ने पहला अपराध 1978 में किया था और 1978 से लेकर के लगातार अपराध करता रहा आज भी उसम उस पर 54 से लेकर 58 मामले अलग-अलग अलग अलग थाना क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के अंदर दर्ज हैं पहली बार 44 वर्ष के बाद पहली बार उस माफिया को सजा हुई है एक लोअर कोर्ट से हुई है एक एक एक मामले में एक दो मामलों में लोअर कोर्ट से हु और एक मामले में हाई कोर्ट से हुई है आखिर क्या कारण है ये लोग हत्या करें अपहरण करें जबरन कब्जा करें और कोई इनके खिलाफ गवाही नहीं देता क्या कारण है कि सरेआम लोग दंगा भड़का है और एक जनप्रतिनिधि के रूप में वह व्यक्ति अपनी नंगी लिवार बल लेकर के पिस्टल लेकर के लहराते हुए खुली जीप में जाए और सरकार कर क्या रही थी क्या कर रही है सरकार यह काम किसी व्यक्ति का नहीं होना चाहिए यह तो फोर्स है उस उसके लिए दंगा अगर हो रहा है फोर्स रोके उसको लेकिन नहीं उसको पूरी छूट दी जाती है आप उस तस्वीर की बात कर रहे हैं मुख्तार अंसारी मौ में जीप के ऊपर बैठ के चल मैं उसी की बात कर रहा हूं इसी प्रकार की स्थिति प्रयागराज में भी थी अति क्या स्थिति बना के रखी थी सैकड़ों एकड़ शासन की भूमि को विकास प्राधिकरण की भूमि को कब्जा करके कॉलोनी बसाया जा रहा है कोई रोकने वाला नहीं कोई टोकने वाला नहीं अपराध अपराध किए जा रहे थे कोई उस कोई उस यानी कहीं भी कोई उसके खिलाफ बोलने वाला नहीं आखिर किसी को तो स्टैंड लेना पड़ेगा और कब तक चलेगी अराजकता एक व्यक्ति के लिए हम 25 करोड़ आबादी के जीवन को दाव में लगा दे ये नहीं हो सकता हमारे लिए उत्तर प्रदेश की जनता में थी और इसलिए हम लोगों ने कहा कि नहीं अगर इन माफियाओं से हम शक्ति से निपट नहीं तो 25 करोड़ प्रदेश की जनता के हितों के लिए फिर हम कुछ भी करने में सफल नहीं होंगे और उत्तर प्रदेश के परसेप्शन को तो बदलना ही पड़ेगा प्रदेश में कानून का राज होगा उत्तर प्रदेश दंगा मुक्त होगा बिना भेदभाव के शासन की योजना जब हर जाति मत और मजहब के लोगों को मिलना है किसी के पर्व और त्यौहार में किसी प्रकार का डिस्टरबेंस नहीं है सबको फ्रीडम है हर प्रकार की तो फिर अराजकता फैलाने की और दंगा करने की छूट भी किसी को नहीं देंगे और हम लोगों ने पहले दिन सब पर बराबर लागू किया और कानून आज भी प्रदेश के अंदर सब पर बराबर लागू होता है इसके लिए आपको कोई खासकर पुलिस महकमे में कोई बदलाव करना पड़ा पुलिस को कोई खास निर्देश देने पड़े देखिए फोर्स वही है लेकिन हां पुलिस में हमने व्यापक रिफॉर्म किए पुलिस आधुनिकीकरण के लिए कदम बढ़ाए उत्तर प्रदेश पुलिस को तकनीकी दिश से सक्षम बनाया हमने पुलिस भर्ती की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न किया 1600 पुलिस की भर्ती को किया था और प्रदेश के सभी सा जनपदों से उसमें भर्ती हुई सभी 75 जनपदों से सभी लाख भती पुलिस की भर्ती हुई है पूरे प्रदेश के अंदर उनकी ट्रेनिंग करवाई गई ट्रेनिंग की क्षमता का विस्तार करवाया गया और यही नहीं हम लोगों ने फॉरेंसिक लैब हर रेंज स्तर पर बनाने की कारवाही को आगे बढ़ाया साइबर थाने हर रेंज स्तर पर बनाए उत्तर प्रदेश अपना यूपी फॉरेंसिक इंस्टिट्यूट स्थापित कर रहा है इस सत्र में उसमें क्लासेस भी शुरू हो जाएंगे यह कदम बढ़ाने के साथ एसटीआरएफ का गठन पहली बार यूपी के अंदर हुआ 54 पीएससी की कंपनियां समाप्त कर दी गई थी उनका पुनर्गठन हुआ और प्रदेश के अंदर मेट्रो एयरपोर्ट और औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा के लिए स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन भी इस दौरान हम लोगों ने किया है एसटीएफ और एटीएस का भी स्ट्रेंथ किया गया और इनको तकनीकी दिश से सक्षम बनाया गया तब जाकर के हम लोग इस कार्यक्रम को आगे बढ़ा पा रहे हैं लेकिन इस इस आरोप पर आपको क्या कहना है कि आपकी सरकार में एनकाउंटर होते हैं और वो एनकाउंटर में भी फिर बताया जाता है कि मुसलमान ही मारा जाता है मुसलमान के पाव में गोली लगती है आरोप तो कोई भी लगा सकता है मुझे लगता है हर एक व्यक्ति को अपनी बात बोलने का अधिकार है मुझे एक बात बताइए उत्तर प्रदेश के बहुत सारे पुलिस कर्मी इस दौरान शहीद हुए 25 करोड़ की आबादी है हमारा जवान अगर कहीं शहीद हो जाता है तो क्या वह वैसे ही अपने को दांव लगा रहा है उन दुर्दांत माफिया और अपराधी जो सरकार चलाते थे उनसे लड़ना आसान काम नहीं था कौन उनके सामने बोलता था मैंने बताया ना आपको मुता अंसारी ने पहला अपराध कब किया था 1978 में किया था पहली हत्या 1981 में की थी कोई मुझे बताएगा कि 1981 1978 में हुआ अपराध में क्यों नहीं उसमें कारवाई हुई क्यों नहीं उसके बाद लगातार उस पर शिकंजा कसा गया व हत्या पर हत्या करता गया अपराध करता गया कैसे एमएलए हो गया कैसे व लगातार विभिन्न जो भी दल सत्ता में आता था उसके उसका सागर्द बन जाता था कोई बात तो रही होगी ना कहीं ना कहीं कोई संरक्षण तो रहा होगा जाहिर यह चीजें दिखाती हैं कि एजेंडा हमारा क्या है इन माफियाओं को बचाना इन संगठित गिरोहों के संचालकों को बचाना है या फिर उत्तर प्रदेश की 20 22 या 25 करोड़ आबादी के हितों को संरक्षण देते हुए यहां के किसानों के लिए यहां के नौजवानों के लिए यहां की बहन बेटियों के लिए हमें कुछ करना है अगर गांव गरीब किसान नौजवान महिलाएं यह सभी एजेंडे के हिस्से होते तो मुख्तार और अतीक अहमद जैसे माफिया नहीं पैदा होते कतई नहीं पैदा हो सकते थे क्योंकि यह हमेशा विकास के मार्ग के बैरियर रहेंगे हमेशा किसी भी राज्य के लिए और किसी भी व्यवस्था के लिए चुनौती ब बने रहेंगे और हमें हर हार में इस प्रकार की किसी भी कुप्रथा को माफिया किसी भी प्रवृति का हो और किसी भी रूप में हो उसको नकारना चाहिए उसके खिलाफ मोर्चा लेना चाहिए मैं आज आपसे पूछना चाहता हूं कि ऐसी क्या वजह आपको पता लगी कि यह व्यक्ति जेल की पंजाब की जेल में इतना आराम से रह रहा था मुख्तार अंसारी और यहां आने के बाद फिर जो सलूक होना था वह हुआ देखिए यह हम सबका बड़ा दुर्भाग्य है किस प्रकार के पेशेवर माफिया और अपराधी किसी ना किसी रूप में सत्ता का संरक्षण प्राप्त कर लिया करते थे मुख्तार अंसारी ने पहला अपराध 1978 में किया था और 1978 से लेकर के लगातार अपराध करता रहा आज भी उसमें उस पर 54 से लेकर 58 मामले अलग-अलग अलग अलग थाना क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के अंदर दर्ज है पहली बार 44 वर्ष के बाद पहली बार उस माफिया को सजा हुई है एक लोअर कोर्ट से हुई है एक एक मामले में एक दो मामलों में लोअर कोर्ट से हु और एक मामले में हाई कोर्ट से हुई है आखिर क्या कारण है कि लोग हत्या करें अपहरण करें जबरन कब्जा करें और कोई इनके खिलाफ गवाही नहीं देता क्या कारण है कि सरेआम में लोग दंगा भड़का है और एक जनप प्रतिनिधि के रूप में वह व्यक्ति अपनी नंगी रिवार बल लेकर के पिस्टल लेकर के लहराते हुए खुली जीप में जाए और सरकार कर क्या रही थी क्या कर रही है सरकार यह काम किसी व्यक्ति का नहीं होना चाहिए यह तो फोर्स है उसके लिए दंगा अगर हो रहा है फोर्स रोके उसको लेकिन नहीं उसको पूरी छूट दी जाती है आप उस तस्वीर की बात कर रहे मुख्तार अंसारी म में जीप के ऊपर बैठ के च उस बात कर रहा इसी प्रकार की स्थिति प्रयागराज में भी थी अ क्या स्थिति बनाक रखी थी सैकड़ों एकड़ शासन की भूमि को विकास प्राधिकरण की भूमि को कब्जा करके कॉलोनी बसाया जा रहा है कोई रोकने वाला नहीं कोई टोकने वाला नहीं अपराध पर अपराध किए जा रहे थे कोई उस कोई उस यानी कहीं भी कोई उसके खिलाफ बोलने वाला नहीं आखिर किसी को तो स्टैंड लेना पड़ेगा और कब तक चलेगी अराजकता एक व्यक्ति के लिए हम 25 करोड़ आबादी के जीवन को दाव में लगा दे यह नहीं हो सकता हमारे लिए उत्तर प्रदेश की जनता महत्त्वपूर्ण थी और इसलिए हम लोगों ने कहा कि नहीं अगर इन माफियाओं से हम शक्ति से निपटें नहीं तो 25 करोड़ प्रदेश की जनता के हितों के लिए फिर हम कुछ भी करने में सफल नहीं होंगे और उत्तर प्रदेश के परसेप्शन को तो बदलना ही पड़ेगा प्रदेश में कानून का राज होगा उत्तर प्रदेश दंगा मुक्त होगा बिना भेदभाव के शासन की योजना जब हर जाति मत और मजहब के लोगों को मिल रहा है किसी के पर्व और त्यौहार में किसी प्रकार का डिस्टरबेंस नहीं है सबको फ्रीडम है हर प्रकार की तो फिर अराजकता फैलाने की और दंगा करने की छूट भी किसी को नहीं देंगे और हम लोगों ने पहले दिन सब पर बराबर लागू किया और कानून आज भी प्रदेश के अंदर सब बराबर लागू होता इसके लिए आपको कोई खासकर पुलिस महकमे में कोई बदलाव करना पड़ा पुलिस को कोई खास निर्देश देने पड़े देखिए फोर्स वही है लेकिन हां पुलिस में हमने व्यापक रिफॉर्म किए पुलिस आधुनिकीकरण के लिए कदम बढ़ाए उत्तर प्रदेश पुलिस को तकनीकी दिश से सक्षम बनाया हमने पुलिस भर्ती की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न किया 16 पुलिस की भर्ती को किया था और प्रदेश के सभी साठ जनपदों से उसमें भर्ती हुई सभी 75 जनपदों से सभी 10 लाख भर्ती पुलिस की भर्ती हुई है पूरे प्रदेश के अंदर उनकी ट्रेनिंग करवाई गई ट्रेनिंग की क्षमता का विस्तार करवाया गया और यही नहीं हम लोगों ने फॉरेंसिक लैब हर रेंज स्तर पर बनाने की कारवाही को आगे बढ़ाया साइबर थाने हर रेंज स्तर पर बनाए उत्तर प्रदेश अपना यूपी फॉरेंसिक इंस्टिट्यूट स्थापित कर रहा है इस सत्र में उसमें क्लासेस भी शुरू हो जाएंगे यह कदम बढ़ाने के साथ एसटीआरएफ का गठन पहली बार यूपी के अंदर हुआ 54 पीएससी की कंपनियां समाप्त कर दी गई थी उनका पुनर्गठन हुआ और प्रदेश के अंदर मेट्रो एयरपोर्ट और औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा के लिए स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन भी इस दौरान हम लोगों ने किया है एसटीएफ और एटीएस का भी स्ट्रेंथ किया गया और इनको तकनीकी दिश से सक्षम बनाया गया तब जाकर के हम लोग इस कार्यक्रम को आगे बढ़ा पा रहे हैं लेकिन इस इस आरोप पर आपको क्या कहना है कि आपकी सरकार में एनकाउंटर होते हैं और वो उन एनकाउंटर में भी फिर य बताया जाता है कि मुसलमान ही मारा जाता है मुसलमान के पाव में गोली लगती है आरोप तो कोई भी लगा सकता है मुझे लगता है हर एक व्यक्ति को अपनी बात बोलने का अधिकार है मुझे एक बात बताइए उतर प्रदेश के बहुत सारे पुलिस कर्मी इस दौरान शहीद हुए 25 करोड़ की आबादी है हमारा जवान अगर कहीं शहीद हो जाता है तो क्या वह वैसे अपने को दाव लगा रहा है उन दुर्दांत माफिया और अपराधी जो पैरेलल सरकार चलाते थे उनसे लड़ना आसान काम नहीं था कौन उनके सामने बोलता था मैंने बताया ना आपको अंसारी ने पहला अपराध कब किया था 1978 में किया था पहली हत्या 1981 में की थी कोई मुझे बताएगा कि 1981 1978 में हुआ अपराध में क्यों नहीं उसमें कारवाई हुई क्यों नहीं उसके बाद लगातार उस पर शिकंजा कसा गया व हत्या पर हत्या करता गया अपराध करता गया कैसे व एमएलए हो गया कैसे व लगातार विभिन्न जो भी दल सत्ता में आता था उसके उसका सागर्द बन जाता था कोई बात तो रही होगी ना कहीं ना कहीं कोई संरक्षण तो रहा होगा ना जाहिर है यह चीजें दिखाती हैं कि एजेंडा हमारा क्या है इन माफियाओं को बचाना इन संगठित गिरोहों के संचालकों को बचाना है या फिर उत्तर प्रदेश की 20 22 या 25 करोड़ आबादी के हितों को संरक्षण देते हुए यहां के हित किसानों के लिए यहां के नौजवानों के लिए यहां की बहन बेटियों के लिए हमें कुछ करना है अगर गांव गरीब किसान नौजवान महिलाएं यह सभी एजेंडे के हिस्से होते तो मुख्तार और अतीक अहमद जैसे माफिया नहीं पैदा होते कतई नहीं पैदा हो सकते थे क्योंकि यह हमेशा विकास के मार्ग के बैरियर रहेंगे हमेशा किसी भी राज्य के लिए और किसी भी व्यवस्था के लिए चुनौती ब बने रहेंगे और हमें हर हार में इस प्रकार की किसी भी कुप्रथा को माफिया किसी भी प्रवृत्ति का हो किसी भी रूप में हो उसको नकारना चाहिए उसके खिलाफ मोर्चा लेना चाहिए मैं आज आपसे पूछना चाहता हूं कि ऐसी क्या वजह आपको पता लगी कि यह व्यक्ति जेल की पंजाब की जेल में इतना आराम से रह रहा था मुख्तार अंसारी और यहां आने के बाद फिर जो सलूक होना था वह हुआ देखिए यह हम सबका बड़ा दुर्भाग्य है किस प्रकार के पेशेवर माफिया और अपराधी किसी ना किसी रूप में सत्ता का संरक्षण प्राप्त कर लिया करते थे मुख्तार अंसारी ने पहला अपराध 1978 में किया था और 1978 से लेकर के लगातार अपराध करता रहा आज भी उसम उस पर 54 से लेकर 58 मामले अलग-अलग अलग-अलग थाना क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के अंदर दर्ज हैं पहली बार 44 वर्ष के बाद पहली बार उस माफिया को सजा हुई है एक लोअर कोर्ट से हुई है एक एक मामले में एक दो मामलों में लोअर कोर्ट से हु और एक मामले में हाई कोर्ट से हुई है आखिर क्या कारण है य लोग हत्या करें अपहरण करें जबरन कब्जा करें और कोई इनके खिलाफ गवाही नहीं देता क्या कारण है कि सरेआम लोग दंगा भड़का है और एक जनप्रतिनिधि के रूप में वह व्यक्ति अपनी नंगी रि वार्बल लेकर के पिस्टल लेकर के लहराते हुए खुली जीप में जाए और सरकार कर क्या रही थी क्या कर रही है सरकार यह काम किसी व्यक्ति का नहीं होना चाहिए यह तो फोर्स है उसके लिए दंगा अगर हो रहा है फोर्स रोके उसको लेकिन नहीं उसको पूरी छूट दी जाती है आप उस तस्वीर की बात कर रहे हैं मुख्तार अंसारी मौ में जीभ के ऊपर बैठ के चल मैं उसी की बात कर रहा हूं इसी प्रकार की स्थिति प्रयागराज में भी थी अति क्या स्थिति बना के रखी थी सैकड़ों एकड़ शासन की भूमि को विकास प्राधिकरण की भूमि को कब्जा करके कॉलोनी बसाया जा रहा है कोई रोकने वाला नहीं कोई टोकने वाला नहीं अपराध पर अपराध किए जा रहे थे कोई उस कोई उस यानी कहीं भी कोई उसके खिलाफ बोलने वाला नहीं आखिर किसी को तो स्टैंड लेना पड़ेगा और कब तक चलेगी अराजकता एक व्यक्ति के लिए हम 25 करोड़ आबादी के जीवन को दाव में लगा दे यह नहीं हो सकता हमारे लिए उत्तर प्रदेश की जनता महत्त्वपूर्ण थी और इसलिए हम लोगों ने कहा कि नहीं अगर इन माफियाओं से हम शक्ति से निपट नहीं तो 25 करोड़ प्रदेश की जनता के हितों के लिए फिर हम कुछ भी करने में सफल नहीं होंगे और उत्तर प्रदेश के परसेप्शन को तो बदलना ही पड़ेगा प्रदेश में कानून का राज होगा उत्तर प्रदेश दंगा मुक्त होगा बिना भेदभाव के शासन की योजना जब हर जाति मत और मजहब के लोगों को किसी के पर्व और त्यौहार में किसी प्रकार का डिस्टरबेंस नहीं है सबको फ्रीडम है हर प्रकार की तो फिर अराजकता फैलाने की और दंगा करने की छूट भी किसी को नहीं देंगे और हम लोगों ने पहले दिन सब पर बराबर लागू किया और कानून आज भी प्रदेश के अंदर सब पर बराबर लागू होता है इसके लिए आपको कोई खासकर पुलिस महकमे में कोई बदलाव करना पड़ा पुलिस को कोई खास निर्देश देने पड़े देखिए फोर्स वही है लेकिन हां पुलिस में हमने व्यापक रिफॉर्म किए पुलिस आधुनिकीकरण के लिए कदम बढ़ाए उत्तर प्रदेश पुलिस को तकनीकी दिश से सक्षम बनाया हमने पुलिस भर्ती की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न किया 160000 पुलिस की भर्ती को किया था और प्रदेश के सभी साठ जनपदों से उसमें भर्ती हुई सभी 75 जनपदों से सभी लाख भती पुलिस की भर्ती हुई है पूरे प्रदेश के अंदर उनकी ट्रेनिंग करवाई गई ट्रेनिंग की क्षमता का विस्तार करवाया गया और यही नहीं हम लोगों ने फॉरेंसिक लैब हर रेंज स्तर पर बनाने की कारवाई को आगे बढ़ाया साइबर थाने हर रेंज स्तर पर बनाए उत्तर प्रदेश अपना यूपी फॉरेंसिक इंस्टिट्यूट स्थापित कर रहा है इस सत्र में उसमें क्लासेस भी शुरू हो जाएंगे यह कदम बढ़ाने के साथ एसटीआरएफ का गठन पहली बार यूपी के अंदर हुआ 54 पीएससी की कंपनियां समाप्त कर दी गई थी उनका पुनर्गठन हुआ और प्रदेश के अंदर मेट्रो एयरपोर्ट और औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा के लिए स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन भी इस दौरान हम लोगों ने किया है एसटीएफ और एटीएस का भी स्ट्रेंथ किया गया और इनको तकनीकी दिश से सक्षम बनाया गया तब जाकर के हम लोग इस कार्यक्रम को आगे बढ़ा पा रहे लेकिन इस इस आरोप पर आपको क्या क कि आपकी सरकार में एनकाउंटर होते हैं और वो उन एनकाउंटर में भी फिर बताया जाता है कि मुसलमान ही मारा जाता है मुसलमान के पाव में गोली लगती है आरोप तो कोई भी लगा सकता है मुझे लगता है हर एक व्यक्ति को अपनी बात बोलने का अधिकार है मुझे एक बात बताइए उत्तर प्रदेश के बहुत सारे पुलिस कर्मी इस दौरान शहीद हुए 25 करोड़ की आबादी है हमारा जवान अगर कहीं शहीद हो जाता है तो क्या वह वैसे अपने कोव लगा रहा है उन दुर्दांत माफिया और अपराधी जो पैरलल सरकार चलाते थे उनसे लड़ना आसान काम नहीं था कौन उनके सामने बोलता था मैंने बताया ना आपको ता अंसारी ने पहला अपराध कब किया था 1978 में किया था पहली हत्या 1981 में की थी कोई मुझे बताएगा कि 1981 और 1978 में हुआ अपराध में क्यों नहीं उसमें कारवाई हुई क्यों नहीं उसके बाद लगातार उस पर शिकंजा कसा गया व हत्या पर हत्या करता गया अपराध करता गया कैसे व एमएलए हो गया कैसे व लगातार विभिन्न जो भी दल सत्ता में आता था उसके उसका सागर्द बन जाता था कोई बात तो रही होगी ना कहीं ना कहीं कुछ संरक्षण तो रहा होगा जाहिर यह चीजें दिखाती हैं कि एजेंडा हमारा क्या है इन माफियाओं को बचाना इन संगठित गिरोहों के संचालकों को बचाना है या फिर उत्तर प्रदेश की 20 22 या 25 करोड़ आबादी के हितों को संरक्षण देते हुए यहां के किसानों के लिए यहां के नौजवानों के लिए यहां की बहन बेटियों के लिए हमें कुछ करना है अगर गांव गरीब किसान नौजवान महिलाएं यह सभी एजेंडे के हिस्से होते तो मुख्तार और अतीक अहमद जैसे माफिया नहीं पैदा होते कतई नहीं पैदा हो सकते थे क्योंकि यह हमेशा विकास के मार्ग के बैरियर रहेंगे हमेशा किसी भी राज्य के लिए और किसी भी व्यवस्था के लिए चुनौती ब बने रहेंगे और हमें हर हाल में इस प्रकार की किसी भी कुप्रथा को माफिया किसी भी प्रवृति का हो और किसी भी रूप में हो उसको नकारना चाहिए उसके खिलाफ मोर्चा लेना चाहिए मैं आज आपसे पूछना चाहता हूं कि ऐसी क्या वजह आपको पता लगी कि यह व्यक्ति जेल की पंजाब की जेल में इतना आराम से रह रहा था मुख्तार अंसारी और यहां आने के बाद फिर जो सलूक होना था वह हुआ देखिए यह हम सबका बड़ा दुर्भाग्य है किस प्रकार के पेशेवर माफिया और अपराधी किसी ना किसी रूप में सत्ता का संरक्षण प्राप्त कर लिया करते थे मुख्तार अंसारी ने पहला अपराध 19 7 में किया था और 1978 से लेकर के लगातार अपराध करता रहा आज भी उसम उस पर 54 से लेकर 58 मामले अलग-अलग अलग-अलग थाना क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के अंदर दर्ज हैं पहली बार 44 वर्ष के बाद पहली बार उस माफिया को सजा हुई एक लोअर कोर्ट से हुई है एक एक मामले में एक दो मामलों में लोअर कोर्ट से और एक मामले में हाई कोर्ट से हुई है आखिर क्या कारण है य लोग हत्या करें अपहरण करें जबरन कब्जा करें और कोई इनके खिलाफ गवाही नहीं देता क्या कारण है कि सरेआम में लोग दंगा भड़का है और एक जनप्रतिनिधि के रूप में वह व्यक्ति अपनी नंगी लिवार बल लेकर के पिस्टल लेकर के लहराते हुए खुली जीप में जाए और सरकार कर क्या रही थी क्या कर रही है सरकार यह काम किसी व्यक्ति का नहीं होना चाहिए यह तो फोर्स है उसके लिए दंगा अगर हो रहा है फोर्स रोके उसको लेकिन नहीं उसको पूरी छूट दी जाती है आप उस तस्वीर की बात कर रहे मुखता अंसारी म में जीप के ऊपर बैठ के चल उसी की बात कर रहा हूं इसी प्रकार की स्थिति प्रयागराज में भी थी अति क्या स्थिति बना के रखी थी सैकड़ों एकड़ शासन की भूमि को विकास प्राधिकरण की भूमि को कब्जा करके कॉलोनी बसाया जा रहा है कोई रोकने वाला नहीं कोई टोकने वाला नहीं अपराध पर अपराध किए जा रहे थे कोई उस कोई उस यानी कहीं भी कोई उसके खिलाफ बोलने वाला नहीं आखिर किसी को तो स्टैंड लेना पड़ेगा और कब तक चलेगी अराजकता एक व्यक्ति के लिए हम 25 करोड़ आबादी के जीवन को दाव में लगा दे यह नहीं हो सकता हमारे लिए उत्तर प्रदेश की जनता महत्त्वपूर्ण थी और इसलिए हम लोगों ने कहा कि नहीं अगर इन माफियाओं से हम शक्ति से निपट नहीं तो 25 करोड़ प्रदेश की जनता के हितों के लिए फिर हम कुछ भी करने में सफल नहीं होंगे और उत्तर प्रदेश के परसेप्शन को तो बदलना ही पड़ेगा प्रदेश में कानून का राज होगा उत्तर प्रदेश दंगा मुक्त होगा बिना भेदभाव के शासन की योजना जब हर जाति मत और मजहब के लोगों को मिल रहा है किसी के पर्व और त्यौहार में किसी प्रकार का डिस्टरबेंस नहीं है सबको फ्रीडम है हर प्रकार की तो फिर अराजकता फैलाने की और दंगा करने की छूट भी किसी को नहीं देंगे और हम लोगों ने पहले दिन सब पर बराबर लागू किया और कानून आज भी प्रदेश के अंदर सब पर बराबर लागू होता है इसके लिए आपको कोई खासकर पुलिस महकमे में कोई बदलाव करना पड़ा पुलिस को कोई खास निर्देश देने पड़े देखिए फोर्स वही है लेकिन हां पुलिस में हमने व्यापक रिफॉर्म किए पुलिस आधुनिकीकरण के लिए कदम बढ़ाए उत्तर प्रदेश पुलिस को तकनीकी दिश से सक्षम बनाया हमने पुलिस भर्ती की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न किया 1600 हज पुलिस की भर्ती को किया था और प्रदेश के सभी साठ जनपदों से उसमें भर्ती हुई सभी 75 जनपदों से सभी 10 लाख भती पुलिस की भर्ती हुई है परे प्रदेश के अंदर उनकी ट्रेनिंग करवाई गई ट्रेनिंग की क्षमता का विस्तार करवाया गया और यही नहीं हम लोगों ने फॉरेंसिक लैब हर रेंज स्तर पर बनाने की कारवाई को आगे बढ़ाया साइबर थाने हर रेंज स्तर पर बनाए उत्तर प्रदेश अपना यूपी फॉरेंसिक इंस्टिट्यूट स्थापित कर रहा है इस सत्र में उसमें क्लासेस भी शुरू हो जाएंगे यह कदम बढ़ाने के साथ एसटीआरएफ का गठन पहली बार यूपी के अंदर हुआ 54 पीएससी की कंपनियां समाप्त कर दी गई थी उनका पुनर्गठन हुआ और प्रदेश के अंदर मेट्रो एयरपोर्ट और औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा के लिए स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन भी इस दौरान हम लोगों ने किया है एसटीएफ और एटीएस का भी स्ट्रेंथ किया गया और इनको तकनीकी दिश से सक्षम बनाया गया तब जाकर के हम लोग इस कार्यक्रम को आगे बढ़ा पा रहे हैं लेकिन इस इस आरोप पर आपको क्या कहना है कि आपकी सरकार में एनकाउंटर होते हैं और वो उन एनकाउंटर में भी फिर बताया जाता है कि मुसलमान ही मारा जाता है मुसलमान के पाव में गोली लगती है आरोप तो कोई भी लगा सकता है मुझे लगता है हर एक व्यक्ति को अपनी बात बोलने का अधिकार है मुझे एक बात बताइए उत्तर प्रदेश के बहुत सारे पुलिस कर्मी इस दौरान शहीद हुए 25 करोड़ की आबादी है हमारा जवान अगर कहीं शहीद हो जाता है तो क्या वह वैसे ही अपने को दांव लगा रहा है उन दुर्दांत माफिया और अपराधी जो पैरलल सरकार चलाते थे उनसे लड़ना आसान काम नहीं था कौन उनके सामने बोलता था मैंने बताया ना आपको ता अंसारी ने पहला अपराध कब किया था 1978 में किया था पहली हत्या 1981 में की थी कोई मुझे बताएगा कि 1981 और 1978 में हुआ अपराध में क्यों नहीं उसमें कारवाई हुई क्यों नहीं उसके बाद लगातार उस पर शिकंजा कसा गया व हत्या प हत्या करता गया अपराध करता गया कैसे एमएलए हो गए कैसे व लगातार विभिन्न जो भी दल सत्ता में आता था उसके उसका सागर्द बन जाता था कोई बात तो रही होगी ना कहीं ना कहीं कोई संरक्षण तो रहा होगा यह चीजें दिखाती हैं कि एजेंडा हमारा क्या है इन माफियाओं को बचाना इन संगठित ग्रहो के संचालकों को बचाना है या फिर उत्तर प्रदेश की 20 22 या 25 करोड़ आबादी के हितों को संरक्षण देते हुए यहां के किसानों के लिए यहां के नौजवानों के लिए यहां की बहन बेटियों के लिए हमें कुछ करना है अगर गांव गरीब किसान नौजवान महिलाएं यह सभी एजेंडे के हिस्से होते तो मुख्तार और अतीक अहमद जैसे माफिया नहीं पैदा होते कतई नहीं पैदा हो सकते थे क्योंकि यह हमेशा विकास के मार्ग के बैरियर रहे हमेशा किसी भी राज्य के लिए और किसी भी व्यवस्था के लिए चुनौती ब बने रहेंगे और हमें हर हाल में इस प्रकार की किसी भी कुप्रथा को माफिया किसी भी प्रवृति का हो और किसी भी रूप में हो उसको नकारना चाहिए उसके खिलाफ मोर्चा लेना चाहिए मैं आज आपसे पूछना चाहता हूं कि ऐसी क्या वजह आपको पता लगी कि यह व्यक्ति जेल की पंजाब की जेल में इतना आराम से रह रहा था मुख्तार अंसारी और यहां आने के बाद फिर जो सलूक होना था वो हुआ देखिए यह हम सबका बड़ा दुर्भाग्य है इसस प्रकार के पेशेवर माफिया और अपराधी किसी ना किसी रूप में सत्ता का संरक्षण प्राप्त कर लिया करते थे मुख्तार अंसारी ने पहला अपराध 1978 में किया था और 1978 से लेकर के लगातार अपराध करता रहा आज भी उसम उस पर 54 से लेकर 58 मामले अलग-अलग अलग-अलग थाना क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के अंदर दर्ज है पहली बार 44 वर्ष के बाद पहली बार उस माफिया को सजा हुई है एक लोअर कोर्ट से हुई है एक एक मामले में एक दो मामलों में लोअर कोर्ट से और एक मामले में हाई कोर्ट से हुई है आखिर क्या कारण है कि लोग हत्या करें अपहरण करें जबरन कब्जा करें और कोई इनके खिलाफ गवाही नहीं देता क्या कारण है कि सरेआम य लोग दंगा भड़का है और एक जनप्रतिनिधि के रूप में वह व्यक्ति अपनी नंगी रिबल लेकर के पिस्टल लेकर के लहराते हुए खुली जीप में जाए और सरकार कर क्या रही क्या कर रही है सरकार यह काम किसी व्यक्ति का नहीं होना चाहिए यह तो फोर्स है उसके लिए दंगा अगर हो रहा है फोर्स रोके उसको लेकिन नहीं उसको पूरी छूट दी जाती है आप उस तस्वीर की बात कर रहे मुख्तार अंसारी म में जीभ के ऊपर बैठ के चल उस बात करर इसी प्रकार की स्थिति प्रयागराज में भी थी अ क्या स्थिति बना के रखी थी सैकड़ों एकड़ शासन की भूमि को विकास प्राधिकरण की भूमि को कब्जा करके कॉलोनी बसाया जा रहा है कोई रोकने वाला नहीं कोई टोकने वाला नहीं अपराध पर अपराध किए जा रहे थे कोई उस कोई उस यानी कहीं भी कोई उसके खिलाफ बोलने वाला नहीं आखिर किसी को तो स्टैंड लेना पड़ेगा और कब तक चलेगी अराजकता एक व्यक्ति के लिए हम 255 करोड़ आबादी के जीवन को दाव में लगा दे यह नहीं हो सकता हमारे लिए उत्तर प्रदेश की जनता महत्त्वपूर्ण थी और इसलिए हम लोगों ने कहा कि नहीं अगर इन माफियाओं से हम शक्ति से निपटें नहीं तो 25 करोड़ प्रदेश की जनता के हितों के लिए फिर हम कुछ भी करने में सफल नहीं होंगे और उत्तर प्रदेश के परसेप्शन को तो बदलना ही पड़ेगा प्रदेश में कानून का राज होगा उत्तर प्रदेश दंगा मुक्त होगा बिना भेदभाव के शासन की योजना जब हर जाति मत और मजहब के लोगों को मिलना है किसी के पर्व और त्यौहार में किसी प्रकार का डिस्टरबेंस नहीं है सबको फ्रीडम है हर प्रकार की तो फिर अराजकता फैलाने की और दंगा करने की छूट भी किसी को नहीं देंगे और हम लोगों ने पहले दिन सब पर बराबर लागू किया और कानून आज भी प्रदेश के अंदर सब पर बराबर लागू होता है इसके लिए आपको कोई खासकर पुलिस महकमे में कोई बदलाव करना पड़ा पुलिस को कोई खास निर्देश देने पड़े देखिए फोर्स वही है लेकिन हां पुलिस में हमने व्यापक रिफॉर्म किए पुलिस आधुनिकीकरण के लिए कदम बढ़ाए उत्तर प्रदेश पुलिस को तकनीकी दिश से सक्षम बनाया हमने पुलिस भर्ती की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न किया 1600 पुलिस की भर्ती को किया था और प्रदेश के सभी साठ जनपदों से उसमें भर्ती हुई सभी 75 जनपदों सभी लाख भती पुलिस की भर्ती हुई है पूरे प्रदेश के अंदर उनकी ट्रेनिंग करवाई गई ट्रेनिंग की क्षमता का विस्तार करवाया गया और यही नहीं हम लोगों ने फॉरेंसिक लैब हर रेंज स्तर पर बनाने की कार्रवाई को आगे बढ़ाया साइबर थाने हर रेंज स्तर पर बनाए उत्तर प्रदेश अपना यूपी फॉरेंसिक इंस्टिट्यूट स्थापित कर रहा है इस सत्र में उसमें क्लासेस भी शुरू हो जाएंगी यह कदम बढ़ाने के साथ एसटीआरएफ का गठन पहली बार यूपी के अंदर हुआ 54 पीएससी की कंपनियां समाप्त कर दी गई थी उनका पुनर्गठन हुआ और प्रदेश के अंदर मेट्रो एयरपोर्ट और औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा के लिए स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन भी इस दौरान हम लोगों ने किया है एसटीएफ और एटीएस का भी स्ट्रेंथ किया गया और इनको तकनीकी दिश से सक्षम बनाया गया तब जाकर के हम लोग इस कार्यक्रम को आगे बढ़ा पा रहे हैं लेकिन इस इस आरोप पर आपको क्या कहना है कि आपकी सरकार में एनकाउंटर होते हैं और वो उन एनकाउंटर में भी फिर बताया जाता है कि मुसलमान ही मारा जाता है मुसलमान के पाव में गोली लगती आरोप तो कोई भी लगा सकता है मुझे लगता है हर एक व्यक्ति को अपनी बात बोलने का अधिकार है मुझे एक बात बताइए उत्तर प्रदेश के बहुत सारे पुलिस कर्मी इस दौरान शहीद हुए 25 करोड़ की आबादी है हमारा जो अगर कहीं शहीद हो जाता है तो क्या वह वैसे अपने को दांव लगा रहा है उन दुर्दांत माफिया और अपराधी जो पैरेलल सरकार चलाते थे उनसे लड़ना आसान काम नहीं था कौन उनके सामने बोलता था मैंने बताया ना आपको मुता अंसारी ने पहला अपराध कब किया था 1978 में किया था पहली हत्या 1981 में की थी कोई मुझे बताएगा कि 1981 1978 में हुआ अपराध में क्यों नहीं उसमें कारवाई हुई क्यों नहीं उसके बाद लगातार उस पर शिकंजा कसा गया वह हत्या पर हत्या करता गया अपराध करता गया कैसे व एमएलए हो गया कैसे व लगातार विभिन्न जो भी दल सत्ता में आता था उसके उसका सागर्द बन जाता था कोई बात तो रही होगी ना कहीं ना कहीं कोई संरक्षण तो रहा होगा यह चीजें दिखाती हैं कि एजेंडा हमारा क्या है इन माफियाओं को बचाना इन संगठित गिरोहों के संचालकों को बचाना है या फिर उत्तर प्रदेश की 20 22 या 25 करोड़ आबादी के हितों को संरक्षण देते हुए यहां के किसानों के लिए यहां के नौजवानों के लिए यहां की बहन बेटियों के लिए हमें कुछ करना है अगर गांव गरीब किसान नौजवान महिलाएं य सभी एजेंडे के हिस्से होते तो मुख्तार और अतीक अहमद जैसे माफिया नहीं पैदा होते कतई नहीं पैदा हो सकते थे क्योंकि यह हमेशा विकास के मार्ग के बैरियर रहेंगे हमेशा किसी भी राज्य के लिए और किसी भी व्यवस्था के लिए चुनौती ब बने रहेंगे और हमें हर हार में इस प्रकार की किसी भी कुप्रथा को माफिया किसी भी प्रवृत्ति का और किसी रूप में हो उसको नकारना चाहिए उसके खिलाफ मोर्चा लेना चाहिए मैं आज आपसे पूछना चाहता हूं कि ऐसी क्या वजह आपको पता लगी कि यह व्यक्ति जेल की पंजाब की जेल में इतना आराम से रह रहा था मुख्तार अंसारी और यहां आने के बाद फिर जो सलूक होना था वह हुआ देखिए यह हम सबका बड़ा दुर्भाग्य है किस प्रकार के पेशेवर माफिया और अपराधी किसी ना किसी रूप में सत्ता का संरक्षण प्राप्त कर लिया कर करते थे मुख्तार अंसारी ने पहला अपराध 1978 में किया था और 1978 से लेकर के लगातार अपराध करता रहा आज भी उसमें उस पर 54 से लेकर 58 मामले अलग अलग अलग अलग थाना क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के अंदर दर्ज है पहली बार वर्ष के बाद पहली बार उस माफिया को सजा हुई है एक लोअर कोर्ट से हुई है एक एक मामले में एक दो मामलो में लोअर कोर्ट से और एक मामले में हाई कोर्ट से हुई है आखिर क्या कारण है कि लोग हत्या करें अपहरण करें जबरन कब्जा करें और कोई इनके खिलाफ गवा नहीं देता क्या कारण है कि सरेआम लोग दंगा भड़का है और एक जनप्रतिनिधि के रूप में वह व्यक्ति अपनी नंगी रिवार बल लेकर के पिस्टल लेकर के लहराते हुए खुली जीप में जाए और सरकार कर क्या रही थी क्या कर रही है सरकार यह काम किसी व्यक्ति का नहीं होना चाहिए ये तो फोर्स है उसके लिए दंगा अगर हो रहा है फोर्स रोके उसको लेकिन नहीं उसको पूरी छूट दी जाती है आप उस तस्वीर की बात कर रहे मुख्तार अंसारी म में जीभ के ऊपर बैठ के चल उस की बात कर रं इसी प्रकार की स्थिति प्रयागराज में भी थी अति क्या स्थिति बना के रखी थी सैकड़ों एकड़ शासन की भूमि को विकास प्राधिकरण की भूमि को कब्जा करके कॉलोनी बसाया जा रहा है कोई रोकने वाला नहीं कोई टोकने वाला नहीं अपराध पर अपराध किए जा रहे थे कोई उस कोई उस यानी कहीं भी कोई उसके खिलाफ बोलने वाला नहीं आखिर किसी को तो स्टैंड लेना पड़ेगा और कब तक चलेगी अराजकता एक व्यक्ति के लिए हम 25 करोड़ आबादी के जीवन को दाव में लगा दे यह नहीं हो सकता हमारे लिए उत्तर प्रदेश की जनता महत्त्वपूर्ण थी और इसलिए हम लोगों ने कहा कि नहीं अगर इन माफियाओं से हम शक्ति से निपट नहीं तो 25 करोड़ प्रदेश की जनता के हितों के लिए फिर हम कुछ भी करने में सफल नहीं होंगे और उत्तर प्रदेश के परसेप्शन को तो बदलना ही पड़ेगा प्रदेश में कानून का राज होगा उत्तर प्रदेश दंगा मुक्त होगा बिना भेदभाव के शासन की योजना जब हर जाति मत और मजहब के लोगों को मिलना है किसी के परव और त्यौहार में किसी प्रकार का डिस्टरबेंस नहीं है सबको फ्रीडम है हर प्रकार की तो फिर अराजकता फैलाने की और दंगा करने की छूट भी किसी को नहीं देंगे और हम लोगों ने पहले दिन सब पर बराबर लागू किया और कानून आज भी प्रदेश के अंदर सब पर बराबर लागू होता है इसके लिए आपको कोई खासकर पुलिस महकमे में कोई बदलाव करना पड़ा पुलिस को कोई खास निर्देश देने पड़े देखिए फोर्स वही है लेकिन हां पुलिस में हमने व्यापक रिफॉर्म किए पुलिस आधुनिकीकरण के लिए कदम बढ़ाए उत्तर प्रदेश पुलिस को तकनीकी दिश से सक्षम बनाया हमने पुलिस भर्ती की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न किया 160000 पुलिस की भर्ती को किया था और प्रदेश के सभी साठ जनपदों से उसमें भर्ती हुई सभी 75 जनपदों से सभी 10 लाख भर्ती पुलिस की भर्ती हुई है पूरे प्रदेश के अंदर उनकी ट्रेनिंग करवाई गई ट्रेनिंग की क्षमता का विस्तार करवाया गया और यही नहीं हम लोगों ने फ लैब हर रेंज स्तर पर बनाने की कारवाई को आगे बढ़ाया साइबर थाने हर रेंज स्तर पर बनाए उत्तर प्रदेश अपना यूपी फॉरेंसिक इंस्टिट्यूट स्थापित कर रहा है इस सत्र में उसमें क्लासेस भी शुरू हो जाएंगे यह कदम बढ़ाने के साथ एसटीआरएफ का गठन पहली बार यूपी के अंदर हुआ 54 पीएससी की कंपनियां समाप्त कर दी गई थी उनका पुनर्गठन हुआ और प्रदेश के अंदर मेट्रो एयरपोर्ट और औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा के लिए स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन भी इस दौरान हम लोगों ने किया है एसटीएफ और एटीएस का भी स्थन किया गया और इनको तकनीकी दिश से सक्षम बनाया गया तब जाकर के हम लोग इस कार्यक्रम को आगे बढ़ा रहे लेकिन इस इस आरोप पर आपको क्या कहना है कि आपकी सरकार में एनकाउंटर होते हैं और वो उन एनकाउंटर में भी फिर बताया जाता है कि मुसलमान ही मारा जाता है मुसलमान के पा आरोप तो कोई भी लगा सकता है मुझे लगता है हर एक व्यक्ति को अपनी बात बोलने का अधिकार है मुझे एक बात बताइए उत्तर प्रदेश के बहुत सारे पुलिस कर्मी इस दौरान शहीद हुए 25 करोड़ की आबादी है हमारा जवान अगर कहीं शहीद हो जाता है तो क्या वह वैसे ही अपने को दांव लगा रहा है उन दुर्दांत माफिया और अपराधी जो पैरेलल सरकार चलाते थे उनसे लड़ना आसान काम नहीं था कौन उनके सामने बोलता था मैंने बताया ना आपको उतार अंसारी ने पहला अपराध कब किया था 1978 में किया था पहली हत्या 1981 में की थी कोई मुझे बताएगा कि 1981 और 1978 में हुआ अपराध में क्यों नहीं उसमें कारवाई हुई क्यों नहीं उसके बाद लगातार उस पर शिकंजा कसा गया व हत्या पर हत्या करता गया अपराध करता गया कैसे व एमएलए हो गया कैसे व लगातार विभिन्न जो भी दल सत्ता में आता था उसके उसका सागर्द बन जाता था कोई बात तो रही होगी ना कहीं ना कहीं कुछ संरक्षण तो रहा होगा जाहिर यह चीजें दिखाती हैं कि एजेंडा हमारा क्या है इन माफियाओं को बचाना इन संगठित गिरोहों के संचालक को बचाना है या फिर उत्तर प्रदेश की 20 22 या 25 करोड़ आबादी के हितों को संरक्षण देते हुए यहां के किसानों के लिए यहां के नौजवानों के लिए यहां की बहन बेटियों के लिए हमें कुछ करना है अगर गांव गरीब किसान नौजवान महिलाएं यह सभी एजेंडे के हिस्से होते तो मुख्तार और अतीक अहमद जैसे माफिया नहीं पैदा होते कतई नहीं पैदा हो सकते थे क्योंकि यह हमेशा विकास के मार्ग के बैरियर रहेंगे हमेशा किसी भी राज्य के लिए और किसी भी व्यवस्था के लिए चुनौती ब बने रहेंगे और हमें हर हार में इस प्रकार की किसी भी कुप्रथा को माफिया किसी भी प्रवृति का हो और किसी भी रूप में हो उसको नकारना चाहिए उसके खिलाफ मोर्चा लेना चाहिए मैं आज आपसे पूछना चाहता हूं कि ऐसी क्या वजह आपको पता लगी कि यह व्यक्ति जेल की पंजाब की जेल में इतना आराम से रह रहा था मुख्तार अंसारी और और यहां आने के बाद फिर जो सलूक होना था वो हुआ देखिए यह हम सबका बड़ा दुर्भाग्य है किस प्रकार के पेशेवर माफिया और अपराधी किसी ना किसी रूप में सत्ता का संरक्षण प्राप्त कर लिया करते थे मुख्तार अंसारी ने पहला अपराध 1978 में किया था और 1978 से लेकर के लगातार अपराध करता रहा आज भी उसमें उस पर 54 से लेकर 58 मामले अलग-अलग अलग अलग थाना क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के अंदर दर्ज हैं पहली बार 44 वर्ष के बाद पहली बार उस माफिया को सजा हुई है एक लोअर कोर्ट से हुई है एक एक मामले में एक दो मामलो में लोर कोर्ट दो और एक मामले में हाई कोर्ट से हुई है आखिर क्या कारण है कि लोग हत्या करें अपहरण करें जबरन कब्जा करें और कोई इनके खिलाफ गवाही नहीं देता क्या कारण है कि सरेआम य लोग दंगा भड़का है और एक जनप्रतिनिधि के रूप में वह व्यक्ति अपनी नंगी रबल लेकर के पिस्टल लेकर के लहराते हुए खुली जीप में जाए और सरकार कर क्या रही थी क्या कर रही है सरकार यह काम किसी व्यक्ति का नहीं होना चाहिए ये तो फोर्स है उसके लिए दंगा अगर हो रहा है फोर्स रोके उसको लेकिन नहीं उसको पूरी छूट दी जाती है आप उस तस्वीर की बात कर रहे हैं मुख्तार अंसारी मौ में जीभ के ऊपर बैठ के चल र उसी की बात कर रहा हूं इसी प्रकार की स्थिति प्रयागराज में भी थी अति क्या स्थिति बना के रखी थी सैकड़ों एकड़ शासन की भूमि को विकास प्राधिकरण की भूमि को कब्जा करके कॉलोनी बसाए जा रहा है कोई रोकने वाला नहीं कोई टोकने वाला नहीं अपराध पर अपराध किए जा रहे थे कोई उस कोई उस यानी कहीं भी कोई उसके खिलाफ बोलने वाला नहीं आखिर किसी को तो ंड लेना पड़ेगा और कब तक चलेगी अराजकता एक व्यक्ति के लिए हम 25 करोड़ आबादी के जीवन को दाव में लगा दे यह नहीं हो सकता हमारे लिए उत्तर प्रदेश की जनता महत्त्वपूर्ण थी और इसलिए हम लोगों ने कहा कि नहीं अगर इन माफियाओं से हम शक्ति से निपट नहीं तो 25 करोड़ प्रदेश की जनता के हितों के लिए फिर हम कुछ भी करने में सफल नहीं होंगे और उत्तर प्रदेश के परसेप्शन को तो ब बदलना ही पड़ेगा प्रदेश में कानून का राज होगा उत्तर प्रदेश दंगा मुक्त होगा बिना भेदभाव के शासन की योजना जब हर जाति मत और मजहब के लोगों को मिलना है किसी के पर्व और त्यौहार में किसी प्रकार का डिस्टरबेंस नहीं है सबको फ्रीडम है हर प्रकार की तो फिर अराजकता फैलाने की और दंगा करने की छूट भी किसी को नहीं देंगे और हम लोगों ने पहले दिन सब पर बराबर लागू किया और कानून आज भी प्रदेश के अंदर सब पर बराबर लागू होता है इसके लिए आपको कोई खास पुलिस महकमे में कोई बदलाव करना पड़ा पुलिस को कोई खास निर्देश देने पड़े देखिए फोर्स वही है लेकिन हां पुलिस में हमने व्यापक रिफॉर्म किए पुलिस आधुनिकीकरण के लिए कदम बढ़ाए उत्तर प्रदेश पुलिस को तकनीकी दिश से सक्षम बनाया हमने पुलिस भर्ती की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न किया 160000 पुलिस की भर्ती को किया था और प्रदेश के सभी साठ जनपदों से उसमें भर्ती हुई सभी 75 जनपदों से सभी 10 लाख भती पुलिस की भर्ती हुई है पूरे प्रदेश के अंदर उनकी ट्रेनिंग करवाई गई ट्रेनिंग की क्षमता का विस्तार करवाया गया और यही नहीं हम लोगों ने फॉरेंसिक लैब हर रेंज स्तर पर बनाने की कार्रवाई को आगे बढ़ाया साइबर थाने हर रेंज स्तर पर बनाए उत्तर प्रदेश अपना यूपी फॉरेंसिक इंस्टिट्यूट स्थापित कर रहा है इस सत्र में उसमें क्लासेस भी शुरू हो जाएंगे यह कदम बढ़ाने के साथ एसटीआरएफ का गठन पहली बार यूपी के अंदर हुआ 54 पीएससी की कंपनियां समाप्त कर दी गई थी उनका पुनर्गठन हुआ और प्रदेश के अंदर मेट्रो एयरपोर्ट और औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा के लिए स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन भी इस दौरान हम लोगों ने किया है एसटीएफ और एटीएस का भी थन किया गया और इनको तकनीकी दिश से सक्षम बनाया गया तब जाकर के हम लोग इस कार्यक्रम को आगे बढ़ा पा रहे लेकिन इस इस आरोप पर आपको क्या कहना है कि आपकी सरकार में एनकाउंटर होते हैं और वो उन एनकाउंटर में भी फिर बताया जाता है कि मुसलमान ही मारा जाता मुसलमान के पाव में गोली लगती है आरोप तो कोई भी लगा सकता है मुझे लगता है हर एक व्यक्ति को अपनी बात बोलने का अधिकार है मुझे एक बात बताइए उत्तर प्रदेश के बहुत सारे पुलिस कर्मी इस दौरान शहीद हुए 25 करोड़ की आबादी है हमारा जवान अगर कहीं शहीद हो जाता है तो क्या वह वैसे ही अपने को दांव लगा रहा है उन दुर्दांत माफिया और अपराधी जो पैरेलल सरकार चलाते थे उनसे लड़ना आसान काम नहीं था कौन उनके सामने बोलता था मैंने बताया ना आपको मुता अंसारी ने पहला अपराध कब किया था 1978 में किया था पहली हत्या 1981 में की थी कोई मुझे बताएगा कि 1981 और 1978 में हुआ अपराध में क्यों नहीं उसमें कारवाई हुई क्यों नहीं उसके बाद लगातार उस शिकंजा कसा गया वह हत्या पर हत्या करता गया अपराध करता गया कैसे व एमएलए हो गया कैसे व लगातार विभिन्न जो भी दल सत्ता में आता था उसके उसका शागिर्द बन जाता था कोई बात तो रही होगी ना कहीं ना कहीं कोई संरक्षण तो रहा होगा ना जाहिर है यह चीजें दिखाती हैं कि एजेंडा हमारा क्या है इन माफियाओं को बचाना इन संगठित गिरोहों के संचालकों को बचाना है या फिर उत्तर प्रदेश की 20 22 या 25 करोड़ आबादी के हितों को संरक्षण देते हुए यहां के किसानों के लिए यहां के नौजवानों के लिए यहां की बहन बेटियों के लिए हमें कुछ करना है अगर गांव गरीब किसान नौजवान महिलाएं यह सभी एजेंडे के हिस्से होते तो मुख्तार और अतीक अहमद जैसे माफिया नहीं पैदा होते कतई नहीं पैदा हो सकते थे क्योंकि यह हमेशा विकास के मार्ग के बैरियर रहेंगे हमेशा किसी भी राज्य के लिए और किसी भी व्यवस्था के लिए चुनौती बने रहेंगे और हमें हर हार में इस प्रकार की किसी भी कुप्रथा को माफिया किसी भी प्रवृति का हो और किसी भी रूप में हो उसको नकारना चाहिए उसके खिलाफ मोर्चा लेना चाहिए मैं आज आपसे पूछना चाहता हूं कि ऐसी क्या वजह आपको पता लगी कि यह व्यक्ति जेल की पंजाब की जेल में इतना आराम से रह रहा था मुख्तार अंसारी और यहां आने के बाद फिर जो सलूक होना था वह हुआ देखिए यह हम सबका बड़ा दुर्भाग्य है किस प्रकार के पेशेवर माफिया और अपराधी किसी ना किसी रूप में सत्ता का संरक्षण प्राप्त कर लिया करते थे मुख्तार अंसारी ने पहला अपराध 1978 में किया था और 1978 से लेकर के लगातार अपराध करता रहा आज भी उसम उस पर 54 से लेकर 58 मामले अलग-अलग अलग अलग थाना क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के अंदर दर्ज है पहली बार 44 वर्ष के बाद पहली बार उस माफिया को सजा हुई है एक लोअर कोर्ट से हुई है एक एक मामले में एक दो मामलों में लोअर कोर्ट से और एक मामले में हाई कोर्ट से हुई है आखिर क्या कारण है य लोग हत्या करें अपहरण करें जबरन कब्जा करें और कोई इनके खिलाफ गवाही नहीं देता क्या कारण है कि सरेआम य लोग दंगा भड़का है और एक जनप्रतिनिधि के रूप में वह व्यक्ति अपनी नंगी रिवार बल लेकर के पिस्टल लेकर के लहराते हुए खुली जीप में जाए और सरकार कर क्या रही थी क्या कर रही है सरकार यह काम किसी व्यक्ति का नहीं होना चाहिए तो फोर्स है उसके लिए दंगा अगर हो रहा है फोर्स रोके उसको लेकिन नहीं उसको पूरी छूट दी जाती है आप उस तस्वीर की बात कर रहे मुख्तार अंसारी म में जीप के ऊपर बैठ के चल उस की बात कर रहा इसी प्रकार की स्थिति प्रयागराज में भी थी अ क्या स्थिति बना के रखी थी सेकड़ो एकड़ शासन की भूमि को विकास प्रधि की भूमि को कब्जा करके कॉलोनी बसाया जा रहा है कोई रोकने वाला नहीं कोई टोकने वाला नहीं अपराध पर अपराध किए जा रहे थे कोई उस कोई उस यानी कहीं भी कोई उसके खिलाफ बोलने वाला नहीं आखिर किसी को तो स्टैंड लेना पड़ेगा और कब तक चलेगी अराजकता एक व्यक्ति के लिए हम 25 करोड़ आबादी के जीवन को दाव में लगा दे ये नहीं हो सकता हमारे लिए उत्तर प्रदेश देश की जनता महत्त्वपूर्ण थी और इसलिए हम लोगों ने कहा कि नहीं अगर इन माफियाओं से हम शक्ति से निपटें नहीं तो 25 करोड़ प्रदेश की जनता के हितों के लिए फिर हम कुछ भी करने में सफल नहीं होंगे और उत्तर प्रदेश के परसेप्शन को तो बदलना ही पड़ेगा प्रदेश में कानून का राज होगा उत्तर प्रदेश दंगा मुक्त होगा बिना भेदभाव के शासन की योजना जब हर जाति मत और मजहब के लोगों को मिल रहा है किसी के पर्व और त्यौहार में किसी प्रकार का रेंस नहीं है सबको फ्रीडम है हर प्रकार की तो फिर अराजकता फैलाने की और दंगा करने की छूट भी किसी को नहीं देंगे और हम लोगों ने पहले दिन सब पर बराबर लागू किया और कानून आज भी प्रदेश के अंदर सब पर बराबर लागू होता है इसके लिए आपको कोई खासकर पुलिस महकमे में कोई बदलाव करना पड़ा पुलिस को कोई खास निर्देश देने पड़े देखि फोर्स वही है लेकिन हां पुलिस में हमने व्यापक रिफॉर्म किए आधुनिकीकरण के लिए कदम बढ़ाए उत्तर प्रदेश पुलिस को तकनीकी दिश से सक्षम बनाया हमने पुलिस भर्ती की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न किया 1600 पुलिस की भर्ती को किया था और प्रदेश के सभी साठ जनपदों से उसमें भर्ती हुई सभी 75 जनपदों से सभी लाख भती पुलिस की भर्ती हुई है पूरे प्रदेश के अंदर उनकी ट्रेनिंग करवाई गई ट्रेनिंग की क्षमता का विस्तार करवाया गया और यही नहीं हम लोगों ने फॉरेंसिक लैब हर रेंज स्तर पर बनाने की कारवाई को आगे बढ़ाया साइबर थाने हर रेंज स्तर पर बनाए उत्तर प्रदेश अपना यूपी फॉरेंसिक इंस्टिट्यूट स्थापित कर रहा है इस सत्र में उसमें क्लासेस भी शुरू हो जाएंगे यह कदम बढ़ाने के साथ एसटीआरएफ का गठन पहली बार यूपी के अंदर हुआ 54 पीएससी की कंपनियां समाप्त कर दी गई थी उनका पुनर्गठन हुआ और प्रदेश के अंदर मेट्रो एयरपोर्ट और औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा के लिए स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन भी इस दौरान हम लोगों ने किया है एसटीएफ और एटीएस का भी स्ट्रेंथ किया गया और इनको तकनीकी दिश से सक्षम बनाया गया तब जाकर के हम लोग इस कार्यक्रम को आगे बढ़ा पा रहे हैं लेकिन इस इस आरोप पर आपको क्या कहना है कि आपकी सरकार में एनकाउंटर होते हैं और वो उन एनकाउंटर में भी फिर बताया जाता है कि मुसलमान ही मारा जाता है मुसलमान के पाव में गोली लगती है आरोप तो कोई भी लगा सकता है मुझे लगता है हर एक व्यक्ति को अपनी बात बोलने का अधिकार है मुझे एक बात बताइए उत्तर प्रदेश के बहुत सारे पुलिस कर्मी इस दौरान शहीद हुए 25 करोड़ की आबादी है हमारा जवान अगर कहीं शहीद हो जाता है तो क्या वह वैसे ही अपने को दांव लगा रहा है उन दुर्दांत मा और अपराधी जो पैरलल सरकार चलाते थे उनसे लड़ना आसान काम नहीं था कौन उनके सामने बोलता था मैंने बताया ना आपको तार अंसारी ने पहला अपराध कब किया था 1978 में किया था पहली हत्या 1981 में की थी कोई मुझे बताएगा कि 1981 1978 में हुआ अपराध में क्यों नहीं उसमें कारवाई हुई क्यों नहीं उसके बाद लगातार उस पर शिकंजा कसा गया व हत्या पर हत्या करता गया अपराध करता गया कैसे व एमएलए हो गया कैसे व लगातार विभिन्न जो भी दल सत्ता में आता था उसके उसका सागर्द बन जाता था कोई बात तो रही होगी ना कहीं ना कहीं कोई संरक्षण तो रहा होगा यह चीजें दिखाती हैं कि एजेंडा हमारा क्या है इन माफियाओं को बचाना इन संगठित गिहों के संचालकों को बचाना है या फिर उत्तर प्रदेश की 20 22 या 25 करोड़ आबादी के हितों को संरक्षण देते हुए यहां के किसानों के लिए यहां के नौजवानों के लिए यहां की बहन बेटियों के लिए हमें कुछ करना है अगर गांव गरीब किसान नौजवान महिलाएं यह सभी एजेंडे के हिस्से होते तो मुख्तार और अतीक अहमद जैसे माफिया नहीं पैदा होते कतई नहीं पैदा हो सकते थे क्योंकि यह हमेशा विकास के मार्ग के बैरियर रहेंगे हमेशा किसी भी राज्य के लिए और किसी भी व्यवस्था के लिए चुनौती ब बने रहेंगे और हमें हर हार में इस प्रकार की किसी भी कुप्रथा को माफिया किसी भी प्रवृति का हो और किसी भी रूप में हो उसको नकारना चाहिए उसके खिलाफ मोर्चा लेना चाहिए मैं आज आपसे पूछना चाहता हूं कि ऐसी क्या वजह आपको पता ल कि यह व्यक्ति जेल की पंजाब की जेल में इतना आराम से रह रहा था मुख्तार अंसारी और यहां आने के बाद फिर जो सलूक होना था वह हुआ देखिए यह हम सबका बड़ा दुर्भाग्य है किस प्रकार के पेशेवर माफिया और अपराधी किसी ना किसी रूप में सत्ता का संरक्षण प्राप्त कर लिया करते थे मुख्तार अंसारी ने पहला अपराध 1978 में किया था और 1978 से लेकर के लगातार अपराध करता रहा आज भी उसमें उस पर 54 से लेकर 58 मामले अलग-अलग अलग-अलग थाना क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के अंदर दर्ज हैं पहली बार 44 वर्ष के बाद पहली बार उस माफिया को सजा हुई है एक लोअर कोर्ट से हुई है एक एक मामले में एक दो मामलों में लोअर कोर्ट से हु और एक मामले में हाई कोर्ट से हुई है आखिर क्या कारण है कि लोग हत्या करें अपहरण करें जबरन कब्जा करें और कोई इनके खिलाफ गवाही नहीं देता क्या कारण है कि सरेआम में लोग दंगा भड़का है और एक जनप्रतिनिधि के रूप में वह व्यक्ति अपनी नंगी रिवाल लेकर के पिस्टल लेकर के लहराते हुए खुली जीप में जाए और सरकार कर क्या रही थी क्या कर रही है सरकार यह काम किसी व्यक्ति का नहीं होना चाहिए यह तो फोर्स है उसके लिए दंगा अगर हो रहा है फोर्स रोके उसको लेकिन नहीं उसको पूरी छूट दी जाती है आप उस तस्वीर की बात कर रहे मुख्तार अंसारी म में जीप के ऊपर बैठ के च उस की बात कर रहा हं इसी प्रकार की स्थिति प्रयागराज में भी थी अति क्या स्थिति बना के रखी थी सैकड़ों एकड़ शासन की भूमि को विकास प्राधिकरण की भूमि को कब्जा करके कॉलोनी बसाया जा रहा है कोई रोकने वाला नहीं कोई टोकने वाला नहीं अपराध पर अपराध किए जा रहे थे कोई उस कोई उस यानी कहीं भी कोई उसके खिलाफ बोलने वाला नहीं आखिर किसी को तो स्टैंड लेना पड़ेगा और कब तक चलेगी अराजकता एक व्यक्ति के लिए हम 25 करोड़ आबादी के जीवन को दांव में लगा दे ये नहीं हो सकता हमारे लिए उत्तर प्रदेश की जनता महत्त्वपूर्ण थी और इसलिए हम लोगों ने कहा कि नहीं अगर इन माफियाओं से हम शक्ति से निपट नहीं तो 25 करोड़ प्रदेश की जनता के हितों के लिए फिर हम कुछ भी करने में सफल नहीं होंगे और उत्तर प्रदेश के परसेप्शन को तो बदलना ही पड़ेगा प्रदेश में कानून का राज होगा उत्तर प्रदेश दंगा मुक्त होगा बिना भेदभाव के शासन की योजना जब हर जाति मत और मजहब के लोगों को मिल रहा है किसी के परव और त्यौहार में किसी प्रकार का डिस्टरबेंस नहीं है सबको फ्रीडम है हर प्रकार की तो फिर अराजकता फैलाने की और दंगा करने की छूट भी किसी को नहीं देंगे और हम लोगों ने पहले दिन सब पर बराबर लागू किया और कानून आज भी प्रदेश के अंदर सब बराबर लागू होता है इसके लिए आपको कोई खासकर पुलिस महकमे में कोई बदलाव करना पड़ा पुलिस को कोई खास निर्देश देने पड़े देखिए फोर्स वही है लेकिन हां पुलिस में हमने व्यापक रिफॉर्म किए पुलिस आधुनिकीकरण के लिए कदम बढ़ाए उत्तर प्रदेश पुलिस को तकनीकी दिश से सक्षम बनाया हमने पुलिस भर्ती की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न किया 160000 पुलिस की भर्ती को किया था और प्रदेश के सभी साठ जनपदों से उसमें भर्ती हुई सभी 75 जनपदों से सभी 10 लाख भर्ती पुलिस की भर्ती हुई है पूरे प्रदेश के अंदर उनकी ट्रेनिंग करवाई गई ट्रेनिंग की क्षमता का विस्तार करवाया गया और यही नहीं हम लोगों ने फॉरेंसिक लैब हर रेंज स्तर पर बनाने की कारवाही को आगे बढ़ाया साइबर थाने हर रेंज स्तर पर बनाए उत्तर प्रदेश अपना यूपी फॉरेंसिक इंस्टिट्यूट स्थापित कर रहा है इस सत्र में उसमें क्लासेस भी शुरू हो जाएंगे यह कदम बढ़ाने के साथ एसटीआरएफ का गठन पहली बार यूपी के अंदर हुआ 54 पीएससी की कंपनियां समाप्त कर दी गई थी उनका पुनर्गठन हुआ और प्रदेश के अंदर मेट्रो एयरपोर्ट और औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा के लिए स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन भी इस दौरान हम लोगों ने किया है एसटीएफ और एटीएस का भी स्ट्रेंथ किया गया और इनको तकनीकी दिश से सक्षम बनाया गया तब जाकर के हम लोग इस कार्यक्रम को आगे बढ़ा पा रहे हैं लेकिन इस इस आरोप पर आपको क्या कहना है कि आपकी सरकार में एनकाउंटर होते हैं और वो उन एनकाउंटर में भी फिर ही बताया जाता है कि मुसलमान ही मारा जाता है मुसलमान के पाव में गोली लगती है आरोप तो कोई भी लगा सकता है मुझे लगता है हर एक व्यक्ति को अपनी बात बोलने का अधिकार है मुझे एक बात बताइए उत्तर प्रदेश के बहुत सारे पुलिस कर्मी इस दौरान शहीद हुए 25 करोड़ की आबादी है हमारा जवान अगर कहीं शहीद हो जाता है तो क्या वह वैसे ही अपने को दांव लगा रहा है उन दुर्दांत माफिया और अपराधी जो पलल सरकार चलाते थे उनसे लड़ना आसान काम नहीं था कौन उनके सामने बोलता था मैंने बताया ना आपको ता अंसारी ने पहला अपराध कब किया था 1978 में किया था पहली हत्या 1981 में की थी कोई मुझे बताएगा कि 1981 और 1978 में हुआ अपराध में क्यों नहीं उसमें कारवाई हुई क्यों नहीं उसके बाद लगातार उस पर शिकंजा कसा गया व हत्या प हत्या करता गया अपराध करता गया कैसे व एमएलए हो गया कैसे व लगातार विभिन्न जो भी दल सत्ता में आता था उसके उसका सागर्द बन जाता था कोई बात तो रही होगी ना कहीं ना कहीं कुछ संरक्षण तो रहा होगा यह चीजें दिखाती हैं कि एजेंडा हमारा क्या है इन माफियाओं को बचाना इन संगठित गिरोहों के संचालकों को बचाना है या फिर उत्तर प्रदेश की 20 22 या 25 करोड़ आबादी के हितों को संरक्षण दे देते हुए यहां के किसानों के लिए यहां के नौजवानों के लिए यहां की बहन बेटियों के लिए हमें कुछ करना है अगर गांव गरीब किसान नौजवान महिलाएं ये सभी एजेंडे के हिस्से होते तो मुख्तार और अतीक अहमद जैसे माफिया नहीं पैदा होते कतई नहीं पैदा हो सकते थे क्योंकि यह हमेशा विकास के मार्ग के बैरियर रहेंगे हमेशा किसी भी राज्य के और किसी भी व्यवस्था के लिए चुनौती ब बने रहेंगे और हमें हर हार में इस प्रकार की किसी भी कुप्रथा को माफिया किसी भी प्रवृति का हो और किसी भी रूप में हो उसको नकारना चाहिए उसके खिलाफ मोर्चा लेना चाहिए मैं आज आपसे पूछना चाहता हूं कि ऐसी क्या वजह आपको पता लगी कि यह व्यक्ति जेल की पंजाब की जेल में इतना आराम से रह रहा था मुख्तार अंसारी और यहां आने के बाद फिर जो सलूक होना था वो हुआ देखिए यह हम सबका बड़ा दुर्भाग्य है किस प्रकार के पेशेवर माफिया और अपराधी किसी ना किसी रूप में सत्ता का संरक्षण प्राप्त कर लिया करते थे मुख्तार अंसारी ने पहला अपराध 1978 में किया था और 1978 से लेकर के लगातार अपराध करता रहा आज भी उसमें उस पर 54 से लेकर 58 मामले अलग-अलग अलग-अलग थाना क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के अंदर दर्ज हैं पहली बार 44 वर्ष के बाद पहली बार उस माफिया को सजा हुई है एक लोअर कोर्ट से हुई है एक एक मामले में एक दो मामलों में लोअर कोर्ट से और एक मामले में हाई कोर्ट से हुई
Read More:  जेठाराम मेघवाल || #जेठाराम_मेघवाल_को_न्याय_दो || #youtubeshorts #news #barmer #youtube #youtubeshort
है आखिर क्या कारण है यह लोग हत्या करें अपहरण करें जबरन कब्जा करें और कोई इनके खिलाफ गवाही नहीं देता क्या कारण है कि सरेआम य लोग दंगा भड़का है और एक जनप्रतिनिधि के रूप में वह व्यक्ति अपनी नंगी रिवार बल लेकर के पिस्टल लेकर के लहराते हुए खुली जीप में जाए और सरकार कर क्या रही थी क्या कर रही है सरकार यह काम किसी व्यक्ति का नहीं होना चाहिए यह तो फोर्स है उसके लिए दंगा अगर हो रहा है फोर्स रोके उसको लेकिन नहीं उसको पूरी छूट दी जाती है आप उस तस्वीर की बात कर रहे मुख्तार अंसारी म में जीभ के ऊपर बैठ के चल की बात कर रहा हूं इसी प्रकार की स्थिति प्रयागराज में भी थी अति क्या स्थिति बना केर रखी थी सैकड़ों एकड़ शासन की भूमि को विकास प्राधिकरण की भूमि को कब्जा करके कॉलोनी बसाया जा रहा है कोई रोकने वाला नहीं कोई टोकने वाला नहीं अपराध पर अपराध किए जा रहे थे कोई उस कोई उस यानी कहीं भी कोई उसके खिलाफ बोलने वाला नहीं आखिर किसी को तो स्टैंड लेना पड़ेगा और कब तक चलेगी अराजकता एक व्यक्ति के लिए हम 25 करोड़ आबादी के जीवन को दाव में लगा दे यह नहीं हो सकता हमारे लिए उत्तर प्रदेश की जनता महत्त्वपूर्ण थी और इसलिए हम लोगों ने कहा कि नहीं अगर इन माफियाओं से हम शक्ति से निपट नहीं तो 25 करोड़ प्रदेश की जनता के हितों के लिए फिर हम कुछ भी करने में सफल नहीं होंगे और उत्तर प्रदेश के परसेप्शन को तो बदलना ही पड़ेगा प्रदेश में कानून का राज होगा उत्तर प्रदेश दंगा मुक्त होगा बिना भेदभाव के शासन की योजना जब हर जाति मत मजहब के लोगों को मिलना है किसी के पर्व और त्यौहार में किसी प्रकार का डिस्टरबेंस नहीं है सबको फ्रीडम है हर प्रकार की तो फिर अराजकता फैलाने की और दंगा करने की छूट भी किसी को नहीं देंगे और हम लोगों ने पहले दिन सब पर बराबर लागू किया और कानून आज भी प्रदेश के अंदर सब पर बराबर लागू होता है इसके लिए आपको कोई खासकर पुलिस महकमे में कोई बदलाव करना पड़ा पुलिस को कोई खास निर्देश देने पड़े देखिए फोर्स वही है लेकिन हां पुलिस में हमने व्यापक रिफॉर्म किए पुलिस आधुनिकीकरण के लिए कदम बढ़ाए उत्तर प्रदेश पुलिस को तकनीकी दिश से सक्षम बनाया हमने पुलिस भर्ती की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न किया 1600 हज पुलिस की भर्ती को किया था और प्रदेश के सभी साठ जनपदों से उसमें भर्ती हुई सभी 75 जनपदों से सभी 10 लाख भती पुलिस की भर्ती हुई है प्रदेश के अंदर उनकी ट्रेनिंग करवाई गई ट्रेनिंग की क्षमता का विस्तार करवाया गया और यही नहीं हम लोगों ने फॉरेंसिक लैब हर रेंज स्तर पर बनाने की कारवाई को आगे बढ़ाया साइबर थाने हर रेंज स्तर पर बनाए उत्तर प्रदेश अपना यूपी फॉरेंसिक इंस्टिट्यूट स्थापित कर रहा है इस सत्र में उसमें क्लासेस भी शुरू हो जाएंगी यह कदम बढ़ाने के साथ एसटीआरएफ का गठन पहली बार यूपी के अंदर हुआ 54 पीएससी की कंपनियां समाप्त कर दी गई थी उनका पुनर्गठन हुआ और प्रदेश के अंदर मेट्रो एयरपोर्ट और औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा के लिए स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन भी इस दौरान हम लोगों ने किया है एसटीएफ और एटीएस का भी स्ट्रेंथ किया गया और इनको तकनीकी दश से सक्षम बनाया गया तब जाकर के हम लोग इस कार्यक्रम को आगे बढ़ा पा रहे हैं लेकिन इस इस आरोप पर आपको क्या कहना है कि आपकी सरकार में एनकाउंटर होते हैं और वो उन एनकाउंटर में भी फिर बताया जाता है कि मुसलमान ही मारा जा मुसलमान के पाव में गोली लगती है आरोप तो कोई भी लगा सकता है मुझे लगता है हर एक व्यक्ति को अपनी बात बोलने का अधिकार है मुझे एक बात बताइए उत्तर प्रदेश के बहुत सारे पुलिस कर्मी इस दौरान शहीद हुए 25 करोड़ की आबादी है हमारा जवान अगर कहीं शहीद हो जाता है तो क्या वैसे अपने को दाव लगा रहा है उन दुर्दांत माफिया और अपराधी जो पलल सरकार चलाते थे उनसे लड़ना आसान काम नहीं था कौन उनके सामने बोलता था मैंने बताया ना आपको ता अंसारी ने पहला अपराध कब किया था 1978 में किया था पहली हत्या 1981 में की थी कोई मुझे बताएगा कि 1981 और 1978 में हुआ अपराध में क्यों नहीं उसमें कारवाई हुई क्यों नहीं उसके बाद लगातार उस पर शिकंजा कसा गया व हत्या पर हत्या करता गया अपराध करता गया कैसे व एमएलए हो गया कैसे व लगातार विभिन्न जो भी दल सत्ता में आता था उसके उसका शागिर्द बन जाता था कोई बात तो रही होगी ना कहीं ना कहीं कुछ संरक्षण तो रहा होगा हिर यह चीजें दिखा है कि एजेंडा हमारा क्या है इन माफियाओं को बचाना इन संगठित ग्रहो के संचालकों को बचाना है या फिर उत्तर प्रदेश की 20 22 या 25 करोड़ आबादी के हितों को संरक्षण देते हुए यहां के किसानों के लिए यहां के नौजवानों के लिए यहां की बहन बेटियों के लिए हमें कुछ करना है अगर गांव गरीब किसान नौजवान महिलाएं यह सभी एजेंडे के हिस्से होते तो मुख्तार और अतीक अहमद जैसे माफिया नहीं पैदा होते कतई नहीं पैदा हो सकते थे क्योंकि यह हमेशा विकास के मार्ग के बैरियर रहेंगे हमेशा किसी भी राज्य के लिए और किसी भी व्यवस्था के लिए चुनौती ब बने रहेंगे और हमें हर हार में इस प्रकार की किसी भी कुप्रथा को माफिया किसी भी प्रवृति का हो और किसी भी रूप में हो उसको नकारना चाहिए उसके खिलाफ मोर्चा लेना चाहिए मैं आज आपसे पूछना चाहता हूं कि ऐसी क्या वजह आपको पता लगी कि यह व्यक्ति जेल की पंजाब की जेल में इतना आराम से रह रहा था मुख्तार अंसारी और यहां आने के बाद फिर जो सलूक होना था वोह हुआ देखिए यह हम सबका बड़ा दुर्भाग्य है किस प्रकार के पेशेवर माफिया और अपराधी किसी ना किसी रूप में सत्ता का संरक्षण प्राप्त कर लिया करते थे मुख्तार अंसारी ने पहला अपराध 1978 में किया था और 1978 से लेकर के लगातार अपराध करता रहा आज भी उसम उस पर 54 से लेकर 58 मामले अलग-अलग अलग-अलग थाना क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के अंदर दर्ज हैं पहली बार 44 वर्ष के बाद पहली बार उस माफिया को सजा हुई है एक लोअर कोर्ट से हुई है एक एक मामले में एक दो मामलों में लोर कोर्ट से और एक मामले में हाई कोर्ट से हुई है आखिर क्या कारण है कि लोग हत्या करें अपहरण करें जबरन कब्जा करें और कोई इनके खिलाफ गवाही नहीं देता क्या कारण है कि सरेआम में लोग दंगा भड़का और एक जनप्रतिनिधि के रूप में वह व्यक्ति अपनी नंगी रिबल लेकर के पिस्टल लेकर के लहराते हुए खुली जीप में जाए और सरकार कर क्या रही थी क्या कर रही है सरकार यह काम किसी व्यक्ति का नहीं होना चाहिए यह तो फोर्स है उसके लिए दंगा अगर हो रहा है फोर्स रोके उसको लेकिन नहीं उसको पूरी छूट दी जाती है आप उस तस्वीर की बात कर रहे मुख्तार अंसारी म में जीप के ऊपर बैठ के चल मैं उसी की बात कर रहा हूं इसी प्रकार की स्थिति प्रयागराज में भी थी अति क्या स्थिति बना के रखी थी सैकड़ों एकड़ शासन की भूमि को विकास प्राधिकरण की भूमि को कब्जा करके कॉलोनी बसाया जा रहा है कोई रोकने वाला नहीं कोई टोकने वाला नहीं अपराध पर अपराध किए जा रहे थे कोई उस कोई उस यानी कहीं भी कोई उसके खिलाफ बोलने वाला नहीं आखिर किसी को तो स्टैंड लेना पड़ेगा और कब तक चलेगी अराजकता एक व्यक्ति के लिए हम 25 करोड़ आबादी के जीवन को दाव में लगा दे यह नहीं हो सकता हमारे लिए उत्तर प्रदेश की जनता महत्त्वपूर्ण थी और इसलिए हम लोगों ने कहा कि नहीं अगर इन माफियाओं से हम शक्ति से निपट नहीं तो 25 करोड़ प्रदेश की जनता के हितों के लिए फिर हम कुछ भी करने में सफल नहीं होंगे और उत्तर प्रदेश के परसेप्शन को तो बदलना ही पड़ेगा प्रदेश में कानून का राज होगा उत्तर प्रदेश दंगा मुक्त होगा बिना भेदभाव के शासन की योजना जब हर जाति मत और मजहब के लोगों को मिल रहा है किसी के पर्व और त्यौहार में किसी प्रकार का डिस्टरबेंस नहीं है सबको फ्रीडम है हर प्रकार की तो फिर अराजकता फैलाने की और दंगा करने की छूट भी किसी को नहीं और हम लोगों ने पहले दिन सब पर बराबर लागू किया और कानून आज भी प्रदेश के अंदर सब पर बराबर लागू होता है इसके लिए आपको कोई खासकर पुलिस महकमे में कोई बदलाव करना पड़ा पुलिस को कोई खास निर्देश देने पड़े देखिए फोर्स वही है लेकिन हां पुलिस में हमने व्यापक रिफॉर्म किए पुलिस आधुनिकीकरण के लिए कदम बढ़ाए उत्तर प्रदेश पुलिस को तकनीकी दिश से सक्षम बनाया हमने पुलिस भर्ती की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न किया 160000 पुलिस की भर्ती को किया था और प्रदेश के सभी साठ जनपदों से उसमें भर्ती हुई सभी 75 जनपदों से सभी 10 लाख भर्ती पुलिस की भर्ती हुई है पूरे प्रदेश के अंदर उनकी ट्रेनिंग करवाई गई ट्रेनिंग की क्षमता का विस्तार करवाया गया और यही नहीं हम लोगों ने फॉरेंसिक लैब हर रेंज स्तर पर बनाने की कारवाई को आगे बढ़ाया साइबर थाने हर रेंज स्तर पर बनाए उत्तर प्रदेश अपना यूपी फॉरेंसिक इंस्टिट्यूट स्थापित कर रहा है इस सत्र में उसमें क्लासेस भी शुरू हो जाएंगे यह कदम बढ़ाने के साथ एसटीआरएफ का गठन पहली बार यूपी के अंदर हुआ 54 पीएससी की कंपनियां समाप्त कर दी गई थी उनका पुनर्गठन हुआ और प्रदेश के अंदर मेट्रो एयरपोर्ट और औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा के लिए स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन भी इस दौरान हम लोगों ने किया है एसटीएफ और एटीएस का भी स्ट्रेंथ किया गया और इनको तकनीकी दिश से सक्षम बनाया गया तब जाकर के हम लोग इस कार्यक्रम को आगे बढ़ा पा रहे लेकिन इस इस आरोप पर आपको क्या कहना है कि आपकी सरकार में एनकाउंटर होते हैं और वो उन एनकाउंटर में भी फिर बताया जाता है कि मुसलमान ही मारा जाता है मुसलमान के पाव में गोली लगती है आरोप तो कोई भी लगा सकता है मु लगता है हर एक व्यक्ति को अपनी बात बोलने का अधिकार है मुझे एक बात बताइए उत्तर प्रदेश के बहुत सारे पुलिस कर्मी इस दौरान शहीद हुए 25 करोड़ की आबादी है हमारा जवान अगर कहीं शहीद हो जाता है तो क्या वह वैसे अपने को दाव लगा रहा है उन दुर्दांत माफिया और अपराधी जो पलल सरकार चलाते थे उनसे लड़ना आसान काम नहीं था कौन उनके सामने बोलता था मैंने बताया ना आपको ता अंसारी ने पहला अपराध कब किया था 1978 में किया था पहली हत्या 1981 में की थी कोई मुझे बताएगा कि 1981 1978 में हुआ अपराध में क्यों नहीं उसमें कारवाई हुई क्यों नहीं उसके बाद लगातार उस पर शिकंजा कसा गया व हत्या पर हत्या करता गया अपराध करता गया कैसे वो एमएलए हो गया कैसे व लगातार विभिन्न जो भी दल सत्ता में आता था उसके उसका सागत बन जाता था कोई बात तो रही होगी ना कहीं ना कहीं कोई संरक्षण तो रहा होगा ना जाहिर है यह चीजें दिखाती हैं कि एजेंडा हमारा क्या है इन माफियाओं को बचाना इन संगठित गिरोहों के संचालकों को बचाना है या फिर उत्तर प्रदेश की 20 22 या 25 करोड़ आबादी के हितों को संरक्षण देते हुए यहां के किसानों के लिए यहां के नौजवानों के लिए यहां की बहन बेटियों के लिए हमें कुछ करना है अगर गांव गरीब किसान नौजवान महिलाएं यह सभी एजेंडे के हिस्से होते तो मुख्तार और अतीक अहमद जैसे माफिया नहीं पैदा होते कतई नहीं पैदा हो सकते थे क्योंकि यह हमेशा विकास के मार्ग में के बैरियर रहेंगे हमेशा किसी भी राज्य के लिए और किसी भी व्यवस्था के लिए चुनौती ब बने रहेंगे और हमें हर हार में इस प्रकार की किसी भी कुप्रथा को माफिया किसी भी प्रवृति का हो और किसी भी रूप में हो उसको नकारना चाहिए उसके खिलाफ मोर्चा लेना चाहिए मैं आज आपसे पूछना चाहता हूं कि ऐसी क्या वजह आपको पता लगी कि यह व्यक्ति जेल की पंजाब की जेल में इतना आराम से रह रहा था मुख्तार अंसारी और यहां आने के बाद फिर जो सलूक होना था वो हुआ देखिए यह हम सबका बड़ा दुर्भाग्य है किस प्रकार के पेशेवर माफिया और अपराधी किसी ना किसी रूप में सत्ता का संरक्षण प्राप्त कर लिया करते थे मुख्तार अंसारी ने पहला अपराध 1978 में किया था और 1978 से लेकर के लगातार अपराध करता रहा आज भी उसमें पर 54 से लेकर 58 मामले अलग-अलग अलग अलग थाना क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के अंदर दर्ज हैं पहली बार 44 वर्ष के बाद पहली बार उस माफिया को सजा हुई है एक लोअर कोर्ट से हुई है एक एक मामले में एक दो मामलों में लोअर कोर्ट से और एक मामले में हाई कोर्ट से हुई है आखिर क्या कारण है ये लोग हत्या करें अपहरण करें जबरन कब्जा करें और कोई इनके खिलाफ गवाही नहीं देता क्या कारण है कि सरेआम में लोग दंगा भड़का और एक जनप्रतिनिधि के रूप में वह व्यक्ति अपनी नंगी रिबल लेकर के पिस्टल लेकर के लहराते हुए खुली जीप में जाए और सरकार कर क्या रही थी क्या कर रही है सरकार ये काम किसी व्यक्ति का नहीं होना चाहिए यह तो फोर्स है उसके लिए दंगा अगर हो रहा है फोर्स रोके उसको लेकिन नहीं उसको पूरी छूट दी जाती है आप उस तस्वीर की बात कर रहे हैं मुख्तार अंसारी मौ में जीप के ऊपर बैठ के चल मैं उसी की बात कर रहा हूं इसी प्रकार की स्थिति प्रयागराज में भी थी अति क्या स्थिति बना के रख थी सैकड़ों एकड़ शासन की भूमि को विकास प्राधिकरण की भूमि को कब्जा करके कॉलोनी बसाया जा रहा है कोई रोकने वाला नहीं कोई टोकने वाला नहीं अपराध पर अपराध किए जा रहे थे कोई उस कोई उस यानी कहीं भी कोई उसके खिलाफ बोलने वाला नहीं आखिर किसी को तो स्टैंड लेना पड़ेगा और कब तक चलेगी अराजकता एक व्यक्ति के लिए हम 25 करोड़ आबादी के जीवन को दाव में लगा दे यह नहीं हो सकता हमारे लिए उत्तर प्रदेश की जनता महत्त्वपूर्ण थी और इसलिए हम लोगों ने कहा कि नहीं अगर इन माफियाओं से हम शक्ति से निपटें नहीं तो 25 करोड़ प्रदेश की जनता के हितों के लिए फिर हम कुछ भी करने में सफल नहीं होंगे और उत्तर प्रदेश के परसेप्शन को तो बदलना ही पड़ेगा प्रदेश में कानून का राज होगा उतर प्रदेश दंगा मुक्त होगा बिना भेदभाव के शासन की योजना जब हर जाति मत और मजहब के लोगों को मिल रहा है किसी के पर्व और त्यौहार में किसी प्रकार का डिस्टरबेंस नहीं है सबको फ्रीडम है हर प्रकार की तो फिर अराजकता फैलाने की और दंगा करने की छूट भी किसी को नहीं देंगे और हम लोगों ने पहले दिन सब पर बराबर लागू किया और कानून आज भी प्रदेश के अंदर सब पर बराबर लागू होता है इसके लिए आपको कोई खासकर पुलिस महकमे में कोई बदलाव करना पड़ा पुलिस को कोई खास निर्द देने पड़े देखिए फोर्स वही है लेकिन हां पुलिस में हमने व्यापक रिफॉर्म किए पुलिस आधुनिकीकरण के लिए कदम बढ़ाए उत्तर प्रदेश पुलिस को तकनीकी दिश से सक्षम बनाया हमने पुलिस भर्ती की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न किया 1600 हज पुलिस की भर्ती को किया था और प्रदेश के सभी साठ जनपदों से उसमें भर्ती हुई सभी 75 जनपदों से सभी 10 लाख भर्ती पुलिस की भर्ती हुई है पूरे प्रदेश के अंदर उनकी ट्रेनिंग करवाई गई ट्रेनिंग की क्षमता का विस्तार करवाया गया और यही नहीं हम लोगों ने फॉरेंसिक लैब हर रेंज स्तर पर बनाने की कारवाई को आगे बढ़ाया साइबर थाने हर रेंज स्तर पर बनाए उत्तर प्रदेश अपना यूपी फॉरेंसिक इंस्टिट्यूट स्थापित कर रहा है इस सत्र में उसमें क्लासेस भी शुरू हो जाएंगी यह कदम बढ़ाने के साथ एसटीआरएफ का गठन पहली बार यूपी के अंदर हुआ 54 पीएससी की कंपनियां समाप्त कर दी गई थी उनका पुनर्गठन हुआ और प्रदेश के अंदर मेट्रो एयरपोर्ट और औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा के लिए स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन भी इस दौरान हम लोगों ने किया है एसटीएफ और एटीएस का भी स्ट्रेंथ किया गया और इनको तकनीकी दि सक्षम बनाया गया तब जाकर के हम लोग इस कार्यक्रम को आगे बढ़ा पा रहे लेकिन इस आरोप पर आपको क्या कहना है कि आपकी सरकार में एनकाउंटर होते हैं और वो उन एनकाउंटर में भी फिर बताया जाता है कि मुसलमान ही मारा जाता है मुसलमान के पाव में गोली लगती आरोप तो कोई भी लगा सकता है मुझे लगता है हर एक व्यक्ति को अपनी बात बोलने का अधिकार है मुझे एक बात बताइए उत्तर प्रदेश के बहुत सारे पुलिस कर्मी इस दौरान शहीद हुए 25 करोड़ की आबादी है हमारा जवान अगर कहीं शहीद हो जाता है तो क्या वह वैसे अपने को दांव लगा रहा है उन दुर्दांत माफिया और अपराधी जो पलल सरकार चलाते थे उनसे लड़ना आसान काम नहीं था कौन उनके सामने बोलता था मैंने बताया ना आपको ता अंसारी ने पहला अपराध कब किया था 1978 में किया था पहली हत्या 1981 में की थी कोई मुझे बताए 1981 1978 में हुआ अपराध में क्यों नहीं उसमें कारवाई हुई क्यों नहीं उसके बाद लगातार उस पर शिकंजा कसा गया व हत्या पर हत्या करता गया अपराध करता गया कैसे व एमएलए हो गया कैसे व लगातार विभिन्न जो भी दल सत्ता में आता था उसके उसका शागिर्द बन जाता था कोई बात तो रही होगी ना कहीं ना कहीं कुछ संरक्षण तो रहा होगा जाहिर है यह चीजें दिखाती हैं कि एजेंडा हमारा क्या है इन माफियाओं को बचाना इन संगठित ग्रहों के संचालकों को बचाना है या फिर उत्तर प्रदेश की 20 22 या 25 करोड़ आबादी के हितों को संरक्षण देते हुए यहां के हि किसानों के लिए यहां के नौजवानों के लिए यहां की बहन बेटियों के लिए हमें कुछ करना है अगर गांव गरीब किसान नौजवान महिलाएं ये सभी एजेंडे के हिस्से होते तो मुख्तार और अतीक अहमद जैसे माफिया नहीं पैदा होते कतई नहीं पैदा हो सकते थे क्योंकि यह हमेशा विकास के मार्ग के बैरियर रहेंगे हमेशा किसी भी राज्य के लिए और किसी भी व्यवस्था के लिए चुनौती ब बने रहेंगे और हमें हर हार में इस प्रकार की किसी भी कुप्रथा को माफिया किसी भी प्रवृति का हो और किसी भी रूप में हो उसको नकारना चाहिए उसके खिलाफ मोर्चा लेना चाहिए मैं आज आपसे पूछना चाहता हूं कि ऐसी क्या वजह आपको पता लगी कि यह व्यक्ति जेल की पंजाब की जेल में इतना आराम से रह रहा था मुख्तार अंसारी और यहां आने के बाद फिर जो सलूक होना था वह हुआ देखिए यह हम सबका बड़ा दुर्भाग्य है किस प्रकार के पे सेवर माफिया और अपराधी किसी ना किसी रूप में सत्ता का संरक्षण प्राप्त कर लिया करते थे मुख्तार अंसारी ने पहला अपराध 1978 में किया था और 1978 से लेकर के लगातार अपराध करता रहा आज भी उसमें उस पर 54 से लेकर 58 मामले अलग-अलग अलग अलग थाना क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के अंदर दर्ज हैं पहली बार 44 वर्ष के बाद पहली बार उस माफिया को सजा हुई है एक लोअर कोर्ट से हुई है एक एक मामले में एक दो मामलों में लोअर कोर्ट से हु और एक मामले में हाई कोर्ट से हुई है आखिर क्या कारण है कि लोग हत्या करें अपहरण करें जबरन कब्जा करें और और कोई इनके खिलाफ गवाही नहीं देता क्या कारण है कि सरेआम लोग दंगा भड़का और एक जनप्रतिनिधि के रूप में वह व्यक्ति अपनी नंगी रिवाल लेकर के पिस्टल लेकर के लहराते हुए खुली जीप में जाए और सरकार कर क्या रही थी क्या कर रही है सरकार यह काम किसी व्यक्ति का नहीं होना चाहिए ये तो फोर्स है उसके लिए दंगा अगर हो रहा है फोर्स रोके उसको लेकिन नहीं उसको पूरी छूट दी जाती है आप उस तस्वीर की बात कर रहे मुख्तार अंसारी मौ में जीभ के ऊपर बैठ के चल उसी की बात कर रहा हूं इसी प्रकार की स्थिति प्रयागराज में भी थी अति क्या स्थिति बना के रखी थी सैकड़ों एकड़ शासन की भूमि को विकास प्राधिकरण की भूमि को कब्जा करके कॉलोनी बसाया जा रहा है कोई रोकने वाला नहीं कोई टोकने वाला नहीं अपराध पर अपराध किए जा रहे थे कोई उस कोई उस यानी कहीं भी कोई उसके खिलाफ बोलने वाला नहीं आखिर किसी को तो स्टैंड लेना पड़ेगा और कब तक चलेगी अराजकता एक व्यक्ति के लिए हम 25 करोड़ आबादी के जीवन को दाव में लगा दे यह नहीं हो सकता है हमारे लिए उत्तर प्रदेश की जनता महत्वपूर्ण थी और इसलिए हम लोगों ने ने कहा कि नहीं अगर इन माफियाओं से हम शक्ति से निपट नहीं तो 25 करोड़ प्रदेश की जनता के हितों के लिए फिर हम कुछ भी करने में सफल नहीं होंगे और उत्तर प्रदेश के परसेप्शन को तो बदलना ही पड़ेगा प्रदेश में कानून का राज होगा उत्तर प्रदेश दंगा मुक्त होगा बिना भेदभाव के शासन की योजना जब हर जाति मत और मजहब के लोगों को मिल रहा है किसी के पर्व और त्यौहार में किसी प्रकार का डिस्टरबेंस नहीं है सबको फ्रीडम है हर प्रकार की तो फिर अराजकता फैलाने की और दंगा करने की छूट भी किसी को नहीं देंगे और हम लोगों ने पहले दिन सब पर बराबर लागू किया और कानून आज भी प्रदेश के अंदर सब पर बराबर लागू होता है इसके लिए आपको कोई खासकर पुलिस महकमे में कोई बदलाव करना पड़ा पुलिस को कोई खास निर्देश देने पड़े देखिए फोर्स वही है लेकिन हां पुलिस में हमने व्यापक रिफॉर्म किए पुलिस आधुनिकीकरण के लिए कदम बढ़ाए उतर प्रदेश पुलिस को तकनीकी दिश से सक्षम बनाया हमने पुलिस भर्ती की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न किया 16 हज पुलिस की भर्ती को किया था और प्रदेश के सभी सा जनपदों से उसमें भर्ती हुई सभी 75 जनपदों से सभी लाख भती पुलिस की भर्ती हुई है पूरे प्रदेश के अंदर उनकी ट्रेनिंग करवाई ग ट्रेनिंग की क्षमता का विस्तार करवाया गया और यही नहीं हम लोगों ने फॉरेंसिक लैब हर रेंज स्तर पर बनाने की कारवाई को आगे बढ़ाया साइबर थाने हर रेंज स्तर पर बनाए उत्तर प्रदेश अपना यूपी फॉरेंसिक इंस्टिट्यूट स्थापित कर रहा है इस सत्र में उसमें क्लासेस भी शुरू हो जाएंगे यह कदम बढ़ाने के साथ एसटीआरएफ का गठन पहली बार यूपी के अंदर हुआ 54 पीएससी की कंपनियां समाप्त कर दी गई थी उनका पुनर्गठन हुआ और प्रदेश के अंदर मेट्रो एयरपोर्ट और औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा के लिए स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन भी इस दौरान हम लोगों ने किया है एसटीएफ और एटीएस का भी स्ट्रेंथ किया गया और इनको तकनीकी दिश से सक्षम बनाया गया तब जाकर के हम लोग इस कार्यक्रम को आगे बढ़ा पा रहे हैं लेकिन इस इस आरोप पर आपको क्या कहना है कि आपकी सरकार में एनकाउंटर होते हैं और वो उन एनकाउंटर में भी फिर ये बताया जाता है कि मुसलमान ही मारा जाता है मुसलमान के पाव में गोली लगती है आरोप तो कोई भी लगा सकता है मुझे लगता है हर एक व्यक्ति को अपनी बात बोलने का अधिकार है मुझे एक बात बताइए उत्तर प्रदेश के बहुत सारे पुलिस कर्मी इस दौरान शहीद हुए 25 करोड़ की आबादी है हमारा जवान अगर कहीं शहीद हो जाता है तो क्या वह वैसे अपने को दांव लगा रहा है उन दुर्दांत माफिया और अपराधी जो पैरलल सरकार चलाते थे से लड़ना आसान काम नहीं था कौन उनके सामने बोलता था मैंने बताया ना आपको तार अंसारी ने पहला अपरा कब किया था 1978 में किया था पहली हत्या 1981 में की थी कोई मुझे बताएगा कि 1981 और 1978 में हुआ अपराध में क्यों नहीं उसमें कारवाई हुई क्यों नहीं उसके बाद लगातार उस पर शिकंजा कसा गया व हत्या पर हत्या करता गया अपराध करता गया कैसे व एमएलए हो गया कैसे व लगातार विभिन्न जो भी दल सत्ता में आता था उसके उसका सागर्द बन जाता था कोई बात तो रही होगी ना कहीं ना कहीं कोई संरक्षण तो रहा होगा र यह चीजें दिखाती हैं कि एजेंडा हमारा क्या है इन माफियाओं को बचाना इन संगठित गिरोहों के संचालकों को बचाना है या फिर उत्तर प्रदेश की 20 22 या 25 करोड़ आबादी के हितों को संरक्षण देते हुए यहां के हि किसानों के लिए यहां के नौजवानों के लिए यहां की बहन बेटियों के लिए हमें कुछ करना है अगर गांव गरीब किसान नौजवान महिलाएं ये सभी एजेंडे के हिस्से होते तो मुख्तार और अतीक अहमद जैसे माफिया नहीं पैदा होते कतई नहीं पैदा हो सकते थे क्योंकि यह हमेशा विकास के मार्ग के बैरियर रहेंगे हमेशा किसी भी राज्य के लिए और किसी भी व्यवस्था के लिए चुनौती ब बने रहेंगे और हमें हर हार में इस प्रकार की किसी भी कुप्रथा को माफिया किसी भी प्रवृत्ति का हो और किसी भी रूप में हो उसको नकारना चाहिए उसके खिलाफ मोर्चा लेना चाहिए आज आपसे पूछना चाहता हूं कि ऐसी क्या वजह आपको पता लगी कि यह व्यक्ति जेल की पंजाब की जेल में इतना आराम से रह रहा था अंसारी और यहां आने के बाद फिर जो सलूक होना था वोह हुआ देखिए यह हम सबका बड़ा दुर्भाग्य है किस प्रकार के पेवर माफिया और अपराधी किसी ना किसी रूप में सत्ता का संरक्षण प्राप्त कर लिया करते थे मुख्तार अंसारी ने पहला अपराध 1978 में किया था और 1978 से लेकर के लगातार अपराध करता रहा आज भी उसमें उस पर 54 से लेकर 58 मामले अलग-अलग अलग-अलग थाना क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के अंदर दर्ज हैं पहली बार 44 वर्ष के बाद पहली बार उस माफिया को सजा हुई है एक लोअर कोर्ट से हुई है एक एक मामले में दो मामलों में लोअर कोर्ट से और एक मामले में हाई कोर्ट से हुई है आखिर क्या कारण है ये लोग हत्या करें अपहरण करें जबरन कब्जा करें और कोई इनके खिलाफ गवाही नहीं देता क्या कारण है कि सरेआम य लोग दंगा भड़का है और एक जनप्रतिनिधि के रूप में वह व्यक्ति अपनी नंगी रिबल लेकर के पिस्टल लेकर के लहराते हुए खुली जीप में जाए और सरकार कर क्या रही थी क्या कर रही है सरकार यह काम किसी व्यक्ति का नहीं होना चाहिए यह तो फोर्स है उसके लिए दंगा अगर हो रहा है फोर्स रोके उसको लेकिन नहीं उसको पूरी छूट दी जाती है आप उस तस्वीर की बात कर रहे मुख्तार अंसारी म में जीप के ऊपर बैठ के च बात कर रहा इसी प्रकार की स्थिति प्रयागराज में भी थी अति क्या स्थिति बना के रखी थी सैकड़ों एकड़ शासन की भूमि को विकास प्राधिकरण की भूमि को कब्जा करके कॉलोनी बसाया जा रहा है कोई रोकने वाला नहीं कोई टोकने वाला नहीं अपराध पर अपराध किए जा रहे थे कोई उस कोई उस यानी कहीं भी कोई उसके खिलाफ बोलने वाला नहीं आखिर किसी को तो स्टैंड लेना पड़ेगा और कब तक चलेगी अराजकता एक व्यक्ति के लिए हम 25 करोड़ आबादी के जीवन को दाव में लगा दे यह नहीं हो सकता हमारे लिए उत्तर प्रदेश की जनता महत्त्वपूर्ण थी और इसलिए हम लोगों ने कहा कि नहीं अगर इन माफियाओं से हम शक्ति से निपट नहीं तो 25 करोड़ प्रदेश की जनता के हितों के लिए फिर हम कुछ भी करने में सफल नहीं होंगे और उत्तर प्रदेश के परसेप्शन को तो बदलना ही पड़ेगा प्रदेश में कानून का राज होगा उत्तर प्रदेश दंगा मुक्त होगा बिना भेदभाव के शासन की योजना जब हर जाति मत और मजहब के लोगों को मिल रहा है किसी के पर्व और त्यौहार में किसी प्रकार का डिस्टरबेंस नहीं है सबको फ्रीडम है हर प्रकार की तो फिर अराजकता फैलाने की और दंगा करने की छूट भी किसी को नहीं देंगे और हम लोगों ने पहले दिन सब पर बराबर लागू किया और कानून आज भी प्रदेश के अंदर सब पर बराबर लागू होता है इसके लिए आपको कोई अब खासकर पुलिस महकमे में कोई बदलाव करना पड़ा पुलिस को कोई खास निर्देश देने पड़े देखिए फोर्स वही है लेकिन हां पुलिस में हमने व्यापक रिफॉर्म किए पुलिस आधुनिकीकरण के लिए कदम बढ़ाए उत्तर प्रदेश पुलिस को तकनीकी दिश से सक्षम बनाया हमने पुलिस भर्ती की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न किया 1600 पुलिस की भर्ती को किया था और प्रदेश के सभी सा जनपदों से उसमें भर्ती हुई सभी 75 जनपदों से सभी 10 लाख भर्ती पुलिस की भर्ती हुई है पूरे प्रदेश के अंदर उनकी ट्रेनिंग करवाई गई ट्रेनिंग की क्षमता का विस्तार करवाया गया और यही नहीं हम लोगों ने फॉरेंसिक लैब हर रेंज स्तर पर बनाने की कारवाई को आगे बढ़ाया साइबर थाने हर रेंज स्तर पर बनाए उत्तर प्रदेश अपना यूपी फॉरेंसिक इंस्टिट्यूट स्थापित कर रहा है इस सत्र में उसमें क्लासेस भी शुरू हो जाएंगे यह कदम बढ़ाने के साथ एसटीआरएफ का गठन पहली बार यूपी के अंदर हुआ 54 पीएससी की कंपनियां समाप्त कर दी गई थी उनका पुनर्गठन हुआ और प्रदेश के अंदर मेट्रो एयरपोर्ट और औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा के लिए स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन भी इस दौरान हम लोगों ने किया है एसटीएफ और एटीएस काभी स्ट्रेंथ किया गया और इनको तकनीकी दिश से सक्षम बनाया गया तब जाकर के हम लोग इस कार्यक्रम को आगे बढ़ा पा रहे हैं लेकिन इस इस आरोप पर आपको क्या कहना है कि आपकी सरकार में एनकाउंटर होते हैं और वो उन एनकाउंटर में भी फिर य बताया जाता है कि मुसलमान ही मारा जाता है मुसलमान के पाव में गोली लगती है आरोप तो कोई भी लगा सकता है मुझे लगता है हर एक व्यक्ति को अपनी बात बोलने का अधिकार है मुझे एक बात बताइए उत्तर प्रदेश के बहुत सारे पुलिस कर्मी इस दौरान शहीद हुए 25 करोड़ की आबादी है हमारा जवान अगर कहीं शहीद हो जाता है तो क्या वह वैसे अपने को दाव लगा रहा है उन दुर्दांत माफिया और अपराधी जो पैरलल सरकार चलाते थे उनसे लड़ना आसान काम नहीं था कौन उनके सामने बोलता था मैंने बताया ना आपको अंसारी ने पहला अपराध कब किया था 1978 में किया था पहली हत्या 1981 में की थी कोई मुझे बताएगा कि 1981 और 1978 में हुआ अपराध में क्यों नहीं उसमें कारवाई हुई क्यों नहीं उसके बाद लगातार उस पर शिकंजा कसा गया व हत्या पर हत्या करता गया अपराध करता गया कैसे एमएलए हो गया कैसे व लगातार विभिन्न जो भी दल सत्ता में आता था उसके उसका सागत बन जा जाता था कोई बात तो रही होगी ना कहीं ना कहीं कोई संरक्षण तो रहा होगा ना जाहिर है यह चीजें दिखाती हैं कि एजेंडा हमारा क्या है इन माफियाओं को बचाना इन संगठित ग्रहों के संचालकों को बचाना है या फिर उत्तर प्रदेश की 20 22 या 25 करोड़ आबादी के हितों को संरक्षण देते हुए यहां के हि किसानों के लिए यहां के नौजवानों के लिए यहां की बहन बेटियों के लिए हमें कुछ करना है अगर गांव गरीब किसान नौजवान महिलाएं यह सभी एजें के हिस्से होते तो मुख्तार और अतीक अहमद जैसे माफिया नहीं पैदा होते कतई नहीं पैदा हो सकते थे क्योंकि यह हमेशा विकास के मार्ग के बैरियर रहेंगे हमेशा किसी भी राज्य के लिए और किसी भी व्यवस्था के लिए चुनौती बने रहेंगे और हमें हर हार में इस प्रकार की किसी भी कुप्रथा को माफिया किसी भी प्रवृति का हो और किसी भी रूप में हो उसको नकारना चाहिए उसके खिलाफ मोर्चा लेना चाहिए मैं आज आपसे पूछना चाहता हूं कि ऐसी क्या वजह आपको पता लगी कि यह व्यक्ति जेल की पंजाब की जेल में इतना आराम से रह रहा था मुख्तार अंसारी और यहां आने के बाद फिर जो सलूक होना था वह हुआ देखिए यह हम सबका बड़ा दुर्भाग्य है किस प्रकार के पेवर माफिया और अपराधी किसी ना किसी रूप में सत्ता का संरक्षण प्राप्त कर लिया करते थे मुख्तार अंसारी ने पहला अपराध 1978 में किया था और 1978 से लेकर के लगातार अपराध करता रहा आज भी उसमें उस पर 54 से लेकर 58 मामले अलग अलग-अलग थाना क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के अंदर दर्ज हैं पहली बार 44 वर्ष के बाद पहली बार उस माफिया को सजा हुई है एक लोअर कोर्ट से हुई है एक एक मामले में एक दो मामलों में लोअर कोर्ट से हु और एक मामले में हाई कोर्ट से हुई है आखिर क्या कारण है कि लोग हत्या करें अपहरण करें जबरन कब्जा करें और कोई इनके खिलाफ गवाही नहीं देता क्या कारण है कि सरेआम य लोग दंगा भड़का है और एक जनप्रतिनिधि के रूप में वह व्यक्ति अपनी नंगी रिवार बल लेकर के पिस्टल लेकर के लहराते हुए खुली जीप में जाए और सरकार कर क्या रही थी क्या कर रही है सरकार य काम किसी व्यक्ति का नहीं होना चाहिए यह तो फोर्स है उसके लिए दंगा अगर हो रहा है फोर्स रोके उसको लेकिन नहीं उसको पूरी छूट दी जाती है आप उस तस्वीर की बात कर रहे मुख्तार अंसारी म में जीभ के ऊपर बैठ के च उसी की बात कर रहा इसी प्रकार की स्थिति प्रयागराज में भी थी अ क्या स्थिति बना के रखी थी सैकड़ों एकड़ शासन की भूमि को विकास प्राधिकरण की भूमि को कब्जा करके कॉलोनी बसाया जा रहा है कोई रोकने वाला नहीं कोई टोकने वाला नहीं अपराध पर अपराध किए जा रहे थे कोई उस कोई उस यानी कहीं भी कोई उसके खिलाफ बोलने वाला नहीं आखिर किसी को तो स्टैंड लेना पड़ेगा और कब तक चलेगी अराजकता एक व्यक्ति के लिए हम 25 करोड़ आबादी के जीवन को दाव में लगा दे यह नहीं हो सकता हमारे लिए उत्तर प्रदेश की जनता महत्त्वपूर्ण थी और इसलिए हम लोगों ने कहा कि नहीं अगर इन माफियाओं से हम शक्ति से निपट नहीं तो 25 करोड़ प्रदेश की जनता के हितों के लिए फिर हम कुछ भी करने में सफल नहीं होंगे और उत्तर प्रदेश के परसेप्शन को तो बदलना ही पड़ेगा प्रदेश में कानून का राज होगा उत्तर प्रदेश दंगा मुक्त होगा बिना भेदभाव के शासन की योजना जब हर जाति मत और मजहब के लोगों को मिल रहा है किसी के पर्व और त्यौहार में किसी प्रकार का डिस्टरबेंस नहीं है सबको फ्रीडम है हर प्रकार की तो फिर अराजकता फैलाने की और दंगा करने की छूट भी किसी को नहीं देंगे और हम लोगों ने पहले दिन सब पे बराबर लागू किया और कानून आज भी प्रदेश के अंदर सब पे बराबर लागू होता है इसके लिए आपको कोई अ खासकर पुलिस महकमे में कोई बदलाव करना पड़ा पुलिस को कोई खास निर्देश देने पड़े देखिए फोर्स वही है लेकिन हां पुलिस में हमने व्यापक रिफॉर्म कीए पुलिस आधुनिकीकरण के लिए कदम बढ़ाए उत्तर प्रदेश पुलिस को तकनीकी दिश से सक्षम बनाया हमने पुलिस भर्ती की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न किया 16 हज पुलिस की भर्ती को किया था और प्रदेश के सभी साठ जनपदों से उसमें भर्ती हुई सभी 75 जनपदों से सभी 10 लाख भती पुलिस की भर्ती हुई है पूरे प्रदेश के अंदर उनकी ट्रेनिंग करवाई गई ट्रेनिंग की क्षमता का विस्तार करवाया गया और यही नहीं हम लोगों ने फॉरेंसिक लैब हर रेंज स्तर पर बनाने की कारवाई को आगे बढ़ाया साइबर थाने हर रेंज स्तर पर बनाए उत्तर प्रदेश अपना यूपी फॉरेंसिक इंस्टिट्यूट स्थापित कर रहा है इस सत्र में उसमें क्लासेस भी शुरू हो जाएंगे यह कदम बढ़ाने के साथ एसटीआरएफ का गठन पहली बार यूपी के अंदर हुआ 54 पीएससी की कंपनियां समाप्त कर दी गई थी उनका पुनर्गठन हुआ और प्रदेश के अंदर मेट्रो एयरपोर्ट और औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा के लिए स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन भी इस दौरान हम लोगों ने किया है एसटीएफ और एटीएस का भी स्ट्रेंथ किया गया और इनको तकनीकी दिश से सक्षम बनाया गया तब जाकर के हम लोग इस कार्यक्रम को आगे बढ़ा पा रहे लेकिन इस इस आरोप पर आपको क्या कहना है कि आपकी सरकार में एनकाउंटर होते हैं और वो उन एनकाउंटर में भी फिर बताया जाता है कि मुसलमान ही मारा जाता है मुसलमान के पाव में गोली लगती है आरोप तो कोई भी लगा सकता है मुझे लगता है हर एक व्यक्ति को अपनी बात बोलने का अधिकार है मुझे एक बात बताइए उत्तर प्रदेश के बहुत सारे पुलिसकर्मी इस दौरान शहीद हुए 25 करोड़ की आबादी है हमारा जवान अगर कहीं शहीद हो जाता है तो क्या वह वैसे अपने को दाव लगा रहा है उन दुर्दांत माफिया और अपराधी जो पैरलल सरकार चलाते थे उनसे लड़ना आसान काम नहीं था कौन उनके सामने बोलता था मैंने बताया ना आपको मुता अंसारी ने पहला अपराध कब किया था 1978 में किया था पहली हत्या 1981 में की थी कोई मुझे बताएगा कि 1981 और 1978 में हुआ अपराध में क्यों नहीं उसमें कारवाई हुई क्यों नहीं उसके बाद लगातार उस पर अ शिकंजा कसा गया व हत्या पे हत्या करता गया अपराध करता गया कैसे व एमएलए हो गया कैसे व लगातार विभिन्न जो भी दल सत्ता में आता था उसके उसका शागिर्द बन जाता था कोई बात तो रही होगी ना कहीं ना कहीं कोई संरक्षण तो रहा होगा ना जाहिर है यह चीजें दिखाती हैं कि एजेंडा हमारा क्या है इन माफियाओं को बचाना इन संगठित गिरोहों के संचालकों को बचाना है या फिर उत्तर प्रदेश की 20 22 या 25 करोड़ आबादी के हितों को संरक्षण देते हुए यहां के हि किसानों के लिए यहां के नौजवानों के लिए यहां की बहन बेटियों के लिए हमें कुछ करना है अगर गांव गरीब किसान नौजवान महिलाएं ये सभी एजेंडे के हिस्से होते तो मुख्तार और अतीक अहमद जैसे माफिया नहीं पैदा होते कतई नहीं पैदा हो सकते थे क्योंकि यह हमेशा विकास के मार्ग में के बैरियर रहेंगे हमेशा किसी भी राज्य के लिए और किसी भी व्यवस्था के लिए चुनौती ब बने रहेंगे और हमें हर हार में इस प्रकार की किसी भी कुप्रथा को माफिया किसी भी प्रवृति का और किसी भी रूप में हो उसको नकारना चाहिए उसके खिलाफ मोर्चा लेना चाहिए मैं आज आपसे पूछना चाहता हूं कि ऐसी क्या वजह आपको पता लगी कि यह व्यक्ति जेल की पंजाब की जेल में इतना आराम से रह रहा था मुख्तार अंसारी और यहां आने के बाद फिर जो सलूक होना था वो हुआ देखिए यह हम सबका बड़ा दुर्भाग्य है किस प्रकार के पेवर माफिया और अपराधी किसी ना किसी रूप में सत्ता का संरक्षण प्राप्त कर लिया करते थे मुख्तार अंसारी ने पहला अपराध 1978 में किया था और 1978 से लेकर के लगातार अपराध करता रहा आज भी उसमें उस पर 54 से लेकर 58 मामले अलग-अलग अलग-अलग थाना क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के अंदर दर्ज हैं पहली बार 44 वर्ष के बाद पहली बार उस माफिया को सजा हुई है एक लोअर कोर्ट से हुई है एक एक मामले में एक दो मामलों में लोअर कोर्ट से और एक मामले में हाई कोर्ट से हुई है आखिर क्या कारण है कि लोग हत्या करें अपहरण करें जबरन कब्जा करें और कोई इनके खिलाफ गवाही नहीं देता क्या कारण है कि सरेआम लोग दंगा भड़का और एक जनप्रतिनिधि के रूप में वह व्यक्ति अपनी नंगी रिवार बल लेकर के पिस्टल लेकर के लहराते हुए खुली जीप में जाए और सरकार कर क्या रही थी क्या कर रही है सरकार यह काम किसी व्यक्ति का नहीं होना चाहिए यह तो फोर्स है उसके लिए दंगा अगर हो रहा है फोर्स रोके उसको लेकिन नहीं उसको पूरी छूट दी जाती है आप उस तस्वीर की बात कर रहे हैं मुख्तार अंसारी मौ में जीभ के ऊपर बैठ के चल कर रहा हूं इसी प्रकार की स्थिति प्रयागराज में भी थी अति क्या स्थिति बना के रखी थी सैकड़ों एकड़ शासन की भूमि को विकास प्राधिकरण की भूमि को कब्जा करके व कॉलोनी बसाया जा रहा है कोई रोकने वाला नहीं कोई टोकने वाला नहीं अपराध प अपराध किए जा रहे थे कोई उस कोई उस यानी कहीं भी कोई उसके खिलाफ बोलने वाला नहीं आखिर किसी को तो स्टैंड लेना पड़ेगा और कब तक चलेगी अराजकता एक व्यक्ति के लिए हम 25 करोड़ आबादी के जीवन को दाव में लगा दे यह नहीं हो सकता है हमारे लिए उत्तर प्रदेश की जनता महत्त्वपूर्ण थी और इसलिए हम लोगों ने कहा कि नहीं अगर इन माफियाओं से हम शक्ति से निपट नहीं तो 25 करोड़ प्रदेश की जनता के हितों के लिए फिर हम कुछ भी करने में सफल नहीं होंगे और उत्तर प्रदेश के परसेप्शन को तो बदलना ही पड़ेगा प्रदेश में कानून का राज होगा उत्तर प्रदेश दंगा मुक्त होगा बिना भेदभाव के शासन की योजना जब हर जाति मत और मजहब के लोगों को मिल रहा है किसी के पर्व और त्यौहार में किसी प्रकार का डिस्टरबेंस नहीं है सबको फ्रीडम है हर प्रकार की तो फिर अराजकता फैलाने की और दंगा करने की छूट भी किसी को नहीं देंगे और हम लोगों ने पहले दिन सब पर बराबर लागू यार कानून आज भी प्रदेश के अंदर सब पर बराबर लागू होता है इसके लिए आपको कोई खासकर पुलिस महकमे में कोई बदलाव करना पड़ा पुलिस को कोई खास निर्देश देने पड़े देखिए फोर्स वही है लेकिन हां पुलिस में हमने व्यापक रिफॉर्म किए पुलिस आधुनिकीकरण के लिए कदम बढ़ाए उत्तर प्रदेश पुलिस को तकनीकी दिश से सक्षम बनाया हमने पुलिस भर्ती की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संप ने किया 1600 पुलिस की भर्ती को किया था और प्रदेश के सभी साठ जनपदों से उसमें भर्ती हुई सभी 75 जनपदों से सभी 10 लाख भती पुलिस की भर्ती हुई है पूरे प्रदेश के अंदर उनकी ट्रेनिंग करवाई गई ट्रेनिंग की क्षमता का विस्तार करवाया गया और यही नहीं हम लोगों ने फॉरेंसिक लैब हर रेंज स्तर पर बनाने की कारवाई को आगे बढ़ाया साइबर थाने हर रेंज स्तर पर बनाए उत्तर प्रदेश अपना यूपी फॉरेंसिक इंस्टिट्यूट स्थापित कर रहा है इस सत्र में उसमें क्लासेस भी शुरू हो जाएंगी यह कदम बढ़ाने के साथ एसटीआरएफ का गठन पहली बार यूपी के अंदर हुआ 54 पीएससी की कंपनियां समाप्त कर दी गई थी उनका पुनर्गठन हुआ और प्रदेश के अंदर मेट्रो एयरपोर्ट और औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा के लिए स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन भी इस दौरान हम लोगों ने किया है एसटीएफ और एटीएस का भी स्ट्रेंथ किया गया और इनको तकनीकी दिश से सक्षम बनाया गया तब जाकर के हम लोग इस कार्यक्रम को आगे बढ़ा पा रहे लेकिन इस इस आरोप पर आपको क्या कहना है कि आपकी सरकार में एनकाउंटर होते हैं और वो उन एनकाउंटर में भी फिर बताया जाता है कि मुसलमान ही मारा जाता है मुसलमान के पाव में गोली लगती आरोप तो कोई भी लगा सकता है मुझे लगता है हर एक व्यक्ति को अपनी बात बोलने का अधिकार है मुझे एक बात बताइए उत्तर प्रदेश के बहुत सारे पुलिस कर्मी इस दौरान शहीद हुए 25 करोड़ की आबादी है हमारा जवान अगर कहीं शहीद हो जाता है तो क्या वह वैसे अपने को दाव लगा रहा है उन दुर्दांत माफिया और अपराधी जो पैरलल सरकार चलाते थे उनसे लड़ना आसान काम नहीं था कौन उनके सामने बोलता था मैंने बताया ना आपको अंसारी ने पहला अपराध कब किया था 1978 में किया था पहली हत्या 1981 में की थी कोई मुझे बताएगा कि 1981 और 1978 में हुआ अपराध में क्यों नहीं उसमें कारवाई हुई क्यों नहीं उसके बाद लगातार उस पर शिकंजा कसा गया व हत्या पे हत्या करता गया अपराध करता गया कैसे वो एमएलए हो गया कैसे व लगातार विभिन्न जो भी दल सत्ता में आता था उसके उसका सागर्द बन जाता था कोई बात तो रही होगी ना कहीं ना कहीं कोई संरक्षण तो रहा होगा र यह चीजें दिखाती हैं कि एजेंडा हमारा क्या है इन माफियाओं को बचाना इन संगठित गिरोहों के संचालकों को बचाना है या फिर उत्तर प्रदेश की 20 22 या 25 करोड़ आबादी के को संरक्षण देते हुए यहां के किसानों के लिए यहां के नौजवानों के लिए यहां की बहन बेटियों के लिए हमें कुछ करना है अगर गांव गरीब किसान नौजवान महिलाएं यह सभी एजेंडे के हिस्से होते तो मुख्तार और अतीक अहमद जैसे माफिया नहीं पैदा होते कतई नहीं पैदा हो सकते थे क्योंकि यह हमेशा विकास के मार्ग के बैरियर रहेंगे हमेशा किसी भी राज्य के लिए और किसी भी व्यवस्था के लिए चुनौती ब बने रहेंगे और हमें हर हार में इस प्रकार की किसी भी कुप्रथा को माफिया किसी भी प्रवृति का हो और किसी भी रूप में हो उसको नकारना चाहिए उसके खिलाफ मोर्चा लेना चाहिए मैं आज आपसे पूछना चाहता हूं कि ऐसी क्या वजह आपको पता लगी कि यह व्यक्ति जेल की पंजाब की जेल में इतना आराम से रह रहा था मुख्तार अंसारी और यहां आने के बाद फिर जो सलूक होना था वो हुआ देखिए यह हम सबका बड़ा दुर्भाग्य है किस प्रकार के पेशेवर माफिया और अपराधी किसी ना किसी रूप में सत्ता का संरक्षण प्राप्त कर लिया करते थे मुख्तार अंसारी ने पहला अपराध 1978 में किया था और 1978 से लेकर के लगातार अपराध करता रहा आज भी उसमें उस पर 54 से लेकर 58 मामले अलग-अलग अलग अलग थाना क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के अंदर दर्ज हैं पहली बार 44 वर्ष के बाद पहली बार उस माफिया को सजा हुई है एक लोअर कोर्ट से हुई है एक एक मामले में एक दो मामलों में लोअर कोर्ट से हु और एक मामले में हाई कोर्ट से हुई है आखिर क्या कारण है ये लोग हत्या करें अपहरण करें जबरन कब्जा करें और कोई इनके खिलाफ गवाही नहीं देता क्या कारण है कि सरेआम लोग दंगा भड़का और एक जनप्रतिनिधि के रूप में वह व्यक्ति अपनी नंगी रबल लेकर के पिस्टल लेकर के लहराते हुए खुली जीप में जाए और सरकार कर क्या रही थी क्या कर रही है सरकार ये काम किसी व्यक्ति का नहीं होना चाहिए ये तो फोर्स है उसके लिए दंगा अगर हो रहा है फोर्स रोके उसको लेकिन नहीं उसको पूरी छूट दी जाती है आप उस तस्वीर की बात कर रहे हैं मुख्तार अंसारी मौ में जीभ के ऊपर बैठ के चल मैं उसी की बात कर रहा हूं इसी प्रकार की स्थिति प्रयागराज में भी थी अति क क्या स्थिति बना के रखी थी सैकड़ों एकड़ शासन की भूमि को विकास प्राधिकरण की भूमि को कब्जा करके कॉलोनी बसाया जा रहा है कोई रोकने वाला नहीं कोई टोकने वाला नहीं अपराध पर अपराध किए जा रहे थे कोई उस कोई उस यानी कहीं भी कोई उसके खिलाफ बोलने वाला नहीं आखिर किसी को तो स्टैंड लेना पड़ेगा और कब तक चलेगी अराजकता एक व्यक्ति के लिए हम 25 करोड़ आबादी के जीवन को दाव में लगा दे ये नहीं हो सकता हमारे लिए उत्तर प्रदेश की जनता महत्त्वपूर्ण थी और इसलिए हम लोगों ने कहा कि नहीं अगर इन माफियाओं से हम शक्ति से निपट नहीं तो 25 करोड़ प्रदेश की जनता के हितों के लिए फिर हम कुछ भी करने में सफल नहीं होंगे और उत्तर प्रदेश के परसेप्शन को तो बदलना ही पड़ेगा प्रदेश में कानून का राज होगा उत्तर प्रदेश दंगा मुक्त होगा बिना भेदभाव के शासन की योजना जब हर जाति मत और मजहब के लोगों को मिल रहा है किसी के पर्व और त्यौहार में किसी प्रकार का डिस्टरबेंस नहीं है सबको फ्रीडम है हर प्रकार की तो फिर अराजकता फैलाने की और दंगा करने की छूट भी किसी को नहीं देंगे और हम लोगों ने पहले दिन सब पर बराबर लागू किया और कानून आज भी प्रदेश के अंदर सब पर बराबर लागू होता है इसके लिए आपको कोई खासकर पुलिस महकमे में कोई बदलाव करना पड़ा पुलिस को कोई खास निर्देश देने पड़े देखिए फोर्स वही है लेकिन हां पुलिस में हमने व्यापक रिफॉर्म किए पुलिस आधुनिकीकरण के लिए कदम बढ़ाए उत्तर प्रदेश पुलिस को तकनीकी दिश से सक्षम बनाया हमने पुलिस भर्ती की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न किया 1600 हज पुलिस की भर्ती को किया था और प्रदेश के सभी साठ जनपदों से उसमें भर्ती हुई सभी 75 जनपदों से सभी 10 लाख भर्ती पुलिस की भती ई परे प्रदेश के अंदर उनकी ट्रेनिंग करवाई गई ट्रेनिंग की क्षमता का विस्तार करवाया गया और यही नहीं हम लोगों ने फॉरेंसिक लैब हर रेंज स्तर पर बनाने की कारवाई को आगे बढ़ाया साइबर थाने हर रेंज स्तर पर बनाए उत्तर प्रदेश अपना यूपी फॉरेंसिक इंस्टिट्यूट स्थापित कर रहा है इस सत्र में उसमें क्लासेस भी शुरू हो जाएंगे यह कदम बढ़ाने के साथ एसटी आर का गठन पहली बार यूपी के अंदर हुआ 54 पीएससी की कंपनियां समाप्त कर दी गई थी उनका पुनर्गठन हुआ और प्रदेश के अंदर मेट्रो एयरपोर्ट और औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा के लिए स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन भी इस दौरान हम लोगों ने किया है एसटीएफ और एटीएस का भी स्ट्रेंथ किया गया और इनको तकनीकी दिश से सक्षम बनाया गया तब जाकर के हम लोग इस कार्यक्रम को आगे बढ़ा पा रहे हैं लेकिन इस इस आरोप पर आपको क्या कहना है कि आपकी सरकार में एनकाउंटर होते हैं और वह उन एनकाउंटर में भी फिर यह बताया जाता है कि मुसलमान ही मारा जाता है मुसलमान के पाव में गोली लगती है आरोप तो कोई भी लगा सकता है मुझे लगता है हर एक व्यक्ति को अपनी बात बोलने का अधिकार है मुझे एक बात बताइए उत्तर प्रदेश के बहुत सारे पुलिस कर्मी इस दौरान शहीद हुए 25 करोड़ की आबादी है हमारा जवान अगर कहीं शहीद हो जाता है तो क्या वह वैसे ही अपने को दांव लगा रहा है उन दुर्दांत माफिया और अपराधी जो पैरलल सरकार चलाते थे उनसे लड़ना आसान काम नहीं था कौन उनके सामने बोलता था मैंने बताया ना आपको अंसारी ने पहला अपराध कब किया था 1978 में किया था पहली हत्या 1981 में की थी कोई मुझे बताएगा कि 1981 और 1978 में हुआ अपराध में क्यों नहीं उसमें कारवाई हुई क्यों नहीं उसके बाद लगातार उस पर शिकंजा कसा गया व हत्या पर हत्या करता गया अपराध करता गया कैसे एमएलए हो गया कैसे व लगातार विभिन्न जो भी दल सत्ता में आता था उसके उसका शागिर्द बन जाता था कोई बात तो रही होगी ना कहीं ना कहीं कोई संरक्षण तो रहा होगा र यह चीजें दिखाती हैं कि एजेंडा हमारा क्या है इन माफियाओं को बचाना इन संगठित ग्रहों के संचालकों को बचाना है या फिर उत्तर प्रदेश की 20 22 या 25 करोड़ आबादी के हितों को संरक्षण देते हुए यहां के त किसानों के लिए यहां के नौजवानों के लिए यहां की बहन बेटियों के लिए हमें कुछ करना है अगर गांव गरीब किसान नौजवान महिलाएं ये सभी एजेंडे के हिस्से होते तो मुख्तार और अतीक अहमद जैसे माफिया नहीं पैदा होते कतई नहीं पैदा हो सकते थे क्योंकि यह हमेशा विकास के मार्ग के बैरियर रहेंगे हमेशा किसी भी राज्य के लिए और किसी भी व्यवस्था के लिए चुनौती ब बने रहेंगे और हमें हर हार में इस प्रकार की किसी भी कुप्रथा को माफिया किसी भी प्रवृत्ति का हो और किसी भी रूप में हो उसको मकारना चाहिए उसके खिलाफ मोर्चा लेना चाहिए मैं आज आपसे पूछना चाहता हूं कि ऐसी क्या वजह आपको पता लगी कि यह व्यक्ति जेल की पंजाब की जेल में इतना आराम से रह रहा था मुख्तार अंसारी और यहां आने के बाद फिर जो सलूक होना था वह हुआ देखिए यह हम सबका बड़ा दुर्भाग्य है किस प्रकार के पेवर माफिया और अपराधी किसी ना किसी रूप में सत्ता का संरक्षण प्राप्त कर लिया करते थे मुख्तार अंसारी ने पहला अपराध 1978 में किया था और 1978 से लेकर के लगातार अपराध करता रहा आज भी उसम उस पर 54 से लेकर 58 मामले अलग-अलग अलग अलग थाना क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के अंदर दर्ज पहली बार 44 वर्ष के बाद पहली बार उस माफिया को सजा हुई है एक लोअर कोर्ट से हुई है एक एक मामले में एक दो मामलों में लोर कोर्ट से और एक मामले में हाई कोर्ट से हुई है आखिर क्या कारण है य लोग हत्या करें अपहरण करें जबरन कब्जा करें और कोई इनके खिलाफ गवाही नहीं देता क्या कारण है कि सरेआम में लोग दंगा भड़का है और एक जनप्रतिनिधि के रूप में वह व्यक्ति अपनी नंगी रिवार बल लेकर के पिस्टल लेकर के लहराते हुए खुली जीप में जाए और सरकार कर क्या रही थी क्या कर रही है सरकार यह काम किसी व्यक्ति का नहीं होना चाहिए यह तो फोर्स है उसके लिए दंगा अगर हो रहा है फोर्स रोके उसको लेकिन नहीं उसको पूरी छूट दी जा आप उस तस्वीर की बात कर रहे मुख्तार अंसारी म में जीप के ऊपर बैठ के चल उसी की बात कर रहा हूं इसी प्रकार की स्थिति प्रयागराज में भी थी अ क्या स्थिति बना के रखी थी सैकड़ों एकड़ शासन की भूमि को विकास प्राधिकरण की भूमि को कब्जा करके कॉलोनी बसाया जा रहा है कोई रोकने वाला नहीं कोई टोकने वाला नहीं अपराध पर अपराध किए जा रहे थे कोई उस कोई उस यानी कहीं भी कोई उसके खिलाफ बोलने वाला नहीं आखिर किसी को तो स्टैंड लेना पड़ेगा और कब तक चलेगी अराजकता एक व्यक्ति के लिए हम 25 करोड़ आबादी के जीवन को दाव में लगा दे यह नहीं हो सकता हमारे लिए उत्तर प्रदेश की जनता महत्त्वपूर्ण थी और इसलिए हम लोगों ने कहा कि नहीं अगर इन माफियाओं से हम शक्ति से निपटें नहीं तो 25 करोड़ प्रदेश की जनता के हितों के लिए फिर हम कुछ भी करने में सफल नहीं होंगे और उत्तर प्रदेश के परसेप्शन को तो बदलना ही पड़ेगा प्रदेश में कानून का राज होगा उत्तर प्रदेश दंगा मुक्त होगा बिना भेदभाव के शासन की योजना जब हर जाति मत और मजहब के लोगों को मिल रहा है किसी के पर्व और त्यौहार में किसी प्रकार का डिस्टरबेंस नहीं है सबको फ्रीडम है हर प्रकार की तो फिर अराजकता फैलाने की और दंगा करने की छ भी किसी को नहीं देंगे और हम लोगों ने पहले दिन सब पर बराबर लागू किया और कानून आज भी प्रदेश के अंदर सब पर बराबर लागू होता है इसके लिए आपको कोई खासकर पुलिस महकमे में कोई बदलाव करना पड़ा पुलिस को कोई खास निर्देश देने पड़े देखिए फोर्स वही है लेकिन हां पुलिस में हमने व्यापक रिफॉर्म किए पुलिस आधुनिकीकरण के लिए कदम बढ़ाए उत्तर प्रदेश पुलिस को तकनीकी दिश से सक्षम बनाया हमने पुलिस भर्ती की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न किया 1600 हज पुलिस की भर्ती को किया था और प्रदेश के सभी साठ जनपदों से उसमें भर्ती हुई सभी 75 जनपदों से सभी लाख भर्ती पुलिस की भर्ती हुई है परे प्रदेश के अंदर उनकी ट्रेनिंग करवाई गई ट्रेनिंग की क्षमता का विस्तार करवाया गया और यही नहीं हम लोगों ने फॉरेंसिक लैब हर रेंज स्तर पर बनाने की कारवाई को आगे बढ़ाया साइबर थाने हर रेंज स्तर पर बनाए उत्तर प्रदेश अपना यूपी फॉरेंसिक इंस्टिट्यूट स्थापित कर रहा है इस सत्र में उसमें क्लासेस भी शुरू हो जाएंगे यह कदम बढ़ाने के साथ एसटीआरएफ का गठन पहली बार यूपी के अंदर हुआ 54 पीएससी की कंपनियां समाप्त कर दी गई थी उनका पुनर्गठन हुआ और प्रदेश के अंदर मेट्रो एयरपोर्ट और औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा के लिए स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन भी इस दौरान हम लोगों ने किया है एसटीएफ और एटीएस का भी स्ट्रेंथ किया गया और इनको तकनीकी दश से सक्षम बनाया गया तब जाकर के हम लोग इस कार्यक्रम को आगे बढ़ा पा रहे हैं लेकिन इस इस आरोप पर आपको क्या कहना है कि आपकी सरकार में एनकाउंटर होते हैं और वो उन एनकाउंटर में भी फिर य बताया जाता है कि मुसलमान ही मारा जाता है मुसलमान के पांव में गोली लगती है आरोप तो कोई भी लगा सकता है मुझे लगता है हर एक व्यक्ति को अपनी बात बोलने का अधिकार है मुझे एक बात बताइए उत्तर प्रदेश के बहुत सारे पुलिस कर्मी इस दौरान शहीद हुए 25 करोड़ की आबादी है हमारा जवान अगर कहीं शहीद हो जाता है तो क्या वह वैसे ही अपने को दांव लगा रहा है उन दुर्दांत माफिया और अपराधी जो पैरलल सरकार चलाते थे उनसे लड़ना आसान काम नहीं था कौन उनके साम बोलता था मैंने बताया ना आपको अंसारी ने पहला अपराध कब किया था 1978 में किया था पहली हत्या 1981 में की थी कोई मुझे बताएगा कि 1981 और 1978 में हुआ अपराध में क्यों नहीं उसमें कारवाई हुई क्यों नहीं उसके बाद लगातार उस पर शिकंजा कसा गया व हत्या पर हत्या करता गया अपराध करता गया कैसे व एमएलए हो गया कैसे व लगातार विभिन्न जो भी दल सत्ता में आता था उसके उसका शागिर्द बन जाता था कोई बात तो रही होगी ना कहीं ना कहीं कोई संरक्षण तो रहा होगा र यह चीजें दिखाती हैं कि एजेंडा हमारा क्या है इन माफियाओं को बचाना इन संगठित गिरोहों के संचालकों को बचाना है या फिर उत्तर प्रदेश की 20 22 या 25 करोड़ आबादी के हितों को संरक्षण देते हुए यहां के हि किसानों के लिए यहां के नौजवानों के लिए यहां की बहन बेटियों के लिए हमें कुछ करना है अगर गांव गरीब किसान नौजवान महिलाएं इस सभी एजेंडे के हिस्से होते तो मुख्तार और अतीक अहमद जैसे माफिया नहीं पैदा होते कतई नहीं पैदा हो सकते थे क्योंकि यह हमेशा विकास के मार्ग में के बैरियर रहेंगे हमेशा किसी भी राज्य के लिए और किसी भी व्यवस्था के लिए एक चुनौती बन बने रहेंगे और हमें हर हार में इस प्रकार की किसी भी कुप्रथा को माफिया किसी भी प्रवृति का हो और किसी भी रूप में हो उसको नकारना चाहिए उसके खिलाफ मोर्चा लेना चाहिए मैं आज आपसे पूछना चाहता हूं कि ऐसी क्या वजह आपको पता लगी कि यह व्यक्ति जेल की पंजाब की जेल में इतना आराम से रह रहा था मुख्तार अंसारी और यहां आने के बाद फिर जो सलूक होना था वह हुआ देखिए यह हम सबका बड़ा दुर्भाग्य है किस प्रकार के पेशेवर माफिया और अपराधी किसी ना किसी रूप में सत्ता का संरक्षण प्राप्त कर लिया करते थे मुख्तार अंसारी ने पहला अपराध 1978 में किया था और 1978 से लेकर के लगातार अपराध करता रहा आज भी उसमें उस पर 54 से लेकर 58 मामले अलग-अलग अलग-अलग थाना क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के अंदर दर्ज हैं पहली बार 44 वर्ष के बाद पहली बार उस माफिया को सजा हुई है एक लोअर कोर्ट से हुई है एक एक एक मामले में एक दो मामलों में लोअर कोर्ट से हुई और एक मामले में हाई कोर्ट से हुई आखिर क्या कारण है कि लोग हत्या करें अपहरण करें जबरन कब्जा करें और कोई इनके खिलाफ गवाही नहीं देता क्या कारण है कि सरेआम य लोग दंगा भड़का है और एक जनप्रतिनिधि के रूप में वह व्यक्ति अपनी नंगी रिवार बल लेकर के पिस्टल लेकर के लहराते हुए खुली जाए और सरकार कर क्या रही थी क्या कर रही है सरकार य काम किसी व्यक्ति का नहीं होना चाहिए यह तो फोर्स है उसके लिए दंगा अगर हो रहा है फोर्स रोके उसको लेकिन नहीं उसको पूरी छूट दी जाती है आप उस तस्वीर की बात कर रहे मुख्तार अंसारी म में जीभ के ऊपर बैठ के च बात कर इसी प्रकार की स्थिति प्रयागराज में भी थी अ स्थिति बना के रखी थी सैकड़ों एकड़ शासन की भूमि को विकास प्राधिकरण की भूमि को कब्जा करके कॉलोनी बसाया जा रहा है कोई रोकने वाला नहीं कोई टोकने वाला नहीं अपराध पर अपराध किए जा रहे थे कोई उस कोई उस यानी कहीं भी कोई उसके खिलाफ बोलने वाला नहीं आखिर किसी को तो स्टैंड लेना पड़ेगा और क तक चलेगी अराजकता एक व्यक्ति के लिए हम 25 करोड़ आबादी के जीवन को दाव में लगा दे ये नहीं हो सकता हमारे लिए उत्तर प्रदेश की जनता महत्त्वपूर्ण थी और इसलिए हम लोगों ने कहा कि नहीं अगर इन माफियाओं से हम शक्ति से निपट नहीं तो 25 करोड़ प्रदेश की जनता के हितों के लिए फिर हम कुछ भी करने में सफल नहीं होंगे और उत्तर प्रदेश के परसेप्शन को तो बदलना ही पड़ेगा प्रदेश में कानून का राज होगा उत्तर प्रदेश दंगा मुक्त होगा बिना भेदभाव के शासन की योजना जब हर जाति मत और मजहब के लोगों को मिल रहा है किसी के पर्व और त्यौहार में किसी प्रकार का डिस्टरबेंस नहीं है सबको फ्रीडम है हर प्रकार की तो फिर अराजकता फैलाने की और दंगा करने की छूट भी किसी को नहीं देंगे और हम लोगों ने पहले दिन सब पर बराबर लागू किया और कानून आज भी प्रदेश के अंदर सब पर बराबर लागू होता इसके लिए आपको कोई खासकर पुलिस महकमे में कोई बदलाव करना पड़ा पुलिस को कोई खास निर्देश देने पड़े देखिए फोर्स वही है लेकिन हां पुलिस में हमने व्यापक रिफॉर्म किए पुलिस आधुनिकीकरण के लिए कदम बढ़ाए उत्तर प्रदेश पुलिस को तकनीकी दिश से सक्षम बनाया हमने पुलिस भर्ती की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न कियाज पुलिस की भर्ती को किया था और प्रदेश के सभी सा जनपदों से उसमें भर्ती हुई सभी 75 जनपदों से सभी 10 लाख भती पुलिस की भर्ती हुई है पूरे प्रदेश के अंदर उनकी ट्रेनिंग करवाई गई ट्रेनिंग की क्षमता का विस्तार करवाया गया और यही नहीं हम लोगों ने फॉरेंसिक लैब हर रेंज स्तर पर बनाने की कारवाई को आगे बढ़ाया साइबर थाने हर रेंज स्तर पर बनाए उत्तर प्रदेश अपना यूपी फॉरेंसिक इंस्टिट्यूट स्थापित कर रहा है इस सत्र में उसमें क्लासेस भी शुरू हो जाएंगी यह कदम बढ़ाने के साथ एसटीआरएफ का गठन पहली बार यूपी के अंदर हुआ 54 पीएससी की कंपनियां समाप्त कर दी गई थी उनका पुनर्गठन हुआ और प्रदेश के अंदर मेट्रो एयरपोर्ट और औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा के लिए स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन भी इस दौरान हम लोगों ने किया है एसटीएफ और एटीएस का भी स्थन किया गया और इनको तकनीकी दिश से सक्षम बनाया गया तब जाकर के हम लोग इस कार्यक्रम को आगे बढ़ा पा रहे लेकिन इस आरोप पर आपको क्या कहना है कि आपकी सरकार में एनकाउंटर होते हैं और वो उन एनकाउंटर में भी फिर बताया जाता है कि मुसलमान ही मारा जाता है मुसलमान के पाव में गोली लगती है आरोप तो कोई भी लगा सकता है मुझे लगता है हर एक व्यक्ति को अपनी बात बोलने का अधिकार है मुझे एक बात बताइए उत्तर प्रदेश के बहुत सारे पुलिस कर्मी इस दौरान शहीद हुए 25 करोड़ की आबादी है हमारा जवान अगर कहीं शहीद हो जाता है तो क्या वह वैसे अपने को दाव लगा रहा है उन दुर्दांत माफिया और अपराधी जो पैरलल सरकार चलाते थे उनसे लड़ना आसान काम नहीं था कौन उनके सामने बोलता था मैंने बताया ना आपको मुता अंसारी ने पहला अपराध कब किया था 1978 में किया था पहली हत्या 1981 में की थी कोई मुझे बताएगा कि 1981 और 1978 में हुआ अपराध में क्यों नहीं उसमें कारवाई हुई क्यों नहीं उसके बाद लगातार उस पर शिकंजा कसा गया व हत्या पर हत्या करता गया अपराध करता गया कैसे व एमएलए हो गया कैसे व लगातार विभिन्न जो भी दल सत्ता में आता था उसके उसका शागिर्द बन जाता था कोई बात तो रही कहीं नाना कहीं कुछ संरक्षण तो रहा होगा यह चीजें दिखाती हैं कि एजेंडा हमारा क्या है इन माफियाओं को बचाना इन संगठित ग्रहों के संचालकों को बचाना है या फिर उत्तर प्रदेश की 20 22 या 25 करोड़ आबादी के हितों को संरक्षण देते हुए यहां के किसानों के लिए यहां के नौजवानों के लिए यहां की बहन बेटियों के लिए हमें कुछ करना है अगर गांव गरीब किसान नौजवान महिलाएं यह सभी एजेंडे के हिस्से होते तो मुख्तार और अतीक अहमद जैसे माफिया नहीं पैदा होते कतई नहीं पैदा हो सकते थे क्योंकि यह हमेशा विकास के मार्ग के बैरियर रहेंगे हमेशा किसी भी राज्य के लिए और किसी भी व्यवस्था के लिए चुनौती ब बने रहेंगे और हमें हर हार में इस प्रकार की किसी भी कुप्रथा को माफिया किसी भी प्रवृत्ति का हो और किसी भी रूप में हो उसको नकारना चाहिए उसके खिलाफ मोर्चा लेना चाहिए मैं आज आपसे पूछना चाहता हूं कि ऐसी क्या वजह आपको पता लगी कि यह व्यक्ति जेल की पंजाब की जेल में इतना आराम से रह रहा था मुख्तार अंसारी और यहां आने के बाद फिर जो सलूक होना था वह हुआ देखिए यह हम सबका बड़ा दुर्भाग्य है किस प्रकार के पैसे व माफिया और अपराधी किसी ना किसी रूप में सत्ता का संरक्षण प्राप्त कर लिया करते थे मुख्तार अंसारी ने पहला अपराध 1978 में किया था और 1978 से लेकर के लगातार अपराध करता रहा आज भी उसम उस पर 54 से लेकर 58 मामले अलग-अलग अलग-अलग थाना क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के अंदर दर्ज हैं पहली बार 44 वर्ष के बाद पहली बार उस माफिया को सजा हुई है एक लोअर कोर्ट से हुई है एक एक मामले में एक दो मामलों में लोअर कोर्ट से और एक मामले में हाई कोर्ट से हुई है आखिर क्या कारण है य लोग हत्या करें अपहरण करें जबरन कब्जा करें और कोई इनके खिलाफ गवाही नहीं देता क्या कारण है कि सरेआम लोग दंगा भड़का है और एक जनप्रतिनिधि के रूप में वह व्यक्ति अपनी नंगी रिवार बल लेकर के पिस्टल लेकर के लहराते हुए खुली जीप में जाए और सरकार कर क्या रही थी क्या कर रही है सरकार य काम किसी व्यक्ति का नहीं होना चाहिए ये तो फोर्स है उसके लिए दंगा अगर हो रहा है फोर्स रो उसको लेकिन नहीं उसको पूरी छूट दी जाती है आप उस तस्वीर की बात कर रहे मुख्तार अंसारी म में जीप के ऊपर बैठ के च उसी की बात कर रहा हूं इसी प्रकार की स्थिति प्रयागराज में भी थी अति क्या स्थिति बना के रखी थी सैकड़ों एकड़ शासन की भूमि को विकास प्राधिकरण की भूमि को कब्जा करके बसाया जा रहा है कोई रोकने वाला नहीं कोई टोकने वाला नहीं अपराध पर अपराध किए जा रहे थे कोई उस कोई उस यानी कहीं भी कोई उसके खिलाफ बोलने वाला नहीं आखिर किसी को तो स्टैंड लेना पड़ेगा और कब तक चलेगी अराजकता एक व्यक्ति के लिए हम 25 करोड़ आबादी के जीवन को दाव में लगा दे यह नहीं हो सकता हमारे लिए उत्तर प्रदेश की जनता महत्त्वपूर्ण थी और इसलिए हम लोगों ने कहा कि नहीं अगर इन माफियाओं से हम शक्ति से निपट नहीं तो 25 करोड़ प्रदेश की जनता के हितों के लिए फिर हम कुछ भी करने में सफल नहीं होंगे और उत्तर प्रदेश के परसेप्शन को तो बदलना ही पड़ेगा प्रदेश में कानून का राज होगा उत्तर प्रदेश दंगा मुक्त होगा बिना भेदभाव के शासन की योजना जब हर जाति मत और मजहब के लोगों को मिल रहा है किसी के पर्व और त्यौहार में किसी प्रकार का डिस्टरबेंस नहीं है सबको फ्रीडम है हर की तो फिर अराजकता फैलाने की और दंगा करने की छूट भी किसी को नहीं देंगे और हम लोगों ने पहले दिन सब पर बराबर लागू किया और कानून आज भी प्रदेश के अंदर सब पर बराबर लागू होता है इसके लिए आपको कोई खासकर पुलिस महकमे में कोई बदलाव करना पड़ा पुलिस को कोई खास निर्देश देने पड़े देखिए फोर्स वही है लेकिन हां पुलिस में हमने व्यापक रिफॉर्म किए पुलिस आधुनिकीकरण के लिए कदम बढ़ाए उत्तर प्रदेश पुलिस को तकनीकी दिश से सक्षम बनाया हमने पुलिस भर्ती की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न किया 16 हज पुलिस की भर्ती को किया था और प्रदेश के सभी साठ जनपदों से उसमें भर्ती हुई सभी 75 जनपदों से सभी 10 लाख भती पुलिस की भर्ती हुई है परे प्रदेश के अंदर उनकी ट्रेनिंग करवाई गई ट्रेनिंग की क्षमता का विस्तार करवाया गया और यही नहीं हमलोग लोगों ने फॉरेंसिक लैब हर रेंज स्तर पर बनाने की कारवाई को आगे बढ़ाया साइबर थाने हर रेंज स्तर पर बनाए उत्तर प्रदेश अपना यूपी फॉरेंसिक इंस्टिट्यूट स्थापित कर रहा है इस सत्र में उसमें क्लासेस भी शुरू हो जाएंगे यह कदम बढ़ाने के साथ एसटीआरएफ का गठन पहली बार यूपी के अंदर हुआ 54 पीएससी की कंपनियां समाप्त कर दी गई थी उनका पुनर्गठन हुआ और प्रदेश के अंदर मेट्रो एयरपोर्ट और औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा के लिए स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन भी इस दौरान हम लोगों ने किया है एसटीएफ और एटीएस का भी स्ट्रेंथ किया गया और इनको तकनीकी दिश से सक्षम बनाया गया तब जाकर के हम लोग इस कार्यक्रम को आगे बढ़ा पा रहे हैं लेकिन इस इस आरोप पर आपको क्या कहना है कि आपकी सरकार में एनकाउंटर होते हैं और वो उन एनकाउंटर में भी फिर य बताया जाता है कि मुसलमान के पा में ग लती आरोप तो कोई भी लगा सकता है मुझे लगता है हर एक व्यक्ति को अपनी बात बोलने का अधिकार है मुझे एक बात बताइए उत्तर प्रदेश के बहुत सारे पुलिस कर्मी इस दौरान शहीद हुए 25 करोड़ की आबादी है हमारा जवान अगर कहीं शहीद हो जाता है तो क्या वह वैसे ही अपने को दांव लगा रहा है उन दुर्दांत माफिया और अपराधी जो पैरेलल सरकार चलाते थे उनसे लड़ना आसान काम नहीं था कौन उनके सामने बोलता था मैंने बताया ना आपको अंसारी ने पहला अपराध कब किया था 1978 में किया था पहली हत्या 1981 में की थी कोई मुझे बताएगा कि 1981 और 1978 में हुआ अपराध में क्यों नहीं उसमें कारवाई हुई क्यों नहीं उसके बाद लगातार उस पर शिकंजा कसा गया व हत्या पर हत्या करता गया अपराध करता गया कैसे एमएलए हो गया कैसे व लगातार विभिन्न जो भी दल सत्ता में आता था उसके उसका शागिर्द बन जाता था कोई बात तो रही होगी ना कहीं ना कहीं कोई संरक्षण तो रहा होगा र यह चीजें दिखाती हैं कि एजेंडा हमारा क्या है इन माफियाओं को बचाना इन संगठित गिरोहों के संचालकों को बचाना है या फिर उत्तर प्रदेश की 20 22 या 25 करोड़ आबादी के हितों को संरक्षण देते हुए यहां के किसानों के लिए यहां के नौजवानों के लिए यहां की बहन बेटियों के लिए हमें कुछ करना है अगर गांव गरीब किसान नौजवान महिलाएं यह सभी एजेंडे के हिस्से होते तो मुख्तार और अतिक अहमद जैसे माफिया नहीं पैदा होते कत नहीं पैदा हो सकते थे क्योंकि यह हमेशा विकास के मार्ग के बैरियर रहेंगे हमेशा किसी भी राज्य के लिए और किसी भी व्यवस्था के लिए चुनौती ब बने रहेंगे और हमें हर हार में इस प्रकार की किसी भी कुप्रथा को माफिया किसी भी प्रवृति का हो और किसी भी रूप में हो उसको नकारना चाहिए उसके खिलाफ मोर्चा लेना चाहिए मैं आज आपसे पूछना चाहता हूं कि ऐसी क्या वजह आपको पता लगी कि यह व्यक्ति जेल की पंजाब की जेल में आराम से रह रहा था मुख्तार अंसारी और यहां आने के बाद फिर जो सलूक होना था वो हुआ देखिए यह हम सबका बड़ा दुर्भाग्य है किस प्रकार के पेशेवर माफिया और अपराधी किसी ना किसी रूप में सत्ता का संरक्षण प्राप्त कर लिया करते थे मुख्तार अंसारी ने पहला अपराध 1978 में किया था और 1978 से लेकर के लगातार अपराध का करता रहा आज भी उसमें उस पर 54 से लेकर 58 मामले अलग-अलग अलग-अलग थाना क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के अंदर दर्ज हैं पहली बार 44 वर्ष के बाद पहली बार उस माफिया को सजा हुई है एक लोअर कोर्ट से हुई है एक एक मामले में एक दो मामलों में लोअर कोर्ट से हु और एक मामले में हाई कोर्ट से हुई है आखिर क्या कारण है कि लोग हत्या करें अपहरण करें जबरन कब्जा करें और कोई इनके खिलाफ गवाही नहीं देता क्या कारण है कि सरेआम में लोग दंगा भड़का है और एक जनप्रतिनिधि के रूप में वह व्यक्ति अपनी नंगी रिवार बल लेकर के पिस्टल लेकर के लहराते हुए खुली जीप में जाए और सरकार कर क्या रही थी क्या कर रही है सरकार यह काम किसी व्यक्ति का नहीं होना चाहिए यह तो फोर्स है उसके लिए दंगा अगर हो रहा है फोर्स रोके उसको लेकिन नहीं उसको पूरी छूट दी जाती है आप उस तस्वीर की बात कर रहे मुख्तार अंसारी म में जीभ के ऊपर बैठ के चल मैं उसी की बात कर रहा हूं इसी प्रकार की स्थिति प्रयागराज में भी थी अ क्या स्थिति बनाकर रखी थी सैकड़ों एकड़ शासन की भूमि को विकास प्राधिकरण की भूमि को कब्जा करके कॉलोनी बसाया जा रहा है कोई रोकने वाला नहीं कोई टोकने वाला नहीं अपराध पर अपराध किए जा रहे थे कोई उस कोई उस यानी कहीं भी कोई उसके खिलाफ बोलने वाला नहीं आखिर किसी को तो स्टैंड लेना पड़ेगा और कब तक चलेगी अराजकता एक व्यक्ति के लिए हम 25 करोड़ आबादी के जीवन को दाव में लगा दे यह नहीं हो सकता हमारे लिए उत्तर प्रदेश की जनता महत्त्वपूर्ण थी और इसलिए हम लोगों ने कहा कि नहीं अगर इन माफियाओं से हम शक्ति से निपट नहीं तो 25 करोड़ प्रदेश की जनता के हितों के लिए फिर हम कुछ भी करने में सफल नहीं होंगे और उत्तर प्रदेश के परसेप्शन को तो बदलना ही पड़ेगा प्रदेश में कानून का राज होगा उत्तर प्रदेश दंगा मुक्त होगा बिना भेदभाव के शासन की योजना जब हर जाति मत और मजहब के लोगों को मिल रहा है किसी के पर्व और त्यौहार में किसी प्रकार का डिस्टरबेंस नहीं है सबको फ्रीडम है हर प्रकार की तो फिर अराजकता फैलाने की और दंगा करने की छूट भी किसी को नहीं देंगे और हम लोगों ने पहले दिन सब पर बराबर लागू किया और कानून आज भी प्रदेश के अंदर सब बराबर लागू होता है इसके लिए आपको को कोई खासकर पुलिस महकमे में कोई बदलाव करना पड़ा पुलिस को कोई खास निर्देश देने पड़े देखिए फोर्स वही है लेकिन हां पुलिस में हमने व्यापक रिफॉर्म किए पुलिस आधुनिकीकरण के लिए कदम बढ़ाए उत्तर प्रदेश पुलिस को तकनीकी दिश से सक्षम बनाया हमने पुलिस भर्ती की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न किया 1600 पुलिस की भर्ती को किया और प्रदेश के सभी सा जनपदों से उसमें भर्ती हुई सभी 75 जनपदों से सभी लाख भती पुलिस की भर्ती हुई है पूरे प्रदेश के अंदर उनकी ट्रेनिंग करवाई गई ट्रेनिंग की क्षमता का विस्तार करवाया गया और यही नहीं हम लोगों ने फॉरेंसिक लैब हर रेंज स्तर पर बनाने की कारवाई को आगे बढ़ाया साइबर थाने हर रेंज स्तर पर बनाए उत्तर प्रदेश अपना यूपी फॉरेंसिक इंस्टिट्यूट स्थापित कर रहा है इस सत्र में उसमें क्लासेस भी शुरू हो जाएंगे यह कदम बढ़ाने के साथ एसटीआरएफ का गठन पहली बार यूपी के अंदर हुआ 54 पीएससी की कंपनियां समाप्त कर दी गई थी उनका पुनर्गठन हुआ और प्रदेश के अंदर मेट्रो एयरपोर्ट और औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा के लिए स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन भी इस दौरान हम लोगों ने किया है एसटी और एटीएस का भी स्ट्रेंथ किया गया और इनको तकनीकी दिश से सक्षम बनाया गया तब जाकर के हम लोग इस कार्यक्रम को आगे बढ़ा रहे लेकिन इस इस आरोप पर आपको क्या कहना है कि आपकी सरकार में एनकाउंटर होते हैं और वो उन एनकाउंटर में भी फिर बताया जाता है कि मुसलमान ही मारा जाता है मुसलमान के पाव में गोली लगती है आरोप तो कोई भी लगा सकता है मुझे लगता है हर एक व्यक्ति को अपनी बात बोलने का अधिकार है मुझे एक बात बताइए उत्तर प्रदेश के बहुत सारे पुलिस कर्मी इस दौरान शहीद हुई 25 करोड़ की आबादी है हमारा जवान अगर कहीं शहीद हो जाता है तो क्या वह वैसे ही अपने को दाव लगा रहा है उन दुर्दांत माफिया और अपराधी जो पैरेलल सरकार चलाते थे उनसे लड़ना आसान काम नहीं था कौन उनके सामने बोलता था मैंने बताया ना आपको मुता अंसारी ने पहला अपराध कब किया था 1978 में किया था पहली हत्या 1981 में की थी कोई मुझे बताएगा कि 1981 और 1978 में हुआ अपराध में क्यों नहीं उसमें कारवाई हुई क्यों नहीं उसके बाद लगातार उस पर शिकंजा कसा गया व हत्या पर हत्या करता गया अपराध करता गया कैसे एमएलए हो गया कैसे व लगातार विभिन्न जो भी दल सत्ता में आता था उसके उसका शागिर्द बन जाता था कोई बात तो रही होगी ना कहीं ना कहीं कोई संरक्षण तो रहा होगा ना जाहिर है यह चीजें दिखाती हैं कि एजेंडा हमारा क्या है इन माफियाओं को बचाना इन संगठित गिरोहों के संचालकों को बचाना है या फिर उत्तर प्रदेश की 20 22 या 25 करोड़ आबादी के हितों को संरक्षण देते हुए यहां के हि किसानों के लिए यहां के नौजवान के लिए यहां की बहन बेटियों के लिए हमें कुछ करना है अगर गांव गरीब किसान नौजवान महिलाएं य सभी एजेंडे के हिस्से होते तो मुख्तार और अतीक अहमद जैसे माफिया नहीं पैदा होते कतई नहीं पैदा हो सकते थे क्योंकि यह हमेशा विकास के मार्ग के बैरियर रहेंगे हमेशा किसी भी राज्य के लिए और किसी भी व्यवस्था के लिए चुनौती ब बने रहेंगे और हमें हर हार में इस प्रकार की किसी भी कुप्रथा को माफिया किसी भी प्रवृत्ति का हो और किसी भी रूप में हो उसको नकारना चाहिए उसके खिलाफ मोर्चा लेना चाहिए मैं आज आपसे पूछना चाहता हूं कि ऐसी क्या वजह आपको पता लगी कि यह व्यक्ति जेल की पंजाब की जेल में इतना आराम से रह रहा था मुख्तार अंसारी और यहां आने के बाद फिर जो सलूक होना था वह हुआ देखिए यह हम सबका बड़ा दुर्भाग्य है किस प्रकार के पेशेवर माफिया और अपराधी किसी ना किसी रूप में सत्ता का संरक्षण प्राप्त कर लिया करते थे मुख्तार अंसारी ने पहला अपराध 1978 में किया था और 1978 से लेकर के लगातार अपराध करता रहा आज भी उसमें उस पर 54 से लेकर 58 मामले अलग-अलग अलग-अलग थाना क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के अंदर दर्ज हैं पहली बार 44 वर्ष के बाद पहली बार उस माफिया को सजा हुई है एक लोअर कोर्ट से हुई है एक एक मामले में एक दो मामलों में लोअर कोर्ट से और एक मामले में हाई कोर्ट से हुई है आखिर क्या कारण है कि लोग हत्या करें और अहरण करें जबरन कब्जा करें और कोई इनके खिलाफ गवाही नहीं देता क्या कारण है कि सरेआम य लोग दंगा भड़का है और एक जनप्रतिनिधि के रूप में वह व्यक्ति अपनी नंगी रिवार बल लेकर के पिस्टल लेकर के लहराते हुए खुली जीप में जाए और सरकार कर क्या रही थी क्या कर रही है सरकार ये काम किसी व्यक्ति का नहीं होना चाहिए यह तो फोर्स है उसके लिए दंगा अगर हो रहा है फोर्स रोके उसको लेकिन नहीं उसको पूरी छूट दी जाती है आप उस तस्वीर की बात कर रहे मुख्तार अंसारी म में जीभ के ऊपर बैठ के च बात कर इसी प्रकार की स्थिति प्रयागराज में भी थी अ क्या स्थिति बना के रखी थी सैकड़ों एकड़ शासन की भूमि को विकास प्राधिकरण की भूमि को कब्जा करके व कॉलोनी बसाया जा रहा है कोई रोकने वाला नहीं कोई टोकने वाला नहीं अपराध प अपराध किए जा रहे थे कोई उस कोई उस यानी कहीं भी कोई उसके खिलाफ बोलने वाला नहीं आखिर किसी को तो स्टैंड लेना पड़ेगा और कब तक चलेगी अराजकता एक व्यक्ति के लिए हम 25 करोड़ आबादी के जीवन को दाव में लगा दे यह नहीं हो सकता हमारे लिए उत्तर प्रदेश की जनता महत्त्वपूर्ण थी और इसलिए हम लोगों ने कहा कि नहीं अगर इन माफियाओं से हम शक्ति से निपट नहीं तो 25 करोड़ प्रदेश की जनता के हितों के लिए फिर हम कुछ भी करने में सफल नहीं होंगे और उत्तर प्रदेश के परसेप्शन को तो बदलना ही पड़ेगा प्रदेश में कानून का राज होगा उत्तर प्रदेश दंगा मुक्त होगा बिना भेदभाव के शासन की योजना जब हर जाति मत और मजहब के लोगों को मिलना है कि के पर्व और त्यौहार में किसी प्रकार का डिस्टरबेंस नहीं है सबको फ्रीडम है हर प्रकार की तो फिर अराजकता फैलाने की और दंगा करने की छूट भी किसी को नहीं देंगे और हम लोगों ने पहले दिन सब पर बराबर लागू किया और कानून आज भी प्रदेश के अंदर सब पर बराबर लागू होता इसके लिए आपको कोई खासकर पुलिस महकमे में कोई बदलाव करना पड़ा पुलिस को कोई खास निर्देश देने पड़े देखिए फोर्स वही है लेकिन हां पुलिस में हमने रिफॉर्म किए पुलिस आधुनिकीकरण के लिए कदम बढ़ाए उत्तर प्रदेश पुलिस को तकनीकी दिश से सक्षम बनाया हमने पुलिस भर्ती की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न किया 16 हज पुलिस की भर्ती को किया था और प्रदेश के सभी सा जनपदों से उसमें भर्ती हुई सभी 75 जनपदों से सभी लाख भती पुलिस की भर्ती हुई है परे प्रदेश के अंदर उनकी ट्रेनिंग करवाई गई की क्षमता का विस्तार करवाया गया और यही नहीं हम लोगों ने फॉरेंसिक लैब हर रेंज स्तर पर बनाने की कारवाई को आगे बढ़ाया साइबर थाने हर रेंज स्तर पर बनाए उत्तर प्रदेश अपना यूपी फॉरेंसिक इंस्टिट्यूट स्थापित कर रहा है इस सत्र में उसमें क्लासेस भी शुरू हो जाएंगे यह कदम बढ़ाने के साथ एसटीआरएफ का गठन पहली बार यूपी के अंदर हुआ 54 पीएससी की कंपनियां समाप्त कर दी गई थी उनका पुनर्गठन हुआ और प्रदेश के अंदर मेट्रो एयरपोर्ट और औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा के लिए स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन भी इस दौरान हम लोगों ने किया है एसटीएफ और एटीएस का भी स्ट्रेंथ किया गया और इनको तकनीकी दिश से सक्षम बनाया गया तब जाकर के हम लोग इस कार्यक्रम को आगे बढ़ा पा रहे हैं लेकिन इस इस आरोप पर आपको क्या कहना है कि आपकी सरकार में एनकाउंटर होते हैं और वो उन एनकाउंटर में भी फिर य बताया जाता है कि मुसलमान ही मारा जाता है मुसलमान के पाव में गोली लगती है आरोप तो कोई भी लगा सकता है मुझे लगता है हर एक व्यक्ति को अपनी बात बोलने का अधिकार है मुझे एक बात बताइए उत्तर प्रदेश के बहुत सारे पुलिस कर्मी इस दौरान शहीद हुए 25 करोड़ की आबादी है हमारा जवान अगर कहीं शहीद हो जाता है तो क्या वह वैसे ही अपने को दांव लगा रहा है उन दुर्दांत माफिया और अपराधी जो पैरलल सरकार चलाते थे उनसे लड़ना आसान काम नहीं था कौन उनके सामने बोलता था मैंने बताया ना आपको मुता अंसारी ने पहला अपराध कब किया था 1978 में किया था पहली हत्या 1981 में की थी कोई मुझे बताएगा कि 1981 और 1978 में हुआ अपराध में क्यों नहीं उसमें कारवाई हुई क्यों नहीं उसके बाद लगाता उस पर शिकंजा कसा गया व हत्या पर हत्या करता गया अपराध करता गया कैसे व एमएलए हो गया कैसे व लगातार विभिन्न जो भी दल सत्ता में आता था उसके उसका शागिर्द बन जाता था

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