Arvind Kejriwal In Tihar Jail Big Updates News: जेल में केजरीवाल के साथ क्या हो गया? | Sushant Sinha


शाम में 5:30 बजे डिनर दे दिया जाता है शराब घोटाले से जुड़े वह मोबाइल मैसेज जो बड़ा राज खोल द किसी जमाने में दूसरों को तिहाड़ जेल भेजने की बातें करने वाले केजरीवाल के लिए वक्त का पहिया ऐसा घूमा कि आज केजरीवाल खुद तिहाड़ जेल में पहुंच गए केजरीवाल ने जिस दिन के बारे में सोचा नहीं था वो दिन आज आ गया और जिनको केजरीवाल कहते थे कि तिहाड़ में भेजेंगे वो लोग रामलीला मैदान में अरविंद केजरीवाल तिहाड़ क्यों जा रहे हैं इस पर छाती पीट रहे पूरा जो वक्त का पहिया होता ना व पलट गया घूम गया ईडी ने केजरीवाल की आज रिमांड नहीं मांगी और कोर्ट ने उन्हें 15 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया यानी जेल भेज दिया इसके बाद जेल वैन में केजरीवाल को भरकर तिहार जेल पहुंचा दिया गया लेकिन जेल जाते ही केजरीवाल ने आज एक और रिकॉर्ड बना दिया अब तक व दे पहले ऐसे मुख्यमंत्री थे जो रिमांड में होने के बावजूद मुख्यमंत्री पद पर बैठे हुए आज केजरीवाल ने नया रिकॉर्ड बना दिया व आए थे ना पॉलिटिक्स बदलने देखिए पॉलिटिक्स बदल दी आज वह देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन गए जो जेल के अंदर जाकर भी मुख्यमंत्री केजरीवाल अब उसी तिहार जेल में रहेंगे जहां उनके पुराने साथी मनीष सिसोदिया संजय सिंह और सतेंद्र जैन केजरीवाल को तिहाड़ की जेल नंबर दो में रखा गया है वह जेल नंबर दो में अकेले रहेंगे केजरीवाल के साथी संजय सिंह को कुछ दिन पहले ही जेल नंबर दो से जेल नंबर पाच में शिफ्ट किया गया है इसके अलावा पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया जेल नंबर वन में है और केजरीवाल के एक और मंत्री रहे सत्येंद्र जैन जेल नंबर सात में यानी अब आम आदमी पार्टी के सीनियर लीडर्स का नया ठिकाना तिहाड़ जेल बन गया और देश में शायद ही कोई ऐसी पार्टी होगी जो लॉन्च होने के इतने समय में इस तरह का प्रदर्शन करते हुए उसके तमाम बड़े नेता जेल के अंदर गए तिहार जेल में आप सीएम केजरीवाल के साथ क्या क्या होने वाला है यह आपको आगे बताऊंगा लेकिन पहले सुनिए कि तिहार जाने से पहले आज जब केजरीवाल जी कोर्ट में पेश हुए तो उन्होंने क्या कहा अच्छा नहीं है यानी उन्होंने प्रधानमंत्री पर डाल दिया कि प्रधानमंत्री जो कर रहे हैं वो देश के लिए ठीक नहीं र जेल तो आपको कोर्ट ने भेजा गलत था तो कोर्ट कह देता कि नहीं जेल नहीं भेजेंगे इनको केजरीवाल जेल जाने पर सिंपैथी बटोरने में जुटे हैं लेकिन यह सिंपैथी उन्हें मिलेगी या नहीं यह तो वक्त बताएगा फिलहाल उन्हें तिहाड़ में क्या-क्या मिलने वाला है मैं बता देता हूं कोर्ट से केजरीवाल ने तिहाड़ में कई सारी चीजों की परमिशन मांगी कोर्ट ने तिहाड़ के अंदर केजरीवाल को क्या-क्या ले जाने की परमिशन दी है आपको पहले वह बता देता हूं केजरीवाल अपना गद्दा तिहाड़ जेल में यूज कर पाएंगे केजरीवाल ने कहा उनको चादर भी अपना चाहिए तो चादर भी उनको अपना मिलेगा केजरीवाल ने दो तकिया मांगा तो कोर्ट ने कहा दो तकिया रख लीजिए इसके अलावा रजाई और कंबल यह भी केजरीवाल अपना इस्तेमाल कर सकेंगे यानी चादर तकिया गद्दा रजाई कंबल कुछ भी जेल का नहीं अपना इस्तेमाल करेंगे केजरीवाल जी केजरीवाल ने अपनी हेल्थ से जुड़ी हुई कई परमिशन भी कोर्ट से मांगी केजरीवाल की सेहत को देखते हुए कोर्ट ने कहा कि केजरीवाल हेल्थ मॉनिटरिंग डिवाइस अंदर ले जा सकते हैं क्योंकि केजरीवाल जी के परिवार का कहना है कि बहुत हाई शुगर रहता है इनको बहुत बीमार है शुगर की वजह से तो कोर्ट ने कहा कि ठीक है हेल्थ मॉनिटरिंग डिवाइस ले जाइए इसके अलावा शुगर स शुगर शुगर सेंसर चार्जर शुगर शुगर मशीन वाला वो ले जाइए और जो ग्लूकोमीटर होता है व ले जाइए सेंसर रीडर ले जाइए इसके अलावा अगर ब्लड शुगर लेवल नीचे जाता है तो उसके लिए कई बार तुरंत टॉफी खानी पड़ती है ताकि शुगर लेवल ऊपर जाए तो कोर्ट ने कहा ठीक है आप जेल में रहिए लेकिन टॉफी रखिए ग्लूकोज रखिए डायबिटीज की दवाइयां रखिए यह सब आपको जेल अथॉरिटी दे देगा इसके अलावा कोर्ट ने इस बात की परमिशन दे दी है कि अरविंद केजरीवाल घर का बना खाना खा सकते हैं और इतना ही नहीं उन्हें जेल का पानी जेल की पानी जेल का जो पानी है वो भी नहीं पीना पड़ेगा वो बोतल बंद पानी मंगवा सकते हैं यानी घर का खाना पहुंचेगा केजरीवाल वही खाएंगे जेल का खाना नहीं खाएंगे तो जो एक कहावत थी कि जेल की रोटी खानी पड़ेगी जेल का पानी पीना पड़ेगा वो जेल में रहकर भी केजरीवाल जी पर लागू नहीं होगी क्योंकि वह घर का खाना खाते रहेंगे घर का पानी पीते रहेंगे या बोतल बंद बिसलेरी वगैरह जो होता है मिनरल वाटर वो पीते रहे इसके अलावा केजरीवाल ने जेल में पढ़ने के लिए तीन किताबें मांगी केजरीवाल जी ने कहा कि मुझे रामायण दीजिए सर मैं रामायण पढ़ना चाहता हूं उन्होंने कहा मैं भगवत गीता पढ़ना चाहता हूं और तीसरी किताब उन्होंने मांगी कि हाउ प्राइम मिनिस्टर्स डिसाइड यह तीन किताबें मैं पढ़ना चाहता हूं अब तीनों बुक्स की परमिशन कोर्ट ने दे दी कि ठीक है ले जाइए पढ़िए हालांकि तीनों किताबों की परमिशन यह भी दिखाती है कि शायद केजरीवाल जी को अंदर ही अंदर यह पता चल गया है कि वो लंबा अंदर गए नहीं तो तीन किताब क्यों मांगते अगर पा दिन 10 दिन में 15 दिन में करने वा 15 दिन में पढ़ लेंगे पूरा रामायण और गीता और तीसरी किताब भी अच्छा तीसरी किताब का नाम भी बड़ा इंटरेस्टिंग है हाउ प्राइम मिनिस्टर्स डिसाइड यह किताब व पढ़ना चाहते हैं अब या तो इस किताब से व यह समझना चाह रहे हैं कि प्रधानमंत्री कैसे सोचते हैं यह पता चले तो समझ में आए कि मोदी जी अब अगला क्या सोचने वाले हैं करने वाले हैं और नहीं तो शायद यह मैसेज देना चाह रहे हैं कि मैं तो अब यहां से निकलूंगा तो प्रधानमंत्री ही बनूंगा खैर बॉस उनके मन में क्या चल रहा है ये तो वही जाने लेकिन सियासत में ऐसी मैसेजिंग कई बार की जाती जो अरविंद केजरीवाल भी कर रहे हैं अरविंद केजरीवाल का तिहाड़ जेल में क्या शेड्यूल होने वाला है वह भी आपको बता देता हूं दरअसल तिहार जेल में अरविंद केजरीवाल को भी वही शेड्यूल फॉलो करना होगा जो बाकी कैदियों का होता है आप मुख्यमंत्री हैं उससे फर्क नहीं पड़ता बॉस आप वहां कैदी है तो जो बाकी करेंगे वह आपको करना पड़ेगा तिहाड़ के शेड्यूल के मुताबिक अरविंद केजरीवाल को बाकी कैदियों के साथ सुबह-सुबह 6:30 बजे उठना पड़ कैदियों को नाश्ते में चाय और ब्रेड दी जाती है हालांकि चकि केजरीवाल को परमिशन है कि व खाना घर से मंगा सकते हैं तो उनका नाश्ता भी शायद घर से आएगा फिर दोपहर का खाना सुबह 10:30 से 11 के बीच में मिल जाता है उसमें आम कैदियों को दाल मिलती है सब्जी मिलती है रोटी या चावल मिलता है लेकिन केजरीवाल जी का खाना घर से आएगा तो व घर का खाना खाएंगे इसके बाद शाम में 5:30 बजे डिनर दे दिया जाता है तो केजरीवाल जी का डिनर भी घर से आ जाएगा 530 5 बजे और 7 बजे सभी कैदियों को अपने बैरक में वापस जाने के लिए कह दिया जाता है सब वापस चले जाते हैं ऐसा नहीं कि जेल जाने से अरविंद केजरीवाल का पीछा ईडी से छूट गया आज कोर्ट में ईडी ने बताया कि अरविंद केजरीवाल ने जांच में सहयोग नहीं किया तो जो लोग कहते थे कि हम एक एक चीज में सहयोग करेंगे ईडी कोर्ट में खड़े होकर कह रही कि सहयोग ही नहीं कर रहे सवालों के गोलमोल जवाब देकर जांच को भटकाने की कोशिश कर र है अपने फोन का पासवर्ड तक नहीं दे र इसलिए ईडी ने कोर्ट में कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो व फिर से केजरीवाल को हिरासत में ले सकते हैं ऐसी भी खबरें हैं कि अरविंद केजरीवाल के आईफोन का डाटा एक्सेस करने के लिए ईडी ने मोबाइल कंपनी एल से भी सहयोग मांगा यानी ईडी से अरविंद केजरीवाल का पीछा अभी नहीं छूटने वाला बॉस ईडी को जब जरूरत पड़ेगी पूछताछ के लिए केजरीवाल को फिर रिमांड में ले सकती अरविंद केजरीवाल तिहाड़ में तो चले गए लेकिन यह चर्चा बहुत चल रही है कि क्या जेल जा ते जाते व अपने दो मंत्रियों आतिशी और सौरभ भारद्वाज को फसा के तो नहीं चले गए ऐसा लोग पूछ रहे हैं इस बात की चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि केजरीवाल ने शराब घोटाले के एक बड़े आरोपी विजय नायर के आतिशी और सौरभ भारद्वाज से कनेक्शन को जोड़ दिया और अपना पल्ला झाड़ लिया ऐसा लगा ईडी के मुताबिक केजरीवाल से पूछताछ में जब यह सवाल किया गया कि किस हद तक केजरीवाल जी आप किस हद तक विजय नायर से संपर्क में थे और किस हद से हद तक वो केजरीवाल को रिपोर्ट करता था तो ईडी कह रही है कोर्ट को कि केजरीवाल ने कहा कि विजय नायर उनको तो रिपोर्ट ही नहीं करता था वो तो आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता था अरविंद केजरीवाल ने यह भी दावा किया कि विजय नायर से उनका इंटरेक्शन या बातचीत बहुत सीमित थी मतलब ज्यादा उससे टच में नहीं था मैं आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट करता था ले अब इसी बात को लेकर सवाल उठने लगे कि क्या केजरीवाल ने यह बात कहकर अपने दो मंत्रियों आतिशी और सौरभ भारद्वाज को फसा दिया क्या क्योंकि जिस विजय नायर से केजरीवाल ने किनारा कर लिया कि मैं तो ज्यादा मिलता उलता नहीं था मैं ज्यादा उससे मेरा कोई इंटरेक्शन नहीं था और अपने दो मंत्रियों आतिशी और सौरभ भारद्वाज का पूरा पूरा ऐसा लग रहा है कि कनेक्शन जोड़ दिया जैसे विजय नायर सिर्फ उन्हीं के संपर्क में था वह विजय नायर कोई मामूली आदमी नहीं है इस शराब घोटाले के आरोपों के मामले में विजय नायर आम आदमी पार्टी का मीडिया एंड कम्युनिकेशन हेड आम आदमी पार्टी का केजरीवाल सरकार का नहीं आम आदमी पार्टी का मीडिया कम्युनिकेशन हेड था विजय नायर शराब घोटाले के सबसे अहम किरदारों में से एक है ईडी के मुताबिक विजय नायर शराब घोटाले में केजरीवाल और साउथ लॉबी के बीच मिडल मैन था बिचौलिया ईडी का आरोप है कि केजरीवाल ने विजय नायर के जरिए ही शराब घोटाले की रिश्वत ली अब ऐसा आदमी जिसके बारे में कहा जा रहा है कि वह केजरीवाल और उनकी सरकार और साउथ लॉबी के बीच में पूरा काम कर रहा था जिसके कंधे पर है कि उसने पूरा पैसा लिया यह आरोप ईडी लगाती है उसके लिए केजरीवाल ने कह दिया कि मैं ज्यादा नहीं जानता था वो सौरभ और आतिशी को रिपोर्ट करता था लोग पूछने लगे कि ल अब तो अगला नंबर आती शिया सौरभ भारद्वाज का है क्या गिरफ्तार होने का केजरीवाल ने विजय नायर को लेकर जो बातें कही है और उसका आतिशी और सौरभ से जो कनेक्शन जोड़ा जा रहा है उस पर आम आदमी पार्टी का दावा है कि जब विजय नायर को हिरासत में लिया गया था तब उसने भी कहा था कि वो सीएम केजरीवाल को रिपोर्ट नहीं करता इसलिए आज इस बात को उठाने का क्या मतलब है कि केजरीवाल ने विजय नायर से किनारा कर विजय नायर ने जांच में बताया था कि वह आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता है आम आदमी पार्टी का आरोप है कि यह बयान इसलिए आया क्योंकि ईडी आतिशी और सौरभ भारद्वाज को फसाना चाहती आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि बीजेपी को लग गया है कि सिर्फ केजरीवाल को जेल भेजने से काम नहीं होगा दूसरे नेताओं को भी जेल भेजना होगा एक बार सुनिए आम आदमी पार्टी ने इस पर क्या कहा है फिर आपको बताऊंगा कि कैसे विजय नायर को लेकर केजरीवाल के बयान ने आम आदमी पार्टी को ही फसा दिया जब विजय नायक जी को में लिया गया था तब उन्होंने यह बात कही थी डेढ़ साल पहले उन्होंने यही बात करी थी कि मैं मुख्यमंत्री को रिपोर्ट नहीं करता मैं जो भी अपना काम करता हूं उसमें मेरा रिपोर्टिंग अतिशी और सौरभ से है अब आज आप डेढ़ साल बाद जब आपको कुछ नहीं मिला तो ईडी ने सवाल पैदा होता है कि आज डेढ़ साल बाद जो बयान लिखित में ईडी के पास खुद है वो डेढ़ साल बाद क्यों उठा रहा है और अब मैं यह दावे के साथ कहता हूं इन दोनों हमारे वरिष्ठ नेताओं का नाम जो दिल्ली में भी मंत्री है आतिश और सौरभ भारद्वाज उनका नाम इसीलिए गया है क्योंकि अब भाजपा को समझ में आ गया कि अरे भाई एक अरविंद केजरीवाल को जेल में डालने से यह पार्टी बंद नहीं होगी अब एक काम करो दो तीन और नेताओं की तैयारी करना शुरू करो तभी इनका नाम आज आया है ये नाम तो पहले से ही इनके बयानों में दर्ज था भाई इनका नाम पहले से बयानों में दर्ज था लेकिन अगर केजरीवाल भी वही बात कह रहे हैं तो ईडी कोर्ट में क्या कहे ना बताए कि केजरीवाल कह रहे हैं कि विजय नायर तो आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता था और वह रिपोर्ट किसी भी को को किसी को भी करे जो आदमी इस पूरे मामले में मुख्य सूत्रधार बताया जा रहा है बिचौलिया बताया जा रहा है उसके लिए केजरीवाल ने यह कह दिया कि मेरा इससे ज्यादा कनेक्शन नहीं था यह बात बड़ी इंपॉर्टेंट है आज पूरी आम आदमी पार्टी इस बात पर जोर लगा रही है कि केजरीवाल ने विजय नायर पर जो बात कही वह सही है और केजरीवाल का विजय नायर से कोई ज्यादा लेना देना नहीं था लेकिन आपको कुछ तस्वीरें दिखाता हूं यह तस्वीर देखिए इसमें केजरीवाल और विजय नायर दोनों साथ में दिख रहे हैं एक व्यक्ति केजरीवाल और विजय नायर दोनों के कंधे पर हाथ रख के खड़ा है अब सोचिए अगर एक व्यक्ति केजरीवाल और विजय नायर दोनों के कंधे पर हाथ डालकर खड़ा है तो इसका मतलब तो यही लगता है कि केजरीवाल और विजय नायर दोनों का कद इस आदमी के लिए एक जैसा होगा भाई जो आदमी इतना पावरफुल है कि वह केजरीवाल के कंधे पर हाथ रख दे रहा है वो बगल में विजय नायर के कंधे पर हाथ रख के फोटो खिंचा रहा है तो विजय नायर का कद भी तो कुछ होगा इससे विजय नायर की साफसाफ अहमियत दिख रही है यानी विजय नायर कोई ऐसा व्यक्ति नहीं था जिसे केजरीवाल जानते पहचानते ना हो आते जाते मिल लिए हो वाला हिसाब फिर केजरीवाल की नजरों में विजय नार की कोई अहमियत ना हो यह कैसे हो सकता है और सुनिए विजय नायर का रुतबा कैसा था वह भी आपको दिखाता हूं विजय नायर का रुतबा ऐसा था कि वोह दिल्ली में सीएम आवास के पीछे बने सीएम ऑफिस में काम करता था जबकि वह पार्टी का मीडिया कम्युनिकेशन हेड था दिल्ली सरकार का मीडिया कम्युनिकेशन हेड नहीं था आम आदमी पार्टी का कम्युनिकेशन हेड था उसका सीएम कैंप ऑफिस में बैठक काम करता था भाई खुद अपने बयान में बोला है कि मैं वहां से काम करता था और देखिए केजरीवाल का घर देखिए और बगल में सीएम कैंप ऑफिस देखिए मतलब इतना पास है कि केजरीवाल जी शीश महल के बालकनी से चिलाए विजय तो विजय को सुनाई दे जाए इतना पास अब जो आदमी मुख्यमंत्री के बहुत करीबी नहीं है मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि मेरा इससे ज्यादा लेना देना नहीं था वो सीएम कैंप ऑफिस में बैठ के क्यों काम कर रहा था बॉस यह सवाल नहीं उठेगा केजरीवाल के सीएम आवास और कैंप ऑफिस दोनों अगल-बगल यानी केजरीवाल अपने बंगले से अगर जाएं तो मुश्किल से मतलब चलते हुए पहुंच जाए ऐसा हाल है विजय नायर से अब केजरीवाल और उनकी पार्टी के नेता किनारा किनारा करने में जुटे लेकिन विजय नायर वो व्यक्ति था जिसकी सीएम तक डायरेक्ट पहुंच वह ऐसे बंगले में रहता था जो बंगला कैबिनेट मंत्री को अलॉट हुआ था विजय नायर जिस बंगले में रहता था वह बंगला सीएम ऑफिस से करीब डेढ़ से दो किलोमीटर की दूरी पर ही था यानी चार पाच मिनट में वह सीएम ऑफिस पहुंच जाता था और सबसे बड़ा सवाल कि वह पार्टी का कम्युनिकेशन हेड है और रह रहा है मंत्री के बंगले में सोचिए कोई आदमी ऐसा है कोई और आम आदमी पार्टी में आदमी है मुझे बताइए जो पार्टी का काम करता है लेकिन मंत्री को अलडा नहीं है जो आतिशी और सौरभ है जो उस जमाने में विधायक होते थे वह वहां से मुख्यमंत्री के दफ्तर से काम नहीं करते थे विजय नायर जिस कैबिनेट मंत्री के बंगले पर रहता था वह बंगला दिल्ली के मंत्री कैलाश गहलोत के नाम पर अलट था कैलाश गहलोत खुद वहां नहीं रहते थे उन्होंने बताया कि निजी कारण से वो सरकारी बंगले में शिफ्ट नहीं हुए थे दो दिन पहले ही ईडी ने कैलाश गहलोत से शराब घोटाले में पाच घंटे पूछताछ भी की थी पूछताछ के बाद जब कैलाश गहलोत मीडिया के सामने आए तो उन्होंने कहा था कि उन्हें पता ही नहीं कि जो बंगला उन्हें आवंटित हुआ था उनमें कौन रहता था एक बार कैलाश गहलोत को सुनिए आरोप लगे जो लेकर पॉलिसी बनी जो ग्रुप ऑफ मिनिस्टर उसका आप हिस्सा थे और विजयना आपके आवाज पर रह रहा था देखिए मैंने यह बारबार ये कहा है कि वो आवाज बिल्कुल मेरे नाम पर अटेड है लेकिन मैं आज भी और पले भी अपने ही जो मेरा प्राइवेट रेडेंस है वसन कुंज मैं वहां पे रह रहा हूं मेरे जो बच्चे हैं वो क्योंकि मेरा जो घर वसन गुज में है वो डीपीएस के बिल्कुल सामने है और मेरी वाइफ ने और बच्चों ने वहां से शिफ्ट करने के लिए मना कर दिया था तो इसलिए ना मैं कभी जो सिविल लाइ में जो बंगलो है मेरे नाम प लोटेड है ना मैंने कभी वहां शिफ्ट किया और ना मैं कभी रहा वहां पर और विजय नायर वहां रह रहे थे ये भी मैंने स्टेटमेंट दिया सीबीआई में जब बुलाया तब भी य स्टेटमेंट था और आज भी मेरा यही स्टेटमेंट था कि विजय नायर वहां रह रहे या नहीं रह रहे इसके बारे में मुझे कोई सूचना नहीं हालांकि आप खुद सोचिए कि विजय नायर कैलाश गहलोत को मिले बंगले में रहता था कैलाश गहलोत को बंगला नहीं चाहिए था मंत्री का बंगला कोई छोटा मोटा बंगला नहीं होता मंत्री का बंगला नहीं चाहिए था तो किसी भी विज नायर को मिल जाएगा जो पार्टी में कम्युनिकेशन हेड है सोचिए उस आदमी की क्या इंपॉर्टेंस रही होगी केजरीवाल जी के घर के डेढ़ किलोमीटर के दायरे में रह रहा है और सीएम कैंप ऑफिस से काम कर रहा है और आज केजरीवाल जी कह रहे हैं मेरा जाना ज्यादा लेना देना नहीं था आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट करता था विजय नायर कैलाश गहलोत के जिस बंगले में रहता था उसी बंगले में टाइम्स नाउ भारत की एडिटर इन चीफ नाविका कुमार ने एक बार अरविंद केजरीवाल का इंटरव्यू भी किया था हैरान करने वाली बात यह है कि जिस विजय नायर के बारे में दावा है कि वह आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता था वो खुद तो कैबिनेट के अटेड बंगले में रहता था जबकि जिन आतिशी और सौरभ भारद्वाज को उस जमाने में व रिपोर्ट करता था कथित तौर पर वह तब विधायक थे आतिशी और सौरभ भारद्वाज तब मंत्री कहां बने थे और वह बेचारे अपने अपने घर में रह रहे थे या सामान्य बंगलो में रह रहे थे यानी जो रिपोर्ट कर रहा है वह मंत्री के बंगले में रह रहा है और जो बॉस है जिसको यह आदमी रिपोर्ट कर रहा है व बेचारे सामान्य घर में रह रहे हैं सब बॉस भगवान सबको दे भाई ऐसा बॉस आपने सुना है कि कंपनी कह रही है कि बॉस रहेगा वन बीएचके में और जो उसका नीचे वाला एंप्लॉई है जो बॉस को रिपोर्ट कर रहा है वह रहेगा बड़े से फ्लैट में फ बीएच के ऐसा कोई कंपनी में सुने कहीं सुने लेकिन विजय नायर रह रहा था और आज हो रहा कि विजय नायर तो पहले ही बोला कि हम सौरभ और आतिशी को रिपोर्ट करते थे अरे बॉस तो आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट कर रहा था तु यह सब कैसे हो रहा था बाकी चीजें इसका कोई जवाब ही नहीं विजय नायर को लेकर शराब घोटाले में कई आरोपियों और कई गवाहों के बयान भी है जिससे यह पता चलता है कि यह कैसे शराब मामले में डीलिंग कर रहा था हमारे पास वो एक्सक्लूसिव मैसेज और बयान है जो शराब घोटाले में सुप्रीम कोर्ट के सामने रखे गए थे और जिसमें विजय नायर का रोल दिखता है हम आपको एक्सक्लूसिव मोबाइल मैसेज दिखाते हैं जो मैसेज सिग्नल प पर किए गए थे और यह मैसेज विजय नायर के हैं जो ईडी ने सुप्रीम कोर्ट को दिखाए इस मैसेज को विजय नायर ने एक शराब कंपनी के रीजनल मैनेजर बिनय बाबू को भेजा था इसमें विजय नायर साफ-साफ लिख रहा है प्लान यू सजेस्टेड मे बी कंप्लीट नो गो एवरीवन अगेंस्ट इट जीरो ट्रस्ट बेसिकली यानी इस मैसेज का मतलब है कि विजय नायर एक शराब कंपनी के मैनेजर को कह रहा है कि तुमने जिस प्लान का सुझाव दिया है वह पूरी तरह खारिज हो सकता है हर कोई इसके खिलाफ है किसी को भरोसा नहीं है और जिसको मैसेज गया वो खुद यह बता रहा है आप खुद देखिए इस विजय नायर के इस मैसेज से यह लग रहा है कि वो शराब कारोबारियों से सीधा-सीधा डील कर रहा था भाई कम्युनिकेशन हेड है और इस तरह का मैसेज सवाल नहीं उठेंगे और जब उसके पास कोई सरकारी पद नहीं था उसके बावजूद वह किस अथॉरिटी से किसके कहने पर सरकारी कामकाज देख रहा था सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि विजय नायर किन लोगों के बारे में कह रहा था कि वह शराब कंपनी के प्लान से सहमत नहीं है इससे पहले जो चैट हमने दिखाई उसमें विजय नायर कनड रिकर्ड नाम की शराब कंपनी की तरफ से दिए गए सुझावों के बारे में बात कर रहा था अब एक और चैट देखिए इस चैट में विजय नायर उसी कंपनी के बारे में कुछ जानकारी मांग रहा है चैट में लिखा था कि इज मनोज योर डिसीजन मेकर वुड लाइक टू मीट हिम एज वेल आइडियल यानी विजय नायर शराब कंपनी के डिसीजन मेकर की जानकारी लेना चाह रहा है और उससे मिलना भी चाह रहा है इस चैट से भी यह लगता है कि विजय नायर काफी करीब से शराब पॉलिसी को लेकर काम कर रहा था जो ईडी दावा कर रही है और अलग-अलग शराब कंपनियों से बातचीत भी कर रहा था यही बात यही दावा ईडी कोर्ट में कर चुकी है और कहा जा रहा है कि विजय नायर तो कम्युनिकेशंस देखता था ठीक है देखता होगा लेकिन ईडी यही तो सवाल उठा रही है कि फिर यह क्या है अरविंद केजरीवाल तो विजय नायर से कन्नी काट रहे हैं लेकिन ईडी की जांच में कई आरोपियों और गवाहों ने अपने स्टेटमेंट में यह क्लियर कट कहा है कि विजय नायर केजरीवाल के लिए काम कर रहा है हमारे पास विजय नायर के बारे में एक्सक्लूसिव जानकारी है जो शराब घोटाले के मामले में ईडी सुप्रीम कोर्ट को भी बता चुकी है जैसे हैदराबाद के बिजनेसमैन अरुण पिल्लई ने ईडी को 6 मार्च 2022 को दिए बयान में कहा कि शराब पॉलिसी बनाने और लागू करने को लेकर विजय नायर को केजरीवाल और सिसोदिया दोनों का सपोर्ट बुची बाबू जो सीए हैं और आरोपी के कविता के करीबी हैं उन्होंने 23 फरवरी 2022 को दिए बयान में बताया था कि विजय नायर अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के आदेश पर ही शराब नीति पर काम कर रहा था इसी तरह शराब कारोबारी दिनेश अरोड़ा ने 6 अप्रैल 2023 को ईडी को बताया था कि व विजय नायर से अचानक से नहीं मिला यह मीटिंग मनी सिसोदिया ने अरेंज कराई थी मनी सिसोदिया ने कहा था कि एक्साइज पॉलिसी को लेकर विजय नायर के साथ मिलकर काम करो यानी इस पूरे मामले के कई आरोपी विजय नायर का नाम ले चुके और केजरीवाल जी कहते हैं मेरा इससे ज्यादा लेना देना नहीं तो फिर जिनका लेना देना है जिनको यह रिपोर्ट करता था फि ईडी उनसे भी सवाल कर सकती है फिर तो फिर क्या उनकी भी गिरफ्तारी हो सकती है आतिशी और सौरभ भारद्वाज की य सवाल उठेंगे जिस विजय नायर के लिए अरविंद केजरीवाल यह कह रहे हैं कि उनका विजय नायर से ज्यादा संपर्क नहीं था उसी विजय नायर से जुड़े कई सबूत ईडी ने केजरीवाल को दिखाए और सवाल किए ईडी सूत्रों के मुताबिक पूछताछ के दौरान विजय नायर और घोटाले के सह आरोपियों के 10 से ज्यादा मीटिंग के सबूत अरविंद केजरीवाल को दिखाए गए केजरीवाल से ये पूछा गया कि विजय नायर किस अथॉरिटी से दिनेश अरोड़ा अभिषेक बोइन पल्ली जैसे आरोपियों से मुलाकात कर रहा था इस पर केजरीवाल ने साफ-साफ मना कर दिया कि वोह इन लोगों को जानते ही नहीं इस पर ईडी का कहना था कि विजय नायर जैसे सीनियर व्यक्ति जो कि सीएम केजरीवाल से बहुत करीबी करीब रहकर काम करता था वह कोई भी काम बिना पार्टी के हेड यानी अरविंद केजरीवाल के अप्रूवल के बिना तो नहीं कर सकता था यह सब बातें यह सब बयान और मैसेज के सबूत होने के बाद भी विजय नायर से केजरीवाल कैसे किनारा कर सकते यह सवाल उठ रहा है और कैसे यह कह सकते हैं कि विजय नायर तो आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता अब आम आदमी पार्टी पूरा जोर लगा रही है कि ऐसा मैसेज ना जाए कि केजरीवाल अपने ही मंत्री को अपने से दूर कर रहे हैं या ऐसे बयान दे रहे हैं जिससे अपने मंत्री फस जाए लेकिन विजय नायर को लेकर जो बातें कही जा रही हैं और जो ईडी ने जांच कर पता किया और दावा किया कोर्ट में उससे कई सवाल उठते हैं जैसे विजय नायर के बारे में केजरीवाल ने कहा कि वह आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट करता था जबकि ईडी के दावों के मुताबिक विजय नायर तो केजरीवाल का राइट हैंड था और ईडी को कई गवाहों ने यह बताया यहां सवाल यह भी है कि ऐसा व्यक्ति जो पार्टी का मीडिया कम्युनिकेशन हेड हो जो सीएम आवास के पीछे बने उस कैंप ऑफिस का इस्तेमाल करता हो जो ऑफिस पार्टी के लिए नहीं बल्कि सीएम के अपने काम के लिए कर हो होती है और जो व्यक्ति कैबिनेट मंत्री के आवास में रहता हो उस व्यक्ति के बारे में केजरीवाल कैसे यह दावा कर सकते हैं कि कैंप ऑफिस में कई लोग काम करते हैं उन्हें सबके बारे में क्या पता एक सवाल यह भी है कि जो व्यक्ति आम आदमी पार्टी के लिए काम कर रहा है वो व्यक्ति पार्टी ऑफिस छोड़कर सीएम के पर्सनल ऑफिस से क्यों काम कर रहा था अब आप खुद सोचिए जो व्यक्ति इतना हाई प्रोफाइल दिख रहा है पार्टी का कम्युनिकेशन हेड है चुनाव में जिस पर बड़ी जिम्मेदारियां रहती थी जिसके पास सीएम के ऑफिस का एक्सेस है रहने के लिए मंत्री का बंगला है उस इंसान के बारे में क्या सीएम को खुद पता नहीं होगा और जब व इतना हाई प्रोफाइल था तो किसी मंत्री नहीं बल्कि दो सामान्य विधायकों को क्यों रिपोर्ट कर रहा था यह बात आसानी से हजम होने वाली नहीं लगती और यही बात ईडी को भी हजम नहीं हुई इसलिए ईडी अरविंद केजरीवाल से विजय नायर पर सवाल पूछ रही है और विजय नार कह रहे कि मैं तो नहीं जानता ज्यादा आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट करता था अब केजरीवाल जो भी कहे लेकिन यह जांच रुकने वाली नहीं है और क्या उनके इस बयान के बाद अब ईडी आतिशी और सौरभ भारद्वाज के घर पर भी दस्तक देगी यह सवाल उठने लगे हैं पाठशाला पर देखिए शराब घोटाले से जुड़े वह मोबाइल मैसेज जो बड़ा राज खोल दे किसी जमाने में दूसरों को तिहार जेल भेजने की बातें करने वाले केजरीवाल के लिए वक्त का पहिया ऐसा घूमा क्या आज केजरीवाल खुद तिहाड़ जेल में पहुंच गए केजरीवाल ने जिस दिन के बारे में सोचा नहीं था वो दिन आज आ गया और जिनको केजरीवाल कहते थे कि तिहाड़ में भेजेंगे वो लोग रामलीला मैदान में अरविंद केजरीवाल तिहाड़ क्यों जा रहे हैं इस पर छाती पीट रहे थे पूरा व जो वक्त का पहिया होता है ना वो पलट गया घूम गया ईडी ने केजरीवाल की आज रिमांड नहीं मांगी और कोर्ट ने उन्हें 15 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया यानी जेल भेज दिया इसके बाद जेल वैन में केजरी वाल को भरकर तिहार जेल पहुंचा दिया गया लेकिन जेल जाते ही केजरीवाल ने आज एक और रिकॉर्ड बना दिया अब तक वह देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री थे जो रिमांड में होने के बावजूद मुख्यमंत्री पद पर बैठे हुए आज केजरीवाल ने नया रिकॉर्ड बना दिया व आए थे ना पॉलिटिक्स बदलने देखिए पॉलिटिक्स बदल दी आज वह देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन गए जो जेल के अंदर जाकर भी मुख्यमंत्री हैं केजरीवाल अब उसी तिहाड़ जेल में रहेंगे जहां उनके पुराने साथी मनीष सिसोदिया संजय सिंह और सतेंद्र जैन बन केजरीवाल को तिहाड़ की जेल नंबर दो में रखा गया है वह जेल नंबर दो में अकेले रहेंगे केजरीवाल के साथी संजय सिंह को कुछ दिन पहले ही जेल नंबर दो से जेल नंबर पांच में शिफ्ट किया गया है इसके अलावा पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया जेल नंबर वन में है और केजरीवाल के एक और मंत्री रहे सतेंद्र जैन जेल नंबर सात में यानी आम आदमी पार्टी के सीनियर लीडर्स का नया ठिकाना तिहाड़ जेल बन गया और देश में शायद ही कोई ऐसी पार्टी होगी जो लॉन्च होने के इतने कम समय में इस तरह का प्रदर्शन करते हुए उसके तमाम बड़े नेता जेल के अंदर गए तिहार जेल में आप सीएम केजरीवाल के साथ क्या-क्या होने वाला है यह आपको आगे बताऊंगा लेकिन पहले सुनिए कि तिहार जाने से पहले आज जब केजरीवाल जी कोर्ट में पेश हुए तो उन्होंने क्या कहा अ जी आप लिए पन मंत्री जी कुछ कहना चा देश के लिए अच्छा नहीं है अ जी के लिए जु कुछ कहना चा देश के लिए अच्छा नहीं है यानी उन्होंने प्रधानमंत्री पर डाल दिया कि प्रधानमंत्री जो कर रहे हैं वो देश के लिए ठीक नहीं जेल तो आपको कोर्ट ने भेजा गलत था तो कोर्ट कह देता कि नहीं जेल नहीं भेजेंगे इनको केजरीवाल जेल जाने पर सिंपैथी बटोरने में जुटे लेकिन यह सिंपी उन्हें मिलेगी या नहीं यह तो वक्त बताएगा फिलहाल उन्हें तिहाड़ में क्या क्या मिलने वाला है मैं बता देता हूं कोर्ट से केजरीवाल ने तिहाड़ में कई सारी चीजों की परमिशन मांगी कोर्ट ने तिहाड़ के अंदर केजरीवाल को क्याक ले जाने की परमिशन दी है आपको पहले वह बता देता हूं केजरीवाल अपना गद्दा तिहाड़ जेल में यूज कर पाएंगे केजरीवाल ने कहा उनको चादर भी अपना चाहिए तो चादर भी उनको अपना मिलेगा केजरीवाल ने दो तकिया मांगा तो कोर्ट ने कहा दो तकिया रख लीजिए इसके अलावा रजाई और कंबल यह भी केजरीवाल अपना इस्तेमाल कर सकेंगे यानी चादर तकिया गद्दा रजाई कंबल कुछ भी जेल का नहीं अपना इस्तेमाल करेंगे केजरीवाल जी केजरीवाल ने अपनी हेल्थ से जुड़ी हुई कई परमिशन भी कोर्ट से मांगी केजरीवाल की सेहत को देखते हुए कोर्ट ने कहा कि केजरीवाल हेल्थ मॉनिटरिंग डिवाइस अंदर ले जा सकते हैं क्योंकि केजरीवाल जी के परिवार का कहना है कि बहुत हाई शुगर रहता है इनको बहुत बीमार है शुगर की वजह से तो कोर्ट ने कहा कि ठीक है हेल्थ मॉनिटरिंग डिवाइस ले जाइए इसके अलावा शुगर श शुगर शुगर सेंसर चार्जर शुगर शुगर मशीन वाला वो ले जाइए और जो ग्लूकोमीटर होता है वो ले जाइए सेंसर रीडर ले जाइए इसके अलावा अगर ब्लड शुगर लेवल नीचे जाता है तो उसके लिए कई बार तुरंत टॉफी खानी पड़ती है ताकि शुगर लेवल ऊपर जाए तो कोर्ट ने कहा ठीक है आप जेल में रहिए लेकिन टॉफी रखिए ग्लूकोज रखिए डायबिटीज की दवाइयां रखिए यह सब आपको जेल अथॉरिटी दे देगा इसके अलावा कोर्ट ने इस बात की परमिशन दे दी है कि अरविंद केजरीवाल घर का बना खाना खा सकते हैं और इतना ही नहीं उन्हें जेल का पानी जेल की पानी जेल का जो पानी है वह भी नहीं पीना पड़ेगा वोह बोतल बंद पानी मंगवा सकते हैं यानी घर का खाना पहुंचेगा केजरीवाल वही खाएंगे जेल का खाना नहीं खाएंगे तो जो एक कहावत थी कि जेल की रोटी खानी पड़ेगी जेल का पानी पीना पड़ेगा वो जेल में रहकर भी केजरीवाल जी पर लागू नहीं होगी क्योंकि वह घर का खाना खाते रहेंगे घर का पानी पीते रहेंगे या बोतल बंद बिसलेरी वगैरह जो होता है मिनरल वाटर वो पीते रहेंगे इसके अलावा केजरीवाल ने जेल में पढ़ने के लिए तीन किताबें मांगी केजरीवाल जी ने कहा कि मुझे रामायण दीजिए सर मैं रामायण पढ़ना चाहता हूं उन्होंने कहा मैं भगवत गीता पढ़ना चाहता हूं और तीसरी किताब उन्होंने मांगी कि हाउ प्राइम मिनिस्टर्स डिसाइड यह तीन किताबें मैं पढ़ना चाहता हूं अब तीनों बुक्स की परमिशन कोर्ट ने दे दी कि ठीक है ले जाइए पढ़िए हालांकि तीनों किताबों की परमिशन यह भी दिखाती है कि शायद केजरीवाल जी को अंदर ही अंदर यह पता चल गया है कि व लंबा अंदर गए हैं नहीं तो तीन किताब क्यों मांगते अगर पा दिन 10 दिन में 15 दिन में निकलने वाला 15 दिन में पढ़ लेंगे पूरा रामायण और गीता और तीसरी किताब भी अच्छा तीसरी किताब का नाम भी बड़ा इंटरेस्टिंग है हाउ प्राइम मिनिस्टर डिसाइड यह किताब व पढ़ना चाहते हैं अब या तो इस किताब से व यह समझना चाह रहे हैं कि प्रधानमंत्री कैसे सोचते हैं यह पता चले तो समझ में आए कि मोदी जी अब अगला क्या सोचने वाले हैं करने वाले हैं और नहीं तो शायद यह मैसेज देना चाह रहे हैं कि मैं तो अब यहां से निकलूंगा तो प्रधानमंत्री ही बनूंगा खैर बस उनके मन में क्या चल रहा है यह तो वही जाने लेकिन सियासत में ऐसी मैसेजिंग कई बार की जाती है जो अरविंद केजरीवाल भी कर रहे हैं अरविंद केजरीवाल का तिहाड़ जेल में क्या शेड्यूल होने वाला है वह भी आपको बता देता हूं दरअसल तिहार जेल में अरविंद केजरीवाल को भी वही शेड्यूल फॉलो करना होगा जो बाकी कैदियों का होता है आप मुख्यमंत्री हैं उससे फर्क नहीं पड़ता बॉस आप वहां कैदी है तो बाकी करेंगे वो आपको करना पड़ेगा तिहाड़ के शेड्यूल के मुताबिक अरविंद केजरीवाल को बाकी कैदियों के साथ सुबह-सुबह 6:30 6 बजे उठना पड़ेगा कैदियों को नाश्ते में चाय और ब्रेड दी जाती है हालांकि चूंकि केजरीवाल को परमिशन है कि वह घर खाना घर से मंगा सकते हैं तो उनका नाश्ता भी शायद घर से आएगा फिर दोपहर का खाना सुबह 10:30 से 11 के बीच में मिल जाता है उसमें आम कैदियों को दाल मिलती है सब्जी मिलती है रोटी या चावल मिलता है लेकिन केजरीवाल जी का खाना घर से आएगा तो वो घर का खाना खाएंगे इसके बाद शाम में 5:30 बजे डिनर दे दिया जाता है तो केजरीवाल जी का डिनर भी घर से आ जाएगा 5:30 बजे और 7 बजे सभी कैदियों को अपने बैरक में वापस जाने के लिए कह दिया जाता है सब वापस चले जाते हैं ऐसा नहीं कि जेल जाने से अरविंद केजरीवाल का पीछा ईडी से छूट गया आज कोर्ट में ईडी ने बताया कि अरविंद केजरीवाल ने जांच में सहयोग नहीं किया तो जो लोग कहते थे कि हम एकएक चीज में सहयोग करेंगे ईडी कोर्ट खड़े होकर कह रही है कि सहयोगी नहीं कर रहे सवालों के गोलमोल जवाब देकर जांच को भटकाने की कोशिश कर र है अपने फोन का पासवर्ड तक नहीं दे रहे इसलिए ईडी ने कोर्ट में कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वह फिर से केजरीवाल को हिरासत में ले सकते हैं ऐसी भी खबरें हैं कि अरविंद केजरीवाल के आईफो का डाटा एक्सेस करने के लिए ईडी ने मोबाइल कंपनी एल से भी सहयोग मांगा यानी ईडी से अरविंद केजरीवाल का पीछा अभी नहीं छूटने वाला बॉस ईडी को जब जरूरत पड़ेगी पूछताछ के लिए केजरीवाल को फिर रिमांड में ले सकती है अरविंद केजरीवाल तिहाड़ में तो चले गए लेकिन यह चर्चा बहुत चल रही है कि क्या जेल जाते जाते वह अपने दो मंत्रियों आतिशी और सौरभ भारद्वाज को फसा के तो नहीं चले गए ऐसा लोग पूछ रहे हैं इस बात की चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि केजरीवाल ने शराब घोटाले के एक बड़े आरोपी विजय नायर के आतिशी और सौरभ भारद्वाज से कनेक्शन को जोड़ दिया और अपना पल्ला झाड़ लिया ऐसा लगा ईडी के मुताबिक केजरीवाल से पूछताछ में जब सवाल किया गया कि किस हद तक केजरीवाल जी आप किस हद तक विजय नायर से संपर्क में थे और किस हद से हद तक वो केजरीवाल को रिपोर्ट करता था तो ईडी कह रही है कोर्ट को कि केजरीवाल ने कहा कि विजय नायर उनको तो रिपोर्ट ही नहीं करता था वो तो आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता था अरविंद केजरीवाल ने यह भी दावा किया कि विजय नायर से उनका इंटरेक्शन या बातचीत बहुत सीमित थी मतलब ज्यादा उससे टच में नहीं था मैं आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट करता था ले अब इसी बात को लेकर सवाल उठने लगे कि क्या केजरीवाल ने यह बात कहकर अपने दो मंत्रियों आतिशी और सौरभ भारद्वाज को फसा दिया क्या क्योंकि जिस विजय नायर से केजरीवाल ने किनारा कर लिया कि मैं तो ज्यादा मिलता उलता नहीं था मैं ज्यादा उससे मेरा कोई इंटरेक्शन नहीं था और अपने दो मंत्रियों आतिशी और सौरभ भारद्वाज का पूरा पूरा ऐसा लग रहा है कि कनेक्शन जोड़ दिया जैसे विजय नायर सिर्फ उन्हीं के संपर्क में था वह विजय नायर कोई मामूली आदमी नहीं है इस शराब घोटाले के आरोपों के मामले में विजय नायर आम आदमी पार्टी का मीडिया एंड कम्युनिकेशन हेड था आम आदमी पार्टी का केजरीवाल सरकार का नहीं आम आदमी पार्टी का मीडिया एंड कम्युनिकेशन हेड था विजय नायर शराब घोटाले के सबसे अहम किरदारों में से एक है ईडी के मुताबिक विजय नायर शराब घोटाले में केजरीवाल और साउथ लॉबी के बीच मिडल मैन था बिचौलिया ईडी का आरोप है कि केजरीवाल ने विजय नायर के जरिए ही शराब घोटाले की रिश्वत ली अब ऐसा आदमी जिसके बारे में कहा जा रहा है कि वो केजरीवाल और उनकी सरकार और साउथ लॉबी के बीच में पूरा काम कर रहा था जिसके कंधे पर है कि उसने पूरा पैसा वैसा लिया यह आरोप ईडी लगाती है उसके लिए केजरीवाल ने कह दिया कि मैं ज्यादा नहीं जानता था वो सौरभ और आतिशी को रिपोर्ट करता था तो लोग पूछने लगे कि अब तो अगला नंबर आशिया सौरभ भारद्वाज का है क्या गिरफ्तार होने का केजरीवाल ने विजय नायर को लेकर जो बातें कही है और उसका आतिशी और सौरभ से जो कनेक्शन जोड़ा जा रहा है उस पर आम आदमी पार्टी का दावा है कि जब विजय नायर को हिरासत में लिया गया था तब उसने भी कहा था कि वो सीएम केजरीवाल को रिपोर्ट नहीं करता इसलिए आज इस बात को उठाने का क्या मतलब है कि केजरीवाल ने विजय नायर से किनारा कर लिया विजय नायर ने जांच में बताया था कि वह आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता है आम आदमी पार्टी का आरोप है कि यह बयान इसलिए आया क्योंकि ईडी आतिशी और सौरभ भारद्वाज को फंसाना चाहती है आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि बीजेपी को लग गया है कि सिर्फ केजरीवाल को जेल भेजने से काम नहीं होगा दूसरे नेताओं को भी जेल भेजना होगा एक बार सुनिए आम आदमी पार्टी ने इस पर क्या कहा है फिर आपको बताऊंगा कि कैसे विजय नायर को लेकर केजरीवाल के बयान ने आम आदमी पार्टी को ही फसा दिया जब विजय नायर जी को हिरासत में लिया गया था तब उन्होंने यह बात कही थी डेढ़ साल पहले उन्होंने यही बात करी थी कि मैं मुख्यमंत्री को रिपोर्ट नहीं करता मैं जो भी अपना काम करता हूं उसमें मेरा रिपोर्टिंग अति और सौरभ से है अब आज आप डेढ़ साल बाद जब आपको कुछ नहीं मिला तो ईडी ने सवाल पैदा होता है कि आज डेढ़ साल बाद जो बयान लिखित में ईडी के पास खुद है वो डेढ़ साल बाद क्यों उठा रहा है और अब मैं यह दावे के साथ कहता हूं इन दोनों हमारे वरिष्ठ नेताओं का नाम जो दिल्ली में भी मंत्री है आतिशी और सौरभ भारद्वाज उनका नाम इसीलिए गया है क्योंकि अब भाजपा को समझ में आ गया कि अरे भाई एक अरविंद केजरीवाल को जेल में डालने से यह पार्टी बंद नहीं होगी अब एक काम करो दो तीन और नेताओं की तैयारी करना शुरू करो तभी इनका नाम आज आया है यह नाम तो पहले से ही इनके बयानों में दर्ज था भाई इनका नाम पहले से बयानों में दर् लेकिन अगर केजरीवाल भी वही बात कह रहे हैं तो ईडी कोर्ट में क्या कहे ना बताए कि केजरीवाल कह रहे हैं कि विजय नायर तो आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता था और वह रिपोर्ट किसी भी को को किसी को भी करे जो आदमी इस पूरे मामले में मुख्य सूत्रधार बताया जा रहा बिचौलिया बताया जा रहा है उसके लिए केजरीवाल ने यह कह दिया कि मेरा इससे ज्यादा कनेक्शन नहीं था यह बात बड़ी इंपॉर्टेंट है आज पूरी आम आदमी पार्टी इस बात पर जोर लगा रही है कि केजरीवाल ने विजय नायर पर जो बात कही व सही है और केजरीवाल का विजय नायर से कोई ज्यादा लेना देना नहीं था लेकिन आपको कुछ तस्वीरें दिखाता हूं यह तस्वीर देखिए इसमें केजरीवाल और विजय नायर दोनों साथ में दिख रहे हैं एक व्यक्ति केजरीवाल और विजय नायर दोनों के कंधे पर हाथ रख के खड़ा है अब सोचिए अगर एक व्यक्ति केजरीवाल और विजय नायर दोनों के कंधे पर हाथ डालकर खड़ा है तो इसका मतलब तो यही लगता है कि केजरीवाल और विजय नायर दोनों का कद इस आदमी के लिए एक जैसा होगा भाई जो आदमी इतना पावरफुल है कि वो केजरीवाल के कंधे पर हाथ रख दे रहा है वो बगल में विजय नायर के कंधे पर हाथ रख के फोटो खींचा रहा है तो विजय नायर का कद भी तो कुछ होगा इससे विजय नायर की साफसाफ अहमियत दिख रही है यानी विजय नायर कोई ऐसा व्यक्ति नहीं था जिसे केजरीवाल जानते पहचानते ना हो आते जाते मिल लि हो वाला हिसाब फिर केजरीवाल की नजरों में विजय नायर की कोई अहमियत ना हो यह कैसे हो सकता है और सुनिए विजय नायर का रुतबा कैसा था वो भी आपको दिखाता हूं विजय नायर का रुतबा ऐसा था कि वोह दिल्ली में सीएम आवास के पीछे बने सीएम ऑफिस में काम करता था जबक वह पार्टी का मीडिया कम्युनिकेशन हेड था दिल्ली सरकार का मीडिया कम्युनिकेशन हेड नहीं था आम आदमी पार्टी का कम्युनिकेशन हेड था उसका सीएम कैंप ऑफिस में बैठ के काम करता था भाई खुद अपने बयान में बोला है कि मैं वहां से काम करता था और देखिए केजरीवाल का घर देखिए और बगल में सीएम कैंप ऑफिस देखिए मतलब इतना पास है कि वाल जी शीष महल के बालकनी से चिल्लाए विजय तो विजय को सुनाई दे जाए इतना पास अब जो आदमी मुख्यमंत्री के बहुत करीबी नहीं है मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि मेरा इससे ज्यादा लेना देना नहीं था व सीएम कैंप ऑफिस में बैठक क्यों काम कर रहा था बॉस यह सवाल नहीं उठेगा केजरीवाल के सीएम आवास और कैंप ऑफिस दोनों अगल बगल यानी केजरीवाल अपने बंगले से अगर जाए तो मुश्किल से मतलब चलते हुए पहुंच जाए ऐसा हाल है विजय नायर से अब केजरीवाल और उनकी पार्टी के नेता किनारा किनारा करने में जुटे लेकिन विजय नायर वो व्यक्ति था जिसकी सीएम तक डायरेक्ट पहुंच वह ऐसे बंगले में रहता था जो बंगला कैबिनेट मंत्री को अलट हुआ था विजय नायर जिस बंगले में रहता था वह बंगला सीएम ऑफिस से करीब डेढ़ से दो किलोमीटर की दूरी पर ही था यानी चार पाच मिनट में वह सीएम ऑफिस पहुंच जाता था और सबसे बड़ा सवाल कि वो पार्टी का कम्युनिकेशन हेड है और रह रहा है मंत्री के बंगले में सोचिए कोई आदमी ऐसा है कोई और आम आदमी पार्टी में ऐसा आदमी है मुझे बताइए जो पार्टी का काम करता है लेकिन मंत्री को अलडा नहीं है जो आतिशी और सौरभ है जो उस जमाने में विधायक होते थे वह वहां से मुख्यमंत्री के दफ्तर से काम नहीं करते थे विजय नायर जिस कैबिनेट मंत्री के बंगले पर रहता था था वो बंगला दिल्ली के मंत्री कैलाश गहलोत के नाम पर अलॉट था कैलाश गहलोत खुद वहां नहीं रहते थे उन्होंने बताया कि निजी कारण से वह सरकारी बंगले में शिफ्ट नहीं हुए थे दो दिन पहले ही ईडी ने कैलाश गहलोत से शराब घोटाले में पा घंटे पूछताछ भी की थी पूछताछ के बाद जब कैलाश गहलोत मीडिया के सामने आए तो उन्होंने कहा था कि उन्हें पता ही नहीं कि जो बंगला उन्हें आवंटित हुआ था उनमें कौन रहता था एक बार कैलाश गहलोत को सुनिए आरोप लगे कि जो लेकर पॉलिसी बनी जो ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स उसका आप हिस्सा थे और विजयना आपके आवास पर रह रहा था ले देखिए मैंने ये बारबार ये कहा है कि व आवास बिल्कुल मेरे नाम पर अटेड है लेकिन मैं आज भी और पहले भी अपने ही जो मेरा प्राइवेट डेंस है वस कुं मैं वहां प रह रहा हूं मेरे जो बच्चे हैं वो क्योंकि मेरा जो घर बसन में है वो डीपीएस के बिल्कुल सामने है और मेरी वाइफ ने और बच्चों ने वहां से शिफ्ट करने के लिए मना कर दिया था तो इसलिए ना मैं कभी जो सिविल लाइ में जो बंगलो है मेरे नाम प ना मैंने कभी वहां शिफ्ट किया और ना मैं कभी रहा वहां पर और विजय नायर वहां रह रहे थे यह भी मैंने स्टेटमेंट दिया सीबीआई में जब बुलाया था तब भी यही स्टेटमेंट था और आज भी मेरा यही स्टेटमेंट था कि विजय नायर वहां रह रहे या नहीं रह रहे इसके बारे में मुझे कोई सूचना नहीं हालांकि आप खुद सोचिए कि विजय नायर कैलाश गहलोत को मिले बंगले में रहता था कैलाश गहलोत को बंगला नहीं चाहिए था मंत्री का बंगला कोई छोटा मोटा बंगला नहीं होता मंत्री का बंगला नहीं चाहिए था तो किसी बीवी विजय नायर को मिल जाएगा जो पार्टी में कम्युनिकेशन हेड है सोचिए उस आदमी की क्या इंपॉर्टेंस रही होगी केजरीवाल जी के घर के डेढ़ किलोमीटर के दायरे में रह रहा है और सीएम कैंप ऑफिस से काम कर रहा है और आज केजरीवाल जी कह रहे हैं मेरा जाना ज्यादा लेना देना नहीं था आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट करता था विजय नायर कैलाश गहलोत के जिस बंगले में रहता था उसी बंगले में टाइम्स नाउ भारत की एडिटर इन चीफ नाविका कुमार ने एक बार अरविंद केजरीवाल का इंटर व्यू भी किया था हैरान करने वाली बात यह है कि जिस विजय नायर के बारे में दावा है कि वो आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता था वो खुद तो कैबिनेट मंत्री के अलडा में रहता था जबकि जिन आतिशी और सौरभ भारद्वाज को उस जमाने में वो रिपोर्ट करता था कथित तौर पर वो तब विधायक थे आतिशी और सौरभ भारद्वाज तब मंत्री कहां बने थे और वो बेचारे अपने अपने घर में रह रहे थे या सामान्य बंगलों में रह रहे थे यानी जो रिपोर्ट कर रहा है वो मंत्री के बंगले में रह रहा है और जो बॉस है जिसको यह आदमी रिपोर्ट कर रहा है वह बेचारे सामान्य घर में रह रहे हैं सा बॉस भगवान सबको दे भाई ऐसा बॉस आपने सुना है कि कंपनी कह रही है कि बॉस रहेगा वन बीएचके में और जो उसका नीचे वाला एंप्लॉई है जो बॉस को रिपोर्ट कर रहा है वह रहेगा बड़े से फ्लैट में फ बीएच के ऐसा कोई कंपनी में सुने कहीं सुने लेकिन विजय नायर र रहा था और आज हो रहा है कि विजय नार तो पहले ही बोला कि हम सौरभ और आतिशी को रिपोर्ट करते थे अरे बॉस तो आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट कर रहा था तु यह सब कैसे हो रहा था बाकी चीजें इसका कोई जवाब ही नहीं विजय नायर को लेकर शराब घोटाले में कई आरोपियों और कई गवाहों के बयान भी है जिससे यह पता चलता है कि यह कैसे शराब मामले में डीलिंग कर रहा था हमारे पास वो एक्सक्लूसिव मैसेज और बयान है जो शराब घोटाले में सुप्रीम कोर्ट के सामने रखे गए थे और जिसमें विजय नायर का रोल दिखता है हम आपको एक्सक्लूसिव मोबाइल मैसेज दिखाते हैं जो मैसेज सिग्नल ऐ पर किए गए थे और यह मैसेज विजय नायर के हैं जो ईडी ने सुप्रीम कोर्ट को दिखाए इस मैसेज को विजय नायर ने एक शराब कंपनी के रीजनल मैनेजर विनय बाबू को भेजा था इसमें विजय नायर साफ-साफ लिख रहा है प्लान यू सजेस्टेड मे बी कंप्लीट नो गो एवरीवन अगेंस्ट इट जीरो ट्रस्ट बेसिकली यानी इस मैसेज का मतलब है कि विजय नायर एक शराब कंपनी के मैनेजर को कह रहा है कि तुमने जिस प्लान का सुझाव दिया है वो पूरी तरह खारिज हो सकता है हर कोई इसके खिलाफ है किसी को भरोसा नहीं है और जिसको मैसेज गया व खुद यह बता रहा है आप खुद देखिए इस विजय नायर के इस मैसेज से यह लग रहा है कि वह शराब कारोबारियों से सीधा-सीधा डील कर रहा था भाई कम्युनिकेशन हेड है और इस तरह का मैसेज सवाल नहीं उठेंगे और जब उसके पास कोई सरकारी पद नहीं था उसके बावजूद वह किस अथॉरिटी से किसके कहने पर सरकारी कामकाज देख रहा था सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि विजय नायर किन लोगों के बारे में कह रहा था कि वह शराब कंपनी के प्लान से सहमत नहीं है इससे पहले जो चैट हमने दिखाई उसमें विजय नायर कनड रिकर्ड नाम की शराब कंपनी की तरफ से दिए गए सुझावों के बारे में बात कर रहा था अब एक और चैट देखिए इस चैट में विजय नायर उसी कंपनी के बारे में कुछ जानकारी मांग रहा है चैट में लिखा था कि इज मनोज योर डिसीजन मेकर वुड लाइक टू मीट हिम एज वेल आइडियल यानी विजय नायर शराब कंपनी के डिसीजन मेकर की जानकारी लेना चाह रहा है और उससे मिलना भी चाह रहा है इस चैट से भी यह लगता है कि विजय नायर काफी करीब से शराब पॉलिसी को लेकर काम कर रहा था जो ईडी दावा कर रही है और अलग-अलग शराब कंपनियों से बातचीत भी कर रहा था यही बात यही दावा ईडी कोर्ट में कर चुकी है और कहा जा रहा है कि विजय नायर तो कम्युनिकेशंस देखता था ठीक है देखता होगा लेकिन ईडी यही तो सवाल उठा रही कि फिर यह क्या है अरविंद केजरीवाल तो विजय नायर से कन्नी काट रहे हैं लेकिन ईडी की जांच में कई आरोपियों और गवाहों ने अपने स्टेटमेंट में यह क्लियर कट कहा है कि विजय नायर केजरीवाल के लिए काम कर रहा है हमारे पास विजय नायर के बारे में एक्सक्लूसिव जानकारी है जो शराब घोटाले के मामले में ईडी सुप्रीम कोर्ट को भी बता चुकी जैसे हैदराबाद के बिजनेसमैन अरुण पिल्लई ने ईडी को 6 मार्च 2022 को दिए बयान में कहा कि शराब पॉलिसी बनाने और लागू करने को लेकर विजय नायर को केजरीवाल और सिसोदिया दोनों का सपोर्ट बुची बाबू जो सीए हैं और आरोपी के कविता के करीबी हैं उन्होंने 23 फरवरी 2022 को दिए बयान में बताया था कि विजय नायर अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के देश पर ही शराब नीति पर काम कर रहा इसी तरह शराब कारोबारी दिनेश अरोड़ा ने 6 अप्रैल 2023 को ईडी को बताया था कि वह विजय नायर से अचानक से नहीं मिला यह मीटिंग मनीष सिसोदिया ने अरेंज कराई थी मनीष सिसोदिया ने कहा था कि एक्साइज पॉलिसी को लेकर विजय नायर के साथ मिलकर काम करो यानी इस पूरे मामले के कई आरोपी विजय नायर का नाम ले चुके हैं और केजरीवाल जी कहते हैं मेरा इससे ज्यादा लेना देना नहीं तो फिर जिनका लेना देना है जिनको य रिपोर्ट करता था फिर ईडी उनसे भी सवाल कर सकती है फिर तो फिर क्या उनकी भी गिरफ्तारी हो सकती है आतिशी और सौरभ भारद्वाज की ये सवाल उठेंगे जिस विजय नायर के लिए अरविंद केजरीवाल यह कह रहे हैं कि उनका विजय नायर से ज्यादा संपर्क नहीं था उसी विजय नायर से जुड़े कई सबूत ईडी ने केजरीवाल को दिखाए और सवाल किए ईडी सूत्रों के मुताबिक पूछताछ के दौरान विजय नायर और घोटाले के सह आरोपियों के 10 से ज्यादा मीटिंग के सबूत अरविंद केजरीवाल को दिखाए गए केजरीवाल से ये पूछा गया कि विजय नायर किस अथॉरिटी से दिनेश अरोड़ा अभिषेक बोइन पल्ली जैसे आरोपियों से मुलाकात कर रहा था इस पर केजरीवाल ने साफ-साफ मना कर दिया कि वह इन लोगों को जानते ही नहीं इस पर ईडी का कहना था कि विजय नायर जैसे सीनियर व्यक्ति जो कि सीएम केजरीवाल से बहुत करीबी करीब रहकर काम करता था वह कोई भी काम बिना पार्टी के हेड यानी अरविंद केजरीवाल के अप्रूवल के बिना तो नहीं कर सकता था यह सब बातें यह सब बयान और मैसेज के सबूत होने के बाद भी विजय नायर से केजरीवाल कैसे किनारा कर सकते हैं यह सवाल उठ रहा है और कैसे यह कह सकते हैं कि विजय नायर तो आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता अब आम आदमी पार्टी पूरा जोर लगा रही है कि ऐसा मैसेज ना जाए कि केजरीवाल अपने ही मंत्रियों को अपने से दूर कर रहे हैं या ऐसे बयान दे रहे हैं जिससे अपने मंत्री फस जाए लेकिन विजय नायर को लेकर जो बातें कही जा रही हैं और जो ईडी ने जांच कर पता किया और दावा किया कोर्ट में उससे कई सवाल उठते हैं जैसे विजय नायर के बारे में केजरीवाल ने कहा कि वो आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट करता था जबकि ईडी के दावों के मुताबिक विजय नायर तो केजरीवाल का राइट हैंड था और ईडी को कई गवाहों ने यह बताया यहां सवाल यह भी है कि ऐसा व्यक्ति जो पार्टी का मीडिया कम्युनिकेशन हेड हो जो सीएम आवास के पीछे बने उस सीएम कैंप ऑफिस का इस्तेमाल करता हो जो ऑफिस पार्टी के लिए नहीं बल्कि सीएम के अपने काम के लिए कर हो होती है और जो व्यक्ति कैबिनेट मंत्री के आवास में रहता हो उस व्यक्ति के बारे में केजरीवाल कैसे यह दावा कर सकते हैं कि कैंप ऑफिस में कई लोग काम करते हैं उन्हें सबके बारे में क्या पता एक सवाल यह भी है कि जो व्यक्ति आम आदमी पार्टी के लिए काम कर रहा है वो व्यक्ति पार्टी ऑफिस छोड़कर सीएम के पर्सनल ऑफिस से क्यों काम कर रहा था अब आप खुद सोचिए जो व्यक्ति इतना हाई प्रोफाइल दिख रहा है पार्टी का कम्युनिकेशन हेड है चुनाव में जिस पर बड़ी जिम्मेदारियां रहती थी जिसके पास सीएम के ऑफिस का एक्सेस है रहने के लिए मंत्री का बंगला है उस इंसान के बारे में क्या सीएम को खुद पता नहीं होगा और जब वो इतना हाई प्रोफाइल था तो किसी मंत्री नहीं बल्कि दो सामान्य विधायकों को क्यों रिपोर्ट कर रहा था यह बात आसानी से हजम होने वाली नहीं लगती और यही बात ईडी को भी हजम नहीं हुई इसलिए ईडी अरविंद केजरीवाल से विजय नायर पर सवाल पूछ रही है और विजय नायर कह रहे कि मैं तो नहीं जानता ज्यादा आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट करता था अब केजरीवाल जो भी कहे लेकिन यह जांच रुकने वाली नहीं है और क्या उनके इस बयान के बाद अब ईडी आतिशी और सौरभ भारद्वाज के घर पर भी दस्तक देगी यह सवाल उठने लगे पाठशाला पर देखिए शराब घोटाले से जुड़े वह मोबाइल मैसेज जो बड़ा राज खोल दे किसी जमाने में दूसरों को तिहाड़ जेल भेजने की बातें करने वाले केजरीवाल के लिए वक्त का पहिया ऐसा घूमा कि आज केजरीवाल खुद तिहाड़ जेल में पहुंच गए केजरीवाल ने जिस दिन के बारे में सोचा नहीं था वह दिन आज आ गया और जिनको केजरीवाल कहते थे कि तिहाड़ में भेजेंगे वह लोग रामलीला मैदान में अरविंद केजरीवाल तिहाड़ क्यों जा रहे हैं इस पर छाती पीट रहे पूरा त जो वक्त का पहिया होता है ना वो पलट गया घूम गया ईडी ने केजरीवाल की आज नहीं मांगी और कोर्ट ने उन्हें 15 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया यानी जेल भेज दिया इसके बाद जेल वैन में केजरीवाल को भरकर तिहार जेल पहुंचा दिया गया लेकिन जेल जाते ही केजरीवाल ने आज एक और रिकॉर्ड बना दिया अब तक वह देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री थे जो रिमांड में होने के बावजूद मुख्यमंत्री पद पर बैठे हुए थे आज केजरीवाल ने नया रिकॉर्ड बना दिया वो आए थे ना पॉलिटिक्स बदलने देखिए पॉलिटिक्स बदल दी आज वह देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन गए जो जेल के अंदर जाकर भी मुख्यमंत्री हैं केजरीवाल अब उसी तिहार जेल में रहेंगे जहां उनके पुराने साथी मनीष सिसोदिया संजय सिंह और सत्येंद्र जैन बंद केजरीवाल को तिहाड़ की जेल नंबर दो में रखा गया है वह जेल नंबर दो में अकेले रहेंगे केजरीवाल के साथी संजय सिंह को कुछ दिन पहले ही जेल नंबर दो से जेल नंबर पाच में शिफ्ट किया गया है इसके अलावा पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया जेल नंबर वन में है और केजरीवाल के एक और मंत्री रहे सतेंद्र जैन जेल नंबर सात में यानी अब आम आदमी पार्टी के सीनियर लीडर्स का नया ठिकाना तिहाड़ जेल बन गया है और देश में शायद ही कोई ऐसी पार्टी होगी जो लॉन्च होने के इतने कम समय में इस तरह का प्रदर्शन करते हुए उसके तमाम बड़े नेता जेल के अंदर गए तिहाड़ जेल में अब सीएम केजरीवाल के साथ क्या-क्या होने वाला है ये आपको आगे बताऊंगा लेकिन पहले सुनिए कि तिहाड़ जाने से पहले आज जब केजरीवाल जी कोर्ट में पेश हुए तो उन्होंने क्या कहा यानी उन्होंने प्रधानमंत्री पर डाल दिया प्रधानमंत्री जो कर रहे हैं व देश के लिए ठीक जेल तो आपको कोर्ट ने भेजा गलत था तो कोर्ट कह देता कि नहीं जेल नहीं भेजेंगे इनको केजरीवाल जेल जाने पर सिंपैथी बटोरने में जुटे हैं लेकिन यह सिंपी उन्हें मिलेगी या नहीं यह तो वक्त बताएगा फिलहाल उन्हें तिहाड़ में क्या-क्या मिलने वाला है मैं बता देता हूं कोर्ट से केजरीवाल ने तिहाड़ में कई सारी चीजों की परमिशन मांगी कोर्ट ने तिहाड़ के अंदर केजरीवाल को क्या-क्या ले जाने की परमिशन दी है आपको पहले वह बता देता हूं केजरीवाल अपना गद्दा तिहार जेल में यूज कर पाएंगे केजरीवाल ने कहा उनको चादर भी अपना चाहिए तो चादर भी उनको अपना मिलेगा केजरीवाल ने दो तकिया मांगा तो कोर्ट ने कहा दो तकिया रख लीजिए इसके अलावा रजाई और कंबल यह भी केजरीवाल अपना इस्तेमाल कर सकेंगे यानी चादर तकिया गद्दा रजाई कंबल कुछ भी जेल का नहीं अपना इस्तेमाल करेंगे केजरीवाल जी केजरीवाल ने अपनी हेल्थ से जुड़ी हुई कई परमिशन भी कोर्ट से मांगी केजरीवाल की सेहत को देखते हुए कोर्ट ने कहा कि केजरीवाल हेल्थ मॉनिटरिंग डिवाइस अंदर ले जा सकते हैं क्योंकि केजरीवाल जी के परिवार का कहना है कि बहुत हाई शुगर रहता हैन बहुत बीमार है शुगर की वजह से तो कोर्ट ने कहा कि ठीक है हेल्थ मॉनिटरिंग डिवाइस ले जाइए इसके अलावा शुगर शुगर शुगर सेंसर चार्जर शुगर शुगर मशीन वाला वह ले जाइए और जो ग्लूकोमीटर होता है वह ले जाइए सेंसर रीडर ले जाइए इसके अलावा अगर ब्लड शुगर लेवल नीचे जाता है तो उसके लिए कई बार तुरंत टॉफी खानी पड़ती है ताकि शुगर लेवल ऊपर जाए तो कोर्ट ने कहा ठीक है आप जेल में रहिए लेकिन रखिए ग्लूकोज रखिए डायबिटीज की दवाइयां रखिए यह सब आपको जेल अथॉरिटी दे देगा इसके अलावा कोर्ट ने इस बात की परमिशन दे दी है कि अरविंद केजरीवाल घर का बना खाना खा सकते हैं और इतना ही नहीं उन्हें जेल का पानी जेल की पानी जेल का जो पानी है वह भी नहीं पीना पड़ेगा वह बोतल बंद पानी मंगवा सकते यानी घर का खाना पहुंचेगा केजरीवाल वही खाएंगे जेल का खाना नहीं खाएंगे जो एक कहावत थी कि जेल की रोटी खानी पड़ेगी जेल का पानी पीना पड़ेगा वो जेल में रहकर भी केजरीवाल जी पर लागू नहीं होगी क्योंकि वह घर का खाना खाते रहेंगे घर का पानी पीते रहेंगे या बोतल बंद बिसलेरी वगैरह जो होता है मिनरल वाटर वो पीते रहेंगे इसके अलावा केजरीवाल ने जेल में पढ़ने के लिए तीन किताबें मांगी केजरीवाल जी ने कहा कि मुझे रामायण दीजिए सर मैं रामायण पढ़ना चाहता हूं उन्होंने कहा मैं भगवत गीता पढ़ना चाहता हूं और तीसरी किताब उन्होंने मांगी कि हाउ प्राइम मिनिस्टर्स डिसाइड यह तीन किताबें मैं पढ़ना चाहता हूं अब तीनों बुक्स की परमिशन कोर्ट ने दे दी कि ठीक है ले जाइए पढ़िए हालांकि तीनों किताबों की परमिशन यह भी दिखाती है कि शायद केजरीवाल जी को अंदर ही अंदर यह पता चल गया है कि वह लंबा अंदर गए हैं नहीं तो तीन किताब क्यों मांगते अगर पा दिन 10 दिन में 15 दिन में निकलने वाला 15 दिन में पढ़ लेंगे पूरा रामायण और गीता और तीसरी किताब भी अच्छा तीसरी किताब का नाम भी बड़ा इंटरेस्टिंग है हाउ प्राइम मिनिस्टर्स डिसाइड यह किताब वो पढ़ना चाहते हैं अब या तो इस किताब से वो यह समझना चाह रहे हैं कि प्रधानमंत्री कैसे सोचते हैं यह पता चले तो समझ में आए कि मोदी जी अब अगला क्या सोचने वाले हैं करने वाले हैं और नहीं तो शायद यह मैसेज देना चाह रहे हैं कि मैं तो अब यहां से निकलूंगा तो प्रधानमंत्री ही बनूंगा खैर बस उनके मन में क्या चल रहा है यह तो वही जाने लेकिन सियासत में ऐसी मैसेजिंग कई बार की जाती है जो अरविंद केजरीवाल भी कर रहे हैं अरविंद केजरीवाल का तिहार जेल में क्या शेड्यूल होने वाला है वो भी आपको बता देता हूं दरअसल तिहार जेल में अरविंद केजरीवाल को भी वही शेड्यूल फॉलो करना होगा जो बाकी कैदियों का होता है आप मुख्यमंत्री हैं उससे फर्क नहीं पड़ता बॉस आप वहां कैदी हैं तो जो बाकी करेंगे वह आपको करना पड़ेगा तिहाड़ के शेड्यूल के मुताबिक अरविंद केजरीवाल को बाकी कैदियों के साथ सुबह सुबह 6:30 बजे उठना पड़ेगा कैदियों को नाश्ते में चाय और ब्रेड दी जाती है हालांकि चूंकि केजरीवाल को परमिशन है कि व घर खाना घर से मंगा सकते हैं तो उनका नाश्ता भी शायद घर से आएगा फिर दोपहर का खाना सुबह सा 10 से 11 के बीच में मिल जाता है उसमें आम कैदियों को दाल मिलती है सब्जी मिलती है रोटी या चावल मिलता है लेकिन केजरीवाल जी का खाना घर से आएगा तो व घर का खाना खाएंगे इसके बाद शाम में 5:30 बजे डिनर दे दिया जाता है तो केजरीवाल जी का डिनर भी घर से आ जाएगा 5:30 बजे और 7 बजे सभी कैदियों को अपने बैरक में वापस जाने के लिए कह दिया जाता है सब वापस चले जाते हैं ऐसा नहीं कि जेल जाने से अरविंद केजरीवाल का पीछा ईडी से छूट गया आज कोर्ट में ईडी ने बताया कि अरविंद केजरीवाल ने जांच में सहयोग नहीं किया तो जो लोग कहते थे कि हम एक-एक चीज में सहयोग करेंगे ईडी कोर्ट में खड़े होकर कह रही है कि सहयोगी नहीं कर रहे सवालों के गोलमोल जवाब देकर जांच को भटकाने की कोशिश कर र है अपने फोन का पासवर्ड तक नहीं दे रहे इसलिए ईडी ने कोर्ट में कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वह फिर से केजरीवाल को हिरासत में ले सकते हैं ऐसी भी खबरें हैं कि अरविंद केजरीवाल के i का डाटा एक्सेस करने के लिए ईडी ने मोबाइल कंपनी यानी ईडी से अरविंद केजरीवाल का पीछा अभी नहीं छूटने वाला बॉस ईडी को जब जरूरत पड़ेगी पूछताछ के लिए केजरीवाल को फिर रिमांड में ले सकती है अरविंद केजरीवाल तिहाड़ में तो चले गए लेकिन यह चर्चा बहुत चल रही है कि क्या जेल जाते जाते वह अपने दो मंत्रियों आतिशी और सौरभ भारद्वाज को फसा के तो नहीं चले गए ऐसा लोग पूछ रहे हैं इस बात की चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि केजरीवाल ने शराब घोटाले के एक बड़े आरोपी विजय नायर के आतिशी और सौरव भारद्वाज से कनेक्शन को जोड़ दिया और अपना पल्ला झाड़ लिया ऐसा लगा ईडी के मुताबिक केजरीवाल से पूछता में जब यह सवाल किया गया कि किस हद तक केजरीवाल जी आप किस हद तक विजय नायर से संपर्क में थे और किस हद से हद तक वह केजरीवाल को रिपोर्ट करता था तो ईडी कह रही है कोर्ट को कि केजरीवाल ने कहा कि विजय नायर उनको तो रिपोर्ट ही नहीं करता था वो तो आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता था अरविंद केजरीवाल ने यह भी दावा किया कि विजय नायर से उनका इंटरेक्शन या बातचीत बहुत सीमित थी मतलब ज्यादा उससे टच में नहीं था मैं आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट करता था ले अब इसी बात को लेकर सवाल उठने लगे कि क्या केजरीवाल ने यह बात कहकर अपने दो मंत्रियों आतिशी और सौरभ भारद्वाज को फसा दिया क्या क्योंकि जिस विजय नायर से केजरीवाल ने किनारा कर लिया कि मैं तो ज्यादा मिलता ता नहीं था मैं ज्यादा उससे मेरा कोई इंटरेक्शन नहीं था और अपने दो मंत्रियों आतिशी और सौरभ दवाज का पूरा पूरा ऐसा लग रहा है कि कनेक्शन जोड़ दिया जैसे विजय नायर सिर्फ उन्हीं के संपर्क में था वो विजय नायर कोई मामूली आदमी नहीं है शराब घोटाले के आरोपों के मामले में विजय नायर आम आदमी पार्टी का मीडिया एंड कम्युनिकेशन हेड आम आदमी पार्टी का केजरीवाल सरकार का नहीं आम आदमी पार्टी का मीडिया एंड कम्युनिकेशन हेड था विजय नायर शराब घोटाले के सबसे अहम किरदारों में से एक है ईडी के मुताबिक विजय नायर शराब घोटाले में केजरीवाल और साउथ लॉबी के बीच मिडल मैन था बिचौली ईडी का आरोप है कि केजरीवाल ने विजय नायर के जरिए ही शराब घोटाले की रिश्वत ली अब ऐसा आदमी जिसके बारे में कहा जा रहा है कि वह केजरीवाल और उनकी सरकार और साउथ लॉबी के बीच में पूरा काम कर रहा था जिसके कंधे पर है कि उसने पूरा पैसा वैसा लिया यह आरोप ढ़ लगाती है उसके लिए केजरीवाल ने कह दिया कि मैं ज्यादा नहीं जानता था वो सौरभ और आतिशी को रिपोर्ट करता था तो लोग पूछने लगे कि अब तो अगला नंबर आशिया सौरभ भारद्वाज का है क्या गिरफ्तार होने का केजरीवाल ने विजय नायर को लेकर जो बातें कही हैं और उसका आतिशी और सौरभ से जो कनेक्शन जोड़ा जा रहा है उस पर आम आदमी पार्टी का दावा है कि जब विजय नायर को हिरासत में लिया गया था तब उसने भी कहा था कि वह सीएम केजरीवाल को रिपोर्ट नहीं करता इसलिए आज इस बात को उठाने का क्या मतलब है कि केजरीवाल ने विजय नायर से किनारा कर लिया विजय नायर ने जांच में बताया था कि व आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता है आम आदमी पार्टी का आरोप है कि यह बयान इसलिए आया क्योंकि ईडी आतिशी और सौरभ भारद्वाज को फसाना चाहती आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि बीजेपी को लग गया है कि सिर्फ केजरीवाल को जेल भेजने से काम नहीं होगा दूसरे नेताओं को भी जेल भेजना होगा एक बार सुनिए आम आदमी पार्टी ने इस पर क्या कहा है फिर आपको बताऊंगा कि कैसे विजय नायर को लेकर केजरीवाल के बयान ने आम आदमी पार्टी को ही फसा दिया जब विजय नायर जी को हिरासत में लिया गया था तब उन्होंने यह बात कही थी डेढ़ साल पहले उन्होंने यही बात करी थी कि मैं मुख्यमंत्री को रिपोर्ट नहीं करता मैं जो भी अपना काम करता हूं उसमें मेरा रिपोर्टिंग अति और सौरभ से है अब आज आप डेढ़ साल बाद जब आपको कुछ नहीं मिला तो ईडी ने सवाल पैदा होता है कि आज डेढ़ साल बाद जो बयान लिखित में ईडी के पास खुद है वो डेढ़ साल बाद क्यों उठा रहा है और अब मैं ये दावे के साथ कहता हूं इन दोनों हमारे वरिष्ठ नेताओं का नाम जो दिल्ली में भी मंत्री हैं आतिशी और सौरभ भारद्वाज उनका नाम इसीलिए गया है क्योंकि अब भाजपा को समझ में आ गया कि अरे भाई एक अरविंद केजरीवाल को जेल में डालने से ये पार्टी बंद नहीं होगी अब एक काम करो दो-तीन और नेताओं की तैयारी करना शुरू करो तभी इनका नाम आज आया है यह नाम तो पहले से ही अ इनके बयानों में दर्ज था भाई इनका नाम पहले से बयानों में दर्ज था लेकिन अगर केजरीवाल भी वही बात कह रहे हैं तो ईडी कोर्ट में क्या कहे ना बताए कि केजरीवाल कह रहे हैं कि विजय नायर तो आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता था और वह रिपोर्ट किसी भी को को किसी को भी करें जो आदमी इस पूरे मामले में मुख्य सूत्रधार बताया जा रहा है बिचौलिया बताया जा रहा है उसके लिए केजरीवाल ने यह कह दिया कि मेरा इससे ज्यादा कनेक्शन नहीं था यह बात बड़ी इंपॉर्टेंट है आज पूरी आम आदमी पार्टी इस बात पर जोर लगा रही है कि केजरीवाल ने विजय नायर पर जो बात कही वह सही है और केजरीवाल का विजय नायर से कोई ज्यादा लेना देना नहीं था लेकिन आपको कुछ तस्वीरें दिखाता हूं यह तस्वीर देखिए इसमें केजरीवाल और विजय नायर दोनों साथ में दिख रहे हैं एक व्यक्ति केजरीवाल और विजय नायर दोनों के कंधे पर हाथ रख के खड़ा है अब सोचिए अगर एक व्यक्ति केजरीवाल और विजय नायर दोनों के कंधे पर डालकर खड़ा है तो इसका मतलब तो यही लगता है कि केजरीवाल और विजय नायर दोनों का कद इस आदमी के लिए एक जैसा होगा भाई जो आदमी इतना पावरफुल है कि वह केजरीवाल के कंधे पर हाथ रख दे रहा है वह बगल में विजय नायर के कंधे पर हाथ रख के फोटो खिंचा रहा है तो विजय नायर का कद भी तो कुछ होगा इससे विजय नायर की साफ साफ अहमियत दिख रही है यानी विजय नायर कोई ऐसा व्यक्ति नहीं था जिसे केजरीवाल जानते पहचानते ना हो आते जाते मिलि वाला हिसाब फिर वाल की नजरों में विजय नायर की कोई अहमियत ना हो यह कैसे हो सकता है और सुनिए विजय नायर का रुतबा कैसा था वह भी आपको दिखाता हूं विजय नायर का रुतबा ऐसा था कि वह दिल्ली में सीएम आवास के पीछे बने सीएम ऑफिस में काम करता था जबकि वह पार्टी का मीडिया कम्युनिकेशन हेड था दिल्ली सरकार का मीडिया कम्युनिकेशन हेड नहीं था आम आदमी पार्टी का कम्युनिकेशन हेड था उसका सीएम कैंप ऑफिस में बैठक काम करता था भाई खुद अपने बयान में बोला है कि मैं वहां से काम करता था और देखिए केजरीवाल का घर देखिए और बगल में सीएम कैंप ऑफिस देखिए मतलब इतना पास है कि केजरीवाल जी शीश महल के बालकनी से चिलाए विजय तो विजय को सुनाई दे जाए इतना पास अब जो आदमी मुख्यमंत्री के बहुत करीबी नहीं है मुख्यमंत्री कह रहे कि मेरा इससे ज्यादा लेना देना नहीं था वह सीएम कैंप ऑफिस में बैठक क्यों काम कर रहा था बॉस यह सवाल नहीं उठेगा केजरीवाल के सीएम आवास और ऑफिस दोनों अगल बगल यानी केजरीवाल अपने बंगले से अगर जाए तो मुश्किल से मतलब चलते हुए पहुंच जाए ऐसा हाल है विजय नायर से अब केजरीवाल और उनकी पार्टी के नेता किनारा किनारा करने में जुटे लेकिन विजय नायर वह व्यक्ति था जिसकी सीएम तक डायरेक्ट पहुंच वह ऐसे बंगले में रहता था जो बंगला कैबिनेट मंत्री को अलट हुआ था विजय नायर जिस बंगले में रहता था वो बंगला सीएम ऑफिस से करीब डेढ़ से दो किलोमीटर की दूरी पर ही था यानी चार पाच मिनट में वो सीएम ऑफिस पहुंच जाता था और सबसे बड़ा सवाल कि वो पार्टी का कम्युनिकेशन हेड है और रह रहा है मंत्री के बंगले में सोचिए कोई आदमी ऐसा है कोई और आम आदमी पार्टी में ऐसा आदमी है मुझे बताइए जो पार्टी का काम करता है लेकिन मंत्री को अलडा नहीं है जो आतिशी और सौरभ है जो उस जमाने में विध होते थे वो वहां से मुख्यमंत्री के दफ्तर से काम नहीं करते थे विजय नायर जिस कैबिनेट मंत्री के बंगले पर रहता था वो बंगला दिल्ली के मंत्री कैलाश गहलोत के नाम पर अलॉट था कैलाश गहलोत खुद वहां नहीं रहते थे उन्होंने बताया कि निजी कारण से वो सरकारी बंगले में शिफ्ट नहीं हुए थे दो दिन पहले ही ईडी ने कैलाश गहलोत से शराब घोटाले में पाच घंटे पूछताछ भी की थी पूछताछ के बाद जब कैलाश गहलोत मीडिया के सामने आए तो उन्होंने कहा था कि उन्हें पता ही नहीं कि जो बंगला उन्हें आवंटित हुआ था उनमें कौन रहता एक बार कैलाश गहलोत को सुनिए आरोप लगे लेकर पॉलिसी बनी जो ग्रुप ऑफ मिनिस्टर उसका हिस्सा थे और विजयर आपके आवास पर रह रहा था देखिए मैंने यह बारबार य कहा है कि व आवास बिल्कुल मेरे नाम पर अटेड है लेकिन मैं आज भी और पहले भी अपने ही जो मेरा प्राइवेट डें है मैं वहां पर रह रहा हूं मेरे जो बच्चे क्योंकि मेरा जो घर बसन में है वो डीपीएस के बिलकुल सामने है और मेरी वाइफ ने और ने वहां से शिफ्ट करने के लिए मना कर दिया था तो इसलिए ना मैं कभी जो सिविल लाइ जो बंगलो है मेरे नाम पर लड है ना मैंने कभी वहा शिफ्ट किया और ना मैं कभी रहा वहां पर और विजय नायर वहां रह रहे थे यह भी मैंने स्टेटमेंट दिया सीबीआई में जब बुलाया था तब भी यही स्टेटमेंट था और आज भी मेरा यही स्टेटमेंट था कि विजय नायर वहां रह रहे या नहीं रह रहे इसके बारे में मुझे कोई सूचना नहीं हालाकि आप खुद सोचिए कि विजय नायर कैलाश गहलोत को मिले बंगले में रहता था कैलाश गहलोत को बंगला नहीं चाहिए था मंत्री का बंगला कोई छोटा-मोटा बंगला नहीं होता मंत्री का बंगला नहीं चाहिए था तो किसी भी भी विजय नायर को मिल जाएगा जो पार्टी में कम्युनिकेशन हेड है सोचिए उस आदमी की क्या इंपॉर्टेंस रही होगी केजरीवाल जी के घर के डेढ़ किलोमीटर के दायरे में रह रहा है और सीएम कैंप ऑफिस से काम कर रहा है और आज केजरीवाल जी कह रहे हैं मेरा जना ज्यादा लेना देना नहीं था आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट करता विजयना पर देखिए शराब घोटाले से जुड़े वो मोबाइल मैसेज जो बड़ा राज खोल दे किसी जमाने में दूसरों को तिहाड़ जेल भेजने की बातें करने वाले केजरीवाल के लिए वक्त का पहिया ऐसा घूमा कि आज केजरीवाल खुद तिहाड़ जेल में पहुंच गए केजरीवाल ने जिस दिन के बारे में सोचा नहीं था वो दिन आज आ गया और जिनको केजरीवाल कहते थे कि तिहाड़ में भेजेंगे वोह लोग रामलीला मैदान में अरविंद केजरीवाल तिहाड़ क्यों जा रहे हैं इस पर छाती पीट रहे थे पूरा व जो वक्त का पहिया होता है ना वो पलट गया घूम गया ईडी ने केजरीवाल की आज रिमांड नहीं मांगी और कोर्ट ने उन्हें 15 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया यानी जेल भेज दिया इसके बाद जेल वन में केजरीवाल को भरकर तिहार जेल पहुंचा दिया गया लेकिन जेल जाते ही केजरीवाल ने आज एक और रिकॉर्ड बना दिया अब तक वह देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री थे जो रिमांड में होने के बावजूद मुख्यमंत्री पद पर बैठे हुए आज केजरीवाल ने नया रिकॉर्ड बना दिया व आए थे ना पॉलिटिक्स बदलने देखिए पॉलिटिक्स बदल दी आज वह देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन गए जो जेल के अंदर जाकर भी मुख्यमंत्री केजरीवाल अब उसी तिहार जेल में रहेंगे जहां उनके पुराने साथी मनीष सिसोदिया संजय सिंह और सत्येंद्र जैन ब केजरीवाल को तिहाड़ की जेल नंबर दो में रखा गया है वह जेल नंबर दो में अकेले रहेंगे केजरीवाल के साथ ही संजय सिंह को कुछ दिन पहले ही जेल नंबर दो से जेल नंबर पांच में शिफ्ट किया गया है इसके अलावा पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया जेल नंबर वन में हैं और केजरीवाल के एक और मंत्री रहे सतेंद्र जैन जेल नंबर सात में यानी अब आम आदमी पार्टी के सीनियर लीडर्स का नया ठिकाना तिहाड़ जेल बन गया और देश में शायद ही कोई ऐसी पार्टी होगी जो लच होने के इतने कम समय में इस तरह का प्रदर्शन करते हुए उसके तमाम बड़े नेता जेल के अंदर गए तिहाड़ जेल में अब सीएम केजरीवाल के साथ क्या-क्या होने वाला है यह आपको आगे बताऊंगा लेकिन पहले सुनिए कि तिहाड़ जाने से पहले आज जब केजरीवाल जी कोर्ट में पेश हुए तो उन्होंने क्या कहा दे के लिए अच्छा नहीं अ जीबन लिए जु कुछ कहना यानी उन्होंने प्रधानमंत्री पर डाल दिया कि प्रधानमंत्री जो कर रहे हैं वो देश के लिए ठीक नहीं जेल तो आपको कोर्ट ने भेजा गलत था तो कोर्ट कह देता कि नहीं जेल नहीं भेजेंगे इनको केजरीवाल जेल जाने पर सिंपी बटोरने में जुटे लेकिन यह सिंपी उन्हें मिलेगी या नहीं यह तो वक्त बताएगा फिलहाल उन्हे तिहाड़ में क्याक मिलने वाला है मैं बता देता हूं कोर्ट से केजरीवाल ने तिहाड़ में कई सारी चीजों की परमिशन मांगी कोर्ट ने तिहाड़ के अंदर केजरीवाल को क्या-क्या ले जाने की परमिशन दी है आपको पहले वह बता देता हूं केजरीवाल अपना गद्दा तिहार जेल में यूज कर पाएंगे केजरीवाल ने कहा उनको चादर भी अपना चाहिए तो चादर भी उनको अपना मिलेगा केजरीवाल ने दो तकिया मांगा तो कोर्ट ने कहा दो तकिया रख लीजिए इसके अलावा रजाई और कंबल यह भी केजरीवाल अपना इस्तेमाल कर सकेंगे यानी चादर तकिया गद्दा रजाई कंबल कुछ भी जेल का नहीं अपना इस्तेमाल करेंगे केजरीवाल जी केजरीवाल ने अपनी हेल्थ से जुड़ी हुई कई परमिशन भी कोर्ट से मांगी केजरीवाल की सेहत को देखते हुए कोर्ट ने कहा कि केजरीवाल हेल्थ मॉनिटरिंग डिवाइस अंदर ले जा सकते हैं क्योंकि केजरीवाल जी के परिवार का कहना है कि बहुत हाई शुगर रहता है इनको बहुत बीमार है शुगर की वजह से तो कोर्ट ने कहा कि ठीक है हेल्थ मॉनिटरिंग डिवाइस ले जाइए इसके अलावा शुगर श शुगर शुगर सेंसर चार्जर शुगर शुगर मशीन वाला वह ले जाइए और जो ग्लूकोमीटर होता है वह ले जाइए सेंसर रीडर ले जाइए इसके अलावा अगर ब्लड शुगर लेवल नीचे जाता है तो उसके लिए कई बार तुरंत टॉफी खानी पड़ती है ताकि शुगर लेवल ऊपर जाए तो कोर्ट ने कहा ठीक है आप जेल में रहिए लेकिन टॉफी रखिए ग्लूकोज रखिए डायबिटीज की दवाइयां रखिए यह सब आपको जेल अथॉरिटी दे देगा इसके अलावा कोट ने इस बात की परमिशन दे दी है कि अरविंद केजरीवाल घर का बना खाना खा सकते हैं और इतना ही नहीं उन्हें जेल का पानी जेल की पानी जेल का जो पानी है वह भी नहीं पीना पड़ेगा वो बोतल बंद पानी मंगवा सकते हैं यानी घर का खाना पहुंचेगा केजरीवाल वही खाएंगे जेल का खाना नहीं खाएंगे तो जो एक कहावत थी कि जेल की रोटी खानी पड़ेगी जेल का पानी पीना पड़ेगा वो जेल में रहकर भी केजरीवाल जी पर लागू नहीं होगी क्योंकि वह घर का खाना खाते रहेंगे घर का पानी पीते रहेंगे या बोतल बंद बिसलेरी वगैरह जो होता है मिनरल वाटर वह पीते रहेंगे इसके अलावा केजरीवाल ने जेल में पढ़ने के लिए तीन किताबें मांगी केजरीवाल जी ने कहा कि मुझे रामायण दीजिए सर मैं रामायण पढ़ना चाहता हूं उन्होंने कहा मैं भगवत गीता पढ़ना चाहता हूं और तीसरी किताब उन्होंने मांगी कि हाउ प्राइम मिनिस्टर्स डिसाइड यह तीन किताबें मैं पढ़ना चाहता हूं अब तीनों बुक्स की परमिशन कोर्ट ने दे दी ठीक है ले जाइए पढ़िए हालांकि तीनों किताबों की परमिशन यह भी दिखाती है कि शायद केजरीवाल जी को अंदर ही अंदर यह पता चल गया है कि वो लंबा अंदर गए हैं तो तीन किताब क्यों मांगते अगर पा दिन 10 दिन में 15 दिन में निकलने वाला 15 दिन में पढ़ लेंगे पूरा रामायण और गीता और तीसरी किताब भी अच्छा तीसरी किताब का नाम भी बड़ा इंटरेस्टिंग है हाउ प्राइम मिनिस्टर डिसाइड यह किताब वो पढ़ना चाहते हैं अब या तो इस किताब से वो यह समझना चाह रहे हैं कि प्रधानमंत्री कैसे सोचते हैं यह पता चले तो समझ में आए कि मोदी जी अब अगला क्या सोचने वाले हैं करने वाले हैं और नहीं तो शायद यह मैसेज देना चाह रहे हैं कि मैं तो अब यहां से निकलूंगा तो प्रधानमंत्री ही बनूंगा खैर बस उनके मन में क्या चल रहा है यह तो वही जाने लेकिन सियासत में ऐसी मैसेजिंग कई बार की जाती है जो अरविंद केजरीवाल भी कर रहे हैं अरविंद केजरीवाल का तिहार जेल में क्या शेड्यूल होने वाला है वह भी आपको बता देता हूं दरअसल तिहार जेल में अरविंद केजरीवाल को भी वही शेड्यूल फॉलो करना होगा जो बाकी कैदियों का होता है आप मुख्यमंत्री हैं उससे फर्क नहीं पड़ता बॉस आप वहां कैदी हैं तो जो बाकी करेंगे वो आपको करना पड़ेगा तिहाड़ के शेड्यूल के मुताबिक अरविंद केजरीवाल को बाकी कैदियों के साथ सुबह सुबह 6:30 बजे उठना पड़ेगा कैदियों को नाश्ते में चाय और ब्रेड दी जाती है हालांकि चूंकि केजरीवाल को परमिशन है कि वो घर खाना घर से मंगा सकते हैं तो उनका नाश्ता भी शायद घर से आएगा फिर दोपहर का खाना सुबह 10:30 से 11 के बीच में मिल जाता है उसमें आम कैदियों को दाल मिलती है सब्जी मिलती है रोटी या चावल मिलता है लेकिन केजरीवाल जी का खाना घर से आएगा तो वो घर का खाना खाएंगे इसके बाद शाम में 5:30 बजे डिनर दे दिया जाता है तो केजरीवाल जी का डिनर भी घर से आ जाएगा 5:30 बजे और 700 बजे सभी कैदियों को अपने बैरक में वापस जाने के लिए कह दिया जाता है सब वापस चले जाते हैं ऐसा नहीं कि जेल जाने से अरविंद केजरीवाल का पीछा ईडी से छूट गया आज कोर्ट में ईडी ने बताया कि अरविंद केजरीवाल ने जांच में सहयोग नहीं किया तो जो लोग कहते थे कि हम एकएक चीज में सहयोग करेंगे ईडी कोर्ट में खड़े होकर कह रही कि सहयोगी नहीं कर रहे सवालों के गोलमोल जवाब देकर जांच को भटकाने की कोशिश कर रहे अपने फोन का पासवर्ड तक नहीं दे रहे इसलिए ईडी ने कोर्ट में कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वह फिर से केजरीवाल को हिरासत में ले सकते हैं ऐसी भी खबरें हैं कि अरविंद केजरीवाल के आईफो का डाटा एक्सेस करने के लिए ईडी ने मोबाइल कंपनी एल से भी सहयोग मांगा यानी ईडी से अरविंद केजरीवाल का पीछा अभी नहीं छूटने वाला बॉस ईडी को जब जरूरत पड़ेगी पूछताछ के लिए केजरीवाल को फिर रिमांड में ले सकती अरविंद केजरीवाल तिहाड़ में तो चले गए लेकिन यह चर्चा बहुत चल रही है कि क्या जेल जाते जाते वह अपने दो मंत्रियों आतिशी और सौरभ भारद्वाज को फसा के तो नहीं चले गए ऐसा लोग पूछ रहे इस बात की चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि केजरीवाल ने शराब घोटाले के एक बड़े आरोपी विजय नायर के आतिशी और सौरभ भारद्वाज से कनेक्शन को जोड़ दिया और अपना पल्ला झाड़ लिया ऐसा लगा ईडी के मुताबिक केजरीवाल से पूता में जब यह सवाल किया गया कि किस हद तक केजरीवाल जी आप किस हद तक विजय नायर से संपर्क में थे और किस हद से हद तक वह केजरीवाल को रिपोर्ट करता था तो ईडी कह रही है कोर्ट को कि केजरीवाल ने कहा कि विजय नायर उनको तो रिपोर्ट ही नहीं करता था वह तो आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता था अरविंद केजरीवाल ने यह भी दावा किया कि विजय नायर से उनका इंटरेक्शन या बातचीत बहुत सीमित थी म ज्यादा उससे टच में नहीं था मैं आतिशी और सौरभ को करता था ले अब इसी बात को लेकर सवाल उठने लगे कि क्या केजरीवाल ने यह बात कहकर अपने दो मंत्रियों आतिशी और सौरभ भारद्वाज को फसा दिया क्या क्योंकि जिस विजय नायर से केजरीवाल ने किनारा कर लिया कि मैं तो ज्यादा मिलता उलता नहीं था मैं ज्यादा उससे मेरा कोई इंटरेक्शन नहीं था और अपने दो मंत्रियों आतिशी और सौरभ भारद्वाज का पूरा पूरा ऐसा लग रहा है कि कनेक्शन जोड़ दिया जैसे विजय नायर सिर्फ उन्हीं के संपर्क में था वो विजय नायर कोई मामूली आदमी नहीं है शराब घोटाले के आरोप के मामले में विजय नायर आम आदमी पार्टी का मीडिया एंड कम्युनिकेशन हेड आम आदमी पार्टी का केजरीवाल सरकार का नहीं आम आदमी पार्टी का मीडिया एंड कम्युनिकेशन हेड था विजय नायर शराब घोटाले के सबसे अहम किरदारों में से एक है ईडी के मुताबिक विजय नायर शराब घोटाले में केजरीवाल और साउथ लॉबी के बीच मिडल मैन था बिचौलिया ईडी का आरोप है कि केजरीवाल ने विजय नायर के जरिए ही शराब घोटाले की रिश्वत ली अब ऐसा आदमी जिसके बारे में कहा जा रहा है कि वो केजरीवाल और उनकी सरकार और साउथ लॉबी के बीच में पूरा काम कर रहा था जिसके कंधे पर है कि उसने पूरा पैसा वैसा लिया यह आरोप ईडी लगाती है उसके लिए केजरीवाल ने कह दिया कि मैं ज्यादा नहीं जानता था वो सौरभ और आतिशी को रिपोर्ट करता था तो लोग पूछने लगे कि अब तो अगला नंबर आति शिया सौरभ भारद्वाज का है क्या गिरफ्तार होने का केजरीवाल ने विजय नायर को लेकर जो बातें कही है और उसका आतिशी और सौरव से जो कनेक्शन जोड़ा जा रहा है उस पर आम आदमी पार्टी का दावा कि जब विजय नायर को हिरासत में लिया गया था तब उसने भी कहा था कि वह सीएम केजरीवाल को रिपोर्ट नहीं करता इसलिए आज इस बात को उठाने का क्या मतलब है कि केजरीवाल ने विजय नायर से किनारा कर लिया विजय नायर ने जांच में बताया था कि वह आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता है आम आदमी पार्टी का आरोप है कि यह बयान इसलिए आया क्योंकि ईडी आतिशी और सौरभ भारद्वाज को फसाना चाहती आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि बीजेपी को लग गया है कि सिर्फ केजरीवाल को जेल भेजने से काम नहीं होगा दूसरे नेताओं को भी जेल भेजना होगा एक बार सुनिए आम आदमी पार्टी ने इस पर क्या कहा फिर आपको बताऊंगा कि कैसे विजय नायर को लेकर केजरीवाल के बयान ने आम आदमी पार्टी को ही फसा दिया जब विजय नायर जी को हिरासत में लिया गया था तब उन्होंने यह बात कही थी डेढ़ साल पहले उन्होंने यही बात करी थी कि मैं मुख्यमंत्री को रिपोर्ट नहीं करता मैं जो भी अपना काम करता हूं उसमें मेरा रिपोर्टिंग अतिशी और सौरभ से है अब आज आप डेढ़ साल बाद जब आपको कुछ नहीं मिला तो ईडी ने सवाल पैदा होता है कि आज डेढ़ साल बाद जो बयान लिखित में ईडी के पास खुद है वो डेढ़ साल बाद क उठा रहा है और अब मैं यह दावे के साथ कहता हूं इन दोनों हमारे वरिष्ठ नेताओं का नाम जो दिल्ली में भी मंत्री है आतिशी और सौरभ भारद्वाज उनका नाम इसीलिए गया है क्योंकि अब भाजपा को समझ में आ गया कि अरे भाई एक अरविंद केजरीवाल को जेल में डालने से यह पार्टी बंद नहीं होगी अब एक काम करो दो तीन और नेताओं की तैयारी करना शुरू करो तभी इनका नाम आज आया है यह नाम तो पहले सेही इनके बयानों में दर्ज था भाई इनका नाम पहले से बयानों में दर्ज था लेकिन अगर केजरीवाल भी वही बात कह रहे हैं तो ईडी कोर्ट में क्या कहे ना बताए कि केजरीवाल कह रहे हैं कि विजय नायर तो आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता था और वो रिपोर्ट किसी भी को को किसी को भी करे जो आदमी इस पूरे मामले में मुख्य सूत्रधार बताया जा रहा है बिचौलिया बताया जा रहा है उसके लिए केजरीवाल ने यह कह दिया कि मेरा इससे ज्यादा कनेक्शन नहीं था यह बात बड़ी इंपॉर्टेंट है आज पूरी आम आदमी पार्टी इस बात पर जोर लगा रही है कि केजरीवाल ने विजय नायर पर जो बात कही वो सही है और केजरीवाल का विजय नायर से कोई ज्यादा लेना देना नहीं था लेकिन आपको कुछ तस्वीरें दिखाता हूं यह तस्वीर देखिए इसमें केजरीवाल और विजय नायर दोनों साथ में दिख रहे हैं एक व्यक्ति केजरीवाल और विजय नायर दोनों के कंधे पर हाथ रख के खड़ा है अब सोचिए अगर एक व्यक्ति केजरीवाल और विजय नायर दोनों के कंधे पर हाथ डालकर खड़ा है तो इसका मतलब तो यही लगता है कि केजरीवाल और विजय नायर दोनों का कद इस आदमी के लिए एक जैसा होगा भाई जो आदमी इतना पावरफुल है कि वह केजरीवाल के कंधे पर हाथ रख दे रहा है वह बगल में विजय नायर के कंधे पर हाथ रख के फोटो खिंचा रहा है विजय नायर का कद भी तो कुछ होगा इससे विजय नायर की साफसाफ अहमियत दिख रही है यानी विजय नायर कोई ऐसा व्यक्ति नहीं था जिसे केजरीवाल जानते पहचानते ना हो आते जाते मिल लि वाला हिसाब फिर केजरीवाल की नजरों में विजय नार की कोई अहमियत ना हो यह कैसे हो सकता है और सुनिए विजय नायर का रुतबा कैसा था वह भी आपको दिखाता हूं विजय नायर का रुतबा ऐसा था कि वह दिल्ली में सीएम आवास के पीछे बने सीएम ऑफिस में काम करता था जबकि वह पार्टी का मीडिया कम्युनिकेशन हेड था दिल्ली सरकार का मीडिया कम्युनिकेशन हेड नहीं था आम आदमी पार्टी का कम्युनिकेशन हेड था उसका सीएम कैंप ऑफिस में बैठक काम करता था भाई खुद अपने बयान में बोला है कि मैं वहां से काम करता था और देखिए केजरीवाल का घर देखिए और बगल में सीएम कैंप ऑफिस देखिए मतलब इतना पास है कि केजरीवाल जी शीश महल के बालकनी से चिल्लाए कि विजय तो विजय को सुनाई दे जाए इतना पास अब जो आदमी मुख्यमंत्री के बहुत करीबी नहीं है मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि मेरा इससे ज्यादा लेना देना नहीं था वह सीएम कैंप ऑफिस में बैठ के क्यों काम कर रहा था बॉस यह सवाल नहीं उठेगा केजरीवाल के सीएम आवास और कैंप ऑफिस दोनों अगल बगल यानी केजरीवाल अपने बंगले से अगर जाए तो मुश्किल से मतलब चलते हुए पहुंच जाए ऐसा हाल है विजय नायर से अब केजरीवाल और उनकी पार्टी के नेता किनारा किनारा करने में जुटे लेकिन विजय नायर वो व्यक्ति था जिसकी सीएम तक डायरेक्ट पहुंचती वह ऐसे बंगले में रहता था जो बंगला कैबिनेट मंत्री को अलट हुआ था विजय नायर जिस बंगले में रहता था वह बंगला सीएम ऑफिस से करीब डेढ़ से दो किलोमीटर की दूरी पर ही था यानी चार पाच मिनट में वह सीएम ऑफिस पहुंच जाता था और सबसे बड़ा सवाल कि वो पार्टी का कम्युनिकेशन हेड है और रह रहा है मंत्री के बंगले में सोचिए कोई आदमी ऐसा है कोई और आम आदमी पार्टी में ऐसा आदमी है मुझे बताइए जो पार्टी का काम करता है लेकिन मंत्री को अलट बंगले में रह रहा है और उसका कोई रुतबा नहीं है जो आतिशी और सौरभ है जो उस जमाने में विधायक होते थे वह वहां से मुख्यमंत्री के दफ्तर से काम नहीं करते थे विजय नायर जिस कैबिनेट मंत्री के बंगले पर रहता था वो बंगला दिल्ली के मंत्री कैलाश गहलोत के नाम पर अलट था कैलाश गहलोत खुद वहां नहीं रहते थे उन्होंने बताया कि निजी कारण से वो सरकारी बंगले में शिफ्ट नहीं हुए थे दो दिन पहले ही ईडी ने कैलाश गहलोत से शराब घोटाले में पाच घंटे पूछताछ भी की थी पूछताछ के बाद जब कैलाश गहलोत मीडिया के सामने आए तो उन्होंने कहा था कि उन्हें पता ही नहीं कि जो बंगला उन्हें आवंटित हुआ था उनमें कौन रहता था एक बार कैलाश गहलोत को सुनिए आरोप लगे कि जो लेकर पॉलिसी बनी जो ग्रुप ऑफ मिनिस्टर उसका आप हिस्सा थे और विजय नार आपके आवाज पर रह रहा था उसको लेके देखिए मैंने यह बार-बार यह कहा है कि व आवाज बिल्कुल मेरे नाम पे लोटेड है लेकिन मैं आज भी और पहले भी अपने ही जो मेरा प्राइवेट रेसिडेंस है वसन कुंजी मैं वहां पे रह रहा हूं मेरे जो बच्चे हैं वो क्योंकि मेरा जो घर बसन गुज में है वो डीपीएस के बिलकुल सामने है और मेरी वाइफ ने और बच्चों ने वहां से शिफ्ट करने के लिए मना कर दिया था तो इसलिए ना मैं कभी अ जो सिविल लाइन में जो बंगलो है जी सर मेरे नाम पर लड है ना मैंने कभी वहा शिफ्ट किया और ना मैं कभी रहा वहां पर और विजय नायर वहां रह रहे थे ये भी मैंने स्टेटमेंट दिया सीबीआई में जब बुलाया था तब भी यही स्टेटमेंट था और आज भी मेरा यही स्टेटमेंट था कि विजय नायर वहां रह रहे या नहीं रह रहे इसके बारे में मुझे कोई सूचना नहीं हालांकि आप खुद सोचिए कि विजय नायर कैलाश गहलोत को मिले बंगले में रहता था कैलाश गहलोत को बंगला नहीं चाहिए था मंत्री का बंगला कोई छोटा मोटा नहीं होता मंत्री का बंगला नहीं चाहिए था तो किसी भी विजय नायर को मिल जाएगा जो पार्टी में कम्युनिकेशन हेड है सोचिए उस आदमी की क्या इंपॉर्टेंस रही होगी केजरीवाल जी के घर के डेढ़ किलोमीटर के दायरे में रह रहा है और सीएम कैंप ऑफिस से काम कर रहा है पर देखिए शराब घोटाले से जुड़े वो मोबाइल मैसेज जो बड़ा राज खोल दे किसी जमाने में दूसरों को तिहाड़ जेल भेजने की बातें करने वाले केजरीवाल के लिए वक्त का पहिया ऐसा घूमा कि आज केजरीवाल खुद तिहाड़ जेल में पहुंच गए केजरीवाल ने जिस दिन के बारे में सोचा नहीं था वह दिन आज आ गया और जिनको केजरीवाल कहते थे कि तिहाड़ में भेजेंगे वह लोग रामलीला मैदान में अरविंद केजरीवाल तिहाड़ क्यों जा रहे हैं इस पर छाती पीट रहे थे पूरा त जो वक्त का पहिया होता है ना वो पलट गया घूम गया ईडी ने केजरीवाल की आज रिमांड नहीं मांगी और कोर्ट ने उन्हें 15 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया यानी जेल भेज दिया इसके बाद जेल वैन में केजरीवाल को भरकर तिहार जेल पहुंचा दिया गया लेकिन जेल जाते ही केजरीवाल ने आज एक और रिकॉर्ड बना दिया अब तक वह देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री थे जो रिमांड में होने के बावजूद मुख्यमंत्री पद पर बैठे हुए थे आज केजरीवाल ने नया रिकॉर्ड बना दिया वो आए थे ना पॉलिटिक्स बदलने देखिए पॉलिटिक्स बदल दी आज वह देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन गए जो जेल के अंदर जाकर भी मुख्यमंत्री हैं केजरीवाल अब उसी तिहार जेल में रहेंगे जहां उनके पुराने साथी मनीष सिसोदिया संजय सिंह और सत्येंद्र जैन केजरीवाल को तिहाड़ की जेल नंबर दो में रखा गया है वो जेल नंबर दो में अकेले रहेंगे केजरीवाल के साथ ही संजय सिंह को कुछ दिन पहले ही जेल नंबर दो से जेल नंबर पाच में शिफ्ट किया गया है इसके अलावा पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया जेल नंबर वन में है और केजरीवाल के एक और मंत्री रहे सत्येंद्र जैन जेल नंबर सात में यानी अब आम आदमी पार्टी के सीनियर लीडर्स का नया ठिकाना तिहाड़ जेल बन गया और देश में शायद ही कोई ऐसी पार्टी होगी जो लॉन्च होने के इतने कम समय में इस तरह का प्रदर्शन करते हुए उसके तमाम बड़े नेता जेल के अंदर गए तिहार जेल में अब सीएम केजरीवाल के साथ क्याक होने वाला है यह आपको आगे बताऊंगा लेकिन पहले सुनिए कि तिहार जाने से पहले आज जब केजरीवाल जी कोर्ट में पेश हुए तो उन्होंने क्या कहा यानी उन्होंने प्रधानमंत्री पर डाल दिया कि प्रधानमंत्री जो कर रहे वो देश के लिए ठीक नहीं जेल तो आपको कोर्ट ने भेजा गलत था तो कोर्ट कह देता कि नहीं जेल नहीं भेजेंगे इनको केजरीवाल जेल जाने पर सिंपैथी बटोरने में जुटे लेकिन यह सिंपी उन्हें मिलेगी या नहीं यह तो वक्त बताएगा फिलहाल उन्हें तिहाड़ में क्याक मिलने वाला है मैं बता देता हूं कोर्ट से केजरीवाल ने तिहाड़ में कई सारी चीजों की परमिशन मांगी कोर्ट ने तिहाड़ के अंदर केजरीवाल को क्याक ले जाने की परमिशन दी है आपको पहले वो बता देता हूं केजरीवाल अपना गद्दा तिहार जेल में यूज कर पाएंगे केजरीवाल ने कहा उनको चादर भी अपना चाहिए तो चादर भी उनको अपना मिलेगा केजरीवाल ने दो तकिया मांगा तो कोर्ट ने कहा दो तकिया रख लीजिए इसके अलावा रजाई और कंबल यह भी केजरीवाल अपना इस्तेमाल कर सकेंगे यानी चादर तकिया गद्दा रजाई कंबल कुछ भी जेल का नहीं अपना इस्तेमाल करेंगे केजरीवाल जी केजरीवाल ने अपनी हेल्थ से जुड़ी हुई कई परमिशन भी कोर्ट से मांग केजरीवाल की सेहत को देखते हुए कोर्ट ने कहा कि केजरीवाल हेल्थ मनि डिवाइस अंदर ले जा सकते हैं क्योंकि केजरीवाल जी के परिवार का कहना है कि बहुत हाई शुगर रहता है बहुत बीमार है शुगर की वजह से तो कोर्ट ने कहा ठीक है हेल्थ मॉनिटरिंग डिवाइस ले जाइए इसके अलावा शुगर शुगर शुगर सेंसर चार्जर शुगर शुगर मशीन वाला वह ले जाइए और जो ग्लूकोमीटर होता है वह ले जाइए सेंसर रीडर ले जाइए इसके अलावा अगर ब्लड शुगर लेवल नीचे जाता है तो उसके लिए कई बार तुरंत टॉफी खानी पड़ती है शुगर लेवल ऊपर जाए तो कोर्ट ने कहा ठीक है आप जेल में रहिए लेकिन टॉफी रखिए ग्लूकोज रखिए डायबिटीज की दवाइयां रखिए यह सब आपको जेल अथॉरिटी दे देगा इसके अलावा कोर्ट ने इस बात की परमिशन दे दी है कि अरविंद केजरीवाल घर का बना खाना खा सकते हैं और इतना ही नहीं उन्हें जेल का पानी जेल की पानी जेल का जो पानी है वह भी नहीं पीना पड़ेगा वो बोतल बंद पानी मंगवा सकते हैं यानी घर का खाना पहुंचेगा केजरीवाल वही खाएंगे जेल का खाना नहीं खाए तो जो एक कहावत थी कि जेल की रोटी खानी पड़ेगी जेल का पानी पीना पड़ेगा वो जेल में रहकर भी केजरीवाल जी पर लागू नहीं होगी क्योंकि वह घर का खाना खाते रहेंगे घर का पानी पीते रहेंगे या बोतल बंद बिसलेरी वगैरह जो होता है मिनरल वाटर वह पीते रहेंगे इसके अलावा केजरीवाल ने जेल में पढ़ने के लिए तीन किताबें मांगी केजरीवाल जी ने कहा कि मुझे रामायण दीजिए सर मैं रामायण पढ़ना चाहता हूं उन्होंने कहा मैं भगवत गीता पढ़ना चाहता हूं और तीसरी किताब उन्होंने मांगी कि हाउ प्राइम मिनिस्टर डिसाइड यह तीन किताबें मैं पढ़ना चाहता हूं अब तीनों बुक्स की परमिशन कोर्ट ने दे दी ठीक है ले जाइए पढ़िए हालांकि तीनों किताबों की परमिशन यह भी दिखाती है कि शायद केजरीवाल जी को अंदर ही अंदर यह पता चल गया है कि व लंबा अंदर गए तो तीन किताब क्यों मांगते अगर पा दिन 10 दिन में 15 दिन में निकलने वा 15 दिन में पढ़ लेंगे पूरा रामायण और गीता और तीसरी किताब द अच्छा तीसरी किताब का नाम भी बड़ा इंटरेस्टिंग है हाउ प्राइम मिनिस्टर डिसाइड किताब वो पढ़ना चाहते हैं अब या तो इस किताब से व यह समझना चाह रहे हैं कि प्रधानमंत्री कैसे सोचते हैं यह पता चले तो समझ में आए कि मोदी जी अब अगला क्या सोचने वाले करने वाले ही बनूंगा खैर बस उनके मन में क्या चल रहा है यह तो वही जाने लेकिन सियासत में ऐसी मैसेजिंग कई बार की जाती है जो अरविंद केजरीवाल भी कर रहे हैं अरविंद केजरीवाल का तिहाड़ जेल में क्या शेड्यूल होने वाला है वह भी आपको बता देता हूं दरअसल तिहार जेल में अरविंद केजरीवाल को भी वही शेड्यूल फलो फलो करना होगा जो बाकी कैदियों का होता है आप मुख्यमंत्री हैं उससे फर्क नहीं पड़ता बॉस आप वहां कैदी हैं तो जो बाकी करेंगे वह आपको करना पड़ेगा तिहाड़ के शेड्यूल के मुताबिक अरविंद केजरीवाल को बाकी कैदियों के साथ सुबह-सुबह 6:30 बजे उठना पड़ेगा कैदियों को नाश्ते में चाय और ब्रेड दी जाती है हालांकि चूंकि केजरीवाल को परमिशन है कि व र खाना घर से मंगा सकते हैं तो उनका नाश्ता भी शायद घर से आएगा फिर दोपहर का खाना सुबह 10:30 से 11 के बीच में मिल जाता है उसमें आम कैदियों को दाल मिलती है सब्जी मिलती है रोटी या चावल मिलता है लेकिन केजरीवाल जी का खाना घर से आएगा तो व घर का खाना खाएंगे इसके बाद शाम में 5:30 बजे डिनर दे दिया जाता है तो केजरीवाल जी का डिनर भी घर से आ जाएगा 5:30 बजे और 7 बजे सभी कैदियों को अपने बैरक में वापस जाने के लिए कह दिया जाता है सब वापस चले जाते हैं ऐसा नहीं कि जेल जाने से अरविंद केजरीवाल का पीछा ईडी से छूट गया आज कोर्ट में ईडी ने बताया कि अरविंद केजरीवाल ने जांच में सहयोग नहीं किया तो जो लोग कहते थे कि हम एक एक चीज में सहयोग करेंगे ईडी कोर्ट में खड़े होकर कह रही है कि सहयोगी नहीं कर रहे सवालों के गोलमोल जवाब देकर जांच को भटकाने की कोशिश कर रहे है अपने फोन का पासवर्ड तक नहीं दे रहे इसलिए ईडी ने कोर्ट में कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वह फिर से केजरीवाल को हिरासत में ले सकते हैं ऐसी भी खबरें हैं कि अरविंद केजरीवाल के आई का डाटा एक्सेस करने के लिए ईडी ने मोबाइल कंपनी एल से भी सहयोग मांगा यानी ईडी से अरविंद केजरीवाल का पीछा अभी नहीं छूटने वाला बॉस ईडी को जब जरूरत पड़ेगी पूछताछ के लिए केजरीवाल को फिर रिमांड में ले सकती है अरविंद केजरीवाल तिहाड़ में तो चले गए लेकिन यह चर्चा बहुत चल रही है कि क्या जेल जाते जाते वह अपने दो मंत्रियों आतिशी और सौरभ भारद्वाज को फसा के तो नहीं चले गए ऐसा लोग पूछ रहे हैं इस बात की चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि केजरीवाल ने शराब घोटाले के एक बड़े आरोपी विजय नायर के आतिशी और सौरभ भारद्वाज से कनेक्शन को जोड़ दिया और अपना पल्ला झाड़ लिया ऐसा लगा ईडी के मुताबिक केजरीवाल से पूछताछ में जब यह सवाल किया गया कि किस हद तक केजरीवाल जी आप किस हद तक विजय नायर से संपर्क में थे और किस हद से हद तक व केजरीवाल को रिपोर्ट करता था तो ईडी कह रही है कोर्ट को कि केजरीवाल ने कहा कि विजय नायर उनको तो रिपोर्ट ही नहीं करता था वह तो आतिशी और सौरव भारद्वाज को रिपोर्ट करता था अरविंद केजरीवाल ने यह भी दावा किया कि विजय नायर से उनका इंटरेक्शन या बातचीत बहुत सीमित थी म ज्यादा उससे टच में नहीं था मैं आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट करता था ले अब इसी बात को लेकर सवाल उठने लगे कि क्या केजरीवाल ने यह बात कहकर अपने दो मंत्रियों आतिशी और सौरभ भारद्वाज को फसा दिया क्या क्योंकि जिस विजय नायर से केजरीवाल ने किनारा कर लिया कि मैं तो ज्यादा मिलता उलता नहीं था मैं ज्यादा उससे मेरा कोई इंटरेक्शन नहीं था और अपने दो मंत्रियों आतिशी और सौरभ भारद्वाज का पूरा पूरा ऐसा लग रहा कि कनेक्शन जोड़ दिया जैसे विजय नायर सिर्फ उन्हीं के संपर्क में था वो विजय नायर कोई मामूली आदमी नहीं है शराब घोटाले के आरोपों के मामले में विजय नायर आम आदमी पार्टी का मीडिया एंड कम्युनिकेशन हेड आम आदमी पार्टी का केजरीवाल सरकार का नहीं आम आदमी पार्टी का मीडिया एंड कम्युनिकेशन हेड था विजय नायर शराब घोटाले के सबसे अहम किरदारों में से एक है ईडी के मुताबिक विजय नायर शराब घोटाले में केजरीवाल और साउथ लॉबी के बीच मिडल मैन था बिचौलिया ईडी का आरोप है कि केजरीवाल ने विजय नायर के जरिए ही शराब घोटाले की रिश्वत ली अब ऐसा आदमी जिसके बारे में कहा जा रहा है कि वो केजरीवाल और उनकी सरकार और साउथ लॉबी के बीच में पूरा काम कर रहा था जिसके कंधे पर है कि उसने पूरा पैसा वैसा लिया यह आरोप ईडी लगाती है उसके लिए केजरीवाल ने कह दिया कि मैं ज्यादा नहीं जानता था वो सौरभ और आतिशी को रिपोर्ट करता था तो लोग पूछने लगे कि ला अब तो अगला नंबर आति शिया सौरभ भारद्वाज का है क्या गिरफ्तार होने का केजरीवाल ने विजय नायर को लेकर जो बातें कही है और उसका आतिशी और सौरव से जो कनेक्शन जोड़ा जा रहा है उस पर आम आदमी पार्टी का दावा है कि जब विजय नायर को हिरासत में लिया गया था तब उसने भी कहा था कि वह सीएम केजरीवाल को रिपोर्ट नहीं करता इसलिए आज इस बात को उठाने का क्या मतलब है कि केजरीवाल ने विजय नायर से किनारा कर लिया विजय नायर ने जांच में बताया था कि वह आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता है आम आदमी पार्टी का आरोप है कि यह बयान इसलिए आया क्योंकि ईडी आतिशी और सौरभ भारद्वाज को फसाना चाहती आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि बीजेपी को लग गया है कि सिर्फ केल को जेल भेजने से काम नहीं होगा दूसरे नेताओं को भी जेल भेजना होगा एक बार सुनिए आम आदमी पार्टी ने इस पर क्या कहा है फिर आपको बताऊंगा कि कैसे विजय नायर को लेकर केजरीवाल के बयान ने आम आदमी पार्टी को ही फसा दिया जब विजय नायर जी को हिरासत में लिया गया था तब उन्होंने यह बात कही थी डेढ़ साल पहले उन्होंने यही बात करी थी कि मैं मुख्यमंत्री को रिपोर्ट नहीं करता मैं जो भी अपना काम करता हूं उसमें मेरा रिपोर्टिंग अति और सौरभ से है अब आज आप ़ साल बाद जब आपको कुछ नहीं मिला तो ईडी ने सवाल पैदा होता है कि आज डेढ़ साल बाद जो बयान लिखित में ईडी के पास खुद है वो डेढ़ साल बाद क्यों उठा रहा है और अब मैं यह दावे के साथ कहता हूं इन दोनों हमारे वरिष्ठ नेताओं का नाम जो दिल्ली में भी मंत्री है आतिशी और सौरभ भारद्वाज उनका नाम इसीलिए गया है क्योंकि अब भाजपा को समझ में आ गया कि अरे भाई एक अरविंद केजरीवाल को जेल में डालने से ये पार्टी बंद नहीं होगी अब एक काम करो दो तीन और नेताओं की तैयारी करना शुरू करो तभी इनका नाम आया यह नाम तो पहले से ही इनके बयानों में दर्ज था भाई इनका नाम पहले से बयानों में दर्ज था लेकिन अगर केजरीवाल भी वही बात कह रहे हैं तो ईडी कोर्ट में क्या कहे ना बताए कि केजरीवाल कह रहे हैं कि विजय नायर तो आतिशी और सौरभ बदज को रिपोर्ट करता था और वो रिपोर्ट किसी भी को किसी को भी करे जो आदमी इस पूरे मामले में मुख्य सूत्रधार बताया जा रहा है बिचौलिया बताया जा रहा है उसके लिए केजरीवाल ने यह कह दिया कि मेरा इससे ज्यादा कनेक्शन नहीं था यह बात बड़ी इंपॉर्टेंट है आज पूरी आम आदमी पार्टी इस बात पर जोर लगा रही है कि केजरीवाल ने विजय नायर पर जो बात कही वह सही है और केजरीवाल का विजय नायर से कोई ज्यादा लेना देना नहीं था लेकिन आपको कुछ तस्वीरें दिखाता हूं यह तस्वीर देखिए इसमें केजरीवाल और विजय नायर दोनों साथ में दिख रहे हैं एक व्यक्ति केजरीवाल और विजय नायर दोनों के कंधे पर हाथ रख के खड़ा है अब सोचिए अगर एक व्यक्ति केजरीवाल और विजय नायर दोनों के कंधे पर हाथ डालकर खड़ा है तो इसका मतलब तो यही लगता है कि केजरीवाल और विजय नायर दोनों का कद इस आदमी के लिए एक जैसा होगा भाई जो आदमी इतना पावरफुल है कि वह केजरीवाल के कंधे पर हाथ रख दे रहा है वह बगल में विजय नायर के कंधे पर हाथ रख के फोटो खींचा रहा है तो विजय नायर का कद भी तो कुछ होगा इससे विजय नायर की साफसाफ अहमियत दिख रही है यानी विजय नायर कोई ऐसा व्यक्ति नहीं था जिसे केजरीवाल जानते पहचानते ना हो आते जाते मिल लि हो वाला हिसाब फिर केजरीवाल की नजरों में विजय नायर की कोई अहमियत ना हो यह कैसे हो सकता है और सुनिए विजय नायर का रुतबा कैसा था वो भी आपको दिखाता हूं विजय नायर का रुतबा ऐसा था कि वह दिल्ली में सीएम आवास के पीछे बने सीएम ऑफिस में काम करता था जबकि वह पार्टी का मीडिया कम्युनिकेशन हेड था दिल्ली सरकार का मीडिया कम्युनिकेशन हेड नहीं था आम आदमी पार्टी का कम्युनिकेशन हेड था उसका सीएम कैंप ऑफिस में बैठक काम करता था भाई खुद अपने बयान में बोला मैं वहां से काम करता था और देखिए केजरीवाल का घर देखिए और बगल में सीएम कैंप ऑफिस देखिए मतलब इतना पास है कि केजरीवाल जी शीश महल के बलक से चिलाए विजय तो विजय को सुनाई दे जाए इतना पास अब जो आदमी मुख्यमंत्री के बहुत करीबी नहीं है मुख्यमंत्री कह रहे कि मेरा इससे ज्यादा लेना देना नहीं था व सीएम कैंप ऑफिस में बैठकर क्यों काम कर रहा था बॉस यह सवाल नहीं उठेगा केजरीवाल के सीएम आवास और कैंप ऑफिस अगल बगल यानी केजरीवाल अपने बंगले से अगर जाए तो मुश्किल से मतलब चलते हुए पहुंच जाए ऐसा हाल है विजय नायर से अब केजरीवाल और उनकी पार्टी के नेता किनारा किनारा करने में जुटे लेकिन विजय नायर व व्यक्ति था जिसकी सीएम तक डायरेक्ट पहुंच वह ऐसे बंगले में रहता था जो बंगला कैबिनेट मंत्री को अलट हुआ था विजय नायर जिस बंगले में रहता था वो बंगला सीएम ऑफिस से करीब डेढ़ से दो किलोमीटर की दूरी पर ही था यानी चार पा मिनट में वो सीएम ऑफिस पहुंच जाता था और सबसे बड़ा सवाल कि वो पार्टी का कम्युनिकेशन हेड है और रह रहा है मंत्री के बगले में सोचिए कोई आदमी ऐसा है कोई और आम आदमी पार्टी में ऐसा आदमी है मुझे बताइए जो पार्टी का काम करता है लेकिन मंत्री को अलडा नहीं है जो आतिशी और सौरभ है जो उस जमाने में विधायक होते थे वह वहां से मुख्यमंत्री के दफ्तर से काम नहीं करते थे विजय नायर जिस कैबिनेट मंत्री के बंगले पर रहता था वो बंगला दिल्ली के मंत्री कैलाश गहलोत के नाम पर अलॉट था कैलाश गहलोत खुद वहां नहीं रहते थे उन्होंने बताया कि निजी कारण से वह सरकारी बंगले में शिफ्ट नहीं हुए थे दो दिन पहले ही ईडी ने कैलाश गहलोत से शराब घोटाले में पा घंटे पूछताछ भी की थी पूछताछ के बाद जब कैलाश गहलोत मीडिया के सामने आए तो उन्होंने कहा था कि उन्हें पता ही नहीं कि जो बंगला उन्हें आवंटित हुआ था उनमें कौन रहता था एक बार कैलाश गहलोत को सुनिए आरोप लगे लेकर पॉलिसी बनी जो ग्रुप ऑफ मिनिस्टर उसका आप हिस्सा थे और विजयर आपके आवाज पर रह रहा था देखिए मैंने यह बारबार य कहा है कि व आवाज बिल्कुल मेरे नाम पर अटेड है लेकिन मैं आज भी और पहले भी अपने ही जो मेरा प्राइवेट डें है मैं वहां पर रह रहा हूं मेरे जो बच्चे क्योंकि मेरा जो घर वसन में है वो डीपीएस के बिल्कुल सामने है और मेरी वाइफ ने और बच्चों ने व से करने लिए मना कर दिया था तो इसलिए ना मैं कभी पर देखिए शराब घोटाले से जुड़े वो मोबाइल मैसेज जो बड़ा राज खोल दे किसी जमाने में दूसरों को तिहाड़ जेल भेजने की बातें करने वाले केजरीवाल के लिए वक्त का पहिया ऐसा घूमा कि आज केजरीवाल खुद तिहाड़ जेल में पहुंच ग केजरीवाल ने जिस दिन के बारे में सोचा नहीं था वो दिन आज आ गया और जिनको केजरीवाल कहते थे कि तिहाड़ में भेजेंगे वो लोग रामलीला मैदान में अरविंद केजरीवाल तिहाड़ क्यों जा रहे हैं इस पर छाती पीट रहे थे पूरा व जो वक्त का पहिया होता है ना वो पलट गया घूम गया ईडी ने केजरीवाल की आज रिमांड नहीं मांगी और कोर्ट ने उन्हें 15 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया यानी जेल भेज दिया इसके बाद जेल वैन में केजरीवाल को भरकर तिहार जेल पहुंचा दिया गया लेकिन जेल जाते ही केजरीवाल ने आज एक और रिकॉर्ड बना दिया अब तक वह देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री थे जो रिमांड में होने के बावजूद मुख्यमंत्री पद पर बैठे हुए आज केजरीवाल ने नया रिकॉर्ड बना दिया व आए थे ना पॉलिटिक्स बदलने देखिए पॉलिटिक्स बदल दी आज वह देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन गए जो जेल के अंदर जाकर भी मुख्यमंत्री केजरीवाल अब उसी तिहार जेल में रहेंगे जहां उनके पुराने साथी मनीष सिसोदिया संजय सिंह और सत्येंद्र जैन बंद केजरीवाल को तिहाड़ की जेल नंबर दो में रखा गया है वह जेल नंबर दो में अकेले रहेंगे केजरीवाल के साथ ही संजय सिंह को कुछ दिन पहले ही जेल नंबर दो से जेल नंबर पाच में शिफ्ट किया गया है इसके अलावा पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया जेल नंबर वन में है और केजरीवाल के एक और मंत्री रहे सत्येंद्र जैन जेल नंबर सात में यानी अब आम आदमी पार्टी के सीनियर लीडर्स का नया ठिकाना तिहाड़ जेल बन गया और देश में शायद ही कोई ऐसी पार्टी होगी जो लच होने के इतने कम समय में इस तरह का प्रदर्शन करते हुए उसके तमाम बड़े नेता जेल के अंदर गए तिहार जेल में अब सीएम केजरीवाल के साथ क्याक होने वाला है यह आपको आगे बताऊंगा लेकिन पहले सुनिए कि तिहार जाने से पहले आज जब केजरीवाल जी कोर्ट में पेश हुए तो उन्होंने क्या कहा जी कुछ कहना चा देश के लिए अच्छा नहीं है अ जीबन लिए जु देश के लिए अच्छा नहीं है यानी उन्होंने प्रधानमंत्री पर डाल दिया कि प्रधानमंत्री जो कर रहे हैं वो देश के लिए ठीक नहीं जेल तो आपको कोर्ट ने भेजा गलत था तो कोर्ट कह देता कि नहीं जेल नहीं भेजेंगे इनको केजरीवाल जेल जाने पर सिंपी बटोरने में जुटे हैं लेकिन यह सिंपी उन्हें मिलेगी या नहीं यह तो वक्त बताएगा फिलहाल उन्हें तिहाड़ में क्या-क्या मिलने वाला है मैं बता देता हूं कोर्ट से केजरीवाल ने तिहाड़ में कई सारी चीजों की परमिशन मांगी कोर्ट ने तिहाड़ के अंदर केजरीवाल को क्या-क्या ले जाने की परमिशन दी है आपको पहले वह बता देता हूं केजरीवाल अपना गद्दा तिहार जेल में यूज कर पाएंगे केजरीवाल ने कहा उनको चादर भी अपना चाहिए तो चादर भी उनको अपना मिलेगा केजरीवाल ने दो तकिया मांगा तो कोर्ट ने कहा दो तकिया रख लीजिए इसके अलावा रजाई और कंबल यह भी केजरीवाल अपना इस्तेमाल कर सकेंगे यानी चादर तकिया गद्दा रजाई कंबल कुछ भी जेल का नहीं अपना इस्तेमाल करेंगे केजरीवाल जी केजरीवाल ने अपनी हेल्थ से जुड़ी हुई कई परमिशन भी कोर्ट से मांगी केजरीवाल की सेहत को देखते हुए कोर्ट ने कहा कि केजरीवाल हेल्थ मॉनिटरिंग डिवाइस अंदर ले जा सकते हैं क्योंकि केजरीवाल जी के परिवार का कहना है कि बहुत हाई शुगर रहता है बहुत बीमार है शुगर की वजह से तो कोर्ट ने कहा ठीक है हेल्थ मॉनिटरिंग डिवाइस ले जाइए इसके अलावा शुगर शुगर शुगर सेंसर चार्जर शुगर शुगर मशीन वाला वो ले जाइए और जो ग्लूकोमीटर होता है वो ले जाइए सेंसर रीडर ले जाइए इसके अलावा अगर ब्लड शुगर लेवल नीचे जाता है तो उसके लिए कई बार तुरंत टॉफी खानी पड़ती है ताकि शुगर लेवल ऊपर जाए तो कोर्ट ने कहा ठीक है आप जेल में रहिए लेकिन टॉफी रखिए ग्लूकोज रखिए डायबिटीज की दवाइयां रखिए यह सब आपको जेल अथॉरिटी दे देगा इसके अलावा कोर्ट ने इस बात की परमिशन दे दी है कि अरविंद केजरीवाल घर का बना खाना खा सकते हैं और इतना ही नहीं उ जेल का पानी जेल की पानी जेल का जो पानी है वह भी नहीं पीना पड़ेगा वो बोतल बंद पानी मंगवा सकते हैं यानी घर का खाना पहुंचेगा केजरीवाल वही खाएंगे जेल का खाना नहीं खाएंगे तो जो एक कहावत थी कि जेल की रोटी खानी पड़ेगी जेल का पानी पीना पड़ेगा व जेल में रहकर भी केजरीवाल जी पर लागू नहीं होगी क्योंकि वह घर का खाना खाते रहेंगे घर का पानी पीते रहेंगे या बोतल बंद बिसलेरी वगैरह जो होता है मिनरल वाटर वो पीते रहे इसके अलावा केजरीवाल ने जेल में पढ़ने के लिए तीन किताबें मांगी केजरीवाल जी ने कहा कि मुझे रामायण दीजिए सर मैं रामायण पढ़ना चाहता हूं उन्होंने कहा मैं भगवत गीता पढ़ना चाहता हूं और तीसरी किताब उन्होंने मांगी कि हाउ प्राइम मिनिस्टर्स डिसाइड यह तीन किताबें मैं पढ़ना चाहता हूं अब तीनों बुक्स की परमिशन कोर्ट ने दे दी कि ठीक है ले जाइए पढ़िए हालांकि तीनों किताबों की परमिशन यह भी दिखाती है कि शायद केजरीवाल जी को अंदर ही अंदर यह पता चल गया है कि वो लंबा अंदर गए नहीं तो तीन किताब क्यों मांगते पा दिन 10 दिन में 15 दिन में निकलने वाला 15 दिन में पढ़ लेंगे पूरा रामायण और गीता और तीसरी किताब भी अच्छा तीसरी किताब का नाम भी बड़ा इंटरेस्टिंग है हाउ प्राइम मिनिस्टर्स डिसाइड यह किताब वो पढ़ना चाहते हैं अब या तो इस किताब से वो यह समझना चाह रहे हैं कि प्रधानमंत्री कैसे सोचते हैं यह पता चले तो समझ में आए कि मोदी जी अब अगला क्या सोचने वाले हैं करने वाले हैं और नहीं तो शायद यह मैसेज देना चाह रहे हैं कि मैं तो अब यहां से निकलूंगा तो प्रधानमंत्री ही बनूंगा खैर बॉस उनके मन में क्या चल रहा है ये तो वही जाने लेकिन सियासत में ऐसी मैसेज कई बार की जाती है जो अरविंद केजरीवाल भी कर रहे हैं अरविंद केजरीवाल का तिहार जेल में क्या शेड्यूल होने वाला है वह भी आपको बता देता हूं दरअसल तिहार जेल में अरविंद केजरीवाल को भी वही शेड्यूल फॉलो करना होगा जो बाकी कैदियों का होता है आप मुख्यमंत्री हैं उससे फर्क नहीं पड़ता बॉस आप वहां कैदी है तो जो बाकी करेंगे वह आपको करना पड़ेगा तिहाड़ के शेड्यूल के मुताबिक अरविंद केजरीवाल को बाकी कैदियों के साथ सुबह सुबह 6:30 बजे उठना पड़ेगा कैदियों को नाश्ते में चाय और ब्रेड दी जाती है हालांकि चूंकि केजरीवाल को परमिशन है कि व घ घर खाना घर से मंगा सकते हैं तो उनका नाश्ता भी शायद घर से आएगा फिर दोपहर का खाना सुबह 10:30 से 11 के बीच में मिल जाता है उसमें आम कैदियों को दाल मिलती है सब्जी मिलती है रोटी या चावल मिलता है लेकिन केजरीवाल जी का खाना घर से आएगा तो वह घर का खाना खाएंगे इसके बाद शाम में
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5:30 बजे डिनर दे दिया जाता है तो केजरीवाल जी का डिनर भी घर से आ जाएगा 5:30 बजे और 7 बजे सभी कैदियों को अपने बैरक में वापस जाने के लिए कह दिया जाता है सब वापस चले जाते हैं ऐसा नहीं कि जेल जाने से अरविंद केजरीवाल का पीछा ईडी से छूट गया आज कोर्ट में ईडी ने बताया कि अरविंद केजरीवाल ने जांच में सहयोग नहीं किया तो जो लोग कहते थे कि हम एक एक चीज में सहयोग करेंगे ईडी कोर्ट में खड़े होकर कह रही कि सहयोगी नहीं कर रहे सवालों के गोलमोल जवाब देकर जांच को भटकाने की कोशिश कर र अपने का पासवर्ड तक नहीं दे रहे इसलिए ईडी ने कोर्ट में कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वह फिर से केजरीवाल को हिरासत में ले सकते हैं ऐसी भी खबरें है कि अरविंद केजरीवाल के आईफो का डाटा एक्सेस करने के लिए ईडी ने मोबाइल कंपनी एल से भी सहयोग मांगा यानी ईडी से अरविंद केजरीवाल का पीछा अभी नहीं छूटने वाला बॉस ईडी को जब जरूरत पड़ेगी पूछताछ के लिए केजरीवाल को फिर रिमांड में ले सकती है अरविंद केजरीवाल तिहाड़ में तो चले गए लेकिन यह चर्चा बहुत चल रही है कि क्या जेल जाते-जाते वो अपने दो मंत्रियों आतिशी और सौरभ भारद्वाज को फसा के तो नहीं चले गए ऐसा लोग पूछ रहे हैं इस बात की चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि केजरीवाल ने शराब घोटाले के एक बड़े आरोपी विजय नायर के आतिशी और सौरव भारद्वाज से कनेक्शन को जोड़ दिया और अपना पल्ला झाड़ लिया ऐसा लगा ईडी के मुताबिक केजरीवाल से पूछताछ में जब यह सवाल किया गया कि किस हद तक केजरीवाल जी आप किस हद तक विजय नायर से संपर्क में थे और किस हद से हद तक वो केजरीवाल को रिपोर्ट करता था तो ईडी कह रही है कोर्ट को कि केजरीवाल ने कहा कि विजय नायर उनको तो रिपोर्ट ही नहीं करता था वह तो आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता था अरविंद केजरीवाल ने यह भी दावा किया कि विजय नायर से उनका इंटरेक्शन या बातचीत बहुत सीमित थी मतलब ज्यादा उससे टच में नहीं था मैं आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट करता था ले अब इसी बात को लेकर सवाल उठने लगे कि क्या केजरीवाल ने यह बात कहकर अपने दो मंत्रियों और सौरभ भारद्वाज को फसा दिया क्या क्योंकि जिस विजय नायर से केजरीवाल ने किनारा कर लिया कि मैं तो ज्यादा मिलता नहीं था मैं ज्यादा उससे मेरा कोई इंटरेक्शन नहीं था और अपने दो मंत्रियों आतिशी और सौरभ भारद्वाज का पूरा पूरा ऐसा लग रहा कि कनेक्शन जोड़ दिया जैसे विजय नायर सिर्फ उन्हीं के संपर्क में था वह विजय नायर कोई मामूली आदमी नहीं है शराब घोटाले के आरोपों के मामले में विजय नायर आम आदमी पार्टी का मीडिया एंड कम्युनिकेशन हेड आम आदमी पार्टी का केजरीवाल सरकार का नहीं आम आदमी पार्टी का मीडिया एंड कम्युनिकेशन हेड था विजय नायर शराब घोटाले के सबसे अहम किरदारों में से एक है ईडी के मुताबिक विजय नायर शराब घोटाले में केजरीवाल और साउथ लॉबी के बीच मिडल मैन था बिचौलिया ईडी का आरोप है कि केजरीवाल ने विजय नायर के जरिए ही शराब घोटाले की रिश्वत ली अब ऐसा आदमी जिसके बारे में कहा जा रहा है कि वह केजरीवाल और उनकी सरकार और साउथ लॉबी के बीच में पूरा काम कर रहा था जिसके कंधे पर है कि उसने पूरा पैसा वैसा लिया यह आरोप ईडी लगाती है उसके लिए केजरीवाल ने कह दिया कि मैं ज्यादा नहीं जानता था वो सौरभ और आतिशी को रिपोर्ट करता था तो लोग पूछने लगे कि तो अगला नंबर आशिया सौरभ भारद्वाज का है क्या गिरफ्तार होने का केजरीवाल ने विजय नायर को लेकर जो बातें कही है और उसका आतिशी और सौरभ से जो कनेक्शन जोड़ा जा रहा है उस पर आम आदमी पार्टी का दावा है कि जब विजय नायर को हिरासत में लिया गया था तब उसने भी कहा था कि वो सीएम केजरीवाल को रिपोर्ट नहीं करता इसलिए आज इस बात को उठाने का क्या मतलब है कि केजरीवाल ने विजय नायर से किनारा कर लिया विजय नायर ने जांच में बताया था कि वह आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता है आम आदमी पार्टी का आरोप है यह बयान इसलिए आया क्योंकि ईडी आतिशी और सौरभ भारद्वाज को फसाना चाहती आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि बीजेपी को लग गया है कि सिर्फ केजरीवाल को जेल भेजने से काम नहीं होगा दूसरे नेताओं को भी जेल भेजना होगा एक बार सुनिए आम आदमी पार्टी ने इस पर क्या कहा है फिर आपको बताऊंगा कि कैसे विजय नायर को लेकर केजरीवाल के बयान ने आम आदमी पार्टी को ही फसा दिया जब विजय नायर जी को हिरासत में लिया गया था तब उन्होंने यह बात कही थी डेढ़ साल पहले उन्होने यही बात करी थी कि मैं मुख्यमंत्री को रिपोर्ट नहीं करता मैं जो भी अपना काम करता हूं उसमें मेरा रिपोर्टिंग अति और सौरभ से अब आज आप डेढ़ साल बाद जब आपको कुछ नहीं मिला तो ईडी ने सवाल पैदा होता कि आज डेढ़ साल बाद जो बयान लिखित में ईडी के पास खुद है वो डेढ़ साल बाद क् उठा रहा है और अब मैं यह दावे इन दोनों हमारे वरिष्ठ नेताओं का नाम जो दिल्ली में भी मंत्री है आतिशी और सौरभ भारद्वाज उनका नाम इसीलिए गया है क्योंकि अब भाजपा को समझ में आ गया कि अरे भाई एक अरविंद केजरीवाल को जेल में डालने से यह पार्टी बंद नहीं होगी अब एक काम करो दो तीन और नेताओं की तैयारी करना शुरू करो तभी इनका नाम आज आया है ये नाम तो पहले सेही इनके बयानों में दर्ज था भाई इनका नाम पहले से बयानों में दर्ज था लेकिन अगर केजरीवाल भी वही बात कह रहे हैं तो ईडी कोर्ट में क्या कहे ना बताए कि केजरीवाल कह रहे हैं कि विजय नायर आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता था और वो रिपोर्ट किसी भी को किसी को भी करे जो आदमी इस पूरे मामले में मुख्य सूत्रधार बताया जा रहा है बिचौलिया बताया जा रहा है उसके लिए केजरीवाल ने यह कह दिया कि मेरा इससे ज्यादा कनेक्शन नहीं था यह बात बड़ी इंपॉर्टेंट है आज पूरी आम आदमी पार्टी इस बात पर जोर लगा रही है कि केजरीवाल ने विजय नायर पर जो बात कही वह सही है और केजरीवाल का विजय नायर से कोई ज्यादा लेना देना नहीं था लेकिन आपको कुछ तस्वीरें दिखाता हूं यह तस्वीर फिर देखिए इसमें केजरीवाल और विजय नायर दोनों साथ में दिख रहे हैं एक व्यक्ति केजरीवाल और विजय नायर दोनों के कंधे पर हाथ रख के खड़ा है अब सोचिए अगर एक व्यक्ति केजरीवाल और विजय नायर दोनों के कंधे पर हाथ डालकर खड़ा है तो इसका मतलब तो यही लगता है कि केजरीवाल और विजय नायर दोनों का कद इस आदमी के लिए एक जैसा होगा भाई जो आदमी इतना पावरफुल है कि वह केजरीवाल के कंधे पर हाथ रख दे रहा है वो बगल में विजय नायर के कंधे पर हाथ रख के फोटो खिंचा रहा है तो विजय नायर का कद भी तो कुछ होगा इससे विजय नायर की साफसाफ अहमियत दिख रही है यानी विजय नायर कोई ऐसा व्यक्ति नहीं था जिसे केजरीवाल जानते पहचानते ना हो आते जाते मिल लि वाला हिसाब फिर केजरीवाल की नजरों में विजय नायर की कोई अहमियत ना हो यह कैसे हो सकता है और सुनिए विजय नायर का रुतबा कैसा था वह भी आपको दिखाता हूं विजय नायर का रुतबा ऐसा था कि वह दिल्ली में सीएम आवास के पीछे बने सीएम ऑफिस में काम जबकि वह पार्टी का मीडिया कम्युनिकेशन हेड था दिल्ली सरकार का मीडिया कम्युनिकेशन हेड नहीं था आम आदमी पार्टी का कम्युनिकेशन हेड था उसका सीएम कैंप ऑफिस में बैठ के काम करता था भाई खुद अपने बयान में बोला है कि मैं वहां से काम करता था और देखिए केजरीवाल का घर देखिए और बगल में सीएम कैंप ऑफिस देखिए मतलब इतना पास है कि केजरीवाल जी शीज महल के बेलनी से चिल्लाए विजय तो विजय को सुनाई दे जाए इतना पास अब जो आदमी मुख्यमंत्री के बहुत करीबी नहीं है मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि मेरा इससे ज्यादा लेना देना नहीं था वो सीएम कैंप ऑफिस में बैठ के क्यों काम कर रहा था बॉस यह सवाल नहीं उठेगा केजरीवाल के सीएम आवास और कैंप ऑफिस दोनों अगल बगल यानी केजरीवाल अपने बंगले से अगर जाए तो मुश्किल से मतलब चलते हुए पहुंच जाए ऐसा हाल है विजय नायर से अब केजरीवाल और उनकी पार्टी के नेता किनारा किनारा करने में जुटे लेकिन विजय नायर वो व्यक्ति था जिसकी सीएम तक डायरेक्ट पहुंचती वह ऐसे बंगले में रहता था जो बंगला कैबिनेट मंत्री को अलट हुआ था विजय नायर जिस बंगले में रहता था वह बंगला सीएम ऑफिस से करीब डेढ़ से दो किलोमीटर की दूरी पर ही था यानी चार पाच मिनट में वह सीएम ऑफिस पहुंच जाता था और सबसे बड़ा सवाल कि वह पार्टी का कम्युनिकेशन हेड है और रह रहा है मंत्री के बंगले में सोचिए कोई आदमी ऐसा है कोई और आम आदमी पार्टी में ऐसा आदमी है मुझे बताइए जो पार्टी का काम करता है लेकिन मंत्री को अलडा है और उसका कोई रुतबा नहीं है जो आतिशी और सौरभ है जो उस जमाने में विधायक होते थे वह वहां से मुख्यमंत्री के दफ्तर से काम नहीं करते थे विजय नायर जिस कैबिनेट मंत्री के बंगले पर रहता था वह बंगला दिल्ली के मंत्री कैलाश गहलोत के नाम पर अलट था कैलाश गहलोत खुद वहां नहीं रहते थे उन्होंने बताया कि निजी कारण से वो सरकारी बंगले में शिफ्ट नहीं हुए थे दो दिन पहले ही ईडी ने कैलाश गहलोत से शराब घोटाले में पाच घंटे पूछताछ भी की थी पूछताछ के बाद जब कैलाश गहलोत मीडिया के सामने आए तो उन्होंने कहा था कि उन्हें पता ही नहीं कि जो बंगला उन्हें आवंटित हुआ था उनमें कौन रहता था एक बार कैलाश गहलोत को सुनिए आरोप लगे कि जो लेकर पॉलिसी बनी जो ग्रुप ऑफ मिनिस्टर उसका आप हिस्सा थे और विजय नार आपके आवाज पर रह रहा था उसको ले देखिए मैंने ये बार-बार ये कहा है कि वो आवास बिल्कुल मेरे नाम प लोटेड है लेकिन मैं आज भी और पहले भी अपने ही जो मेरा प्राइवेट रेडेंस है वस मैं वहां पर रह रहा हूं मेरे जो बच्चे हैं वो क्योंकि मेरा जो घर वनज में है वो डीपीएस के बिल्कुल सामने है और मेरी वाइफ ने और बच्चों ने वहां से शिफ्ट करने के लिए मना कर दिया था तो इसलिए ना मैं कभी जो सिविल लाइ में जो बंगलो है मेरे नाम प लड है ना मैंने कभी वहां शिफ्ट किया और ना मैं कभी रहा वहां पर और विजय नायर वहां रह रहे थे यह भी मैंने स्टेटमेंट दिया बीई में जब बुलाया था तब भी यही स्टेटमेंट था और आज भी मेरा यही स्टेटमेंट था कि विजय नायर वहां रह रहे हैं या नहीं रह रहे इसके बारे में मुझे कोई सूचना नहीं हालांकि आप खुद सोचिए कि विजय नायर कैलाश गहलोत को मिले बंगले में रहता था कैलाश गहलोत को बंगला नहीं चाहिए था मंत्री का बंगला कोई छोटा मोटा बंगला नहीं होता मंत्री का बंगला नहीं चाहिए था तो किसी भी विजय नायर को मिल जाएगा जो पार्टी में कम्युनिकेशन हेड है सोचिए कि उस आदमी की क्या इंपॉर्टेंस रही होगी केजरीवाल जी के घर के डेढ़ किलोमीटर के दायरे में रह रहा है और सीएम कैंप ऑफिस से काम कर रहा है और आज केजरीवाल जी क पर देखिए शराब घोटाले से जुड़े वो मोबाइल मैसेज जो बड़ा राज खोल द किसी जमाने में दूसरों को तिहार जेल भेजने की बातें करने वाले केजरीवाल के लिए वक्त का पहिया ऐसा घूमा कि आज केजरीवाल खुद तिहाड़ जेल में पहुंच गए केजरीवाल ने जिस दिन के बारे में सोचा नहीं था वो दिन आज आ गया और जिनको केजरीवाल कहते थे कि तिहाड़ में भेजेंगे वो लोग राम लीला मैदान में अरविंद केजरीवाल तिहाड़ क्यों जा रहे हैं इस पर छाती पीट रहे थे पूरा वत जो वक्त का पहिया होता है ना वो पलट गया घूम गया ईडी ने केजरीवाल की आज रिमांड नहीं मांगी और कोर्ट ने उन्हें 15 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया यानी जेल भेज दिया इसके बाद जेल वैन में केजरीवाल को भरकर तिहार जेल पहुंचा दिया गया लेकिन जेल जाते ही केजरीवाल ने आज एक और रिकॉर्ड बना दिया अब तक वह देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री थे जो रिमांड में होने के बावजूद मुख्यमंत्री पद पर बैठे हुए आज केजरीवाल ने नया रिकॉर्ड बना दिया व आए थे ना पॉलिटिक्स बदलने देखिए पॉलिटिक्स बदल दी आज वह देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन गए जो जेल के अंदर जाकर भी मुख्यमंत्री हैं केजरीवाल अब उसी तिहार जेल में रहेंगे जहां उनके पुराने ने साथी मनीष सिसोदिया संजय सिंह और सत्येंद्र जैन ब केजरीवाल को तिहाड़ की जेल नंबर दो में रखा गया है वह जेल नंबर दो में अकेले रहेंगे केजरीवाल के साथी संजय सिंह को कुछ दिन पहले ही जेल नंबर दो से जेल नंबर पाच में शिफ्ट किया गया है इसके अलावा पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया जेल नंबर वन में है और केजरीवाल के एक और मंत्री रहे सतेंद्र जैन जेल नंबर सात में यानी अब आम आदमी पार्टी के सीनियर लीडर्स का नया ठिकाना तिहार जेल बन गया और देश में शायद ही कोई ऐसी पार्टी होगी जो लच होने के इतने कम समय में इस तरह का प्रदर्शन करते हुए उसके तमाम बड़े नेता जेल के अंदर गए तिहार जेल में अब सीएम केजरीवाल के साथ क्या-क्या होने वाला है यह आपको आगे बताऊंगा लेकिन पहले सुनिए कि तिहार जाने से पहले आज जब केजरीवाल जी कोर्ट में पेश हुए तो उन्होंने क्या कहा अ जी कुछ कहना चाहेंगे जी यानी उन्होंने प्रधानमंत्री पर डाल दिया कि प्रधानमंत्री जो कर रहे हैं वो देश के लिए ठीक नहीं जेल तो आपको कोर्ट ने भेजा गलत था तो कोर्ट कह देता कि नहीं जेल नहीं भेजेंगे इनको केजरीवाल जेल जाने पर सिंपी बटोरने में जुटे लेकिन यह सिंपी उन्हें मिलेगी या नहीं यह तो वक्त बताएगा फिलहाल उन्हे तिहाड़ में क्याक मिलने वाला है मैं बता देता हूं कोर्ट से केजरीवाल ने तिहाड़ में कई सारी चीजों की परमिशन मांगी कोर्ट ने तिहाड़ के अंदर केजरीवाल को क्या-क्या ले जाने की परमिशन दी है आपको पहले वह बता देता हूं केजरीवाल अपना गद्दा तिहार जेल में यूज कर पाएंगे केजरीवाल ने कहा उनको चादर भी अपना चाहिए तो चादर भी उनको अपना मिलेगा केजरीवाल ने दो तकिया मांगा तो कोर्ट ने कहा दो तकिया रख लीजिए इसके अलावा रजाई और कंबल यह भी केजरीवाल अपना इस्तेमाल कर सकेंगे यानी चादर तकिया रजाई कंबल कुछ भी जेल का नहीं अपना इस्तेमाल करेंगे केजरीवाल जी केजरीवाल ने अपनी हेल्थ से जुड़ी हुई कई परमिशन भी कोर्ट से मांगी केजरीवाल की सेहत को देखते हुए कोर्ट ने कहा कि केजरीवाल हेल्थ मॉनिटरिंग डिवाइस अंदर ले जा सकते हैं क्योंकि केजरीवाल जी के परिवार का कहना है कि बहुत हाई शुगर रहता है इनको बहुत बीमार है शुगर की वजह से तो कोर्ट ने कहा कि ठीक है हेल्थ मॉनिटरिंग डिवाइस ले जाइए इसके अलावा शुगर स शुगर शुगर सेंसर चार्जर शुगर शुगर मशीन वाला व ले जाइए और जो ग्लूकोमीटर होता है वह ले जाइए सेंसर रीडर ले जाइए इसके अलावा अगर ब्लड शुगर लेवल नीचे जाता है तो उसके लिए कई बार तुरंत टॉफी खानी पड़ती है ताकि शुगर लेवल ऊपर जाए तो कोर्ट ने कहा ठीक है आप जेल में रहिए लेकिन टॉफी रखिए ग्लूकोज रखिए डायबिटीज की दवाइयां रखिए यह सब आपको जेल अथॉरिटी दे देगा इसके अलावा कोर्ट ने इस बात की परमिशन दे दी है कि अविंद्र केजरीवाल घर का बना खाना खा सकते हैं और इतना ही नहीं उन्हें जेल का पानी जेल की पानी जेल का जो पानी है वो भी नहीं पीना पड़ेगा वोह बोतल बंद पानी मंगवा सकते यानी घर का खाना पहुंचेगा केजरीवाल वही खाएंगे जेल का खाना नहीं खाई तो जो एक कहावत थी कि जेल की रोटी खानी पड़ेगी जेल का पानी पीना पड़ेगा व जेल में रहकर भी केजरीवाल जी पर लागू नहीं होगी क्योंकि वो घर का खाना खाते रहेंगे घर का पानी पीते रहेंगे या बोतल बंद बिसलेरी वगैरह होता है मिनरल वाटर वो पीते रहे इसके अलावा केजरीवाल ने जेल में पढ़ने के लिए तीन किताबें मांगी केजरीवाल जी ने कहा कि मुझे रामायण दीजिए सर मैं रामायण पढ़ना चाहता हूं उन्होंने कहा मैं भगवत गीता पढ़ना चाहता हूं और तीसरी किताब उन्होंने मांगी कि हाउ प्राइम मिनिस्टर्स डिसाइड यह तीन किताबें मैं पढ़ना चाहता हूं अब तीनों बुक्स की परमिशन कोर्ट ने दे दी कि ठीक है ले जाइए पढ़िए हालांकि तीनों किताबों की परमिशन यह भी दिखाती है कि शायद केजरीवाल जी को अंदर ही अंदर ये पता चल गया है कि वो लंबा अंदर गए हैं नहीं तो तीन किताब क्यों मांगते हैं अगर 5 दिन 10 दिन में 15 दिन में निकलने वाले 15 दिन में पढ़ लेंगे पूरा रामायण और गीता और तीसरी किताब भी अच्छा तीसरी किताब का नाम भी बड़ा इंटरेस्टिंग है हाउ प्राइम मिनिस्टर्स डिसाइड ये किताब वो पढ़ना चाहते हैं अब या तो इस किताब से वो यह समझना चाह रहे हैं कि प्रधानमंत्री कैसे सोचते हैं यह पता चले तो समझ में आए कि मोदी जी अब अगला क्या सोचने वाले हैं करने वाले हैं और नहीं तो शायद यह मैसेज देना चाह रहे हैं कि मैं तो अब यहां से निकलूंगा तो प्रधानमंत्री ही बनूंगा खैर बस उनके मन में क्या चल रहा है य तो वही जाने लेकिन सियासत में ऐसी मैसेजिंग कई बार की जाती है जो अरविंद केजरीवाल भी कर रहे अरविंद केजरीवाल का तिहार जेल में क्या शेड्यूल होने वाला है वह भी आपको बता देता हूं दरअसल तिहार जेल में अरविंद केजरीवाल को भी वही शेड्यूल फॉलो करना होगा जो बाकी कैदियों का होता है आप मुख्यमंत्री हैं उससे फर्क नहीं पड़ता बॉस आप वहां कैदी है तो जो बाकी करेंगे वो आपको करना पड़ेगा तिहाड़ के शेड्यूल के मुताबिक अरविंद केजरीवाल को बाकी कैदियों के साथ सुबह-सुबह 6:30 बजे उठना पड़ेगा कैदियों को नाश्ते में चाय और ब्रेड दी जाती है हालांकि चूंकि केजरीवाल को परमिशन है कि वह ना घर खाना घर से मंगा सकते हैं तो उनका नाश्ता भी शायद घर से आएगा फिर दोपहर का खाना सुबह 10:30 से 11 के बीच में मिल जाता है उसमें आम कैदियों को दाल मिलती है सब्जी मिलती है रोटी या चावल मिलता है लेकिन केजरीवाल जी का खाना घर से आएगा तो वह घर का खाना खाएंगे इसके बाद शाम में 5:30 बजे डिनर दे दिया जाता है तो केजरीवाल जी का डिनर भी घर से आ जाएगा 5:30 बजे और 7 बजे सभी कैदियों को अपने बैरक में वापस जाने के लिए कह दिया जाता है सब वापस चले जाते हैं ऐसा नहीं कि जेल जाने से अरविंद केजरीवाल का पीछा ईडी से छूट गया आज कोर्ट में ईडी ने बताया कि अरविंद केजरीवाल ने जांच में सहयोग नहीं किया तो जो लोग कहते थे कि हम एक एक चीज में सहयोग करेंगे ईडी कोर्ट में खड़े होकर कह रही कि सहयोग ही नहीं कर रहे सवालों के गोलमोल जवाब देकर जांच को भटकाने की कोशिश कर रहे अपने फोन का पासवर्ड तक नहीं दे रहे इसलिए ईडी ने कोर्ट में कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वह फिर से केजरीवाल को हिरासत में ले सकते हैं ऐसी भी खबरें हैं कि अरविंद केजरीवाल के आईफो का डाटा एक्सेस करने के लिए ईडी ने मोबाइल कंपनी एल से भी सहयोग मांगा यानी ईडी से अरविंद केजरीवाल का पीछा भी नहीं छूटने वाला बॉस ईडी को जब जरूरत पड़ेगी पूछताछ के लिए केजरीवाल को फिर रिमांड ले सकती अरविंद केजरीवाल तिहाड़ में तो चले गए लेकिन यह चर्चा बहुत चल रही है कि क्या जेल जाते जाते वह अपने दो मंत्रियों आतिशी और सौरभ भारद्वाज को फसा के तो नहीं चले गए ऐसा लोग पूछ रहे हैं इस बात की चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि केजरीवाल ने शराब घोटाले के एक बड़े आरोपी विजय नायर के आतिशी और सौरभ भारद्वाज से कनेक्शन को जोड़ दिया और अपना पल्ला झाड़ लिया ऐसा लगा ईडी के मुताबिक केजरीवाल से पूछताछ में जब यह सवाल किया गया कि किस हद तक केजरीवाल जी आप किस हद तक विजय नायर से संपर्क में थे और किस हद से हद तक वह केजरीवाल को रिपोर्ट करता था तो ईडी कह रही है कोर्ट को कि केजरीवाल ने कहा कि विजय नायर उनको तो रिपोर्ट ही नहीं करता था वह तो आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता था अरविंद केजरीवाल ने यह भी दावा किया कि विजय नायर से उनका इंटरेक्शन या बातचीत बहुत सीमित थी म ज्यादा उससे टच में नहीं था मैं आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट करता था ले अ इसी बात को लेकर सवाल उठने लगे कि क्या केजरीवाल ने यह बात कहकर अपने दो मंत्रियों आतिशी और सौरभ भारद्वाज को फंसा दिया क्या क्योंकि जिस विजय नायर से केजरीवाल ने किनारा कर लिया कि मैं तो ज्यादा मिलता उलता नहीं था मैं ज्यादा उससे मेरा कोई इंटरेक्शन नहीं था और अपने दो मंत्रियों आतिशी और सौरभ भारद्वाज का पूरा पूरा ऐसा लग रहा है कि कनेक्शन जोड़ दिया जैसे विजय नायर सिर्फ उन्हीं के संपर्क में था वो विजय नायर कोई मामूली आदमी नहीं है शराब घोटाले के आरोपों के मामले में विजय नायर आम आदमी पार्टी का मीडिया एंड कम्युनिकेशन हेड आम आदमी पार्टी का केजरीवाल सरकार का नहीं आम आदमी पार्टी का मीडिया एंड कम्युनिकेशन हेड था विजय नायर शराब घोटाले के सबसे अहम किरदारों में से एक है ईडी के मुताबिक विजय नायर शराब घोटाले में केजरीवाल और साउथ लॉबी के बीच मिडल मैन था बिचौलिया ईडी का आरोप है कि केजरीवाल ने विजय नायर के जरिए ही शराब घोटाले की रिश्वत ली अब ऐसा आदमी जिसके बारे में कहा जा रहा है कि वो केजरीवाल और अ उनकी सरकार और साउथ लॉबी के बीच में पूरा काम कर रहा था जिसके कंधे पर है कि उसने पूरा पैसा वैसा लिया ये आरोप ईडी लगाती है उसके लिए केजरीवाल ने कह दिया कि मैं ज्यादा नहीं जानता था वो सौरभ और आतिशी को रिपोर्ट करता था तो लोग पूछने लगे कि लब तो अगला नंबर आतिशी या सौरभ भारद्वाज का है क्या गिरफ्तार होने का केजरीवाल ने विजय नायर को लेकर जो बातें कही हैं और उसका आतिशी और सौरभ से जो कनेक्शन जोड़ा जा रहा है उस पर आम आदमी पार्टी का दावा है कि जब विजय नायर को हिरासत में लिया गया था तब उसने भी कहा था कि वो सीएम केजरीवाल को रिपोर्ट नहीं करता इसलिए आज इस बात को उठाने का क्या मतलब है कि केजरीवाल ने विजय नायर से किनारा कर लिया विजय नायर ने जांच में बताया था कि वह आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता है आम आदमी पार्टी का आरोप है कि यह बयान इसलिए आया क्योंकि ईडी आतिशी और सौरभ भारद्वाज को फंसाना चाहती आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि बीजेपी को लग गया है कि सिर्फ केजरीवाल को जेल भेजने से काम नहीं होगा दूसरे नेताओं को भी जेल भेजना होगा एक बार सुनिए आम आदमी पार्टी ने इस पर क्या कहा है फिर आपको बताऊंगा कि कैसे विजय नायर को लेकर केजरीवाल के बयान ने आम आदमी पार्टी को ही फसा दिया जब विजय नायर जी को हिरासत में लिया गया था तब उन्होंने यह बात कही थी डेढ़ साल पहले उन्होने यही बात करी थी कि मैं मुख्यमंत्री को रिपोर्ट नहीं करता मैं जो भी अपना काम करता हूं उसमें मेरा रिपोर्टिंग अष और सौरभ से अब आज आप डेढ़ साल बाद जब आपको कुछ नहीं मिला तो ईडी ने सवाल पैदा होता है कि आज डेढ़ साल बाद जो बयान लिखित में ईडी के पास खुद है वो डेढ़ साल बाद क्यों उठा रहा है और अब मैं यह दावे के साथ कहता हूं इन दोनों हमारे वरिष्ठ नेताओं का नाम जो दिल्ली में भी मंत्री हैं आतिशी और सौरभ भारद्वाज उनका नाम इसीलिए गया है क्योंकि अब भाजपा को समझ में आ गया कि अरे भाई एक अरविंद केजरीवाल को जेल में डालने से यह पार्टी बंद नहीं होगी अब एक काम करो दो तीन और नेताओं की तैयारी करना शुरू करो तभी इनका नाम आज आया है यह नाम तो पहले से ही इनके बयानों में दर्ज था भाई इनका नाम पहले से बयानों में दर्ज था लेकिन अगर केज केजरीवाल भी वही बात कह रहे हैं तो ईडी कोर्ट में क्या कहे ना बताए कि केजरीवाल कह रहे हैं कि विजय नायर तो आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता था और वो रिपोर्ट किसी भी को को किसी को भी करें जो आदमी इस पूरे मामले में मुख्य सूत्रधार बताया जा रहा है बिचौलिया बताया जा रहा है उसके लिए केजरीवाल ने यह कह दिया कि मेरा इससे ज्यादा कनेक्शन नहीं था यह बात बड़ी इंपॉर्टेंट है आज पूरी आम आदमी पार्टी इस बात पर जोर लगा रही है कि केजरीवाल ने विजय नायर पर जो बात कही वो सही है और केजरीवाल का विजय नायर से कोई ज्यादा लेना देना नहीं था लेकिन आपको कुछ तस्वीरें दिखाता हूं यह तस्वीर देखिए इसमें केजरीवाल और विजय नायर दोनों साथ में दिख रहे हैं एक व्यक्ति केजरीवाल और विजय नायर दोनों के कंधे पर हाथ रख के खड़ा है अब सोचिए अगर एक व्यक्ति केजरीवाल और विजय नायर दोनों के कंधे पर हाथ डालकर खड़ा है तो इसका मतलब तो यही लगता है कि केजरीवाल और विजय नायर दोनों का कद इस आदमी के लिए एक जैसा होगा भाई जो आदमी इतना पावरफुल है कि वो केजरीवाल के हाथ रख दे रहा है वह बगल में विजय नायर के कंधे पर हाथ रख के फोटो खिंचा रहा है तो विजय नायर का कद भी तो कुछ होगा इससे विजय नायर की साफ साफ अहमियत दिख रही है यानी विजय नायर कोई ऐसा व्यक्ति नहीं था जिसे केजरीवाल जानते पहचानते ना हो आते जाते मिलियो वाला हिसाब फिर केजरीवाल की नजर में विजय नायर की कोई अहमियत ना हो यह कैसे हो सकता है और सुनिए विजय नायर का रुतबा कैसा था वो भी आपको दिखाता हूं विजय नायर का रुतबा ऐसा था कि वो दिल्ली में सीएम आवास के पीछे बने सीएम ऑफिस में काम करता था जबकि वो पार्टी का मीडिया कम्युनिकेशन हेड था दिल्ली सरकार का मीडिया कम्युनिकेशन हेड नहीं था आम आदमी पार्टी का कम्युनिकेशन हेड था उसका सीएम कैंप ऑफिस में बैठ के काम करता था भाई खुद अपने बयान में बोला है कि मैं वहां से काम करता था और देखिए केजरीवाल का घर देखिए और बगल में सीएम कैंप ऑफिस देखिए मतलब इतना पास है कि केजरीवाल जी शीज महल के बालकनी से चिलाए विजय तो विजय को सुनाई दे जाए इतना पास अब जो आदमी मुख्यमंत्री के बहुत करीबी नहीं है मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि मेरा इससे ज्यादा लेना देना नहीं था वो सीएम कैंप ऑफिस में बैठ के क्यों काम कर रहा था बॉस यह सवाल नहीं उठेगा केजरीवाल के सीएम आवास और कैंप ऑफिस दोनों अगल बगल यानी केजरीवाल अपने बंगले से अगर जाए तो मुश्किल से मतलब चलते हुए पहुंच जाए ऐसा हाल है विजय नायर से अब केजरीवाल और उनकी पार्टी के नेता किनारा किनारा करने में जुटे लेकिन विजय नायर वो व्यक्ति था जिसकी सीएम तक डायरेक्ट पहुंच वो ऐसे बंगले में रहता था जो बंगला कैबिनेट मंत्री को अलट हुआ था विजय नायर जिस बंगले में रहता था वह बंगला सीएम ऑफिस से करीब डेढ़ से दो किलोमीटर की दूरी पर ही था यानी चार पाच मिनट में व सीएम ऑफिस पहुंच जाता था और सबसे बड़ा सवाल कि वो पार्टी का कम्युनिकेशन हेड है और रह रहा है मंत्री के बंगले में सोचिए कोई आदमी ऐसा है कोई और आम आदमी पार्टी में ऐसा आदमी है मुझे बताइए जो पार्टी का काम करता है लेकिन मंत्री को अटेड बंगले में रह रहा है और उसका कोई रुतबा नहीं है जो आतिशी और सौरभ है जो उस जमाने में विधायक होते थे वह वहां से मुख्यमंत्री के दफ्तर से काम नहीं करते थे विजय नायर जिस कैबिनेट मंत्री के बंगले पर रहता था वह बंगला दिल्ली के मंत्री कैलाश गहलोत के नाम पर अलट था कैलाश गहलोत खुद वहां नहीं रहते थे उन्होंने बताया कि निजी कारण से वो सरकारी बंगले में शिफ्ट नहीं हुए थे दो दिन पहले ही ईडी ने कैलाश गहलोत से शराब घोटाले में पाच घंटे पूछताछ भी की थी पूछताछ के बाद जब कैलाश गहलोत मीडिया के सामने आए तो उन्होंने कहा था कि उन्हें पता ही नहीं कि जो बंगला उन्हें आवंटित हुआ था उनमें कौन रहता था एक बार कैलाश गहलोत को सुनिए लगे की जो लेकर पॉलिसी बनी जो ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स उसका आप हिस्सा थे और विजयर आपके आवाज पर रह रहा था उसको लेक देखिए मैंने यह बार-बार ये कहा है कि वो आवाज बिल्कुल मेरे नाम पर अटेड है लेकिन मैं आज भी और पहले भी अपने ही जो मेरा प्राइवेट डें है वसत कुंज मैं वहां पर रह रहा हूं मेरे जो बच्चे हैं व क्योंकि मेरा जो घर वसंत कुंज में है वो डीपीएस के बिल्कुल सामने है और मेरी वाइफ ने और बच्चों ने वहां से शिफ्ट करने के लिए मना कर दिया था पर देखिए शराब घोटाले से जुड़े वो मोबाइल मैसेज जो बड़ा राज खोल दे किसी जमाने में दूसरों को तिहार जेल भेजने की बातें करने वाले केजरीवाल के लिए वक्त का पैया ऐसा घूमा कि आज केजरीवाल खुद तिहाड़ जेल में पहुंच गए केजरीवाल ने जिस दिन के बारे में सोचा नहीं था वह दिन आज आ गया और जिनको केजरीवाल कहते थे कि तिहाड़ में भेजेंगे वह लोग रामलीला मैदान में अरविंद केजरीवाल तिहाड़ क्यों जा रहे हैं इस पर छाती पीट रहे थे पूरा त जो वक्त का पहिया होता है ना वो पलट गया घूम गया ईडी ने केजरीवाल की आज रिमांड नहीं मांगी और कोर्ट ने उन्हें 15 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया यानी जेल भेज दिया इसके बाद जेल वैन में केजरीवाल को भरकर तिहार जेल पहुंचा दिया गया लेकिन जेल जाते ही केजरीवाल ने आज एक और रिकॉर्ड बना दिया अब तक वह देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री थे जो रिमांड में होने के बावजूद मुख्यमंत्री पद पर बैठे हुए थे आज केजरीवाल ने नया रिकॉर्ड बना दिया वो आए थे ना पॉलिटिक्स बदलने पॉलिटिक्स बदल दी आज वह देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन गए जो जेल के अंदर जाकर भी मुख्यमंत्री हैं केजरीवाल अब उसी तिहार जेल में रहेंगे जहां उनके पुराने साथी मनीष सिसोदिया संजय सिंह और सत्येंद्र जैन ब केजरीवाल को तिहाड़ की जेल नंबर दो में रखा गया है वह जेल नंबर दो में अकेले रहेंगे केजरीवाल के साथी संजय सिंह को कुछ दिन पहले ही जेल नंबर दो से जेल नंबर पांच में शिफ्ट किया गया है इसके अलावा पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया जेल नंबर वन में है और केजरीवाल के एक और मंत्री रहे सत्येंद्र जैन जेल नंबर सात में यानी अब आम आदमी पार्टी के सीनियर लीडर्स का नया ठिकाना तिहाड़ जेल बन गया और देश में शायद ही कोई ऐसी पार्टी होगी जो लॉन्च होने के इतने कम समय में इस तरह का प्रदर्शन करते हुए उसके तमाम बड़े नेता जेल के अंदर गए तिहार जेल में अब सीएम केजरीवाल के साथ क्या-क्या होने वाला है यह आपको आगे बताऊंगा लेकिन पहले सुनि तिहार जाने से पहले आज जब केजरीवाल जी कोर्ट में पेश हुए तो उन्होंने क्या कहा यानी उन्होंने प्रधानमंत्री पर डाल दिया कि प्रधानमंत्री जो कर रहे व देश के लिए ठीक नहीं जेल तो आपको कोर्ट ने भेजा गलत था तो कोर्ट कह देता किल नहीं भेजेंगे इनको केजरीवाल जेल जाने पर सिंपी बटोरने में जुटे हैं लेकिन यह सिंपी उन्हें मिलेगी या नहीं यह तो वक्त बताएगा फिलहाल उन्हें तिहाड़ में क्या-क्या मिलने वाला है मैं बता देता हूं कोर्ट से केजरीवाल ने तिहाड़ में कई सारी चीजों की परमिशन मांगी कोर्ट ने तिहाड़ के अंदर केजरीवाल को क्या-क्या ले जाने की परमिशन दी है आपको पहले वह बता देता हूं केजरीवाल अपना गद्दा तिहार जेल में यूज कर पाएंगे केजरीवाल ने कहा उनको चादर भी अपना चाहिए तो चादर भी भी उनको अपना मिलेगा केजरीवाल ने दो तकिया मांगा तो कोर्ट ने कहा दो तकिया रख लीजिए इसके अलावा रजाई और कंबल यह भी केजरीवाल अपना इस्तेमाल कर सकेंगे यानी चादर तकिया गद्दा रजाई कंबल कुछ भी जेल का नहीं अपना इस्तेमाल करेंगे केजरीवाल जी केजरीवाल ने अपनी हेल्थ से जुड़ी हुई कई परमिशन भी कोर्ट से मांगी केजरीवाल की सेहत को देखते हुए कोर्ट ने कहा कि केजरीवाल हेल्थ मॉनिटरिंग डिवाइस अंदर ले जा सकते हैं क्योंकि केजरीवाल जी के परिवार का कहना है कि बहुत हाई शुगर रहता है इनको बहुत बीमार है शुगर की वजह से तो कोर्ट ने कहा कि ठीक है हेल्थ मॉनिटरिंग डिवाइस ले जाइए इसके अलावा शुगर स शुगर शुगर सेंसर चार्जर शुगर शुगर मशीन वाला वो ले जाइए और जो ग्लूकोमीटर होता है वो ले जाइए सेंसर रीडर ले जाइए इसके अलावा अगर ब्लड शुगर लेवल नीचे जाता है तो उसके लिए कई बार तुरंत टॉफी खानी पड़ती है ताकि शुगर लेवल ऊपर जाए तो कोर्ट ने कहा ठीक है आप जेल में रहिए लेकिन टॉफी रखिए ग्लूकोज रखिए डायबिटीज की दवाइयां रखिए यह सब आपको जेल अथॉरिटी दे देगा इसके अलावा कोर्ट ने इस बात की परमिशन दे दी है कि अरविंद केजरीवाल घर का बना खाना खा सकते हैं और इतना ही नहीं उन्हें जेल का पानी जेल की पानी जेल का जो पानी है वह भी नहीं पीना पड़ेगा वह बोतल बंद पानी मंगवा सकते हैं यानी घर का खाना पहुंचेगा केजरीवाल वही खाएंगे जेल का खाना नहीं खाएंगे तो जो एक कहा की जेल की रोटी खानी पड़ेगी जेल का पानी पीना पड़ेगा व जेल में रहकर भी केजरीवाल जी पर लागू नहीं होगी क्योंकि वह घर का खाना खाते रहेंगे घर का पानी पीते रहेंगे या बोतल बंद बिसलेरी वगैरह जो होता है मिनरल वाटर वह पीते रहेंगे इसके अलावा केजरीवाल ने जेल में पढ़ने के लिए तीन किताबें मांगी केजरीवाल जी ने कहा कि मुझे रामायण दीजिए सर मैं रामायण पढ़ना चाहता हूं उन्होंने कहा मैं भगवत गीता पढ़ना चाहता हूं और तीसरी किताब उन्होंने मांगी कि हाउ प्राइम मिनिस्टर डिसाइड यह तीन किताबें मैं पढ़ना चाहता हूं अब तीनों बुक्स की परमिशन कोर्ट ने दे दी कि ठीक है ले जाइए पढ़िए हालांकि तीनों किताबों की परमिशन यह भी दिखाती है कि शायद केजरीवाल जी को अंदर ही अंदर यह पता चल गया है कि व लंबा अंदर गए हैं नहीं तो तीन किताब क्यों मांगते अगर पा दिन 10 दिन में 15 दिन में निकलने वाले 15 दिन में पढ़ लेंगे पूरा रामायण और गीता और तीसरी किताब भी अच्छा तीसरी किताब का नाम भी बड़ा इंटरेस्टिंग है हाउ प्राइम मिनिस्टर्स डिसाइड यह किताब वो पढ़ना चाहते हैं अब या तो इस किताब से वो यह समझना चाह रहे हैं कि प्रधानमंत्री कैसे सोचते हैं यह पता चले तो समझ में आए कि मोदी जी अब अगला क्या सोचने वाले हैं करने वाले हैं और नहीं तो शायद यह मैसेज देना चाह रहे हैं कि मैं तो अब यहां से निकलूंगा तो प्रधानमंत्री ही बनूंगा खैर बस उनके मन में क्या चल रहा है यह तो वही जाने लेकिन सियासत में ऐसी मैसेजिंग कई बार की जाती है जो अरविंद केजरीवाल भी कर रहे हैं अरविंद केजरीवाल का तिहार जेल में क्या शेड्यूल होने वाला है वो भी आपको बता देता हूं दरअसल तिहार जेल में अरविंद केजरीवाल को भी वही शेड्यूल फॉलो करना होगा जो बाकी कैदियों का होता है आप मुख्यमंत्री हैं उससे फर्क नहीं पड़ता बॉस आप वहां कैदी हैं तो जो बाकी करेंगे वह आपको करना पड़ेगा तिहाड़ के शेड्यूल के मुताबिक अरविंद केजरीवाल को बाकी कैदियों के साथ सुबह-सुबह 6:30 बजे उठना पड़ेगा कैदियों को नाश्ते में चाय और ब्रेड दी जाती है हालांकि चूंकि केजरीवाल को परमिशन है कि वो र खाना घर से मंगा सकते हैं तो उनका नाश्ता भी शायद घर से आएगा फिर दोपहर का खाना सुबह 10:30 से 11 के बीच में मिल जाता है उसमें आम कैदियों को दाल मिलती है सब्जी मिलती है रोटी या चावल मिलता है लेकिन केजरीवाल जी का खाना घर से आएगा तो वह घर का खाना खाएंगे इसके बाद शाम में 5:30 बजे डिनर दे दिया जाता है तो केजरीवाल जी का डिनर भी घर से आ जाएगा 5:30 बजे और 700 बजे सभी कैदियों को अपने बैरक में वापस जाने के लिए कह दिया जाता है सब वापस चले जाते हैं ऐसा नहीं कि जेल जाने से अरविंद केजरीवाल का पीछा ईडी से छूट गया आज कोर्ट में ईडी ने बताया कि अरविंद केजरीवाल ने जांच में सहयोग नहीं किया तो जो लोग कहते थे कि हम एक एक चीज में सहयोग करेंगे ईडी कोर्ट में खड़े होकर कह रही है कि सहयोगी नहीं कर रहे सवालों के गोलमोल जवाब देकर जांच को भटकाने की कोशिश कर र है अपने फोन का पासवर्ड तक नहीं दे रहे इसलिए ईडी ने कोर्ट में कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वह फिर से केजरीवाल को हिरासत में ले सकते हैं ऐसी भी खबरें हैं कि अरविंद केजरीवाल के आईफो का डाटा एक्सेस करने के लिए ईडी ने मोबाइल कंपनी एल से भी सहयोग मांगा यानी ईडी से अरविंद केजरीवाल का पीछा अभी नहीं छूटने वाला बॉस ईडी को जब जरूरत पड़ेगी पूछताछ के लिए केजरीवाल को फिर रिमांड में ले सकती है अरविंद केजरीवाल तिहाड़ में तो चले गए लेकिन ये चर्चा बहुत चल रही है कि क्या जेल जाते-जाते वो अपने दो मंत्रियों आतिशी और सौरभ भारद्वाज को फंसा के तो नहीं चले गए ऐसा लोग पूछ रहा है इस बात की चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि केजरीवाल ने शराब घोटाले के एक बड़े आरोपी विजय नायर के आतिशी और सौरभ भारद्वाज से कनेक्शन को जोड़ दिया और अपना पल्ला झाड़ लिया ऐसा लगा ईडी के मुताबिक केजरीवाल से पूछताछ में जब यह सवाल किया गया कि किस हद तक केजरीवाल जी आप किस हद तक विजय नायर से संपर्क में थे और किस हद से हद तक वह केजरीवाल को रिपोर्ट करता था तो ईडी कह रही है कोर्ट को कि केजरीवाल ने कहा कि वि दस्तक देगी यह सवाल उठने लगे पर देख शराब घोटाले से जुड़े वो मोबाइल मैसेज जो बड़ा राज खोल द किसी जमाने में दूसरों को तिहाड़ जेल भेजने की बातें करने वाले केजरीवाल के लिए वक्त का पहिया ऐसा घूमा कि आज केजरीवाल खुद तिहाड़ जेल में पहुंच गए केजरीवाल ने जिस दिन के बारे में सोचा नहीं था वो दिन आज आ गया और जिनको केजरीवाल कहते थे कि तिहाड़ में भेजेंगे वो लोग रामलीला मैदान में अरविंद केजरीवाल तिहाड़ क्यों जा रहे हैं इस पर छाती पीट रहे थे पूरा वत जो वक्त का पहिया होता है ना वो पलट गया घूम गया ईडी ने केजरीवाल की आज रिमांड नहीं मांगी और कोर्ट ने उन्हें 15 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया यानी जेल भेज दिया इसके बाद जेल वैन में केजरीवाल को भरकर तिहार जेल पहुंचा दिया गया लेकिन जेल जाते ही केजरीवाल ने आज एक और रिकॉर्ड बना दिया अब तक वह देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री थे जो रिमांड में होने के बावजूद मुख्यमंत्री पद पर बैठे हुए आज केजरीवाल ने नया रिकॉर्ड बना दिया वो आए थे ना पॉलिटिक्स बदलने देखिए पॉलिटिक्स बदल दी आज वह देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन गए जो जेल के अंदर जाकर भी मुख्यमंत्री हैं केजरीवाल अब उसी तिहार जेल में रहेंगे जहां उनके पुराने साथी मनीष सिसोदिया संजय सिंह और सत्येंद्र जैन ब केजरीवाल को तिहाड़ की जेल नंबर दो में रखा गया है वो जेल नंबर दो में अकेले रहेंगे केजरीवाल के साथ ही संजय सिंह को कुछ दिन पहले ही जेल नंबर दो से जेल नंबर पाच में शिफ्ट किया गया है इसके अलावा पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया जेल नंबर वन में है और केजरीवाल के एक और मंत्री रहे सत्येंद्र जैन जेल नंबर सात में यानी अब आम आदमी पार्टी के सीनियर लीडर्स का नया ठिकाना तिहाड़ जेल बन गया और देश में शायद ही कोई ऐसी पार्टी होगी जो लॉन्च होने के इतने कम समय में इस तरह का प्रदर्शन करते हुए उसके तमाम बड़े नेता अंदर गए तिहार जेल में अ सीएम केजरीवाल के साथ क्या क्या होने वाला है यह आपको आगे बताऊंगा लेकिन पहले सुनिए कि तिहार जाने से पहले आज जब केजरीवाल जी कोर्ट में पेश हुए तो उन्होंने क्या कहा या ने प्रधानमंत्री पर डाल दिया कि प्रधानमंत्री जो कर रहे हैं वो देश के लिए ठीक नहीं जेल तो आपको कोर्ट ने भेजा गलत था तो कोर्ट कह देता कि नहीं जेल नहीं भेजेंगे इनको केजरीवाल जेल जाने पर सिंपी बटोरने में जुटे लेकिन यह सिंपी उन्हें मिलेगी या नहीं यह तो वक्त बताएगा फिलहाल उन्हें तिहाड़ में क्या-क्या मिलने वाला है मैं बता देता हूं कोर्ट से केजरीवाल ने तिहाड़ में कई सारी चीजों की परमिशन मांगी कोर्ट ने तिहाड़ के अंदर केजरीवाल को क्या-क्या ले जाने की परमिशन दी है आपको पहले वो बता देता हूं केजरीवाल अपना गद्दा तिहार जेल में यूज कर पाएंगे केजरीवाल ने कहा उनको चादर भी अपना चाहिए तो चादर भी उनको अपना मिलेगा केजरीवाल ने दो तकिया मांगा तो कोर्ट ने कहा दो तकिया रख लीजिए इसके अलावा रजाई और कंबल यह भी केजरीवाल अपना इस्तेमाल कर सकेंगे यानी चादर तकिया गद्दा रजाई कंबल कुछ भी जेल का नहीं अपना इस्तेमाल करेंगे केजरीवाल जी केजरीवाल ने अपनी हेल्थ से जुड़ी हुई कई परमिशन भी कोर्ट से मांगी केजरीवाल की सेहत को देखते हुए कोर्ट ने कहा कि केजरीवाल हेल्थ मॉनिटरिंग डिवाइस अंदर ले जा सकते हैं क्योंकि केजरीवाल जी के परिवार का कहना कि बहुत हाई शुगर रहता है बहुत बीमार है शुगर की वजह से तो कोर्ट ने कहा ठीक है हेल्थ मॉनिटरिंग डिवाइस ले जाइए इसके अलावा शुगर श शुगर शुगर सेंसर चार्जर शुगर शुगर मशीन वाला वह ले जाइए और जो ग्लूकोमीटर होता है वो ले जाइए सेंसर रीडर ले जाइए इसके अलावा अगर ब्लड शुगर लेवल नीचे जाता है तो उसके लिए कई बार तुरंत टॉफी खानी पड़ती है ताकि शुगर लेवल ऊपर जाए तो कोर्ट ने कहा ठीक है आप जेल में रहिए लेकिन टॉफी रखिए ग्लूकोज रखिए डायबिटीज की दवाइयां रखिए यह सब आपको जेल अथॉरिटी दे देगा इसके अलावा कोर्ट ने इस बात की परमिशन दे दी है कि अरविंद केजरीवाल घर का बना खाना खा सकते हैं और इतना ही नहीं उन्हें जेल का पानी जेल की पानी जेल का जो पानी है वो भी नहीं पीना पड़ेगा वो बोतल बंद पानी मंगवा सकते यानी घर का खाना पहुंचेगा केजरीवाल वही खाएंगे जेल का खाना नहीं खाएंगे जो एक कहावत थी कि जेल की रोटी खानी पड़ेगी जेल का पानी पीना पड़ेगा व जेल में रहकर भी केजरीवाल जी पर लागू नहीं होगी क्योंकि वह घर का खाना खाते रहेंगे घर का पानी पीते रहेंगे या बोतल बंद बिसलेरी वगैरह जो होता है मिनरल वाटर व पीते रहेंगे इसके अलावा केजरीवाल ने जेल में पढ़ने के लिए तीन किताबें मांगी केजरीवाल जी ने कहा कि मुझे रामायण दीजिए सर मैं रामायण पढ़ना चाह उन्होंने कहा मैं भगवत गीता पढ़ना चाहता हूं और तीसरी किताब उन्होंने मांगी कि हाउ प्राइम मिनिस्टर्स डिसाइड यह तीन किताबें मैं पढ़ना चाहता हूं अब तीनों बुक्स की परमिशन कोर्ट ने दे दी कि ठीक है ले जाइए पढ़िए हालांकि तीनों किताबों की परमिशन यह भी दिखाती है कि शायद केजरीवाल जी को अंदर ही अंदर यह पता चल गया है कि वह लंबा अंदर गए नहीं तो तीन किताब क्यों मांगते अगर पा दिन 10 दिन में 15 दिन में निकलने वा 15 दिन में पढ़ लेंगे पूरा रामायण और गीता और तीसरी किताब भी अच्छा तीसरी किताब का नाम भी बड़ा इंटरेस्टिंग है हाउ प्राइम मिनिस्टर डिसाइड यह किताब वह पढ़ना चाहते हैं अब या तो इस किताब से वो यह समझना चाह रहे हैं कि प्रधानमंत्री कैसे सोचते हैं यह पता चले तो समझ में आए कि मोदी जी अब अगला क्या सोचने वाले हैं करने वाले हैं और नहीं तो शायद यह मैसेज देना चाह रहे हैं कि मैं तो अब यहां से निकलूंगा तो प्रधानमंत्री ही बनूंगा खैर बस उनके मन में क्या चल रहा है यह तो वही जाने लेकिन सियासत में ऐसी मैसेजिंग कई बार की जाती है जो अरविंद केजरीवाल भी कर रहे हैं अरविंद केजरीवाल का तिहाड़ जेल में क्या शेड्यूल होने वाला है वह भी आपको बता देता हूं दरअसल तिहाड़ जेल में अरविंद केजरीवाल को भी वही शेड्यूल फॉलो करना होगा जो बाकी कैदियों का होता है आप मुख्यमंत्री हैं उससे फर्क नहीं पड़ता बॉस आप वहां कैदी है तो जो बाकी करेंगे वह आपको करना पड़ेगा तिहाड़ के शेड्यूल के मुताबिक अरविंद केजरीवाल को बाकी कैदियों के साथ सुबह सुबह 6:30 बजे उठना पड़ेगा कैदियों को नाश्ते में चाय और ब्रेड दी जाती है हालांकि चूंकि केजरीवाल को परमिशन है कि वो र खाना घर से मंगा सकते हैं तो उनका नाश्ता भी शायद घर से आएगा फिर दोपहर का खाना सुबह 10:30 से 11 के बीच में मिल जाता है उसमें आम कैदियों को दाल मिलती है सब्जी मिलती है रोटी या चावल मिलता है लेकिन केजरीवाल जी का खाना घर से आएगा तो वो घर का खाना खाएंगे इसके बाद शाम में 5:30 बजे डिनर दे दिया जाता है तो केजरीवाल जी का डिनर भी घर से आ जाएगा 5:30 बजे और 700 बजे सभी कैदियों को अपने बैरक में वापस जाने के लिए कह दिया जाता है सब वापस चले जाते हैं ऐसा नहीं कि जेल जाने से अरविंद केजरीवाल का पीछा ईडी से छूट गया आज कोर्ट में ईडी ने बताया कि अरविंद केजरीवाल ने जांच में सहयोग नहीं किया तो जो लोग कहते थे कि हम एक एक चीज में सहयोग करेंगे ईडी कोर्ट में खड़े होकर कह रही है कि सहयोगी नहीं कर रहे सवालों के गोलमोल जवाब देकर जांच को भटकाने की कोशिश कर रहे है अपने फोन का पासवर्ड तक नहीं दे रहे इसलिए ईडी ने कोर्ट में कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वो फिर से केजरीवाल को हिरासत में ले सकते हैं ऐसी भी खबरें हैं कि अरविंद केजरीवाल के i का डाटा एक्सेस करने के लिए ईडी ने मोबाइल कंपनी ऐसा लोग पूछ रहे हैं इस बात की चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि केजरीवाल ने शराब घोटाले के एक बड़े आरोपी विजय नायर के आतिशी और सौरभ भारद्वाज से कनेक्शन को जोड़ दिया और अपना पल्ला झाड़ लिया ऐसा लगा ईडी के मुताबिक केजरीवाल से पूछताछ में जब यह सवाल किया गया कि किस हद तक केजरीवाल जी आप किस हद तक विजय नायर से संपर्क में थे और किस हद से हद तक वो केजरीवाल को रिपोर्ट करता था तो ईडी कह रही है कोर्ट को कि केजरीवाल ने कहा कि विजय नायर उनको तो रिपोर्ट ही नहीं करता था वो तो आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता था अरविंद केजरीवाल ने यह भी दावा किया कि विजय नायर से उनका इंटरेक्शन या बातचीत बहुत सीमित थी मतलब ज्यादा उससे टच में नहीं था मैं आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट करता था ले अब इसी बात को लेकर सवाल उठने लगे कि क्या केजरीवाल ने यह बात कहकर अपने दो मंत्रियों आतिशी और सौरभ भारद्वाज को फसा दिया क्या क्योंकि जिस विजय नायर से केजरीवाल ने किनारा कर लि कि मैं तो ज्यादा मिलता उलता नहीं था मैं ज्यादा उससे मेरा कोई इंटरेक्शन नहीं था और अपने दो मंत्रियों आतिशी और सौरभ भारद्वाज का पूरा पूरा ऐसा लग रहा है कि कनेक्शन जोड़ दिया जैसे विजय नायर सिर्फ उन्हीं के संपर्क में था वह विजय नायर को मामूली आदमी नहीं है शराब घोटाले के आरोपों के मामले में विजय नायर आम आदमी पार्टी का मीडिया एंड कम्युनिकेशन हेड आम आदमी पार्टी का केजरीवाल सरकार का नहीं आम आदमी पार्टी का मीडिया एंड कम्युनिकेशन हेड था विजय नायर शराब घोटाले के सबसे अहम किरदारों में से एक है ईडी के मुताबिक विजय नायर शराब घोटाले में केजरीवाल और साउथ लॉबी के बीच मिडल मैन था बिचौलिया ईडी का आरोप है कि केजरीवाल ने विजय नायर के जरिए ही शराब घोटाले की रिश्वत ली अब ऐसा आदमी जिसके बारे में कहा जा रहा है कि वो केजरीवाल और उनकी सरकार और साउथ लॉबी के बीच में पूरा काम कर रहा था जिसके कंधे पर है कि उसने पूरा पैसा वैसा लिया यह आरोप पीढ़ी लगाती है उसके लिए केजरीवाल ने कह दिया कि मैं ज्यादा नहीं जानता था वो सौरभ और आतिशी को रिपोर्ट करता था तो लोग पूछने लगे कि ल अब तो अगला नंबर आतिशी या सौरभ भारद्वाज का है क्या गिरफ्तार होने का केजरीवाल ने विजय नायर को लेकर जो बातें कही हैं और उसका आतिशी और सौरभ से जो कनेक्शन जोड़ा जा रहा है उस पर आम आदमी पार्टी का दावा है कि जब विजय नायर को हिरासत में लिया गया था तब उसने भी कहा था कि वो सीएम केजरीवाल को रिपोर्ट नहीं करता इसलिए आज इस बात को उठाने का क्या मतलब है कि केजरीवाल ने विजय नायर से किनारा कर लिया विजय नायर ने जांच में बताया था कि वो आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता है आम आदमी पार्टी का आरोप है कि यह बयान इसलिए आया क्योंकि ईडी आतिशी और सौरभ भारद्वाज को फसाना चाहती आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि बीजेपी को लग गया है कि सिर्फ केजरीवाल को जेल भेजने से काम नहीं होगा दूसरे नेताओं को भी जेल भेजना होगा एक बार सुनिए आम आदमी पार्टी ने इस पर क्या कहा है फिर आपको बताऊंगा कि कैसे विजय नायर को लेकर केजरीवाल के बयान ने आम आदमी पार्टी को ही फसा दिया जब विजय नायर जी को हिरासत में लिया गया था तब उन्होंने यह बात कही थी डेढ़ साल पहले उन्होंने यही बात करी थी कि मैं मुख्यमंत्री को रिपोर्ट नहीं करता मैं जो भी अपना काम करता हूं उसमें मेरा रिपोर्टिंग अतिशी और सौरभ से है अब आज आप डेढ़ साल बाद जब आपको कुछ नहीं मिला तो ईडी ने सवाल पैदा होता है कि आज डेढ़ साल बाद जो बयान लिखित में ईडी के पास खुद है वो डेढ़ साल बाद क उठा रहा है और अब मैं ये दावे के साथ कहता हूं इन दोनों हमारे वरिष्ठ नेताओं का नाम जो दिल्ली में भी मंत्री हैं आतिशी और सौरभ भारद्वाज उनका नाम इसीलिए गया है क्योंकि अब भाजपा को समझ में आ गया कि अरे भाई एक अरविंद केजरीवाल को जेल में डालने से यह पार्टी बंद नहीं होगी अब एक काम करो दो तीन और नेताओं की तैयारी करना शुरू करो तभी इनका नाम आज आया है यह नाम तो पहले से ही इनके बयानों में दर्ज था भाई इनका नाम पहले से बयानों में दर्ज था लेकिन अगर केजरीवाल भी वही बात कह रहे हैं तो ईडी कोर्ट में क्या कहे ना बताए कि केजरीवाल कह रहे हैं कि विजय नायर तो आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता था और वो रिपोर्ट किसी भी को को किसी को भी करे जो आदमी इस पूरे मामले में मुख्य सूत्रधार बताया जा रहा है बिचौलिया बताया जा रहा है उसके लिए केजरीवाल ने यह कह दिया कि मेरा इससे ज्यादा कनेक्शन नहीं था यह बात बड़ी इंपॉर्टेंट है आज पूरी आम आदमी पार्टी इस बात पर जोर लगा रही है कि केजरीवाल ने विजय नायर पर जो बात कही वह सही है और केजरीवाल का विजय नायर से कोई ज्यादा लेना देना नहीं था लेकिन आपको कुछ तस्वीरें दिखाता हूं यह तस्वीर देखिए इसमें केजरीवाल और विजय नायर दोनों साथ में दिख रहे हैं एक व्यक्ति केजरीवाल और विजय नायर दोनों के कंधे पर हाथ रख के खड़ा है अब सोचिए अगर एक व्यक्ति केजरीवाल और विजय नायर दोनों के कंधे पर हाथ डालकर खड़ा है तो इसका मतलब तो यही लगता है कि केजरीवाल और विजय नायर दोनों का कद इस आदमी के लिए एक जैसा होगा भाई जो आदमी इतना पावरफुल है कि वह केजरीवाल के कंधे पर हाथ रख दे रहा है वह बगल में विजय नायर के कंधे पर हाथ रख के फोटो खिंचा रहा है तो विजय नायर का कद भी तो कुछ होगा इससे विजय नायर की साफसाफ अहमियत दिख रही है यानी विजय नायर कोई ऐसा व्यक्ति नहीं था जिसे केजरीवाल जानते पहचानते ना हो आते जाते मिल लियो वाला हिसाब फिर केजरीवाल की नजरों में विजय नायर की कोई अहमियत ना हो यह कैसे हो सकता है और सुनिए विजय नायर का रुतबा कैसा था वह भी आपको दिखाता हूं विजय नायर का रुतबा ऐसा था कि वह दिल्ली में सीएम आवास के पीछे बने सीएम ऑफिस में काम करता था जबक वह पार्टी का मीडिया कम्युनिकेशन हेड था दिल्ली सरकार का मीडिया कम्युनिकेशन हेड नहीं था आम आदमी पार्टी का कम्युनिकेशन हेड था उसका सीएम कैंप ऑफिस में बैठ के काम करता था भाई खुद अपने बयान में बोला है कि मैं वहां से काम करता था और देखिए केजरीवाल का घर देखिए और बगल में सीएम कैंप ऑफिस देखिए मतलब इतना पास है कि केजरीवाल जी शीश महल के बालकनी से चिल्लाए कि हे विजय तो विजय को सुनाई दे जाए इतना पास अब जो आदमी मुख्यमंत्री के बहुत करीबी नहीं है मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि मेरा इससे ज्यादा लेना देना नहीं नहीं था वो सीएम कैंप ऑफिस में बैठ के क्यों काम कर रहा था बॉस यह सवाल नहीं उठेगा केजरीवाल के सीएम आवास और कैंप ऑफिस दोनों अगल बगल यानी केजरीवाल अपने बंगले से अगर जाएं तो मुश्किल से मतलब चलते हुए पहुंच जाए ऐसा हाल है विजय नायर से अब केजरीवाल और उनकी पार्टी के नेता किनारा किनारा करने में जुटे लेकिन विजय नायर वो व्यक्ति था जिसकी सीएम तक डायरेक्ट पहुंच वो ऐसे बंगले में रहता था जो बंगला कैबिनेट मंत्री को अलॉट हुआ था विजय नायर जिस बंगले में रहता था वह बंगला सीएम ऑफिस से करीब डेढ़ से दो किलोमीटर की दूरी पर ही था यानी चार पाच मिनट में वह सीएम ऑफिस पहुंच जाता था और सबसे बड़ा सवाल कि वह पार्टी का कम्युनिकेशन हेड है और रह रहा है मंत्री के बंगले में सोचिए कोई आदमी ऐसा है कोई और आम आदमी पार्टी में ऐसा आदमी है मुझे बताइए जो पार्टी का काम करता है लेकिन मंत्री को अलडा में रह रहा है और उसका कोई रुतबा नहीं है जो आतिशी और सौरभ है जो उस जमाने में विधायक होते थे वह वहां से मुख्यमंत्री के दफ्तर से काम नहीं करते थे विजय नायर जिस कैबिनेट मंत्री के बंगले पर रहता था वह बंगला दिल्ली के मंत्री कैलाश गहलोत के नाम पर अलॉट था कैलाश गहलोत खुद वहां नहीं रहते थे उन्होंने बताया कि निजी कारण से वो सरकारी बंगले में शिफ्ट नहीं हुए थे दो दिन पहले ही ईडी ने कैलाश गहलोत से शराब घोटाले में पाच घंटे पूछता भी कीी पूछता के बाद जब कैलाश गहलोत मीडिया के सामने आए तो उन्होंने कहा था कि उन्हें पता ही नहीं कि जो बंगला उन्हें आवंटित हुआ था उनमें कौन रहता एक बार कैलाश गहलोत को सुनिए आरोप लगे जो लेकर पॉलिसी बनी जो ग्रुप ऑफ मिनिस्टर उसका आप हिस्सा थे और विजय नार आपके आवास पर रह रहा था देखिए मैंने ये बारबार ये कहा है कि वो आवास बिल्कुल मेरे नाम पर लोटेड है लेकिन मैं आज भी और पहले भी अपने ही जो मेरा प्राइवेट ें है वस कुंजी मैं वहां प रह रहा हूं जो बच्चे हैं वो क्योंकि मेरा जो घर वसन में है वो डीपीएस के बिल्कुल सामने है और मेरी वाइफ ने और बच्चों ने वहां से शिफ्ट करने के लिए मना कर दिया था तो इसलिए ना मैं कभी जो सिविल लाइ जो बंगलो है मेरे नाम पर लड है ना मैंने कभी वहां शिफ्ट किया और ना मैं कभी रहा वहां पर और विजय नायर वहां रह रहे थे ये भी मैंने स्टेटमेंट पर देखिए शराब घोटाले से जुड़े वो मोबाइल मैसेज जो बड़ा राज खोल दे किसी जमाने में दूसरों को तिहार जेल भेजने की बातें करने वाले केजरीवाल के लिए वक्त का पहिया ऐसा घूमा कि आज केजरीवाल खुद तिहाड़ जेल में पहुंच गए केजरीवाल ने जिस दिन के बारे में सोचा नहीं था वो दिन आज आ गया और जिनको केजरीवाल कहते थे कि तिहाड़ में भेजेंगे वो लोग रामलीला मैदान में अरविंद केजरीवाल तिहाड़ क्यों जा रहे हैं इस पर छाती पीट रहे थे पूरा वत जो वक्त का पहिया होता है ना पलट गया घूम गया ईडी ने केजरीवाल की आज रिमांड नहीं मांगी और कोर्ट ने उन्हें 15 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया यानी जेल भेज दिया इसके बाद जेल वैन में केजरीवाल को भरकर तिहार जेल पहुंचा दिया गया लेकिन जेल जाते ही केजरीवाल ने आज एक और रिकॉर्ड बना दिया अब तक वह देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री थे जो रिमांड में होने के बावजूद मुख्यमंत्री पद पर बैठे हुए आज केजरीवाल ने नया रिकॉर्ड बना दिया वो आए थे ना पॉलिटिक्स बदलने देखिए पॉलिटिक्स बदल दी आज वह देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन गए जो जेल के अंदर जाकर भी मुख्यमंत्री हैं केजरीवाल अब उसी तिहार जेल में रहेंगे जहां उनके पुराने साथी मनीष सिसोदिया संजय सिंह और सत्येंद्र जैन केजरीवाल को तिहाड़ की जेल नंबर दो में रखा गया है व जेल नंबर दो में अकेले रहेंगे केजरीवाल के साथी संजय सिंह को कुछ दिन पहले ही जेल नंबर दो से जेल नंबर पांच में शिफ्ट किया गया है इसके अलावा पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया जेल नंबर वन में है और केजरीवाल के एक और मंत्री रहे सतेंद्र जैन जेल नंबर सात में यानी अब आम आदमी पार्टी के सीनियर लीडर्स का नया ठिकाना तिहार जेल बन गया और देश में शायद ही कोई ऐसी पार्टी होगी जो लॉन्च होने के इतने कम समय में इस तरह का प्रदर्शन करते हुए उसके तमाम बड़े नेता जेल के अंदर गए तिहार जेल में अब सीएम केजरीवाल के साथ क्या-क्या होने वाला वाला है यह आपको आगे बताऊंगा लेकिन पहले सुनिए कि तिहार जाने से पहले आज जब केजरीवाल जी कोर्ट में पेश हुए तो उन्होंने क्या कहा यानी उन्होंने प्रधानमंत्री पर डाल दिया कि प्रधानमंत्री जो कर रहे हैं वो देश के लिए ठीक नहीं जेल तो आपको कोर्ट ने भेजा गलत था तो कोर्ट कह देता कि नहीं जेल नहीं भेजेंगे इनको केजरीवाल जेल जाने पर सिंपैथी बटोरने में जुटे लेकिन यह सिंपैथी उन्हें मिलेगी या नहीं यह तो वक्त बताएगा फिलहाल उन्हें तिहाड़ में क्याक मिलने वाला है मैं बता देता हूं कोर्ट से केजरीवाल ने तिहाड़ में कई सारी चीजों की परमिशन मांगी कोर्ट ने तिहाड़ के अंदर केजरीवाल को क्याक ले जाने की परमिशन दी है आपको पहले वह बता देता हूं केजरीवाल अपना गद्दा तिहार जेल में यूज कर पाएंगे केजरीवाल ने कहा उनको चादर भी अपना चाहिए तो चादर भी उनको अपना मिलेगा केजरीवाल ने दो तकिया मांगा कोर्ट ने कहा दो तकिया रख लीजिए इसके अलावा रजाई और कंबल यह भी केजरीवाल अपना इस्तेमाल कर सकेंगे यानी चादर तकिया गद्दा रजाई कंबल कुछ भी जेल का नहीं अपना इस्तेमाल करेंगे केजरीवाल जी केजरीवाल ने अपनी हेल्थ से जुड़ी हुई कई परमिशन भी कोर्ट से मांग केजरीवाल की सेहत को देखते हुए कोर्ट ने कहा कि केजरीवाल हेल्थ मॉनिटरिंग वाइस अंदर ले जा सकते हैं क्योंकि केजरीवाल जी के परिवार का कहना है कि बहुत हाई शुगर रहता है बहुत बीमार है शुगर की वजह से तो कोर्ट ने कहा ठीक है हेल्थ मॉनिटरिंग डिवाइस ले जाइए इसके अलावा शुगर शुगर शुगर सेंसर चार्जर शुगर शुगर मशीन वाला वह ले जाइए और जो ग्लूकोमीटर होता है वह ले जाइए सेंसर रीडर ले जाइए इसके अलावा अगर ब्लड शुगर लेवल नीचे जाता है तो उसके लिए कई बार तुरंत टॉफी खानी पड़ती है ताकि लेवल ऊपर जाए तो कोर्ट ने कहा ठीक है आप जेल में रहिए लेकिन टॉफी रखिए ग्लूकोज रखिए डायबिटीज की दवाइयां रखिए यह सब आपको जेल अथॉरिटी दे देगा इसके अलावा कोर्ट ने इस बात की परमिशन दे दी है कि अरविंद केजरीवाल घर का बना खाना खा सकते हैं और इतना ही नहीं उन्हें जेल का पानी जेल की पानी जेल का जो पानी है वह भी नहीं पीना पड़ेगा वह बोतल बंद पानी मंगवा सकते यानी घर का खाना पहुंचेगा केजरीवाल वही खाएंगे जेल का खाना नहीं खाई तो जो एक कहावत थी कि जेल की रोटी खानी पड़ेगी जेल का पानी पीना पड़ेगा व जेल में रहकर भी केजरीवाल जी पर लागू नहीं होगी क्योंकि वह घर का खाना खाते रहेंगे घर का पानी पीते रहेंगे या बोतल बंद बिसलेरी वगैरह जो होता है मिनरल वाटर वो पीते रहेंगे इसके अलावा केजरीवाल ने जेल में पढ़ने के लिए तीन किताबें मांगी केजरीवाल जी ने कहा कि मुझे रामायण दीजिए सर मैं रामायण पढ़ना चाहता ह उन्होंने कहा मैं भगवत गीता पढ़ना चाहता हूं और तीसरी किताब उन्होंने ने मांगी कि हाउ प्राइम मिनिस्टर्स डिसाइड यह तीन किताबें मैं पढ़ना चाहता हूं अब तीनों बुक्स की परमिशन कोर्ट ने दे दी कि ठीक है ले जाइए पढ़िए हालांकि तीनों किताबों की परमिशन यह भी दिखाती है कि शायद केजरीवाल जी को अंदर ही अंदर यह पता चल गया है कि वो लंबा अंदर गए नहीं तो तीन किताब क्यों मांगते अगर पा दिन 10 दिन में 15 दिन में निकलने वाला 15 दिन में पढ़ लेंगे पूरा रामायण और गीता और तीसरी किताब भी अच्छा तीसरी किताब का नाम भी बड़ा इंटरेस्टिंग है हाउ प्राइम मिनिस्टर्स डिसाइड यह किताब वो पढ़ना चाहते हैं अब या तो इस किताब से व यह समझना चाह रहे हैं कि प्रधानमंत्री कैसे सोचते हैं यह पता चले तो समझ में आए कि मोदी जी अब अगला क्या सोचने वाले करने वाले और नहीं तो शायद यह मैसेज देना चाह रहे हैं कि मैं तो अब यहां से निकलूंगा तो प्रधानमंत्री ही बनूंगा खैर बस उनके मन में क्या चल रहा है यह तो वही जाने लेकिन सियासत में ऐसी मैसेजिंग कई बार की जाती है जो अरविंद केजरीवाल भी कर रहे हैं अरविंद केजरीवाल का तिहाड़ जेल में क्या शेड्यूल होने वाला है वह भी आपको बता देता हूं दर तिहार जेल में अरविंद केजरीवाल को भी वही शेड्यूल फॉलो करना होगा जो बाकी कैदियों का होता है आप मुख्यमंत्री हैं उससे फर्क नहीं पड़ता बॉस आप वहां कैदी हैं तो जो बाकी करेंगे वह आपको करना पड़ेगा तिहाड़ के शेड्यूल के मुताबिक अरविंद केजरीवाल को बाकी कैदियों के साथ सुबह-सुबह 6:30 बजे उठना पड़ेगा कैदियों को नाश्ते में चाय और ब्रेड दी जाती है हालांकि चूंकि केजरीवाल को परमिशन है कि वो र खाना घर से मंगा सकते हैं तो उनका नाश्ता भी शायद घर से आएगा फिर दोपहर का खाना सुबह 10:30 से 11 के बीच में मिल जाता है उसमें आम कैदियों को दाल मिलती है सब्जी मिलती है रोटी या चावल मिलता है लेकिन केजरीवाल जी का खाना घर से आएगा तो वह घर का खाना खाएंगे इसके बाद शाम में 530 बजे डिनर दे दिया जाता है तो केजरीवाल जी का डिनर भी घर से आ जाएगा 5:30 बजे और 7 बजे सभी कैदियों को अपने बैरक में वापस जाने के लिए कह दिया जाता है सब वापस चले जाते हैं ऐसा नहीं कि जेल जाने से अरविंद केजरीवाल का पीछा ईडी से छूट गया आज कोर्ट में ईडी ने बताया कि अरविंद केजरीवाल ने जांच में सहयोग नहीं किया तो जो लोग कहते थे कि हम एक एक चीज में सहयोग करेंगे ईडी कोर्ट में खड़े होकर कह रही है कि सहयोग ही नहीं कर रहे सवालों के गोलमोल जवाब देकर जांच को भटकाने की कोशिश कर रहे अपने फोन का पासवर्ड तक नहीं दे रहे इसलिए ईडी ने कोर्ट में कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वो फिर से केजरीवाल को हिरासत में ले सकते हैं ऐसी भी खबरें हैं कि अरविंद केजरीवाल के आई का डाटा करने के लिए ईडी ने मोबाइल कंपनी एल से भी सहयोग मांगा यानी ईडी से अरविंद केजरीवाल का पीछा अभी नहीं छूटने वाला बॉस ईडी को जब जरूरत पड़ेगी पूछताछ के लिए केजरीवाल को फिर रिमांड में ले सकती अरविंद केजरीवाल तिहाड़ में तो चले गए लेकिन यह चर्चा बहुत चल रही है कि क्या जेल जाते जाते वह अपने दो मंत्रियों आतिशी और सौरभ भारद्वाज को फसा के तो नहीं चले गए ऐसा लोग पूछ रहे इस बात की चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि केजरीवाल ने शराब घोटाले के एक बड़े आरोपी विजय नायर के आतिशी और सौरभ भारद्वाज से कनेक्शन को जोड़ दिया और अपना पल्ला झाड़ लिया ऐसा लगा ईडी के मुताबिक केजरीवाल से पूछताछ में जब यह सवाल किया गया कि किस हद तक केजरीवाल जी आप किस हद तक विजय नायर से संपर्क में थे और किस हद से हद तक वह केजरीवाल को रिपोर्ट करता था तो ईडी कह रही है कोर्ट को कि केजरीवाल ने कहा कि विजय नायर उनको तो रिपोर्ट ही नहीं करता था वो तो आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता था अरविंद केजरीवाल ने यह भी दावा किया कि विजय नायर से उनका इंटरेक्शन या बातचीत बहुत सीमित थी मतलब ज्यादा उससे टच में नहीं था मैं आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट करता था ले अब इसी बात को लेकर सवाल उठने लगे कि क्या केजरीवाल ने यह बात कहकर अपने दो मंत्रियों आतिशी और सौरभ भारद्वाज को फंसा दिया क्या क्योंकि जिस विजय नायर से केजरीवाल ने किनारा कर लिया कि मैं तो ज्यादा मिलता उलता नहीं था मैं ज्यादा उससे मेरा कोई इंटरेक्शन नहीं था और अपने दो मंत्रियों आतिशी और सौरभ भारद्वाज का पूरा पूरा ऐसा लग रहा कि कनेक्शन जोड़ दिया जैसे विजय नायर सिर्फ उन्हीं के संपर्क में था वह विजय नायर कोई मामूली आदमी नहीं है इस शराब घोटाले के आरोपों के मामले में विजय नायर आम आदमी पार्टी का मीडिया एंड कम्युनिकेशन हेड आम आदमी पार्टी का केजरीवाल सरकार का नहीं आम आदमी पार्टी का मीडिया एंड कम्युनिकेशन हेड था विजय नायर शराब घोटाले के सबसे अहम किरदारों में से एक है ईडी के मुताबिक विजय नायर शराब घोटाले में केजरीवाल और साउथ के बीच मिडल मैन था बिचौलिया ईडी का आरोप है कि केजरीवाल ने विजय नायर के जरिए ही शराब घोटाले की रिश्वत ली अब ऐसा आदमी जिसके बारे में कहा जा रहा है कि वह केजरीवाल और उनकी सरकार और साउथ लॉबी के बीच में पूरा काम कर रहा था जिसके कंधे पर है कि उसने पूरा पैसा वैसा लिया यह आरोप पढ़ लगाती है उसके लिए केजरीवाल ने कह दिया कि मैं ज्यादा नहीं जानता था वो सौरभ और आतिशी को रिपोर्ट करता था तो लोग पूछने लगे कि अब तो अगला नंबर आति शिया सौरभ भारद्वाज का है क्या गिरफ्तार होने का केजरीवाल ने विजय नायर को लेकर जो बातें कही हैं और उसका आतिशी और सौरव से जो कनेक्शन जोड़ा जा रहा है उस पर आम आदमी पार्टी का दावा है कि जब विजय नायर को हिरासत में लिया गया था तब उसने भी कहा था कि वो सीएम केजरीवाल को रिपोर्ट नहीं करता इसलिए आज इस बात को उठाने का क्या मतलब है कि केजरीवाल ने विजय नायर से किनारा कर लिया विजय नायर ने जांच में बताया था कि वो आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता है आम आदमी पार्टी का आरोप है कि ये बयान इसलिए आया क्योंकि ईडी आतिशी और सौरभ भारद्वाज को फसाना चाहती आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि बीजेपी को लग गया है कि सिर्फ केजरीवाल को जेल भेजने से काम नहीं होगा दूसरे नेताओं को भी जेल भेजना होगा एक बार सुनिए आम आदमी पार्टी ने इस पर क्या कहा है फिर आपको बताऊंगा कि कैसे विजय नायर को लेकर केजरीवाल के बयान ने आम आदमी पार्टी को ही फंसा दिया है जब विजय नायर जी को हिरासत में लिया गया था तब उन्होंने यह बात कही थी डेढ़ साल पहले उन्होंने यही बात करी थी कि मैं मुख्यमंत्री को रिपोर्ट नहीं करता मैं जो भी अपना काम करता हूं उसमें मेरा रिपोर्टिंग अतिशी और सौरभ से हैं अब आज आप डेढ़ साल बाद जब आपको कुछ नहीं मिला तो ईडी ने सवाल पैदा होता है कि आज डेढ़ साल बाद जो बयान लिखित में ईडी के पास खुद है वो डेढ़ साल बाद क्यों उठा रहा है और अब मैं यह दावे के साथ कहता हूं इन दोनों हमारे वरिष्ठ नेताओं का नाम जो दिल्ली में भी मंत्री हैं आतिशी और सौरभ भारद्वाज उनका नाम इसीलिए गया है क्योंकि अब भाजपा को समझ में आ गया कि अरे भाई एक अरविंद केजरीवाल को जेल में डालने से यह पार्टी बंद नहीं होगी अब एक काम करो दो तीन और नेताओं की तैयारी करना शुरू करो तभी इनका नाम आज आया है ये नाम तो पहले से ही इनके बयानों में दर्ज था भाई इनका नाम पहले से बयानों में दर्ज था लेकिन अगर केजरीवाल भी वही बात कह रहे हैं तो ईडी कोर्ट में क्या कहे ना बताए कि केजरीवाल कह रहे हैं कि विजय नायर तो आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता था और वो रिपोर्ट किसी भी को को किसी को भी करे जो आदमी इस पूरे मामले में मुख्य सूत्रधार बताया जा रहा है बिचौलिया बताया जा रहा है उसके लिए केजरीवाल ने यह कह दिया कि मेरा इससे ज्यादा कनेक्शन नहीं था यह बात बड़ी इंपॉर्टेंट है आज पूरी आम आदमी पार्टी इस बात पर जोर लगा रही है कि केजरीवाल ने विजय नायर पर जो बात कही वह सही है और केजरीवाल का विजय नायर से कोई ज्यादा लेना देना नहीं था लेकिन आपको कुछ तस्वीरें दिखाता हूं यह तस्वीर देखिए इसमें केजरीवाल और विजय नायर दोनों साथ में दिख रहे हैं एक व्यक्ति केजरीवाल और विजय नायर दोनों के कंधे पर हाथ रख के खड़ा है अगर एक व्यक्ति केजरीवाल और विजय नायर दोनों के कंधे पर हाथ डालकर खड़ा है तो इसका मतलब तो यही लगता है कि केजरीवाल और विजय नायर दोनों का कद इस आदमी के लिए एक जैसा होगा भाई जो आदमी इतना पावरफुल है कि वह केजरीवाल के कंधे पर हाथ रख दे रहा है वह बगल में विजय नायर के कंधे पर हाथ रख के फोटो खींचा रहा है तो विजय नायर का कद भी तो कुछ होगा इससे विजय नायर की साफसाफ अहमियत दिख रही है यानी विजय नायर कोई ऐसा व्यक्ति नहीं था जिसे केजरीवाल जानते पहचानते ना हो आते जाते मिलियो वाला हिसाब फिर केजरीवाल की नजरों में विजय नायर की कोई अहमियत ना हो यह कैसे हो सकता है और सुनिए विजय नायर का रुतबा कैसा था वह भी आपको दिखाता हूं विजय नायर का रुतबा ऐसा था कि वह दिल्ली में सीएम आवास के पीछे बने सीएम ऑफिस में काम करता था जबकि वह पार्टी का मीडिया कम्युनिकेशन हेड था दिल्ली सरकार का मीडिया कम्युनिकेशन हेड नहीं था आम आदमी पार्टी का कम्युनिकेशन हेड था उसका सीएम कैंप ऑफिस में बैठ के काम करता था भाई खुद अपने बयान में बोला है कि मैं वहां से काम करता था और देखिए केजरीवाल का घर देखिए और बगल में सीएम कैंप ऑफिस देखिए मतलब इतना पास है कि केजरीवाल जी शीश महल के बालकनी से चिल्लाए कि हे विजय तो विजय को सुनाई दे जाए इतना पास अब जो आदमी मुख्यमंत्री के बहुत करीबी नहीं है मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि मेरा इससे ज्यादा लेना देना नहीं था वो सीएम कैंप ऑफिस में बैठ के क्यों काम कर रहा था बॉस ये सवाल नहीं उठेगा केजरीवाल के सीएम आवास और कैंप ऑफिस दोनों अगल बगल यानी केजरीवाल अपने बंगले से अगर जाए तो मुश्किल से मतलब चलते हुए पहुंच जाए ऐसा हाल है विजय नायर से अब केजरीवाल और उनकी पार्टी के नेता किनारा किनारा करने में जुटे लेकिन विजय नायर वह व्यक्ति था जिसकी सीएम तक डायरेक्ट पहुंच वह ऐसे बंगले में रहता था जो बंगला कैबिनेट मंत्री को अलॉट हुआ था विजय नायर जिस बंगले में रहता था वह बंगला सीएम ऑफिस से करीब डेढ़ से दो किलोमीटर की दूरी पर ही यानी चार पाच मिनट में वह सीएम ऑफिस पहुंच जाता था और सबसे बड़ा सवाल कि वह पार्टी का कम्युनिकेशन हेड है और रह रहा है मंत्री के बंगले में सोचिए कोई आदमी ऐसा है कोई और आम आदमी पार्टी में ऐसा आदमी है मुझे बताइए जो पार्टी का काम करता है लेकिन मंत्री को अटेड बंगले में रह रहा है और उसका कोई रुतबा नहीं है जो आतिशी और सौरभ हैं जो उस जमाने में विधायक होते थे वह वहां से मुख्यमंत्री के दफ्तर से काम नहीं करते थे विजय नायर जिस कैबिनेट मंत्री के बंगले पर रहता था वह बंगला दिल्ली के मंत्री कैलाश गहलोत के नाम पर अलॉट था कैलाश गहलोत खुद वहां नहीं रहते थे उन्होंने बताया कि निजी कारण से वह सरकारी बंगले में शिफ्ट नहीं हुए थे 2 दिन पहले ही ईडी ने कैलाश गहलोत से शराब घोटाले में 5 घंटे पूछताछ भी की थी पूछताछ के बाद जब कैलाश गहलोत मीडिया के सामने आए तो उन्होंने कहा था कि उन्हें पता ही नहीं कि जो बंगला उन्हें आवंटित हुआ था उनमें कौन रहता था एक बार कैलाश गहलोत को सुनिए आरोप लगे जो लेकर पॉलिसी बनी जो ग्रुप ऑफ मिनिस्टर उसका आप हिस्सा थे और विजयर आपके आवास पर रह रहा था ले देखिए मैंने ये बारबार ये कहा है कि वो आवाज बिल्कुल मेरे नाम पर लोटेड है लेकिन मैं आज भी और पहले भी अपने ही जो मेरा प्राइवेट रेसिडेंस है वसन कुंज मैं वहां प रह रहा हूं मेरे जो बच्चे हैं वो क्योंकि मेरा जो घर बसन में है डीस के बकल सामने है और मेरी वाइफ ने और बच्चों ने वहां से शिफ्ट करने के लिए मना कर दिया था तो इसलिए ना मैं कभी जो सिविल लाइ में जो बंगलो है मेरे नाम प लड है ना मैंने कभी वहां शिफ्ट किया और ना मैं कभी रहा वहां पर और विजय नायर वहां रह रहे थे यह भी मैंने स्टेटमेंट दिया सीबीआई में जब बुलाया था तब भी य स्टेटमेंट था और आज भी मेरा यही स्टेटमेंट था कि विजय नायर वहां रह रहे या नहीं रह रहे इसके बारे में मुझे कोई सूचना नहीं हालांकि आप खुद सोचिए कि विजय नायर कैलाश गहलोत को मिले बंगले में रहता था कैलाश गहलोत को बंगला नहीं चाहिए था मंत्री का बंगला कोई छोटा मोटा बंगला नहीं होता मंत्री का बंगला नहीं चाहिए था तो किसी ब विजय नायर को मिल जाएगा जो पार्टी में कम्युनिकेशन हेड है सोचिए उस आदमी की क्या इंपॉर्टेंस रही होगी केजरीवाल जी के घर के डेढ़ किलोमीटर के दायरे में रह रहा है और सीएम कैंप ऑफिस से काम कर रहा है और आज केजरीवाल जी कह रहे हैं मेरा जाना ज्यादा लेना देना नहीं था आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट करता था विजय नायर कैलाश गहलोत के जिस बंगले में रहता था उसी बंगले में टाइम्स नाउ न भारत की एडिटर इन चीफ नाविका कुमार ने एक बार अरविंद केजरीवाल का इंटरव्यू भी किया था हैरान करने वाली बात यह है कि जिस विजय नायर के बारे में दावा है कि वह आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता था वह खुद तो कैबिनेट मंत्री के अलडा दवाज को उस जमाने में वह रिपोर्ट करता था कथित तौर पर वह तब विधायक थे आतिशी और सौरभ भारद्वाज तब मंत्री कहां बने थे और वो बेचारे अपने अपने घर में रह रहे थे या सामान्य बंगलों में रह रहे थे यानी जो रिपोर्ट कर रहा है वह मंत्री के बंगले में रह रहा है और जो बॉस है जिसको यह आदमी रिपोर्ट कर रहा है वह बेचारे सामान्य घर में रह रहे हैं ऐसा बॉस भगवान सबको दे भाई ऐसा बॉस आपने सुना है कि कंपनी कह रही है कि बॉस रहेगा वन बीएचके में और जो उसका नीचे वाला एंप्लॉई जो बॉस को रिपोर्ट कर रहा है वह रहेगा बड़े से फ्लैट में फ बीएच के ऐसा कोई कंपनी में सुने कहीं सुने लेकिन विजय नायर र रहा था और आज हो रहा कि विज नायर तो पहले ही बोला हम सौरभ और आतिशी को रिपोर्ट करते थे अरे बॉस तो आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट कर रहा था तु यह सब कैसे हो रहा था बाकी चीज इसका कोई जवाब नहीं विजय नायर को लेकर शराब घोटाले में कई आरोपियों और कई गवाहों के बयान भी से ये पता चलता है कि ये कैसे शराब मामले में डीलिंग कर रहा था हमारे पास वो एक्सक्लूसिव मैसेज और बयान है जो शराब घोटाले में सुप्रीम कोर्ट के सामने रखे गए थे और जिसमें विजय नायर का रोल दिखता है हम आपको एक्सक्लूसिव मोबाइल मैसेज दिखाते हैं जो मैसेज सिग्नल ऐप पर किए गए थे और यह मैसेज विजय नायर के हैं जो ईडी ने सुप्रीम कोर्ट को दिखाए इस मैसेज को विजय नायर ने एक शराब कंपनी के रीजनल मैनेजर बिनय बाबू को भेजा था इसमें विजय नायर साफ-साफ लिख रहा है प्लान यू सजेस्टेड मे बी कंप्लीट नो गो एवरीवन अगेंस्ट इट जीरो ट्रस्ट बेसिकली यानी इस मैसेज का मतलब है कि विजय नायर एक शराब कंपनी के मैनेजर को कह रहा है कि तुमने जिस प्लान का सुझाव दिया है वह पूरी तरह खारिज हो सकता है हर कोई इसके खिलाफ है किसी को भरोसा नहीं है और जिसको मैसेज गया वह खुद यह बता रहा है आप खुद देखिए इस विजय नायर के इस मैसेज से यह लग रहा है कि वह शराब कारोबारियों से सीधा-सीधा डील कर रहा था भाई कम्युनिकेशन हेड है और इस तरह का मैसेज सवाल नहीं उठेंगे और जब उसके पास कोई सरकारी पद नहीं था उसके बावजूद वोह किस अथॉरिटी से किसके कहने पर सरकारी कामकाज देख रहा था सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि विजय नायर किन लोगों के बारे में कह रहा था कि वह शराब कंपनी के प्लान से सहमत नहीं है इससे पहले जो चैट हमने दिखाई उसमें विजय नायर कनड रिकॉर्ड नाम की शराब कंपनी की तरफ से दिए गए सुझावों के बारे में बात कर रहा था अब एक और चैट देखिए इस चैट में विजय नायर उसी कंपनी के बारे में कुछ जानकारी मांग रहा है चैट में लिखा था कि इज मनोज योर डिसीजन में वड लाइक टू मीट हिम एस वेल आईडियली यानी विजय नायर शराब कंपनी के डिसीजन मेकर की जानकारी लेना चाह रहा है और उससे मिलना भी चाह रहा है इस चैट से भी यह लगता है कि विजय नायर काफी करीब से शराब पॉलिसी को लेकर काम कर रहा था जो ईडी दावा कर रही है और अलग-अलग शराब कंपनियों से बातचीत भी कर रहा था यही बात यही दावा ईडी कोर्ट में कर चुकी है और कहा जा रहा है कि विजय नायर तो कम्युनिकेशन देखता ठीक है देखता होगा लेकिन ईडी तो सवाल उठा रही कि फिर यह क्या है अरविंद केजरीवाल तो विजय नायर से कन्नी काट रहे हैं लेकिन ईडी की जांच में कई आरोपियों और गवाहों ने अपने स्टेटमेंट में यह क्लियर कट कहा है कि विजय नायर केजरीवाल के लिए काम कर रहा है हमारे पास विजय नायर के बारे में एक्सक्लूसिव जानकारी है जो शराब घोटाले के मामले में ईडी सुप्रीम कोर्ट को भी बता चुकी जैसे हैदराबाद के बिजनेसमैन अरुण पिल्लई ने ईडी को 6 मार्च 2022 को दिए बयान में कहा कि शराब पॉलिसी बनाने और लागू करने को लेकर विजय नायर को केजरीवाल और सिसोदिया दोनों का सपोर्ट बुची बाबू जो सीए हैं और आरोपी के कविता के करीबी हैं उन्होंने 23 फरवरी 2022 को दिए बयान में बताया था कि विजय नायर अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के आदेश पर ही शराब नीति पर काम कर रहा था इसी तरह शराब कारोबारी दिनेश अरोड़ा ने 6 अप्रैल 2023 को ईडी को बताया था कि वह विजय नायर से अचानक से नहीं मिला यह मीटिंग मनीष सिसोदिया ने अरेंज कराई थी मनीष सिसोदिया ने कहा था कि एक्साइज पॉलिसी को लेकर विजय नायर के साथ मिलकर काम करो यानी इस पूरे मामले के कई आरोपी विजय नायर का नाम ले चुके हैं और केजरीवाल जी कहते हैं मेरा इससे ज्यादा लेना देना नहीं तो फिर जिनका लेना देना है जिनको यह रिपोर्ट करता था फिर ईडी उनसे भी सवाल कर सकती है फिर तो फिर क्या उनकी भी गिरफ्तारी हो सकती है आतिशी और सौरभ भारद्वाज की ये सवाल उठेंगे जिस विजय नायर के लिए अरविंद केजरीवाल यह कह रहे हैं कि उनका विजय नायर से ज्यादा संपर्क नहीं था उसी विजय नायर से जुड़े कई सबूत ईडी ने केजरीवाल को दिखाए और स ईडी सूत्रों के मुताबिक पूछताछ के दौरान विजय नायर और घोटाले के सह आरोपियों के 10 से ज्यादा मीटिंग के सबूत अरविंद केजरीवाल को दिखाए गए केजरीवाल से यह पूछा गया कि विजय नायर किस अथॉरिटी से दिनेश अरोड़ा अभिषेक बोइन पल्ली जैसे आरोपियों से मुलाकात कर रहा था इस पर केजरीवाल ने साफसाफ मना कर दिया कि वह इन लोगों को जानते ही नहीं इस पर ईडी का कहना था कि विजय नायर जैसे सीनियर व्यक्ति जो कि सीएम केजरीवाल से बहुत करीबी करीब रहकर काम करता था वो कोई भी काम बिना पार्टी के हेड यानी केजरीवाल के अप्रूवल के बिना तो नहीं कर सकता था यह सब बातें यह सब बयान और मैसेज के सबूत होने के बाद भी विजय नायर से केजरीवाल कैसे किनारा कर सकते यह सवाल उठ रहा है और कैसे यह कह सकते हैं कि विजय नायर तो आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता अब आम आदमी पार्टी पूरा जोर लगा रही है कि ऐसा मैसेज ना जाए कि केजरीवाल अपने ही मंत्रियों को अपने से दूर कर रहे हैं या ऐसे बयान दे रहे हैं जिससे अपने मंत्री फस जाए लेकिन विजय नायर को लेकर जो बातें कही जा रही है और जो ईडी ने जांच कर पता किया और दावा किया कोर्ट में उससे कई सवाल उठते हैं जैसे विजय नायर के बारे में केजरीवाल ने कहा कि वोह आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट करता था जबकि ईडी के दावों के मुताबिक विजय नायर तो केजरीवाल का राइट हैंड था और ईडी को कई गवाहों ने यह बताया यहां सवाल यह भी है कि ऐसा व्यक्ति जो पार्टी का मीडिया कम्युनिकेशन हेड हो जो सीएम आवास के पीछे बने उस सीएम कैंप ऑफिस का इस्तेमाल करता हो जो ऑफिस पार्टी के लिए नहीं बल्कि सीएम के अपने काम के लिए कर होती है और जो व्यक्ति कैबिनेट मंत्री के आवास में रहता हो उस व्यक्ति के बारे में केजरीवाल कैसे यह दावा कर सकते हैं कि कैंप ऑफिस में कई लोग काम करते हैं उन्हें सबके बारे में क्या पता एक सवाल यह भी है कि जो व्यक्ति आम आदमी पार्टी के लिए काम कर रहा है वह व्यक्ति पार्टी ऑफिस छोड़कर सीएम के पर्सनल ऑफिस से क्यों काम कर रहा था अब आप खुद सोचिए जो व्यक्ति इतना हाई प्रोफाइल दिख रहा है पार्टी का कम्युनिकेशन हेड है चुनाव में जिस पर बड़ी जिम्मेदारियां रहती थी जिसके पास सीएम के ऑफिस का एक्सेस है रहने के लिए मंत्री का बंगला है उस इंसान के बारे में क्या सीएम को खुद पता नहीं होगा और जब वो इतना हाई प्रोफाइल था तो किसी मंत्री नहीं बल्कि दो सामान्य विधायकों को क्यों रिपोर्ट कर रहा था यह बात आसानी से हजम होने वाली नहीं लगती और यही बात ईडी को भी हजम नहीं हुई इसलिए ईडी अरविंद केजरीवाल से विजय नायर पर सवाल पूछ रही है और विजय नार कह रहे कि मैं तो नहीं जानता ज्यादा आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट करता था अब केजरीवाल जो भी कहे लेकिन यह जांच रुकने वाली नहीं है और क्या उनके इस बयान के बाद अब ईडी आतिशी और सौरभ भारद्वाज के घर पर भी दस्तक देगी यह सवाल उठने लगे हैं पाठशाला पर देखिए शराब घोटाले से जुड़े वह मोबाइल मैसेज जो बड़ा राज खोल दे किसी जमाने में दूसरों को तिहाड़ जेल भेजने की बातें करने वाले केजरीवाल के लिए वक्त का पहिया ऐसा घूमा कि आज केजरीवाल खुद तिहाड़ जेल में पहुंच गए केजरीवाल ने जिस दिन के बारे में सोचा नहीं था वो दिन आज आ गया और जिनको केजरीवाल कहते थे कि तिहाड़ में भेजेंगे वो लोग रामलीला मैदान में अरविंद केजरीवाल तिहाड़ क्यों जा रहे हैं इस पर छाती पीट रहे थे पूरा जो वक्त का पहिया होता है ना व पलट गया घूम गया ईडी ने केजरीवाल की आज रिमांड नहीं मांगी और कोर्ट ने उन्हें 15 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया यानी जेल भेज दिया इसके बाद जेल वैन में केजरीवाल को भरकर तिहार जेल पहुंचा दिया गया लेकिन जेल जाते ही केजरीवाल ने आज एक और रिकॉर्ड बना दिया अब तक वह देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री थे जो रिमांड में होने के बावजूद मुख्यमंत्री पद पर बैठे हुए आज केजरीवाल ने नया रिकॉर्ड बना दिया व आए थे ना पॉलिटिक्स बदलने देखिए पॉलिटिक्स बदल दी आज वह देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन गए जो जेल के अंदर जाकर भी मुख्यमंत्री हैं केजरीवाल अब उसी तिहार जेल में रहेंगे जहां उनके पुराने साथी मनीष सिसोदिया संजय सिंह और सतेंद्र जैन बन केजरीवाल को तिहाड़ की जेल नंबर दो दो में रखा गया है वो जेल नंबर दो में अकेले रहेंगे केजरीवाल के साथ ही संजय सिंह को कुछ दिन पहले ही जेल नंबर दो से जेल नंबर पांच में शिफ्ट किया गया है इसके अलावा पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया जेल नंबर वन में है और केजरीवाल के एक और मंत्री रहे सत्येंद्र जैन जेल नंबर सात में यानी अब आम आदमी पार्टी के सीनियर लीडर्स का नया ठिकाना तिहार जेल बन गया और देश में शायद ही कोई ऐसी पार्टी होगी जो लॉन्च होने के इतने कम समय में इस तरह का प्रदर्शन करते हुए उसके तमाम बड़े नेता जेल के अंदर गए तिहार जेल में अब सीएम केजरीवाल के साथ क्या क्या होने वाला है यह आपको आगे बताऊंगा लेकिन पहले सुनिए कि तिहार जाने से पहले आज जब केजरीवाल जी कोर्ट में पेश हुए तो उन्होंने क्या कहा जी यानी उन्होंने प्रधानमंत्री पर डाल दिया कि प्रधानमंत्री जो कर रहे हैं वो देश के लिए ठीक नहीं र जेल तो आपको कोर्ट ने भेजा गलत था तो कोर्ट कह देता कि नहीं जेल नहीं भेजेंगे इनको केजरीवाल जेल जाने पर सिंपैथी बटोरने में जुटे हैं लेकिन यह सिंपी उन्हें मिलेगी या नहीं यह तो वक्त बताएगा फिलहाल उन्हें तिहाड़ में क्या-क्या मिलने वाला है मैं बता देता हूं कोर्ट से केजरीवाल ने तिहाड़ में कई सारी चीजों की परमिशन मांगी कोर्ट ने तिहाड़ के अंदर केजरीवाल को क्या-क्या ले जाने की परमिशन दी है आपको पहले वोह बता देता हूं केजरीवाल अपना गद्दा तिहार जेल में यूज कर पाएंगे केजरीवाल ने कहा उनको चादर भी अपना चाहिए तो चादर भी उनको अपना मिलेगा केजरीवाल ने दो तकिया मांगा तो कोर्ट ने कहा दो तकिया रख लीजिए इसके अलावा रजाई और कंबल यह भी केजरीवाल अपना इस्तेमाल कर सकेंगे यानी चादर तकिया गद्दा रजाई कंबल कुछ भी जेल का नहीं अपना इस्तेमाल करेंगे केजरीवाल जी केजरीवाल ने अपनी हेल्थ से जुड़ी हुई कई परमिशन भी कोर्ट से मांग केजरीवाल की सेहत को देखते हुए कोर्ट ने कहा कि केजरीवाल हेल्थ मॉनिटरिंग डिवाइस अंदर ले जा सकते हैं क्योंकि केजरीवाल जी के परिवार का कहना है कि बहुत हाई शुगर रहता हैन बहुत बीमार है शुगर की वजह से तो कोर्ट ने कहा कि ठीक है हेल्थ मॉनिटरिंग डिवाइस ले जाइए इसके अलावा शुगर शुगर शुगर सेंसर चार्जर शुगर शुगर मशीन वाला वो ले जाइए और जो ग्लूकोमीटर होता है वो ले जाइए सेंसर रीडर ले जाइए इसके अलावा अगर ब्लड शुगर लेवल नीचे जाता है तो उसके लिए कई बार तुरंत टॉफी खानी पड़ती है ताकि शुगर लेवल ऊपर जाए तो कोर्ट ने कहा ठीक है आप जेल में रहिए लेकिन टॉफी रखिए ग्लूकोज रखिए डायबिटीज की दवाइयां रखिए यह सब आपको जेल अथॉरिटी दे देगा इसके अलावा कोर्ट ने इस बात की परमिशन दे दी है कि अरविंद केजरीवाल घर का बना खाना खा सकते हैं और इतना ही नहीं उन्हें जेल का पानी जेल की पानी जेल का जो पानी है वो भी नहीं पीना पड़ेगा व बोतल बंद पानी मंगवा सकते यानी घर का खाना पहुंचेगा केजरीवाल वही खाएंगे जेल का खाना नहीं खाएंगे तो जो एक कहावत थी कि जेल की रोटी खानी पड़ेगी जेल का पानी पीना पड़ेगा वो जेल में रहकर भी केजरीवाल जी पर लागू नहीं होगी क्योंकि वह घर का खाना खाते रहेंगे घर का पानी पीते रहेंगे या बोतल बंद बिसलेरी वगैरह जो होता है मिनरल वाटर वो पीते रहे इसके अलावा केजरीवाल ने जेल में पढ़ने के लिए तीन किताबें मांगी केजरीवाल जी ने कहा कि मुझे रामायण दीजिए सर मैं रामायण पढ़ना चाहता हूं उन्होंने कहा मैं भगवत गीता पढ़ना चाहता हूं और तीसरी किताब उन्होंने मांगी कि हाउ प्राइम मिनिस्टर्स डिसाइड यह तीन किताबें मैं पढ़ना चाहता हूं अब तीनों बुक्स की परमिशन कोर्ट ने दे दी कि ठीक है ले जाइए पढ़िए हालांकि तीनों किताबों की परमिशन यह भी दिखाती है कि शायद केजरीवाल जी को अंदर ही अंदर यह पता चल गया है कि वो लंबा अंदर गए नहीं तो तीन किताब क्यों मांगते अगर पा दिन 10 दिन में 15 दिन में निकलने वा 15 दिन में पढ़ लेंगे पूरा रामायण और गीता और तीसरी किताब भी अच्छा तीसरी किताब का नाम भी बड़ा इंटरेस्टिंग है हाउ प्राइम मिनिस्टर्स डिसाइड यह किताब वो पढ़ना चाहते हैं अब या तो इस किताब से वो यह समझना चाह रहे हैं कि प्रधानमंत्री कैसे सोचते हैं यह पता चले तो समझ में आए कि मोदी जी अब अगला क्या सोचने वाले हैं करने वाले हैं और नहीं तो शायद यह मैसेज देना चाह रहे हैं कि मैं तो अब यहां से निकलूंगा तो प्रधानमंत्री ही बनूंगा खैर बॉस उनके मन में क्या चल रहा है ये तो वही जाने लेकिन सियासत में ऐसी मैसेजिंग कई बार की जाती है जो अरविंद केजरीवाल भी कर रहे हैं अरविंद केजरीवाल का तिहाड़ जेल में क्या शेड्यूल होने वाला है व भी आपको बता देता हूं दरअसल तिहार जेल में अरविंद केजरीवाल को भी वही शेड्यूल फॉलो करना होगा जो बाकी कैदियों का होता है आप मुख्यमंत्री हैं उससे फर्क नहीं पड़ता बॉस आप वहां कैदी हैं तो जो बाकी करेंगे वह आपको करना पड़ेगा तिहाड़ के शेड्यूल के मुताबिक अरविंद केजरीवाल को बाकी कैदियों के साथ सुबह-सुबह 6:30 बजे उठना पड़ेगा कैदियों को नाश्ते में चाय और ब्रेड दी जाती है हालांकि चूंकि केजरीवाल को परमिशन है कि वह ना घर खाना घर से मंगा सकते हैं तो उनका नाश्ता भी शायद घर से आएगा फिर दोपहर का खाना सुबह 10:30 से 11 के बीच में मिल जाता है उसमें आम कैदियों को दाल मिलती है सब्जी मिलती है रोटी या चावल मिलता है लेकिन केजरीवाल जी का खाना घर से आएगा तो व घर का खाना खाएंगे इसके बाद शाम में 5:30 बजे डिनर दे दिया जाता है तो केजरीवाल जी का डिनर भी घर से आ जाएगा 5:30 बजे और 7 बजे सभी कैदियों को अपने बैरक में वापस जाने के लिए कह दिया जाता है सब वापस चले जाते हैं ऐसा नहीं कि जेल जाने से अरविंद केजरीवाल का पीछा ईडी से छूट गया आज कोर्ट में ईडी ने बताया कि अरविंद केजरीवाल ने जांच में सहयोग नहीं किया तो जो लोग कहते थे कि हम एक एक चीज में सहयोग करेंगे ईडी कोर्ट में खड़े होकर कह रही कि सहयोग ही नहीं कर रहे सवालों के गोलमोल जवाब देकर जांच को भटकाने की कोशिश कर रहे अपने फोन का पासवर्ड तक नहीं दे रहे इसलिए ईडी ने कोर्ट में कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वह फिर से केजरीवाल को हिरासत में ले सकते हैं ऐसी भी खबरें हैं कि अरविंद केजरीवाल के आईफोन का डाटा एक्सेस करने के लिए ईडी ने मोबाइल कंपनी एल से भी सहयोग मांगा यानी ईडी से अरविंद केजरीवाल का पीछा अभी नहीं छूटने वाला बॉस ईडी को जब जरूरत पड़ेगी पूछताछ के लिए केजरीवाल को फिर रिमांड में ले सकती है अरविंद केजरीवाल तिहाड़ में तो चले गए लेकिन यह चर्चा बहुत चल रही है कि क्या जेल जाते जाते वो अपने दो मंत्रियों आतिशी और सौरभ भारद्वाज को फसा के तो नहीं चले गए ऐसा लोग पूछ रहे हैं इस बात की चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि केजरीवाल ने शराब घोटाले के एक बड़े आरोपी विजय नायर के आतिशी और सौरभ भारद्वाज से कनेक्शन को जोड़ दिया और अपना पल्ला झाड़ लिया ऐसा लगा ईडी के मुताबिक केजरीवाल से पूछताछ में जब यह सवाल किया गया कि किस हद तक केजरीवाल जी आप किस हद तक विजय नायर से संपर्क में थे और किस हद से हद तक वो केजरीवाल को रिपोर्ट तो ईडी कह रही है कोर्ट को कि केजरीवाल ने कहा कि विजय नायर उनको तो रिपोर्ट ही नहीं करता था वह तो आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता था अरविंद केजरीवाल ने यह भी दावा किया कि विजय नायर से उनका इंटरेक्शन या बातचीत बहुत सीमित थी म ज्यादा उससे टच में नहीं था मैं आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट करता था ले अब इसी बात को लेकर सवाल उठने लगे कि क्या केजरीवाल ने यह बात कहकर अपने दो मंत्रियों दिया क्या क्योंकि जिस विजय नायर से केजरीवाल ने किनारा कर लिया कि मैं तो ज्यादा मिलता उलता नहीं था मैं ज्यादा उससे मेरा कोई इंटरेक्शन नहीं था और अपने दो मंत्रियों आतिशी और सौरभ भारद्वाज का पूरा पूरा ऐसा लग रहा है कि कनेक्शन जोड़ दिया जैसे विजय नायर सिर्फ उन्हीं के संपर्क में था वो विजय नायर कोई मामूली आदमी नहीं है इस शराब घोटाले के आरोपों के मामले में विजय नायर आम आदमी पार्टी का मीडिया एंड कम्युनिकेशन हेड था आम आदमी पार्टी का केजरीवाल सरकार का नहीं आम आदमी पार्टी का मीडिया एंड कम्युनिकेशन हेड था विजय नायर शराब घोटाले के सबसे अहम किरदारों में से एक है ईडी के मुताबिक विजय नायर शराब घोटाले में केजरीवाल और साउथ लॉबी के बीच मिडिल मैन था बिचौलिया ईडी का आरोप है कि केजरीवाल ने विजय नायर के जरिए ही शराब घोटाले की रिश्वत ली अब ऐसा आदमी जिसके बारे में कहा जा रहा है कि वोह केजरीवाल और उनकी सरकार और साउथ लॉबी के बीच में पूरा काम कर रहा था जिसके कंधे पर है कि उसने पूरा पैसा वैसा लिया यह आरोप पीढ़ लगाती है उसके लिए केजरीवाल ने कह दिया कि मैं ज्यादा नहीं जानता था वो सौरभ और आतिशी को रिपोर्ट करता था तो लोग पूछने लगे कि ल अब तो अगला नंबर आतिशी या सौरभ भारद्वाज का है क्या गिरफ्तार होने का केजरीवाल ने विजय नायर को लेकर जो बातें कही है और उसका आतिशी और सौरभ से जो कनेक्शन जोड़ा जा रहा है उस पर आम आदमी पार्टी का दावा है कि जब विजय नायर को हिरासत में लिया गया था तब उसने भी कहा था कि वो सीएम केजरीवाल को रिपोर्ट नहीं करता इसलिए आज इस बात को उठाने का क्या मतलब है कि केजरीवाल ने विजय नायर से किनारा कर लिया विजय नायर ने जांच में में बताया था कि वो आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता है आम आदमी पार्टी का आरोप है कि यह बयान इसलिए आया क्योंकि ईडी आतिशी और सौरभ भारद्वाज को फसाना चाहती आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि बीजेपी को लग गया है कि सिर्फ केजरीवाल को जेल भेजने से काम नहीं होगा दूसरे नेताओं को भी जेल भेजना होगा एक बार सुनिए आम आदमी पार्टी ने इस पर क्या कहा है फिर आपको बताऊंगा कि कैसे विजय नायर को लेकर केजरीवाल के बयान ने आम आदमी पार्टी को ही फंसा दिया है जब विजय नायर जी को हिरासत में लिया गया था तब उन्होंने यह बात क डेढ़ साल पहले उन्होने यही बात करी थी कि मैं मुख्यमंत्री को रिपोर्ट नहीं करता मैं जो भी अपना काम करता हूं उसमें मेरा रिपोर्टिंग अति और सौरभ से अब आज आप डेढ़ साल बाद जब आपको कुछ नहीं मिला तो ईडी ने सवाल पैदा होता है कि आज डेढ़ साल बाद जो बयान लिखित में ईडी के पास खुद है वो डेढ़ साल बाद की उठा रहा है और अब मैं यह दावे के साथ कहता हूं इन दोनों हमारे वरिष्ठ नेताओं का नाम जो दिल्ली में भी मंत्री है आती और सौरव भारद्वाज उनका इसीलिए गया है क्योंकि अब भाजपा को समझ में आ गया कि अरे भाई एक अरविंद केजरीवाल को जेल में डालने से यह पार्टी बंद नहीं होगी अब एक काम करो दो तीन और नेताओं की तैयारी करना शुरू करो तभी इनका नाम आज आया है यह नाम तो पहले से ही इनके बयानों में दर्ज था भाई इनका नाम पहले से बयानों में दर्ज था लेकिन अगर केजरीवाल भी वही बात कह रहे हैं तो ईडी कोर्ट में क्या कहे ना बताए कि केजरीवाल कह रहे हैं कि विजय नायर तो आतिशी और सौरव भारद्वाज को रिपोर्ट करता था और वो रिपोर्ट किसी भी को को किसी को भी करें जो आदमी इस पूरे मामले में मुख्य सूत्रधार बताया जा रहा है बिचौलिया बताया जा रहा है उसके लिए केजरीवाल ने यह कह दिया कि मेरा इससे ज्यादा कनेक्शन नहीं था यह बात बड़ी इंपॉर्टेंट है आज पूरी आम आदमी पार्टी इस बात पर जोर लगा रही है कि केजरीवाल ने विजय नायर पर जो बात कही वह सही है और केजरीवाल का विजय नायर से कोई ज्यादा लेना देना नहीं था लेकिन आपको कुछ तस्वीरें दिखाता हूं यह तस्वीर देखिए इसमें केजरीवाल और विजय नायर दोनों साथ में दिख रहे हैं एक व्यक्ति केजरीवाल और विजय नायर दोनों के कंधे पर हाथ रख के खड़ा है अब सोचिए अगर एक व्यक्ति केजरीवाल और विजय नायर दोनों के कंधे पर हाथ डालकर खड़ा है तो इसका मतलब तो यही लगता है कि केजरीवाल और विजय नायर दोनों का कद इस आदमी के लिए एक जैसा होगा भाई जो आदमी इतना पावरफुल है कि वह केजरीवाल के कंधे पर हाथ रख दे रहा है वह बगल में विजय नायर के कंधे पर हाथ रख के फोटो खींचा रहा है तो विजय नायर का कद भी तो कुछ होगा इससे विजय नायर की साफसाफ अहमियत दिख रही है यानी विजय नायर कोई ऐसा व्यक्ति नहीं था जिसे केजरीवाल जानते पहचानते ना हो आते जाते मिलियो वाला हिसाब फिर केजरीवाल की नजरों में विजय नायर की कोई अहमियत ना हो यह कैसे हो सकता है और सुनिए विजय नायर का रुतबा कैसा था वह भी आपको दिखाता हूं विजय नायर का रुतबा ऐसा था कि वह दिल्ली में सीएम आवास के पीछे बने सीएम ऑफिस में काम करता था जबक वह पार्टी का मीडिया कम्युनिकेशन हेड था दिल्ली सरकार का मीडिया कम्युनिकेशन हेड नहीं था आम आदमी पार्टी का कम्युनिकेशन हेड था उसका सीएम कैंप ऑफिस में बैठक काम करता था भाई खुद अपने बयान में बोला है कि मैं वहां से काम करता था और देखिए केजरीवाल का घर देखिए और बगल में सीएम कैंप ऑफिस देखिए मतलब इतना पास है कि केजरीवाल जी शीश महल के बालकनी से चिल्लाए विजय तो विजय को सुना ही दे जाए इतना पास अब जो आदमी मुख्यमंत्री के बहुत करीबी नहीं है मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि मेरा इससे ज्यादा लेना देना नहीं था वो सीएम कैंप ऑफिस में बैठ के क्यों काम कर रहा था बॉस यह सवाल नहीं उठेगा केजरीवाल के सीएम आवास और कैंप ऑफिस दोनों अगल बगल यानी केजरीवाल अपने बंगले से अगर जाएं तो मुश्किल से मतलब चलते हुए पहुंच जाए ऐसा हाल है विजय नायर से अब केजरीवाल और उनकी पार्टी के नेता किनारा किनारा करने में जुटे लेकिन विजय नायर वो व्यक्ति था जिसकी सीएम तक डायरेक्ट पहुंच वो ऐसे बंगले में था जो बंगला कैबिनेट मंत्री को अलट हुआ था विजय नायर जिस बंगले में रहता था वह बंगला सीएम ऑफिस से करीब डेढ़ से दो किलोमीटर की दूरी पर ही था यानी चार पाच मिनट में वह सीएम ऑफिस पहुंच जाता था और सबसे बड़ा सवाल कि वह पार्टी का कम्युनिकेशन हेड है और रह रहा है मंत्री के बंगले में सोचिए कोई आदमी ऐसा है कोई और आम आदमी पार्टी में ऐसा आदमी है मुझे बताइए जो पार्टी का काम करता है लेकिन मंत्री को अलडा नहीं है जो आतिशी और सौरभ है जो उस जमाने में विधायक होते थे वह वहां से मुख्यमंत्री के दफ्तर से काम नहीं करते थे विजय नायर जिस कैबिनेट मंत्री के बंगले पर रहता था वह बंगला दिल्ली के मंत्री कैलाश गहलोत के नाम पर अलॉट था कैलाश गहलोत खुद वहां नहीं रहते थे उन्होंने बताया कि निजी कारण से वो सरकारी बंगले में शिफ्ट नहीं हुए थे दो दिन पहले ही ईडी ने कैलाश गहलोत से शराब घोटाले में पाच घंटे पूछताछ भी की थी पूछताछ के बाद जब कैलाश गहलोत मीडिया के सामने आए तो उन्होंने कहा था कि उन्हें पता ही नहीं कि जो बंगला उन्हें आवंटित हुआ था उनमें कौन रहता था एक बार कैलाश गहलोत को सुनिए आरोप लगे कि जो लेकर पॉलिसी बनी जो ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स उसका आप हिस्सा थे और विजय अनार आपके आवास पर रह रहा थाको ले देखिए मैंने ये बार-बार ये कहा है कि वो आवास बिल्कुल मेरे नाम पे लोटेड है लेकिन मैं आज भी और पहले भी अपने ही जो मेरा प्राइवेट वसंत कुंज जी मैं वहां पे रह रहा हूं मेरे जो बच्चे हैं वो क्योंकि मेरा जो घर वसंत कुंज में है वो डीपीएस के बिल्कुल सामने है और मेरी वाइफ ने और बच्चों ने वहां से शिफ्ट करने के लिए मना कर दिया था तो इसलिए ना मैं कभी पहले वो बता देता हूं केजरीवाल अपना गद्दा तिहार जेल में यूज कर पाएंगे केजरीवाल ने कहा उनको चादर भी अपना चाहिए तो चादर भी उनको अपना मिलेगा केजरीवाल ने दो तकिया मांगा तो कोर्ट ने कहा दो तकिया रख लीजिए इसके अलावा रजाई और कंबल यह भी केजरीवाल अपना इस्तेमाल कर सकेंगे यानी चादर तकिया गद्दा रजाई कंबल कुछ भी जेल का नहीं अपना इस्तेमाल करेंगे केजरीवाल जी केजरीवाल ने अपनी हेल्थ से जुड़ी हुई कई परमिशन भी कोर्ट से मांग केजरीवाल की सेहत को देखते हुए कोर्ट ने कहा कि केजरीवाल हेल्थ मॉनिटरिंग डिवाइस अंदर ले जा सकते हैं क्योंकि केजरीवाल जी के परिवार का कहना है कि बहुत हाई शुगर रहता है बहुत बीमार है शुगर की वजह से तो कोर्ट ने कहा कि ठीक है हेल्थ मॉनिटरिंग डिवाइस ले जाइए इसके अलावा शुगर सेंस शुगर शुगर सेंसर चार्जर शुगर शुगर मशीन वाला वह ले जाइए और जो ग्लूकोमीटर होता है वह ले जाइए सेंसर रीडर ले जाइए इसके अलावा अगर ब्लड शुगर लेवल नीचे जाता है तो उसके लिए कई बार तुरंत टॉफी खानी पड़ती है ताकि शुगर लेवल ऊपर जाए तो कोर्ट ने कहा ठीक है आप जेल में रहिए लेकिन टॉफी रखिए ग्लूकोज रखिए डायबिटीज की दवाइयां रखिए यह सब को जेल अथॉरिटी दे देगा इसके अलावा कोर्ट ने इस बात की परमिशन दे दी है कि अरविंद केजरीवाल घर का बना खाना खा सकते हैं और इतना ही नहीं उन्हें जेल का पानी जेल की पानी जेल का जो पानी है वह भी नहीं पीना पड़ेगा वह बोतल बंद पानी मंगवा सकते यानी घर का खाना पहुंचेगा केजरीवाल वही खाएंगे जेल का खाना नहीं खाएंगे तो जो एक कहावत थी कि जेल की रोटी खानी पड़ेगी जेल का पानी पीना पड़ेगा व जेल में र भी केजरीवाल जी पर लागू नहीं होगी क्योंकि वह घर का खाना खाते रहेंगे घर का पानी पीते रहेंगे या बोतल बंद बिसलेरी वगैरह जो होता है मिनरल वाटर वो पीते रहेंगे इसके अलावा केजरीवाल ने जेल में पढ़ने के लिए तीन किताबें मांगी केजरीवाल जी ने कहा कि मुझे रामायण दीजिए सर मैं रामायण पढ़ना चाहता हूं उन्होंने कहा मैं भगवत गीता पढ़ना चाहता हूं और तीसरी किताब उन्होंने मांगी कि हाउ प्राइम मिनिस्टर्स डिसाइड यह तीन किताबें मैं पढ़ना चाहता हूं अब तीनों बुक्स की परमिशन कोर्ट ने दे दी कि ठीक है ले जाइए पढ़िए हालांकि तीनों किताबों की परमिशन यह भी दिखाती है कि शायद केजरीवाल जी को अंदर ही अंदर यह पता चल गया है कि वो लंबा अंदर गए हैं नहीं तो तीन किताब क्यों मांगते अगर पाच दिन 10 दिन में 15 दिन में निकलने वाले 15 दिन में पढ़ लेंगे पूरा रामायण और गीता और तीसरी किताब दी अच्छा तीसरी किताब का नाम भी बड़ा इंटरेस्टिंग है हाउ प्राइम मिनिस्टर्स डिसाइड यह किताब वो पढ़ना चाहते हैं अब या तो इस किताब से वो यह समझना चाह रहे हैं कि प्रधानमंत्री कैसे सोचते हैं यह पता चले तो समझ में आए कि मोदी जी अब अगला क्या सोचने करने वाले और नहीं तो शायद यह मैसेज देना चाह रहे हैं कि मैं तो अब यहां से निकलूंगा तो प्रधानमंत्री ही बनूंगा खैर बस उनके मन में क्या चल रहा है य तो वही जाने लेकिन सियासत में ऐसी मैसेजिंग कई बार की जाती है जो अरविंद केजरीवाल भी कर रहे हैं अरविंद केजरीवाल का तिहाड़ जेल में क्या शेड्यूल होने वाला है वह भी आपको बता देता हूं दरअसल तिहाड़ जेल में अरविंद केजरीवाल को भी वही शेड्यूल फॉलो करना होगा जो बाकी कैदियों का होता है आप मुख्यमंत्री हैं उससे फर्क नहीं पड़ता बॉस आप वहां कैदी हैं तो जो बाकी करेंगे वह आपको करना पड़ेगा तिहाड़ के शेड्यूल के मुताबिक अरविंद केजरीवाल को बाकी कैदियों के साथ सुबह-सुबह 6:30 बजे उठना पड़ेगा कैदियों को नाश्ते में चाय और ब्रेड दी जाती है हालांकि चूंकि केजरीवाल को परमिशन है कि वह र खाना घर से मंगा सकते हैं तो उनका नाश्ता भी शायद घर से आएगा फिर दोपहर का खाना सुबह 10:30 से 11 के बीच में मिल जाता है उसमें आम कैदियों को दाल मिलती है सब्जी मिलती है रोटी या चावल मिलता है लेकिन केजरीवाल जी का खाना घर से आएगा तो व घर का खाना खाएंगे इसके बाद शाम में 530 बजे डिनर दे दिया जाता है तो केजरीवाल जी का डिनर भी घर से आ जाएगा 5:30 बजे और 7 बजे सभी कैदियों को अपने बैरक में वापस जाने के लिए कह दिया जाता है सब वापस चले जाते हैं ऐसा नहीं कि जेल जाने से अरविंद केजरीवाल का पीछा ईडी से छूट गया आज कोर्ट में ईडी ने बताया कि अरविंद केजरीवाल ने जांच में सहयोग नहीं किया तो जो लोग कहते थे कि हम एक एक चीज में सहयोग करेंगे ईडी कोर्ट में खड़े होकर कह रही है कि सहयोग ही नहीं कर रहे सवालों के गोलमोल जवाब देकर जांच को भटकाने की कोशिश कर रहे अपने फोन का पासवर्ड तक नहीं दे रहे इसलिए ईडी ने कोर्ट में कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वह फिर से केजरीवाल को हिरासत में ले सकते हैं ऐसी भी खबरें हैं कि अरविंद केजरीवाल के आईफो का डाटा एक्सेस करने के लिए ईडी ने मोबाइल कंपनी एल से भी सहयोग मांगा यानी ईडी से अरविंद केजरीवाल का पीछा भी नहीं छूटने वाला बॉस ईडी को जब जरूरत पड़ेगी पूछताछ के लिए केजरीवाल को फिर रिमांड में ले सकती है अरविंद केजरीवाल तिहाड़ में तो चले गए लेकिन यह चर्चा बहुत चल रही है कि क्या जेल जाते-जाते वह अपने दो मंत्रियों आतिशी और सौरभ भारद्वाज को फसा के तो नहीं चले गए ऐसा लोग पूछ रहे हैं इस बात की चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि केजरीवाल ने शराब घोटाले के एक बड़े आरोपी विजय नायर के आतिशी और सौरभ भारद्वाज से कनेक्शन को जोड़ दिया और अपना पल्ला झाड़ लिया ऐसा लगा ईडी के मुताबिक केजरीवाल से पूछताछ में जब यह सवाल किया गया कि किस हद तक केजरीवाल जी आप किस हद तक विजय नायर से संपर्क में थे और किस हद से हद तक वह केजरीवाल को रिपोर्ट करता था तो ईडी कह रही है कोर्ट को कि केजरीवाल ने कहा कि विजय नायर उनको तो रिपोर्ट ही नहीं करता था वो तो आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता था अरविंद केजरीवाल ने यह भी दावा किया कि विजय नायर से उनका इंटरेक्शन या बातचीत बहुत सीमित थी मतलब ज्यादा उससे टच में नहीं था मैं आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट करता था ले अब इसी बात को लेकर सवाल उठने लगे कि क्या केजरीवाल ने यह बात कहकर अपने दो मंत्रियों आतिशी और सौरभ भारद्वाज को फसा दिया क्या क्योंकि जिस विजय नायर से केजरीवाल ने किनारा कर लिया कि मैं तो ज्यादा मिलता उलता नहीं था मैं ज्यादा उससे मेरा कोई इंटरेक्शन नहीं था और अपने दो मंत्रियों आतिशी और सौरभ भारद्वाज का पूरा पूरा ऐसा लग रहा है कि कनेक्शन जोड़ दिया जैसे विजय नायर सिर्फ उन्हीं के संपर्क में था व विजय नायर कोई मामूली आदमी नहीं है इस शराब घोटाले के आरोपों के मामले में विजय नायर आम आदमी पार्टी का मीडिया एंड कम्युनिकेशन हेड था आम आदमी पार्टी का केजरीवाल सरकार का नहीं आम आदमी पार्टी का मीडिया एंड कम्युनिकेशन हेड था विजय नायर शराब घोटाले के सबसे अहम किरदारों में से एक है ईडी के मुताबिक विजय नायर शराब घोटाले में केजरीवाल और साउथ लॉबी के बीच मिडल मैन था बिचौलिया ईडी का आरोप है कि केजरीवाल ने विजय नायर के जरिए ही शराब ले की रिश्वत ली अब ऐसा आदमी जिसके बारे में कहा जा रहा है कि वो केजरीवाल और उनकी सरकार और साउथ लॉबी के बीच में पूरा काम कर रहा था जिसके कंधे पर है कि उसने पूरा पैसा वैसा लिया यह आरोप ईडी लगाती है उसके लिए केजरीवाल ने कह दिया कि मैं ज्यादा नहीं जानता था वो सौरभ और आतिशी को रिपोर्ट करता था तो लोग पूछने लगे कि ल अब तो अगला नंबर आतिशी सौरभ भारद्वाज का है क्या गिरफ्तार होने का केजरीवाल ने विजय नायर को लेकर जो बातें कही है और उसका आतिशी और सौरभ से जो कनेक्शन जोड़ा जा रहा है उस पर आम आदमी पार्टी का दावा है कि जब विजय नायर को हिरासत में लिया गया था तब उसने भी कहा था कि वो सीएम केजरीवाल को रिपोर्ट नहीं करता इसलिए आज इस बात को उठाने का क्या मतलब है कि केजरीवाल ने विजय नायर से किनारा कर लिया विजय नायर ने जांच में बताया था कि वो आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता है आम आदमी पार्टी का आरोप है कि ये बयान इसलिए आया क्योंकि ईडी आतिशी और सौरभ भारद्वाज को फंसाना चाहती है आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि बीजेपी को लग गया है कि सिर्फ केजरीवाल को जेल भेजने से काम नहीं होगा दूसरे नेताओं को भी जेल भेजना होगा एक बार सुनिए आम आदमी पार्टी ने इस पर क्या कहा है फिर आपको बताऊंगा कि कैसे विजय नायर को लेकर केजरीवाल के बयान ने आम आदमी पार्टी को ही फसा दिया जब विजय नायर जी को हिरासत में लिया गया था तब उन्होंने यह बात कही थी डेढ़ साल पहले उन्होंने यही बात करी थी कि मैं मुख्यमंत्री को रिपोर्ट नहीं करता मैं जो भी अपना काम करता हूं उसमें मेरा रिपोर्टिंग अतिशी और सौरभ से अब आज आप डेढ़ साल बाद जब आपको कुछ नहीं मिला तो ईडी ने सवाल पैदा होता है कि आज डेढ़ साल बाद जो बयान लिखित में ईडी के पास खुद है वो डेढ़ साल बाद क्यों उठा रहा है और अब मैं ये दावे के साथ कहता हूं इन दोनों हमारे वरिष्ठ नेताओं का नाम जो दिल्ली में भी मंत्री हैं आतिशी और सौरभ भारद्वाज उनका नाम इसीलिए गया है क्योंकि अब भाजपा को समझ में आ गया कि अरे भाई एक अरविंद केजरीवाल को जेल में डालने से यह पार्टी बंद नहीं होगी अब एक काम करो दो-तीन और नेताओं की तैयारी करना शुरू करो तभी इनका नाम आज आया है यह नाम तो पहले से ही इनके बयानों में दर्ज था भाई इनका नाम पहले से बयानों में दर्ज था लेकिन अगर केजरीवाल भी वही बात कह रहे हैं तो ईडी कोर्ट में क्या कहे ना बताए कि केजरीवाल कह रहे हैं कि विजय नायर तो आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता था और वह रिपोर्ट किसी भी को को किसी को भी करे जो आदमी इस पूरे मामले में मुख्य सूत्रधार बताया जा रहा है बिचौलिया बताया जा रहा है उसके लिए केजरीवाल ने यह कह दिया कि मेरा इससे ज्यादा कनेक्शन नहीं था यह बात बड़ी इंपॉर्टेंट है आज पूरी आम आदमी पार्टी इस बात पर जोर लगा रही है कि केजरीवाल ने विजय नायर पर जो बात कही वह सही है और केजरीवाल का विजय नायर से कोई ज्यादा लेना देना नहीं था लेकिन आपको कुछ तस्वीरें दिखाता हूं यह तस्वीर देखिए इसमें केजरीवाल और विजय नायर दोनों साथ में दिख रहे हैं एक व्यक्ति केजरीवाल और विजय नायर दोनों के कंधे पर हाथ रख के खड़ा है अब सोचिए अगर एक व्यक्ति केजरीवाल और विजय नायर दोनों के कंधे पर हाथ डालकर खड़ा है तो इसका मतलब तो यही लगता है कि केजरीवाल और विजय नायर दोनों का कद इस आदमी के लिए एक जैसा होगा भाई जो आदमी इतना पावरफुल है कि वह केजरीवाल के कंधे पर हाथ रख दे रहा है वह बगल में विजय नायर के कंधे पर हाथ रख के फोटो खिंचा रहा है तो विजय नायर का कद भी तो कुछ होगा इससे विजय नायर की साफसाफ अहमियत दिख रही है यानी विजय नायर कोई ऐसा व्यक्ति नहीं था जिसे केजरीवाल जानते पहचानते ना हो आते जाते मिल लिए वाला हिसाब फिर केजरीवाल की नजरों में विजय नार की कोई अहमियत ना हो यह कैसे हो सकता है और सुनिए विजय नायर का रुतबा कैसा था वह भी आपको दिखाता हूं विजय नायर का रुतबा ऐसा था कि वह दिल्ली में सीएम आवास के पीछे बने सीएम ऑफिस में काम करता था जबकि वह पार्टी का मीडिया कम्युनिकेशन हेड था दिल्ली सरकार का मीडिया कम्युनिकेशन हेड नहीं था आम आदमी पार्टी का कम्युनिकेशन हेड था उसका सीएम कैंप ऑफिस में बैठ के काम करता था भाई खुद अपने बयान में बोला है कि मैं वहां से काम करता था और देखिए केजरीवाल का घर देखिए और बगल में सीएम कैंप ऑफिस देखिए मतलब इतना पास है कि केजरीवाल जी शीश महल के बालकनी से चिल्लाए कि हे विजय तो विजय को सुनाई दे जाए इतना पास अब जो आदमी मुख्यमंत्री के बहुत करीबी नहीं है मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि मेरा इससे ज्यादा लेना देना नहीं था वो सीएम कैंप ऑफिस में बैठ के क्यों काम कर रहा था बॉस यह सवाल नहीं उठेगा केजरीवाल के सीएम आवास और कैंप ऑफिस दोनों अगल बगल यानी केजरीवाल अपने बंगले से अगर जाएं तो मुश्किल से मतलब चलते हुए पहुंच जाए ऐसा हाल है विजय नायर से अब केजरीवाल और उनकी पार्टी के नेता किनारा किनारा करने में जुटे लेकिन विजय नायर वह व्यक्ति था जिसकी सीएम तक डायरेक्ट पहुंच वह ऐसे बंगले में रहता था जो बंगला कैबिनेट मंत्री को अलॉट हुआ था विजय नायर जिस बंगले में रहता था वह बंगला सीएम ऑफिस से करीब डेढ़ से दो किलोमीटर की दूरी पर ही था यानी चार पा मिनट में वह सीएम ऑफिस पहुंच जाता था और सबसे बड़ा सवाल कि वह पार्टी का कम्युनिकेशन हेड है और रह रहा है मंत्री के बंगले में सोचिए कोई आदमी ऐसा है कोई और आम आदमी पार्टी में ऐसा आदमी है मुझे बताइए जो पार्टी का काम करता है लेकिन मंत्री को अलडा नहीं है जो आतिशी और सौरभ है जो उस जमाने में विधायक होते थे वो वहां से मुख्यमंत्री के दफ्तर से काम नहीं करते थे विजय नायर जिस कैबिनेट मंत्री के बंगले पर रहता था वह बंगला दिल्ली के मंत्री कैलाश गहलोत के नाम पर अलॉट था कैलाश गहलोत खुद वहां नहीं रहते थे उन्होंने बताया कि निजी कारण से वह सरकारी बंगले में शिफ्ट नहीं हुए थे दो दिन पहले ही ईडी ने कैलाश गहलोत से शराब घोटाले में पा घंटे पूछताछ भी की थी पूछताछ के बाद जब कैलाश गहलोत मीडिया के सामने आए तो उन्होंने कहा था कि उन्हें पता ही नहीं कि जो बंगला उन्हें आवंटित हुआ था उनमें कौन रहता था एक बार कैलाश गहलोत को सुनिए आरोप लगे कि जो लेकर पॉलिसी बनी जो ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स उसका आप हिस्सा थे और विजयर आपके आवाज पर रह रहा था उसको ले देखिए मैंने ये बार-बार ये कहा है कि वो आवाज बिल्कुल मेरे नाम पे लोटेड है लेकिन मैं आज भी और पहले भी अपने ही जो मेरा प्राइवेट रेजिडेंस है वसन कुंजी जी मैं वहां पे रह रहा हूं मेरे जो बच्चे हैं वो क्योंकि मेरा जो घर वसन गुज में है वो डीपीएस के बिल्कुल सामने है और मेरी वाइफ ने और बच्चों ने वहां से शिफ्ट करने के लिए मना कर दिया था तो इसलिए ना मैं कभी जो सिविल लाइ जो बंगलो है मेरे नाम प लड है ना मैंने कभी वहा शिफ्ट किया और ना मैं कभी रहा वहां पर और विजय नायर वहां रह रहे थे यह भी मैंने स्टेटमेंट दिया सीबीआई में जब बुलाया था तब भी यही स्टेटमेंट था और आज भी मेरा यही स्टेटमेंट था कि विजय नायर वहां रह रहे या नहीं रह रहे इसके बारे में मुझे कोई सूचना नहीं हालांकि आप खुद सोचिए कि विजय नायर कैलाश गहलोत को मिले बंगले में रहता था कैलाश गहलोत को बंगला नहीं चाहिए था मंत्री का बंगला कोई छोटा मोटा बंगला नहीं होता मंत्री का बंगला नहीं चाहिए था तो किसी भी विजय नायर को मिल जाएगा जो पार्टी में कम्युनिकेशन हेड है सोचिए उस आदमी की क्या इंपॉर्टेंस रही होगी केजरीवाल जी के घर के डेढ़ किलोमीटर के दायरे में रह रहा है और सीएम कैंप ऑफिस से काम कर रहा है और आज केजरीवाल जी कह रहे हैं मेरा जाना ज्यादा लेना देना नहीं था आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट करता था विजय नायर कैलाश गहलोत के जिस बंगले में रहता था उसी में टाइम्स नाउ भारत की एडिटर इन चीफ नाविका कुमार ने एक बार अरविंद
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केजरीवाल का इंटरव्यू भी किया था हैरान करने वाली बात यह है कि जिस विजय नायर के बारे में दावा है कि वह आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता था वह खुद तो कैबिनेट मंत्री के अलडा दवाज को उस जमाने में व रिपोर्ट करता था कथित तौर पर वह तब विधायक थे आतिशी और सौरभ भारद्वाज तब मंत्री कहां बने थे और वह बेचारे अपने अपने घर में रह रहे थे या सामान्य बंगलों में रह रहे थे यानी जो रिपोर्ट कर रहा है वो मंत्री के बंगले में रह रहा है और जो बॉस है जिसको ये आदमी रिपोर्ट कर रहा है वो बेचारे सामान्य घर में रह रहे हैं ऐसा बॉस भगवान सबको दे भाई ऐसा बॉस आपने सुना है कि कंपनी कह रही है कि बॉस रहेगा वन बीएचके में और जो उसका नीचे वाला एंप्लॉई है जो बॉस को रिपोर्ट कर रहा है वो रहेगा बड़े से फ्लैट में फाइ बीएच के ऐसा कोई कंपनी में सुने कहीं सुने लेकिन विजय नायर रह रहा था और आज हो रहा है कि विजय नायर तो पहले ही बोला कि हम सौरभ और आतिशी को रिपोर्ट करते थे अरे बॉस तो आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट कर रहा था तु यह सब कैसे हो रहा था बाकी चीजें इसका कोई जवाब नहीं विजय नायर को लेकर शराब घोटाले में कई आरोपियों और कई गवाहों के बयान भी है जिससे यह पता चलता है कि य कैसे शराब मामले में डीलिंग कर रहा था हमारे पास वो एक्सक्लूसिव मैसेज और बयान है जो शराब घोटाले में सुप्रीम कोर्ट के सामने रखे गए थे और जिसमें विजय नायर का रोल दिखता है हम आपको एक्सक्लूसिव मोबाइल मैसेज दिखाते हैं जो मैसेज सिग्नल प पर किए गए थे और यह मैसेज विजय नायर के हैं जो ईडी ने सुप्रीम कोर्ट को दिखाए इस मैसेज को विजय नायर ने एक शराब कंपनी के रीजनल मैनेजर बनय बाबू को भेजा था इसमें विजय नायर साफ-साफ लिख रहा है प्लान यू सजेस्टेड मे बी कंप्लीट नो गो एवरीवन अगेंस्ट इट जीरो ट्रस्ट बेसिकली यानी इस मैसेज का मतलब है कि विजय नायर एक शराब कंपनी के मैनेजर को कह रहा है कि तुमने जिस प्लान का सुझाव दिया है वह पूरी तरह खारिज हो सकता है हर कोई इसके खिलाफ है किसी को भरोसा नहीं है और जिसको मैसेज गया वह खुद यह बता रहा है आप खुद देखिए इस विजय नायर के इस मैसेज से यह लग रहा है कि वह शराब कारोबारियों से सीधा-सीधा डील कर रहा था भाई कम्युनिकेशन हेड है और इस तरह का मैसेज सवाल नहीं उठेंगे और जब उसके पास कोई सरकारी पद नहीं था उसके बावजूद वह किस अथॉरिटी से किसके कहने पर सरकारी कामकाज देख रहा था सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि विजय नायर किन लोगों के बारे में कह रहा था कि वह शराब कंपनी के प्लान से सहमत नहीं है इससे पहले जो चैट हमने दिखाई उसमें विजय नायर कनड रिकर्ड नाम की शराब कंपनी की तरफ से दिए गए सुझावों के बारे में बात कर रहा था अब एक और चैट देखिए इस चैट में विजय नायर उसी कंपनी के बारे में कुछ जानकारी मांग रहा है चैट में लिखा था कि इज मनोज योर डिसीजन मेकर वुड लाइक टू मीट हिम एज वेल आईडियली यानी विजय नायर शराब कंपनी के डिसीजन मेकर की जानकारी लेना चाह रहा है और उससे मिलना भी चाह रहा है इस चैट से भी यह लगता है कि विजय नायर काफी करीब से शराब पॉलिसी को लेकर काम कर रहा था जो ईडी दावा कर रही है और अलग-अलग शराब कंपनियों से बातचीत भी कर रहा था यही बात यही दावा ईडी कोर्ट में कर चुकी है और कहा जा रहा है कि विजय नायर तो कम्युनिकेशंस देखता था ठीक है देखता होगा लेकिन ईडी यही तो सवाल उठा रही है कि फिर यह क्या है अरविंद केजरीवाल तो विजय नायर से कन्नी काट रहे हैं लेकिन ईडी की जांच में कई आरोपियों और गवाहों ने अपने स्टेटमेंट में यह क्लियर कट कहा है कि विजय नायर केजरीवाल के लिए काम कर रहा है हमारे पास विजय नायर के बारे में एक्सक्लूसिव जानकारी है जो शराब घोटाले के मामले में ईडी सुप्रीम कोर्ट को भी बता चुकी जैसे हैदराबाद के बिजनेसमैन अरुण पिल्लई ने ईडी को 6 मार्च 2022 को दिए बयान में कहा कि शराब पॉलिसी बनाने और लागू करने को लेकर विजय नायर को केजरीवाल और सिसोदिया दोनों का सपोर्ट बुची बाबू जो सीए हैं और आरोपी के कविता के करीबी हैं उन्होंने 23 फरवरी 2 को दिए बयान में बताया था कि विजय नायर अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के आदेश पर ही शराब नीति पर काम कर रहा था इसी तरह शराब कारोबारी दिनेश अरोड़ा ने 6 अप्रैल 2023 को ईडी को बताया था कि वह विजय नायर से अचानक से नहीं मिला यह मीटिंग मनीष सिसोदिया ने अरेंज कराई थी मनीष सिसोदिया ने कहा था कि एक्साइज पॉलिसी को लेकर विजय नायर के साथ मिलकर काम करो यानी इस पूरे मामले के कई आरोपी विजय नायर का नाम ले चुके हैं और केजरीवाल जी कहते हैं मेरा इससे ज्यादा नहीं तो फिर जिनका लेना देना है जिनको यह रिपोर्ट करता था फिर ईडी उनसे भी सवाल कर सकती है फिर तो फिर क्या उनकी भी गिरफ्तारी हो सकती है आतिशी और सौरभ भारद्वाज की यह सवाल उठेंगे जिस विजय नायर के लिए अरविंद केजरीवाल यह कह रहे हैं कि उनका विजय नायर से ज्यादा संपर्क नहीं था उसी विजय नायर से जुड़े कई सबूत ईडी ने केजरीवाल को दिखाए और सवाल किए ईडी सूत्रों के मुताबिक पूछताछ के दौरान विजय नायर और घोटाले के सह आरोपियों के 10 से ज्यादा मीटिंग के सबूत अरविंद केजरीवाल को दिखाए गए केजरीवाल से यह पूछा गया कि विजय नायर किस अथॉरिटी से दिनेश अरोड़ा अभिषेक बोइन पल्ली जैसे आरोपियों से मुलाकात कर रहा था इस पर केजरीवाल ने साफसाफ मना कर दिया कि वह इन लोगों को जानते ही नहीं इस पर ईडी का कहना था कि विजय नायर जैसे सीनियर व्यक्ति जो कि सीएम केजरीवाल से बहुत करीबी करीब रहकर काम करता था वह कोई भी काम बिना पार्टी के हेड यानी अरविंद केजरीवाल के अप्रूवल के बिना तो नहीं कर सकता था यह सब बातें यह सब बयान और मैसेज के सबूत होने के बाद भी भी विजय नायर से केजरीवाल कैसे किनारा कर सकते हैं यह सवाल उठ रहा है और कैसे यह कह सकते हैं कि विजय नायर तो आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता था अब आम आदमी पार्टी पूरा जोर लगा रही है कि ऐसा मैसेज ना जाए कि केजरीवाल अपने ही मंत्रियों को अपने से दूर कर रहे हैं या ऐसे बयान दे रहे हैं जिससे अपने मंत्री फस जाए लेकिन विजय नायर को लेकर जो बातें कही जा रही हैं और जो ईडी ने जांच कर पता किया और दावा किया कोर्ट में उससे कई सवाल उठते हैं जैसे विजय नायर के बारे में केजरीवाल ने कहा कि वो आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट करता जबकि ईडी के दावों के मुताबिक विजय नायर तो केजरीवाल का राइट हैंड था और ईडी को कई गवाहों ने यह बताया यहां सवाल यह भी है कि ऐसा व्यक्ति जो पार्टी का मीडिया कम्युनिकेशन हेड हो जो सीएम आवास के पीछे बने उस सीएम कैंप ऑफिस का इस्तेमाल करता हो जो ऑफिस पार्टी के लिए नहीं बल्कि सीएम के अपने काम के लिए कर होती है और जो व्यक्ति कैबिनेट मंत्री के आवास में रहता हो उस व्यक्ति के बारे में केजरीवाल कैसे यह दावा कर सकते हैं कि कैंप ऑफिस में कई लोग काम करते हैं उन्हें सबके बारे में क्या पता एक सवाल यह भी है कि जो व्यक्ति आम आदमी पार्टी के लिए काम कर रहा है वह व्यक्ति पार्टी ऑफिस छोड़कर सीएम के पर्सनल ऑफिस से क्यों काम कर रहा था अब आप खुद सोचिए जो व्यक्ति इतना हाई प्रोफाइल दिख रहा है पार्टी का कम्युनिकेशन हेड है चुनाव में जिस पर बड़ी जिम्मेदारियां रहती थी जिसके पास सीएम के ऑफिस का एक्सेस है रहने के लिए मंत्री का बंगला है उस इंसान के बारे में क्या सीएम को खुद पता नहीं होगा और जब वह इतना हाई प्रोफाइल था तो किसी मंत्री नहीं बल्कि दो सामान्य विधायकों को क्यों रिपोर्ट कर रहा था यह बात आसानी से हजम होने वाली नहीं लगती और यही बात ईडी को भी हजम नहीं हुई इसलिए ईडी अरविंद केजरीवाल से विजय नायर पर सवाल पूछ रही है और विजय नार कह रहे कि मैं तो नहीं जानता ज्यादा आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट करता था अब केजरीवाल जो भी कहे लेकिन यह जांच रुकने वाली नहीं है और क्या उनके इस बयान के बाद अब ईडी आतिशी और सौरभ भारद्वाज के घर पर भी दस्तक देगी यह सवाल उठने लगे हैं पाशा पर देखिए शराब घोटाले से जुड़े वो मोबाइल मैसेज जो बड़ा राज खोल दे किसी जमाने में दूसरों को तिहाड़ जेल भेजने की बातें करने वाले केजरीवाल के लिए वक्त का पहिया ऐसा घूमा कि आज केजरीवाल खुद तिहाड़ जेल में पहुंच गए केजरीवाल ने जिस दिन के बारे में सोचा नहीं था वह दिन आज आ गया और जिनको केजरीवाल कहते थे कि तिहाड़ में भेजेंगे वह लोग रामलीला मैदान में अरविंद केजरीवाल तिहाड़ क्यों जा रहे हैं इस पर छाती पीट रहे पूरा त जो वक्त का पया होता है ना वो पलट गया घूम गया ईडी ने केजरीवाल की आज रिमांड नहीं मांगी और कोर्ट ने उन्हें 15 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया यानी जेल भेज दिया इसके बाद जेल वैन में केजरीवाल को भरकर तिहार जेल पहुंचा दिया गया लेकिन जेल जाते ही केजरीवाल ने आज एक और रिकॉर्ड बना दिया अब तक वह देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री थे जो रिमांड में होने के बावजूद मुख्यमंत्री पद पर बैठे हुए आज केजरीवाल ने नया रिकॉर्ड बना बना दिया वो आए थे ना पॉलिटिक्स बदलने देखिए पॉलिटिक्स बदल दी आज वह देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन गए जो जेल के अंदर जाकर भी मुख्यमंत्री हैं केजरीवाल अब उसी तिहार जेल में रहेंगे जहां उनके पुराने साथी मनीष सिसोदिया संजय सिंह और सत्येंद्र जैन ब केजरीवाल को तिहाड़ की जेल नंबर दो में रखा गया है वह जेल नंबर दो में अकेले रहेंगे केजरीवाल के साथी संजय सिंह को कुछ दिन पहले ही जेल नंबर दो से जेल नंबर पांच में शिफ्ट किया गया है इसके अलावा पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया जेल नंबर वन में है और केजरीवाल के एक और मंत्री रहे सतेंद्र जैन जेल नंबर सात में यानी अब आम आदमी पार्टी के सीनियर लीडर्स का नया ठिकाना तिहार जेल बन गया और देश में शायद ही कोई ऐसी पार्टी होगी जो लॉन्च होने के इतने कम समय में इस तरह का प्रदर्शन करते हुए उसके तमाम बड़े नेता जेल के अंदर गए तिहार जेल में अब सीएम केजरीवाल के साथ क्या क्या होने वाला है यह आपको आगे बताऊंगा लेकिन पहले सुनिए कि तिहार जाने से पहले आज जब केजरीवाल जी कोर्ट में पेश हुए तो उन्होंने क्या कहा यानी उन्होंने प्रधानमंत्री पर डाल दिया कि प्रधानमंत्री जो कर रहे वो देश के लिए ठीक नहीं जेल तो आपको कोर्ट ने भेजा गलत था तो कोर्ट कह देता कि नहीं जेल नहीं भेजेंगे इनको केजरीवाल जेल जाने पर सिंपैथी बटोरने में जुटे हैं लेकिन यह सिंपैथी उन्हें मिलेगी या नहीं यह तो वक्त बताएगा फिलहाल उन्हें तिहाड़ में क्या-क्या मिलने वाला है मैं बता देता हूं कोर्ट से केजरीवाल ने तिहाड़ में कई सारी चीजों की परमिशन मांगी कोर्ट ने तिहाड़ के अंदर केजरीवाल को क्या-क्या ले जाने की परमिशन दी है आपको पहले वो बता देता हूं केजरीवाल अपना गद्दा तिहार जेल में यूज कर पाएंगे केजरीवाल ने कहा उनको चादर भी अपना चाहिए तो चादर भी उनको अपना मिलेगा केजरीवाल ने दो तकिया मांगा तो कोर्ट ने कहा दो तकिया रख लीजिए इसके अलावा रजाई और कंबल यह भी केजरीवाल अपना इस्तेमाल कर सकेंगे यानी चादर तकिया गद्दा रजाई कंबल कुछ भी जेल का नहीं अपना इस्तेमाल करेंगे केजरीवाल जी केजरीवाल ने अपनी हेल्थ से जुड़ी हुई कई परमिशन भी कोर्ट से मांग केजरीवाल की सेहत को देखते हुए कोर्ट ने कहा कि केजरीवाल हेल्थ मॉनिटरिंग डिवाइस अंदर ले जा सकते हैं क्योंकि केजरीवाल जी के परिवार का कहना है कि बहुत हाई शुगर रहता है बहुत बीमार है शुगर की वजह से तो कोर्ट ने कहा ठीक है हेल्थ मॉनिटरिंग डिवाइस ले जाइए इसके अलावा शुगर शुगर शुगर सेंसर चार्जर शुगर शुगर मशीन वाला वह ले जाइए और जो ग्लूकोमीटर होता है वह ले जाइए सेंसर रीडर ले जाइए इसके अलावा अगर ब्लड शुगर लेवल नीचे जाता है तो उसके लिए कई बार तुरंत टॉफी खानी पड़ती ताकि शुगर लेवल ऊपर जाए तो कोर्ट ने कहा ठीक है आप जेल में रहिए लेकिन टॉफी रखिए ग्लूकोज रखिए डायबिटीज की दवाइयां रखिए यह सब आपको जेल अथॉरिटी दे देगा इसके अलावा कोर्ट ने इस बात की परमिशन दे दी है कि अरविंद केजरीवाल घर का बना खाना खा सकते हैं और इतना ही नहीं उन्हें जेल का पानी जेल की पानी जेल का जो पानी है वह भी नहीं पीना पड़ेगा वो बोतल बंद पानी मंगवा सकते हैं यानी घर का खाना पहुंचेगा केजरीवाल वही खाए जेल का खाना नहीं खाए जो एक कहावत थी कि जेल की रोटी खानी पड़ेगी जेल का पानी पीना पड़ेगा व जेल में रहकर भी केजरीवाल जी पर लागू नहीं होगी क्योंकि वह घर का खाना खाते रहेंगे घर का पानी पीते रहेंगे या बोतल बंद बिसलेरी वगैरह जो होता है मिनरल वाटर व पीते रहे इसके अलावा केजरीवाल ने जेल में पढ़ने के लिए तीन किताबें मांगी केजरीवाल जी ने कहा कि मुझे रामायण दीजिए सर मैं रामायण पढ़ना चाहता हूं उन्होंने कहा मैं भगवत गीता पढ़ना चाहता हूं और ससरी किताब उन्होंने मांगी कि हाउ प्राइम मिनिस्टर्स डिसाइड यह तीन किताबें मैं पढ़ना चाहता हूं अब तीनों बुक्स की परमिशन कोर्ट ने दे दी कि ठीक है ले जाइए पढ़िए हालांकि तीनों किताबों की परमिशन यह भी दिखाती है कि शायद केजरीवाल जी को अंदर ही अंदर यह पता चल गया है कि वो लंबा अंदर गए नहीं तो तीन किताब क्यों मांगते अगर पा दिन 10 दिन में 15 दिन में निकलने वा 15 दिन में पढ़ लेंगे पूरा रामायण और गीता और तीसरी किताब द अच्छा तीसरी किताब का नाम भी बड़ा इंटरेस्टिंग है हाउ प्राइम मिनिस्टर डिसाइड यह किताब व पढ़ना चाहते हैं अब या तो इस किताब से व यह समझना चाह रहे हैं कि प्रधानमंत्री कैसे सोचते हैं यह पता चले तो समझ में आए कि मोदी जी अब अगला क्या सोचने वाले हैं करने वाले और नहीं तो शायद यह मैसेज देना चाह रहे हैं कि मैं तो अब यहां से निकलूंगा तो प्रधानमंत्री ही बनूंगा खैर बस उनके मन में क्या चल रहा है य तो वही जाने लेकिन सियासत में ऐसी मैसेजिंग कई बार की जाती है जो अरविंद केजरीवाल भी कर रहे हैं अरविंद केजरीवाल का तिहार जेल में क्या शेड्यूल होने वाला है वह भी आपको बता देता हूं दरअसल तिहार जेल में अरविंद केजरीवाल को भी वही शेड्यूल फॉलो करना होगा जो बाकी कैदियों का होता है आप मुख्यमंत्री हैं उससे फर्क नहीं पड़ता बॉस आप वहां कैदी हैं तो जो बाकी करेंगे वह आपको करना पड़ेगा तिहाड़ के शेड्यूल के मुताबिक अरविंद केजरीवाल को बाकी कैदियों के साथ सुबह-सुबह 6:30 बजे उठना पड़ेगा कैदियों को नाश्ते में चाय और ब्रेड दी जाती है हालांकि चूंकि केजरीवाल को परमिशन है कि व र खाना घर से मंगा सकते हैं तो का नाश्ता भी शायद घर से आएगा फिर दोपहर का खाना सुबह 10:30 से 11 के बीच में मिल जाता है उसमें आम कैदियों को दाल मिलती है सब्जी मिलती है रोटी या चावल मिलता है लेकिन केजरीवाल जी का खाना घर से आएगा तो वह घर का खाना खाएंगे इसके बाद शाम में 5:30 बजे डिनर दे दिया जाता है तो केजरीवाल जी का डिनर भी घर से आ जाएगा 5:30 बजे और 7 बजे सभी कैदियों को अपने बैरक में वापस जाने के लिए कह दिया जाता है सब वापस चले जाते हैं ऐसा नहीं कि जेल जाने से अरविंद केजरीवाल का पीछा ईडी से छूट गया आज कोर्ट में ईडी ने बताया कि अरविंद केजरीवाल ने जांच में सहयोग नहीं किया तो जो लोग कहते थे कि हम एकएक चीज में सहयोग करेंगे ईडी कोर्ट में खड़े होकर कह रही है कि सहयोग ही नहीं कर रहे सवालों के गोलमोल जवाब देकर जांच को भटकाने की कोशिश कर रहे हैं अपने फोन का पासवर्ड तक नहीं दे रहे इसलिए ईडी ने कोर्ट में कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो व फिर से केजरीवाल को हिरासत में ले सकते हैं ऐसी भी खबरें हैं कि अरविंद केजरीवाल के फोन का डाटा एक्सेस करने के लिए ईडी ने मोबाइल कंपनी एल से भी सहयोग मांगा यानी ईडी से अरविंद केजरीवाल का पीछा अभी नहीं छूटने वाला बॉस ईडी को जब जरूरत पड़ेगी पूछताछ के लिए केजरीवाल को फिर रिमांड में ले सकती है अरविंद केजरीवाल तिहाड़ में तो चले गए लेकिन यह चर्चा बहुत चल रही है कि क्या जेल जाते-जाते वह अपने दो मंत्रियों आतिशी और सौरभ भारद्वाज को फसा के तो नहीं चले गए ऐसा लोग पूछ रहे हैं इस बात की चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि केजरीवाल ने शराब घोटाले के एक बड़े आरोपी विजय नायर के आतिशी और सौरभ भारद्वाज से कनेक्शन को जोड़ दिया और अपना पल्ला झाड़ लिया ऐसा लगा ईडी के मुताबिक केजरीवाल से पूछताछ में जब यह सवाल किया गया कि किस हद तक केजरीवाल जी आप किस हद तक विजय नायर से संपर्क में थे और किस हद से हद तक वह केजरीवाल को रिपोर्ट करता था तो ईडी कह रही है कोर्ट को कि केजरीवाल ने कहा कि विजय नायर उनको तो रिपोर्ट ही नहीं करता था वो तो आतिशी और सौरव भारद्वाज को रिपोर्ट करता था अरविंद केजरीवाल ने यह भी दावा किया कि विजय नायर से उनका इंटरेक्शन या बातचीत बहुत सीमित थी मतलब ज्यादा उससे टच में नहीं था मैं आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट करता था ले अब इसी बात को लेकर सवाल उठने लगे कि क्या केजरीवाल ने यह बात कहकर अपने दो मंत्रियों आतिशी और सौरभ भारद्वाज को फसा दिया क्या क्योंकि जिस विजय नायर से केजरीवाल ने किनारा कर लिया कि मैं तो ज्यादा मिलता उलता नहीं था मैं ज्यादा उससे मेरा कोई क्शन नहीं था और अपने दो मंत्रियों आतिशी और सौरभ भारद्वाज का पूरा पूरा ऐसा लग रहा है कि कनेक्शन जोड़ दिया जैसे विजय नायर सिर्फ उन्हीं के संपर्क में था वह विजय नायर कोई मामूली आदमी नहीं है इस शराब घोटाले के आरोपों के मामले में विजय नायर आम आदमी पार्टी का मीडिया एंड कम्युनिकेशन हेड था आम आदमी पार्टी का केजरीवाल सरकार का नहीं आम आदमी पार्टी का मीडिया एंड कम्युनिकेशन हेड था विजय नायर शराब घोटाले के सबसे अहम किरदारों में से एक है ईडी के मुताबिक विजय नायर शराब घोटाले में केजरीवाल और साउथ लॉबी के बीच मिडल मैन था बिचौलिया ईडी का आरोप है कि केजरीवाल ने विजय नायर के जरिए ही शराब घोटाले की रिश्वत ली अब ऐसा आदमी जिसके बारे में कहा जा रहा है कि वह केजरीवाल और उनकी सरकार और साउथ लॉबी के बीच में पूरा काम कर रहा था जिसके कंधे पर है कि उसने पूरा पैसा वैसा लिया यह आरोप पीढ़ लगाती है उसके लिए केजरीवाल ने कह दिया कि मैं ज्यादा नहीं जानता था वो सौरभ और आतिशी को रिपोर्ट करता था लोग पूछने लगे कि ल अब तो अगला नंबर आति शिया सौरभ भारद्वाज का है क्या गिरफ्तार होने का केजरीवाल ने विजय नायर को लेकर जो बातें कही है और उसका आतिशी और सौरभ से जो कनेक्शन जोड़ा जा रहा है उस पर आम आदमी पार्टी का दावा है कि जब विजय नायर को हिरासत में लिया गया था तब उसने भी कहा था कि वो सीएम केजरीवाल को रिपोर्ट नहीं करता इसलिए आज इस बात को उठाने का क्या मतलब है कि केजरीवाल ने विजय नायर से किनारा कर लिया विजय नायर ने जांच में बताया था कि वो आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता है आम आदमी पार्टी का आरोप है कि ये बयान इसलिए आया क्योंकि ईडी आतिशी और सौरभ भारद्वाज को फसाना चाहती आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि बीजेपी को लग गया है कि सिर्फ केजरीवाल को जेल भेजने से काम नहीं होगा दूसरे नेताओं को भी जेल भेजना होगा एक बार सुनिए आम आदमी पार्टी ने इस पर क्या कहा है फिर आपको बताऊंगा कि कैसे विजय नायर को लेकर केजरीवाल के बयान ने आम आदमी पार्टी को ही फंसा दिया है जब विजय नायर जी को हिरासत में लिया गया था तब उन्होंने यह बात कही थी डेढ़ साल पहले उन्होंने यही बात करी थी कि मैं मुख्यमंत्री को रिपोर्ट नहीं करता मैं जो भी अपना काम करता हूं उसमें मेरा रिपोर्टिंग अतिशी और सौरभ से है अब आज आप डेढ़ साल बाद जब आपको कुछ नहीं मिला तो ईडी ने सवाल पैदा होता है कि आज डेढ़ साल बाद जो बयान लिखित में ईडी के पास खुद है वो डेढ़ साल बाद क्यों उठा रहा है और अब मैं यह दावे के साथ कहता हूं इन दोनों हमारे वरिष्ठ नेताओं का नाम जो दिल्ली में भी मंत्री हैं आतिशी और सौरभ भारद्वाज उनका नाम इसीलिए गया है क्योंकि अब भाजपा को समझ में आ गया कि अरे भाई एक अरविंद केजरीवाल को जेल में डालने से ये पार्टी बंद नहीं होगी अब एक काम करो दो तीन और नेताओं की तैयारी करना शुरू करो तभी इनका नाम आज आया है यह नाम तो पहले से ही इनके बयानों में दर्ज था भाई इनका नाम पहले से बयानों में दर्ज था लेकिन अगर केजरीवाल भी वही बात कह रहे हैं तो ईडी कोर्ट में क्या कहे ना बताए कि केजरीवाल कह रहे हैं कि विजय नायर तो आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता था और वह रिपोर्ट किसी भी को को किसी को भी करे जो आदमी इस पूरे मामले में मुख्य सूत्रधार बताया जा रहा है बिचौलिया बताया जा रहा है उसके लिए केजरीवाल ने यह कह दिया कि मेरा इससे ज्यादा कनेक्शन नहीं था यह बात बड़ी इंपॉर्टेंट है आज पूरी आम आदमी पार्टी इस बात पर जोर लगा रही है कि केजरीवाल ने विजय नायर पर जो बात कही वह सही है और केजरीवाल का विजय नायर से कोई ज्यादा लेना देना नहीं था लेकिन आपको कुछ तस्वीरें दिखाता हूं यह तस्वीर देखिए इसमें केजरीवाल और विजय नायर दोनों साथ में दिख रहे हैं एक व्यक्ति केजरीवाल और विजय नायर दोनों के कंधे पर हाथ रख के खड़ा है अब सोचिए अगर एक व्यक्ति केजरीवाल और विजय नायर दोनों के कंधे पर हाथ डालकर खड़ा है तो इसका मतलब तो यही लगता है कि केजरीवाल और विजय नायर दोनों का कद इस आदमी के लिए एक जैसा होगा भाई जो आदमी इतना पावरफुल है कि वह केजरीवाल के कंधे पर हाथ रख दे रहा है वह बगल में विजय नायर के कंधे पर हाथ रख के फोटो खिंचा रहा है तो विजय नायर का कद भी तो कुछ होगा इससे विजय नायर की साफसाफ अहमियत दिख रही है यानी विजय नायर कोई ऐसा व्यक्ति नहीं था जिसे केजरी जानते पहचानते ना हो आते जाते मिल लि हो वाला हिसाब फिर केजरीवाल की नजरों में विजय नायर की कोई अहमियत ना हो यह कैसे हो सकता है और सुनिए विजय नायर का रुतबा कैसा था वह भी आपको दिखाता हूं विजय नायर का रुतबा ऐसा था कि वह दिल्ली में सीएम आवास के पीछे बने सीएम ऑफिस में काम करता था जबकि वह पार्टी का मीडिया कम्युनिकेशन हेड था दिल्ली सरकार का मीडिया कम्युनिकेशन हेड नहीं था आम आदमी पार्टी का कम्युनिकेशन हेड था उसका सीएम कैंप ऑफिस में बैठकर काम करता था भाई खुद अपने बयान में बोला है कि मैं वहां से काम करता था और देखिए केजरीवाल का घर देखिए और बगल में सीएम कैंप ऑफिस देखिए मतलब इतना पास है कि केजरीवाल जी शीश महल के बालकनी से चिल्लाए कि हे विजय तो विजय को सुनाई दे जाए इतना पास अब जो आदमी मुख्यमंत्री के बहुत करीबी नहीं है मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि मेरा इससे ज्यादा लेना देना नहीं था वो सीएम कैंप ऑफिस में बैठ के क्यों काम कर रहा था बॉस य सवाल नहीं उठेगा केजरीवाल के सीएम आवास और कैंप ऑफिस दोनों अगल बगल यानी केजरीवाल अपने बंगले से अगर जाएं तो मुश्किल से मतलब चलते हुए पहुंच जाए ऐसा हाल है विजय नायर से अब केजरीवाल और उनकी पार्टी के नेता किनारा किनारा करने में जुटे लेकिन विजय नायर वह व्यक्ति था जिसकी सीएम तक डायरेक्ट पहुंच थी वह ऐसे बंगले में रहता था जो बंगला कैबिनेट मंत्री को अलट हुआ था विजय नायर जिस बंगले में रहता था वो बंगला सी ऑफिस से करीब डेढ़ से दो किलोमीटर की दूरी पर ही था यानी चार पाच मिनट में वह सीएम ऑफिस पहुंच जाता था और सबसे बड़ा सवाल कि वह पार्टी का कम्युनिकेशन हेड है और रह रहा है मंत्री के बंगले में सोचिए कोई आदमी ऐसा है कोई और आम आदमी पार्टी में ऐसा आदमी है मुझे बताइए जो पार्टी का काम करता है लेकिन मंत्री को अटेड बंगले में रह रहा है और उसका कोई रुतबा नहीं है जो आतिशी और सौरभ हैं जो उस जमाने में विधायक होते थे वह वहां से मुख्यमंत्री के दफ्तर से काम नहीं करते थे विजय नायर जिस कैबिनेट मंत्री के बंगले पर रहता था वह बंगला दिल्ली के मंत्री कैलाश गहलोत के नाम पर अलॉट था कैलाश गहलोत खुद वहां नहीं रहते थे उन्होंने बताया कि निजी कारण से वह सरकारी बंगले में शिफ्ट नहीं हुए थे दो दिन पहले ही ईडी ने कैलाश गहलोत से शराब घोटाले में पा घंटे पूछताछ भी की थी पूछताछ के बाद जब कैलाश गहलोत मीडिया के सामने आए तो उन्होंने कहा था कि उन्हें पता ही नहीं कि जो बंगला उन्हें आवंटित हुआ था उनमें कौन रहता था एक बार कैलाश गहलोत को सुनिए आरोप ल जो लेकर पॉलिसी बनी जो ग्रुप ऑफ मिनिस्टर उसका आप हिस्सा थे और विजयर आपके आवाज पर रह रहा था देखिए मैंने ये बारबार ये कहा है कि वो आवाज बिल्कुल मेरे नाम पर अटेड है लेकिन मैं आज भी और पहले भी अपने ही जो मेरा प्राइवेट डें है वसन कु मैं वहां प रह रहा हूं मेरे जो बच्चे हैं वो मेरा जो घर बनज में है वो डीपीएस के बिल्कुल सामने है और मेरी वाइफ ने और बच्चों ने वहां से शिफ्ट करने के लिए मना कर दिया था तो इसलिए ना मैं कभी जो सिविल लाइ में जो बंगलो है मेरे नाम प लोटेड है ना मैंने कभी वहां शिफ्ट किया और ना मैं कभी रहा वहां पर और विजय नायर वहां रह रहे थे यह भी मैंने स्टेटमेंट दिया सीबीआई में जब बुलाया था तब भी यही स्टेटमेंट था और आज भी मेरा यही स्टेटमेंट था कि विजय नायर वहां रह रहे हैं या नहीं रह रहे इसके बारे में मुझे कोई सूचना नहीं हालांकि आप खुद सोचिए कि विजय नायर कैलाश गहलोत को मिले बंगले में रहता था कैलाश गहलोत को बंगला नहीं चाहिए था मंत्री का बंगला कोई छोटा मोटा बंगला नहीं होता मंत्री का बंगला नहीं चाहिए था तो किसी भी भी विजय नायर को मिल जाएगा जो पार्टी में कम्युनिकेशन हेड है सोचिए उस आदमी की क्या इंपॉर्टेंस रही होगी केजरीवाल जी के घर के डेढ़ किलोमीटर के दायरे में रह रहा है और सीएम कैंप ऑफिस से काम कर रहा है और आज केजरीवाल जी कह रहे हैं मेरा जाना ज्यादा लेना देना नहीं था आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट करता था विजय नायर कैलाश गहलोत के जिस बंगले में रहता था उसी बंगले में टाइम्स नाउ भारत की एडिटर इन चीफ नाविका कुमार ने एक बार अरविंद केजरीवाल का इंटरव्यू भी किया था हैरान करने वाली बात यह है कि जिस विजय नायर के बारे में दावा है कि वह आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता था वह खुद तो कैबिनेट मंत्री के अलडा दवाज को उस जमाने में वो रिपोर्ट करता था कथित तौर पर वो तब विधायक थे आ और सौरभ भारद्वाज तब मंत्री कहां बने और वह बेचारे अपने अपने घर में रह रहे थे या सामान्य बंगलो में रह रहे थे यानी जो रिपोर्ट कर रहा है वह मंत्री के बंगले में रह रहा है और जो बॉस है जिसको यह आदमी रिपोर्ट कर रहा है वह बेचारे सामान्य घर में रह रहे हैं ऐसा बॉस भगवान सबको दे भाई ऐसा बॉस आपने सुना है कि कंपनी कह रही है कि बॉस रहेगा वन बीएचके में और जो उसका नी वाला एप्ल है जो बॉस को रिपोर्ट कर रहा है वो रहेगा बड़े से फ्लैट में फ बीएच के ऐसा कोई कंपनी में सुने कहीं सुने लेकिन विजय नायर रह रहा था और आज हो रहा कि विजय नायर तो पहले ही बोला कि हम सौरभ और आतिशी को रिपोर्ट करते थे अरे बॉस तो आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट कर रहा था तु यह सब कैसे हो रहा था बाकी चीज इसका कोई जवाब नहीं विजय नायर को लेकर शराब घोटाले में कई आरोपियों और कई गवाहों के बयान भी जिससे यह पता चलता है कि यह कैसे शराब मामले में डीलिंग कर रहा था हमारे पास वो एक्सक्लूसिव मैसेज और बयान है जो शराब घोटाले में सुप्रीम कोर्ट के सामने रखे गए थे और जिसमें विजय नायर का रोल दिखता है हम आपको एक्सक्लूसिव मोबाइल मैसेज दिखाते हैं जो मैसेज सिग्नल पब पर किए गए थे और यह मैसेज विजय नायर के हैं जो ईडी ने सुप्रीम कोर्ट को दिखाए इस मैसेज को विजय नायर ने एक शराब कंपनी के रीजनल मैनेजर विनय बाबू को भेजा था इसमें विजय नायर साफ-साफ लिख रहा है प्लान यू सजेस्टेड मे बी कंप्लीट नो गो एवरीवन अगेंस्ट इट जीरो ट्रस्ट बेसिकली यानी इस मैसेज का मतलब है कि विजय नायर एक शराब कंपनी के मैनेजर को कह रहा है कि तुमने जिस प्लान का सुझाव दिया है वह पूरी तरह खारिज हो सकता है हर कोई इसके खिलाफ है किसी को भरोसा नहीं है और जिसको मैसेज गया वह खुद यह बता रहा है आप खुद देखिए इस विजय नायर के इस मैसेज से यह लग रहा है कि वह शराब कारोबारियों से सीधा सधा डील कर रहा था भाई कम्युनिकेशन हेड है और इस तरह का मैसेज सवाल नहीं उठेंगे और जब उसके पास कोई सरकारी पद नहीं था उसके बावजूद वो किस अथॉरिटी से किसके कहने पर सरकारी कामकाज देख रहा था सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि विजय नायर किन लोगों के बारे में कह रहा था कि वोह शराब कंपनी के प्लान से सहमत नहीं है इससे पहले जो चैट हमने दिखाई उसमें विजय नायर कनड रिकर्ड नाम की शराब कंपनी की तरफ से दिए गए सुझावों के बारे में बात कर रहा था अब एक और चैट देखिए इस चैट में विजय नायर उसी कंपनी के बारे में कुछ जानकारी मांग रहा है चैट में लिखा था कि इज मनोज डिसीजन मेकर वुड लाइक टू मीट हिम एज वेल आईडियली यानी विजय नायर शराब कंपनी के डिसीजन मेकर की जानकारी लेना चाह रहा है और उससे मिलना भी चाह रहा है इस चैट से भी यह लगता है कि विजय नायर काफी करीब से शराब पॉलिसी को लेकर काम कर रहा था जो ईडी दावा कर रही है और अलग-अलग शराब कंपनियों से बातचीत भी कर रहा था यही बात यही दावा ईडी कोर्ट में कर चुकी है और कहा जा रहा है कि विजय नायर तो कम्युनिकेशंस देखता था ठीक है देखता होगा लेकिन ईडी यही तो सवाल उठा रही है कि फिर ये क्या है अरविंद केजरीवाल तो विजय नायर से कन्नी काट रहे हैं लेकिन ईडी की जांच में कई आरोपियों और गवाहों ने अपने स्टेटमेंट में यह क्लियर कट कहा है कि विजय नायर केजरीवाल के लिए काम कर रहा है हमारे पास विजय नायर के बारे में एक्सक्लूसिव जानकारी है जो शराब घोटाले के मामले में ईडी सुप्रीम कोर्ट को भी बता चुकी जैसे हैदराबाद के बिजनेसमैन अरुण पिल्लई ने ईडी को 6 मार्च 2022 को दिए बयान में कहा कि शराब पॉलिसी बनाने और लागू करने को लेकर विजय नायर को केजरी और सिसोदिया दोनों का सपोर्ट बुची बाबू जो सीए हैं और आरोपी के कविता के करीबी हैं उन्होंने 23 फरवरी 2022 को दिए बयान में बताया था कि विजय नायर अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के आदेश पर ही शराब नीति पर काम कर रहा था इसी तरह शराब कारोबारी दिनेश अरोड़ा ने 6 अप्रैल 2023 को ईडी को बताया था कि वह विजय नायर से अचानक से नहीं मिला यह मीटिंग मनीष सिसोदिया ने अरेंज कराई थी मनीष सिसोदिया ने कहा था कि एक्साइज पॉलिसी को लेकर विजय नायर के साथ मिलकर काम करो यानी इस पूरे मामले के कई आरोपी विजय नायर का नाम ले चुके हैं और केजरीवाल जी कहते हैं मेरा इससे ज्यादा लेना देना नहीं तो फिर जिनका लेना देना है जिनको यह रिपोर्ट करता था फिर ईडी उनसे भी सवाल कर सकती है फिर तो फिर क्या उनकी भी गिरफ्तारी हो सकती है आतिशी और सौरभ भारद्वाज की यह सवाल उठेंगे जिस विजय नायर के लिए अरविंद केजरीवाल यह कह रहे हैं कि उनका विजय नायर से ज्यादा संपर्क नहीं था उसी विजय नायर से जुड़े कई सबूत ईडी ने केजरीवाल को दिखाए आए और सवाल किए ईडी सूत्रों के मुताबिक पूछताछ के दौरान विजय नायर और घोटाले के सह आरोपियों के 10 से ज्यादा मीटिंग के सबूत अरविंद केजरीवाल को दिखाए गए केजरीवाल से यह पूछा गया कि विजय नायर किस अथॉरिटी से दिनेश अरोड़ा अभिषेक बोइन पल्ली जैसे आरोपियों से मुलाकात कर रहा था इस पर केजरीवाल ने साफ-साफ मना कर दिया कि वह इन लोगों को जानते ही नहीं इस पर ईडी का कहना था कि विजय नायर जैसे सीनियर व्यक्ति जो कि सीएम केजरीवाल से बहुत करीबी करीब रहकर काम करता था वो कोई भी काम बिना पार्टी के हेड यानी अरविंद केजरीवाल के अप्रूवल के बिना तो नहीं कर सकता था यह सब बातें यह सब बयान और मैसेज के सबूत होने के बाद भी विजय नायर से केजरीवाल कैसे किनारा कर सकते यह सवाल उठ रहा है और कैसे यह कह सकते हैं कि विजय नायर तो आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता अब आम आदमी पार्टी पूरा जोर लगा रही है कि ऐसा मैसेज ना जाए कि केजरीवाल अपने ही मंत्रियों को अपने से दूर कर रहे हैं या ऐसे बयान दे रहे हैं जिससे अपने मंत्री फस जाए लेकिन विजय नायर को लेकर जो बातें कही जा रही हैं और जो ईडी ने जांच कर पता किया और दावा किया कोर्ट में उससे कई सवाल उठते हैं जैसे विजय नायर के बारे में केजरीवाल ने कहा कि वह आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट करता था जबकि ईडी के दावों के मुताबिक विजय नायर तो केजरीवाल का राइट हैंड था और ईडी को कई गवाहों ने यह बताया यहां सवाल यह भी है कि ऐसा व्यक्ति जो पार्टी का मीडिया कम्युनिकेशन हेड हो जो सीएम आवास के पीछे बने उस सीएम कैंप ऑफिस का इस्तेमाल करता हो जो ऑफिस पार्टी के लिए नहीं बल्कि सीएम के अपने काम के लिए कर हो होती है और जो व्यक्ति कैबिनेट मंत्री के आवास में रहता बताओ उस व्यक्ति के बारे में केजरीवाल कैसे यह दावा कर सकते हैं कि कैंप ऑफिस में कई लोग काम करते हैं उन्हें सबके बारे में क्या पता एक सवाल यह भी है कि जो व्यक्ति आम आदमी पार्टी के लिए काम कर रहा है वह व्यक्ति पार्टी ऑफिस छोड़कर सीएम के पर्सनल ऑफिस से क्यों काम कर रहा था अब आप खुद सोचिए जो व्यक्ति इतना हाई प्रोफाइल दिख रहा है पार्टी का कम्युनिकेशन हेड है चुनाव में जिस पर बड़ी जिम्मेदारियां रहती थी जिसके पास सीएम के ऑफिस का एक्सेस है रहने के लिए मंत्री का बंगला है उस इंसान के बारे में क्या सीएम को खुद पता नहीं होगा और जब वो इतना हाई प्रोफाइल था तो किसी मंत्री नहीं बल्कि दो सामान्य विधायकों को क्यों रिपोर्ट कर रहा था यह बात आसानी से हजम होने वाली नहीं लगती और यही बात ईडी को भी हजम नहीं हुई इसलिए ईडी अरविंद केजरीवाल से विजय नायर पर सवाल पूछ रही है और विजय नार कह रहे कि मैं तो नहीं जानता ज्यादा आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट करता था अब केजरीवाल जो भी कहे लेकिन यह जांच रुकने वाली नहीं है और क्या उनके इस बयान के बाद अब ईडी आतिशी और सौरभ भारद्वाज के घर पर भी दस्तक दे यह सवाल उठने लगे पाठशाला पर देखिए शराब घोटाले से जुड़े वह मोबाइल मैसेज जो बड़ा राज खोल दे किसी जमाने में दूसरों को तिहाड़ जेल भेजने की बातें करने वाले केजरीवाल के लिए वक्त का पहिया ऐसा घूमा कि आज केजरीवाल खुद तिहाड़ जेल में पहुंच गए केजरीवाल ने जिस दिन के बारे में सोचा नहीं था वो दिन आज आ गया और जिनको केजरीवाल कहते थे कि तिहाड़ में भेजे वो लोग रामलीला मैदान में अरविंद केजरीवाल तिहाड़ क्यों जा रहे हैं इस पर छाती पीट रहे पूरा जो वक्त का पहिया होता ना व पलट गया घूम गया ईडी ने केजरीवाल की आज रिमांड नहीं मांगी और कोर्ट ने उन्हें 15 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया यानी जेल भेज दिया इसके बाद जेल वैन में केजरीवाल को भरकर तिहार जेल पहुंचा दिया गया लेकिन जेल जाते ही केजरीवाल ने आज एक और रिकॉर्ड बना दिया अब तक व के पहले ऐसे मुख्यमंत्री थे जो रिमांड में होने के बावजूद मुख्यमंत्री पद पर बैठे हुए आज केजरीवाल ने नया रिकॉर्ड बना दिया व आए थे ना पॉलिटिक्स बदलने देखिए पॉलिटिक्स बदल दी आज वह देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन गए जो जेल के अंदर जाकर भी मुख्यमंत्री केजरीवाल अब उसी तिहार जेल में रहेंगे जहां उनके पुराने साथी मनीष सिसोदिया संजय सिंह और सत्येंद्र जैन केजरीवाल को तिहाड़ की जेल नंबर दो में रखा गया है वह जेल नंबर दो में अकेले रहेंगे केजरीवाल के साथ ही संजय सिंह को कुछ दिन पहले ही जेल नंबर दो से जेल नंबर पांच में शिफ्ट किया गया है इसके अलावा पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया जेल नंबर वन में है और केजरीवाल के एक और मंत्री रहे सत्येंद्र जैन जेल नंबर सात में यानी अब आम आदमी पार्टी के सीनियर लीडर्स का नया ठिकाना तिहाड़ जेल बन गया है और देश में शायद ही कोई ऐसी पार्टी होगी जो लॉन्च होने के इतने कम समय में इस तरह का प्रदर्शन करते हुए उसके तमाम बड़े नेता जेल के अंदर गए तिहार जेल में आप सीएम केजरीवाल के साथ क्या क्या होने वाला है यह आपको आगे बताऊंगा लेकिन पहले सुनिए कि तिहार जाने से पहले आज जब केजरीवाल जी कोर्ट में पेश हुए तो उन्होंने क्या कहा जी के लिए अच्छा नहीं है यानी उन्होंने प्रधानमंत्री पर डाल दिया कि प्रधानमंत्री जो कर रहे हैं वो देश के लिए ठीक नहीं जेल तो आपको कोर्ट ने भेजा गलत था तो कोर्ट कह देता कि नहीं जेल नहीं भेजेंगे इनको केजरीवाल जेल जाने पर सिंपैथी बटोरने में जुटे हैं लेकिन यह सिंपी उन्हें मिलेगी या नहीं यह तो वक्त बताएगा फिलहाल उन्हें तिहाड़ में क्याक मिलने वाला है मैं बता देता हूं कोर्ट से केजरीवाल ने तिहाड़ में कई सारी चीजों की परमिशन मांगी कोर्ट ने तिहाड़ के अंदर केजरीवाल को क्या-क्या ले जाने की परमिशन दी है आपको पहले वह बता देता हूं केजरीवाल अपना गद्दा तिहार जेल में यूज कर पाएंगे केजरीवाल ने कहा उनको चादर भी अपना चाहिए तो चादर भी उनको अपना मिलेगा केजरीवाल ने दो तकिया मांगा तो कोर्ट ने कहा दो तकिया रख लीजिए इसके अलावा रजाई और कंबल यह भी केजरीवाल अपना इस्तेमाल कर सकेंगे यानी चादर तकिया गद्दा रजाई कंबल कुछ भी जेल का नहीं अपना इस्तेमाल करेंगे केजरीवाल जी केजरीवाल ने अपनी हेल्थ से जुड़ी हुई कई परमिशन भी कोर्ट से मांगी केजरीवाल की सेहत को देखते हुए कोर्ट ने कहा कि केजरीवाल हेल्थ मॉनिटरिंग डिवाइस अंदर ले जा सकते हैं क्योंकि केजरीवाल जी के परिवार का कहना है कि बहुत हाई शुगर रहता है बहुत बीमार है शुगर की वजह से तो कोर्ट ने कहा कि ठीक है हेल्थ मॉनिटरिंग डिवाइस ले जाइए इसके अलावा शुगर शुगर शुगर सेंसर चार्जर शुगर शुगर मशीन वाला वो ले जाइए और जो ग्लूकोमीटर होता है वो ले जाइए सेंसर रीडर ले जाइए इसके अलावा अगर ब्लड शुगर लेवल नीचे जाता है तो उसके लिए कई बार तुरंत टॉफी खानी पड़ती है ताकि शुगर लेवल ऊपर जाए तो कोर्ट ने कहा ठीक है आप जेल में रहिए लेकिन टॉफी रखिए ग्लूकोज रखिए डायबिटीज की दवाइयां रखिए यह सब आपको जेल अथॉरिटी दे देगा इसके अलावा कोर्ट ने इस बात की परमिशन दे दी है कि अरविंद केजरीवाल घर का बना खाना खा सकते हैं और इतना ही नहीं उन्हें जेल का पानी जेल की पानी जेल का जो पानी है वो भी नहीं पीना पड़ेगा वो बोतल बंद पानी मंगवा सकते हैं यानी घर का खाना पहुंचेगा केजरीवाल वही खाएंगे जेल का खाना नहीं खाएंगे तो जो एक कहावत थी कि जेल की रोटी खानी पड़ेगी जेल का पानी पीना पड़ेगा वो जेल में रहकर भी केजरीवाल जी पर लागू नहीं होगी क्योंकि वह घर का खाना खाते रहेंगे घर का पानी पीते रहेंगे या बोतल बंद बिसलेरी वगैरह जो होता है मिनरल वाटर वो पीते रहे इसके अलावा केजरीवाल ने जेल में पढ़ने के लिए तीन किताबें मांगी केजरीवाल जी ने कहा कि मुझे रामायण दीजिए सर मैं रामायण पढ़ना चाहता हूं उन्होंने कहा मैं भगवत गीता पढ़ना चाहता हूं और तीसरी किताब उन्होंने मांगी कि हाउ प्राइम मिनिस्टर्स डिसाइड यह तीन किताबें मैं पढ़ना चाहता हूं अब तीनों बुक्स की परमिशन कोर्ट ने दे दी कि ठीक है ले जाइए पढ़िए हालांकि तीनों किताबों की परमिशन यह भी दिखाती है कि शायद केजरीवाल जी को अंदर ही अंदर यह पता चल गया है कि वो लंबा अंदर गए नहीं तो तीन किताब क्यों मांगते अगर पा दिन 10 दिन में 15 दिन में निकलने वाला 15 दिन में पढ़ लेंगे पूरा रामायण और गीता और तीसरी किताब भी अच्छा तीसरी किताब का नाम भी बड़ा इंटरेस्टिंग है हाउ प्राइम मिनिस्टर डिसाइड यह किताब व पढ़ना चाहते हैं अब या तो इस किताब से व यह समझना चाह रहे हैं कि प्रधानमंत्री कैसे सोचते हैं यह पता चले तो समझ में आए कि मोदी जी अब अगला क्या सोचने वाले हैं करने वाले हैं और नहीं तो शायद यह मैसेज देना चाह रहे हैं कि मैं तो अब यहां से निकलूंगा तो प्रधानमंत्री ही बनूंगा खैर बॉस उनके मन में क्या चल रहा है ये तो वही जाने लेकिन सियासत में ऐसी मैसेजिंग कई बार की जा जो अरविंद केजरीवाल भी कर रहे हैं अरविंद केजरीवाल का तिहार जेल में क्या शेड्यूल होने वाला है वह भी आपको बता देता हूं दरअसल तिहार जेल में अरविंद केजरीवाल को भी वही शेड्यूल फॉलो करना होगा जो बाकी कैदियों का होता है आप मुख्यमंत्री हैं उससे फर्क नहीं पड़ता बॉस आप वहां कैदी है तो जो बाकी करेंगे वह आपको करना पड़ेगा तिहाड़ के शेड्यूल के मुताबिक अरविंद केजरीवाल को बाकी कैदियों के साथ सुबह-सुबह 6:30 बजे उठना पड़ेगा कैदियों को नाश्ते में चाय और ब्रेड दी जाती है हालांकि चूंकि केजरीवाल को परमिशन है कि व ना घर खाना घर से मंगा सकते हैं तो उनका नाश्ता भी शायद घर से आएगा फिर दोपहर का खाना सुबह 10:30 से 11 के बीच में मिल जाता है उसमें आम कैदियों को दाल मिलती है सब्जी मिलती है रोटी या चावल मिलता है लेकिन केजरीवाल जी का खाना घर से आएगा तो व घर का खाना खाएंगे इसके बाद शाम में 5:30 बजे डिनर दे दिया जाता है तो केजरीवाल जी का डिनर भी घर से आ जाएगा सा 5 बजे और 7 बजे सभी कैदियों को अपने बैरक में वापस जाने के लिए कह दिया जाता है सब वापस चले जाते हैं ऐसा नहीं कि जेल जाने से अरविंद केजरीवाल का पीछा ईडी से छूट गया आज कोर्ट में ईडी ने बताया कि अरविंद केजरीवाल ने जांच में सहयोग नहीं किया तो जो लोग कहते थे कि हम एक एक चीज में सहयोग करेंगे ईडी कोर्ट में खड़े होकर कह रही कि सहयोग ही नहीं कर रहे सवालों के गोलमोल जवाब देकर जांच को भटकाने की कोशिश कर र अपने फोन का पासवर्ड तक नहीं दे इसलिए ईडी ने कोर्ट में कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वह फिर से केजरीवाल को हिरासत में ले सकते हैं ऐसी भी खबरें हैं कि अरविंद केजरीवाल के आईफो का डाटा एक्सेस करने के लिए ईडी ने मोबाइल कंपनी एल से भी सहयोग मांगा यानी ईडी से अरविंद केजरीवाल का पीछा अभी नहीं छूटने वाला बॉस ईडी को जब जरूरत पड़ेगी पूछताछ के लिए केजरीवाल को फिर रिमांड में ले सकती है अरविंद केजरीवाल तिहाड़ में तो चले गए लेकिन यह चर्चा बहुत चल रही है कि क्या जेल जाते-जाते वह अपने दो मंत्रियों आतिशी और सौरभ भारद्वाज को फसा के तो नहीं चले गए ऐसा लोग पूछ रहे हैं इस बात की चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि केजरीवाल ने शराब घोटाले के एक बड़े आरोपी विजय नायर के आतिशी और सौरभ भारद्वाज से कनेक्शन को जोड़ दिया और अपना पल्ला झाड़ लिया ऐसा लगा ईडी के मुताबिक केजरीवाल से पूछताछ में जब यह सवाल किया गया कि किस हद तक केजरीवाल जी आप किस हद तक विजय नायर से संपर्क में थे और किस हद से हद तक वो केजरीवाल को रिपोर्ट करता था तो ईडी कह रही है कोर्ट को कि केजरीवाल ने कहा कि विजय नायर उनको तो रिपोर्ट ही नहीं करता था वोह तो आतिशी और सौरव भारद्वाज को रिपोर्ट करता था अरविंद केजरीवाल ने यह भी दावा किया कि विजय नायर से उनका इंटरेक्शन या बातचीत बहुत सीमित थी मतलब ज्यादा उससे टच में नहीं था मैं आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट करता था ले अब इसी बात को लेकर सवाल उठने लगे कि क्या केजरीवाल ने यह बात कहकर अपने दो मंत्रियों आतिशी और सौरभ भारद्वाज को फसा दिया क्या क्योंकि जिस विजय नायर से केजरीवाल ने किनारा कर लिया कि मैं तो ज्यादा मिलता उलता नहीं था मैं ज्यादा उससे मेरा कोई इंटरेक्शन नहीं था और अपने दो मंत्रियों आतिशी और सौरभ भारद्वाज का पूरा पूरा ऐसा लग रहा है कि कनेक्शन जोड़ दिया जैसे विजय नायर सिर्फ उन्हीं के संपर्क में था वह विजय नायर कोई मामूली आदमी नहीं है इस शराब घोटाले के आरोपों के मामले में विजय नायर आम आदमी पार्टी का मीडिया एंड कम्युनिकेशन हेड था आम आदमी पार्टी का केजरीवाल सरकार का नहीं आम आदमी पार्टी का मी मीडिया एंड कम्युनिकेशन हेड था विजय नायर शराब घोटाले के सबसे अहम किरदारों में से एक है ईडी के मुताबिक विजय नायर शराब घोटाले में केजरीवाल और साउथ लॉबी के बीच मिडल मैन था बिचौलिया ईडी का आरोप है कि केजरीवाल ने विजय नायर के जरिए ही शराब घोटाले की रिश्वत ली अब ऐसा आदमी जिसके बारे में कहा जा रहा है कि वह केजरीवाल और उनकी सरकार और साउथ लॉबी के बीच में पूरा काम कर रहा था जिसके कंधे पर है कि उसने पूरा पैसा पैसा लिया यह आरोप ईडी लगाती है उसके लिए केजरीवाल ने कह दिया कि मैं ज्यादा नहीं जानता था वो सौरभ और आतिशी को रिपोर्ट करता था तो लोग पूछने लगे कि ल अब तो अगला नंबर आति शिया सौरभ भारद्वाज का है क्या गिरफ्तार होने का केजरीवाल ने विजय नायर को लेकर जो बातें कही है और उसका आतिशी और सौरभ से जो कनेक्शन जोड़ा जा रहा है उस पर आम आदमी पार्टी का दावा है कि जब विजय नायर को हिरासत में लिया गया था तब उसने भी कहा था कि वो सीएम केजरीवाल को रिपोर्ट नहीं करता इसलिए आज इस बात को उठाने का क्या मतलब है कि केजरीवाल ने विजय नायर से किना विजय नायर ने जांच में बताया था कि वह आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता है आम आदमी पार्टी का आरोप है कि यह बयान इसलिए आया क्योंकि ईडी आतिशी और सौरभ भारद्वाज को फसाना चाहती आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि बीजेपी को लग गया है कि सिर्फ केजरीवाल को जेल भेजने से काम नहीं होगा दूसरे नेताओं को भी जेल भेजना होगा एक बार सुनिए आम आदमी पार्टी ने इस पर क्या कहा है फिर आपको बताऊंगा कि कैसे विजय नायर को लेकर केजरीवाल के बयान ने आम आदमी पार्टी को ही फसा दिया जब विजय नायर जी को हिरासत में लिया गया था तब उन्होंने यह बात कही थी डेढ़ साल पहले उन्होंने यही बात करी थी कि मैं मुख्यमंत्री को रिपोर्ट नहीं करता मैं जो भी अपना काम करता हूं उसमें मेरा रिपोर्टिंग अतिशी और सौरभ से है अब आज आप डेढ़ साल बाद जब आपको कुछ नहीं मिला तो ईडी ने सवाल पैदा होता है कि आज डेढ़ साल बाद जो बयान लिखित में ईडी के पास खुद है वो डेढ़ साल बाद क्यों उठा रहा है और अब मैं यह दावे के साथ कहता हूं इन दोनों हमारे वरिष्ठ नेताओं का नाम जो दिल्ली में भी मंत्री आतिशी और सौरभ भारद्वाज उनका नाम इसीलिए गया है क्योंकि अब भाजपा को समझ में आ गया कि अरे भाई एक अरविंद केजरीवाल को जेल में डालने से यह पार्टी बंद नहीं होगी अब एक काम करो दो-तीन और नेताओं की तैयारी करना शुरू करो तभी इनका नाम आज आया है ये नाम तो पहले से ही इनके बयानों में दर्ज था भाई इनका नाम पहले से बयानों में दर्ज था लेकिन अगर केजरीवाल भी वही बात कह रहे हैं तो ईडी कोर्ट में क्या कहे ना बताए कि केजरीवाल कह रहे हैं कि विजय नायर तो आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता था और वो रिपोर्ट किसी भी को को किसी को भी करें जो आदमी इस पूरे मामले में मुख्य सूत्रधार बताया जा रहा है बिचौलिया बताया जा रहा है उसके लिए केजरीवाल ने यह कह दिया कि मेरा इससे ज्यादा कनेक्शन नहीं था यह बात बड़ी इंपॉर्टेंट है आज पूरी आम आदमी पार्टी इस बात पर जोर लगा रही है कि केजरीवाल ने विजय नायर पर जो बात कही वह सही है और केजरीवाल का विजय नायर से कोई ज्यादा लेना देना नहीं था लेकिन आपको कुछ तस्वीरें दिखाता हूं यह तस्वीर देखिए इसमें केजरीवाल और विजय नायर दोनों साथ में दिख रहे हैं एक व्यक्ति केजरीवाल और विजय नायर दोनों के कंधे पर हाथ रख के खड़ा है अब सोचिए अगर एक व्यक्ति केजरीवाल और विजय नायर दोनों के कंधे पर हाथ डालकर खड़ा है तो इसका मतलब तो यही लगता है कि केजरीवाल और विजय नायर दोनों का कद इस आदमी के लिए एक जैसा होगा भाई जो आदमी इतना पावरफुल है कि वह केजरीवाल के कंधे पर हाथ रख दे रहा है वह बगल में विजय नायर के कंधे पर हाथ रख के फोटो खिंचा रहा है तो विजय नायर का कद भी तो कुछ होगा इससे विजय नायर की साफसाफ अहमियत दिख रही है यानी विजय नायर कोई ऐसा व्यक्ति नहीं था जिसे केजरीवाल जानते पहचानते ना हो आते जाते मिल लियो वाला हिसाब फिर केजरीवाल की नजरों में विजय नायर की कोई अहमियत ना हो यह कैसे हो सकता है और सुनिए विजय नायर का रुतबा कैसा था वह भी आपको दिखाता हूं विजय नायर का रुतबा ऐसा था कि वह दिल्ली में सीएम आवास के पीछे बने सीएम ऑफिस में काम करता था जबकि वह पार्टी का मीडिया कम्युनिकेशन हेड था दिल्ली सरकार का मीडिया कम्युनिकेशन हेड नहीं था आम आदमी पार्टी का कम्युनिकेशन हेड था उसका सीएम कैंप ऑफिस में बैठक काम करता था भाई खुद अपने बयान में बोला है कि मैं वहां से काम करता था और देखिए केजरीवाल का घर देखिए और बगल में सीएम कैंप ऑफिस देखिए मतलब इतना पास है कि केजरीवाल जी शीष महल के बालकनी से चिलाए कि विजय तो विजय को सुनाई दे जाए इतना पास अब जो आदमी मुख्यमंत्री के बहुत करीबी नहीं है मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि मेरा इससे ज्यादा लेना देना नहीं था वो सीएम कैंप ऑफिस में बैठकर क्यों काम कर रहा था बॉस यह सवाल नहीं उठेगा केजरीवाल के सीएम आवास और कैंप ऑफिस दोनों अगल बगल यानी केजरीवाल अपने बंगले से अगर जाए तो मुश्किल से मतलब चलते हुए पहुंच जाए ऐसा हाल है विजय नायर से अब केजरीवाल और उनकी पार्टी के नेता किनारा किनारा करने में जुटे लेकिन विजय नायर वो व्यक्ति था जिसकी सीएम तक डायरेक्ट वह ऐसे बंगले में रहता था जो बंगला कैबिनेट मंत्री को अलट हुआ था विजय नायर जिस बंगले में रहता था वह बंगला सीएम ऑफिस से करीब डेढ़ से दो किलोमीटर की दूरी पर ही था यानी चार पाच मिनट में वह सीएम ऑफिस पहुंच जाता था और सबसे बड़ा सवाल कि वह पार्टी का कम्युनिकेशन हेड है और रह रहा है मंत्री के बंगले में सोचिए कोई आदमी ऐसा है कोई और आम आदमी पार्टी में ऐसा आदमी है मुझे बताइए जो पार्टी का काम करता है लेकिन मंत्री को अलडा है और उसका कोई रुतबा नहीं है जो आतिशी और सौरभ हैं जो उस जमाने में विधायक होते थे वह वहां से मुख्यमंत्री के दफ्तर से काम नहीं करते थे विजय नायर जिस कैबिनेट मंत्री के बंगले पर रहता था वह बंगला दिल्ली के मंत्री कैलाश गहलोत के नाम पर अलॉट था कैलाश गहलोत खुद वहां नहीं रहते थे उन्होंने बताया कि निजी कारण से व सरकारी बंगले में में शिफ्ट नहीं हुए थे दो दिन पहले ही ईडी ने कैलाश गहलोत से शराब घोटाले में पा घंटे पूछताछ भी की थी पूछताछ के बाद जब कैलाश गहलोत मीडिया के सामने आए तो उन्होंने कहा था कि उन्हें पता ही नहीं कि जो बंगला उन्हें आवंटित हुआ था उनमें कौन रहता था एक बार कैलाश गहलोत को सुनिए आरोप लगे की जो लेकर पॉलिसी बनी जो ग्रुप ऑफ मिनिस्टर उसका आप हिस्सा थे और विजय नार आपके आवाज पर रह रहा थाको ले देखिए मैंने यह बार-बार ये कहा है कि वो आवाज बिल्कुल मेरे नाम प लोटेड है लेकिन मैं आज भी और पहले भी अपने ही जो मेरा प्राइवेट रेजिडेंस है वसन कुंज मैं वहां पे रह रहा हूं मेरे जो बच्चे हैं वो क्योंकि मेरा जो घर वसन गुज में है वो डीपीएस के बिल्कुल सामने है और मेरी वाइफ ने और बच्चों ने वहां से शिफ्ट करने के लिए मना कर दिया था तो इसलिए ना मैं कभी जो सिविल लाइ में जो बंगलो है मेरे नाम प लोटेड है ना मैंने कभी वहां शिफ्ट किया और ना मैं कभी रहा वहां पर और विजय नायर वहां रह रहे थे यह भी मैंने स्टेटमेंट दिया सीबीआई में जब लाया था तब भी य स्टेटमेंट था और आज भी मेरा यही स्टेटमेंट था कि विजय नायर वहां रह रहे या नहीं रह रहे इसके बारे में मुझे कोई सूचना नहीं हालांकि आप खुद सोचिए कि विजय नायर कैलाश गहलोत को मिले बंगले में रहता था कैलाश गहलोत को बंगला नहीं चाहिए था मंत्री का बंगला कोई छोटा मोटा बंगला नहीं होता मंत्री का बंगला नहीं चाहिए था तो किसी भी विजय नायर को मिल जाएगा जो पार्टी में कम्युनिकेशन हेड है सोचिए उस आदमी की क्या इंपॉर्टेंस रही होगी केजरीवाल जी के घर के डेढ़ किलोमीटर के दायरे में रह रहा है और सीएम कैंप ऑफिस से काम कर रहा है और आज केजरीवाल जी कह रहे हैं मेरा जाना ज्यादा लेना देना नहीं था आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट करता था विजय नायर कैलाश गहलोत के जिस बंगले में रहता था उसी बंगले में टाइम्स नाउन भारत की एडिटर इन चीफ नाविका कुमार ने एक बार अरविंद केजरीवाल का इंटरव्यू भी किया था हैरान करने वाली बात यह है कि जिस विजय नायर के बारे में दावा है कि वह आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता था वो खुद तो कैबिनेट मंत्री के अटेड बंगले में रहता था जबकि जिन आतिशी और सौरभ भारद्वाज को उस जमाने में व रिपोर्ट करता था कथित तौर पर वह तब विधायक थे आतिशी और सौरभ भारद्वाज तब मंत्री कहा बने और वह बेचारे अपने अपने घर में रह रहे थे या सामान्य बंगलो में रह रहे थे यानी जो रिपोर्ट कर रहा है वह मंत्री के बंगले में रह रहा है और जो बॉस है जिसको यह आदमी रिपोर्ट कर रहा है वह बेचारे सामान्य घर में रह रहे हैं सा बस सबको दे भाई ऐसा बॉस आपने सुना है कि कंपनी कह रही कि बॉस रहेगा वन बीएच के में और जो उसका नीचे वाला एंप्लॉई है जो बॉस को रिपोर्ट कर रहा है वह रहेगा बड़े से फ्लैट में फ बीएच के ऐसा कोई कंपनी में सुने कहीं सुने लेकिन विजय नायर र रहा था और आज हो रहा कि विजय नार तो पहले ही बोला हम सौरभ और आतिशी को रिपोर्ट करते अरे बस तो आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट कर रहा था तो यह सब कैसे हो रहा था बाकी चीजें इसका कोई जवाब ही नहीं विजय नायर को लेकर शराब घोटाले में कई आरोपियों और कई गवाहों के बयान भी है जिससे यह पता चलता है कि यह कैसे शराब मामले में डीलिंग कर रहा था हमारे पास वो एक्सक्लूसिव मैसेज और बयान है जो शराब घोटाले में सुप्रीम कोर्ट के सामने रखे गए थे और जिसमें विजय नायर का रोल दिखता है हम आपको एक्सक्लूसिव मोबाइल मैसेज दिखाते हैं जो मैसेज सिग्नल प पर किए गए थे और यह मैसेज विजय नायर के हैं जो ईडी ने सुप्रीम कोर्ट को दिखाए इस मैसेज को विजय नायर ने एक शराब कंपनी के रीजनल मैनेजर बिनय बाबू को भेजा था इसमें विजय नायर साफ-साफ लिख रहा है प्लान यू सजेस्टेड मे बी कंप्लीट नो गो एवरीवन अगेंस्ट इट जीरो ट्रस्ट बेसिकली यानी इस मैसेज का मतलब है कि विजय नायर एक शराब कंपनी के मैनेजर को कह रहा है कि तुमने जिस प्लान का सुझाव दिया है वह पूरी तरह खारिज हो सकता है हर कोई इसके खिलाफ है किसी को भरोसा नहीं है और जिसको मैसेज गया वह खुद यह बता रहा है आप खुद देखिए इस विजय नायर के इस मैसेज से यह लग रहा है कि वो शराब कारोबारियों से सीधा-सीधा डील कर रहा था भाई कम्युनिकेशन हेड है और इस तरह का मैसेज सवाल नहीं उठेंगे और जब उसके पास कोई सरकारी पद नहीं था उसके बावजूद वह किस अथॉरिटी से किसके कहने पर सरकारी कामकाज देख रहा था सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि विजय नायर किन लोगों के बारे में कह रहा था कि वह शराब कंपनी के प्लान से सहमत नहीं है इससे पहले जो चैट हमने दिखाई उसमें विजय नायर कनड रिकर्ड नाम की शराब कंपनी की तरफ से दिए गए सुझावों के बारे में बात कर रहा था अब एक और चैट देखिए इस चैट में विजय नायर उसी कंपनी के बारे में कुछ जानकारी मांग रहा है चैट में लिखा था कि इज मनोज योर डिसीजन मेकर वुड लाइक टू मीट हिम एज वेल आइडियल यानी विजय नायर शराब कंपनी के डिसीजन मेकर की जानकारी लेना चाह रहा है और उससे मिलना भी चाह रहा है इस चैट से भी यह लगता है कि विजय नायर काफी करीब से शराब पॉलिसी को लेकर काम कर रहा था जो ईडी दावा कर रही है और अलग-अलग शराब कंपनियों से बातचीत भी कर रहा था यही बात यही दावा ईडी को को में कर चुकी है और कहा जा रहा है कि विजय नायर तो कम्युनिकेशंस देखता था ठीक है देखता होगा लेकिन ईडी यही तो सवाल उठा रही है कि फिर यह क्या है अरविंद केजरीवाल तो विजय नायर से कन्नी काट रहे हैं लेकिन ईडी की जांच में कई आरोपियों और गवाहों ने अपने स्टेटमेंट में यह क्लियर कट कहा है कि विजय नायर केजरीवाल के लिए काम कर रहा है हमारे पास विजय नायर के बारे में एक्सक्लूसिव जानकारी है जो शराब घोटाले के मामले में ईडी सुप्रीम कोर्ट को भी बता चुकी है जैसे हैदराबाद के बिजनेसमैन अरुण पिल्लई ने ईडी को 6 मार्च 2022 को दिए बयान में कहा कि शराब पॉलिसी बनाने और लागू करने को लेकर विजय नायर को केजरीवाल और सिसोदिया दोनों का सपोर्ट बुची बाबू जो सीए हैं और आरोपी के कविता के करीबी हैं उन्होंने 23 फरवरी 2022 को दिए बयान में बताया था कि विजय नायर अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के आदेश पर ही शराब नीति पर काम कर रहा था इसी तरह शराब कारोबारी दिनेश अरोड़ा ने 6 अप्रैल 2023 को ईडी को बताया था कि वो विजय नायर से अचानक से नहीं मिला यह मीटिंग मनीष सिसोदिया ने अरेंज कराई थी मनीष सिसोदिया ने कहा था कि एक्साइज पॉलिसी को लेकर विजय नायर के साथ मिलकर काम करो यानी इस पूरे मामले के कई आरोपी विजय नायर का नाम ले चुके और केजरीवाल जी कहते हैं मेरा इससे ज्यादा लेना देना नहीं तो फिर जिनका लेना देना है जिनको यह रिपोर्ट करता था फिर ईडी उनसे भी सवाल कर सकती है फिर तो फिर क्या उनकी भी गिरफ्तारी हो सकती है आतिशी और सौरभ भारद्वाज की य सवाल उठेंगे जिस विजय नायर के लिए अरविंद केजरीवाल यह कह रहे हैं कि उनका विजय नायर से ज्यादा संपर्क नहीं था उसी विजय नायर से जुड़े कई सबूत ईडी ने केजरीवाल को दिखाए और सवाल किए ईडी सूत्रों के मुताबिक पूछताछ के दौरान विजय नायर और घोटाले के सह आरोपियों के 10 से ज्यादा मीटिंग के सबूत अरविंद केजरीवाल को दिखाए गए केजरीवाल से ये पूछा गया कि विजय नायर किस अथॉरिटी से दिनेश अरोड़ा अभिषेक बोइन पल्ली जैसे आरोपियों से मुलाकात कर रहा था इस पर केजरीवाल ने साफ-साफ मना कर दिया कि वो इन लोगों को जानते ही नहीं इस पर ईडी का कहना था कि विजय नायर जैसे सीनियर व्यक्ति जो कि सीएम केजरीवाल से बहुत करीबी करीब रहकर काम करता था वह कोई भी काम बिना पार्टी के हेड यानी अरविंद केजरीवाल के अप्रूवल के बिना तो नहीं कर सकता था यह सब बातें यह सब बयान और मैसेज के सबूत होने के बाद भी विजय नायर से केजरीवाल कैसे किनारा कर सकते यह सवाल उठ रहा है और कैसे यह कह सकते हैं कि विजय नायर तो आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता अब आम आदमी पार्टी पूरा जोर लगा रही है कि ऐसा मैसेज ना जाए कि केजरीवाल अपने ही मंत्रियों को अपने से दूर कर रहे हैं या ऐसे बयान दे रहे हैं जिससे अपने मंत्री फस जाए लेकिन विजय नायर को लेकर जो बातें कही जा रही हैं और जो ईडी ने जांच कर पता किया और दावा किया कोर्ट में उससे कई सवाल उठते हैं जैसे विजय नायर के बारे में केजरीवाल ने कहा कि वह आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट करता था जबकि ईडी के दावों के मुताबिक विजय नायर तो केजरीवाल का राइट हैंड था और ईडी को कई गवाहों ने यह बताया यहां सवाल यह भी है कि ऐसा व्यक्ति जो पार्टी का मीडिया कम्युनिकेशन हेड हो जो सीएम आवाज के पीछे बने उस सीएम कैंप ऑफिस का इस्तेमाल करता हो जो ऑफिस पार्टी के लिए नहीं बल्कि सीएम के अपने काम के लिए कर होती है और जो व्यक्ति कैबिनेट मंत्री के आवास में रहता हो उस व्यक्ति के बारे में केजरीवाल कैसे ये दावा कर सकते हैं कि कैंप ऑफिस में कई लोग काम करते हैं उन्हें सबके बारे में क्या पता एक सवाल यह भी है कि जो व्यक्ति आम आदमी पार्टी के लिए काम कर रहा है वो व्यक्ति पार्टी ऑफिस छोड़कर सीएम के पर्सनल ऑफिस से क्यों काम कर रहा था अब आप खुद सोचिए जो व्यक्ति इतना हाई प्रोफाइल दिख रहा है पार्टी का कम्युनिकेशन हेड है चुनाव में जिस पर बड़ी जिम्मेदारियां रहती थी जिसके पास सीएम के ऑफिस का एक्सेस है रहने के लिए मंत्री का बंगला है उस इंसान के बारे में क्या सीएम को खुद पता नहीं होगा और जब वो इतना हाई प्रोफाइल था तो किसी मंत्री नहीं बल्कि दो सामान्य विधायकों को क्यों रिपोर्ट कर रहा था यह बात आसानी से हजम होने वाली नहीं लगती और यही बात ईडी को भी हजम नहीं हुई इसलिए ईडी अरविंद केजरीवाल से विजय नायर पर सवाल पूछ रही है और विजय नायर कह रहे है कि मैं तो नहीं जानता ज्यादा आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट करता था अब केजरीवाल जो भी कहे लेकिन यह जांच रुकने वाली नहीं है और क्या उनके इस बयान के बाद अब ईडी आतिशी और सौरभ भारद्वाज के घर पर भी दस्तक देगी यह सवाल उठने लगे हैं पाठशाला पर देखिए शराब घोटाले से जुड़े वह मोबाइल मैसेज जो बड़ा राज खोल दे किसी जमाने में दूसरों को तिहाड़ जेल भेजने की बातें करने वाले केजरीवाल के लिए वक्त का पहिया ऐसा घूमा क्या आज केजरीवाल खुद तिहाड़ जेल में पहुंच गए केजरीवाल ने जिस दिन के बारे में सोचा नहीं था वो दिन आज आ गया और जिनको केजरीवाल कहते थे कि तिहाड़ में भेजेंगे वो लोग रामलीला मैदान में अरविंद केजरीवाल तिहाड़ क्यों जा रहे हैं इस पर छाती पीट रहे थे पूरा व जो वक्त का पहिया होता है ना वो पलट गया घूम गया ईडी ने केजरीवाल की आज रिमांड नहीं मांगी और कोर्ट ने उन्हें 15 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया यानी जेल भेज दिया इसके बाद जेल वैन में केजरीवाल को भरकर तिहार जेल पहुंचा दिया गया लेकिन जेल जाते ही केजरीवाल ने आज एक और रिकॉर्ड बना दिया अब तक वह देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री थे जो रिमांड में होने के बावजूद मुख्यमंत्री पद पर बैठे हुए आज केजरीवाल ने नया रिकॉर्ड बना दिया व आए थे ना पॉलिटिक्स बदलने देखिए पॉलिटिक्स बदल दी आज वह देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन गए जो जेल के अंदर जाकर भी मुख्यमंत्री है केजरीवाल उसी तिहाड़ जेल में रहेंगे जहां उनके पुराने साथी मनीष सिसोदिया संजय सिंह और सतेंद्र जैन ब केजरीवाल को तिहाड़ की जेल नंबर दो में रखा गया है वह जेल नंबर दो में अकेले रहेंगे केजरीवाल के साथी संजय सिंह को कुछ दिन पहले ही जेल नंबर दो से जेल नंबर पाच में शिफ्ट किया गया है इसके अलावा पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया जेल नंबर वन में है और केजरीवाल के एक और मंत्री रहे सतेंद्र जैन जेल नंबर सात में यानी आम आदमी पार्टी के सीनियर लीडर्स का नया ठिकाना तिहाड़ जेल बन गया और देश में शायद ही कोई ऐसी पार्टी होगी जो लॉन्च होने के इतने कम समय में इस तरह का प्रदर्शन करते हुए उसके तमाम बड़े नेता जेल के अंदर गए तिहार जेल में आप सीएम केजरीवाल के साथ क्या-क्या होने वाला है यह आपको आगे बताऊंगा लेकिन पहले सुनिए कि तिहार जाने से पहले आज जब केजरीवाल जी कोर्ट में पेश हुए तो उन्होंने क्या कहा अ जी ज मंत्री जी देश के लिए अच्छा नहीं है अ जीबन के लिए जुटा कुछ कहना चाहेंगे देश के लिए अच्छा नहीं है यानी उन्होंने प्रधानमंत्री पर डाल दिया कि प्रधानमंत्री जो कर रहे हैं वो देश के लिए ठीक नहीं अरे जेल तो आपको कोर्ट ने भेजा गलत था तो कोर्ट कह देता कि नहीं जेल नहीं भेजेंगे इनको केजरीवाल जेल जाने पर सिंपैथी बटोरने में जुटे हैं लेकिन यह सिंपी उन्हें मिलेगी या नहीं यह तो वक्त बताएगा फिलहाल उन्हें तिहाड़ में क्याक मिलने वाला है मैं बता देता हूं कोर्ट से केजरीवाल ने तिहाड़ में कई सारी चीजों की परमिशन मांगी कोर्ट ने तिहाड़ के अंदर केजरीवाल को क्याक ले जाने की परमिशन दी है आपको पहले वह बता देता हूं केजरीवाल अपना गद्दा तिहाड़ जेल में यूज कर पाएंगे केजरीवाल ने कहा उनको चादर भी अपना चाहिए तो चादर भी उनको अपना मिलेगा केजरीवाल ने दो तकिया मांगा तो कोर्ट ने कहा दो तकिया रख लीजिए इसके अलावा रजाई और कंबल यह भी केजरीवाल अपना इस्तेमाल कर सकेंगे यानी चादर तकिया गद्दा रजाई कंबल कुछ भी जेल का नहीं अपना इस्तेमाल करेंगे केजरीवाल जी केजरीवाल ने अपनी हेल्थ से जुड़ी हुई कई परमिशन भी कोर्ट से मांगी केजरीवाल की सेहत को देखते हुए कोर्ट ने कहा कि केजरीवाल हेल्थ मॉनिटरिंग डिवाइस अंदर ले जा सकते हैं क्योंकि केजरीवाल जी के परिवार का कहना है कि बहुत हाई शुगर रहता है इनको बहुत बीमार है शुगर की वजह से तो कोर्ट ने कहा कि ठीक है हेल्थ मॉनिटरिंग डिवाइस ले जाइए इसके अलावा शुगर शुगर शुगर सेंसर चार्जर शुगर शुगर मशीन वाला वो ले जाइए और जो ग्लूकोमीटर होता है वह ले जाइए सेंसर रीडर ले जाइए इसके अलावा अगर ब्लड शुगर लेवल नीचे जाता है तो उसके लिए कई बार तुरंत टॉफी खानी पड़ती है ताकि शुगर लेवल ऊपर जाए तो कोर्ट ने कहा ठीक है आप जेल में रहिए लेकिन टॉफी रखिए ग्लूकोज रखिए डायबिटीज की दवाइयां रखिए यह सब आपको जेल अथॉरिटी दे देगा इसके अलावा कोर्ट ने इस बात की परमिशन दे दी है कि अरविंद केजरीवाल घर का बना खाना खा सकते हैं और इतना ही नहीं उन्हें जेल का पानी जेल की पानी जेल का जो पानी है वह भी नहीं पीना पड़ेगा वह बोतल बंद पानी मंगवा सकते यानी घर का खाना पहुंचेगा केजरीवाल वही खाएंगे जेल का खाना नहीं खाएंगे तो जो एक कहावत थी कि जेल की रोटी खानी पड़ेगी जेल का पानी पीना पड़ेगा वो जेल में रहकर भी केजरीवाल जी पर लागू नहीं होगी क्योंकि वह घर का खाना खाते रहेंगे घर का पीते रहेंगे या बोतल बंद बिसलेरी वगैरह जो होता है मिनरल वाटर व पीते रहे इसके अलावा केजरीवाल ने जेल में पढ़ने के लिए तीन किताबें मांगी केजरीवाल जी ने कहा कि मुझे रामायण दीजिए सर मैं रामायण पढ़ना चाहता हूं उन्होंने कहा मैं भगवत गीता पढ़ना चाहता हूं और तीसरी किताब उन्होंने मांगी कि हाउ प्राइम मिनिस्टर्स डिसाइड यह तीन किताबें मैं पढ़ना चाहता हूं अब तीनों बुक्स की परमिशन कोर्ट ने दे दी ठीक है ले जा पढ़िए हालांकि तीनों किताबों की परमिशन यह भी दिखा है कि शायद केजरीवाल जी को अंदर ही अंदर यह पता चल गया है कि व लंबा अंदर गए हैं नहीं तो तीन किताब क्यों मांगते अगर पा दिन 10 दिन में 15 दिन में निकलने वाला 15 दिन में पढ़ लेंगे पूरा रामायण और गीता और तीसरी किताब भी अच्छा तीसरी किताब का नाम भी बड़ा इंटरेस्टिंग है हाउ प्राइम मिनिस्टर डिसाइड यह किताब व पढ़ना चाहते हैं अब या तो इस किताब से व यह समझना चाह रहे हैं कि प्रधानमंत्री कैसे सोचते हैं यह पता चले तो समझ में आए कि मोदी जी अब अगला क्या सोचने वाले हैं करने वाले हैं और नहीं तो शायद यह मैसेज देना चाह रहे हैं कि मैं तो यहां से निकलूंगा तो प्रधानमंत्री ही बनूंगा खैर बस उनके मन में क्या चल रहा है यह तो वही जाने लेकिन सियासत में ऐसी मैसेजिंग कई बार की जाती है जो अरविंद केजरीवाल भी कर रहे हैं अरविंद केजरीवाल का तिहाड़ जेल में क्या शेड्यूल होने वाला है वह भी आपको बता देता हूं दरअसल तिहार जेल में अरविंद केजरीवाल को भी वही शेड्यूल फॉलो करना होगा जो बाकी कैदियों का होता है आप मुख्यमंत्री हैं उससे फर्क नहीं पड़ता बॉस आप वहां कैदी है तो जो बाकी करेंगे वो आपको करना पड़ेगा तिहाड़ के शेड्यूल के मुताबिक अरविंद केजरीवाल को बाकी कैदियों के साथ सुबह-सुबह साढे 6 बजे उठना पड़ेगा कैदियों को नाश्ते में चाय और ब्रेड दी जाती है हालांकि चूंकि केजरीवाल को परमिशन है कि वहर खाना घर से मंगा सकते हैं तो उनका नाश्ता भी शायद घर से आएगा फिर दोपहर का खाना सुबह 10:30 से 11 के बीच में मिल जाता है उसमें आम कैदियों को दाल मिलती है सब्जी मिलती है रोटी या चावल मिलता है लेकिन केजरीवाल जी का खाना घर आएगा तो व घर का खाना खाएंगे इसके बाद शाम में 5:30 बजे डिनर दे दिया जाता है तो केजरीवाल जी का डिनर भी घर से आ जाएगा 5:30 बजे और 7 बजे सभी कैदियों को अपने बैरक में वापस जाने के लिए कह दिया जाता है सब वापस चले जाते हैं ऐसा नहीं कि जेल जाने से अरविंद केजरीवाल का पीछा ईडी से छूट गया आज कोर्ट में ईडी ने बताया कि अरविंद केजरीवाल ने जांच में सहयोग नहीं किया तो जो लोग कहते थे कि हम एक एक चीज में सहयोग करेंगे ईडी कोर्ट में खड़े होकर कह रही है कि सहयोगी नहीं कर रहे सवालों के गोलमोल जवाब देकर जांच को भटकाने की कोशिश कर र है अपने फोन का पासवर्ड तक नहीं दे रहे इसलिए ईडी ने कोर्ट में कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वह फिर से केजरीवाल को हिरासत में ले सकते हैं ऐसी भी खबरें हैं कि अरविंद केजरीवाल के आईफो का डाटा एक्सेस करने के लिए ईडी ने मोबाइल कंपनी एल से भी सहयोग मांगा यानी ईडी से अरविंद केजरीवाल का पीछा अभी नहीं छूटने वाला बॉस ईडी को जब जरूरत पड़ेगी पूछताछ के लिए केजरीवाल को फिर रिमांड में ले सकती है अरविंद केजरीवाल तिहाड़ में तो चले गए लेकिन यह चर्चा बहुत चल रही है कि क्या जेल जाते-जाते वह अपने दो मंत्रियों आतिशी और सौरभ भारद्वाज को फसा के तो नहीं चले गए ऐसा लोग पूछ रहे हैं इस बात की चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि केजरीवाल ने शराब घोटाले के एक बड़े आरोपी विजय नायर के आतिशी और सौरभ भारद्वाज से कनेक्शन को जोड़ दिया और अपना पल्ला झाड़ लिया ऐसा लगा ईडी के मुताबिक केजरीवाल से पूछताछ में जब सवाल किया गया कि किस हद तक केजरीवाल जी आप किस हद तक विजय नायर से संपर्क में थे और किस हद से हद तक वो केजरीवाल को रिपोर्ट करता था तो ईडी कह रही है कोर्ट को कि केजरीवाल ने कहा कि विजय नायर उनको तो रिपोर्ट ही नहीं करता था वो तो आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता था अरविंद केजरीवाल ने यह भी दावा किया कि विजय नायर से उनका इंटरेक्शन या बातचीत बहुत सीमित थी मतलब ज्यादा उससे टच में नहीं था मैं आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट करता था ले अब इसी बात को लेकर सवाल उठने लगे कि क्या केजरीवाल ने यह बात कहकर अपने दो मंत्रियों आतिशी और सौरभ भारद्वाज को फसा दिया क्या क्योंकि जिस विजय नायर से केजरीवाल ने किनारा कर लिया कि मैं तो ज्यादा मिलता उलता नहीं था मैं ज्यादा उससे मेरा कोई इंटरेक्शन नहीं था और अपने दो मंत्रियों आतिशी और सौरभ भारद्वाज का पूरा पूरा ऐसा लग रहा है कि कनेक्शन जोड़ दिया जैसे विजय नायर सिर्फ उन्हीं के संपर्क में था वो विजय नायर कोई मामूली आदमी नहीं है इस शराब घोटाले के आरोपों के मामले में विजय नायर आम आदमी पार्टी का मीडिया एंड कम्युनिकेशन हेड था आम आदमी पार्टी का केजरीवाल सरकार का नहीं आम आदमी पार्टी का मीडिया एंड कम्युनिकेशन हेड था विजय नायर शराब घोटाले के सबसे अहम किरदारों में से एक है ईडी के मुताबिक विजय नायर शराब घोटाले में केजरीवाल और साउथ लॉबी के बीच मिडल मैन था बिचौलिया ईडी का आरोप है कि केजरीवाल ने विजय नायर के जरिए ही शराब घोटाले की रिश्वत ली अब ऐसा आदमी जिसके बारे में कहा जा रहा है कि वो केजरीवाल और उनकी सरकार और साउथ लॉबी के बीच में पूरा काम कर रहा था जिसके कंधे पर है कि उसने पूरा पैसा वैसा लिया यह आरोप ईडी लगाती है उसके लिए केजरीवाल ने कह दिया कि मैं ज्यादा नहीं जानता था वो सौरभ और आतिशी को रिपोर्ट करता था तो लोग पूछने लगे कि ल अब तो अगला नंबर आति शिया सौरभ भारद्वाज का है क्या गिरफ्तार होने का केजरीवाल ने विजय नायर को लेकर जो बातें कही हैं और उसका आतिशी और सौरभ से जो कनेक्शन जोड़ा जा रहा है उस पर आम आदमी पार्टी का दावा है कि कि जब विजय नायर को हिरासत में लिया गया था तब उसने भी कहा था कि वो सीएम केजरीवाल को रिपोर्ट नहीं करता इसलिए आज इस बात को उठाने का क्या मतलब है कि केजरीवाल ने विजय नायर से किनारा कर लिया विजय नायर ने जांच में बताया था कि वह आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता है आम आदमी पार्टी का आरोप है कि यह बयान इसलिए आया क्योंकि ईडी आतिशी और सौरभ भारद्वाज को फसाना चाहती है आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि बीजेपी को लग गया है कि सिर्फ केजरीवाल को जेल भेजने से काम नहीं होगा दूसरे नेताओं को भी जेल भेजना होगा एक बार सुनिए आम आदमी पार्टी ने इस पर क्या कहा है फिर आपको बताऊंगा कि कैसे विजय नायर को लेकर केजरीवाल के बयान ने आम आदमी पार्टी को ही फसा दिया जब विजय नायर जी को हिरासत में लिया गया था तब उन्होंने यह बात कही थी डेढ़ साल पहले उन्होंने यही बात करी थी कि मैं मुख्यमंत्री को रिपोर्ट नहीं करता मैं जो भी अपना काम करता हूं उसमें मेरा रिपोर्टिंग अतिशी और सौरभ से है अब आज आप डेढ़ साल बाद जब आपको कुछ नहीं मिला तो ईडी ने सवाल पैदा होता है कि आज डेढ़ साल बाद जो बयान लिखित में ईडी के पास खुद है वो डेढ़ साल बाद की उठा रहा है और अब मैं यह दावे के साथ कहता हूं इन दोनों हमारे वरिष्ठ नेताओं का नाम जो दिल्ली में भी मंत्री हैं आतिशी और सौरभ भारद्वाज उनका नाम इसीलिए गया है क्योंकि अब भाजपा को समझ में आ गया कि अरे भाई एक अरविंद केजरीवाल को जेल में डालने से यह पार्टी बंद नहीं होगी अब एक काम करो दो तीन और नेताओं की तैयारी करना शुरू करो तभी इनका नाम आज आया है यह नाम तो पहले से ही इनके बयानों में दर्ज था भाई इनका नाम पहले से बयानों में दर्ज लेकिन अगर केजरीवाल भी वही बात कह रहे हैं तो ईडी कोर्ट में क्या कहे ना बताए कि केजरीवाल कह रहे हैं कि विजय नायर तो आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता था और वह रिपोर्ट किसी भी को को किसी को भी करे जो आदमी इस पूरे मामले में मुख्य सूत्रधार बताया जा रहा बिचौलिया बताया जा रहा है उसके लिए केजरीवाल ने यह कह दिया कि मेरा इससे ज्यादा कनेक्शन नहीं था यह बात बड़ी इंपॉर्टेंट है आज पूरी आम आदमी पार्टी इस बात पर जोर लगा रही है कि केजरीवाल ने विजय नायर पर जो बात कही व ही और केजरीवाल का विजय नायर से कोई ज्यादा लेना देना नहीं था लेकिन आपको कुछ तस्वीरें दिखाता हूं यह तस्वीर देखिए इसमें केजरीवाल और विजय नायर दोनों साथ में दिख रहे हैं एक व्यक्ति केजरीवाल और विजय नायर दोनों के कंधे पर हाथ रख के खड़ा है अब सोचिए अगर एक व्यक्ति केजरीवाल और विजय नायर दोनों के कंधे पर हाथ डालकर खड़ा है तो इसका मतलब तो यही लगता है कि केजरीवाल और विजय नायर दोनों का कद इस आदमी के लिए एक जैसा होगा भाई जो आदमी इतना पावरफुल है कि वो केजरीवाल के कंधे पर हाथ रख दे रहा है वो बगल में विजय नायर के कंधे पर हाथ रख के फोटो खिंचा रहा है तो विजय नायर का कद भी तो कुछ होगा इससे विजय नायर की साफसाफ अहमियत दिख रही है यानी विजय नायर कोई ऐसा व्यक्ति नहीं था जिसे केजरीवाल जानते पहचानते ना हो आते जाते मिल लियो वाला हिसाब फिर केजरीवाल की नजरों में विजय नायर की कोई अहमियत ना हो यह कैसे हो सकता है और सुनिए विजय नायर का रुतबा कैसा था वो भी आपको दिखाता हूं विजय नायर का रुतबा ऐसा था कि वो दिल्ली में सीएम आवास के पीछे बने सीएम ऑफिस में काम करता था जबकि वह पार्टी का मीडिया कम्युनिकेशन हेड था दिल्ली सरकार का मीडिया कम्युनिकेशन हेड नहीं था आम आदमी पार्टी का कम्युनिकेशन हेड था उसका सीएम कैंप ऑफिस में बैठ के काम करता था भाई खुद अपने बयान में बोला है कि मैं वहां से काम करता था और देखिए केजरीवाल का घर देखिए और बगल में सीएम कैंप ऑफिस देखिए मतलब इतना पास है कि केजरीवाल जी शीष महल के बालकनी से चिल्लाए कि विजय तो विजय को सुनाई दे जाए इतना पास अब जो आदमी मुख्यमंत्री के बहुत करीबी नहीं है मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि मेरा इससे ज्यादा लेना देना नहीं था व सीएम कैंप ऑफिस में बैठकर क्यों काम कर रहा था बॉस यह सवाल नहीं उठेगा केजरीवाल के सीएम आवास और कैंप ऑफिस दोनों अगल बगल यानी केजरीवाल अपने बंगले से अगर जाएं तो मुश्किल से मतलब चलते हुए पहुंच जाए ऐसा हाल है विजय नायर से अब केजरीवाल और उनकी पार्टी के नेता किनारा किनारा करने में जुटे लेकिन विजय नायर वो व्यक्ति था जिसकी सीएम तक डायरेक्ट पहुंच वह ऐसे बंगले में रहता था जो बंगला कैबिनेट मंत्री को अलॉट हुआ था विजय नायर जिस बंगले में रहता था वह बंगला सीएम ऑफिस से करीब डेढ़ से दो किलोमीटर की दूरी पर ही था यानी चार पाच मिनट में वह सीएम ऑफिस पहुंच जाता था और सबसे बड़ा सवाल कि वो पार्टी का कम्युनिकेशन हेड है और रह रहा है मंत्री के बंगले में सोचिए कोई आदमी ऐसा है कोई और आम आदमी पार्टी में ऐसा आदमी है मुझे बताइए जो पार्टी का काम करता है लेकिन मंत्री को अलडा नहीं है जो आतिशी और सौरभ है जो उस जमाने में विधायक होते थे वह वहां से मुख्यमंत्री के दफ्तर से काम नहीं करते थे विजय नायर जिस कैबिनेट मंत्री के बंगले पर रहता था व बंगला दिल्ली के मंत्री कैलाश गहलोत के नाम पर अलट था कैलाश गहलोत खुद वहां नहीं रहते थे उन्होंने बताया कि निजी कारण से वह सरकारी बंगले में शिफ्ट नहीं हुए थे दो दिन पहले ही ईडी ने कैलाश गहलोत से शराब घोटाले में पा घंटे पूछताछ भी की थी पूछताछ के बाद जब कैलाश गहलोत मीडिया के सामने आए तो उन्होंने कहा था कि उन्हें पता ही नहीं कि जो बंगला उन्हें आवंटित हुआ था उनमें कौन रहता था एक बार कैलाश गहलोत को सुनिए आरोप लगे की जो लेकर पॉलिसी बनी जो ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स उसका आप हिस्सा थे और विजयना आपके आवास पर रह रहा था देखिए मैंने यह बारबार ये कहा है कि वो आवास बिल्कुल मेरे नाम पर अटेड है लेकिन मैं आज भी और पहले भी अपने ही जो मेरा प्राइवेट रेडेंस है वसन कुं मैं वहां पर रह रहा हूं मेरे जो बच्चे हैं वो क्योंकि मेरा जो घर वसन में है वो डीपीएस के बिल्कुल सामने है और मेरी वाइफ ने और बच्चों ने वहां से शिफ्ट करने के लिए मना कर दिया था तो इसलिए ना मैं कभी जो सिविल लाइ जो बंगलो है मेरे नाम प ना मैंने कभी वहां शिफ्ट किया और ना मैं कभी रहा वहां पर और विजय नायर वहां रह रहे थे ये भी मैंने स्टेटमेंट दिया सीबीआई में जब बुलाया था तब भी यही स्टेटमेंट था और आज भी मेरा यही स्टेटमेंट था कि विजय नायर वहां रह रहे या नहीं रह रहे इसके बारे में मुझे कोई सूचना नहीं हालांकि आप खुद सोचिए कि विजय नायर कैलाश गहलोत को मिले बंगले में रहता था कैलाश गहलोत को बंगला नहीं चाहिए था मंत्री का बंगला कोई छोटा मोटा बंगला नहीं होता मंत्री का बंगला नहीं चाहिए था तो किसी बवी विजय नायर को मिल जाएगा जो पार्टी में कम्युनिकेशन हेड है सोचिए उस आदमी की क्या इंपॉर्टेंस रही होगी केजरीवाल जी के घर के डेढ़ किलोमीटर के दायरे में रह रहा है और सीएम कैंप ऑफिस से काम कर रहा है और आज केजरीवाल जी कह रहे हैं मेरा जाना ज्यादा लेना देना नहीं था आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट करता था विजय नायर कैलाश गहलोत के जिस बंगले में रहता था उसी बंगले में टाइम्स नाउ भारत की एडिटर इन चीफ नाविका कुमार ने एक बार अरविंद केजरीवाल का इंटरव्यू भी किया था हैरान करने वाली बात यह है कि जिस विजय नायर के बारे में दावा है कि वोह आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता था वो खुद तो कैबिनेट मंत्री के अलडा और सौरभ भारद्वाज को उस जमाने में वो रिपोर्ट करता था कथित तौर पर वो तब विधायक थे आतिशी और सौरभ भारद्वाज तब मंत्री कहां बने थे और व बेचारे अपने अपने घर में रह रहे थे या सामान्य बंगलों में रह रहे थे यानी जो रिपोर्ट कर रहा है वो मंत्री के बंगले में रह रहा है और जो बॉस है जिसको यह आदमी रिपोर्ट कर रहा है वह बेचारे सामान्य घर में रह रहे हैं सब बॉस भगवान सबको दे भाई ऐसा बॉस आपने सुना है कि कंपनी कह रही है कि बॉस रहेगा वन बीएचके में और जो उसका नीचे वाला एंप्लॉई है जो बॉस को रिपोर्ट कर रहा है वह रहेगा बड़े से फ्लैट में फ बीएच के ऐसा कोई कंपनी में सुने कहीं सुने लेकिन विज नायर र रहा था और आज हो रहा है कि विजय नार तो पहले ही बोला कि हम सौरभ और आतिशी को रिपोर्ट करते थे अरे बॉस तो आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट कर रहा था तु यह सब कैसे हो रहा था बाकी चीजें इसका कोई जवाब ही नहीं विजय नायर को लेकर शराब घोटाले में कई आरोपियों और कई गवाहों के बयान भी है जिससे यह पता चलता है कि यह कैसे शराब मामले में डीलिंग कर रहा था हमारे पास वो एक्सक्लूसिव मैसेज और बयान है जो शराब घोटाले में सुप्रीम कोर्ट के सामने रखे गए थे और जिसमें विजय नायर का रोल दिखता है हम आपको एक्सक्लूसिव मोबाइल मैसेज दिखाते हैं जो मैसेज सिग्नल प पर किए गए थे और यह मैसेज विजय नायर के हैं जो ईडी ने सुप्रीम कोर्ट को दिखाए इस मैसेज को विजय नायर ने एक शराब कंपनी के रीजनल मैनेजर विनय बाबू को भेजा था इसमें विजय नायर साफ-साफ लिख रहा है प्लान यू सजेस्टेड मे बी कंप्लीट नो गो एवरीवन अगेंस्ट इट जीरो ट्रस्ट बेसिकली यानी इस मैसेज का मतलब है कि विजय नायर एक शराब कंपनी के मैनेजर को कह रहा है कि तुमने जिस प्लान का सुझाव दिया है वो पूरी तरह खारिज हो सकता है हर कोई इसके खिलाफ है किसी को भरोसा नहीं है और जिसको मैसेज गया वह खुद यह बता रहा है आप खुद देखिए इस विजय नायर के इस मैसेज से यह लग रहा है कि वह शराब कारोबारियों से सीधा-सीधा डील कर रहा था भाई कम्युनिकेशन हेड है और इस तरह का मैसेज सवाल नहीं उठेंगे और जब उसके पास कोई सरकारी पद नहीं था उसके बावजूद वह किस अथॉरिटी से किसके कहने पर सरकारी कामकाज देख रहा था सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि विजय नायर किन लोगों के बारे में कह रहा था कि व शराब कंपनी के प्लान से सहमत नहीं है इससे पहले जो चैट हमने दिखाई उसमें विजय नायर कनड रिकर्ड नाम की शराब कंपनी की तरफ से दिए गए सुझावों के बारे में बात कर रहा था अब एक और चैट देखिए इस चैट में विजय नायर उसी कंपनी के बारे में कुछ जानकारी मांग रहा है चैट में लिखा था कि इज मनोज योर डिसीजन मेकर वुड लाइक टू मीट हिम एज वेल आइडियल यानी विजय नायर शराब कंपनी के डिसीजन मेकर की जानकारी लेना चाह रहा है और उससे मिलना भी चाह रहा है इस चैट से भी यह लगता है कि विजय नायर काफी करीब से शराब पॉलिसी को लेकर काम कर रहा था जो ईडी दावा कर रही है और अलग-अलग शराब कंपनियों से बातचीत भी कर रहा था यही बात यही दावा ईडी कोर्ट में कर चुकी है और कहा जा रहा है कि विजय नायर तो कम्युनिकेशंस देखता था ठीक है देखता होगा लेकिन ईडी यही तो सवाल उठा रही है कि फिर यह क्या है अरविंद केजरीवाल तो विजय नायर से कन्नी काट रहे हैं लेकिन ईडी की जांच में कई आरोपियों और गवाहों ने अपने स्टेटमेंट में यह क्लियर कट कहा है कि विजय नायर केजरीवाल के लिए काम कर रहा है हमारे पास विजय नायर के बारे में एक्सक्लूसिव जानकारी है जो शराब घोटाले के मामले में ईडी सुप्रीम कोर्ट को भी बता चुकी है जैसे हैदराबाद के बिजनेसमैन अरुण पिल्लई ने ईडी को 6 मार्च 2022 को दिए बयान में कहा कि शराब पॉलिसी बनाने और लागू करने को लेकर विजय नायर को केजरीवाल और सिसोदिया दोनों का सपोर्ट बुची बाबू जो सीए हैं और आरोपी के कविता के करीबी हैं उन्होंने 23 फरवरी 2022 को दिए बयान में बताया था कि विजय नायर अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के आदश पर ही शराब नीति पर काम कर रहा इसी तरह शराब कारोबारी दिनेश अरोड़ा ने 6 अप्रैल 2023 को ईडी को बताया था कि वह विजय नायर से अचानक से नहीं मिला यह मीटिंग मनीष सिसोदिया ने अरेंज कराई थी मनीष सिसोदिया ने कहा था कि एक्साइज पॉलिसी को लेकर विजय नायर के साथ मिलकर काम करो यानी इस पूरे मामले के कई आरोपी विजय नायर का नाम ले चुके हैं और केजरीवाल जी कहते हैं मेरा इससे ज्यादा लेना देना नहीं तो फिर जिनका लेना देना है जिनको य रिपोर्ट करता था फिर ईडी उनसे भी सवाल कर सकती है फिर तो फिर क्या उनकी भी गिरफ्तारी हो सकती है आतिशी और सौरभ भारद्वाज की यह सवाल उठेंगे जिस विजय नायर के लिए अरविंद केजरीवाल यह कह रहे हैं कि उनका विजय नायर से ज्यादा संपर्क नहीं था उसी विजय नायर से जुड़े कई सबूत ईडी ने केजरीवाल को दिखाए और सवाल किए ईडी सूत्रों के मुताबिक पूछताछ के दौरान विजय नायर और घोटाले के सह आरोपियों के 10 से ज्यादा मीटिंग के सबूत अरविंद केजरीवाल को दिखाए गए केजरीवाल से यह पूछा गया कि विजय नायर किस अथॉरिटी से दिनेश अरोड़ा अभिषेक बोइन पल्ली जैसे आरोपियों से मुलाकात कर रहा था इस पर केजरीवाल ने साफ-साफ मना कर दिया कि वह इन लोगों को जानते ही नहीं इस पर ईडी का कहना था कि विजय नायर जैसे सीनियर व्यक्ति जो कि सीएम केजरीवाल से बहुत करीबी करीब रहकर काम करता था वह कोई भी काम बिना पार्टी के हेड यानी अरविंद केजरीवाल के अप्रूवल के बिना तो नहीं कर सकता था यह सब बातें यह सब बयान और मैसेज के सबूत होने के बाद भी विजय नायर से केजरीवाल कैसे किनारा कर सकते यह सवाल उठ रहा है और कैसे यह कह सकते हैं कि विजय नायर तो आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता अब आम आदमी पार्टी पूरा जोर लगा रही है कि ऐसा मैसेज ना जाए कि केजरीवाल अपने ही मंत्रियों को अपने से दूर कर रहे हैं या ऐसे बयान दे रहे हैं जिससे अपने मंत्री फस जाए लेकिन विजय नायर को लेकर जो बातें कही जा रही हैं और जो ईडी ने जांच कर पता किया और दावा किया कोर्ट में उससे कई सवाल उठते हैं जैसे विजय नायर के बारे में केजरीवाल ने कहा कि व आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट करता था जबकि ईडी के दावों के मुताबिक विजय नायर तो केजरीवाल का राइट हैंड था और डी को कई गवाहों ने यह बताया यहां सवाल यह भी है कि ऐसा व्यक्ति जो पार्टी का मीडिया कम्युनिकेशन हेड हो जो सीएम आवास के पीछे बने उस सीएम कैंप ऑफिस का इस्तेमाल करता हो जो ऑफिस पार्टी के लिए नहीं बल्कि सीएम के अपने काम के लिए कर होती है और जो व्यक्ति कैबिनेट मंत्री के आवास में रहता हो उस व्यक्ति के बारे में केजरीवाल कैसे यह दावा कर सकते हैं कि कैंप ऑफिस में कई लोग काम करते हैं उन्हें सबके बारे में क्या पता एक सवाल यह भी है कि जो व्यक्ति आम आदमी पार्टी के लिए काम कर रहा है व व्यक्ति पार्टी ऑफिस छोड़कर सीएम के पर्सनल ऑफिस से क्यों काम कर रहा था अब आप खुद सोचिए जो व्यक्ति इतना हाई प्रोफाइल दिख रहा है पार्टी का कम्युनिकेशन हेड है चुनाव में जिस पर बड़ी जिम्मेदारियां रहती थी जिसके पास सीएम के ऑफिस का एक्सेस है रहने के लिए मंत्री का बंगला है उस इंसान के बारे में क्या सीएम को खुद पता नहीं होगा और जब वह इतना हाई प्रोफाइल था तो किसी मंत्री नहीं बल्कि दो सामान्य विधायकों को क्यों रिपोर्ट कर रहा था यह बात आसानी से हजम होने वाली नहीं लगती और यही बात ईडी को भी हजम नहीं हुई इसलिए ईडी अरविंद केजरीवाल से विजय नायर पर सवाल पूछ रही है और विजय नायर कह रहे कि मैं तो नहीं जानता ज्यादा आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट करता था अब केजरीवाल जो भी कहे लेकिन यह जांच रुकने वाली नहीं है और क्या उनके इस बयान के बाद अब ईडी आतिशी और सौरभ भारद्वाज के घर पर भी दस्तक देगी यह सवाल उठने लगे पाशा पर देखिए शराब घोटाले से जुड़े वह मोबाइल मैसेज जो बड़ा राज खोल दे किसी जमाने में दूसरों को तिहार जेल भेजने की बातें करने वाले केजरीवाल के लिए वक्त का पहिया ऐसा घूमा कि आज केजरीवाल खुद तिहाड़ जेल में पहुंच गए केजरीवाल ने जिस दिन के बारे में सोचा नहीं था वह दिन आज आ गया और जिनको केजरीवाल कहते थे कि तिहाड़ में भेजेंगे वह लोग रामलीला मैदान में अरविंद केजरीवाल तिहाड़ क्यों जा रहे हैं इस पर छाती पीट रहे पूरा जो वक्त का पहिया होता है ना वो पलट गया घूम गया ईडी ने केजरीवाल की आज रिमांड नहीं मांगी और कोर्ट ने उन्हें 15 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया यानी जेल भेज दिया इसके बाद जेल वैन में केजरीवाल को भरकर तिहार जेल पहुंचा दिया गया लेकिन जेल जाते ही केजरीवाल ने आज एक और रिकॉर्ड बना दिया अब तक वह देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री थे जो रिमांड में होने के बावजूद मुख्यमंत्री पद पर बैठे हुए आज केजरीवाल ने नया रिकॉर्ड बना दिया वो आए थे ना पॉलिटिक्स बदलने देखिए पॉलिटिक्स बदल दी आज वह देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन गए जो जेल के अंदर जाकर भी मुख्यमंत्री हैं केजरीवाल अब उसी तिहाड़ जेल में रहेंगे जहां उनके पुराने साथी मनीष सिसोदिया संजय सिंह और सतेंद्र जैन ब केजरीवाल को तिहाड़ की जेल नंबर दो में रखा गया है वह जेल नंबर दो में अकेले रहेंगे केजरीवाल के साथी संजय सिंह को कुछ दिन पहले ही जेल नंबर दो से जेल नंबर पांच में शिफ्ट किया गया है इसके अलावा पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया जेल नंबर वन में है और केजरीवाल के एक और मंत्री रहे सतेंद्र जैन जेल नंबर सात में यानी अब आम आदमी पार्टी के सीनियर लीडर्स का नया ठिकाना तिहाड़ जेल बन गया है और देश में शायद ही कोई ऐसी पार्टी होगी जो लांच होने के इतने कम समय में इस तरह का प्रदर्शन करते हुए उसके तमाम बड़े नेता जेल के अंदर गए तिहार जेल में अब सीएम केजरीवाल के साथ क्या-क्या होने वाला है यह आपको आगे बताऊंगा लेकिन पहले सुनिए कि तिहार जाने से पहले आज जब केजरीवाल जी कोर्ट में पेश हुए तो उन्होंने क्या कहा यानी उन्होंने प्रधानमंत्री पर डाल दिया प्रधानमंत्री जो कर रहे व देश के लिए ठीक जेल तो आपको कोर्ट ने भेजा गलत था तो कोर्ट कह देता कि नहीं जेल नहीं भेजेंगे इनको केजरीवाल जेल जाने पर सिंपैथी बटोरने में जुटे लेकिन यह सिंपैथी उन्हें मिलेगी या नहीं यह तो वक्त बताएगा फिलहाल उन्हें तिहाड़ में क्या-क्या मिलने वाला है मैं बता देता हूं कोर्ट से केजरीवाल ने तिहाड़ में कई सारी चीजों की परमिशन मांगी कोर्ट ने तिहाड़ के अंदर केजरीवाल को क्या-क्या ले जाने की परमिशन दी है आपको पहले वह बता देता हूं केजरीवाल अपना गद्दा तिहार जेल में यूज कर पाएंगे केजरीवाल ने कहा उनको चादर भी अपना चाहिए तो चादर भी उनको अपना मिलेगा केजरीवाल ने दो तकिया मांगा तो कोर्ट ने कहा दो तकिया रख लीजिए इसके अलावा रजाई और कंबल यह भी केजरीवाल अपना इस्तेमाल कर सकेंगे यानी चादर तकिया गद्दा रजाई कंबल कुछ भी जेल का नहीं अपना इस्तेमाल करेंगे केजरीवाल जी केजरीवाल ने अपनी हेल्थ से जुड़ी हुई कई परमिशन भी कोर्ट से मांगी केजरीवाल की सेहत को देखते हुए कोर्ट ने कहा कि केजरीवाल हेल्थ मॉनिटरिंग डिवाइस अंदर ले जा सकते हैं क्योंकि केजरीवाल जी के परिवार का कहना है कि बहुत हाई शुगर रहता है इनको बहुत बीमार है शुगर की वजह से तो कोर्ट ने कहा कि ठीक है हेल्थ मॉनिटरिंग डिवाइस ले जाइए इसके अलावा शुगर शुगर शुगर सेंसर चार्जर शुगर शुगर मशीन वाला वो ले जाइए और जो ग्लूकोमीटर होता है वो ले जाइए सेंसर रीडर ले जाइए इसके अलावा अगर ब्लड शुगर लेवल नीचे जाता है तो उसके लिए कई बार तुरंत टॉफी खानी पड़ती है ताकि शुगर लेवल ऊपर जाए तो कोर्ट ने कहा ठीक है आप जेल में रहिए लेकिन टॉफी रखिए ग्लूकोज रखिए डायबिटीज की दवाइयां रखिए यह सब आपको जेल अथॉरिटी दे देगा इसके अलावा कोर्ट ने इस बात की परमिशन दे दी है कि अरविंद केजरीवाल घर का बना खाना खा सकते हैं और इतना ही नहीं उन्हें जेल का पानी जेल की पानी जेल का जो पानी है वह भी नहीं पीना पड़ेगा वह बोतल बंद पानी मंगवा सकते यानी घर का खाना पहुंचेगा केजरीवाल वही खाएंगे जेल का खाना नहीं खाएंगे तो जो एक कहावत थी कि जेल की रोटी खानी पड़ेगी जेल का पानी पीना पड़ेगा व जेल में रहकर भी केजरीवाल जी पर लागू नहीं होगी क्योंकि वह घर का खाना खाते रहेंगे घर का पानी पीते रहेंगे या बोतल बंद बिसलेरी वगैरह जो होता है मिनरल वाटर वह पीते रहेंगे इसके अलावा केजरीवाल ने जेल में पढ़ने के लिए तीन किताबें मांगी केजरीवाल जी ने कहा कि मुझे रामायण दीजिए सर मैं रामायण पढ़ना चाहता हूं उन्होंने कहा मैं भगवत गीता पढ़ना चाहता हूं और तीसरी किताब उन्होंने मांगी कि हाउ प्राइम मिनिस्टर्स डिसाइड ये तीन किताबें मैं पढ़ना चाहता हूं अब तीनों बुक्स की परमिशन कोर्ट ने दे दी कि ठीक है ले जाइए पढ़िए हालांकि तीनों किताबों की परमिशन यह भी दिखाती है कि शायद केजरीवाल जी को अंदर ही अंदर यह पता चल गया है कि वो लंबा अंदर गए हैं नहीं तो तीन किताब क्यों मांगते अगर पाच दिन 10 दिन में 15 दिन में निकलने वाला 15 दिन में पढ़ लेंगे पूरा रामायण और गीता और तीसरी किताब भी अच्छा तीसरी किताब का नाम भी बड़ा इंटरेस्टिंग है हाउ प्राइम मिनिस्टर्स डिसाइड यह किताब वो पढ़ना चाहते हैं अब या तो इस किताब से वो ये समझना चाह रहे हैं कि प्रधानमंत्री कैसे सोचते हैं यह पता चले तो समझ में आए कि मोदी जी अब अगला क्या सोचने वाले हैं करने वाले हैं और नहीं तो शायद यह मैसेज देना चाह रहे हैं कि मैं तो अब यहां से निकलूंगा तो प्रधानमंत्री ही बनूंगा खैर बस उनके मन में क्या चल रहा है यह तो वही जाने लेकिन सियासत में ऐसी मैसेजिंग कई बार की जाती है जो अरविंद केजरीवाल भी कर रहे हैं अरविंद केजरीवाल का तिहार जेल में क्या शेड्यूल होने वाला है वो भी आपको बता देता हूं दरअसल तिहार जेल में अरविंद केजरीवाल को भी वही शेड्यूल फॉलो करना होगा जो बाकी कैदियों का होता है आप मुख्यमंत्री हैं उससे फर्क नहीं पड़ता बॉस आप वहां कैदी है तो जो बाकी करेंगे वह आपको करना पड़ेगा तिहाड़ के शेड्यूल के मुताबिक अरविंद केजरीवाल को बाकी कैदियों के साथ सुबह-सुबह 6:30 बजे उठना पड़ेगा कैदियों को नाश्ते में चाय और ब्रेड दी जाती है हालांकि चूंकि केजरीवाल को परमिशन है कि व घ घर खाना घर से मंगा सकते हैं तो उनका नाश्ता भी शायद घर से आएगा फिर दोपहर का खाना सुबह 10:30 से 11 के बीच में मिल जाता है उसमें आम कैदियों को दाल मिलती है सब्जी मिलती है रोटी या चावल मिलता है लेकिन केजरीवाल जी का खाना घर से आएगा तो व घर का खाना खाएंगे इसके बाद शाम में 5:30 बजे डिनर दे दिया जाता है तो केजरीवाल जी का डिनर भी घर से आ जाएगा 5:30 बजे और 7 बजे सभी कैदियों को अपने बैरक में वापस जाने के लिए कह दिया जाता है सब वापस चले जाते हैं ऐसा नहीं कि जेल जाने से अरविंद केजरीवाल का पीछा ईडी से छूट गया आज कोर्ट में ईडी ने बताया कि अरविंद केजरीवाल ने जांच में सहयोग नहीं किया तो जो लोग कहते थे कि हम एकएक चीज में सहयोग करेंगे ईडी कोर्ट में खड़े होकर कह रही है कि सहयोगी नहीं कर रहे सवालों के गोलमोल जवाब देकर जांच को भटकाने की कोशिश कर रहे हैं अपने फोन का पासवर्ड तक नहीं दे रहे इसलिए ईडी ने कोर्ट में कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वह फिर से केजरीवाल को हिरासत में ले सकते हैं ऐसी भी खबरें हैं कि अरविंद केजरीवाल के आई का डाटा एक्सेस करने के लिए ईडी ने मोबाइल कंपनी एल से भी सहयोग मांगा यानी ईडी से अरविंद केजरीवाल का पीछा अभी नहीं छूटने वाला बॉस ईडी को जब जरूरत पड़ेगी पूछताछ के लिए केजरीवाल को फिर रिमांड में ले सकती है अरविंद केजरीवाल तिहाड़ में तो चले गए लेकिन यह चर्चा बहुत चल रही है कि क्या जेल जाते जाते वह अपने दो मंत्रियों आतिशी और सौरभ भारद्वाज को फसा के तो नहीं चले गए ऐसा लोग पूछ रहे हैं इस बात की चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि केजरीवाल ने शराब घोटाले के एक बड़े आरोपी विजय यर के आतिशी और सौरभ भारद्वाज से कनेक्शन को जोड़ दिया और अपना पल्ला झाड़ लिया ऐसा लगा ईडी के मुताबिक केजरीवाल से पूछता में जब यह सवाल किया गया कि किस हद तक केजरीवाल जी आप किस हद तक विजय नायर से संपर्क में थे और किस हद से हद तक वह केजरीवाल को रिपोर्ट करता था तो ईडी कह रही है कोर्ट को कि केजरीवाल ने कहा कि विजय नायर उनको तो रिपोर्ट ही नहीं करता था वो तो आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता था अरविंद केजरीवाल ने यह भी दावा किया कि नायर से उनका इंटरेक्शन या बातचीत बहुत सीमित थी मतलब ज्यादा उससे टच में नहीं था मैं आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट करता था ले अब इसी बात को लेकर सवाल उठने लगे कि क्या केजरीवाल ने यह बात कहकर अपने दो मंत्रियों आतिशी और सौरभ भारद्वाज को फसा दिया क्या क्योंकि जिस विजय नायर से केजरीवाल ने किनारा कर लिया कि मैं तो ज्यादा मिलता उलता नहीं था मैं ज्यादा उससे मेरा कोई इंटरेक्शन नहीं था और अपने दो मंत्रियों आतिशी और सौरभ भारद्वाज का पूरा पूरा ऐसा लग रहा है कि कनेक्शन जोड़ दिया जैसे विजय नायर सिर्फ उन्हीं के संपर्क में था वो विजय नायर कोई मामूली आदमी नहीं है इस शराब घोटाले के आरोपों के मामले में विजय नायर आम आदमी पार्टी का मीडिया एंड कम्युनिकेशन हेड था आम आदमी पार्टी का केजरीवाल सरकार का नहीं आम आदमी पार्टी का मीडिया एंड कम्युनिकेशन हेड था विजय नायर शराब घोटाले के सबसे अहम किरदारों में से एक है ईडी के मुताबिक विजय नायर शराब घोटाले में केजरीवाल और साउथ लॉबी के बीच मिडल मैन था बिचौलिया ईडी का आरोप है कि केजरीवाल नेने विजय नायर के जरिए ही शराब घोटाले की रिश्वत ली अब ऐसा आदमी जिसके बारे में कहा जा रहा है कि वह केजरीवाल और उनकी सरकार और साउथ लॉबी के बीच में पूरा काम कर रहा था जिसके कंधे पर है कि उसने पूरा पैसा वैसा लिया यह आरोप ढ़ लगाती है उसके लिए केजरीवाल ने कह दिया कि मैं ज्यादा नहीं जानता था वो सौरभ और आतिशी को रिपोर्ट करता था तो लोग पूछने लगे कि ल अब तो अगला नंबर आशिया सौरभ भारद्वाज का है क्या ग तार होने का केजरीवाल ने विजय नायर को लेकर जो बातें कही हैं और उसका आतिशी और सौरभ से जो कनेक्शन जोड़ा जा रहा है उस पर आम आदमी पार्टी का दावा है कि जब विजय नायर को हिरासत में लिया गया था तब उसने भी कहा था कि वह सीएम केजरीवाल को रिपोर्ट नहीं करता इसलिए आज इस बात को उठाने का क्या मतलब है कि केजरीवाल ने विजय नायर से किनारा कर लिया विजय नायर ने जांच में बताया था कि वह आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता है आम आदमी पार्टी का आरोप है कि यह बयान इसलिए आया क्योंकि ईडी आतिशी और सौरभ भारद्वाज को फसाना चाहती आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि बीजेपी को लग है कि सिर्फ केजरीवाल को जेल भेजने से काम नहीं होगा दूसरे नेताओं को भी जेल भेजना होगा एक बार सुनिए आम आदमी पार्टी ने इस पर क्या कहा है फिर आपको बताऊंगा कि कैसे विजय नायर को लेकर केजरीवाल के बयान ने आम आदमी पार्टी को ही फसा दिया जब विजय नायर जी को हिरासत में लिया गया था तब उन्होंने यह बात कही थी डेढ़ साल पहले उन्होंने यही बात करी थी कि मैं मुख्यमंत्री को रिपोर्ट नहीं करता मैं जो भी अपना काम करता हूं उसमें मेरा रिपोर्टिंग अतिशी और सौरभ से है अब आज आप डेढ़ साल बाद जब आपको कुछ नहीं मिला तो ईडी ने सवाल पैदा होता है कि आज डेढ़ साल बाद जो बयान लिखित में ईडी के पास खुद है वो डेढ़ साल बाद क्यों उठा रहा है और अब मैं ये दावे के साथ कहता हूं इन दोनों हमारे वरिष्ठ नेताओं का नाम जो दिल्ली में भी मंत्री हैं आतिशी और सौरभ भारद्वाज उनका नाम इसीलिए गया है क्योंकि अब भाजपा को समझ में आ गया कि अरे भाई एक अरविंद केजरीवाल को जेल में डालने से ये पार्टी बंद नहीं होगी अब एक काम करो दो-तीन और नेताओं की तैयारी करना शुरू करो अभी इनका नाम आज आया है यह नाम तो पहले से ही इनके बयानों में दर्ज था भाई इनका नाम पहले से बयानों में दर्ज था लेकिन अगर केजरीवाल भी वही बात कह रहे हैं तो ईडी कोर्ट में क्या कहे ना बताए कि केजरीवाल कह रहे हैं कि विजय नायर तो आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता था और वो रिपोर्ट किसी भी को को किसी को भी करें जो आदमी इस पूरे मामले में मुख्य सूत्रधार बताया जा रहा है बिचौलिया बताया जा रहा है उसके लिए केजरीवाल ने ये कह दिया कि मेरा इससे ज्यादा कनेक्शन नहीं था यह बात बड़ी इंपॉर्टेंट है आज पूरी आम आदमी पार्टी इस बात पर जोर लगा रही है कि केजरीवाल ने विजय नायर पर जो बात कही वह सही है और केजरीवाल का विजय नायर से कोई ज्यादा लेना देना नहीं था लेकिन आपको कुछ तस्वीरें दिखाता हूं यह तस्वीर देखिए इसमें केजरीवाल और विजय नायर दोनों साथ में दिख रहे हैं एक व्यक्ति केजरीवाल और विजय नायर दोनों के कंधे पर हाथ रख के खड़ा है अब सोचिए अगर एक व्यक्ति केजरीवाल और विजय नायर दोनों के कंधे पर हाथ डालकर खड़ा है तो इसका मतलब तो यही लगता है कि केजरीवाल और विजय नायर दोनों का कद इस आदमी के लिए एक जैसा होगा भाई जो आदमी इतना पावरफुल है कि वह केजरीवाल के कंधे पर हाथ रख दे रहा है वह बगल में विजय नायर के कंधे पर हाथ रख के फोटो खींचा रहा है तो विजय नायर का कद भी तो कुछ होगा इससे विजय नायर की साफसाफ अहमियत दिख रही है यानी विजय नायर कोई ऐसा व्यक्ति नहीं था जिसे केजरीवाल जानते पहचानते ना हो आते जाते मिलि हों वाला हिसाब फिर केजरी की नजर में विजय नायर की कोई अहमियत ना हो यह कैसे हो सकता है और सुनिए विजय नायर का रुतबा कैसा था वह भी आपको दिखाता हूं विजय नायर का रुतबा ऐसा था कि वह दिल्ली में सीएम आवास के पीछे बने सीएम ऑफिस में काम करता था जबकि वह पार्टी का मीडिया कम्युनिकेशन हेड था दिल्ली सरकार का मीडिया कम्युनिकेशन हेड नहीं था आम आदमी पार्टी का कम्युनिकेशन हेड था उसका सीएम कैंप ऑफिस में बैठकर काम करता था भाई खुद ने बयान में बोला है कि मैं वहां से काम करता था और देखिए केजरीवाल का घर देखिए और बगल में सीएम कैंप ऑफिस देखिए मतलब इतना पास है कि केजरीवाल जी शीश महल के बलक से चिल्लाए कि हे विजय तो विजय को सुनाई दे जाए इतना पास अब जो आदमी मुख्यमंत्री के बहुत करीबी नहीं है मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि मेरा इससे ज्यादा लेना देना नहीं था व सीएम कैंप ऑफिस में बैठ के क्यों काम कर रहा था बॉस यह सवाल नहीं उठेगा केजरीवाल के सीएम आवास और कैंप ऑफिस दोनों अगल बगल यानी केजरीवाल अपने बंगले से अगर जाएं तो मुश्किल से मतलब चलते हुए पहुंच जाए ऐसा हाल है विजय नायर से अब केजरीवाल और उनकी पार्टी के नेता किनारा किनारा करने में जुटे लेकिन विजय नायर वह व्यक्ति था जिसकी सीएम तक डायरेक्ट पहुंच वह ऐसे बंगले में रहता था जो बंगला कैबिनेट मंत्री को अलट हुआ था विजय नायर जिस बंगले में रहता था वो बंगला सीएम ऑफिस से करीब डेढ़ से दो किलोमीटर की दूरी पर ही था यानी चार पाच मिनट में वो सीएम ऑफिस पहुंच जाता था और सबसे बड़ा सवाल कि वो पार्टी का कम्युनिकेशन हेड है और रह रहा है मंत्री के बंगले में सोचिए कोई आदमी ऐसा है कोई और आम आदमी पार्टी में ऐसा आदमी है मुझे बताइए जो पार्टी का काम करता है लेकिन मंत्री को अलडा नहीं है जो आतिशी और सौरभ है जो उस जमाने में विधायक होते थे वो वहां से मुख्यमंत्री के दफ्तर से काम नहीं करते थे विजय नायर जिस कैबिनेट मंत्री के बंगले पर रहता था वो बंगला दिल्ली के मंत्री कैलाश गहलोत के नाम पर अलॉट था कैलाश गहलोत खुद वहां नहीं रहते थे उन्होंने बताया कि निजी कारण से वो सरकारी बंगले में शिफ्ट नहीं हुए थे दो दिन पहले ही ईडी ने कैलाश गहलोत से शराब घोटाले में पाच घंटे पूछताछ भी की थी पूछताछ के बाद जब कैलाश गहलोत मीडिया के सामने आए तो उन्होंने कहा था कि उन्हें पता ही नहीं कि जो बंगला उन्हें आवंटित हुआ था उनमें कौन रहता था एक बार कैलाश गहलोत को सुनिए आरोप लगे जो लेकर पॉलिसी बनी जो ग्रुप ऑफ मिनिस्टर उसका आप हिस्सा थे और विजयर आपके आवास पर रह रहा था देखिए मैंने यह बारबार यह कहा है कि व आवास बिल्कुल मेरे नाम पर अटेड है लेकिन मैं आज भी और पहले भी अपने ही जो मेरा प्राइवेट रेडेंस है वन कुं मैं वहां पर रह रहा हूं मेरे जो बच्चे हैं वो क्योंकि मेरा जो घर वसन में है वो डीपीएस के बिल्कुल सामने है और मेरी वाइफ ने और बच्चों ने ने वहां से शिफ्ट करने के लिए मना कर दिया था तो इसलिए ना मैं कभी जो सिविल लाइ जो बंगलो है मेरे नाम पर लड है ना मैंने कभी वहा शिफ्ट किया और ना मैं कभी रहा वहां पर और विजय नायर वहां रह रहे थे यह भी मैंने स्टेटमेंट दिया सीबीआई में जब बुलाया था तब भी य स्टेटमेंट था और आज भी मेरा यही स्टेटमेंट था कि विजय नायर वहां रह रहे या नहीं रह रहे इसके बारे में मुझे कोई सूचना नहीं हालांकि आप खुद सोचिए कि विजय नायर कैलाश गहलोत को मिले बंगले में रहता था कैलाश गहलोत को बंगला नहीं चाहिए था मंत्री का बंगला कोई छोटा-मोटा बंगला नहीं होता मंत्री का बंगला नहीं चाहिए था तो किसी भी विजय नायर को मिल जाएगा जो पार्टी में कम्युनिकेशन हेड है सोचिए उस आदमी की क्या इंपॉर्टेंस रही होगी केजरीवाल जी के घर के डेढ़ किलोमीटर के दायरे में रह रहा है और सीएम कैंप ऑफिस से काम कर रहा है और आज केजरीवाल जी कह रहे हैं मेरा जाना ज्यादा लेना देना नहीं था आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट करता था विजय नायर कैलाश गहलोत के जिस बंगले में रहता था उसी बंगले में टाइम्स नाउ भारत की एडिटर इन चीफ नाविका कुमार ने एक बार अरविंद केजरीवाल का इंटरव्यू भी किया था हैरान करने वाली बात यह है कि जिस विजय नायर के बारे में दावा है कि वह आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता था वह खुद तो कैबिनेट मंत्री के अलडा दवाज को उस जमाने में व रिपोर्ट करता था कथित तौर पर वो तब विधायक थे आतिशी और सौरभ भारद्वाज तब मंत्री कहां बने थे और वो बेचारे अपने अपने घर में रह रहे थे या सामान्य बंगलो में रह रहे थे यानी जो रिपोर्ट कर रहा है वह मंत्री के बंगले में रह रहा है और जो बॉस है जिसको यह आदमी रिपोर्ट कर रहा है वह बेचारे सामान्य घर में रह रहे हैं ऐसा बॉस भगवान सबको दे भाई ऐसा बॉस आपने सुना है कि कंपनी कह रही है कि बॉस रहेगा वन बीएचके में और जो उसका नीचे वाला एंप्लॉई है जो बॉस को रिपोर्ट कर रहा है वो रहेगा बड़े से फल फ बीएच के ऐसा कोई कंपनी में सुने कहीं सुने लेकिन विजय नायर र रहा था और आज हो रहा है कि विजय नार तो पहले ही बोला कि हम सौरभ और आतिशी को रिपोर्ट करते थे अरे बॉस तो आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट कर रहा था तो यह सब कैसे हो रहा था बाकी चीज इसका कोई जवाब नहीं विजय नायर को लेकर शराब घोटाले में कई आरोपियों और कई गवाहों के बयान भी जिससे यह पता चलता है किय कैसे शराब मामले में डीलिंग कर रहा था हमारे पास वो एक्सक्लूसिव मैसेज और बयान है जो शराब घोटाले में सुप्रीम कोर्ट के सामने रखे गए थे और जिसमें विजय नायर का रोल दिखता है हम आपको एक्सक्लूसिव मोबाइल मैसेज दिखाते हैं जो मैसेज सिग्नल पप पर किए गए थे और यह मैसेज विजय नायर के हैं जो ईडी ने सुप्रीम कोर्ट को दिखाए इस मैसेज को विजय नायर ने एक शराब कंपनी के रीजनल मैनेजर बिनय बाबू को भेजा था इसमें विजय नायर साफ-साफ लिख रहा है प्लान यू सजेस्टेड मे बी कंप्लीट नो गो एवरीवन अगेंस्ट जीरो ट्रस्ट बेसिकली यानी इस मैसेज का मतलब है कि विजय नायर एक शराब कंपनी के मैनेजर को कह रहा है कि तुमने जिस प्लान का सुझाव दिया है वह पूरी तरह खारिज हो सकता है हर कोई इसके खिलाफ है किसी को भरोसा नहीं है और जिसको मैसेज गया वह खुद यह बता रहा है आप खुद देखिए इस विजय नायर के इस मैसेज से यह लग रहा है कि वह शराब कारोबारियों से सीधा-सीधा डील कर रहा था भाई कम्युनिकेशन हेड है और इस तरह का मैसेज सवाल नहीं उठेंगे और जब उसके पास कोई सरकारी पद नहीं था उसके बावजूद वो किस अथॉरिटी से किसके कहने पर सरकारी कामकाज देख रहा था सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि विजय नायर किन लोगों के बारे में कह रहा था कि वह शराब कंपनी के प्लान से सहमत नहीं है इससे पहले जो चैट हमने दिखाई उसमें विजय नायर कनड रिकर्ड नाम की शराब कंपनी की तरफ से दिए गए सुझावों के बारे में बात कर रहा था अब एक और चैट देखिए इस चैट में विजय नायर उसी कंपनी के बारे में कुछ जानकारी मांग रहा है चैट में लिखा था कि इज मनोज योर डिसीजन मेकर वुड लाइक टू मीट हिम एज वेल आइडियल या विजय नायर शराब कंपनी के डिसीजन मेकर की जानकारी लेना चाह रहा है और उससे मिलना भी चाह रहा है इस चैट से भी यह लगता है कि विजय नायर काफी करीब से शराब पॉलिसी को लेकर काम कर रहा था जो ईडी दावा कर रही है और अलग-अलग शराब कंपनियों से बातचीत भी कर रहा था यही बात यही दावा ईडी कोर्ट में कर चुकी है और कहा जा रहा है कि विजय नायर तो कम्युनिकेशन देखता ठीक है देखता होगा लेकिन ईडी यही तो सवाल उठा रही कि फिर यह क्या है अरविंद केजरीवाल तो विजय नायर से कन्नी काट रहे लेकिन ईडी की जांच में कई आरोपियों और गवाहों ने अपने स्टेटमेंट में यह क्लियर कट कहा है कि विजय नायर केजरीवाल के लिए काम कर रहा हमारे पास विजय नायर के बारे में एक्सक्लूसिव जानकारी है जो शराब घोटाले के मामले में ईडी सुप्रीम कोर्ट को भी बता चुकी जैसे हैदराबाद के बिजनेसमैन अरुण पिल्लई ने ईडी को 6 मार्च 2022 को दिए बयान में कहा कि शराब पॉलिसी बनाने और लागू करने को लेकर विजय नायर को केजरीवाल और सिसोदिया दोनों का सपोर्ट बुची बाबू जो हैं और आरोपी के कविता के करीबी हैं उन्होंने 23 फरवरी 2022 को दिए बयान में बताया था कि विजय नायर अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के आदेश पर ही शराब नीति पर काम कर रहा इसी तरह शराब कारोबारी दिनेश अरोड़ा ने 6 अप्रैल 2023 को ईडी को बताया था कि वह विजय नायर से अचानक से नहीं मिला यह मीटिंग मनीष सिसोदिया ने अरेंज कराई थी मनीष सिसोदिया ने कहा था कि एक्साइज पॉलिसी को लेकर विजय नायर के साथ मिलकर काम करो यानी इस पूरे मामले के कई आरोपी विजय नायर का नाम ले चुके और केजरीवाल जी कहते हैं मेरा इससे ज्यादा लेना देना नहीं तो फिर जिनका लेना देना है जिनको यह रिपोर्ट करता था फिर ईडी उनसे भी सवाल कर सकती है फिर तो फिर क्या उनकी भी गिरफ्तारी हो सकती है आतिशी और सौरभ भारद्वाज की यह सवाल उठेंगे जिस विजय नायर के लिए अरविंद केजरीवाल यह कह रहे हैं कि उनका विजय नायर से ज्यादा संपर्क नहीं था उसी विजय नायर से जुड़े कई सबूत ईडी ने केजरीवाल को दिखाए और सवाल किए ईडी सूत्रों के मुताबिक पूछताछ के दौरान विजय नायर और घोटाले के सह आरोपियों के 10 से ज्यादा मीटिंग के सबूत अरविंद केजरीवाल को दिखाए गए केजरीवाल से यह पूछा गया कि विजय नायर किस अथॉरिटी से दिनेश अरोड़ा अभिषेक बोइन पल्ली जैसे आरोपियों से मुलाकात कर रहा था इस पर केजरीवाल ने साफ-साफ मना कर दिया कि वो इन लोगों को जानते ही नहीं इस पर ईडी का कहना था कि विजय नायर जैसे सीनियर व्यक्ति जो कि सीएम केजरीवाल से बहुत करीबी करीब रहकर काम करता था व कोई भी काम बिना पार्टी के हेड यानी अरविंद केजरीवाल के अप्रूवल के बिना तो नहीं कर सकता था यह सब बातें यह सब बयान और मैसेज के सबूत होने के बाद भी विजय नायर से केजरीवाल कैसे किनारा कर सकते यह सवाल उठ रहा है और कैसे यह कह सकते हैं कि विजय नायर तो आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता अब आम आदमी पार्टी पूरा जोर लगा रही है कि ऐसा मैसेज ना जाए कि केजरीवाल अपने ही मंत्रियों को अपने से दूर कर रहे हैं या ऐसे बयान दे रहे हैं जिससे अपने मंत्री फस जाए लेकिन विजय नायर को लेकर जो बातें कही जा रही है और जो ईडी ने जांच कर पता किया और दावा किया कोर्ट में उससे कई सवाल उठते
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हैं जैसे विजय नायर के बारे में केजरीवाल ने कहा कि वह आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट करता था जबकि ईडी के दावों के मुताबिक विजय नायर तो केजरीवाल का राइट हैंड था और ईडी को कई गवाहों ने यह बताया यहां सवाल यह भी है कि ऐसा व्यक्ति जो पार्टी का मीडिया कम्युनिकेशन हेड हो जो सीएम आवास के पीछे बने उस सीएम कैंप ऑफिस का इस्तेमाल करता हो जो ऑफिस पार्टी के लिए नहीं बल्कि सीएम के अपने काम के लिए कर होती है और जो व्यक्ति कैबिनेट मंत्री के आवास में रहता हो उस व्यक्ति के बारे में केजरीवाल कैसे यह दावा कर सकते हैं कि कैंप ऑफिस में कई लोग काम करते हैं उन्हें सबके बारे में क्या पता एक सवाल यह भी है कि जो व्यक्ति आम आदमी पार्टी के लिए काम कर रहा है व व्यक्ति पार्टी ऑफिस छोड़कर सीएम के पर्सनल ऑफिस से क्यों काम कर रहा था अब आप खुद सोचिए जो व्यक्ति इतना हाई प्रोफाइल दिख रहा है पार्टी का कम्युनिकेशन हेड है चुनाव में जिस पर बड़ी जिम्मेदारियां रहती थी जिसके पास सीएम के ऑफिस का एक्सेस है रहने के लिए मंत्री का बंगला है उस इंसान के बारे में क्या सीएम को खुद पता नहीं होगा और जब वो इतना हाई प्रोफाइल था तो किसी मंत्री नहीं बल्कि दो सामान्य विधायकों को क्यों रिपोर्ट कर रहा था यह बात आसानी से हजम होने वाली नहीं लगती और यही बात ईडी को भी हजम नहीं हुई इसलिए ईडी अरविंद केजरीवाल से विजय नायर पर सवाल पूछ रही है और विजय नायर कह रहे कि मैं तो नहीं जानता ज्यादा आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट करता था अब केजरीवाल जो भी कहे लेकिन यह जांच रुकने वाली नहीं है और क्या उनके इस बयान के बाद अब ईडी आतिशी और सौरभ बारवा के घर पर भी दस्तक देगी यह सवाल उठने लगे पाठ पर देखिए शराब घोटाले से जुड़े वो मोबाइल मैसेज जो बड़ा राज खोल द किसी जमाने में दूसरों को तिहाड़ जेल भेजने की बातें करने वाले केजरीवाल के लिए वक्त का पहिया ऐसा घूमा कि आज केजरीवाल खुद तिहाड़ जेल में पहुंच गए केजरीवाल ने जिस दिन के बारे में सोचा नहीं था वोह दिन आज आ गया और जिनको केजरीवाल कहते थे कि तिहाड़ में भेजेंगे वो लोग रामलीला मैदान में अरविंद केजरीवाल तिहाड़ की जा इस पर छाती पीट रहे पूरा व जो वक्त का पहिया होता है ना वो पलट गया घूम गया ईडी ने केजरीवाल की आज रिमांड नहीं मांगी और कोर्ट ने उन्हें 15 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया यानी जेल भेज दिया इसके बाद जेल वैन में केजरीवाल को भरकर तिहाड़ जेल पहुंचा दिया गया लेकिन जेल जाते ही केजरीवाल ने आज एक और रिकॉर्ड बना दिया अब तक वह देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री थे जो रिमांड में होने के बावजूद मुख्यमंत्री पद पर बैठे हुए आज केजरीवाल ने नया रिकॉर्ड बना दिया वो आए थे ना पॉलिटिक्स बदलने देखिए पॉलिटिक्स बदल दी आज वह देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन गए जो जेल के अंदर जाकर भी मुख्यमंत्री हैं केजरीवाल अब उसी तिहार जेल में रहेंगे जहां उनके पुराने साथी मनीष सिसोदिया संजय सिंह और सत्येंद्र जैन ब केजरीवाल को तिहाड़ की जेल नंबर दो में रखा गया है वो जेल नंबर दो में अकेले रहेंगे केजरीवाल के साथ ही संजय सिंह को कुछ दिन पहले ही जेल नंबर दो से जेल नंबर पाच में शिफ्ट किया गया है इसके अलावा पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया जेल नंबर वन में है और केजरीवाल के एक और मंत्री रहे सत्येंद्र जैन जेल नंबर सात में यानी अब आम आदमी पार्टी के सीनियर लीडर्स का नया ठिकाना तिहाड़ जेल बन गया और देश में शायद ही कोई ऐसी पार्टी होगी जो लॉन्च होने के इतने कम समय में इस तरह का प्रदर्शन करते हुए उसके तमाम बड़े नेता अंदर ग तिहार जेल में अब सीएम केजरीवाल के साथ क्या क्या होने वाला है यह आपको आगे बताऊंगा लेकिन पहले सुनिए तिहार जाने से पहले आज जब केजरीवाल जी कोर्ट में पेश हुए तो उन्होंने क्या कहा या ने प्रधानमंत्री पर डाल दिया कि प्रधानमंत्री जो कर रहे हैं वो देश के लिए ठीक नहीं जेल तो आपको कोर्ट ने भेजा गलत था तो कोर्ट कह देता कि नहीं जेल नहीं भेजेंगे इनको केजरीवाल जेल जाने पर सिंपी बटोरने में जुटे लेकिन यह सिंपी उन्हें मिलेगी या नहीं यह तो वक्त बताएगा फिलहाल उन्हें तिहाड़ में क्या-क्या मिलने वाला है मैं बता देता हूं कोर्ट से केजरीवाल ने तिहाड़ में कई सारी चीजों की परमिशन मांगी कोर्ट ने तिहाड़ के अंदर केजरीवाल को क्या-क्या ले जाने की परमिशन दी है आपको पहले वो बता देता हूं केजरीवाल अपना गद्दा तिहार जेल में यूज कर पाएंगे केजरीवाल ने कहा उनको चादर भी अपना चाहिए तो चादर भी उनको अपना मिलेगा केजरीवाल ने दो तकिया मांगा कोर्ट ने कहा दो तकिया रख लीजिए इसके अलावा रजाई और कंबल यह भी केजरीवाल अपना इस्तेमाल कर सकेंगे यानी चादर तकिया गद्दा रजाई कंबल कुछ भी जेल का नहीं अपना इस्तेमाल करेंगे केजरीवाल जी केजरीवाल ने अपनी हेल्थ से जुड़ी हुई कई परमिशन भी कोर्ट से मांग केजरीवाल की सेहत को देखते हुए कोर्ट ने कहा कि केजरीवाल हेल्थ मॉनिटरिंग डिवाइस अंदर ले जा सकते हैं क्योंकि केजरीवाल जी के परिवार का कहना कि बहुत हाई शुगर रहता है बहुत बीमार है शुगर की वजह से तो कोर्ट ने कहा ठीक है हेल्थ मॉनिटरिंग डिवाइस ले जाइए इसके अलावा शुगर स शुगर शुगर सेंसर चार्जर शुगर शुगर मशीन वाला वह ले जाइए और जो ग्लूकोमीटर होता है वो ले जाइए सेंसर रीडर ले जाइए इसके अलावा अगर ब्लड शुगर लेवल नीचे जाता है तो उसके लिए कई बार तुरंत टॉफी खानी पड़ती है ताकि शुगर लेवल ऊपर जाए तो कोर्ट ने कहा ठीक है आप जेल में रहिए लेकिन टॉफी रखिए ग्लूकोज रखिए डायबिटीज की दवाइयां रखिए यह सब आपको जेल अथॉरिटी दे देगा इसके अलावा कोर्ट ने इस बात की परमिशन दे दी है कि अरविंद केजरीवाल घर का बना खाना खा सकते हैं और इतना ही नहीं उन्हें जेल का पानी जेल की पानी जेल का जो पानी है वो भी नहीं पीना पड़ेगा वो बोतल बंद पानी मंगवा सकते यानी घर का खाना पहुंचेगा केजरीवाल वही खाएंगे जेल का खाना नहीं खाएंगे जो एक कहावत थी कि जेल की रोटी खानी पड़ेगी जेल का पानी पीना पड़ेगा व जेल में रहकर भी केजरीवाल जी पर लागू नहीं होगी क्योंकि वह घर का खाना खाते रहेंगे घर का पानी पीते रहेंगे या बोतल बंद बिसलेरी वगैरह जो होता है मिनरल वाटर वो पीते रहेंगे इसके अलावा केजरीवाल ने जेल में पढ़ने के लिए तीन किताबें मांगी केजरीवाल जी ने कहा कि मुझे रामायण दीजिए सर मैं रामायण पढ़ना उन्होंने कहा मैं भगवत गीता पढ़ना चाहता हूं और तीसरी किताब उन्होंने मांगी कि हाउ प्राइम मिनिस्टर्स डिसाइड यह तीन किताबें मैं पढ़ना चाहता हूं अब तीनों बुक्स की परमिशन कोर्ट ने दे दी कि ठीक है ले जाइए पढ़िए हालांकि तीनों किताबों की परमिशन यह भी दिखाती है कि शायद केजरीवाल जी को अंदर ही अंदर यह पता चल गया है कि वह लंबा अंदर गए नहीं तो तीन किताब क्यों मांगते अगर पा दिन 10 दिन में 15 दिन में निकलने वा 15 दिन में पढ़ लेंगे पूरा रामायण और गीता और तीसरी किताब भी अच्छा तीसरी किताब का नाम भी बड़ा इंटरेस्टिंग है हाउ प्राइम मिनिस्टर डिसाइड यह किताब व पढ़ना चाहते हैं अब या तो इस किताब से वो यह समझना चाह रहे हैं कि प्रधानमंत्री कैसे सोचते हैं यह पता चले तो समझ में आए कि मोदी जी अब अगला क्या सोचने वाले हैं करने वाले हैं और नहीं तो शायद यह मैसेज देना चाह रहे हैं कि मैं तो अब यहां से निकलूंगा तो प्रधानमंत्री ही बनूंगा खैर बस उनके मन में क्या चल रहा है यह तो वही जाने लेकिन सियासत में ऐसी मैसेजिंग कई बार की जाती है जो अरविंद केजरीवाल भी कर रहे हैं अरविंद केजरीवाल का तिहाड़ जेल में क्या शेड्यूल होने वाला है वह भी आपको बता देता हूं दरअसल तिहाड़ जेल में अरविंद केजरीवाल को भी वही शेड्यूल फॉलो करना होगा जो बाकी कैदियों का होता है आप मुख्यमंत्री हैं उससे फर्क नहीं पड़ता बॉस आप वहां कैदी हैं तो जो बाकी करेंगे वह आपको करना पड़ेगा तिहाड़ के शेड्यूल के मुताबिक अरविंद केजरीवाल को बाकी कैदियों के साथ सुबह-सुबह 6:30 बजे उठना पड़ेगा कैदियों को नाश्ते में चाय और ब्रेड दी जाती है हालांकि चूंकि केजरीवाल को परमिशन है कि वह ना घर खाना घर से मंगा सकते हैं तो उनका नाश्ता भी शायद घर से आएगा फिर दोपहर का खाना सुबह 10:30 से 11 के बीच में मिल जाता है उसमें आम कैदियों को दाल मिलती है सब्जी मिलती है रोटी या चावल मिलता है लेकिन केजरीवाल जी का खाना घर से आएगा तो वह घर का खाना खाएंगे इसके बाद शाम में 5:30 बजे डिनर दे दिया जाता है तो केजरीवाल जी का डिनर भी घर से आ जाएगा 5:30 बजे और 7:00 बजे सभी कैदियों को अपने बैरक में वापस जाने के लिए कह दिया जाता है सब वापस चले जाते हैं ऐसा नहीं कि जेल जाने से अरविंद केजरीवाल का पीछा ईडी से छूट गया आज कोर्ट में ईडी ने बताया कि अरविंद केजरीवाल ने जांच में सहयोग नहीं किया तो जो लोग कहते थे कि हम एक एक चीज में सहयोग करेंगे ईडी कोर्ट में खड़े होकर कह रही है कि सहयोगी नहीं कर रहे सवालों के गोलमोल जवाब देकर जांच को भटकाने की कोशिश कर रहे अपने फोन का पासवर्ड तक नहीं दे रहे इसलिए ईडी ने कोर्ट में कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वो फिर से केजरीवाल को हिरासत में ले सकते हैं ऐसी भी खबरें हैं कि अरविंद केजरीवाल के आईफो का डाटा एक्सेस करने के लिए ईडी ने मोबाइल कंपनी एल से भी सहयोग मांगा यानी ईडी से अरविंद केजरीवाल का पीछा अभी नहीं छूटने वाला बॉस ईडी को जब जरूरत पड़ेगी पूछताछ के लिए केजरीवाल को फिर रिमांड में ले सकती है अरविंद केजरीवाल तिहाड़ में तो चले गए लेकिन यह चर्चा बहुत चल रही है कि क्या जेल जाते-जाते वो अपने दो मंत्रियों आतिशी और सौरभ भारद्वाज को फसा के तो नहीं गए ऐसा लोग पूछ रहे इस बात की चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि केजरीवाल ने शराब घोटाले के एक बड़े आरोपी विजय नायर के आतिशी और सौरभ भारद्वाज से कनेक्शन को जोड़ दिया और अपना पल्ला झाड़ लिया ऐसा लगा ईडी के मुताबिक केजरीवाल से पूछताछ में जब यह सवाल किया गया कि किस हद तक केजरीवाल जी आप किस हद तक विजय नायर से संपर्क में थे और किस हद से हद तक व केजरीवाल को रिपोर्ट करता था तो ईडी कह रही है कोर्ट को केजरीवाल ने कहा कि विजय नायर उनको तो रिपोर्ट ही नहीं करता था वह तो आतिशी और सौरव भारद्वाज को रिपोर्ट करता था अरविंद केजरीवाल ने यह भी दावा किया कि विजय नायर से उनका इंटरेक्शन या बातचीत बहुत सीमित थी मतलब ज्यादा उससे टच में नहीं था मैं आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट करता था ले अब इसी बात को लेकर सवाल उठने लगे कि क्या केजरीवाल ने यह बात कहकर अपने दो मंत्रियों आतिशी और सौरभ भारद्वाज को फसा दिया क्या क्योंकि जिस विजय नायर से केजरीवाल ने किनारा कर लिया कि मैं तो ज्यादा मिलता उलता नहीं था मैं ज्यादा उससे मेरा कोई इंटरेक्शन नहीं था और अपने दो मंत्रियों आतिशी और सौरभ भारद्वाज का पूरा पूरा ऐसा लग रहा है कि कनेक्शन जोड़ दिया जैसे विजय नायर सिर्फ उन्हीं के संपर्क में था वह विजय नायर कोई मामूली आदमी नहीं है इस शराब घोटाले के आरोपों के मामले में विजय नायर आम आदमी पार्टी का मीडिया एंड कम्युनिकेशन हेड आम आदमी पार्टी का केजरीवाल सरकार का नहीं आम आदमी पार्टी का मीडिया एंड कम्युनिकेशन हेड था विजय नायर शराब घोटाले के सबसे अहम किरदारों में से एक ईडी के मुताबिक विजय नायर शराब घोटाले में केजरीवाल और साउथ लॉबी के बीच मिडल मैन था बिचौलिया ईडी का आरोप है कि केजरीवाल ने विजय नायर के जरिए ही शराब घोटाले की रिश्वत ली अब ऐसा आदमी जिसके बारे में कहा जा रहा है कि वह केजरीवाल और उनकी सरकार और साउथ लॉबी के बीच में पूरा काम कर रहा था जिसके कंधे पर है कि उसने पूरा पैसा वैसा लिया यह आरोप ईडी लगाती है उसके लिए केजरीवाल ने कह दिया कि मैं ज्यादा नहीं जानता था वो सौरभ और आतिशी को रिपोर्ट करता था तो लोग पूछने लगे कि ल अब तो अगला नंबर आतिशी या सौरभ भारद्वाज का है क्या गिरफ्तार होने का केजरीवाल ने विजय नायर को लेकर जो बातें कही हैं और उसका आतिशी और सौरभ से जो कनेक्शन जोड़ा जा रहा है उस पर आम आदमी पार्टी का दावा है कि जब विजय नायर को हिरासत में लिया गया था तब उसने भी कहा था कि वह सीएम केजरीवाल को रिपोर्ट नहीं करता इसलिए आज इस बात को उठाने का क्या मतलब है कि केजरीवाल ने विजय नायर से किनारा कर लिया विजय नायर ने जांच में बताया था कि व आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता है आम आदमी पार्टी का आरोप है कि यह बयान इसलिए आया क्योंकि ईडी आतिशी और सौरभ भारद्वाज को फसाना चाहती है आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि बीजेपी को लग गया है कि सिर्फ केजरीवाल को जेल भेजने से काम नहीं होगा दूसरे नेताओं को भी जेल भेजना होगा एक बार सुनिए आम आदमी पार्टी ने इस पर क्या कहा है फिर आपको बताऊंगा कि कैसे विजय नायर को लेकर केजरीवाल के बयान ने आम आदमी पार्टी को ही फंसा दिया है जब विजय नायर जी को हिरासत में लिया गया था तब उन्होंने यह बात कही थी डेढ़ साल पहले उन्होंने यही बात करी थी कि मैं मुख्यमंत्री को रिपोर्ट नहीं करता मैं जो भी अपना काम करता हूं उसमें मेरा रिपोर्टिंग अतिशी और सौरभ से है अब आज आप डेढ़ साल बाद जब आपको कुछ नहीं मिला तो ईडी ने सवाल पैदा होता है कि आज डेढ़ साल बाद जो बयान लिखित में ईडी के पास खुद है वो डेढ़ साल बाद की उठा रहा है और अब मैं यह दावे के साथ कहता हूं इन दोनों हमारे वरिष्ठ नेताओं का नाम जो दिल्ली में भी मंत्री हैं आतिशी और सौरभ भारद्वाज उनका नाम इसीलिए गया है क्योंकि अब भाजपा को समझ में आ गया कि अरे भाई एक अरविंद केजरीवाल को जेल में डालने से यह पार्टी बंद नहीं होगी अब एक काम करो दो-तीन और नेताओं की तैयारी करना शुरू करो तभी इनका नाम आज आया है यह नाम तो पहले से ही इनके बयानों में दर्ज था भाई इनका नाम पहले से बयानों में दर्ज था लेकिन अगर केजरीवाल भी वही बात कह रहे हैं तो ईडी कोर्ट में क्या कहे ना बताए कि केजरीवाल कह रहे हैं कि विजय नायर तो आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता था और वो रिपोर्ट किसी भी को को किसी को भी करें जो आदमी इस पूरे मामले में मुख्य सूत्रधार बताया जा रहा है बिचौलिया बताया जा रहा है उसके लिए केजरीवाल ने यह कह दिया कि मेरा इससे ज्यादा कनेक्शन नहीं था यह बात बड़ी इंपॉर्टेंट है आज पूरी आम आदमी पार्टी इस बात पर जोर लगा रही है कि केजरीवाल ने विजय नायर पर जो बात कही वह सही है और केजरीवाल का विजय नायर से कोई ज्यादा लेना देना नहीं था लेकिन आपको कुछ तस्वीरें दिखाता हूं यह तस्वीर देखिए इसमें केजरीवाल और विजय नायर दोनों साथ में दिख रहे हैं व्यक्ति केजरीवाल और विजय नायर दोनों के कंधे पर हाथ रखकर खड़ा है आप सोचिए अगर एक व्यक्ति केजरीवाल और विजय नायर दोनों के कंधे पर हाथ डालकर खड़ा है तो इसका मतलब तो यही लगता है कि केजरीवाल और विजय नायर दोनों का कद इस आदमी के लिए एक जैसा होगा भाई जो आदमी इतना पावरफुल है कि वह केजरीवाल के कंधे पर हाथ रख दे रहा है वह बगल में विजय नायर के कंधे पर हाथ रख के फोटो खिंचा रहा है तो विजय नायर का कद भी तो कुछ होगा इससे विजय नायर की साफसाफ दिख रही यानी विजय नायर कोई ऐसा व्यक्ति नहीं था जिसे केजरीवाल जानते पहचानते ना हो आते जाते मिलियो वाला हिसाब फिर केजरीवाल की नजरों में विजय नायर की कोई अहमियत ना हो यह कैसे हो सकता है और सुनिए विजय नायर का रुतबा कैसा था वह भी आपको दिखाता हूं विजय नायर का रुतबा ऐसा था कि वह दिल्ली में सीएम आवास के पीछे बने सीएम ऑफिस में काम करता था जबक वह पार्टी का मीडिया कम्युनिकेशन हेड था दिल्ली सरकार का मीडिया कम्युनिकेशन हेड नहीं था आम आदमी पार्टी का कम्युनिकेशन हेड था उसका सीएम कैंप ऑफिस में बैठ के काम करता था भाई खुद अपने बयान में बोला है कि मैं वहां से काम करता था और देखिए केजरीवाल का घर देखिए और बगल में सीएम कैंप ऑफिस देखिए मतलब इतना पास है कि केजरीवाल जी शीष महल के बालकनी से चिल्लाए कि विजय तो विजय को सुनाई दे जाए इतना पास अब जो आदमी मुख्यमंत्री के बहुत करीबी नहीं है मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि मेरा इससे ज्यादा ले देना नहीं था वो सीएम कैंप ऑफिस में बैठ के क्यों काम कर रहा था बॉस यह सवाल नहीं उठेगा केजरीवाल के सीएम आवास और कैंप ऑफिस दोनों अगल-बगल यानी केजरीवाल अपने बंगले से अगर जाएं तो मुश्किल से मतलब चलते हुए पहुंच जाए ऐसा हाल है विजय नायर से अब केजरीवाल और उनकी पार्टी के नेता किनारा किनारा करने में जुटे हैं लेकिन विजय नायर वो व्यक्ति था जिसकी सीएम तक डायरेक्ट पहुंच वह ऐसे बंगले में रहता था जो बंगला कैबिनेट मंत्री को अलॉट हुआ था विजय नायर जिस बंगले में रहता था वह बंगला सीएम ऑफिस से करीब डेढ़ से दो किलोमीटर की दूरी पर ही था यानी चार पाच मिनट में वह सीएम ऑफिस पहुंच जाता था और सबसे बड़ा सवाल कि वह पार्टी का कम्युनिकेशन हेड है और रह रहा है मंत्री के बंगले में सोचिए कोई आदमी ऐसा है कोई और आम आदमी पार्टी में ऐसा आदमी है मुझे बताइए जो पार्टी का काम करता है लेकिन मंत्री को अलडा में रह रहा है और उसका कोई रुतबा नहीं है जो आतिशी और सौरभ है जो उस जमाने में विधायक होते थे वह वहां से मुख्यमंत्री के दफ्तर से काम नहीं करते थे विजय नायर जिस कैबिनेट मंत्री के बंगले पर रहता था वह बंगला दिल्ली के मंत्री कैलाश गहलोत के नाम पर अलॉट था कैलाश गहलोत खुद वहां नहीं रहते थे उन्होंने बताया कि निजी कारण से वो सरकारी बंगले में शिफ्ट नहीं हुए थे दो दिन पहले ही ईडी ने कैलाश गहलोत से शराब घोटाले में पाच घंटे पूछताछ भी की थी पूछताछ के बाद जब कैलाश गहलोत मीडिया के सामने आए तो उन्होंने कहा था कि उन्हें पता ही नहीं कि जो बंगला उन्हें आवंटित हुआ था उनमें कौन रहता था एक बार कैलाश गहलोत को सुनिए आरोप लगे कि जो लेकर पॉलिसी बनी जो ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स उसका आप हिस्सा थे और विजय नार आपके आवास पर रह रहा था उसको लेके देखिए मैंने ये बार-बार ये कहा है कि वो आवास बिल्कुल मेरे नाम पे लोटेड है लेकिन मैं आज भी और पहले भी अपने ही जो मेरा प्राइवेट रेजिडेंस है वसन कुंजी मैं वहां पे रह रहा हूं मेरे जो बच्चे हैं वो क्योंकि मेरा जो घर वसन गुज में है वो डीपीएस के बिल्कुल सामने है और मेरी वाइफ ने और बच्चों ने वहां से शिफ्ट करने के लिए मना कर दिया था तो इसलिए ना मैं कभी जो सिविल लाइन में जो बंगलो है जी सर मेरे नाम पे जो लोटेड है ना मैंने कभी वहां शिफ्ट किया और ना मैं कभी रहा वहां पर और विजय नायर वहां रह रहे थे ये भी मैंने स्टेटमेंट दिया सीबीआई में जब बुलाया था तब भी यही स्टेटमेंट था और आज भी मेरा यही स्टेटमेंट था कि विजय नायर वहां रह रहे या नहीं रह रहे इसके बारे में मुझे कोई सूचना नहीं हालांकि आप खुद सोचिए कि विजय नायर कैलाश गहलोत को मिले बंगले में रहता था कैलाश गहलोत को बंगला नहीं चाहिए था मंत्री का बंगला कोई छोटा मोटा बंगला नहीं होता मंत्री का बंगला नहीं चाहिए था तो किसी भी विजय नायर को मिल जाएगा जो पार्टी में कम्युनिकेशन हेड है सोचिए उस आदमी की क्या इंपॉर्टेंस रही होगी केजरीवाल जी के घर के डेढ़ किलोमीटर के दायरे में रहा है और सीएम कैंप ऑफिस से काम कर रहा है और आज केजरीवाल जी कह रहे हैं मेरा जाना ज्यादा लेना देना नहीं था आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट करता था विजय नायर कैलाश गहलोत के जिस बंगले में रहता था उसी बंगले में टाइम्स नाउन भारत की एडिटर इन चीफ नाविका कुमार ने एक बार अरविंद केजरीवाल का इंटरव्यू भी किया था हैरान करने वाली बात यह है कि जिस विजय नायर के बारे में दावा है कि वह आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता था वो खुद तो कैबिनेट मंत्री के अलडा को जने में वो रिपोर्ट करता था कथित तौर पर वह तब विधायक थे आतिशी और सौरभ भारद्वाज तब मंत्री कहां बने और वह बेचारे अपने अपने घर में रह रहे थे या सामान्य बंगलो में रह रहे थे यानी जो रिपोर्ट कर रहा है वह मंत्री के बंगले में रह रहा है और जो बॉस है जिसको यह आदमी रिपोर्ट कर रहा है वह बेचारे सामान्य घर में रह रहे हैं ऐसा बॉस भगवान सबको दे भाई ऐसा बॉस आपने सुना है कि कंपनी कह रही बॉस रहेगा वन बीएचके में और जो उसका नीचे वाला एंप्लॉई है जो बॉस को रिपोर्ट कर रहा है वह रहेगा बड़े से फ्लैट में फ बीएच के ऐसा कोई कंपनी में सुने कहीं सुने लेकिन विजय नायर र रहा था और आज हो रहा कि विजय नार तो पहले ही बोला कि हम सौरभ और आतिशी को रिपोर्ट करते अरे बॉस तो आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट कर रहा था तो यह सब कैसे हो रहा था बाकी चीज इसका कोई जवाब नहीं विजय नायर को लेकर शराब घोटाले में कई आरोपियों और कई गवाहों के बयान भी है जिससे यह पता चलता है कि यह कैसे शराब मामले में डीलिंग कर रहा था हमारे पास व एक्सक्लूसिव मैसेज और बयान है जो शराब घोटाले में सुप्रीम कोर्ट के सामने रखे गए थे और जिसमें विजय नायर का रोल दिखता है हम आपको एक्सक्लूसिव मोबाइल मैसेज दिखाते हैं जो मैसेज सिग्नल प पर किए गए थे और यह मैसेज विजय नायर के हैं जो ईडी ने सुप्रीम कोर्ट को दिखाए इस मैसेज को विजय नायर ने एक शराब कंपनी के रीजनल मैनेजर बिनो बाबू को भेजा था इसमें विजय नायर साफ-साफ लिख रहा है प्लान यू सजेस्टेड मे बी कंप्लीट नो गो एवरीवन अगेंस्ट इट जीरो ट्रस्ट बेसिकली यानी इस मैसेज का मतलब है कि विजय नायर एक शराब कंपनी के मैनेजर को कह रहा है कि तुमने जिस प्लान का सुझाव दिया है व पूरी तरह खारिज हो सकता है हर कोई इसके खिलाफ है किसी को भरोसा नहीं है और जिसको मैसेज गया वह खुद यह बता रहा है आप खुद देखिए इस विजय नायर के इस मैसेज से यह लग रहा है कि वो शराब कारोबारियों से सीधा-सीधा डील कर रहा था भाई कम्युनिकेशन हेड है और इस तरह का मैसेज सवाल नहीं उठेंगे और जब उसके पास कोई सरकारी पद नहीं था उसके बावजूद वह किस अथॉरिटी से किसके कहने पर सरकारी कामकाज देख रहा था सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि विजय नायर किन लोगों के बारे में कह रहा था कि वह शराब कंपनी के प्लान से सहमत नहीं है इससे पहले जो चैट हमने दिखाई उसमें विजय नायर कनड रिकर्ड नाम की शराब कंपनी की तरफ से दिए गए सुझावों के बारे में बात कर रहा था अब एक और चैट देखिए इस चैट में विजय नायर कंपनी के बारे में कुछ जानकारी मांग रहा है चैट में लिखा था कि इज मनोज योर डिसीजन मेकर वुड लाइक टू मीट हिम एज वेल आइडियल यानी विजय नायर शराब कंपनी के डिसीजन मेकर की जानकारी लेना चाह रहा है और उससे मिलना भी चाह रहा है इस चैट से भी यह लगता है कि विजय नायर काफी करीब से शराब पॉलिसी को लेकर काम कर रहा था जो ईडी दावा कर रही है और अलग-अलग शराब कंपनियों से बातचीत भी कर रहा था यही बात यही दावा ईडी कोर्ट में कर चुकी है और कहा जा रहा है कि विजयना तो कम्युनिकेशंस देखता था ठीक है देखता होगा लेकिन ईडी यही तो सवाल उठा रही कि फिर यह क्या है अरविंद केजरीवाल तो विजय नायर से कन्नी काट रहे हैं लेकिन ईडी की जांच में कई आरोपियों और गवाहों ने अपने स्टेटमेंट में यह क्लियर कट कहा है कि विजय नायर केजरीवाल के लिए काम कर रहा हमारे पास विजय नायर के बारे में एक्सक्लूसिव जानकारी है जो शराब घोटाले के मामले में ईडी सुप्रीम कोर्ट को भी बता चुकी है जैसे हैदराबाद के बिजनेसमैन अरुण पिल्लई ने ईडी को 6 मार्च 2022 को दिए बयान में कहा कि शराब पॉलिसी बनाने और लागू करने को लेकर विजय नायर को केजरीवाल और सिसोदिया दोनों का सपोर्ट बुची बाबू जो सीए हैं और आरोपी के कविता के करीबी हैं उन्होंने 23 फरवरी 2022 को दिए बयान में बताया था कि विजय नायर अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के आदेश पर ही शराब नीति पर काम कर रहा था इसी तरह शराब कारोबारी दिनेश अरोड़ा ने 6 अप्रैल 2023 को ईडी को बताया था कि वह विजय नायर से अचानक से नहीं मिला यह मीटिंग मनीष सिसोदिया ने अरेंज कराई थी मनी सिसोदिया ने कहा था कि एक्साइज पॉलिसी को लेकर विजय नायर के साथ मिलकर काम करो यानी इस पूरे मामले के कई आरोपी विजय नायर का नाम ले चुके और केजरीवाल जी कहते हैं मेरा इससे ज्यादा लेना देना नहीं तो फिर जिनका लेना देना है जिनको यह रिपोर्ट करता था फिर ईडी उनसे भी सवाल कर सकती है फिर तो फिर क्या उनकी भी गिरफ्तारी हो सकती है आतिशी और सौरभ भारद्वाज की यह सवाल उठेंगे जिस विजय नायर के लिए अरविंद केजरीवाल यह कह रहे हैं कि उनका विजय नायर जदा संपर्क नहीं था उसी विजय नायर से जुड़े कई सबूत ईडी ने केजरीवाल को दिखाए और सवाल किए ईडी सूत्रों के मुताबिक पूछताछ के दौरान विजय नायर और घोटाले के सह आरोपियों के 10 से ज्यादा मीटिंग के सबूत अरविंद केजरीवाल को दिखाए गए केजरीवाल से यह पूछा गया कि विजय नायर किस अथॉरिटी से दिनेश अरोड़ा अभिषेक बोइन पल्ली जैसे आरोपियों से मुलाकात कर रहा था इस पर केजरीवाल ने साफ-साफ मना कर दिया कि वो इन लोगों को जानते ही नहीं इस पर ईडी का कहना था कि विजय नायर जैसे सीनियर व्यक्ति जो कि सीएम केजरीवाल से बहुत करीबी करीब रहकर काम करता था वह कोई भी काम बिना पार्टी के हेड यानी अरविंद केजरीवाल के अप्रूवल के बिना तो नहीं कर सकता था यह सब बातें यह सब बयान और मैसेज के सबूत होने के बाद भी विजय नायर से केजरीवाल कैसे किनारा कर सकते यह सवाल उठ रहा है और कैसे यह कह सकते हैं कि विजय नायर तो आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता अब आम आदमी पार्टी पूरा जोर लगा रही है कि ऐसा मैसेज ना जाए कि केजरीवाल अपने ही मंत्रियों को अपने से दूर कर रहे हैं या ऐसे बयान दे रहे हैं जिससे अपने मंत्री जाए लेकिन विजय नायर को लेकर जो बातें कही जा रही हैं और जो ईडी ने जांच कर पता किया और दावा किया कोर्ट में उससे कई सवाल उठते हैं जैसे विजय नायर के बारे में केजरीवाल ने कहा कि वह आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट करता था जबकि ईडी के दावों के मुताबिक विजय नायर तो केजरीवाल का राइट हैंड था और ईडी को कई गवाहों ने यह बताया यहां सवाल यह भी है कि ऐसा व्यक्ति जो पार्टी का मीडिया कम्युनिकेशन हेड हो जो सीएम आवाज के पीछे बने उस सीएम कैंप ऑफिस का इस्तेमाल करता हो जो ऑफिस पार्टी के लिए नहीं बल्कि सीएम के अपने काम के लिए कर हो होती है और जो व्यक्ति कैबिनेट मंत्री के आवास में रहता हो उस व्यक्ति के बारे में केजरीवाल कैसे यह दावा कर सकते हैं कि कैंप ऑफिस में कई लोग काम करते हैं उन्हें सबके बारे में क्या पता एक सवाल यह भी है कि जो व्यक्ति आम आदमी पार्टी के लिए काम कर रहा है वह व्यक्ति पार्टी ऑफिस छोड़कर सीएम के पर्सनल ऑफिस से क्यों काम कर रहा था अब आप खुद सोचिए जो व्यक्ति इतना हाई प्रोफाइल दिख रहा है पार्टी का कम्युनिकेशन हेड है चुनाव में जिस पर बड़ी जिम्मेदारियां रहती थी जिसके पास सीएम के ऑफिस का एक्सेस रहने के लिए मंत्री का बंगला है उस इंसान के बारे में क्या सीएम को खुद पता नहीं होगा और जब व इतना हाई प्रोफाइल था तो किसी मंत्री नहीं बल्कि दो सामान्य विधायकों को क्यों रिपोर्ट कर रहा था यह बात आसानी से हजम होने वाली नहीं लगती और यही बात ईडी को भी हजम नहीं हुई इसलिए ईडी अरविंद केजरीवाल से विजय नायर पर सवाल पूछ रही है और विजय नायर कह रहे कि मैं तो नहीं जानता ज्यादा आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट करता था अब केजरीवाल जो भी कहे लेकिन यह जांच रुकने वाली नहीं है और क्या उनके इस बयान के बाद अब ईडी आतिशी और सौरभ भारद्वाज के घर पर भी दस्तक देगी यह सवाल उठने लगे पाठ पर देखिए शराब घोटाले से जुड़े वह मोबाइल मैसेज जो बड़ा राज खोल द किसी जमाने में दूसरों को तिहाड़ जेल भेजने की बातें करने वाले केजरीवाल के लिए वक्त का पैया ऐसा घूमा कि आज केजरीवाल खुद तिहाड़ जेल में पहुंच गए केजरीवाल ने जिस दिन के बारे में सोचा नहीं था वो दिन आज आ गया और जिनको केजरीवाल कहते थे कि तिहाड़ में भेजेंगे वो लोग रामलीला मैदान में अरविंद केजरीवाल तिहाड़ क्यों जा रहे हैं इस पर छाती पीट रहे थे पूरा व जो वक्त का पहिया होता है व पलट गया घूम गया ईडी ने केजरीवाल की आज रिमांड नहीं मांगी और कोर्ट ने उन्हें 15 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया यानी जेल भेज दिया इसके बाद जेल वैन में केजरीवाल को भरकर तिहार जेल पहुंचा दिया गया लेकिन ल जाते हैं केजरीवाल ने आज एक और रिकॉर्ड बना दिया अब तक वह देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री थे जो रिमांड में होने के बावजूद मुख्यमंत्री पद पर बैठे हुए आज केजरीवाल ने नया रिकॉर्ड बना दिया व आए थे ना पॉलिटिक्स बदलने देखिए पॉलिटिक्स बदल दी आज वह देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन गए जो जेल के अंदर जाकर भी मुख्यमंत्री हैं केजरीवाल अब उसी तिहार जेल में रहेंगे जहां उनके पुराने साथी मनीष सिसोदिया संजय सिंह और सतेंद्र जैन बंद केजरीवाल को तिहाड़ की जेल नंबर दो में रखा गया है वो जेल नंबर दो में अकेले रहेंगे केजरीवाल के साथ ही संजय सिंह को कुछ दिन पहले ही जेल नंबर दो से जेल नंबर पांच में शिफ्ट किया गया है इसके अलावा पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया जेल नंबर वन में है और केजरीवाल के एक और मंत्री रहे सतेंद्र जैन जेल नंबर सात में यानी अब आम आदमी पार्टी के सीनियर लीडर्स का नया ठिकाना तिहाड़ जेल बन गया और देश में शायद ही कोई ऐसी पार्टी होगी जो लच होने के इतने कम समय में इस तरह का प्रदर्शन करते हुए उसके तमाम बड़े नेता जेल के अंदर गए तिहाड़ जेल में अब सीएम केजरीवाल के साथ क्या क्या होने वाला है यह आपको आगे बताऊंगा लेकिन पहले सुनिए कि तिहार जाने से पहले आज जब केजरीवाल जी कोर्ट में पेश हुए तो उन्होंने क्या कहा दे के लिए अच्छ नहीं कु कहना देश के लिए अच्छा नहीं है यानी उन्होंने प्रधानमंत्री पर डाल दिया कि प्रधानमंत्री जो कर रहे हैं वो देश के लिए ठीक नहीं जेल तो आपको कोर्ट ने भेजा गलत था तो कोर्ट कह देता कि नहीं जेल नहीं भेजेंगे इनको केजरीवाल जेल जाने पर सिंपी बटोरने में जुटे लेकिन यह सिंपी उन्हें मिलेगी या नहीं यह तो वक्त बताएगा फिलहाल उन्हें तिहाड़ में क्या-क्या मिलने वाला है मैं बता देता हूं कोर्ट से केजरीवाल ने तिहाड़ में कई सारी चीजों की परमिशन मांगी कोर्ट ने तिहाड़ के अंदर केजरीवाल को क्या-क्या ले जाने की परमिशन दी है आपको पहले वह बता देता हूं केजरीवाल अपना गद्दा तिहार जेल में यूज कर पाएंगे केजरीवाल ने कहा उनको चादर भी अपना चाहिए तो चादर भी उनको अपना मिलेगा केजरीवाल ने दो तकिया मांगा तो कोर्ट ने कहा दो तकिया रख लीजिए इसके अलावा रजाई और कंबल यह भी केजरीवाल अपना इस्तेमाल कर सकेंगे यानी चादर तकिया गद्दा रजाई कंबल कुछ भी जेल का नहीं अपना इस्तेमाल करेंगे केजरीवाल जी केजरीवाल ने अपनी हेल्थ से जुड़ी हुई कई परमिशन भी कोर्ट से मांग केजरीवाल की सेहत को देखते हुए कोर्ट ने कहा कि केजरीवाल हेल्थ मॉनिटरिंग डिवाइस अंदर ले जा सकते हैं क्योंकि केजरीवाल जी के परिवार का कहना है कि बहुत हाई शुगर रहता है बहुत बीमार है शुगर की वजह से तो कोर्ट ने कहा ठीक है हेल्थ मॉनिटरिंग डिवाइस ले जाइए इसके अलावा शुगर शुगर शुगर सेंसर चार्जर शुगर शुगर मशीन वाला वो ले जाइए और जो ग्लूकोमीटर होता है वो ले जाइए सेंसर रीडर ले जाइए इसके अलावा अगर ब्लड शुगर लेवल नीचे जाता है तो उसके लिए कई बार तुरंत टॉफी खानी पड़ती है ताकि शुगर लेवल ऊपर जाए तो कोर्ट ने कहा ठीक है आप जेल में रहिए लेकिन टॉफी रखिए ग्लूकोज रखिए डायबिटीज की दवाइयां रखिए यह सब आपको जेल अथॉरिटी दे देगा इसके अलावा कोर्ट ने इस बात की परमिशन दे दी है कि अरविंद केजरीवाल घर का खाना खा सकते और इतना ही नहीं उन्हें जेल का पानी जेल की पानी जेल का जो पानी है वह भी नहीं पीना पड़ेगा वो बोतल बंद पानी मंगवा सकते यानी घर का खाना पहुंचेगा केजरीवाल वही खाएंगे जेल का खाना नहीं खाएंगे तो जो एक कहावत थी कि जेल की रोटी खानी पड़ेगी जेल का पानी पीना पड़ेगा व जेल में रहकर भी केजरीवाल जी पर लागू नहीं होगी क्योंकि वह घर का खाना खाते रहेंगे घर का पानी पीते रहेंगे या बोतल बंद बिसलेरी वगैरह जो होता है मिनरल वाटर वो पीते रहेंगे इसके अलावा केजरीवाल ने जेल में पढ़ने के लिए तीन किताबें मांगी केजरीवाल जी ने कहा कि मुझे रामायण दीजिए सर मैं रामायण पढ़ना चाहता उन्होंने कहा मैं भगवत गीता पढ़ना चाहता हूं और तीसरी किताब उन्होंने मांगी कि हाउ प्राइम मिनिस्टर्स डिसाइड यह तीन किताबें मैं पढ़ना चाहता हूं अब तीनों बुक्स की परमिशन कोर्ट ने दे दी कि ठीक है ले जाइए पढ़िए हालांकि तीनों किताबों की परमिशन यह भी दिखाती है कि शायद केजरीवाल जी को अंदर ही अंदर यह पता चल गया है कि वो लंबा अंदर गए नहीं तो तीन किताब क्यों मांगते अगर पा दिन 10 दिन में 15 दिन में निकलने वा 15 दिन में पढ़ लेंगे पूरा रामायण और गीता और तीसरी किताब भी अच्छा तीसरी किताब का नाम भी बड़ा इंटरेस्टिंग है हाउ प्राइम मिनिस्टर्स डिसाइड यह किताब व पढ़ना चाहते हैं अब या तो इस किताब से वो यह समझना चाह रहे हैं कि प्रधानमंत्री कैसे सोचते हैं यह पता चले तो समझ में आए कि मोदी जी अब अगला क्या सोचने वाले हैं करने वाले हैं और नहीं तो शायद यह मैसेज देना चाह रहे हैं कि मैं तो अब यहां से निकलूंगा तो प्रधानमंत्री ही बनूंगा खैर बॉस उनके मन में क्या चल रहा य तो वही जाने लेकिन सियासत में ऐसी मैसेजिंग कई बार की जाती है जो अरविंद केजरीवाल भी कर रहे हैं अरविंद केजरीवाल का तिहाड़ जेल में क्या शेड्यूल होने वाला है वह भी आपको बता देता हूं दरअसल तिहाड़ जेल में अरविंद केजरीवाल को भी वही शेड्यूल फॉलो करना होगा जो बाकी कैदियों का होता है आप मुख्यमंत्री है उससे फर्क नहीं पड़ता बॉस आप वहां कैदी है तो जो बाकी करेंगे वो आपको करना पड़ेगा तिहार के शेड्यूल के मुताबिक अरविंद केजरीवाल को बाकी कैदियों के साथ सुबह-सुबह 6:30 बजे उठना पड़ेगा कैदियों को नाश्ते में चाय और ब्रेड दी जाती है हालांकि चूंकि केजरीवाल को परमिशन है कि वह र खाना घर से मंगा सकते हैं तो उनका नाश्ता भी शायद घर से आएगा फिर दोपहर का खाना सुबह 10:30 से 11 के बीच में मिल जाता है उसमें आम कैदियों को दाल मिलती है सब्जी मिलती है रोटी या चावल मिलता है लेकिन केजरीवाल जी का खाना घर से आएगा तो वो घर का खाना खाएंगे इसके बाद शाम में 5:30 बजे डिनर दे दिया जाता है तो केजरीवाल जी का डिनर भी घर से आ जाएगा 5:30 बजे और 7 बजे सभी कैदियों को अपने बैरक में वापस जाने के लिए कह दिया जाता है सब वापस चले जाते हैं ऐसा नहीं कि जेल जाने से अरविंद केजरीवाल का पीछा ईडी से छूट गया आज कोर्ट में ईडी ने बताया कि अरविंद केजरीवाल ने जांच में सहयोग नहीं किया तो जो लोग कहते थे कि हम एक एक चीज में सहयोग करेंगे ईडी कोर्ट में खड़े होकर कह रही है कि सहयोग ही नहीं कर रहे सवालों के गोलमोल जवाब देकर जांच को भटकाने की कोशिश कर र है अपने फोन का पासवर्ड तक नहीं दे रहे इसलिए ईडी ने कोर्ट में कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो व फिर से केजरीवाल को हिरासत में ले सकते हैं ऐसी भी खबरें हैं कि अरविंद केजरीवाल के आईफो का डाटा एक्सेस करने के लिए ईडी ने मोबाइल कंपनी एल से भी सहयोग मांगा यानी ईडी से अरविंद केजरीवाल का पीछा अभी नहीं छूटने वाला बॉस ईडी को जब जरूरत पड़ेगी पूछताछ के लिए केजरीवाल को फिर रिमांड में ले सकती है अरविंद केजरीवाल तिहाड़ में तो चले गए लेकिन यह चर्चा बहुत चल रही है कि क्या जेल जाते-जाते व अपने दो मंत्रियों आतिशी और सौरभ भारद्वाज को फसा के तो नहीं चले गए ऐसा लोग पूछ रहे हैं इस बात की चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि केजरीवाल ने शराब घोटाले के एक बड़े आरोपी विजय नायर के आतिशी और सौरभ भारद्वाज से कनेक्शन को जोड़ दिया और अपना पल्ला झाड़ लिया ऐसा लगा ईडी के मुताबिक केजरीवाल से पूछताछ में जब यह सवाल किया गया कि किस हद तक केजरीवाल जी आप किस हद तक विजय नायर से संपर्क में थे और किस हद से हद तक वह केजरीवाल को रिपोर्ट करता था तो ईडी कह रही है कोर्ट को केजरीवाल ने कहा कि विजय नायर उनको तो रिपोर्ट ही नहीं करता था वह तो आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता था अरविंद केजरीवाल ने यह भी दावा किया कि विजय नायर से उनका इंटरेक्शन या बातचीत बहुत सीमित थी मतलब ज्यादा उससे टच में नहीं था मैं आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट करता था ले अब इसी बात को लेकर सवाल उठने लगे कि केजरीवाल ने यह बात कहकर अपने दो मंत्रियों आतिशी और सौरभ भारद्वाज को फसा दिया क्या क्योंकि जिस विजय नायर से केजरीवाल ने किनारा कर लिया कि मैं तो ज्यादा मिलता उलता नहीं था मैं ज्यादा उससे मेरा कोई इंटरेक्शन नहीं था और अपने दो मंत्रियों आतिशी और सौरभ भारद्वाज का पूरा पूरा ऐसा लग रहा है कि कनेक्शन जोड़ दिया जैसे विजय नायर सिर्फ उन्हीं के संपर्क में था वोह विजय नायर कोई मामूली आदमी नहीं है इस शराब घोटाले के आरोपों के मामले विजय नायर आम आदमी पार्टी का मीडिया एंड कम्युनिकेशन है आम आदमी पार्टी का केजरीवाल सरकार का नहीं आम आदमी पार्टी का मीडिया एंड कम्युनिकेशन हेड था विजय नायर शराब घोटाले के सबसे अहम किरदारों में से एक है ईडी के मुताबिक विजय नायर शराब घोटाले में केजरीवाल और साउथ लॉबी के बीच मिडल मैन था बिचौलिया ईडी का आरोप है कि केजरीवाल ने विजय नायर के जरिए ही शराब घोटाले की रिश्वत ली अब ऐसा आदमी जिसके बारे में कहा जा रहा है कि वो केजरीवाल और उनकी सरकार और साउथ लॉबी के बीच में पूरा काम कर रहा था जिसके कंधे पर है कि उसने पूरा पैसा वैसा लिया यह आरोप ईडी लगाती है उसके लिए केजरीवाल ने कह दिया कि मैं ज्यादा नहीं जानता था वो सौरभ और आतिशी को रिपोर्ट करता था तो लोग पूछने लगे कि ल अब तो अगला नंबर आतिशी या सौरभ भारद्वाज का है क्या गिरफ्तार होने का केजरीवाल ने विजय नायर को लेकर जो बातें कही हैं और उसका आतिशी और सौरभ से जो कनेक्शन जोड़ा जा रहा है उस पर आम आदमी पार्टी का दावा है कि जब विजय नायर को हिरासत में लिया गया था तब उसने भी कहा था कि वो सीएम केजरीवाल को रिपोर्ट नहीं करता इसलिए आज इस बात को उठाने का क्या मतलब है कि केजरीवाल ने विजय नायर से किनारा कर लिया विजय नायर ने जांच में बताया था कि वह आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता है आम आदमी पार्टी का आरोप है कि यह बयान इसलिए आया क्योंकि ईडी आतिशी और सौरभ भारद्वाज को फसाना चाहती है आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि बीजेपी को लग गया है कि सिर्फ केजरीवाल को जेल भेजने से काम नहीं होगा दूसरे नेताओं को भी जेल भेजना होगा एक बार सुनिए आम आदमी पार्टी ने इस पर क्या कहा है फिर आपको बताऊंगा कि कैसे विजय नायर को लेकर केजरीवाल के बयान ने आम आदमी पार्टी को ही फसा दिया है जब विजय नायर जी को हिरासत में लिया गया था तब उन्होंने यह बात कही थी डेढ़ साल पहले उन्होंने यही बात करी थी कि मैं मुख्यमंत्री को रिपोर्ट नहीं करता मैं जो भी अपना काम करता हूं उसमें मेरा रिपोर्टिंग अतिशी और सौरभ से है अब आज आप डेढ़ साल बाद जब आपको कुछ नहीं मिला तो ईडी ने सवाल पैदा होता है कि आज डेढ़ साल बाद जो बयान लिखित में ईडी के पास खुद है वो डेढ़ साल बाकी उठा रहा है और अब मैं यह दावे के साथ कहता हूं इन दोनों हमारे वरिष्ठ नेताओं का नाम जो दिल्ली में भी मंत्री हैं आतिशी और सौरभ भारद्वाज उनका नाम इसीलिए गया है क्योंकि अब भाजपा को समझ में आ गया कि अरे भाई एक अरविंद केजरीवाल को जेल में डालने से यह पार्टी बंद नहीं होगी अब एक काम करो दो तीन और नेताओं की तैयारी करना शुरू करो तभी इनका नाम आज आया है यह नाम तो पहले से ही इनके बयानों में दर्ज था भाई इनका नाम पहले से बयानों में दर्ज था लेकिन अगर केजरीवाल भी वही बात कह रहे हैं तो ईडी कोर्ट में क्या कहे ना बताए कि केजरीवाल कह रहे हैं कि विजय नायर तो आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता था और वह रिपोर्ट किसी भी को को किसी को भी करें जो आदमी इस पूरे मामले में मुख्य सूत्रधार बताया जा रहा है बिचौलिया बताया जा रहा है उसके लिए केजरीवाल ने यह कह दिया कि मेरा इससे ज्यादा कनेक्शन नहीं था यह बात बड़ी इंपॉर्टेंट है आज पूरी आम आदमी पार्टी इस बात पर जोर लगा रही है कि केजरीवाल ने विजय नायर पर जो बात कही वह सही है और केजरीवाल का विजय नायर से कोई ज्यादा लेना देना नहीं था लेकिन आपको कुछ तस्वीरें दिखाता हूं यह तस्वीर देखिए इसमें केजरीवाल और विजय नायर दोनों साथ में दिख रहे हैं एक व्यक्ति केजरीवाल और विजय नायर दोनों के कंधे पर हाथ रख के खड़ा है अब सोचिए अगर एक व्यक्ति केजरीवाल और विजय नायर दोनों के कंधे पर हाथ डालकर खड़ा है तो इसका मतलब तो यही लगता है कि केजरीवाल और विजय नायर दोनों का कद इस आदमी के लिए एक जैसा होगा भाई जो आदमी इतना पावरफुल है कि वह केजरीवाल के कंधे पर हाथ रख दे रहा है व बगल में में विजय नायर के कंधे पर हाथ रख के फोटो खिंचा रहा है तो विजय नायर का कद भी तो कुछ होगा इससे विजय नायर की साफसाफ अहमियत दिख रही है यानी विजय नायर कोई ऐसा व्यक्ति नहीं था जिसे केजरीवाल जानते पहचानते ना हो आते जाते मिल लियों वाला हिसाब फिर केजरीवाल की नजरों में विजय नायर की कोई अहमियत ना हो यह कैसे हो सकता है और सुनिए विजय नायर का रुतबा कैसा था वह भी आपको दिखाता हूं विजय नायर का रुतबा ऐसा था कि वो दिल्ली में सीएम आवास के पीछे बने सीएम ऑफिस में काम करता था जबकि वह पार्टी का मीडिया कम्युनिकेशन हेड था दिल्ली सरकार का मीडिया कम्युनिकेशन हेड नहीं था आम आदमी पार्टी का कम्युनिकेशन हेड था उसका सीएम कैंप ऑफिस में बैठ के काम करता था भाई खुद अपने बयान में बोला है कि मैं वहां से काम करता था और देखिए केजरीवाल का घर देखिए और बगल में सीएम कैंप ऑफिस देखिए मतलब इतना पास है कि केजरीवाल जी शीश महल के बालकनी से चिल्लाए कि विजय तो विजय को सुनाई दे जाए इतना पास अब जो आदमी मुख्यमंत्री के बहुत करीबी नहीं है मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि मेरा इससे ज्यादा लेना देना नहीं था वह सीएम कैंप ऑफिस में बैठकर क्यों काम कर रहा था बॉस यह सवाल नहीं उठेगा केजरीवाल के सीएम आवास और कैंप ऑफिस दोनों अगल बगल यानी केजरीवाल अपने बंगले से अगर जाएं तो मुश्किल से मतलब चलते हुए पहुंच जाए ऐसा हाल है विजय नायर से अब केजरीवाल और उनकी पार्टी के नेता किनारा कि नारा करने में जुटे लेकिन विजय नायर वो व्यक्ति था जिसकी सीएम तक डायरेक्ट पहुंच थ वो ऐसे बंगले में रहता था जो बंगला कैबिनेट मंत्री को अलट हुआ था विजय नायर जिस बंगले में रहता था वो बंगला सीएम ऑफिस से करीब डेढ़ से दो किलोमीटर की दूरी पर ही था यानी चार पाच मिनट में वो सीएम ऑफिस पहुंच जाता था और सबसे बड़ा सवाल कि वो पार्टी का कम्युनिकेशन हेड है और रह रहा है मंत्री के बंगले में सोचिए कोई आदमी ऐसा है कोई और आम आदमी पार्टी में ऐसा आदमी है मुझे बताइए जो पार्टी का काम करता है लेकिन मंत्री को अलडा नहीं है जो आतिशी और सौरभ है जो उस जमाने में विधायक होते थे वह वहां से मुख्यमंत्री के दफ्तर से काम नहीं करते थे विजय नायर जिस कैबिनेट मंत्री के बंगले पर रहता था वो बंगला दिल्ली के मंत्री कैलाश गहलोत के नाम पर अलट था कैलाश गहलोत खुद वहां नहीं रहते थे उन्होंने बताया कि निजी कारण से वह सरकारी बंगले में शिफ्ट नहीं हुए थे दो दिन पहले ही ईडी ने कैलाश गहलोत से शराब घोटाले में पा घंटे पूछताछ भी की थी पूछताछ के बाद जब कैलाश गहलोत मीडिया के सामने आए तो उन्होंने कहा था कि उन्हें पता ही नहीं कि जो बंगला उन्हें आवंटित हुआ था उनमें कौन रहता था एक बार कैलाश गहलोत को सुनिए आरोप ल लेकर पॉलिसी बनी जो ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स उसका आप हिस्सा थे और विजय नार आपके आवास पर रह रहा था देखिए मैंने य बारबार य कहा है वास बिल्कुल मेरे नाम प लोटेड है लेकिन मैं आज भी और पहले भी अपने ही जो मेरा प्राइवेट रेसिडेंस है वसन कुंज मैं वहां पे रह रहा हूं मेरे जो बच्चे हैं वो क्योंकि मेरा जो घर वसन गुज में है वो डीपीएस के बिल्कुल सामने है और मेरी वाइफ ने और बच्चों ने वहां से शिफ्ट करने के लिए मना कर दिया था तो इसलिए ना मैं कभी जो सिविल लाइन में जो बंगलो है मेरे नाम प जो लोटेड है ना मैंने कभी वहां शिफ्ट किया और ना मैं कभी रहा वहां पर और विजय नायर वहां रह रहे थे यह भी मैंने स्टेटमेंट दिया सीबीआई में जब बुलाया था तब भी यही स्टेटमेंट था और आज भी मेरा यही स्टेटमेंट था कि विजय नायर वहां रह रहे या नहीं रह रहे इसके बारे में मुझे कोई सूचना नहीं हालांकि आप खुद सोचिए कि विजय नायर कैलाश गहलोत को मिले बंगले में रहता था कैलाश गहलोत को बंगला नहीं चाहिए था मंत्री का बंगला कोई छोटा मोटा बंगला नहीं होता मंत्री का बंगला नहीं चाहिए था तो किसी भी विजय नायर को मिल जाएगा जो में कम्युनिकेशन हेड है सोचिए उस आदमी की क्या इंपॉर्टेंस रही होगी केजरीवाल जी के घर के डेढ़ किलोमीटर के दायरे में रह रहा है और सीएम कैंप ऑफिस से काम कर रहा है और आज केजरीवाल जी कह रहे हैं मेरा जाना ज्यादा लेना देना नहीं था आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट करता था विजय नायर कैलाश गहलोत के जिस बंगले में रहता था उसी बंगले में टाइम्स नाउ भारत की एडिटर इन चीफ नाविका कुमार ने एक बार अरविंद केजरीवाल का इंटरव्यू भी किया था हैरान करने वाली बात यह है कि जिस विजय नायर के बारे में दावा है कि व आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता था वह खुद तो कैबिनेट मंत्री के अलडा दवाज को उस जमाने में व रिपोर्ट करता था कथित तौर पर वह तब विधायक थे आतिशी और सौरभ भारद्वाज तब मंत्री कहां बने थे और वह बेचारे अपने अपने घर में रह रहे थे या सामान्य बंगलो में रह रहे थे यानी जो रिपोर्ट कर रहा है वह मंत्री के बंगले में रह रहा है और जो बॉस है जिसको यह आदमी रिपोर्ट कर रहा है व बेचारे सान्य घर में रह रहे ऐसा बॉस भगवान सबको दे भाई ऐसा बॉस आपने सुना है कि कंपनी कह रही है कि बॉस रहेगा वन बीएचके में और जो उसका नीचे वाला एंप्लॉई है जो बॉस को रिपोर्ट कर रहा है वह रहेगा बड़े से फ्लैट में फ बीएच के ऐसा कोई कंपनी में सुने कहीं सुने लेकिन विजय नायर रह रहा था और आज हो रहा कि विजनर तो पहले ही बोला कि हम सौरभ और आतिशी को रिपोर्ट करते अरे बॉस तो आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट कर रहा था तु यह सब कैसे हो रहा था बाकी चीजें इसका कोई जवाब ही नहीं विजय नायर को लेकर शराब घोटाले में कई आरोपियों और कई गवाहों के बयान भी है जिससे यह पता चलता है कि य कैसे शराब मामले में डीलिंग कर रहा था हमारे पास वो एक्सक्लूसिव मैसेज और बयान है जो शराब घोटाले में सुप्रीम कोर्ट के सामने रखे गए थे और जिसमें विजय नायर का रोल दिखता है हम आपको एक्सक्लूसिव मोबाइल मैसेज दिखाते हैं जो मैसेज सिग्नल प पर किए गए थे और ये मैसेज विजय नायर के हैं जो ईडी ने सुप्रीम कोर्ट को दिखाए इस मैसेज को विजय नायर ने एक शराब कंपनी के रीजनल मैनेजर बनय बाबू को भेजा था इसमें विजय नायर साफ-साफ लिख रहा है प्लान यू सजेस्टेड मे बी कंप्लीट नो गो एवरीवन अगेंस्ट इट जीरो ट्रस्ट बेसिकली यानी इस मैसेज का मतलब है कि विजय नायर एक शराब कंपनी के मैनेजर को कह रहा है कि तुमने जिस प्लान का सुझाव दिया है वह पूरी तरह खारिज हो सकता है हर कोई इसके खिलाफ है किसी को भरोसा नहीं है और जिस को मैसेज गया वो खुद यह बता रहा है आप खुद देखिए इस विजय नायर के इस मैसेज से यह लग रहा है कि वह शराब कारोबारियों से सीधा-सीधा डील कर रहा था भाई कम्युनिकेशन हेड है और इस तरह का मैसेज सवाल नहीं उठेंगे और जब उसके पास कोई सरकारी पद नहीं था उसके बावजूद वह किस अथॉरिटी से किसके कहने पर सरकारी कामकाज देख रहा था सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि विजय नायर किन लोगों के बारे में कह रहा था कि वह शराब कंपनी के प्लान से सहमत नहीं है इससे पहले जो चैट हमने दिखाई उसमें विजय नायर कनड रिकर्ड नाम की शराब कंपनी की तरफ से दिए गए सुझावों के बारे में बात कर रहा था अब एक और चैट देखिए इस चैट में विजय नायर उसी कंपनी के बारे में कुछ जानकारी मांग रहा है चैट में लिखा था कि इज मनोज योर डिसीजन मेकर वुड लाइक टू मीट हिम एज वेल आईडियली यानी विजय नायर शराब कंपनी के डिसीजन मेकर की जानकारी लेना चाह रहा है और उससे मिलना भी चाह रहा है इस चैट से भी यह लगता है कि विजय नायर काफी करीब से शराब पॉलिसी को लेकर काम कर रहा था जो ईडी दावा कर रही है और अलग अलग शराब कंपनियों से बातचीत भी कर रहा था यही बात यही दावा ईडी कोर्ट में कर चुकी है और कहा जा रहा है कि विजय नायर तो कम्युनिकेशन देखता था ठीक है देखता होगा लेकिन ईडी यही तो सवाल उठा रही कि फिर यह क्या है अरविंद केजरीवाल तो विजय नायर से कन्नी काट रहे हैं लेकिन ईडी की जांच में कई आरोपियों और गवाहों ने अपने स्टेटमेंट में यह क्लियर कट कहा है कि विजय नायर केजरीवाल के लिए काम कर रहा हमारे पास विजय नायर के बारे में एक्सक्लूसिव जानकारी है जो शराब घोटाले के मामले में ईडी सुप्रीम कोर्ट को भी बता चुकी जैसे हैदराबाद के बिजनेसमैन अरुण पिल्लई ने ईडी को 6 मार्च 2022 को दिए बयान में कहा कि शराब पॉलिसी बनाने और लागू करने को लेकर विजय नायर को केजरीवाल और सिसोदिया दोनों का सपोर्ट बुची बाबू जो सीए हैं और आरोपी के कविता के करीबी हैं उन्होंने 23 फरवरी 2022 को दिए बयान में बताया था कि विजय नायर अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के आदेश पर ही शराब नीति पर काम कर रहा था इसी तरह शराब कारोबार दिनेश अरोड़ा ने 6 अप्रैल 2023 को ईडी को बताया था कि वह विजय नायर से अचानक से नहीं मिला यह मीटिंग मनीष सिसोदिया ने अरेंज कराई थी मनीष सिसोदिया ने कहा था कि एक्साइज पॉलिसी को लेकर विजय नायर के साथ मिलकर काम करो यानी इस पूरे मामले के कई आरोपी विजय नायर का नाम ले चुके और केजरीवाल जी कहते हैं मेरा इससे ज्यादा लेना देना नहीं तो फिर जिनका लेना देना है जिनको यह रिपोर्ट करता था फिर ईडी उनसे भी सवाल कर सकती है फिर तो फिर क्या उनकी भी गिरफ्तार हो सकती है आतिशी और सौरभ भारद्वाज की ये सवाल उठेंगे जिस विजय नायर के लिए अरविंद केजरीवाल यह कह रहे हैं कि उनका विजय नायर से ज्यादा संपर्क नहीं था उसी विजय नायर से जुड़े कई सबूत ईडी ने केजरीवाल को दिखाए और सवाल किए ईडी सूत्रों के मुताबिक पूछताछ के दौरान विजय नायर और घोटाले के सह आरोपियों के 10 से ज्यादा मीटिंग के सबूत अरविंद केजरीवाल को दिखाए गए केजरीवाल से यह पूछा गया कि विजय नायर किस अथॉरिटी से दिनेश अरोड़ा अभिषेक बोइन पल्ली जैसे आरोपियों से मुलाकात कर रहा था इस पर केजरीवाल ने साफ-साफ मना कर दिया कि व इन लोगों को जानते ही नहीं इस पर ईडी का कहना था कि विजय नायर जैसे सीनियर व्यक्ति जो कि सीएम केजरीवाल से बहुत करीबी करीब रहकर काम करता था वह कोई भी काम बिना पार्टी के हेड यानी अरविंद केजरीवाल के अप्रूवल के बिना तो नहीं कर सकता था यह सब बातें यह सब बयान और मैसेज के सबूत होने के बाद भी विजय नायर से केजरीवाल कैसे किनारा कर सकते यह सवाल उठ रहा है और कैसे यह कह सकते हैं कि विजय नायर तो आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता था अब आम आदमी पार्टी पूरा जोर लगा रही है कि ऐसा मैसेज ना जाए कि केजरीवाल अपने ही मंत्रियों को अपने से दूर कर रहे हैं या ऐसे बयान दे रहे हैं जिससे अपने मंत्री फस जाए लेकिन विजय नायर को लेकर जो बातें कही जा रही हैं और जो ईडी ने जांच कर पता किया और दावा किया कोर्ट में उससे कई सवाल उठते हैं जैसे विजय नायर के बारे में केजरीवाल ने कहा कि वह आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट करता था जबकि ईडी के दावों के मुताबिक विजय नायर तो केजरीवाल का राइट हैंड था और ईडी को कई गवाहों ने यह बताया यहां सवाल यह भी है कि ऐसा वक्ति जो पार्टी का मीडिया कम्युनिकेशन हेड हो जो सीएम आवास के पीछे बने उस सीएम कैंप ऑफिस का इस्तेमाल करता हो जो ऑफिस पार्टी के लिए नहीं बल्कि सीएम के अपने काम के लिए कर होती है और जो व्यक्ति कैबिनेट मंत्री के आवास में रहता हो उस व्यक्ति के बारे में केजरीवाल कैसे यह दावा कर सकते हैं कि कैंप ऑफिस में कई लोग काम करते हैं उन्हें सबके बारे में क्या पता एक सवाल यह भी है कि जो व्यक्ति आम आदमी पार्टी के लिए काम कर रहा है वो व्यक्ति पार्टी ऑफिस छोड़कर सीएम के पर्सनल ऑफिस से क्यों काम कर रहा था अब आप खुद सोचिए जो व्यक्ति इतना हाई प्रोफाइल दिख रहा है पार्टी का कम्युनिकेशन हेड है चुनाव में जिस पर बड़ी जिम्मेदारियां रहती थी जिसके पास सीएम के ऑफिस का एक्सेस है रहने के लिए मंत्री का बंगला है उस इंसान के बारे में क्या सीएम को खुद पता नहीं होगा और जब वो इतना हाई प्रोफाइल था तो किसी मंत्री नहीं बल्कि दो सामान्य विधायकों को क्यों रिपोर्ट कर रहा था यह बात आसानी से हजम होने वाली नहीं लगती और यही बात ईडी को भी हजम नहीं हुई इसलिए ईडी अरविंद केजरीवाल से विजय नायर पर सवाल पूछ रही है और कह रहे कि मैं तो नहीं जानता ज्यादा आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट करता था अब केजरीवाल जो भी कहे लेकिन यह जांच रुकने वाली नहीं है और क्या उनके इस बयान के बाद अब ईडी आतिशी और सौरभ भारद्वाज के घर पर भी दस्तक देगी यह सवाल उठने लगे हैं पाशा पर देखिए शराब घोटाले से जुड़े वह मोबाइल मैसेज जो बड़ा राज खोल दे किसी जमाने में दूसरों को तिहार जेल भेजने की बातें करने वाले केजरीवाल के लिए वक्त का पहिया ऐसा घूमा कि आज केजरीवाल खुद तिहाड़ जेल में पहुंच गए केजरीवाल ने जिस दिन के बारे में सोचा नहीं था व दिन आज आ गया और जिनको केजरीवाल कहते थे कि तिहाड़ में भेजेंगे वो लोग रामलीला मैदान में अरविंद केजरीवाल तिहाड़ क्यों जा रहे हैं इस पर छाती पीट रहे पूरा त जो वक्त का पहिया होता है ना वो पलट गया घूम गया ईडी ने केजरीवाल की आज रिमांड नहीं मांगी और कोर्ट ने उन्हें 15 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में यानी जेल भेज दिया इसके बाद जेल वैन में केजरीवाल को भरकर तिहार जेल पहुंचा दिया गया लेकिन जेल जाते ही केजरीवाल ने आज एक और रिकॉर्ड बना दिया अब तक वह देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री थे जो रिमांड में होने के बावजूद मुख्यमंत्री पद पर बैठे हुए आज केजरीवाल ने नया रिकॉर्ड बना दिया व आए थे ना पॉलिटिक्स बदलने देखिए पॉलिटिक्स बदल दी आज वह देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन गए जो जेल के अंदर जाकर भी मुख्यमंत्री हैं केजरीवाल अब उसी तिहार जेल में रहेंगे जहां उनके पुराने साथी मनीष सिसोदिया संजय सिंह और सतेंद्र जैन ब केजरीवाल को तिहाड़ की जेल नंबर दो में रखा गया है वो जेल नंबर दो में अकेले रहेंगे केजरीवाल के साथी संजय सिंह को कुछ दिन पहले ही जेल नंबर दो से जेल नंबर पांच में शिफ्ट किया गया है इसके अलावा पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया जेल नंबर वन में है और केजरीवाल के एक और मंत्री रहे सतेंद्र जैन जेल नंबर सात में यानी अब आम आदमी पार्टी के सीनियर लीडर्स का नया ठिकाना तिहार जेल बन गया और देश में शायद ही कोई ऐसी पार्टी होगी जो लच होने के इतने कम समय में इस तरह का प्रदर्शन करते हुए उसके तमाम बड़े नेता जेल के अंदर गए तिहार जेल में अब सीएम केजरीवाल के साथ क्या-क्या होने वाला है यह आपको आगे बताऊंगा लेकिन पहले सुनिए कि तिहार जाने से पहले आज जब केजरीवाल जी कोर्ट में पेश हुए तो उन्होंने क्या कहा यानी उन्होंने प्रधानमंत्री पर डाल दिया प्रधानमंत्री जो कर रहे व देश के लिए ठीक नहीं जेल तो आपको कोर्ट ने भेजा गलत था तो कोर्ट कह देता कि जेल नहीं भेजेंगे इनको केजरीवाल जेल जाने पर सिंपी बटोरने में जुटे लेकिन सिंपैथी उन्हें मिलेगी या नहीं यह तो वक्त बताएगा फिलहाल उन्हें तिहाड़ में क्या-क्या मिलने वाला है मैं बता देता हूं कोर्ट से केजरीवाल ने तिहाड़ में कई सारी चीजों की परमिशन मांगी कोर्ट ने तिहाड़ के अंदर केजरीवाल को क्या-क्या ले जाने की परमिशन दी है आपको पहले वो बता देता हूं केजरीवाल अपना गद्दा तिहार जेल में यूज कर पाएंगे केजरीवाल ने कहा उनको चादर भी अपना चाहिए तो चादर भी उनको अपना मिलेगा केजरीवाल ने दो तकिया मांगा तो कोर्ट ने कहा दो तकिया रख लीजिए इसके अलावा रजाई और कंबल यह भी केजरीवाल अपना इस्तेमाल कर सकेंगे यानी चादर तकिया गद्दा रजाई कंबल कुछ भी जेल का नहीं अपना इस्तेमाल करेंगे केजरीवाल जी केजरीवाल ने अपनी हेल्थ से जुड़ी हुई कई परमिशन भी कोर्ट से मांगी केजरीवाल की सेहत को देखते हुए कोर्ट ने कहा कि केजरीवाल हेल्थ मॉनिटरिंग डिवाइस अंदर ले जा सकते हैं क्योंकि केजरीवाल जी के परिवार का कहना है कि बहुत हाई शुगर रहता है बहुत बीमार है शुगर की वजह से तो कोर्ट ने कहा ठीक है हेल्थ मॉनिटरिंग डिवाइस ले जाइए इसके अलावा शुगर स शुगर शुगर सेंसर चार्जर शुगर शुगर मशीन वाला वो ले जाइए और जो ग्लूकोमीटर होता है वो ले जाइए सेंसर रीडर ले जाइए इसके अलावा अगर ब्लड शुगर लेवल नीचे जाता है तो उसके लिए कई बार तुरंत टॉफी खानी पड़ती है ताकि शुगर लेवल ऊपर जाए तो कोर्ट ने कहा ठीक है आप जेल में रहिए लेकिन टॉफी रखिए ग्लूकोज रखिए डायबिटीज की दवाइयां रखिए यह सब आप को जेल अथॉरिटी दे देगा इसके अलावा कोर्ट ने इस बात की परमिशन दे दी है कि अरविंद केजरीवाल घर का बना खाना खा सकते हैं और इतना ही नहीं उन्हें जेल का पानी जेल की पानी जेल का जो पानी है वह भी नहीं पीना पड़ेगा वह बोतल बंद पानी मंगवा सकते हैं यानी घर का खाना पहुंचेगा केजरीवाल वही खाएंगे जेल का खाना नहीं खाएंगे तो जो एक कहावत थी कि जेल की रोटी खानी पड़ेगी जेल का पानी पीना पड़ेगा व जेल में रहकर भी केजरीवाल जी पर लागू नहीं होगी क्योंकि वह घर का खाना खाते रहेंगे घर का पानी पीते रहेंगे या बोतल बंद बिसलेरी वगैरह जो होता है मिनरल वाटर वो पीते रहेंगे इसके अलावा केजरीवाल ने जेल में पढ़ने के लिए तीन किताबें मांगी केजरीवाल जी ने कहा कि मुझे रामायण दीजिए सर मैं रामायण पढ़ना चाहता हूं उन्होंने कहा मैं भगवत गीता पढ़ना चाहता हूं और तीसरी किताब उन्होंने मांगी कि हाउ प्राइम मिनिस्टर्स डिसाइड यह तीन किताबें मैं पढ़ना चाहता हूं अब तीनों बुक्स की परमिशन कोर्ट ने ठीक है ले जाइए पढ़िए हालांकि तीनों किताबों की परमिशन यह भी दिखाती है कि शायद केजरीवाल जी को अंदर ही अंदर यह पता चल गया है कि वो लंबा अंदर गए हैं नहीं तो तीन किताब क्यों मांगते अगर 5 दिन 10 दिन में 15 दिन में निकलने वाले 15 दिन में पढ़ लेंगे पूरा रामायण और गीता और तीसरी किताब दी अच्छा तीसरी किताब का नाम भी बड़ा इंटरेस्टिंग है हाउ प्राइम मिनिस्टर्स डिसाइड यह किताब वो पढ़ना चाहते हैं अब या तो इस किताब से वो यह समझना चाह रहे हैं कि प्रधानमंत्री कैसे सोचते हैं यह पता चले तो समझ में आए कि मोदी जी अब अगला क्या सोचने वाले करने वाले और नहीं तो शायद यह मैसेज देना चाह रहे हैं कि मैं तो अब यहां से निकलूंगा तो प्रधानमंत्री ही बनूंगा खैर बस उनके मन में क्या चल रहा है य तो वही जाने लेकिन सियासत में ऐसी मैसेजिंग कई बार की जाती है जो अरविंद केजरीवाल भी कर रहे हैं अरविंद केजरीवाल का तिहाड़ जेल में क्या शेड्यूल होने वाला है वह भी आपको बता देता हूं दरअसल तिहाड़ जेल में अरविंद केजरीवाल को भी वही शेड्यूल फॉलो करना होगा जो बाकी कैदियों का होता है आप मुख्यमंत्री हैं उससे फर्क नहीं पड़ता बॉस आप वहां कैदी हैं तो जो बाकी करेंगे वह आपको करना पड़ेगा तिहाड़ के शेड्यूल के मुताबिक अरविंद केजरीवाल को बाकी कैदियों के साथ सुबह-सुबह 6:30 बजे उठना पड़ेगा कैदियों को नाश्ते में चाय और ब्रेड दी जाती है हालांकि चूंकि केजरीवाल को परमिशन है कि वह घर खाना घर से मंगा सकते हैं तो उनका नाश्ता भी शायद घर से आएगा फिर दोपहर का खाना सुबह 10:30 से 11 के बीच में मिल जाता है उसमें आम कैदियों को दाल मिलती है सब्जी मिलती है रोटी या चावल मिलता है लेकिन केजरीवाल जी का खाना घर से आएगा तो व घर का खाना खाएंगे इसके बाद शाम में 53 बजे डिनर दे दिया जाता है तो केजरीवाल जी का डिनर भी घर से आ जाएगा 5:30 बजे और 7 बजे सभी कैदियों को अपने बैरक में वापस जाने के लिए कह दिया जाता है सब वापस चले जाते हैं ऐसा नहीं कि जेल जाने से अरविंद केजरीवाल का पीछा ईडी से छूट गया आज कोर्ट में ईडी ने बताया कि अरविंद केजरीवाल ने जांच में सहयोग नहीं किया तो जो लोग कहते थे कि हम एक एक चीज में सहयोग करेंगे ईडी कोर्ट में खड़े होकर कह रही कि सहयोग ही नहीं कर रहे सवालों के गोल मोल जवाब देकर जांच को भटकाने की कोशिश कर रहे अपने फोन का पासवर्ड तक नहीं दे रहे इसलिए ईडी ने कोर्ट में कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वह फिर से केजरीवाल को हिरासत में ले सकते हैं ऐसी भी खबरें हैं कि अरविंद केजरीवाल के आई का डाटा एक्सेस करने के लिए ईडी ने मोबाइल कंपनी एल से भी सहयोग मांगा यानी ईडी से अरविंद केजरीवाल का पीछा नहीं छूटने वाला बॉस ईडी को जब जरूरत पड़ेगी पूछताछ के लिए केजरीवाल को फिर रिमांड में ले सकती है अरविंद केजरीवाल तिहाड़ में तो चले गए लेकिन यह चर्चा बहुत चल रही है कि क्या जेल जाते-जाते वह अपने दो मंत्रियों आतिशी और सौरभ भारद्वाज को फसा के तो नहीं चले गए ऐसा लोग पूछ रहे हैं इस बात की चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि केजरीवाल ने शराब घोटाले के एक बड़े आरोपी विजय नायर के आतिशी और सौरभ भारद्वाज से कनेक्शन को जोड़ दिया और अपना झाड़ लिया ऐसा लगा ईडी के मुताबिक केजरीवाल से पूछताछ में जब यह सवाल किया गया कि किस हद तक केजरीवाल जी आप किस हद तक विजय नायर से संपर्क में थे और किस हद से हद तक वह केजरीवाल को रिपोर्ट करता था तो ईडी कह रही है कोर्ट को कि केजरीवाल ने कहा कि विजय नायर उनको तो रिपोर्ट ही नहीं करता था वह तो आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता था अरविंद केजरीवाल ने यह भी दावा किया कि विजय नायर से उनका इंटरेक्शन या बातचीत बहुत सीमित थी मतलब ज्यादा से टच में नहीं था मैं आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट करता था ले अब इसी बात को लेकर सवाल उठने लगे कि क्या केजरीवाल ने यह बात कहकर अपने दो मंत्रियों आतिशी और सौरभ भारद्वाज को फंसा दिया क्या क्योंकि जिस विजय नायर से केजरीवाल ने किनारा कर लिया कि मैं तो ज्यादा मिलता उलता नहीं था मैं ज्यादा उससे मेरा कोई इंटरेक्शन नहीं था और अपने दो मंत्रियों आतिशी और सौरभ भारद्वाज का पूरा पूरा ऐसा लग रहा है कि कनेक्शन जोड़ दिया जैसे विजय नायर सिर्फ उन्हीं के संपर्क में था वो विजय नायर कोई मामूली आदमी नहीं है इस शराब घोटाले के आरोपों के मामले में विजय नायर आम आदमी पार्टी का मीडिया एंड कम्युनिकेशन हेड था आम आदमी पार्टी का केजरीवाल सरकार का नहीं आम आदमी पार्टी का मीडिया एंड कम्युनिकेशन हेड था विजय नायर शराब घोटाले के सबसे अहम किरदारों में से एक है ईडी के मुताबिक विजय नायर शराब घोटाले में केजरीवाल और साउथ लॉबी के बीच मिडल मैन था बिचौलिया ईडी का आरोप है कि केजरीवाल ने विजय नायर के जरिए ही शराब घटा की रिश्वत अब ऐसा आदमी जिसके बारे में कहा जा रहा है कि वह केजरीवाल और उनकी सरकार और साउथ लॉबी के बीच में पूरा काम कर रहा था जिसके कंधे पर है कि उसने पूरा पैसा वैसा लिया यह आरोप ईडी लगाती है उसके लिए केजरीवाल ने कह दिया कि मैं ज्यादा नहीं जानता था व सौरभ और आतिशी को रिपोर्ट करता था तो लोग पूछने लगे कि अब तो अगला नंबर आतिया सौरभ भारद्वाज का है क्या गिरफ्तार होने का केजरीवाल ने विजय नायर को लेकर जो बातें कही है और उसका शशी और सौरभ से जो कनेक्शन जोड़ा जा रहा है उस पर आम आदमी पार्टी का दावा है कि जब विजय नायर को हिरासत में लिया गया था तब उसने भी कहा था कि वो सीएम केजरीवाल को रिपोर्ट नहीं करता इसलिए आज इस बात को उठाने का क्या मतलब है कि केजरीवाल ने विजय नायर से किनारा कर लिया विजय नायर ने जांच में बताया था कि वह आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता है आम आदमी पार्टी का आरोप है कि ये बयान इसलिए आया क्योंकि ईडी आतिशी और सौरभ भारद्वाज को फंसाना चाहती है आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि बीजेपी को लग गया है कि सिर्फ केजरीवाल को जेल भेजने से काम नहीं होगा दूसरे नेताओं को भी जेल भेजना होगा एक बार सुनिए आम आदमी पार्टी ने इस पर क्या कहा है फिर आपको बताऊंगा कि कैसे विजय नायर को लेकर केजरीवाल के बयान ने आम आदमी पार्टी को ही फसा दिया जब विजय नायर जी को हिरासत में लिया गया था तब उन्होंने यह बात कही थी डेढ़ साल पहले उन्होंने यही बात करी थी कि मैं मुख्यमंत्री को रिपोर्ट नहीं करता मैं जो भी अपना काम करता हूं उसमें मेरा रिपोर्टिंग अतिशी और सौरभ से है अब आज आप डेढ़ साल बाद जब आपको कुछ नहीं मिला तो ईडी ने सवाल पैदा होता है कि आज डेढ़ साल बाद जो बयान लिखित में ईडी के पास खुद है वो डेढ़ साल बाद क्यों उठा रहा है और अब मैं यह दावे के साथ कहता हूं इन दोनों हमारे वरिष्ठ नेताओं का नाम जो दिल्ली में भी मंत्री हैं आतिशी और सौरभ भारद्वाज उनका नाम इसीलिए गया है क्योंकि अब भाजपा को समझ में आ गया कि अरे भाई एक अरविंद केजरीवाल को जेल में डालने से यह पार्टी बंद नहीं होगी अब एक काम करो दो तीन और नेताओं की तैयारी करना शुरू करो तभी इनका नाम आज आया है यह नाम तो पहले से ही इनके बयानों में दर्ज था भाई इनका नाम पहले से बयानों में दर्ज था लेकिन अगर केजरीवाल भी वही बात कह रहे हैं तो ईडी कोर्ट में क्या कहे ना बताए कि केजरीवाल कह रहे हैं कि विजय नायर तो आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता था और वह रिपोर्ट किसी भी को को किसी को भी करे जो आदमी इस पूरे मामले में मुख्य सूत्रधार बताया जा रहा बिचौलिया बताया जा रहा है उसके लिए केजरीवाल ने यह कह दिया कि मेरा इससे ज्यादा कनेक्शन नहीं था यह बात बड़ी इंपॉर्टेंट है आज पूरी आमद पार्टी इस बात पर जोर लगा रही है कि केजरीवाल ने विजय नायर पर जो बात कही वह सही है और केजरीवाल का विजय नायर से कोई ज्यादा लेना देना नहीं था लेकिन आपको कुछ वक्ति केजरीवाल और विजय नायर दोनों के कंधे पर हाथ डालकर खड़ा है तो इसका मतलब तो यही लगता है कि केजरीवाल और विजय नायर दोनों का कद इस आदमी के लिए एक जैसा होगा भाई जो आदमी इतना पावरफुल है कि वह केजरीवाल के कंधे पर हाथ रख दे रहा है वो बगल में विजय नायर के कंधे पर हाथ रख के फोटो खींचा रहा है तो विजय नायर का कद भी तो कुछ होगा इससे विजय नायर की साफसाफ अहमियत दिख रही है यानी विजय नायर कोई ऐसा व्यक्ति नहीं था जिसे केजरीवाल जानते पहचानते ना हो आते जाते मिल लियो वाला हिसाब फिर केजरीवाल की नजरों में विजय नायर की कोई अहमियत ना हो यह कैसे हो सकता है और सुनिए विजय नायर का रुतबा कैसा था वह भी आपको दिखाता हूं विजय नायर का रुतबा ऐसा था कि वह दिल्ली में सीएम आवास के पीछे बने सीएम ऑफिस में काम करता था जबक वह पार्टी का मीडिया कम्युनिकेशन हेड था दिल्ली सरकार का मीडिया कम्युनिकेशन हेड नहीं था आम आदमी पार्टी का कम्युनिकेशन हेड था उसका सीएम कैंप ऑफिस में बैठकर काम करता था भाई खुद अपने बयान में बोला है कि मैं वहां से काम करता था और देखिए केजरीवाल का घर देखिए और बगल में सीएम कैंप ऑफिस देखिए मतलब इतना पास है कि केजरीवाल जी शीश महल के बलक से चिल्लाए विजय तो विजय को सुनाई दे जाए इतना पास अब जो आदमी मुख्यमंत्री के बहुत करीबी नहीं है मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि मेरा इससे ज्यादा लेना देना नहीं था वो सीएम कैंप ऑफिस में बैठ के क्यों काम कर रहा था बॉस यह सवाल नहीं उठेगा केजरीवाल के सीएम आवास और कैंप ऑफिस दोनों अगल-बगल यानी केजरीवाल अपने बंगले से अगर जाए तो मुश्किल से मतलब चलते हुए पहुंच जाए ऐसा हाल है विजय नायर से अब केजरीवाल और उनकी पार्टी के नेता किनारा किनारा करने में जुटे लेकिन विजय नायर वो व्यक्ति था जिसकी सीएम तक डायरेक्ट पहुंच व से बंगले में रहता था जो बंगला कैबिनेट मंत्री को अलट हुआ था विजय नायर जिस बंगले में रहता था वह बंगला सीएम ऑफिस से करीब डेढ़ से 2 किलोमीटर की दूरी पर ही था यानी चार पा मिनट में वह सीएम ऑफिस पहुंच जाता था और सबसे बड़ा सवाल कि वो पार्टी का कम्युनिकेशन हेड है और रह रहा है मंत्री के बंगले में सोचिए कोई आदमी ऐसा है कोई और आम आदमी पार्टी में ऐसा आदमी है मुझे बताइए जो पार्टी का काम करता है लेकिन मंत्री को अलडा है और उसका कोई रुतबा नहीं है जो आतिशी और सौरभ है जो उस जमाने में विधायक होते थे वह वहां से मुख्यमंत्री के दफ्तर से काम नहीं करते थे विजय नायर जिस कैबिनेट मंत्री के बंगले पर रहता था वह बंगला दिल्ली के मंत्री कैलाश गहलोत के नाम पर अलॉट था कैलाश गहलोत खुद वहां नहीं रहते थे उन्होंने बताया कि निजी कारण से वह सरकारी बंगले में शिफ्ट नहीं हुए थे दो दिन पहले ही ईडी ने कैलाश गहलोत से शराब घोटाले में पाच घंटे पूछताछ भी की थी पूछताछ के बाद जब कैलाश गहलोत मीडिया के सामने आए तो उन्होंने कहा था कि उन्हें पता ही नहीं कि जो बंगला उन्हें आवंटित हुआ था उनमें कौन रहता था एक बार कैलाश गहलोत को सुनिए आरोप लगे कि जो लेकर पॉलिसी बनी जो ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स उसका आप हिस्सा थे और विजय अनार आपके आवास पर रह रहा थाको ले देखिए मैंने ये बारबार ये कहा है कि वो आवाज बिल्कुल मेरे नाम प लोटेड है लेकिन मैं आज भी और पहले भी अपने ही जो मेरा प्राइवेट रेसिडेंट से वसंत कुंज मैं वहां पे रह रहा हूं मेरे जो बच्चे हैं वो क्योंकि मेरा जो घर वसंत कुंज में है वो डीपीएस के बिल्कुल सामने है और मेरी वाइफ ने और बच्चों ने वहां से शिफ्ट करने के लिए मना कर दिया था तो इसलिए ना मैं कभी जो सिविल लाइन में जो बंगलो है मेरे नाम पे जो लोटेड है ना मैंने कभी वहां शिफ्ट किया और ना मैं कभी रहा वहां पर और विजय नायर वहां रह रहे थे यह भी मैंने स्टेटमेंट दिया सीबीआई में जब बुलाया था तब भी यही स्टेटमेंट था और आज भी मेरा यही स्टेटमेंट था कि विजय नायर वहां रह रहे या नहीं रह रहे इसके बारे में मुझे कोई सूचना नहीं हालांकि आप खुद सोचिए कि विजय नायर कैलाश गहलोत को मिले बंगले में रहता था कैलाश गहलोत को बंगला नहीं चाहिए था मंत्री का बंगला कोई छोटा मोटा बंगला नहीं होता मंत्री का बंगला नहीं चाहिए था तो किसी भी विजय नायर को मिल जाएगा जो पार्टी में कम्युनिकेशन हेड है सोचिए उस आदमी की क्या इंपॉर्टेंस रही होगी केजरीवाल जी के घर के डेढ़ किलोमीटर के दायरे में रह रहा है और सीएम कैंप ऑफिस से काम कर रहा है और आज केजरीवाल जी कह रहे हैं कि मेरा जाना ज्यादा लेना देना नहीं था आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट करता था विजय नायर कैलाश गहलोत के जिस बंगले में रहता था उसी बंगले में टाइम्स नाउ भारत की एडिटर इन चीफ नाविका कुमार ने एक बार अरविंद केजरीवाल का इंटरव्यू भी किया था हैरान करने वाली बात यह है कि जिस विजय नायर के बारे में दावा है कि वह आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता था वो खुद तो कैबिनेट मंत्री के अलट बंगले में रह जबकि जिन आतिशी और सौरभ भारद्वाज को उस जमाने में वो रिपोर्ट करता था कथित तौर पर वो तब विधायक थे आतिशी और सौरभ भारद्वाज तब मंत्री कहां बने थे और वह बेचारे अपने अपने घर में रह रहे थे या सामान्य बंगलों में रह रहे थे यानी जो रिपोर्ट कर रहा है वह मंत्री के बंगले में रह रहा है और जो बॉस है जिसको यह आदमी रिपोर्ट कर रहा है वह बेचारे सामान्य घर में रह रहे हैं ऐ सब बॉस भगवान सबको दे भाई ऐसा बॉस आपने सुना है कि कंपनी कह रही कि बॉस रहेगा वन बीएचके में और जो उसका नीचे वाला एंप्लॉई है जो बॉस को रिपोर्ट कर रहा है वह रहेगा बड़े से फ्लैट में फ बीएच के ऐसा कोई कंपनी में सुने कहीं सुने लेकिन विजयना र रहा था और आज हो रहा कि विजय नार तो पहले ही बोला हम सौरभ और आतिशी को रिपोर्ट करते अरे बस तो आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट कर रहा था तो यह सब कैसे हो रहा था बाकी चीजें इसका कोई जवाब ही नहीं विजय नायर को लेकर शराब घोटाले में कई आरोपियों और कई गवाहों के बयान भी है जिससे यह पता चलता है कि ये कैसे शराब मामले में डीलिंग कर रहा था हमारे पास वो एक्सक्लूसिव मैसेज और बयान है जो शराब घोटाले में सुप्रीम कोर्ट के सामने रखे गए थे और जिसमें विजय नायर का रोल दिखता है हम आपको एक्सक्लूसिव मोबाइल मैसेज दिखाते हैं जो मैसेज सिग्नल ऐप पर किए गए थे और यह मैसेज विजय नायर के हैं जो ईडी ने सुप्रीम कोर्ट को दिखाए इस मैसेज को विजय नायर ने एक शराब कंपनी के रीजनल मैनेजर बनय बाबू को भेजा था इसमें विजय नायर साफ-साफ लिख रहा है प्लान यू सजेस्टेड मे बी कंप्लीट नो गो एवरीवन अगेंस्ट इट जीरो ट्रस्ट बेसिकली यानी इस मैसेज का मतलब है कि विजय नायर एक शराब कंपनी के मैनेजर को कह रहा है कि तुमने जिस प्लान का सुझाव दिया है वह पूरी तरह खारिज हो सकता है हर कोई इसके खिलाफ है किसी को भरोसा नहीं है और जिसको मैसेज गया वो खुद यह बता रहा है आप खुद देखिए इस विजय नायर के इस मैसेज से यह लग रहा है कि वो शराब कारोबारियों से सीधा-सीधा डील कर रहा था भाई कम्युनिकेशन हेड है और इस तरह का मैसेज सवाल नहीं उठेंगे और जब उसके पास कोई सरकारी पद नहीं था उसके बावजूद वो किस अथॉरिटी से किसके कहने पर सरकारी कामकाज देख रहा था सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि विजय नायर किन लोगों के बारे में कह रहा था कि वो शराब कंपनी के प्लान से सहमत नहीं है इससे पहले जो चैट हमने दिखाई उसमें विजय नायर कनड रिकॉर्ड नाम की शराब कंपनी की तरफ से दिए गए सुझावों के बारे में बात कर रहा था अब एक और चैट देखिए इस चैट में विजय नायर उसी कंपनी के बारे में कुछ जानकारी मांग रहा है चैट में लिखा था कि इज मनोज योर डिसीजन मेकर वुड लाइक टू मीट हिम एज वेल आईडियली यानी विजय नायर शराब कंपनी के डिसीजन मेकर की जानकारी लेना चाह रहा है और उससे मिलना भी चाह रहा है इस चैट से भी यह लगता है कि विजय नायर काफी करीब से शराब पॉलिसी को लेकर काम कर रहा था जो ईडी दावा कर रही है और अलग-अलग शराब कंपनियों से बातचीत भी कर रहा था यही बात यही दावा ईडी कोर्ट में कर चुकी है और कहा जा रहा है कि विजय नायर तो कम्युनिकेशंस देखता था ठीक है देखता होगा लेकिन ईडी यही तो सवाल उठा रही कि फिर यह क्या है अरविंद केजरीवाल तो विजय नायर से कन्नी काट रहे हैं लेकिन ईडी की जांच में कई आरोपियों और गवाहों ने अपने स्टेटमेंट में यह क्लियर कट कहा है कि विजय नायर केजरीवाल के लिए काम कर रहा है हमारे पास विजय नायर के बारे में एक्सक्लूसिव जानकारी है जो शराब घोटाले के मामले में ईडी सुप्रीम कोर्ट को भी बता चुकी जैसे हैदराबाद के बिजनेसमैन अरुण पिल्लई ने ईडी को 6 मार्च 2022 को दिए बयान में कहा कि शराब पॉलिसी बनाने और लागू करने को लेकर विजय नायर को केजरीवाल और सिसोदिया दोनों का सपोर्ट बुची बाबू जो सीए हैं और आरोपी के कविता के करीबी हैं उन्होंने 23 फरवरी 2022 को दिए बयान में बताया था कि विजय नायर अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के आदेश पर ही शराब नीति पर काम कर रहा था इसी तरह शराब कारोबारी दिनेश अरोड़ा ने 6 अप्रैल 2023 को ईडी को बताया था कि वो विजय नायर से अचानक से नहीं मिला यह मीटिंग मनीष सिसोदिया ने अरेंज कराई थी मनीष सिसोदिया ने कहा था कि एक्साइज पॉलिसी को लेकर विजय नायर के साथ मिलकर काम करो यानी इस पूरे मामले के कई आरोपी विजय नायर का नाम ले चुके और केजरीवाल जी कहते हैं मेरा इससे ज्यादा लेना देना नहीं तो फिर जिनका लेना देना है जिनको यह रिपोर्ट करता था फिर ईडी उनसे भी सवाल कर सकती है फिर तो फिर क्या उनकी भी गिरफ्तारी हो सकती है आतिशी और सौरभ भारद्वाज की य सवाल उठेंगे जिस विजय नायर के लिए अरविंद केजरीवाल ये कह रहे हैं कि उनका विजय नायर से ज्यादा संपर्क नहीं था उसी विजय नायर से जुड़े कई सबूत ईडी ने केजरीवाल को दिखाए और सवाल किए ईडी सूत्रों के मुताबिक पूछताछ के दौरान विजय नायर और घोटाले के सह आरोपियों के 10 से ज्यादा मीटिंग के सबूत अरविंद केजरीवाल को दिखाए गए केजरीवाल से ये पूछा गया कि विजय नायर किस अथॉरिटी से दिनेश अरोड़ा अभिषेक बोइन पल्ली जैसे आरोपियों से मुलाकात कर रहा था इस पर केजरीवाल ने साफ-साफ मना कर दिया कि वो इन लोगों को जानते ही नहीं इस पर ईडी का कहना कि विजय नायर जैसे सीनियर व्यक्ति जो कि सीएम केजरीवाल से बहुत करीबी करीब रहकर काम करता था वह कोई भी काम बिना पार्टी के हेड यानी अरविंद केजरीवाल के अप्रूवल के बिना तो नहीं कर सकता था यह सब बातें यह सब बयान और मैसेज के सबूत होने के बाद भी विजय नायर से केजरीवाल कैसे किनारा कर सकते यह सवाल उठ रहा है और कैसे यह कह सकते हैं कि विजय नायर तो आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता था अब आम आदमी पार्टी पूरा जोर लगा रही है कि ऐसा मैसेज ना जाए कि केजरीवाल अपने ही मंत्रियों को अपने से दूर कर रहे हैं या ऐसे बयान दे रहे हैं जिससे अपने मंत्री फंस जाए लेकिन विजय नायर को लेकर जो बातें कही जा रही हैं और जो ईडी ने जांच कर पता किया और दावा किया कोर्ट में उससे कई सवाल उठते हैं जैसे विजय नायर के बारे में केजरीवाल ने कहा कि वो आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट करता था जबकि ईडी के दावों के मुताबिक विजय नायर तो केजरीवाल का राइट हैंड था और ईडी को कई गवाहों ने यह बताया यहां सवाल यह भी है कि ऐसा व्यक्ति जो पार्टी का मीडिया कम्युनिकेशन हेड हो जो सीएम आवाज के पीछे बने उस सीएम कैंप ऑफिस का इस्तेमाल करता हो जो ऑफिस पार्टी के लिए नहीं बल्कि सीएम के अपने काम के लिए कर हो होती है और जो व्यक्ति कैबिनेट मंत्री के आवास में रहता हो उस व्यक्ति के बारे में केजरीवाल कैसे यह दावा कर सकते हैं कि कैंप ऑफिस में कई लोग काम करते हैं उन्हें सबके बारे में क्या पता एक सवाल यह भी है कि जो व्यक्ति आम आदमी पार्टी के लिए काम कर रहा है वह व्यक्ति पार्टी ऑफिस छोड़कर सीएम के पर्सनल ऑफिस से क्यों काम कर रहा था अब आप खुद सोचिए जो व्यक्ति इतना हाई प्रोफाइल दिख रहा है पार्टी का कम्युनिकेशन हेड है चुनाव में जिस पर बड़ी जिम्मेदारियां रहती थी जिसके पास सीएम के ऑफिस का एक्सेस है रहने के लिए मंत्री का बंगला है उस इंसान के बारे में क्या सीएम को खुद पता नहीं होगा और जब व इतना हाई प्रोफाइल था तो किसी मंत्री नहीं बल्कि दो सामान्य विधायकों को क्यों रिपोर्ट कर रहा था यह बात आसानी से हजम होने वाली नहीं लगती और यही बात ईडी को भी हजम नहीं हुई इसलिए ईडी अरविंद केजरीवाल से विजय नायर पर सवाल पूछ रही है और विजय नायर कह रहे कि मैं तो नहीं जानता ज्यादा आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट करता था अब केजरीवाल जो भी कहे लेकिन यह जांच रुकने वाली नहीं है और क्या उनके इस बयान के बाद अब ईडी आतिशी और सौरभ भारद्वाज के घर पर भी दस्तक देगी यह सवाल उठने लगे हैं पाशा पर देखिए शराब घोटाले से जुड़े वह मोबाइल मैसेज जो बड़ा राज खोल दे किसी जमाने में दूसरों को तिहाड़ जेल भेजने की बातें करने वाले केजरीवाल के लिए वक्त का पहिया ऐसा घूमा कि आज केजरीवाल खुद तिहाड़ जेल में पहुंच ग केजरीवाल ने जिस दिन के बारे में सोचा नहीं था वो दिन आज आ गया और जिनको केजरीवाल कहते थे कि तिहाड़ में भेजेंगे वो लोग रामलीला मैदान में अरविंद केजरीवाल तिहाड़ क्यों जा रहे हैं इस पर छाती पीट रहे थे पूरा वत जो वक्त का पहिया होता है ना वो पलट गया घूम गया ईडी ने केजरीवाल की आज रिमांड नहीं मांगी और कोर्ट ने उन्हें 15 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया यानी जेल भेज दिया इसके बाद जेल वैन में केजरीवाल को भरकर तिहार जेल पहुंचा दिया गया लेकिन जेल जाते ही केजरीवाल ने आज एक और रिकॉर्ड बना दिया अब तक वह देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री थे जो रिमांड में होने के बावजूद मुख्यमंत्री पद पर बैठे हुए आज केजरीवाल ने नया रिकॉर्ड बना दिया व आए थे ना पॉलिटिक्स बदलने देखिए पॉलिटिक्स बदल दी आज वह देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन गए जो जेल के अंदर जाकर भी मुख्यमंत्री हैं केजरीवाल अब उसी तिहार जेल में रहेंगे जहां उनके पुराने साथी मनीष सिसोदिया संजय सिंह और सत्येंद्र जैन ब केजरीवाल को तिहाड़ की जेल नंबर दो में रखा गया है वह जेल नंबर दो में अकेले रहेंगे केजरीवाल के साथी संजय सिंह को कुछ दिन पहले ही जेल नंबर दो से जेल नंबर पांच में शिफ्ट किया गया है इसके अलावा पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया जेल नंबर वन में है और केजरीवाल के एक और मंत्री रहे सतेंद्र जैन जेल नंबर सात में यानी अब आम आदमी पार्टी के सीनियर लीडर्स का नया ठिकाना तिहाड़ जेल बन गया और देश में शायद ही कोई ऐसी पार्टी होगी जो लच होने के इतने कम समय में इस तरह का प्रदर्शन करते हुए उसके तमाम बड़े नेता जेल के अंदर गए तिहार जेल में अब सीएम केजरीवाल के साथ क्याक होने वाला है यह आपको आगे बताऊंगा लेकिन पहले सुनिए कि तिहार जाने से पहले आज जब केजरीवाल जी कोर्ट में पेश हुए तो उन्होंने क्या कहा ये देश के लिए अच्छा नहीं है अंद जी पूरा गबन ला के लिए जुटा कुछ कहना चा ये देश के लिए अच्छा नहीं है यानी उन्होंने प्रधानमंत्री पर डाल दिया कि प्रधानमंत्री जो कर रहे हैं वो देश के लिए ठीक नहीं आ र जेल तो आपको कोर्ट ने भेजा गलत था तो कोर्ट कह देता कि नहीं जेल नहीं भेजेंगे इनको केजरीवाल जेल जाने पर सिंपैथी बटोरने में जुटे हैं लेकिन यह सिंपैथी उन्हें मिलेगी या नहीं यह तो वक्त बताएगा फिलहाल उन्हें तिहाड़ में क्या-क्या मिलने वाला है मैं बता देता हूं कोर्ट से केजरीवाल ने तिहाड़ में कई सारी चीजों की परमिशन मांगी कोर्ट ने तिहाड़ के अंदर केजरीवाल को क्या क्या ले जाने की परमिशन दी है आपको पहले वह बता देता हूं केजरीवाल अपना गद्दा तिहार जेल में यूज कर पाएंगे केजरीवाल ने कहा उनको चादर भी अपना चाहिए तो चादर भी उनको अपना मिलेगा केजरीवाल ने दो तकिया मांगा तो कोर्ट ने कहा दो तकिया रख लीजिए इसके अलावा रजाई और कंबल यह भी केजरीवाल अपना इस्तेमाल कर सकेंगे यानी चा तकिया गद्दा रजाई कंबल कुछ भी जेल का नहीं अपना इस्तेमाल करेंगे केजरीवाल जी केजरीवाल ने अपनी हेल्थ से जुड़ी हुई कई परमिशन भी कोर्ट से मांगी केजरीवाल की सेहत को देखते हुए कोर्ट ने कहा कि केजरीवाल हेल्थ मॉनिटरिंग डिवाइस अंदर ले जा सकते हैं क्योंकि केजरीवाल जी के परिवार का कहना है कि बहुत हाई शुगर रहता है बहुत बीमार है शुगर की वजह से तो कोर्ट ने कहा ठीक है हेल्थ मॉनिटरिंग डिवाइस ले जाइए इसके अलावा शुगर शुगर शुगर सेंसर चार्जर शुगर शुगर मशीन वाला वो ले जाइए और जो ग्लूकोमीटर होता है वो ले जाइए सेंसर रीडर ले जाइए इसके अलावा अगर ब्लड शुगर लेवल नीचे जाता है तो उसके लिए कई बार तुरंत टॉफी खानी पड़ती है ताकि शुगर लेवल ऊपर जाए तो कोर्ट ने कहा ठीक है आप जेल में रहिए लेकिन टॉफी रखिए ग्लूकोज रखिए डायबिटीज की दवाइयां रखिए यह सब आपको जेल अथॉरिटी दे देगा इसके अलावा कोर्ट ने इस बात की परमिशन दे दी है कि अरविंद केजरीवाल घर का बना खाना खा सकते हैं और इतना ही नहीं उन्हें जेल का पानी जेल की पानी जेल का जो पानी है वह भी नहीं पीना पड़ेगा वह बोतल बंद पानी मंगवा सकते यानी घर का खाना पहुंचेगा केजरीवाल वही खाएंगे जेल का खाना नहीं खाएंगे तो जो एक कहावत थी कि जेल की रोटी खानी पड़ेगी जेल का पानी पीना पड़ेगा व जेल में रहकर भी केजरीवाल जी पर लागू नहीं होगी क्योंकि वो घर का खाना खाते रहेंगे घर का पानी पीते रहेंगे या बोतल बंद री वगैरह जो होता है मिनरल वाटर वो पीते रहे इसके अलावा केजरीवाल ने जेल में पढ़ने के लिए तीन किताबें मांगी केजरीवाल जी ने कहा कि मुझे रामायण दीजिए सर मैं रामायण पढ़ना चाहता हूं उन्होंने कहा मैं भगवत गीता पढ़ना चाहता हूं और तीसरी किताब उन्होंने मांगी कि हाउ प्राइम मिनिस्टर्स डिसाइड यह तीन किताबें मैं पढ़ना चाहता हूं अब तीनों बुक्स की परमिशन कोर्ट ने दे दी कि ठीक है ले जाइए पढ़िए हालांकि तीनों किताबों की परमिशन यह भी दिखाती है कि शायद केजरीवाल जी को अंदर ही अंदर यह पता चल गया है कि वो लंबा अंदर गए हैं नहीं तो तीन किताब क्यों मांगते अगर पा दिन 10 दिन में 15 दिन में निकलने वा 15 दिन में पढ़ लेंगे पूरा रामायण और गीता और तीसरी किताब भी अच्छा तीसरी किताब का नाम भी बड़ा इंटरेस्टिंग है हाउ प्राइम मिनिस्टर डिसाइड यह किताब वह पढ़ना चाहते हैं अब या तो इस किताब से व यह समझना चाह रहे हैं कि प्रधानमंत्री कैसे सोचते हैं यह पता चले तो समझ में आए कि मोदी जी अब अगला क्या सोचने वाले हैं करने वाले हैं और नहीं तो शायद यह मैसेज देना चाह रहे हैं कि मैं तो अब यहां से निकलूंगा तो प्रधानमंत्री ही बनूंगा खैर बॉस उनके मन में क्या चल रहा है यह तो वही जाने लेकिन सियासत में ऐसी मैसेजिंग कई बार की जाती है जो अरविंद केजरीवाल भी कर रहे हैं अरविंद केजरीवाल का तिहार जेल में क्या शेड्यूल होने वाला है वह भी आपको बता देता हूं दरअसल तिहार जेल में अरविंद केजरीवाल को भी वही शेड्यूल फॉलो करना होगा जो बाकी कैदियों का होता है आप मुख्यमंत्री हैं उससे फर्क नहीं पड़ता बॉस आप वहां कैदी हैं तो जो बाकी करेंगे वो आपको करना पड़ेगा तिहाड़ के शेड्यूल के मुताबिक अरविंद केजरीवाल को बाकी कैदियों के साथ सुबह-सुबह 6:30 बजे उठना पड़ेगा कैदियों को नाश्ते में चाय और ब्रेड दी जाती है हालांकि चूंकि केजरीवाल को परमिशन है कि वह ना घर खाना घर से मंगा सकते हैं तो उनका नाश्ता भी शायद घर से आएगा फिर दोपहर का खाना सुबह 10:30 से 11 के बीच में मिल जाता है उसमें आम कैदियों को दाल मिलती है सब्जी मिलती है रोटी या चावल मिलता है लेकिन केजरीवाल जी का खाना घर से आएगा तो वो घर का खाना खाए इसके बाद शाम में 5:30 बजे डिनर दे दिया जाता है तो केजरीवाल जी का डिनर भी घर से आ जाएगा 5:30 बजे और 7 बजे सभी कैदियों को अपने बैरक में वापस जाने के लिए कह दिया जाता है सब वापस चले जाते हैं ऐसा नहीं कि जेल जाने से अरविंद केजरीवाल का पीछा ईडी से छूट गया आज कोर्ट में ईडी ने बताया कि अरविंद केजरीवाल ने जांच में सहयोग नहीं किया तो जो लोग कहते थे कि हम एक एक चीज में सहयोग करेंगे ईडी कोर्ट में खड़े होकर कह रही कि सहयोग नहीं कर रहे सवालों के गोलमोल जवाब देकर जांच को भटकाने की कोशिश कर रहे हैं अपने फोन का पासवर्ड तक नहीं दे रहे इसलिए ईडी ने कोर्ट में कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वह फिर से केजरीवाल को हिरासत में ले सकते हैं ऐसी भी खबरें हैं कि अरविंद केजरीवाल के आई का डाटा एक्सेस करने के लिए ईडी ने मोबाइल कंपनी एल से भी सहयोग मांगा यानी ईडी से अरविंद केजरीवाल का पीछा अभी नहीं छूटने वाला बॉस ईडी को जब जरूरत पड़ेगी पूछताछ के लिए केजरीवाल को फिर रिमांड में ले सकती है अरविंद केजरीवाल तिहाड़ में तो चले गए लेकिन यह चर्चा बहुत चल रही है कि क्या जेल जाते जाते वह अपने दो मंत्रियों आतिशी और सौरभ भारद्वाज को फसा के तो नहीं चले गए ऐसा लोग पूछ रहे हैं इस बात की चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि केजरीवाल ने शराब घोटाले के एक बड़े आरोपी विजय नायर के आतिशी और सौरभ भारद्वाज से कनेक्शन को जोड़ दिया और अपना पल्ला झाड़ लिया ऐसा लगा ईडी के मुताबिक केजरीवाल से पूछताछ में जब यह सवाल किया गया कि किस हद तक केजरीवाल जी आप किस हद तक विजय नायर से संपर्क में थे और किस हद से हद तक वो केजरीवाल को रिपोर्ट करता था तो ईडी कह रही है कोर्ट को कि केजरीवाल ने कहा कि विजय नायर उनको तो रिपोर्ट ही नहीं करता था वह तो आतिशी और सौरव भारद्वाज को रिपोर्ट करता था अरविंद केजरीवाल ने यह भी दावा किया कि विजय नायर से उनका इंटरेक्शन या बातचीत बहुत सीमित थी मतलब ज्यादा उससे टच में नहीं था मैं आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट करता था अब इसी बात को लेकर सवाल उठने लगे कि क्या केजरीवाल ने यह बात कहकर अपने दो मंत्रियों आतिशी और सौरभ भारद्वाज को फसा दिया क्या क्योंकि जिस विजय नायर से केजरीवाल ने किनारा कर लिया कि मैं तो ज्यादा मिलता उलता नहीं था मैं ज्यादा उससे मेरा कोई इंटरेक्शन नहीं था और अपने दो मंत्रियों आतिशी और सौरभ भारद्वाज का पूरा पूरा ऐसा लग रहा कि कनेक्शन जोड़ दिया जैसे विजय नायर सिर्फ उन्हीं के संपर्क में था वो विजय नायर कोई मामूली आदमी नहीं है इस शराब घोटाले के आरोपों के मामले में विजय नायर आम आदमी पार्टी का मीडिया एंड कम्युनिकेशन हेड था आम आदमी पार्टी का केजरीवाल सरकार का नहीं आम आदमी पार्टी का मीडिया एंड कम्युनिकेशन हेड था विजय नायर शराब घोटाले के सबसे अहम किरदारों में से एक है ईडी के मुताबिक विजय नायर शराब घोटाले में केजरीवाल और साउथ लॉबी के बीच मिडल मैन था बिचौलिया ईडी का आरोप है कि केजरीवाल ने विजय नायर के जरिए ही शराब घोटाले की रिश्वत ली अब ऐसा आदमी जिसके बारे में कहा जा रहा है कि वो केजरीवाल और उनकी सरकार और साउथ लॉबी के बीच में पूरा काम कर रहा था जिसके कंधे पर है कि उसने पूरा पैसा वैसा लिया यह आरोप ढ़ लगाती है उसके लिए केजरीवाल ने कह दिया कि मैं ज्यादा नहीं जानता था वो सौरभ और आतिशी को रिपोर्ट करता था तो लोग पूछने लगे कि ल अब तो अगला नंबर आति शिया सौरभ भारद्वाज का है क्या गिरफ्तार होने का केजरीवाल ने विजय नायर को लेकर जो बातें कही हैं और उसका आतिशी और सौरभ से जो कनेक्शन जोड़ा जा रहा है उस पर आम आदमी पार्टी का दावा है कि जब विजय नायर को हिरासत में लिया गया था तब उसने भी कहा था कि वह सीएम केजरीवाल को रिपोर्ट नहीं करता इसलिए आज इस बात को उठाने का क्या मतलब है कि केजरीवाल ने विजय नायर से किनारा कर लिया विजय नायर ने जांच में बताया था कि वह आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता है आम आदमी पार्टी का आरोप है कि यह बयान इसलिए आया क्योंकि ईडी आतिशी और सौरभ भारद्वाज को फसाना चाहती आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि बीजेपी को लग गया है कि सिर्फ केजरीवाल को जेल भेजने से काम नहीं होगा दूसरे नेताओं को भी जेल भेजना होगा एक बार सुनिए आम आदमी पार्टी ने इस पर क्या कहा है फिर आपको बताऊंगा कि कैसे विजय नायर को लेकर केजरीवाल के बयान ने आम आदमी पार्टी को ही फंसा दिया जब विजय नायर जी को हिरासत में लिया गया था तब उन्होंने यह बात कही थी डेढ़ साल पहले उन्होंने यही बात करी थी कि मैं मुख्यमंत्री को रिपोर्ट नहीं करता मैं जो भी अपना काम करता हूं उसमें मेरा रिपोर्टिंग अतिशी और सौरभ से है अब आज आप डेढ़ साल बाद जब आपको कुछ नहीं मिला तो ईडी ने सवाल पैदा होता है कि आज डेढ़ साल बाद जो बयान लिखित में ईडी के पास खुद है वो डेढ़ साल बाद उठा रहा और अब मैं यह दावे के साथ कहता हूं इन दोनों हमारे वरिष्ठ नेताओं का नाम जो दिल्ली में भी मंत्री हैं आतिशी और सौरव भारद्वाज उनका नाम इसीलिए गया है क्योंकि अब भाजपा को समझ में आ गया कि अरे भाई एक अरविंद केजरीवाल को जेल में डालने से यह पार्टी बंद नहीं होगी अब एक काम करो दो तीन और नेताओं की तैयारी करना शुरू करो तभी इनका नाम आज आया है यह नाम तो पहले से ही इनके बयानों में दर्ज था भाई इनका नाम पहले से बयानों में दर्ज था लेकिन लेकिन अगर केजरीवाल भी वही बात कह रहे हैं तो ईडी कोर्ट में क्या कहे ना बताए कि केजरीवाल कह रहे हैं कि विजय नायर तो आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता था और वो रिपोर्ट किसी भी को को किसी को भी करें जो आदमी इस पूरे मामले में मुख्य सूत्रधार बताया जा रहा है बिचौलिया बताया जा रहा है उसके लिए केजरीवाल ने यह कह दिया कि मेरा इससे ज्यादा कनेक्शन नहीं था यह बात बड़ी इंपॉर्टेंट है आज पूरी आम आदमी पार्टी इस बात पर जोर लगा रही है कि केजरीवाल ने विजय नायर पर जो बात कही वो सही है और केजरीवाल का विजय नायर से कोई ज्यादा लेना देना नहीं था लेकिन आपको कुछ तस्वीरें दिखाता हूं यह तस्वीर देखिए इसमें केजरीवाल और विजय नायर दोनों साथ में दिख रहे हैं एक व्यक्ति केजरीवाल और विजय नायर दोनों के कंधे पर हाथ रख के खड़ा है अब सोचिए अगर एक व्यक्ति केजरीवाल और विजय नायर दोनों के कंधे पर हाथ डालकर खड़ा है तो इसका मतलब तो यही लगता है कि केजरीवाल और विजय नायर दोनों का कद इस आदमी के लिए एक जैसा होगा भाई जो आदमी इतना पावरफुल है कि वो केजरीवाल के कंधे पर हाथ रख दे रहा है वो बगल में विजय नायर के कंधे पर हाथ रख के फोटो खिंचा रहा है तो विजय नायर का कद भी तो कुछ होगा इससे विजय नायर की साफसाफ अहमियत दिख रही है यानी विजय नायर कोई ऐसा व्यक्ति नहीं था जिसे केजरीवाल जानते पहचानते ना हो आते जाते मिल लि वाला हिसाब फिर केजरीवाल की नजरों में विजय नार की कोई अहमियत ना हो यह कैसे हो सकता है और सुनिए विजय नायर का रुतबा कैसा था वो भी आपको दिखाता हूं विजय नायर का रुतबा ऐसा था कि वह दिल्ली में सीएम आवास के पीछे बने सीएम ऑफिस में काम करता था जबकि वह पार्टी का मीडिया कम्युनिकेशन हेड था दिल्ली सरकार का मीडिया कम्युनिकेशन हेड नहीं था आम आदमी पार्टी का कम्युनिकेशन हेड था उसका सीएम कैंप ऑफिस में बैठक काम करता था भाई खुद अपने बयान में बोला है कि मैं वहां से काम करता था और देखिए केजरीवाल का घर देखिए और बगल में सीएम कैंप ऑफिस देखिए मतलब इतना पास है कि केजरीवाल जी शीश महल के ब गनी से चिल्ला कि विजय तो विजय को सुनाई दे जाए इतना पास अब जो आदमी मुख्यमंत्री के बहुत करीबी नहीं है मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि मेरा इससे ज्यादा लेना देना नहीं था व सीएम कैंप ऑफिस में बैठ के क्यों काम कर रहा था बॉस यह सवाल नहीं उठेगा केजरीवाल के सीएम आवास और कैंप ऑफिस दोनों अगल बगल यानी केजरीवाल अपने बंगले से अगर जाए तो मुश्किल से मतलब चलते हुए पहुंच जाए ऐसा हाल है विजय नायर से अब केजरीवाल और उनकी पार्टी के नेता किनारा किनारा करने में जुटे हैं लेकिन विजय नायर वो व्यक्ति था जिसकी सीएम तक डायरेक्ट पहुंच थी वह ऐसे बंगले में रहता था जो बंगला कैबिनेट मंत्री को अलॉट हुआ था विजय नायर जिस बंगले में रहता था वह बंगला सीएम ऑफिस से करीब डेढ़ से दो किलोमीटर की दूरी पर ही था यानी चार पाच मिनट में वह सीएम ऑफिस पहुंच जाता था और सबसे बड़ा सवाल कि वो पार्टी का कम्युनिकेशन हेड है और रह रहा है मंत्री के बंगले में सोचिए कोई आदमी ऐसा है कोई और आम आदमी पार्टी में ऐसा आदमी है मुझे बताइए जो पार्टी का काम करता है लेकिन मंत्री को अलडा नहीं है जो आतिशी और सौरभ है जो उस जमाने में विधायक होते थे वह वहां से मुख्यमंत्री के दफ्तर से काम नहीं करते थे विजय नायर जिस कैबिनेट मंत्री के बंगले पर रहता था वो बंगला दिल् के मंत्री कैलाश गहलोत के नाम पर अलॉट था कैलाश गहलोत खुद वहां नहीं रहते थे उन्होंने बताया कि निजी कारण से वह सरकारी बंगले में शिफ्ट नहीं हुए थे दो दिन पहले ही ईडी ने कैलाश गहलोत से शराब घोटाले में पाच घंटे पूछताछ भी की थी पूछताछ के बाद जब कैलाश गहलोत मीडिया के सामने आए तो उन्होंने कहा था कि उन्हें पता ही नहीं कि जो बंगला उन्हें आवंटित हुआ था उनमें कौन रहता था एक बार कैलाश गहलोत को सुनिए आरोप लगे कि जो लेकर पॉलिसी बनी जो ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स उसका आप हिस्सा थे और विजय नार आपके आवाज पर रह रहा था उसको लेके देखिए मैंने ये बार-बार ये कहा है कि वो आवाज बिल्कुल मेरे नाम पे लोटेड है लेकिन मैं आज भी और पहले भी अपने ही जो मेरा प्राइवेट रेजिडेंस है वसंत कुंज मैं वहां पे रह रहा हूं मेरे जो बच्चे हैं वो क्योंकि मेरा जो घर वसंत कुंज में है वो डीपीएस के बिल्कुल सामने है और मेरी वाइफ ने और बच्चों ने वहां से शिफ्ट करने के लिए मना कर दिया था तो इसलिए ना मैं कभी जो सिविल लाइ में जो बंगलो है मेरे नाम पे जो लड है ना मैंने कभी वहा शिफ्ट किया और ना मैं कभी रहा वहां पर और विजय नायर वहां रह रहे थे यह भी मैंने स्टेटमेंट दिया सीबीआई में जब बुलाया था तब भी य स्टेटमेंट था और आज भी मेरा यही स्टेटमेंट था कि विजय नायर वहां रह रहे या नहीं रह रहे इसके बारे में मुझे कोई सूचना नहीं हालांकि आप खुद सोचिए कि विजय नायर कैलाश गहलोत को मिले बंगले में रहता था कैलाश गहलोत को बंगला नहीं चाहिए था मंत्री का बंगला कोई छोटा मोटा बंगला नहीं होता मंत्री का बंगला नहीं चाहिए था तो किसी ब विजय नायर को मिल जाएगा जो पार्टी में कम्युनिकेशन हेड है सोचिए उस आदमी की क्या इंपॉर्टेंस रही होगी केजरीवाल जी के घर के डेढ़ किलोमीटर के दायरे में रह रहा है और सीएम कैंप ऑफिस से काम कर रहा है और आज केजरीवाल जी कह रहे हैं मेरा जाना ज्यादा लेना देना नहीं था आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट करता था विजय नायर कैलाश गहलोत के जिस बंगले में रहता था उसी बंगले में टाइम्स नाउ भारत की एडिटर इन चीफ नाविका कुमार ने एक बार अरविंद केजरीवाल का इंटरव्यू भी किया था हैरान करने वाली बात यह है कि जिस विजय नायर के बारे में दावा है कि वो आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता था वो खुद तो कैबिनेट मंत्री के अलडांगडी बॉस है जिसको यह आदमी रिपोर्ट कर रहा है वह बेचारे सामान्य घर में रह रहे हैं सब बॉस भगवान सबको दे भाई ऐसा बॉस आपने सुना है कि कंपनी कह रही है कि बॉस रहेगा न बीएच के में और जो उसका नीचे वाला एंप्लॉई है जो बॉस को रिपोर्ट कर रहा है वह रहेगा बड़े से फ्लैट में फ बीएच के ऐसा कोई कंपनी में सुने कहीं सुने लेकिन विजय नायर रह रहा था और आज हो रहा कि विजय तो पहले ही बोला कि हम सौरभ और आतिशी को रिपोर्ट करते थे अरे बॉस तो आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट कर रहा था तो यह सब कैसे हो रहा था बाकी चीजें इसका कोई जवाब ही नहीं विजय नायर को लेकर शराब घोटाले में कई आरोपियों और कई गवाहों के बयान भी है जिससे यह पता चलता है कि यह कैसे शराब मामले में डीलिंग कर रहा था हमारे पास वो एक्सक्लूसिव मैसेज और बयान है जो शराब घोटाले में सुप्रीम कोर्ट के सामने रखे गए थे और जिसमें विजय नायर का रोल दिखता है हम आपको एक्सक्लूसिव मोबाइल मैसेज दिखाते जो मैसेज सिग्नल ऐ पर किए गए थे और यह मैसेज विजय नायर के हैं जो ईडी ने सुप्रीम कोर्ट को दिखाए इस मैसेज को विजय नायर ने एक शराब कंपनी के रीजनल मैनेजर बिनय बाबू को भेजा था इसमें विजय नायर साफ-साफ लिख रहा है प्लान यू सजेस्टेड मे बी कंप्लीट नो गो एवरीवन अगेंस्ट इट जीरो ट्रस्ट बेसिकली यानी इस मैसेज का मतलब है कि विजय नायर एक शराब कंपनी के मैनेजर को कह रहा है कि तुमने जिस प्लान का सुझाव दिया है वो पूरी तरह खारिज हो सकता है हर कोई इसके खिलाफ है किसी को भरोसा नहीं है और जिसको मैसेज गया वह खुद यह बता रहा है आप खुद देखिए इस विजय नायर के इस मैसेज से यह लग रहा है कि वह शराब कारोबारियों से सीधा-सीधा डील कर रहा था भाई कम्युनिकेशन हेड है और इस तरह का मैसेज सवाल नहीं उठेंगे और जब उसके पास कोई सरकारी पद नहीं था उसके बावजूद वह किस अथॉरिटी से किसके कहने पर सरकारी कामकाज देख रहा था सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि विजय नायर किन लोगों के बारे में कह रहा था कि वह शराब कंपनी के प्लान से सहमत नहीं है इससे पहले जो चैट हमने दिखाई उसमें विजय नायर कनड रिकर्ड नाम की शराब कंपनी की तरफ से दिए गए सुझावों के बारे में बात कर रहा था अब एक और चैट देखिए इस चैट में विजय नायर उसी कंपनी के बारे में कुछ जानकारी मांग रहा है चैट में लिखा था कि इज मनोज र डिसीजन मेकर वुड लाइक टू मीट हिम एज वेल आइडियल यानी विजय नायर शराब कंपनी के डिसीजन मेकर की जानकारी लेना चाह रहा है और उससे मिलना भी चाह रहा है इस चैट से भी यह लगता है कि विजय नायर काफी करीब से शराब पॉलिसी को लेकर काम कर रहा था जो ईडी दावा कर रही है और अलग-अलग शराब कंपनियों से बातचीत भी कर रहा था यही बात यही दावा ईडी कोर्ट में कर चुकी है और कहा जा रहा है कि विजय नायर तो कम्युनिकेशन देखता था ठीक है देखता होगा लेकिन ईडी यही तो सवाल उठा रही कि फिर यह क्या है अरविंद केजरीवाल तो विजय नायर से कन्नी काट रहे लेकिन ईडी की जांच में कई आरोपियों और गवाहों ने अपने स्टेटमेंट में यह क्लियर कट कहा है कि विजय नायर केजरीवाल के लिए काम कर रहा है हमारे पास विजय नायर के बारे में एक्सक्लूसिव जानकारी है जो शराब घोटाले के मामले में ईडी सुप्रीम कोर्ट को भी बता चुकी है जैसे हैदराबाद के बिजनेसमैन अरुण पिल्लई ने ईडी को 6 मार्च 2022 को दिए बयान में कहा कि शराब पॉलिसी बनाने और लागू करने को लेकर विजय नायर को केजरीवाल और सिसोदिया दोनों का सपोर्ट बुची बाबू जो सीए हैं और आरोपी के कविता के करीबी हैं उन्होंने 23 फरवरी 2022 को दिए बयान में बताया था कि विजय नायर अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के आदेश पर ही शराब पर काम कर रहा इसी तरह शराब कारोबारी दिनेश अरोड़ा ने 6 अप्रैल 2023 को ईडी को बताया था कि वह विजय नायर से अचानक से नहीं मिला यह मीटिंग मनीष सिसोदिया ने अरेंज कराई थी मनीष सिसोदिया ने कहा था कि एक्साइज पॉलिसी को लेकर विजय नायर के साथ मिलकर काम करो यानी इस पूरे मामले के कई आरोपी विजय नायर का नाम ले चुके हैं और केजरीवाल जी कहते हैं मेरा इससे ज्यादा लेना देना नहीं तो फिर जिनका लेना देना है जिनको यह रिपोर्ट करता था फिर ईडी से भी सवाल कर सकती है फिर तो फिर क्या उनकी भी गिरफ्तारी हो सकती है आतिशी और सौरभ भारद्वाज की ये सवाल उठेंगे जिस विजय नायर के लिए अरविंद केजरीवाल यह कह रहे हैं कि उनका विजय नायर से ज्यादा संपर्क नहीं था उसी विजय नायर से जुड़े कई सबूत ईडी ने केजरीवाल को दिखाए और सवाल किए ईडी सूत्रों के मुताबिक पूछताछ के दौरान विजय नायर और घोटाले के सह आरोपियों के 10 से ज्यादा मीटिंग के सबूत अरविंद केजरीवाल को दिखाए गए केजरीवाल से यह पूछा गया कि विजय नायर किस अथॉरिटी से दिनेश अरोड़ा अभिषेक बोइन पल्ली जैसे आरोपियों से मुलाकात कर रहा था इस पर केजरीवाल ने साफ-साफ मना कर दिया कि वो इन लोगों को जानते ही नहीं इस पर ईडी का कहना था कि विजय नायर जैसे सीनियर व्यक्ति जो कि सीएम केजरीवाल से बहुत करीबी करीब रहकर काम करता था वह कोई भी काम बिना पार्टी के हेड यानी अरविंद केजरीवाल के अप्रूवल के बिना तो नहीं कर सकता था यह सब बातें यह सब बयान और मैसेज के सबूत होने के बाद भी विजय नायर से केजरीवाल कैसे किनारा कर सकते हैं यह सवाल उठ रहा है और कैसे यह कह सकते हैं कि विजय नायर तो आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता अब आम आदमी पार्टी पूरा जोर लगा रही है कि ऐसा मैसेज ना जाए कि केजरीवाल अपने ही मंत्रियों को अपने से दूर कर रहे हैं या ऐसे बयान दे रहे हैं जिससे अपने मंत्री फस जाए लेकिन विजय नायर को लेकर जो बातें कही जा रही हैं और जो ईडी ने जांच कर पता किया और दावा किया कोर्ट में उससे कई सवाल उठते हैं जैसे विजय नायर के बारे में केजरीवाल ने कहा कि वह आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट करता था जबकि ईडी के दावों के मुताबिक विजय नायर तो केजरीवाल का राइट हैंड था और ईडी को कई गवाहों ने बताया यहां सवाल यह भी है कि ऐसा व्यक्ति जो पार्टी का मीडिया कम्युनिकेशन हेड हो जो सीएम आवास के पीछे बने उस सीएम कैंप ऑफिस का इस्तेमाल करता हो जो ऑफिस पार्टी के लिए नहीं बल्कि सीएम के अपने काम के लिए कर होती है और जो व्यक्ति कैबिनेट मंत्री के आवास में रहता हो उस व्यक्ति के बारे में केजरीवाल कैसे यह दावा कर सकते हैं कि कैंप ऑफिस में कई लोग काम करते हैं उन्हें सबके बारे में क्या पता एक सवाल यह भी है कि जो व्यक्ति आम आदमी पार्टी के लिए काम कर रहा है वह व्यक्ति पार्टी ऑफिस छोड़कर सीएम के पर्सनल ऑफिस से क्यों काम कर रहा था अब आप खुद सोचिए जो व्यक्ति इतना हाई प्रोफाइल दिख रहा है पार्टी का कम्युनिकेशन हेड है चुनाव में जिस पर बड़ी जिम्मेदारियां रहती थी जिसके पास सीएम के ऑफिस का एक्सेस है रहने के लिए मंत्री का बंगला है उस इंसान के बारे में क्या सीएम को खुद पता नहीं होगा और जब वह इतना हाई प्रोफाइल था तो किसी मंत्री नहीं बल्कि दो सामान्य विधायकों को क्यों रिपोर्ट कर रहा था यह बात आसानी से हजम होने वाली नहीं लगती और यही बात ईडी को भी हजम नहीं हुई इसलिए ईडी अरविंद केजरीवाल से विजय नायर पर सवाल पूछ रही है और विजय नायर कह रहे कि मैं तो नहीं जानता ज्यादा आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट करता था अब केजरीवाल जो भी कहे लेकिन यह जांच रुकने वाली नहीं है और क्या उनके इस बयान के बाद अब ईडी आतिशी और सौरभ भारद्वाज के घर पर भी दस्तक देगी यह सवाल उठने लगे हैं पाठशाला पर देखिए शराब घोटाले से जुड़े वह मोबाइल मैसेज जो बड़ा राज खोल द किसी जमाने में दूसरों को तिहाड़ जेल भेजने की बातें करने वाले केजरीवाल के लिए वक्त का पहिया ऐसा घूमा कि आज केजरीवाल खुद तिहाड़ जेल में पहुंच गए केजरीवाल ने जिस दिन के बारे में सोचा नहीं था वह दिन आज आ गया और जिनको केजरीवाल कहते थे कि तिहाड़ में भेजेंगे वह लोग रामलीला मैदान में अरविंद केजरीवाल तिहाड़ क्यों जा रहे हैं इस पर छाती पीट रहे थे पूरा जो वक्त का पहिया होता है ना वो पलट गया घूम गया ईडी ने केजरीवाल की आज रिमांड नहीं मांगी और कोर्ट ने उन्हें 15 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया यानी जेल भेज दिया इसके बाद जेल वैन में केजरीवाल को भरकर तिहार जेल पहुंचा दिया गया लेकिन जेल जाते ही केजरीवाल ने आज एक और रिकॉर्ड बना दिया अब तक वो देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री थे जो रिमांड में होने के बावजूद मुख्यमंत्री पद पर बैठे हुए थे आज केजरीवाल ने नया रिकॉर्ड बना दिया वो आए थे ना पॉलिटिक्स बदलने देखिए पॉलिटिक्स बदल दी आज वो देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन गए जो जेल के अंदर जाकर भी मुख्यमंत्री हैं केजरीवाल अब उसी तिहाड़ जेल में रहेंगे जहां उनके पुराने साथी मनीष सिसोदिया संजय सिंह और सतेंद्र जैन ब केजरीवाल को तिहाड़ की जेल नंबर दो में रखा गया है वह जेल नंबर दो में अकेले रहेंगे केजरीवाल के साथी संजय सिंह को कुछ दिन पहले ही जेल नंबर दो से जेल नंबर पांच में शिफ्ट किया गया है इसके अलावा पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसो जेल नंबर वन में है और केजरीवाल के एक और मंत्री रहे सतेंद्र जैन जेल नंबर सात में यानी अब आम आदमी पार्टी के सीनियर लीडर्स का नया ठिकाना तिहाड़ जेल बन गया और देश में शायद ही कोई ऐसी पार्टी होगी जो लॉन्च होने के इतने कम समय में इस तरह का प्रदर्शन करते हुए उसके तमाम बड़े नेता जेल के अंदर गए तिहार जेल में अब सीएम केजरीवाल के साथ क्या-क्या होने वाला है यह आपको आगे बताऊंगा लेकिन पहले सुनिए कि तिहार जाने से पहले आज जब केजरीवाल जी कोर्ट में पेश हुए तो उन्होंने क्या कहा केलिए यानी उन्होंने प्रधानमंत्री पर डाल दिया कि प्रधानमंत्री जो कर रहे हैं व देश के लिए ठीक नहीं जेल तो आपको कोर्ट ने भेजा गलत था तो कोर्ट कह देता कि नहीं जेल नहीं भेजेंगे इनको केजरीवाल जेल जाने पर सिंपैथी बटोरने में जुटे हैं लेकिन ये सिंपैथी उन्हें मिलेगी या नहीं यह तो वक्त बताएगा फिलहाल उन्हें तिहाड़ में क्याक मिलने वाला है मैं बता देता हूं कोर्ट से केजरीवाल ने तिहाड़ में कई सारी चीजों की परमिशन मांगी कोर्ट ने तिहाड़ के अंदर केजरीवाल को क्याक ले जाने की परमिशन दी है आपको पहले वह बता देता हूं केजरीवाल अपना गद्दा तिहार जेल में यूज कर पाएंगे केजरीवाल ने कहा उनको चादर भी अपना चाहिए तो चादर भी उनको अपना मिलेगा केजरी ने दो तकिया मांगा तो कोर्ट ने कहा दो तकिया रख लीजिए इसके अलावा रजाई और कंबल यह भी केजरीवाल अपना इस्तेमाल कर सकेंगे यानी चादर तकिया गद्दा रजाई कंबल कुछ भी जेल का नहीं अपना इस्तेमाल करेंगे केजरीवाल जी केजरीवाल ने अपनी हेल्थ से जुड़ी हुई कई परमिशन भी कोर्ट से मांगी केजरीवाल की सेहत को देखते हुए कोर्ट ने कहा कि केजरीवाल हेल्थ मॉनिटरिंग डिवाइस अंदर ले जा सकते हैं क्योंकि केजरीवाल जी के परिवार का कहना है कि बहुत हाई शुगर रहता है इनको बहुत बीमार है शुगर की वजह से तो कोर्ट ने कहा कि ठीक है हेल्थ मॉनिटरिंग डिवाइस ले जाइए इसके अलावा शुगर शुगर शुगर सेंसर चार्जर शुगर शुगर मशीन वाला व ले जाइए और जो ग्लूकोमीटर होता है वो ले जाइए सेंसर रीडर ले जाइए इसके अलावा अगर ब्लड शुगर लेवल नीचे जाता है तो उसके लिए कई बार तुरंत टॉफी खानी पड़ती है ताकि शुगर लेवल ऊपर जाए तो कोर्ट ने कहा ठीक है आप जेल में रहिए लेकिन टॉफी रखिए ग्लूकोज रखिए डायबिटीज की दवाइयां रखिए यह सब आपको जेल अथॉरिटी दे देगा इसके अलावा कोर्ट ने इस बात की परमिशन दे दी है कि अरविंद केजरीवाल घर का बना खाना खा सकते हैं और इतना ही नहीं उन्हें जेल का पानी जेल की पानी जेल का जो पानी है वह भी नहीं पीना पड़ेगा वो बोतल बंद पानी मंगवा सकते हैं यानी घर का खाना पहुंचेगा केजरीवाल वही खाएंगे जेल का खाना नहीं खाएंगे तो जो एक कहावत थी कि जेल की रोटी खानी पड़ेगी जेल का पानी पीना पड़ेगा व जेल में रहकर भी केजरीवाल जी पर लागू नहीं होगी क्योंकि वह घर का खाना खाते रहेंगे घर का पानी पीते रहेंगे या बोतल बंद बिसलेरी वगैरह जो होता है मिनरल वाटर व पीते रहेंगे इसके अलावा केजरीवाल ने जेल में पढ़ने के लिए तीन किताबें मांगी केजरीवाल जी ने कहा कि मुझे रामायण दीजिए सर मैं रामायण पढ़ना चाहता हूं उन्होंने कहा मैं भगवत गीता पढ़ना चाहता हूं और तीसरी किताब उन्होंने मांगी कि हाउ प्राइम मिनिस्टर्स डिसाइड यह तीन किताबें पढ़ना चाहता अब तीनों बुक्स की परमिशन

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